छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव

श्री सत्यनारायण मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की धूम

 कन्हैया की भक्ति, आनंद और उत्साह का महापर्व — दिव्य पुष्प सज्जा से सजेगा मंदिर, मध्यरात्रि 12 बजे होगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

राजनांदगांव। संस्कारधानी राजनांदगांव के श्री सत्यनारायण मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव इस वर्ष भी दिव्य, भव्य एवं अलौकिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। जन्माष्टमी के अवसर पर मंदिर परिसर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह से सराबोर रहेगा। देश के विभिन्न राज्यों से मंगाए गए रंग-बिरंगे एवं सुगंधित पुष्पों से मंदिर की विशेष साज-सज्जा की जा रही है, जिसकी मनमोहक छटा भक्तों को मंत्रमुग्ध करेगी।

श्री सत्यनारायण मंदिर समिति के सहसचिव रामावतार जोशी तथा कार्यकारिणी सदस्य विष्णु लोहिया, संतोष सिंघल एवं नरेंद्र गोयल ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण को अखिल कोटि ब्रह्मांड नायक कहा गया है। पुराणों के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण संपूर्ण सृष्टि, लोक एवं ब्रह्मांड के मूल स्रोत आदि पुरुष हैं। वे समस्त जीवों के रक्षक, मार्गदर्शक एवं परम ईश्वर हैं। जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का अत्यंत जीवंत एवं आनंदमय पर्व है, जिसे सनातन संस्कृति में सामाजिक समरसता और श्रद्धा के साथ देश-विदेश में मनाया जाता है।

उन्होंने बताया कि श्री सत्यनारायण मंदिर की जन्माष्टमी महोत्सव की अपनी विशिष्ट परंपरा रही है। अध्यक्ष हरीश अग्रवाल के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में मंदिर समिति के सभी सदस्य प्रभु सेवा को अपना सौभाग्य मानकर स्वयंसेवक के रूप में पूरी श्रद्धा और समर्पण के साथ तैयारियों में जुटे हुए हैं। समिति का मानना है कि प्रभु सेवा से जीवन का सौभाग्य जागृत होता है।

मध्यरात्रि 12 बजे होगा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

4 सितंबर 2026 को मध्यरात्रि 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया जाएगा। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि एवं रोहिणी नक्षत्र के पावन अवसर पर बाल गोपाल की प्रतिमा का पंचामृत एवं पवित्र जल से अभिषेक किया जाएगा। इसके पश्चात बाल गोपाल को सुंदर वस्त्र एवं आभूषणों से सुसज्जित कर माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी एवं विभिन्न फलों का महाभोग अर्पित किया जाएगा। मध्यरात्रि में भगवान के प्राकट्य के साथ मंदिर परिसर जय श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंज उठेगा।

अनेक राज्यों के पुष्पों से सजा मंदिर परिसर

श्री सत्यनारायण मंदिर समिति विगत 105 वर्षों से परंपरानुसार जन्माष्टमी महोत्सव मनाती आ रही है। इस वर्ष भी मंदिर में भगवान श्री सत्यनारायण का अलौकिक एवं अद्भुत दरबार सजाया गया है। देश के विभिन्न राज्यों से मंगाए गए सुगंधित एवं आकर्षक पुष्पों से मंदिर परिसर को सजाया जा रहा है। पुष्पों की विविधता और रंगों से तैयार की जा रही विशेष झांकी भगवान की मनोहारी छवि को और अधिक दिव्य बनाएगी।

मंदिर समिति के उत्सव प्रभारी लक्ष्मण लोहिया, श्याम खंडेलवाल, राजेश अग्रवाल ‘बालाजी’ एवं विजय खंडेलवाल प्रभु सेवा में समर्पित भाव से सक्रिय सहभागिता निभाते हुए दिव्य एवं अलौकिक झांकी के निर्माण और साज-सज्जा की व्यवस्थाओं में जुटे हुए हैं।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था

समिति के उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार अग्रवाल एवं राजेश शर्मा ने बताया कि जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान के दिव्य दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचेंगे। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगम दर्शन एवं व्यवस्था को लेकर आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ को व्यवस्थित करने तथा दर्शन व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए समिति के सदस्य एवं स्वयंसेवक सेवा में तैनात रहेंगे।

जन्माष्टमी की रात मंदिर परिसर में चारों ओर “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठेगा। भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य दर्शन के लिए आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु का “जय श्रीकृष्ण” के अभिवादन के साथ स्वागत किया जाएगा।

उक्त जानकारी श्री सत्यनारायण मंदिर समिति के सचिव सौरभ खंडेलवाल एवं भवन व्यवस्था प्रभारी राहुल अग्रवाल ने दी।

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