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वंदे भारत की रफ्तार अब मालगाड़ियों में भी, 145 Km/H की स्पीड से दौड़ी फ्रेट ईएमयू

 नई दिल्ली । भारतीय रेलवे ने माल परिवहन के क्षेत्र में एक नई तकनीकी उपलब्धि हासिल करते हुए देश के पहले वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित फ्रेट ईएमयू (सुपरफास्ट पार्सल रेक) का सफल ट्रायल शुरू कर दिया है। पहले ही दिन इस अत्याधुनिक रेक ने 145 किमी प्रति घंटे की रफ्तार हासिल कर भारतीय रेलवे के हाई-स्पीड फ्रेट नेटवर्क की दिशा में नई शुरुआत कर दी।


अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) की निगरानी में यह ट्रायल 29 जुलाई 2026 से शुरू हुआ है और लगभग एक महीने तक विभिन्न तकनीकी परीक्षण किए जाएंगे। परीक्षण कोटा-नागदा-सवाई माधोपुर रेलखंड पर किए जा रहे हैं।

पहले दिन सफल रहा हाई-स्पीड ट्रायल
परीक्षण के पहले दिन विशेष फ्रेट ईएमयू सुबह 6 बजे कोटा से महिदपुर रोड के लिए रवाना हुआ। शुरुआत में 120 किमी प्रति घंटे की गैर-अभिलेखित गति से परीक्षण किया गया, जबकि बाद में 120 और 135 किमी प्रति घंटे की अभिलेखित गति पर सफल ट्रायल हुए। वापसी के दौरान रेक ने 145 किमी प्रति घंटे की अधिकतम गति प्राप्त की। पूरे परीक्षण के दौरान रेलवे ने निर्बाध ग्रीन सिग्नल उपलब्ध कराए।

एक महीने तक होंगे कई अहम परीक्षण
ट्रायल अवधि में इस फ्रेट ईएमयू पर विभिन्न परिस्थितियों में उच्च स्तरीय तकनीकी परीक्षण किए जाएंगे। इनमें ऑसिलेशन ट्रायल, इमरजेंसी ब्रेकिंग डिस्टेंस (EBD), कपलर फोर्स, कर्व परफॉर्मेंस, ट्रैक्शन एवं ब्रेकिंग सिस्टम, पुनर्योजी ऊर्जा (Regenerative Energy), सिग्नल एवं दूरसंचार प्रणाली, स्वचालित दरवाजों की कार्यक्षमता, सीसीटीवी, एलईडी लाइटिंग और सुरक्षा प्रणालियों का परीक्षण शामिल है।

वंदे भारत तकनीक से तैयार आधुनिक फ्रेट रेक
इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ), चेन्नई द्वारा विकसित यह 16 कोचों वाला फ्रेट ईएमयू भारतीय रेलवे का पहला वंदे भारत प्लेटफॉर्म आधारित मालवाहक रेक है। इसमें 2 रेफ्रिजरेटेड वैन, 2 एनडीटीसी और 12 पार्सल कोच लगाए गए हैं।

इस रेक की कुल 397.02 टन पेलोड क्षमता है और इसे ई-कॉमर्स, एक्सप्रेस पार्सल, कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स तथा समयबद्ध माल परिवहन को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।

सुरक्षा और तकनीक का आधुनिक संयोजन
फ्रेट ईएमयू में वंदे भारत ट्रेन जैसी आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। इसमें स्वचालित चौड़े स्लाइडिंग दरवाजे, फोर्स्ड वेंटिलेशन, न्यूमैटिक रिट्रैक्टेबल रोलर फ्लोरिंग, सीसीटीवी, एलईडी लाइटिंग, अग्नि सुरक्षा प्रणाली और कंटेनर लॉकिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था के तहत 5 किमी प्रति घंटे से अधिक गति होने पर सभी दरवाजे स्वतः लॉक हो जाते हैं और सभी दरवाजों के पूरी तरह बंद होने के बाद ही रेक का संचालन संभव होता है।

माल परिवहन को मिलेगी नई रफ्तार
भारतीय रेलवे का मानना है कि सफल परीक्षणों के बाद यह हाई-स्पीड फ्रेट ईएमयू देश में पार्सल और लॉजिस्टिक्स सेवाओं में बड़ा बदलाव लाएगा। व्यावसायिक संचालन शुरू होने पर यह पारंपरिक मालगाड़ियों की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित, समयबद्ध और विश्वसनीय परिवहन विकल्प साबित होगा। इसके जरिए ई-कॉमर्स, कोल्ड-चेन और एक्सप्रेस पार्सल सेवाओं को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

 

 

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