छत्तीसगढ़ / कोरिया

किसान सुखराज की हर जरूरत के लिए अब परकोलेशन टैंक बना सहारा

 कोरिया । खेती की प्रत्येक फसल में अच्छी उपज के लिए आवश्यक है कि किसान के पास उसका अपना जल संसाधन हो और वह अपनी जरूरत के लिए जब चाहे तब फसल की सिंचाई कर सके। जल की भरपूर उपलब्धता से किसान का हर काम आसान हो जाता है। कोरिया जिले के ग्राम पंचायत सलगंवाकला रहवासी किसान सुखदेव के पास अब भरपूर जल की उपलब्धता है। एक परकोलेशन टैंक की मदद से अब उनकी खेती का कार्य आसान हुआ है वहीं उनके पास मछलीपालन का एक अतिरिक्त रोजगार भी उपलब्ध हो गया है।

पूर्व की स्थिति : 

खेती के लिए काफी मेहनत करने वाले किसान सुखदेव के पास सिंचाई का साधन नहीं होने से उनकी मेहनत का सही मूल्य नहीं मिल पाता था। अपने असिंचित खेतों में वह परंपरागत धान की फसल की खेती करते हैं जिसमें सही समय पर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध न होने से वह ना तो समय पर धान की नर्सरी तैयार कर पाते थे और ना ही समय पर रोपाई कर पाते थे। ऐसे में पांच एकड़ की कृषि भूमि उनके लिए उपयोगी साबित नहीं हो रही थी।

परकोलेशन टैंक से मिली मदद : 

विगत वित्तीय वर्ष में सुखदेव ने अपने ग्राम पंचायत में जल संसाधन बनाने की मांग रखी। ग्राम सभा के प्रस्ताव के आधार पर उन्हे परकोलेशन टैंक बनाए जाने की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। ग्राम पंचायत द्वारा एक माह में ही उनके लिए परकोलेशन टैंक का निर्माण करा दिया। इस कार्य से उन्हे पूरे 100 दिवस का अकुषल रोजगार भी उपलब्ध हुआ।

अब सिंचाई के साथ मछली पालन : 

किसान सुखदेव ने बताया कि ग्राम पंचायत की मदद से बने परकोलेशन टेंक में बारिश में भरपूर जलभराव हो गया है। इससे उन्होने अपने खेतों में समय पर नर्सरी तैयार कर धान की खेती कर ली है। इस साल उन्हे इससे कम से कम एक लाख रूपए की आय होने की उम्मीद है। सुखदेव ने बताया कि जलभराव अच्छा होने से उनहोने इसमें मछली के बीज भी डाले हैं और आने वाले साल में उन्हे पचास हजार रूपए से ज्यादा का मछली उत्पादन प्राप्त होगा। रोजगारमूलक योजना के तहत बने परकोलेषन टेंक ने किसान सुखदेव के जीवन मे ंबड़ा बदलाव किया है। अब उन्हे रोजगार से आजीविका की कोई चिंता नहीं है।

 

 

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