मध्य प्रदेश
Katni में दर्दनाक हादसा: रेत से भरी ट्रैक्टर ट्राली पलटी, 2 की मौत, देर से पहुंची पुलिस को ग्रामीणों ने घेरा
कटनी। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में एक दर्दनाक हादसा हो गया। जहां रेत से भरी ट्रैक्टर ट्राली पलट गई। इस हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं देरी से पहुंची पुलिस को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा।
यह पूरी घटना ढीमरखेड़ा के ग्राम जिर्री की है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को रेत से भरी ट्रैक्टर ट्राली अचनाक पलट गई। आनंद और चाहत नामक दो युवक इसकी चपेट में आ गए। जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे। वहीं हादसे के तीन घंटे लेट बाद पहुंची पुलिस को विरोध का सामना करना पड़ा।
घटनास्थल पर पहुंची पुलिस को ग्रामीणों ने चारों तरफ से घेर लिया। हालांकि पुलिस ने किसी तरह से ग्रामीणों को समझाइश दी। फिलहाल दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। फिलहाल पुलिस इस पूरी घटना की जांच पड़ताल में जुटी हुई है।
‘प्लीज SDM मैडम, रोड बनवा दीजिए…’, अधिकारियों के आगे नतमस्तक होने को मजबूर हुए ग्रामीण, हाथ जोड़कर की विनती
डिंडोरी। मध्य प्रदेश में यूं तो सड़कों का विकास तेजी से हो रहा है। राजधानी समेत कई शहरी इलाकों में करोड़ों रुपए की लागत से पक्की सड़कें बन रही हैं। लेकिन आज भी कई इलाके ऐसे हैं जहां सड़क के नाम पर सिर्फ बंजर जमीन है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है डिंडोरी जिले के ग्राम रहंगी से, जहां दो गावों के बीच पक्की सड़क की मांग को लेकर ग्रामीण आज कलेक्टर जनसुनवाई में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने महिला SDM से हाथ जोड़कर विनती की।
ग्रामीणों को करना पड़ता है समस्याओं का सामना
अमरपुर विकासखंड क्षेत्र की ग्राम रहंगी निवासी ग्रामीणों ने बताया कि रहंगी और खुड़िया की दूरी 3 किलोमीटर है। दोनों गांव के बीच की सड़क नहीं हैं। जिससे ग्रामीणों को आवाजाही में तकलीफ होती है। साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी अन्य सुविधाओं के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार अधिकारियों को इससे अवगत कराया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
खराब सड़क से हादसे का शिकार होते हैं ग्रामीण
उन्होंने यह भी बताया कि आए दिन खराब सड़क की वजह से ग्रामीण हादसे का शिकार होते हैं। जिससे वाहनों को भी नुकसान होता है। ग्रामीणों ने सड़क की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी।
भारती मेरावी, एसडीएम डिंडोरी
SDM ने जल्द समस्या का समाधान करने का दिलाया भरोसा
कलेक्टर की व्यस्तता की वजह से ग्रामीण उनसे मुलाकात नहीं कर सके। जिसके बाद एसडीएम भारती मेरावी ने परेशानी सुनी। उन्होंने प्रधानमंत्री सड़क विकास प्राधिकरण के अधिकारी से बात की। साथ ही समस्या का जल्द समाधान करने का भरोसा दिलाया।
साइबर ठग ने कहा- 'तुमने गंदा वीडियो देखा, 20 हजार रुपये दो...’, तो युवक ने काट लिया खुद का गला
बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के सारनी नगर के सुनील गावस्कर वार्ड निवासी 22 वर्षीय एक युवक ने साइबर ठगी करने वालों के दबाव से परेशान होकर शनिवार शाम अपने घर के बाथरूम में ब्लेड से गला काट लिया। उसे गंभीर हालत में भोपाल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यहां उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। शातिर ठगों ने युवक को वीडियो और वायस कॉल किया और उसे इंटरनेट मीडिया पर अश्लील वीडियो देखने का दोषी बताते हुए कार्रवाई के लिए धमकाया। उससे 20 हजार रुपये की मांग की जा रही थी।
ब्लैकमेल किया जा रहा था

सारनी थाना प्रभारी जयपाल इवनाती ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पीड़ित राजेश उर्फ राजा को वीडियो कॉल और वायस कॉल के माध्यम से ब्लैकमेल किया जा रहा था। जिस नंबर से काल की गई, उस पर डीएसपी लिखा था। ठगों ने युवक से कहा कि मामले से बचना है तो 20 हजार रुपये की व्यवस्था करके रखो नहीं तो पुलिस तुमको गिरफ्तार करने पहुंच रही है।
रकम नहीं जुटा पाने पाया, तो की जान देने की कोशिश
