ग्राम नरतोरी में मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0 के तहत कीट एवं रोग प्रबंधन पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
महासमुंद, 19 अगस्त 2026
जिले के ग्राम नरतोरी में “मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0” अभियान के अंतर्गत शहतूत एवं टसर पालन में कीट एवं रोग प्रबंधन विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कुल 37 कृषकों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के तकनीकी सत्रों का संचालन श्री केंचप्पा एन.एम., वैज्ञानिक-बी, सीटीएसएसएस करगी रोड, कोटा, श्री गोपाल बंजारा प्रदर्शक एवं केंद्र प्रभारी रेशम केंद्र पचेड़ा, श्री धरमलय सिदार प्रदर्शक एवं केंद्र प्रभारी टसर केंद्र खोपली, श्री ललित कुमार नाग फील्डमैन एवं केंद्र प्रभारी टसर केंद्र बसना, श्री योगेंद्र कुमार सोनी केंद्र प्रभारी रेशम केंद्र, बेलसोंडा तथा श्री अरविंद मेश्राम मास्टर ट्रेनर शहतूत कृमिपालन द्वारा किया गया।
तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने कृषकों को शहतूत एवं टसर पालन में होने वाले प्रमुख कीटों और रोगों की पहचान, उनकी रोकथाम तथा प्रभावी नियंत्रण के उपायों की जानकारी दी। कृषकों को सांस्कृतिक एवं यांत्रिक प्रबंधन पद्धतियों, जैविक नियंत्रण विधियों तथा अनुशंसित पादप संरक्षण उपायों के विवेकपूर्ण उपयोग के संबंध में भी विस्तार से बताया गया। विशेषज्ञों ने फसल क्षति को न्यूनतम करने के साथ-साथ शहतूत की पत्तियों की गुणवत्ता एवं उत्पादकता बढ़ाने के लिए पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ प्रबंधन उपायों को अपनाने पर पर जोर दिया। कृषकों को बताया गया कि समय पर कीट एवं रोगों की पहचान कर उचित प्रबंधन उपाय अपनाने से उत्पादन एवं गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है। कार्यक्रम में संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें कृषकों ने अपने खेत-स्तर पर आने वाली विभिन्न समस्याओं एवं चुनौतियों को विशेषज्ञों के समक्ष रखा। विशेषज्ञों ने कृषकों की समस्याओं को सुनकर उनके व्यावहारिक समाधान एवं आवश्यक सावधानियों के संबंध में मार्गदर्शन दिया।