सेवा की कहानी : ’पक्के मकान से सखत्तर लाल के परिवार को मिली सुरक्षा और आत्मसम्मान
’प्रधानमंत्री आवास योजन - ग्रामीण से पूरा हुआ सपना, चार सदस्यीय परिवार को मिला सुरक्षित आशियाना’
कोरिया 17 अक्टूबर 2026
जीवनभर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले श्री सखत्तर लाल के लिए पक्का मकान बनाना उनकी आर्थिक क्षमता से बाहर था। सीमित आमदनी में रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना ही चुनौती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण से मिले सहयोग ने उनकी यह इच्छा पूरी की है। अब उनका चार सदस्यीय परिवार पक्के मकान में सुरक्षा, संतोष और आत्मसम्मान के साथ रह रहा है।
जनपद पंचायत सोनहत की ग्राम पंचायत सलगंवाकला निवासी 55 वर्षीय सखत्तर लाल की आजीविका मुख्य रूप से मजदूरी पर निर्भर है। वे किसानों के खेतों में काम करने के साथ ग्रामीण विकास की रोजगारमूलक योजनाओं में मजदूरी करते हैं। परिवार की जरूरतों पर आय खर्च हो जाने के कारण मकान बनाने के लिए बचत नहीं हो पाती थी।
’योजना से मिला पक्की छत का सहारा’
विगत वर्ष प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण की पात्रता सूची में सखत्तर लाल का नाम शामिल हुआ। योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता से उनका पक्का मकान बनकर तैयार हुआ। वर्षों से कच्चे घर में रह रहे परिवार के लिए यह बदलाव राहत लेकर आया है।
सखत्तर लाल के लिए यह मकान सुरक्षित रहने की सुविधा के साथ अपनी मेहनतभरी जिंदगी में एक बड़ी उपलब्धि भी है। वे इसे परिवार की सामाजिक पहचान और आत्मसम्मान से जोड़कर देखते हैं।
’रोजीरोटी के संघर्ष में मकान बनाना कठिन था’
सखत्तर लाल बताते हैं कि मजदूरी की कमाई से चार सदस्यों के परिवार की रोजीरोटी चलाने में ही काफी संघर्ष करना पड़ता था। ऐसे में पक्का मकान बनाने के बारे में सोच नहीं पाते थे। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आवास योजना ने उनके जैसे श्रमिक परिवार को पक्की छत का सहारा दिया है।
आज अपने घर में परिवार के साथ रह रहे सखत्तर लाल संतुष्ट हैं। प्रधानमंत्री आवास योजनादृग्रामीण से मिला सहयोग उनके जीवन की एक बड़ी चिंता दूर करने और परिवार को सुरक्षित आशियाना उपलब्ध कराने का माध्यम बना है।
समाचार क्रमांक 126/फोटो - श्री सखत्तरलाल/मानिकपुरी
सेवा की कहानी
’पक्के मकान से सखत्तर लाल के परिवार को मिली सुरक्षा और आत्मसम्मान’
’प्रधानमंत्री आवास योजन - ग्रामीण से पूरा हुआ सपना, चार सदस्यीय परिवार को मिला सुरक्षित आशियाना’
कोरिया 17 अक्टूबर 2026
जीवनभर मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले श्री सखत्तर लाल के लिए पक्का मकान बनाना उनकी आर्थिक क्षमता से बाहर था। सीमित आमदनी में रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना ही चुनौती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण से मिले सहयोग ने उनकी यह इच्छा पूरी की है। अब उनका चार सदस्यीय परिवार पक्के मकान में सुरक्षा, संतोष और आत्मसम्मान के साथ रह रहा है।
जनपद पंचायत सोनहत की ग्राम पंचायत सलगंवाकला निवासी 55 वर्षीय सखत्तर लाल की आजीविका मुख्य रूप से मजदूरी पर निर्भर है। वे किसानों के खेतों में काम करने के साथ ग्रामीण विकास की रोजगारमूलक योजनाओं में मजदूरी करते हैं। परिवार की जरूरतों पर आय खर्च हो जाने के कारण मकान बनाने के लिए बचत नहीं हो पाती थी।
’योजना से मिला पक्की छत का सहारा’
विगत वर्ष प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण की पात्रता सूची में सखत्तर लाल का नाम शामिल हुआ। योजना के तहत मिली आर्थिक सहायता से उनका पक्का मकान बनकर तैयार हुआ। वर्षों से कच्चे घर में रह रहे परिवार के लिए यह बदलाव राहत लेकर आया है।
सखत्तर लाल के लिए यह मकान सुरक्षित रहने की सुविधा के साथ अपनी मेहनतभरी जिंदगी में एक बड़ी उपलब्धि भी है। वे इसे परिवार की सामाजिक पहचान और आत्मसम्मान से जोड़कर देखते हैं।
’रोजीरोटी के संघर्ष में मकान बनाना कठिन था’
सखत्तर लाल बताते हैं कि मजदूरी की कमाई से चार सदस्यों के परिवार की रोजीरोटी चलाने में ही काफी संघर्ष करना पड़ता था। ऐसे में पक्का मकान बनाने के बारे में सोच नहीं पाते थे। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आवास योजना ने उनके जैसे श्रमिक परिवार को पक्की छत का सहारा दिया है।
आज अपने घर में परिवार के साथ रह रहे सखत्तर लाल संतुष्ट हैं। प्रधानमंत्री आवास योजनादृग्रामीण से मिला सहयोग उनके जीवन की एक बड़ी चिंता दूर करने और परिवार को सुरक्षित आशियाना उपलब्ध कराने का माध्यम बना है।