धमकी से युवक घबरा गया और अपने दोस्तों से पैसे का इंतजाम करने के लिए कहा। लेकिन रकम इतनी जल्दी जुटा पाना हुआ तो परेशान होकर वह शनिवार शाम को बाथरूम में गया और ब्लेड से गला काट लिया।
मोबाइल में मिले धमकी भरे मैसेज
काफी देर तक बाहर नहीं आने पर स्वजन ने जाकर देखा तो वह खून से लथपथ पड़ा हुआ था। पीड़ित के मोबाइल की जांच में आरोपितों द्वारा वीडियो काल, चैट और धमकी भरे संदेश भेजने के प्रमाण मिले हैं। चैट से पता चला कि ब्लैकमेलर बार-बार संपर्क कर रहा था।

होली पर बस और टैक्सी का बढ़ा किराया, भोपाल से यूपी, बिहार और महाराष्ट्र जाने वाली ट्रेनें फुल
भोपाल। यदि आप होली पर यात्रा करने की सोच रहे हैं तो आपके विकल्प सीमित हैं। होली का त्योहार नजदीक आते ही ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ इस कदर बढ़ी है कि ट्रेनों ने रिजर्व टिकट देने तक से मना कर दिया है।
नई दिल्ली, मुंबई और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में टिकट उपलब्ध नहीं हैं। अभी तक रेलवे की ओर से सिर्फ रीवा के लिए ही होली स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की गई है, जिससे यात्री जल्द से जल्द रिजर्वेशन कराने में जुट गए हैं।
भोपाल और आसपास के शहरों से अंतरराज्यीय बसों के विकल्प सीमित हैं। ऐसे में लोगों की परेशानी बढ़ गई है। टैक्सियां भी नहीं मिल रही हैं। बताया जा रहा है कि टैक्सी संचालकों ने भी किराया बढ़ाकर मांगना शुरू कर दिया है। इस पूरे हालात की पड़ताल करती रिपोर्ट।
पटना, गोरखपुर जाने वाली ट्रेनों के स्लीपर कोच रिग्रेट

त्योहारी सीजन और गर्मियों की छुट्टियों के कारण ट्रेनों में यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। भोपाल से मुंबई, पटना, कानपुर, दिल्ली और गोरखपुर की ओर जाने वाली ट्रेनों में अभी से लंबी वेटिंग चल रही है। स्थिति यह है कि ज्यादातर ट्रेनों के स्लीपर कोच में रिग्रेट की स्थिति बन चुकी है।
वहीं थर्ड एसी कोच में भी कुछ ट्रेनों में वेटिंग है, जबकि कई ट्रेनों में रिग्रेट की स्थिति बनी हुई हैं। ऐसे में यात्रियों को अपनी यात्रा की योजना बनाने में कठिनाई हो रही है और उन्हें तत्काल टिकट या अन्य विकल्पों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
भोपाल से मुंबई जाने वाली पंजाब मेल में स्लीपर कोच में 22 वेटिंग आ रही है। पटना, गोरखपुर और कानपुर जाने वाली ट्रेनों की स्थिति ज्यादा खराब है। पुष्पक एक्सप्रेस, कुशीनगर एक्सप्रेस और एलटीटी गोरखपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में स्लीपर कोच में अभी से रिग्रेट आ गया है। वहीं थर्ड एसी में वेटिंग 30 से पार पहुंच गई है।
ट्रेनों की स्थिति : 12 मार्च तक
12534 पुष्पक एक्सप्रेस - थर्ड एसी में रिग्रेट, स्लीपर में रिग्रेट।
20414 महाकाल एक्सप्रेस - थर्ड एसी में रिग्रेट, स्लीपर में रिग्रेट।
22538 कुशीनगर एक्सप्रेस - थर्ड एसी में 31 वेटिंग, स्लीपर में रिग्रेट
20103 एलटीटी गोरखपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस - थर्ड एसी में 30 वेटिंग, स्लीपर में रिग्रेट
19489 अहमदाबाद गोरखपुर एक्सप्रेस - थर्ड एसी में 16 वेटिंग, स्लीपर में रिग्रेट
12715 सचखंड एक्सप्रेस - थर्ड एसी में रिग्रेट, स्लीपर में रिग्रेट
18237 छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस - थर्ड एसी में 20 वेटिंग, स्लीपर में रिग्रेट
12919 मालवा एक्सप्रेस - थर्ड एसी में 40 वेटिंग, स्लीपर में रिग्रेट
12156 भोपाल एक्सप्रेस : थर्ड एसी में 24 वेटिंग, स्लीपर में 50 वेटिंग।
12138 पंजाब मेल - थर्ड एसी में 24 वेटिंग, स्लीपर में 22 वेटिंग।
19483 अहमदाबाद बरौनी एक्सप्रेस - थर्ड एसी में रिग्रेट, स्लीपर में रिग्रेट।
भोपाल से सीमित अंतरराज्जीय बसें
भोपाल से महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, छत्तीसगढ़ के लिए सीमित निजी ट्रेवल्स एजेंसियों की बसें संचालित होती हैं। होली के चलते 70 प्रतिशत बसों की सीटें बुक हो चुकी हैं। मुंबई, पुणे, अमरावती, अकोला, अहमदाबाद, प्रयागराज मार्ग पर जाने वाली बसों में टिकट कराने के लिए लोग आईएसबीटी ट्रेवल्स एजेंसियों के कार्यालय जा रहे हैं, लेकिन अधिक किराया लिए जाने के कारण कई लोग वापस भी लौट रहे हैं।
