छत्तीसगढ़ / रायपुर

जीएसटी: डिमांड नोटिस पर नहीं देना होगा ब्याज और जुर्माना

 रायपुर। जीएसटी करदाताओं को विभाग ने बड़ी राहत दी है। इसके तहत ऐसे करदाता जिन्हें डिमांड नोटिस मिला है, वे अपना बकाया भुगतान कर ब्याज व जुर्माने से बच सकते है। यह राहत वित्तीय वर्ष 2017-18, 2018-19 और 2019-20 के करदाताओं के लिए है। यह योजना एक नवंबर से जीएसटी करदाताओं के लिए लागू हो रही है। प्रदेश में ही इन तीन वित्तीय वर्षों में करीब पांच हजार से ज्यादा करदाताओं को विभाग की ओर से डिमांड नोटिस भेजा जा चुका है।

यह है शर्त

 

जीएसटी अधिकारियों का कहना है कि इसमें शर्त यह रखी गई है कि टैक्स डिमांड नोटिस गैर-धोखाधड़ी श्रेणी का होना चाहिए। सरकार ने इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी किया है।

कल तक टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करें करदाता,नहीं तो जुर्माना

अगर आपने अभी तक अपना इनकम टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल नहीं किया है तो आपके पास केवल सोमवार सात अक्टूबर तक का समय है। सात अक्टूबर के बाद ऑडिट रिपोर्ट जमा करने वालों को जुर्माना भरना पड़ेगा। आयकर विभाग करदाताओं से जुर्माने की राशि संबंधित वित्तीय वर्ष के लिए कुल बिक्री, टर्नओवर या सकल प्राप्तियों के 0.5 प्रतिशत या 1,50,000 रुपये के बराबर या जो भी कम हो जुर्माना वसूल सकता है। आयकर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष चेतन तारवानी ने कहा कि सोमवार तक अपना टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल कर दें, अन्यथा जुर्माना भरना पड़ सकता है।

30 सितंबर तक करना था जमा

इलेक्ट्रॉनिक सबमिशन में करदाताओं को आ रही दिक्कत के चलते आयकर विभाग ने इनकम टैक्स ऑडिट रिपोर्ट फाइलिंग की आखिरी तारीख 30 सितंबर से बढ़ाकर सात अक्टूबर की है। हालांकि वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए इनकम टैक्स ऑडिट रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर है। ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर थी।

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