पक्के मकान के साथ अब कंग्लेश के जीवन मे सबकुछ आसान हुआ
कोरिया 24 सितम्बर 2026
युवावस्था मे जब एक आदिवासी परिवार अपने दायित्वों को समझकर आगे बढ़ना चाहता हो और ठीक उसी समय उन्हे अपने सपनों का मकान मिल जाए तो खुषियां और उत्साह दोनो बढ़ जाते हैं। ग्राम पंचायत गेजी में रहने वाले अनुसूचित जनजाति वर्ग में बैगा समुदाय के युवा कंग्लेष के जीवन में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत एक पक्का आवास बन जाने के बाद उनकी हर जरूरतों की पूर्ति हो गई हैं। अब युवा कंग्लेष अपने पत्नी के साथ छोटे बच्चे के भविष्य के सपनों को लेकर आषावान हो गया है।
पारिवारिक स्थिति
कोरिया जिले के बैकुंठपुर जनपद पंचायत का दूरस्थ ग्राम पंचायत गेजी एक अनुसूचित जनजाति बाहुल्य गांव है। यहां के निवासी नोहर साय के परिवार में पैदा हुए कंग्लेश का बालिग होते ही विवाह हो गया। अपने दांपत्य जीवन की शुरूआत उसने अपने पिता के साथ कच्चे मकान में की। बैगा परिवार में कच्चा मकान और घास फूस से बने छत में जीवन गुजारना चुनौतीपूर्ण होने के साथ युवा कंग्लेष के लिए एक चिंता का विषय भी था क्योंकि अपने परिवार के लिए कच्चे मकान से आगे बढ़कर एक पक्के आवास का सपना देखता था।
जनमन ने बदला जीवन
पहले अपने कच्चे घर में अपने परिवार के साथ रहने वाला कंग्लेश अपनी पत्नी और पालकों के साथ रहते हैं। आजीविका के लिए पति-पत्नी दोनो केवल मजदूरी पर ही निर्भर रहते हैं। सुदूर क्षेत्र होने से आजीविका के सीमित संसाधनों से जीवन चलाते हुए पति पत्नी अपने पक्के मकान का सपना साथ देखते थे। दोनों पति पत्नी के इसी संघर्षपूर्ण जीवन में प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत मिले पक्के आवास से उनके सपनों को एक नई दिशा मिली है।
भविष्य की राह
ग्राम पंचायत गेजी निवासी युवा कंग्लेष ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत प्राप्त पक्का मकान उनके लिए सपनों के सच होने जैसा है। जनमन आवास बन जाने के बाद अपने बेहतर भविष्य के लिए ज्यादा परिश्रम करने की बात कहते हुए कंग्लेश ने अपने पक्के मकान के लिए देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की जनमन योजना के लिए धन्यवाद भी दिया।