मोबाइल एप में इन मार्गों पर 1300 से 2000 रुपये तक किराया दिख रहा है। यही हाल निजी टैक्सियों का है। 2000 से 2500 रुपये तक किराया कर दिया है, जो सामान्य दिनों से दोगुना है। ऐसे में यात्री परेशान हैं।
किन मार्गों पर कितनी अंतरराज्यीय बसें
महाराष्ट्र : भोपाल से सीधे मुंबई के लिए स्लीपर कोच, वाल्वो बसें हैं। वहीं, पुणे, नागपुर, अकोला, अमरावती के लिए अलग-अलग ट्रेवल्स एजेंसियों की करीब 100 बसें संचालित हो रही हैं।
उत्तर प्रदेश : प्रयागराज मार्ग पर ही बसें संचालित हो रही हैं। अलग-अलग ट्रेवल्स एजेंसियों की बसें चल रही हैं। इसके अलावा भोपाल से उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लिए निजी एक बस है।
बिहार : यहां के लिए भोपाल से कोई सीधी बस संचालित नहीं हो रही है। अधिक किराया देकर टैक्सी बुक करके ही लोग होली के समय जा सकते हैं। #गुजरात: भोपाल से सीधे अहमदाबाद के लिए निजी बसें हैं, जो इंदौर होकर जाती हैं। इस मार्ग पर दो दर्जन से अधिक बसें संचालित हो रही हैं, जिनका किराया होली के चलते दोगुना कर दिया है।
राजस्थान : शहर के हलालपुर बस स्टैंड से राजस्थान के कोटा, अजमेर, पुष्कर के लिए बसों का संचालन होता है। होली के समय ट्रेवल्स एजेंसियों ने दोगुना तक किराया कर दिया है।
इस बार मार्च में ही बनेंगे लू जैसे हालात, मध्य प्रदेश में 15% गिर जाएगा गेहूं का उत्पादन
भोपाल : मौसम का सबसे बड़ा ग्राहक किसान होता है। मौसम जब मौज में होता है, तो किसानों का मन प्रफुल्लित हो उठता है। मौसम का मिजाज बिगड़ने का सीधा प्रभाव भी सबसे पहले किसान पर ही होता है। मौसम विभाग ने मार्च में ही लू जैसे हालात बनने की चेतावनी दी है।
आशंका है कि अगर मार्च में ही इतनी गर्मी बढ़ी तो गेहूं की फसल को बड़ा नुकसान हो सकता है। इससे गेहूं का उत्पादन 15 से 20 प्रतिशत तक कम हो जाएगा।

अच्छी पैदावार की उम्मीदों पर फिर सकता है पानी
भोपाल के ग्राम सलैया निवासी कामता पाटीदार ने बताया कि उन्होंने विदिशा जिले के ग्राम दुलई में अपनी 50 एकड़ जमीन में गेहूं की बोवनी की है। धान की फसल लेने के कारण बोवनी जनवरी में हो सकी थी। अभी खेत में गेहूं की हरी फसल खड़ी है। अब बढ़ती धूप देखकर फसल के जल्दी पकने की आशंका है।
खजूरीकला के किसान मिश्रीलाल राजपूत ने बताया कि जनवरी में ठीक ठाक ठंड पड़ने के कारण इस बार गेहूं की अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन हरी फसल के दौरान धूप के तीखे तेवर देखकर अरमानों पर पानी फिरता दिख रहा है।
मध्य प्रदेश के किसानों ने वर्ष 2024-25 के रबी सीजन में 138.25 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसल लगाई है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा गेहूं का है। सामान्य मौसम में सरकारी एजेंसियों ने इस साल 80 लाख टन गेहूं उत्पादन का अनुमान लगाया है।
दाना पतला पड़ने से पैदावार प्रभावित होगी
मध्य प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में किसानों का रुझान धान की खेती की तरफ बढ़ा है। धान की कटाई दिसंबर तक होने के कारण गेहूं की बोवनी भी देरी से हो पाती है। इस वजह से अभी गेहूं की फसल हरी है। यह समय दाना के परिपक्व होने का है। तापमान बढ़ने के कारण फसल जल्दी पकने लगेगी। इससे गेहूं का दाना पतला रह जाएगा। इससे गेहूं के उत्पादन में भी 15 से 20 प्रतिशत तक की गिरावट होने की संभावना है। - डॉ. जीएस कौशल, पूर्व संचालक, कृषि विभाग, भोपाल
'पीले-पीले ओ मोरे राजा...’, पन्ना में टीआई के बर्थडे पर थाने में लगे ठुमके, चार लाइन अटैच
पन्ना। पन्ना जिले के धरमपुर थाना परिसर में शनिवार रात टीआइ बलवीर सिंह के जन्मदिन पर वार्दी वालों ने नियमों को ताक में रखकर खूब ठुमके लगाए। इस दौरान पीले-पीले ओ मोरे राजा सहित कई गाने बजाए गए, जिस पर पुलिसकर्मी झूमते नजर आए। परीक्षा के दिनों में शोर-शराबे के बीच तीव्र संगीत बजा।
आपत्तिजनक गानों पर जवान घंटों नचे। इतना ही नहीं थाने में केट कटा और पूरी पार्टी के वीडियो को पुलिस वालों ने इंटरनेट मीडिया के स्टेटस पर भी सजा लिया। रविवार सुबह जब डांस पार्टी के वीडियो वायरल हुए तो पुलिस अधीक्षक सांई कृष्ण थोटा खुद थाने पहुंचे।
तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया
मामला समझा और गलती नजर आने पर एएसआई रावेंद्र, आरक्षक अखिल, अशोक और अजय पटेल को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया। मामले की जांच एसडीओपी अजयगढ़ राजीव सिंह भदौरिया को दी गई है।
एमपी-यूपी सीमा का थाना
दो राज्यों की सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी है इस थाने के बल पर धरमपुर थाना अतिसंवेदशील श्रेणी में शामिल है। यह मप्र-उप्र के बीच की सीमा का थाना है। दोनों प्रदेशों की सीमा के बीच बने थाने में आपराधिक गतिविधियां अत्याधिक रहती हैं और ऐसे में पुलिसकर्मी पुलिस थाना परिसर में नियम तोड़ते नजर आए।
वहीं कांग्रेस ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर कहा कि देखिए नशे में नाचता सिस्टम। वहीं पूरे मामलें की विस्तृत जांच के लिये एसडीओपी अजयगढ को कहा गया है। चूंकि पुलिस विभाग एक अनुशासन एवं नियमों का पालन करवाने वाला एक विभाग है इस प्रकार की वीडियो एवं कृत्यों से पुलिस की छवि धूमिल होती है।
छवि धूमिल होती है
वहीं गंभीर बात तब होती है जब संवैधानिक संस्थानों में नियम का पालन करने वाले पुलिसकर्मी ही अगर नियमों का उल्लघंन करने लगे और अपने ही मोबाइल से इस प्रकार के वीडियो सोशल मीडिया में अपलोड करते हैं, तो उनके इस कृत्य से समूचे विभाग की छवि धूमिल होती है। वहीं धरमपुर थाना समूचे पन्ना जिले के थानों की अपेक्षा में अतिसंवेदशील थानों में आता है क्योंकि यह दो राज्यों के बीच का थाना है।
उत्तरप्रदेश और मध्य प्रदेश की सीमा के बीच बने थाने में आपराधिक गतिविधियां अत्याधिक रहती है और ऐसे में पुलिसकर्मी पुलिस थानों के अंदर ऐसे कृत्य करेंगे तो आपात स्थिति में कैसे लोगो की मदद कर पायेगें।
ऐसे ही सब बातों को देखते हुये प्राथमिक तौर पर लाइन अटैच की कार्यवाही की गई है, लेकिन अब देखना यह है कि जांच के बाद और किस किस पर कार्रवाही होती है ताकि इस प्रकार की घटनाओं की पुर्नवृत्ति जिले के किसी भी थाने से सामनें निकलकर न आये।
आदत बदले बिना जल्दबाजी की योजनाओं का हश्र बीआरटीएस जैसा होता है
किसी भी कार्य में देश, काल, परिस्थिति का कितना अहम रोल होता है, यह इसका अंदाजा इंदौर के उखड़ते बीआरटीएस (बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) को देखकर लगाया जा सकता है। यह वही बीआरटीएस है, जिसको बनाने में न सिर्फ इंदौरवासियों, बल्कि पूरे प्रदेश की जनता की पसीने की कमाई से लिए गए टैक्स के 300 करोड़ रुपए लगाए गए थे।
2009-10 में जब बीआरटीएस बन रहा था, उस वक्त मैं वहीं था और उसके निर्माण की प्रशासनिक प्रक्रिया से भी रूबरू हो रहा था। तत्कालीन कलेक्टर आईएएस विवेक अग्रवाल के प्रयास से इंदौर में सिटी बस पहले से ही चलाई जा रही थीं, तो बसों के लिए अलग लाइन बनाने की बात स्थापित की गई। असर और प्रभाव इतना हुआ कि इंदौर में बगोटा (कोलंबिया की राजधानी) जैसा बीआरटीएस बनाया जाएगा, यह तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के हर दौरे के वक्त मीडिया बाइट्स या जनसभा में होता था।
इंदौर को वह सपनों का शहर कहते थे, शायद इसीलिए चाहते थे कि उनके पूर्णकालिक मुख्यमंत्री के लिए होने वाले चुनाव से पहले इंदौर को कोई बड़ी सौगात दी जाए। तय हुआ कि मप्र के अफसरों का एक दल दक्षिणी अमेरिका के शहर बगोटा जाएगा। बगोटा में यह देखेगा कि उनके यहां 2000 में शुरू हुआ बीआरटीएस कैसा है।
आनन फानन में रिपोर्ट बनी, ओके होने की औपचारिकता के साथ काम शुरू कर दिया गया। जब यह प्रोजेक्ट बन रहा था, उस समय ही सिस्टम भ्रमित रहा। न तो यह देखा कि हमें बीआरटीएस भले ही बगोटा की तर्ज पर बनाना है, लेकिन बनाना तो भारतीय शहर में है, जहां के लोगों के ट्रैफिक व्यवहार बगोटा वालों से कतई अलग है।
सड़कों की चौड़ाई, चौराहे, अनियोजित मार्केट, व्यवसायिक क्षेत्र और बीच सड़कों पर स्थित धार्मिक स्थल यहां बड़ी चुनौती है। बस लेन कितनी चौड़ी होनी चाहिए, यह बगोटा से नापकर आए थे, तो वह इंदौर में बना दी, लेकिन बची हुई सड़क क्या इंदौर के मौजूदा आम वाहनों का भार सहन कर पाएगी और 10 साल बाद जब वाहनों की संख्या बढ़ेगी उस वक्त क्या होगा, इसके बारे में तत्कालीन अफसरों ने मंथन करने की जरूरत नहीं समझी।
