बारिश में भी नहीं टूटा हौसला, 1967 रिक्त पदों पर नियुक्ति की आस में तीन दिन से डटे युवा
कबीरधाम |
2026-08-24 17:56:49
"विकाश शुक्ला"
कवर्धा। छत्तीसगढ़ पुलिस आरक्षक भर्ती 2023-24 में रिक्त पदों को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश अब सड़कों पर उतर आया है। विज्ञापित 5967 पदों में करीब 4000 पद भरे जाने के बाद भी 1967 पद रिक्त होने का दावा किया जा रहा है। इन्हीं रिक्त पदों पर प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग को लेकर प्रदेशभर से आए युवक-युवतियां पिछले तीन दिनों से कबीरधाम में धरने पर बैठे हैं। बरसते पानी के बीच अभ्यर्थी धरना स्थल पर ही रात गुजार रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सक्षम और जिम्मेदार अधिकारी उनसे मिलने नहीं पहुंचा है।
सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत प्राप्त जानकारी में पुलिस आरक्षक भर्ती 2023-24 से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े सामने आए हैं। दस्तावेज में कुल 5967 विज्ञापित पदों के विरुद्ध वर्तमान में 4367 अभ्यर्थियों द्वारा आमद दिए जाने की जानकारी दी गई है। शेष प्रक्रिया जिला स्तर पर होने की बात भी आरटीआई के जवाब में कही गई है। वहीं अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्तमान स्थिति में करीब 4000 पद ही भरे गए हैं और 1967 पद अब भी रिक्त हैं।
अभ्यर्थियों के अनुसार भर्ती प्रक्रिया का प्रथम चरण फिजिकल एवं द्वितीय चरण लिखित परीक्षा के रूप में पूरा हो चुका है। प्रथम चरण में अभ्यर्थियों को संबंधित जिले या इकाई से फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया गया था। मेरिट सूची में स्थान नहीं मिलने के कारण कई अभ्यर्थी प्रतीक्षा सूची में चले गए। अब उनका कहना है कि रिक्त पदों पर प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों को अवसर दिया जाना चाहिए।
अभ्यर्थियों ने बताया कि इस मांग को लेकर कई बार अलग-अलग स्तरों पर चर्चा और प्रयास किए गए, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। उनका कहना है कि कोर्ट के आदेश एवं भर्ती प्रक्रिया से जुड़े प्रावधानों के आधार पर वेटिंग सूची को उठाकर रिक्त पदों को भरा जा सकता है। इसी उम्मीद में प्रदेश के कोने-कोने से अभ्यर्थी कबीरधाम पहुंचे हैं।
सबसे मार्मिक स्थिति यह है कि युवक-युवतियां लगातार बारिश के बीच खुले में धरना दे रहे हैं। दिनभर अपनी मांग को लेकर आवाज उठाने के बाद रात भी धरना स्थल पर ही गुजार रहे हैं। इसके बावजूद अब तक किसी सक्षम जिम्मेदार व्यक्ति का उनके बीच नहीं पहुंचना प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करता है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे नौकरी की भीख नहीं मांग रहे, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में रिक्त रह गए पदों पर नियमानुसार अवसर की मांग कर रहे हैं।
कबीरधाम प्रदेश की राजनीति का प्रभावशाली केंद्र है। यहां पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उपमुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री विजय शर्मा, उत्कृष्ट विधायक भावना बोहरा, दो कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त जनप्रतिनिधि, दो सांसद सहित कई प्रभावशाली जनप्रतिनिधि मौजूद हैं। इसके बावजूद उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के कार्यालय के सामने प्रदेशभर के युवा तीन दिनों से बारिश में धरना दे रहे हैं और उनकी सुध लेने कोई जिम्मेदार व्यक्ति नहीं पहुंचा है।
अभ्यर्थियों ने स्पष्ट कर दिया है कि मांग पूरी होने तक धरना जारी रहेगा। उनका कहना है कि अब वे पीछे हटने की स्थिति में नहीं हैं। यह आंदोलन उनके लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति बन चुका है। अब निगाहें सरकार और पुलिस विभाग के निर्णय पर टिकी हैं कि 1967 रिक्त पदों को लेकर प्रतीक्षा सूची के अभ्यर्थियों के भविष्य पर क्या फैसला लिया जाता है।