सेवा संकल्प अभियान : दो दशक के संघर्ष के बाद खिरमनी को मिला पक्का आशियाना, प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हुआ सपना
बेटी के पालन-पोषण के लिए मजदूरी करने वाली खिरमनी ने खुद की मेहनत से बनाया अपना घर
1.20 लाख रुपए की सहायता और मनरेगा की मजदूरी से बना दो कमरों एवं रसोईघर वाला पक्का मकान
रायपुर, 17 अक्टूबर 2026
जीवन की कठिन परिस्थितियों में भी हिम्मत नहीं हारने वाली बस्तर जिले की खिरमनी के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) नई खुशियां लेकर आई है। जगदलपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कुरंदी की 45 वर्षीय खिरमनी ने करीब दो दशक तक कच्चे मकान में संघर्षपूर्ण जीवन बिताने के बाद आखिरकार अपने पक्के घर का सपना साकार किया है। योजना से मिली आर्थिक सहायता और स्वयं की मेहनत से उन्होंने दो कमरों एवं रसोईघर वाला पक्का मकान तैयार किया है। अब वे अपनी बेटी के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन व्यतीत कर रही हैं।
करीब 20 वर्ष पहले पति के छोड़कर चले जाने के बाद खिरमनी के सामने अपनी छोटी बेटी के पालन-पोषण की जिम्मेदारी आ गई थी। परिवार की आजीविका चलाने के लिए उन्होंने मजदूरी शुरू की। सीमित आमदनी के कारण पक्का मकान बनाना संभव नहीं था। कच्ची झोपड़ी में बारिश के दौरान छत से पानी टपकने और गर्मी में तेज धूप की परेशानी बनी रहती थी। इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी बेटी की परवरिश के साथ पक्के घर का सपना संजोए रखा।
वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत खिरमनी के नाम 27 वर्गमीटर क्षेत्रफल के आवास की स्वीकृति मिली। इसके निर्माण के लिए उन्हें तीन किस्तों में कुल 1 लाख 20 हजार रुपए की सहायता राशि सीधे बैंक खाते में प्राप्त हुई। पहली किस्त में 40 हजार रुपए, दूसरी किस्त में 60 हजार रुपए और तीसरी किस्त में 20 हजार रुपए प्रदान किए गए। लगभग 1 लाख 45 हजार रुपए की लागत से उनका दो कमरों और रसोईघर वाला पक्का मकान बनकर तैयार हुआ।
खिरमनी ने आवास निर्माण में स्वयं मजदूरी कर अपनी मेहनत का भी योगदान दिया। इस दौरान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत उन्हें 90 दिनों की मजदूरी का भुगतान मिला, जिससे निर्माण कार्य में आर्थिक सहयोग प्राप्त हुआ। जनपद पंचायत के तकनीकी सहायक, विकासखंड समन्वयक और ग्राम पंचायत सचिव के मार्गदर्शन तथा उचित दरों पर निर्माण सामग्री उपलब्ध होने से आवास निर्माण पूरा करने में सहायता मिली।
खिरमनी बताती हैं कि पक्का घर बन जाने से वर्षों की चिंता दूर हो गई है। अब बारिश में छत टपकने और मौसम की मार झेलने की परेशानी नहीं रही। अपनी मेहनत से तैयार घर में बेटी के साथ रहना उनके लिए सबसे बड़ी खुशी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना ने उन्हें सुरक्षित छत के साथ आत्मविश्वास और सम्मान से जीने का नया सहारा दिया है। खिरमनी ने पक्के आवास का सपना पूरा होने पर शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।