सेवा की कहानी : संकट की घड़ी में मिला सहारा, बच्चों की पढ़ाई बनी रोशनी की नई उम्मीद
दिव्यांग सहायता योजना से मिली 1 लाख रूपए की मदद, रोशनी अपने बच्चों के भविष्य को संवारने में जुटीं
गौरेला पेंड्रा मरवाही, 01 अक्टूबर 2026
नगर पालिका परिषद गौरेला की रोशनी रोहनी के जीवन में उस समय मुश्किलों का दौर आया, जब उनके पति का आकस्मिक निधन हो गया। परिवार की जिम्मेदारी अचानक उनके कंधों पर आ गई। उनके पति का पंजीयन श्रम विभाग में निर्माण श्रमिक के रूप में हुआ था। ऐसे कठिन समय में शासन की दिव्यांग सहायता योजना उनके लिए आर्थिक संबल बनकर सामने आई। योजना के अंतर्गत विभाग द्वारा रोशनी रोहनी को 1 लाख रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई। इस सहायता ने उनके परिवार को आर्थिक कठिनाइयों से उबरने में महत्वपूर्ण सहारा दिया।
रोशनी इस राशि का उपयोग अपने बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और उनके बेहतर भविष्य के लिए कर रही हैं। उनके लिए यह आर्थिक सहायता केवल एक राशि नहीं, बल्कि अपने बच्चों के सपनों को पूरा करने की उम्मीद और संघर्ष के बीच आगे बढ़ने का संबल है। रोशनी ने शासन की इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जी एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया है। दिव्यांग सहायता योजना जैसे प्रयास जरूरतमंद परिवारों को कठिन परिस्थितियों में आर्थिक सहारा प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दे रहे हैं।