साक्षरता की नई इबारत लिख रहा सुकमा, उल्लास महापरीक्षा में नवसाक्षरों ने दिखाया उत्साह
जिला जेल और पुनर्वास केंद्र में भी गूंजा शिक्षा का संदेश, 190 शिक्षार्थियों ने दी परीक्षा
जिलेभर में 300 केंद्रों पर हुआ परीक्षा का आयोजन
शिक्षा किसी सीमा की मोहताज नहीं होती इस संदेश को साकार करते हुए रविवार को सुकमा जिले में उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान महापरीक्षा का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। कलेक्टर एवं कार्यकारिणी अध्यक्ष, जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण श्री अमित कुमार के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस महापरीक्षा में जिलेभर के नवसाक्षरों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। परीक्षा के लिए कुल 300 केंद्र बनाए गए थे। संकुल समन्वयकों के माध्यम से सभी केंद्रों तक प्रश्न पत्र समय पर पहुंचाए गए, जबकि परीक्षा के सफल संचालन में ग्राम प्रभारी शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
जिला जेल और पुनर्वास केंद्र बने शिक्षा के सशक्त केंद्र, 190 शिक्षार्थियों ने लिखी नई शुरुआत
महापरीक्षा का सबसे प्रेरणादायी पहलू जिला पुनर्वास केंद्र और जिला जेल में देखने को मिला। मुख्यधारा से जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहे पुनर्वास केंद्र के 133 पुनर्वासित परीक्षार्थियों तथा जिला जेल में निरुद्ध 57 शिक्षार्थियों ने पूरी लगन और उत्साह के साथ परीक्षा दी। परीक्षा कक्षों में अनुशासन और एकाग्रता का माहौल नजर आया। सुकमा के साथ कोंटा और छिंदगढ़ विकासखंडों में भी नवसाक्षी पूरे आत्मविश्वास के साथ प्रश्न पत्र हल करते दिखाई दिए। जिला प्रशासन ने परीक्षा को व्यवस्थित एवं निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं और पर्यवेक्षकों ने लगातार निगरानी रखी।
हर वर्ग तक साक्षरता पहुंचाने का संकल्प, 3087 नवसाक्षरों को परीक्षा में शामिल कराने का लक्ष्य
जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक साक्षरता और शिक्षा की रोशनी पहुंचाना है। पुनर्वास केंद्र और जिला जेल में आयोजित परीक्षा इसी समावेशी सोच का जीवंत उदाहरण बनी। दोपहर 3ः30 बजे तक 2,756 परीक्षार्थी महापरीक्षा में शामिल हो चुके थे, जबकि जिले में कुल 3,087 नवसाक्षरों को परीक्षा में शामिल कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। शिक्षा के माध्यम से लोगों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आई।
निष्पक्ष परीक्षा के लिए जिला स्तरीय टीम ने संभाली कमान, केंद्रों पर लगातार हुई मॉनिटरिंग
महापरीक्षा की गुणवत्ता, पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तर पर विशेष निरीक्षण दल गठित किया गया था। दल में जिला शिक्षा अधिकारी श्री जीआर मंडावी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी कोंटा श्री एसके दीप, सुकमा बीईओ श्री शैलेन्द्र भदौरिया, छिंदगढ़ बीईओ श्री मनोज दुबे, एबीईओ श्री चंद्र शेखर सोरी, खंड स्रोत समन्वयक कोंटा श्री वीर भद्र राव, खंड स्रोत समन्वयक सुकमा श्री दीपक बारसे, जिला प्रभारी श्री अगस्टिन राम, ब्लॉक प्रभारी श्री राजेश सोनकर एवं श्री पूरन नवरत्न शामिल रहे। निरीक्षण दल ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का सतत निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की निगरानी की। जिले में आयोजित यह महापरीक्षा इस बात का संदेश दे गई कि साक्षरता केवल पढ़ना-लिखना सीखने तक सीमित नहीं, बल्कि सम्मान, आत्मविश्वास और समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का माध्यम भी है।