विश्व खाद्य दिवस पर सुधा ओपन स्कूल में जागरूकता सत्र
रायपुर । विश्व खाद्य दिवस पर 16 अक्टूबर को अमासिवनी स्थित सुधा ओपन स्कूल में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और खाद्य अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। एमिटी विश्वविद्यालय, रायपुर के द्वितीय वर्ष के पांच विद्यार्थियों ने स्कूल पहुंचकर बच्चों को भोजन की बर्बादी रोकने, कचरे का पृथक्करण करने और पर्यावरण संरक्षण के महत्व की जानकारी दी।
जी.के. भटनागर ने किया विद्यार्थियों का स्वागत
कार्यक्रम की शुरुआत सुधा सोसाइटी फाउंडेशन के संस्थापक एवं चेयरमैन जी.के. भटनागर द्वारा एमिटी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों के स्वागत के साथ हुई। जागरूकता सत्र में माहेक विधानी, आस्था बड़वानी, इप्शिता वरल्यानी, प्रशास्वी बाजोरिया और श्री कृष्ण तिवारी शामिल हुए।
विद्यार्थियों ने बच्चों को सतत विकास लक्ष्यों की जानकारी देते हुए खाद्य अपशिष्ट प्रबंधन, गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने, जल संरक्षण तथा सिंगल-यूज प्लास्टिक का उपयोग नहीं करने जैसे विषयों पर जागरूक किया।
बच्चों को बताए कचरा पृथक्करण के व्यावहारिक तरीके
सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने समझाया कि भोजन की बर्बादी को कम करने और कचरे का सही तरीके से प्रबंधन करने के लिए दैनिक जीवन में कौन-से कदम उठाए जा सकते हैं। बच्चों को इन आदतों को अपनाने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में रचनात्मक गतिविधि भी आयोजित की गई। बच्चों को A4 आकार के कागज पर खाद्य अपशिष्ट प्रबंधन और कचरे के पृथक्करण से जुड़े विचार चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत करने का कार्य दिया गया। बच्चों ने उत्साह के साथ इसमें भाग लिया और अपनी रचनात्मकता दिखाई।
सहयोग के लिए जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में एमिटी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने बच्चों के लिए जलपान की व्यवस्था की। सुधा ओपन स्कूल की ओर से इस जागरूकता कार्यक्रम के आयोजन में सहयोग के लिए एमिटी विश्वविद्यालय की डॉ. श्वेता पटेल और विद्यार्थी अक्षत शर्मा का आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने कार्यक्रम के लिए स्कूल की अनुशंसा करने और उसे एमिटी विश्वविद्यालय, रायपुर से जोड़ने में सहयोग दिया।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों में भोजन की बर्बादी रोकने, संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।