हो सकता है सोचा हो, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप और तत्कालीन चुनावी फायदे के लिए ‘एक बार बन जाए, फिर देखेंगे’ की सोच के साथ ठंडे बस्ते में डाल दिया हो। हमें यह याद रखना चाहिए कि इंदौर या किसी भी तेजी से विकसित होते शहर में जहां नवधनाढ्यों की संख्या रातों-रात बढ़ रही है, वहां एक-एक घर में गाड़ियों का काफिला है। वह कभी भी पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपयोग नहीं करेगा।
सिंगापुर में वाहनों पर राशनिंग है यानी सरकार तय करती है कि सड़क पर कितने वाहन दौड़ेंगे। वहां हर दशहरा, दिवाली, ग्वालियर मेला, उज्जैन मेला में अपने यहां जैसे वाहन खरीदी के न तो रिकॉर्ड बनते हैं, न होड़ है। वहां कार खरीदने की अनुमति मिलना किसी जंग जीतने से कम नहीं है, भले ही आप कितनी भी धनाढ्य हों।
यही कारण है कि सिंगापुर की सड़कों पर उतने ही वाहन होते हैं, जिससे न तो वहां के पब्लिक ट्रांसपोर्ट को दिक्कत हो, न पैदल या साइकिल से चलने वाले को। सिंगापुर का पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम दुनिया के सर्वश्रेष्ठ साधनों में से एक है। एक माल में आप शॉपिंग कर रहे होते हैं और लौटते वक्त लिफ्ट में एमआरटी का बटन दबाते हैं तो लिफ्ट सीधे अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन पर खड़ी होती है। पूरे शहर को स्टेप्स फ्री करके रखा है।
यह सही है कि वाहन खरीदी पर रोक लगाना भारत जैसे विशाल और विकासशील देश के लिए संभव नहीं है, क्योंकि ऐसा करने पर कार मैन्युफैक्चरिंग से मिलने वाला मोटा कर पर ब्रेक लग जाएगा। सरकार को कारों के निर्माण से कितना पैसा मिलता है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक फॉर्च्युनर से जितना कंपनी नहीं कमाती, उससे ज्यादा सरकार कमाती है।
करीब 48 लाख रुपए कीमत की इस लक्जरी कार से सरकार को जीएसटी आरटीओ रजिस्ट्रेशन मिलाकर करीब 22 लाख रुपए की कमाई होती है। यानी कार की मूल कीमत 26 लाख रुपए ही होती है। धड़ाधड़ कारें बिकने से आटोमोबाइल कंपनियां और सरकार दोनों मालामाल हो रही हैं, लेकिन सड़कों और ट्रैफिक का जो कचूमर निकल रहा है, उसके बारे में कोई नहीं सोच रहा।
कार खरीदी रोकनी की जगह ग्वालियर और उज्जैन के मेले में आरटीओ टैक्स में 50 फीसदी की छूट देती है। ऐसे में जरूरत से अधिक खरीदी हो जाती है। आज-कल समाज में नया चलन है एक छोटी गाड़ी और एक एसयूवी रहेगी। आश्चर्य वाली बात है कि दोनों गाड़ियां घर के अंदर पार्किंग में नहीं या तो गली में खड़ी होंगी या मुख्य सड़क पर।
अधिकांश पाश कालोनियों में 25 फीट चौड़ी सड़क दोनों तरफ कारें खड़ी होने के कारण 10 फीट भी नहीं बचती। कहने का मतलब है कि हमारे समाज में पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम उपयोग करने का रिवाज ही नहीं है और न ही सरकार इसके लिए कोई बड़ा अभियान चलाती है। जब तक दोनों चीजें एक साथ चलेंगी दोनों में ही सफर मुश्किल होगा फिर चाहे वह आपकी कार हो या बीआरटीएस की बस।
पीथमपुर बस स्टैंड पर यूनियन कार्बाइड कचरा जलाने का विरोध, काली पट्टी बांधकर धरने पर बैठी महिलाओं ने किया विरोध
धार। धार जिले की औद्योगिक नगरी पीथमपुर में भोपाल की यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री के जहरीले कचरे को नष्ट करने के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी के चलते आज फिर बस स्टैंड पर महिलाओं ने सर पर काली पट्टी बांधकर कचरे के खिलाफ एक बार फिर से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिलाओं की मांग है कि यूनियन कार्बाइड के जहरीले कचरे को पीथमपुर से बाहर ले जाया जाए।
बतादें कि, पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का 10 टन केमिकल वेस्ट जलाने की प्रक्रिया दूसरे दिन भी जारी है। इस दौरान प्लांट के पास 500 से ज्यादा पुलिस बल तैनात है। इसी बीच आज यानी दूसरे दिन महिलाओं ने अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। फिलहाल पीथमपुर में पूर्ण रूप से शांति है। महिलाएं यह प्रदर्शन पीथमपुर बस स्टेशन पर शांतिपूर्वक तरीके से कर रही हैं।
