देश-विदेश
हमास ने तोड़ा संघर्ष विराम तो इस्राइल ने गाजा पर किया हवाई हमला, 60 की मौत...
येरुशलम/नई दिल्ली । गाजा में फिर से लड़ाई छिड़ गई है और बीती रात इस्राइल ने गाजा पर हवाई हमले किए, जिसमें कम से कम 60 लोगों के मारे जाने की खबर है। गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने ये दावा किया है। इस्राइल का ये हमला ऐसे समय हुआ हैं, जब इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमास पर जोरदार हमले करने का आदेश दिया था। नेतन्याहू ने ये आदेश हमास द्वारा कथित तौर पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करने के बाद दिया गया।
मरने वालों में कई बच्चे और महिलाएं
गाजा के दीर ए बलाह स्थित अक्सा अस्पताल के एक बयान में बताया कि बीती रात कम से कम 10 शव अस्पताल पहुंचे, जिनमें तीन महिलाएं और छह बच्चों के शव थे। दक्षिणी गाजा के खान यूनिस स्थित नासर अस्पताल ने बताया कि इलाके में पांच इस्राइली हवाई हमलों के बाद 20 शवों को अस्पताल लाया गया, जिनमें से 13 शव बच्चों और दो महिलाओं के थे। मध्य गाजा स्थित अल-अवदा अस्पताल ने बताया कि उनके यहां 30 शव पहुंचे, जिनमें से 14 बच्चों के शव थे।
इस्राइल ने हमास पर लगाया संघर्ष विराम तोड़ने का आरोप
गाजा पर हवाई हमला ऐसे समय हुआ, जब इस्राइल द्वारा हमास पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया जा रहा है। एक इस्राइली अधिकारी ने कहा कि दक्षिणी गाजा में उनकी सेना पर गोलीबारी की गई थी, जिसमें इस्राइली सैनिक मारे गए थे। इसके बाद नेतन्याहू ने संघर्ष विराम का उल्लंघन करने के लिए हमास को कड़ा जवाब देने की बात कही थी। हमास ने सोमवार को कुछ अवशेष सौंपे थे, जिनके बारे में इस्राइल ने दावा किया कि जो बंधक पहले ही इस्राइल लौट चुका है, उसके अवशेष बताकर ये सौंपे गए थे। इसे लेकर भी इस्राइल में नाराजगी है। हालांकि गाजा में संघर्ष विराम कराने वाले अमेरिका ने इस हिंसा को कम करके आंकने की कोशिश की। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि छोटी-मोटी झड़पें जल्दी ही खत्म हो जाएंगी।
कनाडा में भारतीय मूल के उद्योगपति की हत्या, इस गैंग ने ली जिम्मेदारी...
ओटावा/नई दिल्ली । कनाडा में भारतीय मूल के एक बड़े उद्योगपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली है। जानकारी के अनुसार भारतीय मूल के उद्योगपति दर्शन सिंह साहसी की कनाडा के एबट्सफोर्ड इलाके में उस वक्त हत्या कर दी गई, जब वे कार में सवार होकर कहीं जा रहे थे।
हत्याकांड का सीसीटीवी फुटेज आया सामने
दर्शन सिंह साहसी की हत्या का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें दर्शन सिंह अपनी कार में सवार होते दिख रहे हैं, तभी एक हमलावर उनके पास आता है और दर्शन सिंह पर गोलियां चला देता है। हमलावर अकेला था और मौके से एक टोयोटा कोरोला कार में सवार होकर फरार हो गया। गोलीबारी की सूचना के बाद जब पुलिस मौके पर पहुंची तो दर्शन सिंह गंभीर हालत में घायल थे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। कनाडा पुलिस ने बताया कि अभी जांच शुरुआती चरण में है और जल्द ही इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी
वहीं कनाडा स्थित गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर दर्शन सिंह साहसी की हत्या की जिम्मेदारी ली है। गोल्डी ढिल्लन, लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ है। गोल्डी ढिल्लन ने पोस्ट में दावा किया कि पीड़ित ड्रग तस्करी में शामिल थे और गैंग द्वारा पैसे की डिमांड को नजरअंदाज किया जा रहा था। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है और दर्शन सिंह की हत्या में लॉरेंस बिश्नोई गैंग की कथित संलिप्तता की जांच करने की बात कही है।
कैरेबियाई देश जमैका से टकराया कैटेगरी-5 तूफान ‘मेलिसा’
अब तक 7 लोगों की मौत; संयुक्त राष्ट्र ने बताया “सदी का सबसे खतरनाक तूफान”
किंग्सटन/नई दिल्ली । कैरेबियाई देश जमैका मंगलवार को कैटेगरी-5 के तूफान ‘मेलिसा’ की चपेट में आ गया है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे इस सदी का सबसे ताकतवर और विनाशकारी तूफान बताया है।
तूफान के दौरान हवाओं की गति 300 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच गई, जिससे सैकड़ों घरों की छतें उड़ गईं, पेड़ और बिजली के खंभे जड़ से उखड़ गए। सरकार ने लगभग छह लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
अब तक सात लोगों की मौत
