जर्जर सड़क बनी देवदहरा ग्राम की मजबूरी, स्कूल-इलाज के लिए जोखिम भरा सफर-आखिर कब मिलेगा इस समस्या निजात-
कबीरधाम |
2026-10-04 15:55:55
"विकाश शुक्ला"
कवर्धा -पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा की ग्राम पंचायत गोरखपुर कला के आश्रित ग्राम देवदहरा में सड़क की बदहाल स्थिति ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। करीब 170 की आबादी वाले इस गांव में लगभग 30 परिवार निवास करते हैं। ग्रामीणों के अनुसार गांव से स्कूल, उपचार केंद्र और अन्य जरूरी सेवाओं तक पहुंचने के लिए करीब डेढ़ किलोमीटर का यही प्रमुख मार्ग है, लेकिन इसकी स्थिति वर्तमान में काफी खराब है।
ग्रामीणों के मुताबिक सड़क जर्जर होने के कारण रोजाना आवागमन प्रभावित होता है। बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है, वहीं बीमार व्यक्ति को उपचार केंद्र तक ले जाने में भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। बुजुर्गों और महिलाओं के लिए भी खराब रास्ता परेशानी का कारण बना हुआ है। बारिश के दौरान मार्ग की स्थिति और बिगड़ने से समस्या बढ़ जाती है।
एक ही रास्ते पर निर्भर 30 परिवार
देवदहरा के ग्रामीणों का कहना है कि गांव से बाहर आने-जाने के लिए यही प्रमुख मार्ग है। वैकल्पिक सुगम रास्ता उपलब्ध नहीं होने के कारण लगभग 30 परिवारों की रोजमर्रा की आवाजाही इसी सड़क पर निर्भर है। सड़क की खराब स्थिति के कारण ग्रामीणों को जरूरी कामों के लिए भी कठिनाई उठानी पड़ती है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का मामला केवल आवागमन तक सीमित नहीं है। गांव के बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों की स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भी इसी मार्ग की स्थिति से प्रभावित होती है। ऐसे में सड़क की वास्तविक स्थिति का स्थल निरीक्षण कर आवश्यक सुधार किया जाना जरूरी है।
योजनाएं हैं, फिर भी सड़क की स्थिति सवालों में
ग्रामीण सड़क संपर्क के लिए केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं संचालित हैं। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाना है। ऐसे में देवदहरा के मार्ग की स्थिति का तकनीकी परीक्षण कर यह निर्धारित किया जाना आवश्यक है कि सड़क किस विभाग अथवा योजना के अंतर्गत आती है और इसके सुधार के लिए कौन-सी कार्रवाई संभव है।
संविधान के अनुच्छेद 21 में जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के संरक्षण का प्रावधान है, जबकि अनुच्छेद 21-क के तहत 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल और उपचार केंद्र जैसी मूलभूत सेवाओं तक पहुंच के लिए सुगम सड़क संपर्क आवश्यक है।
स्थल निरीक्षण की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा और संबंधित विभाग से डेढ़ किलोमीटर मार्ग का स्थल निरीक्षण और तकनीकी परीक्षण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मार्ग की स्थिति के आधार पर मरम्मत, सुधार अथवा स्थायी सड़क निर्माण के लिए आवश्यक कार्ययोजना तैयार की जाए।
ग्रामीणों की मांग स्पष्ट है—गांव को जोड़ने वाले इस मार्ग को चलने योग्य और सुरक्षित बनाया जाए, ताकि बच्चे स्कूल और मरीज समय पर उपचार केंद्र तक पहुंच सकें। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस समस्या को कब तक संज्ञान में लेकर धरातल पर कार्रवाई करता है।
देवदहरा की जर्जर सड़क फिलहाल ग्रामीणों की रोजमर्रा की सबसे बड़ी जरूरतों में शामिल है। ग्रामीणों को अब निरीक्षण और ठोस कार्रवाई का इंतजार है।