छत्तीसगढ़ / रायपुर

सेवा संकल्प अभियान-2026 : अब मोबाइल से टोकन लेकर उर्वरक खरीद सकेंगे किसान, डिजिटल वितरण प्रणाली से आसान होगी खाद की उपलब्धता’

 फर्टिलाइजर सेल फ्रेमवर्क से उर्वरक वितरण में बढ़ेगी पारदर्शिता, सहकारी समितियों और अधिकृत निजी विक्रेताओं से मिलेगी खरीदी की सुविधा

कृषि विभाग ने कृषक मित्रों और किसानों को दी डिजिटल टोकन प्रणाली की जानकारी, गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा नई व्यवस्था का लाभ

रायपुर, 13 अक्टूबर 2026

किसानों को खेती-किसानी के लिए आवश्यक उर्वरक आसानी से और व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध कराने की दिशा में डिजिटल तकनीक का उपयोग बढ़ाया जा रहा है। अब किसान मोबाइल के माध्यम से टोकन प्राप्त कर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों और अधिकृत निजी उर्वरक विक्रेताओं से खाद खरीद सकेंगे। फर्टिलाइजर सेल फ्रेमवर्क (थ्मतजपसप्रमत ैंसम थ्तंउमूवता) के अंतर्गत इस डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य उर्वरक वितरण को अधिक पारदर्शी, सुगम और व्यवस्थित बनाना है, ताकि किसानों को खाद खरीदी के दौरान अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत सरगुजा जिले के अम्बिकापुर में मंगलवार को वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में विकासखंड के कृषक मित्रों एवं किसानों के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मोबाइल आधारित टोकन प्रणाली, सहकारी समितियों एवं निजी विक्रेताओं से उर्वरक खरीदी की प्रक्रिया तथा डिजिटल व्यवस्था से मिलने वाली सुविधाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कृषि सेवाओं को अधिक सुगम और पारदर्शी बनाने के प्रयासों के तहत किसानों तक तकनीक आधारित व्यवस्थाओं की जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

मोबाइल से मिलेगा टोकन, उर्वरक खरीदी की प्रक्रिया होगी व्यवस्थित

फर्टिलाइजर सेल फ्रेमवर्क के अंतर्गत किसानों को मोबाइल के माध्यम से डिजिटल टोकन प्राप्त करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया। इस व्यवस्था के तहत किसान निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए मोबाइल से टोकन प्राप्त कर संबंधित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति अथवा अधिकृत निजी उर्वरक विक्रेता से खाद खरीद सकेंगे।

टोकन आधारित प्रणाली का उद्देश्य उर्वरक वितरण को व्यवस्थित करना और किसानों को खरीदी के दौरान होने वाली असुविधाओं को कम करना है। इससे उर्वरक वितरण संबंधी प्रक्रियाओं की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने में सहायता मिलेगी। साथ ही किसानों को आवश्यकतानुसार उर्वरक प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ने किसानों को समझाई डिजिटल प्रणाली की कार्यप्रणाली

कार्यक्रम में वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री जे. आलम ने कृषक मित्रों और किसानों को फर्टिलाइजर सेल फ्रेमवर्क के उद्देश्य, महत्व और कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मोबाइल आधारित टोकन व्यवस्था का उद्देश्य उर्वरक वितरण को अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाना है, जिससे किसानों को कृषि कार्यों के लिए आवश्यक खाद प्राप्त करने में सुविधा हो सके।

उन्होंने सहकारी समितियों और अधिकृत निजी उर्वरक विक्रेताओं के माध्यम से उर्वरक खरीदी की व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी दी। इस दौरान किसानों को डिजिटल प्रक्रिया समझने और निर्धारित प्रणाली के अनुसार टोकन प्राप्त कर उर्वरक खरीदने के लिए जागरूक किया गया।

कृषक मित्र बनेंगे डिजिटल व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी, गांव-गांव तक पहुंचाएंगे जानकारी

डिजिटल उर्वरक वितरण प्रणाली का लाभ अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए कृषक मित्रों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया गया। कार्यक्रम में कृषक मित्रों को निर्देशित एवं प्रेरित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में किसानों को मोबाइल आधारित टोकन प्रणाली की जानकारी दें और उर्वरक खरीदी की प्रक्रिया समझाने में सहयोग करें।

विशेष रूप से ऐसे किसान, जो मोबाइल आधारित डिजिटल प्रक्रियाओं से परिचित नहीं हैं, उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। कृषक मित्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को नई व्यवस्था की जानकारी मिलने से वे निर्धारित प्रक्रिया को आसानी से समझ सकेंगे और उर्वरक खरीदी के दौरान होने वाली संभावित परेशानियों से बच सकेंगे।

डिजिटल तकनीक से कृषि सेवाओं में बढ़ेगी सुगमता और पारदर्शिता

कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक का उपयोग किसानों को विभिन्न सेवाओं और सुविधाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है। मोबाइल आधारित टोकन प्रणाली से उर्वरक वितरण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने, वितरण संबंधी जानकारी के बेहतर प्रबंधन और किसानों को सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलने की अपेक्षा है।

सेवा संकल्प अभियान-2026 के अंतर्गत आयोजित यह जागरूकता कार्यक्रम किसानों को डिजिटल कृषि सेवाओं से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। कृषि विभाग द्वारा कृषक मित्रों और किसानों को नई व्यवस्था की जानकारी देकर यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि अधिक से अधिक किसान डिजिटल टोकन प्रणाली को समझ सकें और उर्वरक खरीदी की सुविधा का लाभ उठा सकें।

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