हरिनाम संकीर्तन, व्यसनमुक्ति यात्रा एवं तेजस्वी युवा शिविर का आयोजन
राजनांदगांव |
2026-10-04 15:31:21
संस्कारधानी से 250 से अधिक युवा हुए सम्मिलित
राजनांदगांव। संत श्री आशारामजी बापू की पावन प्रेरणा से श्री योग वेदांत सेवा समिति एवं युवा सेवा संघ द्वारा दुर्ग में राज्यस्तरीय विशाल हरिनाम संकीर्तन एवं व्यसनमुक्ति प्रचार यात्रा का आयोजन किया गया तथा साथ ही तीन दिवशीय तेजस्वी युवा शिविर का आयोजन किया जा रहा है । हरिनाम संकीर्तन एवं व्यसनमुक्ति के संदेश के साथ निकली इस यात्रा में प्रदेशभर से पहुंचे हजारों लोगों ने व्यसनमुक्त का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। यात्रा के दौरान हरिनाम संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो उठा और युवाओं ने व्यसन से दूर रहने तथा समाज को व्यसनमुक्त बनाने का आह्वान किया।
यात्रा का शुभारंभ सतरूपा शीतला मंदिर परिसर, समृद्धि बाजार से हुआ। इसके बाद यात्रा ने दुर्ग शहर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण किया और अंत मे शीतला मंदिर परिसर में इसका समापन किया गया। यात्रा के दौरान मार्गभर लोगों में व्यसनमुक्ति के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। शिविर के प्रथम दिन में युवाओ को योग-प्राणायाम, नैतिक शिक्षा के साथ आध्यात्मिक उन्नति के कुंजी बताई गई ।
यात्रा में यमराज की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। झांकी के माध्यम से व्यसन के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया। वहीं महिला उत्थान मंडल की बहनों ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य प्रस्तुत कर प्रदेश की समृद्ध लोकसंस्कृति, कला और परंपरा की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
हरिनाम संकीर्तन के साथ आगे बढ़ती यात्रा में युवाओं और साधकों का उत्साह देखते ही बनता था। “व्यसन छोड़ो, जीवन संवारो”, “व्यसनमुक्त हो राष्ट्र हमारा” जैसे संदेशों से पूरा नगर गूंज उठा। यात्रा का उद्देश्य केवल व्यसन के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करना ही नहीं, बल्कि युवाओं को स्वस्थ, संस्कारित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना भी रहा। प्रदेशभर से इस यात्रा में हजारों की संख्या में युवा साधको ने सहभागिता की साथ ही राजनांदगांव से भी 250 से अधिक युवा साधकों ने उत्साहपूर्वक सम्मिलित होकर यात्रा को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया ।
* व्यसन से स्वास्थ्य और समाज पर गंभीर प्रभाव
अहमदाबाद आश्रम से आये संजय अरोरा भाई व रायपुर से डॉ. अनिता शर्मा, दुर्ग से चंदू चंद्राकर व बालोद से पवन यदु ने संयुक्त रूप से बताया कि तंबाकू और निकोटीन का सेवन शरीर के लगभग सभी अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है तथा कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक और फेफड़ों की बीमारियों सहित अनेक गंभीर रोगों का जोखिम बढ़ाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार तंबाकू सेवन से प्रतिवर्ष 70 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु होती है इसी तरह शराब और अन्य नशीले पदार्थ के सेवन से दुनिया भर में लगभग 26 लाख मौतें शराब सेवन से और करीब 6 लाख मौतें मन:प्रभावी नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़ी थीं।
व्यसन का असर केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता। इसके कारण परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है, कार्यक्षमता घट सकती है तथा दुर्घटना और सामाजिक समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।
* व्यसनमुक्ति से बेहतर स्वास्थ्य और बेहतर जीवन
व्यसनमुक्त जीवन व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य, परिवार, कार्य और सामाजिक जीवन पर अधिक सकारात्मक रूप से ध्यान केंद्रित करने का अवसर देता है। इसी उद्देश्य से आयोजित ऐसी जागरूकता यात्राएं युवाओं एवं समाज को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देती हैं।
* दुर्ग (बेलौदी) आश्रम में तीन दिवसीय तेजस्वी युवा शिविर
इसी क्रम में दुर्ग बेलौदी आश्रम, दुर्ग में 2 अक्टूबर की शाम से 4 अक्टूबर तक तीन दिवसीय तेजस्वी युवा शिविर का आयोजन भी किया जा रहा है। शिविर में युवाओं को संस्कार, सेवा, साधना, स्वास्थ्य, व्यसनमुक्ति एवं सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूक करने से संबंधित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
हरिनाम संकीर्तन, व्यसनमुक्ति का संदेश और युवा शक्ति की सहभागिता से आयोजित यह अभियान समाज में स्वस्थ, संस्कारित और व्यसनमुक्त वातावरण निर्माण का संदेश दे रहा है।
आयोजन समिति में मोहन भाई, संजय साहू, अनूप यादव, आकाश राजपूत, गणेश साहू, अभिषेक भाई, नोहर जंघेल, शिवा साहू, देवेंद्र साहू, माधव भाई, दिलीप साहू, भगवती वर्मा आदि लगे हुए है ।