पीथमपुर की रामकी इंडस्ट्रियल वेस्ट मैनेजमेंट कंपनी में कोर्ट के निर्देशों के बाद यूनियन कार्बाइड के रासायनिक कचरे के निष्पादन की प्रक्रिया का फर्स्ट ट्रायल का आज दूसरा दिन है। वहीं बस स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
1200 डिग्री में जलकर राख होगा ‘यूका’ का कचरा, 10 साल पहले पीथमपुर की इसी फैक्ट्री में हुआ था ट्रायल
धार। भोपाल गैस त्रासदी (Bhopal gas tragedy) के यूनियन कार्बाइड (Union Carbide) का रासायनिक कचरा (chemical waste) पीथमपुर (Pithampur) की तारपुरा स्थित राम की कंपनी (Ramki company) में आज 900 से 1200 डिग्री तापमान पर जलेगा।
हाईकोर्ट को सौंपी जाएगी प्रभाव की रिपोर्ट
रि-सस्टेनेब्लिटी कंपनी (पूर्व में रामकी) परिसर में 12 कंटेनर में दो माह से भोपाल से लाकर रखे गए 337 टन कचरे को जलाने की प्रक्रिया का समय सुबह 10 बजे है। 30 टन कचरे को अगले दो सप्ताह में अलग-अलग मात्रा में जलाया जाएगा। इसके प्रभाव की रिपोर्ट 27 मार्च के पूर्व हाईकोर्ट को सौंपी जाएगी।
10 साल पहले इसी संयंत्र में जलाया गया था 10 टन जहरीला कचरा
साल 2015 में भी पीथमपुर के इसी संयंत्र में 10 टन जहरीला कचरा जलाकर ट्रायल रन किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कचरे को जलाने पर प्रशासनिक अधिकारियों ने निर्णय लिया। कल दोपहर तीन से चार बजे के बीच पांच कंटेनर खोले गए।
भस्मक संयंत्र में डाला जाएगा कचरा
गुरुवार रात को भस्मक संयंत्र का ड्राय रन शुरू कर उसका तापमान बढ़ाने का कार्य शुरू हो गया। यह प्रक्रिया आज सुबह तक चलेगी। इस दौरान संयंत्र के प्रथम दहन कक्ष का तापमान कचरा जलाने के लिए निर्धारित 850 से 900 डिग्री सेल्सियस व दूसरे दहन कक्ष का तापमान 1100 से 1200 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद कचरे को भस्मक संयंत्र में डाला जाएगा।
‘उई अम्मा’ गाने पर कपड़े उतारकर नहीं किया डांस, सीनियर्स ने बेरहमी से की पिटाई, ग्वालियर की जीवाजी यूनिवर्सिटी में रैगिंग से हड़कंप
ग्वालियर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की ग्वालियर (Gwalior) स्थित जीवाजी विश्वविद्यालय में रैगिंग का मामला सामने आया है। यहां सीनियर्स ने ‘उई अम्मा’ डांस न करने पर जूनियर की बेरहमी से पिटाई कर दी। मामला सामने आने के बाद प्रबंधन में हड़कंप मच गया।
BBA सेकंड ईयर का है पीड़ित छात्र
दरअसल जीवाजी विश्वविद्यालय के BBA दूसरे, चौथे और छठवें सेमेस्टर के छात्रों की परीक्षा चल रही थी। दूसरी ओर MBA की क्लास चल रही थी। परीक्षा खत्म होने के बाद BBA छठवें सेमेस्टर का छात्र हिमांशु भदौरिया जा रहा था। तभी MBA सेकंड सेमेस्टर के अनुज राजावत और उसके साथियों ने उसे आवाज दी।
स्टूडेंट ने उई अम्मा गाने पर डांस नहीं किया तो सीनियर ने की पिटाई
हिमांशु पहुंचा तो सीनियर ने उसे कपड़े उतार कर उई अम्मा गाने पर डांस करने कहा। जब उसने इस बात का विरोध किया तो दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। इस दौरान अनुज ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे बेरहमी से पीट दिया।
पीड़ित स्टूडेंट ने की शिकायत
पीड़ित छात्र ने इस मामले की पूरी लिखित शिकायत विभाग और प्रोक्टोरियल बोर्ड को की है। साथ ही यह आरोप भी लगाया है कि उसके साथ मारपीट करने वालों में कुछ बाहरी छात्र भी शामिल थे। विश्वविद्यालय के प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने आरोपी छात्रों से पक्ष मांगा है। आज आरोपी छात्रों को अपना पक्ष रखना होगा जिसके बाद कार्रवाई तय की जाएगी।
7 मौतों के बाद भी कबाड़ चोरी जारीः कन्वेयर बेल्ट का रोलर चुराने वाले पांच शातिर कबाड़ी गिरफ्तार, चार फरार
शहडोल। कबाड़ चोरी के दौरान हुई सात मौतों के बाद भी चोरी के मामले थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र के गोरतरा स्थित डक्कन कंपनी में बेखौफ हथियाबंद कबाड़ियों ने कन्वेयर बेल्ट में लगे लाखों के रोलर चोरी कर ली। पुलिस ने 7 कबाड़ियों के खिलाफ मामला दर्ज कर 5 कबाड़ी चोर को गिरफ्तार कर लिया और फरार 4 कबाड़ी की तलाश में जुटी है। चोरी का आधा माला सहित पिक-अप वाहन भी जब्त किया है।
