18 OTT Platforms Blocks: केंद्र ने 18 OTT प्लेटफॉर्म ब्लॉक किया, अश्लील और भद्दे कंटेंट की वजह लिया फैसला, देखें पूरी सूची
18 OTT Platforms Blocks: अश्लील (porn content), वल्गर ( vulgar) और भद्दे कंटेंट (obscene content) दिखाने वाले 18 ओटीटी प्लेटफॉर्म ब्लॉक कर दिया गया है। केंद्र सरकार (Central government) ने 2024 में 2021 के आईटी नियम के अंतर्गत 18 ओटीटी प्लेटफॉर्म को ब्लॉक कर दिया है। इस बात की जानकारी सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन (L Murugan) ने बुधवार (18 दिसंबर) को लोकसभा में दी है।
दरअसल शिवसेना-यूबीटी सदस्य अनिल देसाई ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अश्लील और कंटेंट दिखाने का मामला उठाया। उन्होंने इस संबंध में सरकार की तरफ से हो रही कार्रवाई की जानकारी मांगी।
अनिल देसाई के सवाल का जवाब देते हुए सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन ने कहा कि अश्लील या पोर्नोग्राफिक कंटेंट को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने ये कदम उठाया है। मुरुगन ने कहा कि आईटी नियम “डिजिटल मीडिया पर समाचार और समसामयिक मामलों के प्रकाशकों और ऑनलाइन क्यूरेटेड सामग्री (ओटीटी प्लेटफॉर्म) के प्रकाशकों के लिए आचार संहिता प्रदान करते हैं”। ऐसे में सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने अश्लील और भद्दे कंटेंट को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की है। इसमें अश्लील और कुछ मामलों में पोर्नोग्राफिक कंटेंट की वजह से 14 मार्च, 2024 को 18 ओटीटी प्लेटफार्मों को ब्लॉक कर दिया गया है।
डिजिटल न्यूज पब्लिकेशन पर भी दी जानकारी
डिजिटल न्यूज पब्लिकेशन (डिजिटल समाचार प्रकाशकों) पर एक अन्य प्रश्न का उत्तर देते हुए, मुरुगन ने कहा कि उनके लिए आचार संहिता में भारतीय प्रेस परिषद के ‘पत्रकारिता आचरण के मानदंडों’, केबल टेलीविजन (नेटवर्क विनियमन अधिनियम, 1995) के तहत कार्यक्रम संहिता का पालन करने की आवश्यकता होती है, रिपोर्ट में कहा गया है।
एक अन्य उत्तर में उन्होंने बोलता हिंदुस्तान और नेशनल दस्तक जैसे यूट्यूब समाचार चैनलों सहित डिजिटल मीडिया पर समाचार और समसामयिक मामलों के प्रकाशकों के बारे में भी सवाल का जवाब दिया। मुरुगन ने कहा कि ये चैनल आईटी नियम, 2021 के प्रावधानों के अंतर्गत आते हैं, जिसका भाग- III सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (आईटी अधिनियम, 2000) की धारा 69ए के तहत कवर की गई सामग्री को अवरुद्ध करने के निर्देशों को देखता है।
उन्होंने आगे कहा कि यह नियम केंद्र सरकार को भारत की संप्रभुता और अखंडता, भारत की रक्षा, राज्य की सुरक्षा, विदेशी राज्यों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों या सार्वजनिक व्यवस्था के हित में या ऐसे मामलों से संबंधित किसी भी संज्ञेय अपराध के लिए उकसावे को रोकने के लिए किसी भी सरकारी एजेंसी या मध्यस्थ को निर्देश जारी करने का अधिकार देता है।