संजय साहू
राजनांदगांव
9229810567
राजनांदगांव। संत श्री आशारामजी बापू की पावन प्रेरणा से श्री योग वेदांत सेवा समिति एवं युवा सेवा संघ द्वारा दुर्ग में राज्यस्तरीय विशाल हरिनाम संकीर्तन एवं व्यसनमुक्ति प्रचार यात्रा का आयोजन किया गया तथा साथ ही तीन दिवशीय तेजस्वी युवा शिविर का आयोजन किया जा रहा है । हरिनाम संकीर्तन एवं व्यसनमुक्ति के संदेश के साथ निकली इस यात्रा में प्रदेशभर से पहुंचे हजारों लोगों ने व्यसनमुक्त का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। यात्रा के दौरान हरिनाम संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो उठा और युवाओं ने व्यसन से दूर रहने तथा समाज को व्यसनमुक्त बनाने का आह्वान किया।
यात्रा का शुभारंभ सतरूपा शीतला मंदिर परिसर, समृद्धि बाजार से हुआ। इसके बाद यात्रा ने दुर्ग शहर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण किया और अंत मे शीतला मंदिर परिसर में इसका समापन किया गया। यात्रा के दौरान मार्गभर लोगों में व्यसनमुक्ति के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया। शिविर के प्रथम दिन में युवाओ को योग-प्राणायाम, नैतिक शिक्षा के साथ आध्यात्मिक उन्नति के कुंजी बताई गई ।
यात्रा में यमराज की झांकी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। झांकी के माध्यम से व्यसन के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रदर्शित किया गया। वहीं महिला उत्थान मंडल की बहनों ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य प्रस्तुत कर प्रदेश की समृद्ध लोकसंस्कृति, कला और परंपरा की सुंदर झलक प्रस्तुत की।
हरिनाम संकीर्तन के साथ आगे बढ़ती यात्रा में युवाओं और साधकों का उत्साह देखते ही बनता था। “व्यसन छोड़ो, जीवन संवारो”, “व्यसनमुक्त हो राष्ट्र हमारा” जैसे संदेशों से पूरा नगर गूंज उठा। यात्रा का उद्देश्य केवल व्यसन के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को जागरूक करना ही नहीं, बल्कि युवाओं को स्वस्थ, संस्कारित और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना भी रहा। प्रदेशभर से इस यात्रा में हजारों की संख्या में युवा साधको ने सहभागिता की साथ ही राजनांदगांव से भी 250 से अधिक युवा साधकों ने उत्साहपूर्वक सम्मिलित होकर यात्रा को सफल बनाने में सहयोग प्रदान किया ।
* व्यसन से स्वास्थ्य और समाज पर गंभीर प्रभाव
अहमदाबाद आश्रम से आये संजय अरोरा भाई व रायपुर से डॉ. अनिता शर्मा, दुर्ग से चंदू चंद्राकर व बालोद से पवन यदु ने संयुक्त रूप से बताया कि तंबाकू और निकोटीन का सेवन शरीर के लगभग सभी अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है तथा कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक और फेफड़ों की बीमारियों सहित अनेक गंभीर रोगों का जोखिम बढ़ाता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार तंबाकू सेवन से प्रतिवर्ष 70 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु होती है इसी तरह शराब और अन्य नशीले पदार्थ के सेवन से दुनिया भर में लगभग 26 लाख मौतें शराब सेवन से और करीब 6 लाख मौतें मन:प्रभावी नशीले पदार्थों के सेवन से जुड़ी थीं।
व्यसन का असर केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता। इसके कारण परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है, कार्यक्षमता घट सकती है तथा दुर्घटना और सामाजिक समस्याओं का जोखिम बढ़ सकता है।
* व्यसनमुक्ति से बेहतर स्वास्थ्य और बेहतर जीवन
व्यसनमुक्त जीवन व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य, परिवार, कार्य और सामाजिक जीवन पर अधिक सकारात्मक रूप से ध्यान केंद्रित करने का अवसर देता है। इसी उद्देश्य से आयोजित ऐसी जागरूकता यात्राएं युवाओं एवं समाज को नशे से दूर रहने तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देती हैं।
* दुर्ग (बेलौदी) आश्रम में तीन दिवसीय तेजस्वी युवा शिविर
इसी क्रम में दुर्ग बेलौदी आश्रम, दुर्ग में 2 अक्टूबर की शाम से 4 अक्टूबर तक तीन दिवसीय तेजस्वी युवा शिविर का आयोजन भी किया जा रहा है। शिविर में युवाओं को संस्कार, सेवा, साधना, स्वास्थ्य, व्यसनमुक्ति एवं सकारात्मक जीवनशैली के प्रति जागरूक करने से संबंधित विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
हरिनाम संकीर्तन, व्यसनमुक्ति का संदेश और युवा शक्ति की सहभागिता से आयोजित यह अभियान समाज में स्वस्थ, संस्कारित और व्यसनमुक्त वातावरण निर्माण का संदेश दे रहा है।
आयोजन समिति में मोहन भाई, संजय साहू, अनूप यादव, आकाश राजपूत, गणेश साहू, अभिषेक भाई, नोहर जंघेल, शिवा साहू, देवेंद्र साहू, माधव भाई, दिलीप साहू, भगवती वर्मा आदि लगे हुए है ।
संजय साहू
राजनांदगांव
9229810567