बीती रात पांच कबाड़ चोरों ने दो सौ से अधिक रोलर को चोरी कर पिकअप वाहन पर लोड़कर कबाड़ माफियाओं के हवाले कर दिया था। चोरी के माल को माफियाओं ने जंगल में छिपा दिया था। कंपनी मैनेजर प्रकाश सेन की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने अब्दुल रहमान, सादिक उर्फ पूना, तुलसी बैगा, दीपक बैगा, विकास कोल को गिरफ्तार कर उनके पास से चोरी की 50 से अधिक रोलर सहित एक पिकअप वाहन जब्त की है। पुलिस पूछताछ में बताया कि ये चोरी सादिक, उमर, अहद के कहने पर की थी। चोरी का सारा माला पिकअप सहित इन्हीं के हवाले किया था। बता दें कि शहडोल जिले के कोयलांचल नगरी में कोयले की बंद पड़ी खादानों से कबाड़ चोरी के दौरान 7 कबाड़ियों की एक एक कर मौत हो गई थी। संभाग में अनीश और जानू नामक कबाड़ी के शह पर जिले में कबाड़ की चोरी जारी है।
‘शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाता है ड्राइवर’, महिला कर्मचारियों ने हॉस्पिटल संचालक पर भी लगाए गंभीर आरोप, जानिए पूरा मामला
नर्मदापुरम। मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में निजी स्वास्तिक अस्पताल के संचालक एवं महिला कर्मचारियों का विवाद सामने आया है। गुरुवार देर रात अस्पताल की चार महिला स्टाफ ने देहात थाने पहुंचकर यहां अस्पताल संचालक रमीज अली पर धर्म परिवर्तन, अश्लील इशारे और शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने की लिखित शिकायत की।
अस्पताल संचालक और ड्राइवर पर लगाए गंभीर आरोप
पुलिस ने महिलाओं की शिकायत पर अस्पताल संचालक रमीज अली और एंबुलेंस ड्राइवर मुस्ताक पर छेड़छाड़ की एफआईआर दर्ज की। वहीं, अस्पताल के संचालक रमीज अली ने भी अपने पक्ष में अस्पताल के कर्मचारियों के साथ थाने में शिकायत की। उन्होंने शिकायत पत्र में उनके ऊपर लगे आरोपों को निराधार और झूठा बताया। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला पार्टनरशिप तोड़ने और ब्लैकमेलिंग से जुड़ा है।
9 महीने से अस्पताल में काम कर रही थीं महिला कर्मचारी
महिला कर्मचारियों के मुताबिक वे पिछले 9 माह से अस्पताल में काम कर रही है। इस दौरान हॉस्पिटल के संचालक ओर एंबुलेंस चालक उनसे अभद्रता पूर्वक व्यवहार कर रहे थे। वहीं एंबुलेंस ड्राइवर मुश्ताक खान अश्लील बात और इशारे किया करता था। महिलाओं के विरोध दर्ज किये जाने पर उन्हें नौकरी से निकलाने और जान से मारने की धमकी दी जा रही थी।
विरोध करने पर नौकरी से निकाला
महिलाओं ने यह भी बताया कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो नौकरी से निकाल दिया गया और 4 महीने की सैलरी भी रोक ली गई। इस मामले में सहायक उप निरीक्षक गणेश रघुवंशी ने बताया कि महिलाओं के तरफ से आवेदन लेकर बयान कराकर। रमीज अली और मुश्ताक खान पर मामला पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया है।
यूनियन कार्बाइड कचरा मामलाः PCC चीफ जीतू ने किया चैलेंज- 10 किमी के दायरे के पानी जांच में कैंसर के तत्व नहीं मिले, तो मैं सार्वजनिक रूप से माफी मांग लूंगा!
भोपाल। यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा जलाने को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने सियासी निशाना साधा है। उन्होंने मुख्यमंत्री और बीजेपी सरकार को चुनौती दी है कि रामजी कंपनी के आसपास के 10 किमी क्षेत्र में पानी की जांच करवा ले, यदि कैंसर के तत्व नहीं मिले, तो मैं सार्वजनिक रूप से माफी मांग लूंगा!
उन्होंने एक्स (X) पर लिखा- पीथमपुर और इंदौरवासियों, मैं फिर मुख्यमंत्री और बीजेपी सरकार के पूरे तंत्र को चुनौती देता हूं। यदि यूनियन कार्बाइड के कचरे में जहर नहीं है, तो रामजी कंपनी के आसपास के 10 किमी क्षेत्र में पानी की जांच करवा ले, यदि कैंसर के तत्व नहीं मिले, तो मैं सार्वजनिक माफी मांग लूंगा! सरकार याद रखे कोर्ट की आड़ लेकर जनभावना को जिस तरीके से नजरअंदाज किया जा रहा है, उसकी गंभीर कीमत आने वाली नस्लों को चुकानी पड़ेगी! मैं फिर दोहरा रहा हूं इंदौर ने बीजेपी को कई विधायक, सांसद और महापौर दिए, किंतु भाजपा बदले में कैसा जहर दे रही है, ये आने वाली पीढ़ियां बताएंगीं! मैं मुख्यमंत्री, इंदौर के दो-दो मंत्री, कलेक्टर के साथ पूरे सरकारी तंत्र को चुनौती देते हुए फिर कह रहा हूं, मेरे साथ चलें, पानी के सैंपल की जांच कर लें, स्थिति स्पष्ट हो जाएगी!
