छत्तीसगढ़ / मुंगेली

"साइबर जागृति अभियान" के तहत जिले के तीनों विकासखंडों की 367 ग्राम पंचायतों में एक साथ वृहद साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

*जनपद पंचायत पथरिया की 96 ग्राम पंचायतों में 1838, मुंगेली विकासखंड की 124 ग्राम पंचायतों में 4057 तथा लोरमी विकासखंड की 127 ग्राम पंचायतों में 2595 सहित कुल 367 ग्राम पंचायतों के 8489 लोगों ने सहभागिता कर "साइबर जागृति शपथ" ली।*




 *ग्रामीणों को OTP, PIN, फर्जी लिंक, लॉटरी मैसेज, अनजान APK/ऐप, वीडियो कॉल एवं ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग से बचाव के संबंध में किया गया जागरूक।*


      
मुंगेली - छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जिला मुंगेली  भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के कुशल नेतृत्व एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO)  गोकुल राम रावटे के विशेष सहयोग व समन्वय से जिले को साइबर अपराध मुक्त बनाने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज जिले के पथरिया, मुंगेली एवं लोरमी विकासखंडों की कुल 367 ग्राम पंचायतों में एक साथ साइबर जन-जागरूकता कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।
         इस दौरान विकास खंड पथरिया की 96 ग्राम पंचायतों में 1838, मुंगेली विकासखंड की 124 ग्राम पंचायतों में 4057 तथा लोरमी विकासखंड की 127 ग्राम पंचायतों में 2595, इस प्रकार कुल 367 ग्राम पंचायतों के 8489 ग्रामीणों, युवाओं एवं महिलाओं ने सहभागिता की तथा सामूहिक रूप से *“साइबर जागृति शपथ”* ली।
           कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  भोजराम पटेल एवं जिला पंचायत सीईओ  गोकुल रावटे द्वारा साइबर अपराध एवं ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के प्रति आमजन को जागरूक करते हुए *“जागरूक गांव, सुरक्षित समाज”* का संदेश दिया गया। उपस्थित लोगों ने दाहिना हाथ ऊपर कर शपथ लेते हुए संकल्प किया कि वे अपने बैंक खाते, एटीएम कार्ड, आधार एवं यूपीआई से संबंधित OTP तथा गुप्त PIN किसी अनजान व्यक्ति को साझा नहीं करेंगे। साथ ही मोबाइल पर प्राप्त होने वाले फर्जी मैसेज, लॉटरी ऑफर एवं अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने तथा किसी के कहने पर अपने मोबाइल में अज्ञात ऐप अथवा APK फाइल डाउनलोड नहीं करने के संबंध में जागरूक किया गया।
        
ग्रामीणों को अपने घर के बुजुर्गों, महिलाओं एवं बच्चों को मोबाइल ठगी से सावधान रखने, अनजान वीडियो कॉल अथवा ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग से भयभीत न होकर समझदारी से कार्य करने की समझाइश दी गई। साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करने अथवा नजदीकी पुलिस थाना/साइबर सेल में सूचना देने के लिए प्रेरित किया गया।
        एसएसपी श्री पटेल ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने पर प्रारंभिक समय (गोल्डन ऑवर) बेहद महत्वपूर्ण होता है। घटना घटित होते ही बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें अथवा नजदीकी पुलिस थाने/साइबर सेल में रिपोर्ट दर्ज कराएं, ताकि ठगी की राशि को होल्ड कराने एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए समय रहते प्रयास किया जा सके।

Leave Your Comment

Click to reload image