**भोरमदेव अभयारण्य में विद्यार्थियों ने करीब से जानी जैवविविधता, संरक्षण का लिया संकल्प**
कबीरधाम |
2026-10-07 10:06:14
*भोरमदेव अभयारण्य में विद्यार्थियों ने करीब से जानी जैवविविधता, संरक्षण का लिया संकल्प**
वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह एवं सेवा संकल्प अभियान के तहत शासकीय पी.जी. कॉलेज के छात्र-छात्राओं का एक्सपोजर विजिट--
कवर्धा। वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह-2026 के अंतर्गत भोरमदेव अभयारण्य में विद्यार्थियों को प्रकृति एवं वन्यजीव संरक्षण से जोड़ने के उद्देश्य से विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 5 अक्टूबर को 2 से 8 अक्टूबर तक मनाए जा रहे वन्यप्राणी संरक्षण सप्ताह एवं 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत शासकीय पी.जी. कॉलेज, कवर्धा के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकगण का भोरमदेव अभयारण्य के करियाआमा क्षेत्र में एक्सपोजर विजिट आयोजित किया गया।
एक्सपोजर विजिट के दौरान विद्यार्थियों ने भोरमदेव अभयारण्य की समृद्ध जैवविविधता को करीब से जाना। विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों, रंग-बिरंगी तितलियों, पेड़-पौधों, घास एवं अन्य वनस्पतियों का अवलोकन किया। वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विद्यार्थियों को वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास, जैवविविधता के महत्व तथा वन एवं वन्यप्राणी संरक्षण में आमजन की भूमिका के संबंध में विस्तार से जानकारी दी।
प्रकृति संरक्षण के लिए विद्यार्थियों को किया प्रेरित
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि वन एवं वन्यजीव केवल प्राकृतिक संपदा ही नहीं, बल्कि पारिस्थितिक संतुलन के महत्वपूर्ण आधार हैं। इनके संरक्षण में युवाओं और विद्यार्थियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को अपने आसपास के पर्यावरण को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने, वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार करने तथा अपने परिवार, गांव एवं समाज में संरक्षण का संदेश पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
‘**प्रकृति की रक्षा केवल विभाग की नहीं, हम सभी की जिम्मेदारी’** : अनिता साहू
इस अवसर पर भोरमदेव अभयारण्य की अधीक्षक श्रीमती अनिता साहू ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वन्यजीव संरक्षण केवल वन विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रकृति हमें जीवन के लिए आवश्यक जल, वायु, भोजन और अनेक संसाधन प्रदान करती है। यदि हम अपनी जैवविविधता और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और संतुलित पर्यावरण सुनिश्चित कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में प्रकृति को समझने और उसके प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के लिए ऐसे एक्सपोजर विजिट अत्यंत उपयोगी हैं। किताबों में पढ़ी गई प्रकृति और वन्यजीवों की दुनिया को जब विद्यार्थी अपने आसपास प्रत्यक्ष रूप से देखते हैं, तो उनके मन में संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी और जुड़ाव की भावना और अधिक मजबूत होती है।
श्रीमती साहू ने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे ‘देखें, समझें और संरक्षण का संदेश आगे बढ़ाएं’ की भावना के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि एक छोटी-सी पहल भी पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन ला सकती है। विद्यार्थी अपने घर, गांव और समाज में प्लास्टिक का कम उपयोग, स्वच्छता, पौधरोपण, जल संरक्षण तथा वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील व्यवहार जैसे प्रयासों के माध्यम से प्रकृति संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
उन्होंने सेवा संकल्प अभियान की भावना का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रकृति और वन्यजीवों की सेवा भी समाज और आने वाली पीढ़ियों की सेवा है। युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा सकता है।
**कॉलेज एवं वन विभाग की टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका**
कार्यक्रम में प्राणीशास्त्र विभागाध्यक्ष संतोष कुमार डहरिया, उमेश राजपूत, श्रीमती माधुरी भास्कर एवं सुश्री आकांक्षा श्रीवास का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ। वन विभाग की ओर से लालचंद साहू, फलित यादव एवं भूपेश कौशिक ने विद्यार्थियों को वन, वनस्पतियों, पक्षियों, तितलियों एवं वन्यजीवों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की।
यह एक्सपोजर विजिट वनमंडलाधिकारी निखिल अग्रवाल कवर्धा के निर्देशन एवं भोरमदेव अभयारण्य की अधीक्षक श्रीमती अनिता साहू के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रकृति एवं वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने के साथ ही संरक्षण कार्यों में उनकी सक्रिय सहभागिता को बढ़ावा देना रहा।