MP सरकार फिर लेगी 6 हजार करोड़ का कर्ज: RBI को लिखा पत्र, अब तक 4 लाख 15 हजार करोड़ का ले चुकी लोन
भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Govt) एक बार फिर कर्ज (Loan) लेने जा रही है। इस बार कर्ज की रकम 6 हजार करोड़ रुपए होगी। मार्च के पहले सप्ताह में लोन लेने के लिए गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।
बता दें कि फरवरी में भी सरकार ने 6 हजार करोड़ का लोन लिया था। मोहन सरकार अब तक चार लाख 15 हजार करोड़ का कर्ज ले चुकी है। बीते वित्तीय वर्ष (2024- 25) की बात की जाए तो सरकार ने उस दौरान एक साल के अंतराल में 41 हजार करोड़ का कर्ज लिया था।
कर्ज के लिए आरबीआई को पत्र लिखा गया है। 4 मार्च को लोन लेने के लिए सरकार गजट नोटिफिकेशन जारी करेगी। गौरतलब है कि लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, छात्रों को मुफ्त स्कूटी-लैपटॉप जैसे तमाम योजनाएं हैं, जिसके लिए सरकार यह कर्ज ले रही है। वहीं, सरकार के कर्ज लेने पर प्रदेश में सियासत भी हो सकती है।
करेंट से किसान की मौतः जंगली जानवरों के लिए बिछाए बिजली तार की चपेट में आया, खुद को बचाने शव रखा दूसरे के खेत में, आरोपी गिरफ्तार
शहडोल। जंगली जानवरों से सुरक्षा के लिए खेत में बिछाए गए करेंट की चपेट में आने से एक किसान की मौत हो गई है। मामला जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के खंडहुली गांव का है। किसान ने एक अन्य साथी के साथ मिलकर मृतक का शव अपने खेत से उठाकर खुद को बचने के लिए दूसरे जगह रख दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल किसान सुंदरलाल कहार खेत में लगी चने की फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए 11 हजार वोल्ट का करेंट का जाल बिछाया था। खेत की रखवाली कर रहे किसान शिव प्रसाद कोल रात में उस करेंट की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। जब यह बात खेत मालिक सुंदर लाल को पता लगी तो वे बचने के लिए अपने एक अन्य साथी राज कुमार कुशवाहा के साथ मृतक शिव प्रसाद का शव अपने खेत से उठाकर दूर कही फेंक दिया था। आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाकर यह समझ लिया था, कि वह पुलिस की नजरों से बच जाएगा। पुलिस ने तहकीकात के बाद आखिरकार इस मामले का खुलासा करते हुए दोनों व्यक्तियों कें खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
इंजीनियर के साथ सेक्सटॉर्शन: वीडियो कॉल कर युवती ने कपड़े उतार बनाया वीडियो, फिर वायरल करने की धमकी देकर ठगे 78 हजार
इंदौर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में धोखाधड़ी (Fraud) के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। एक बार फिर ऐसा ही मामला इंदौर (Indore) से सामने आया है। जहां एरोड्रम थाना क्षेत्र में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर (Software Engineer) सेक्सटॉर्शन (Sextortion) का शिकार हुआ है। धोखेबाजों ने उससे 78 हजार की ठगी की। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
एडिशनल डीसीपी आलोक शर्मा ने बताया कि, एरोड्रम थाना क्षेत्र में रहने वाले युवक के साथ में सेक्सटोर्शन के नाम पर 78 हजार की धोखाधड़ी की हुई है। बताया जा रहा है कि, फरियादी युवक निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। जिसके पास एक व्हाट्सएप कॉल आया था, जिसमें सामने एक युवती आपत्तिजनक स्थिति में थी। जिसके बाद युवक को बहकाकर उसके कुछ वीडियो ऑनलाइन रूप से वीडियो कॉल के माध्यम से रिकॉर्ड कर लिए गए।
इसके बाद आरोपी ने सेक्सटॉर्शन का खेल खेलते हुए युवक को धमकी दी कि यदि उसने पैसा नहीं भेजा, तो वीडियो उसके परिवार के सदस्य और सोशल मीडिया पर साझा कर दिए जाएंगे। युवक को इस जाल में फंसाकर साइबर अपराधियों ने 15 बार अलग-अलग बैंक खातों में 78 हजार की ट्रांजैक्शन करवाई। युवक कुछ समय तक पैसे भेजता रहा, लेकिन जब उसे यह समझ में आया कि वह फंस गया है, तो उसने तुरंत पुलिस से मदद मांगी। इसके लिए 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल पुलिस ने जिन बैंक अकाउंट में 15 बार ट्रांजैक्शन हुए उन्हें स्विच कर दिया है। इसके साथ ही वीडियो कॉल आने वाले नंबर की भी जांच पड़ताल की जा रही है।
बड़ा तालाब को लेकर CS की बड़ी बैठक, इन जगहों पर बने निर्माण को हटाने के दिए निर्देश
भोपाल। राजधानी भोपाल (Bhopal) के बड़ा तालाब (Bada Talab) को लेकर मुख्य सचिव (Chief Secretary) अनुराग जैन (Anurag Jain) ने अहम बैठक (Meeting) की। इस दौरान उन्होंने कई विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारी के साथ एनजीटी के नियमों को पालन करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने अधिसूचित रामसर साइट के निर्धारण क्षेत्र में कैचमेंट एरिया में बने निर्माण को हटाने के भी निर्देश दिए। बड़े तालाब के पास बने एसटीपी प्लांट का समय सीमा में निर्माण किए जाने के आदेश दिए। निकाय के आसपास ग्राम पंचायत में सीवेज के लिए नगरीय आवास और विकास विभाग को तलब किया गया है।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सात मामलों को लेकर एनजीटी के मामलों में विभागों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने अतिक्रमण संबंधी मामलों को तीन दिन के भीतर चीफ सेक्रेट्री ऑफिस में रिपोर्ट देने के लिए अधिकारियों को आदेशित किया है।