’सेवा की कहानी’ : सड़क दुर्घटना से दिव्यांग हुए राजेष का मजबूत सहारा बना प्रधानमंत्री आवास
कोरिया, 25 सितंबर 2026
सामान्य जीवन में कभी कभी छोटी सी दुर्घटना पूरे परिवार के लिए एक अभिषाप बन जाती है। ऐसे समय में पीड़ित परिवार के लिए जीवन का संघर्ष और भी कठिन हो जाता है। कोरिया जिले के ग्राम पंचायत घुघरा में रहने वाले राजेष कुमार के साथ भी ऐसा ही कठिन समय आया। आज से कुछ वर्ष पूर्व एक सड़क हादसे में उनके पैर और हाथ टूट गए। इसके बाद उन्हे आंषिक तौर पर लकवे की भी षिकायत हो गई। घर की बेहद कमजोर आर्थिक स्थिति के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना ने इनके दिव्यांग जीवन को एक मजबूत सहारा दिया है। अपने आवास के साथ एक दुकान बनाकर यह परिवार जीवन संघर्ष में आगे बढ़ने की राह बना रहा है।
कठिनाई का दौर
सामान्य कृषक परिवार में जन्में राजेश कुमार अपने पिता नर्मदा प्रसाद की दूसरी संतान हैं। इनके पिता इनके साथ ही कच्चे मकान में रहते थे। राजेष कुमार का विवाह मीना से हुआ और उनकी दो संताने हुईं। परिवार में सबकुछ सामान्य चल रहा था तभी लगभग तीन वर्ष पूर्व एक सड़क दुर्धटना से इनका जीवन अस्त व्यस्त हो गया। अपने हाथ पैर टूटने के बाद भी राजेष थोड़ी हिम्मत कर पाते लेकिन उसी समय इनके शरीर में लकवे का असर हो गया। उसके बाद स्थितियां और भी खराब हो गई। दिव्यांग जैसी स्थिति में पहुंचने के बाद राजेश का पूरा परिवार बेहद कठिनाई से जूझने लगा।
पत्नी का दृढ़ आत्मविष्वास
राजेष कुमार ने काफी कठिनाई से बताया कि उनकी पत्नी मीना ही उनका मुख्य सहारा है। दुर्घटना के बाद दिव्यांग हो चुके राजेष कुमार के परिवार के सामने जीवन यापन का संकट खड़ा हुआ इस समय उनकी पत्नी ने उनकी सेवा के साथ ही घर में सिलाई का कार्य आरंभ किया। इससे उनकी एक आय सुनिष्चित हुई और यह परिवार कम से कम भोजन और कपड़ों की चिंता से उपर उठ पाया।
आवास से दुकान तक की राह
कच्चे घर में जीवन के कठिन दौर से गुजरते हुए दृढ़ आत्मविष्वास से संघर्ष करने वाली मीना ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके जीवन में एक बड़ा सहारा दिया है। अपने मकान के सामने उन्होने एक दुकान का निर्माण कर लिया है जिससे वह अब सिलाई का काम अच्छे से कर पाएंगी। पक्के आवास और व्यवसाय का सुरक्षित स्थल बन जाने से यह जुझारू परिवार अपने बेहतर भविष्य के लिए मेहनत करने को तैयार है।