तूफान से अब तक जमैका में तीन, हैती में तीन और डोमिनिकन रिपब्लिक में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, कई लोग लापता हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं। तूफान के असर से बिजली और संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है।
भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा बढ़ा
‘मेलिसा’ के कारण जमैका में लगातार भारी बारिश जारी है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और तटीय क्षेत्रों में भारी बाढ़ की आशंका जताई गई है। सरकार ने प्रभावित इलाकों में आपातकाल घोषित कर दिया है और लोगों से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।
राहत और बचाव कार्य तेज
संयुक्त राष्ट्र और वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। WFP के अनुसार, हजारों लोगों को खाद्य पैकेट और प्राथमिक चिकित्सा सामग्री पहुंचाई जा रही है। यूएन का कहना है कि बीते साल जुलाई में आए बेरिल तूफान के बाद मेलिसा अटलांटिक महासागर में आया सबसे शक्तिशाली तूफान है।
कैटेगरी-5 तूफान कितना खतरनाक होता है
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, कैटेगरी-5 तूफान हवाओं की गति 250 किमी/घं. से अधिक होने पर घोषित किया जाता है। ऐसे तूफान पूरे शहरों को तबाह करने की क्षमता रखते हैं और इन्हें “टोटल डेस्ट्रक्शन लेवल” पर वर्गीकृत किया जाता है।
इलाज के लिए आसाराम बापू को मिली जमानत
जोधपुर। जोधपुर हाईकोर्ट से आसाराम बापू को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनके उपचार के लिए दायर की गई नियमित जमानत याचिका को मंजूर करते हुए उन्हें जमानत प्रदान कर दी है। यह राहत स्वास्थ्य कारणों के आधार पर दी गई है।
मामले की सुनवाई कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आसाराम को इलाज के लिए जमानत देने का फैसला सुनाया।
देवदत्त और यशपाल ने रखा था कोर्ट के सामने पक्ष
यौन उत्पीड़न के आरोपी आसाराम का मामला लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है। राजस्थान हाईकोर्ट से मिली छह माह की अंतरिम जमानत के बाद अब आसाराम को छह माह जेल में नहीं रहना पड़ेगा। वरिष्ठ अधिवक्ता देवदत्त कामत, अधिवक्ता यशपा लसिंह राजपुरोहित ने आसाराम का पक्ष कोर्ट के समक्ष रखा था। उन्होंने अपनी दलील में कहा था कि उपचार के लिए आसाराम को जेल से बाहर रहना जरूरी है। ऐसे में बिना कस्टडी के जमानत मिलने से आसाराम के उपचार में राहत मिलेगी। कोर्ट ने आसाराम की बीमारी अवस्था व पिछले 12 साल से जेल में होने पर ये राहत प्रदान की है।
समर्थकों में खुशी की लहर
सूत्रों के मुताबिक, कोर्ट का विस्तृत आदेश शीघ्र जारी किया जाएगा। बताया जा रहा है कि आसाराम लंबे समय से बीमार चल रहे हैं और उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते नियमित जमानत की मांग की थी। हाई कोर्ट के इस निर्णय के बाद आसाराम को राहत मिलने से समर्थकों में खुशी की लहर है।
राष्ट्रपति मुर्मू ने राफेल में भरी उड़ान, कहा- अविस्मरणीय अनुभव
नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंबाला वायुसेना स्टेशन से फ्रांस निर्मित राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरी। वह फ्लाइट सूट पहनकर राफेल में बैठीं और टेक ऑफ से पहले हाथ हिलाकर अभिवादन किया। जानकारी के अनुसार, राष्ट्रपति मुर्मू ने अधिकारियों से राफेल विमान की तकनीक, उसे चलाने के तरीके और सुरक्षा से जुड़ी बातें समझीं। बता दें कि राष्ट्रपति ने हमेशा से सेना से जुड़े कामों में दिलचस्पी दिखाई है।
राफेल उड़ान मेरे लिए अविस्मरणीय अनुभव: राष्ट्रपति मुर्मू
द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को भारतीय वायु सेना के राफेल लड़ाकू विमान में उड़ान भरकर इतिहास रचा। उन्होंने इसे 'अविस्मरणीय अनुभव' करार देते हुए कहा कि इस उड़ान ने देश की रक्षा क्षमताओं के प्रति उनके मन में गर्व की नई भावना जगाई है। मुर्मू भारत की पहली राष्ट्रपति हैं, जिन्होंने दो अलग-अलग लड़ाकू विमानों में उड़ान भरी है। इससे पहले 2023 में उन्होंने सुखोई-30 एमकेआई में उड़ान का अनुभव लिया था।
अंबाला वायु सेना स्टेशन से उड़ान भरते हुए राष्ट्रपति ने लगभग 30 मिनट तक आसमान में समय बिताया और करीब 200 किलोमीटर की दूरी तय की। विमान समुद्र तल से 15,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ा और इस दौरान इसकी गति 700 किलोमीटर प्रति घंटे रही। उड़ान को 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी ने संचालित किया।भारतीय सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर मुर्मू को राफेल की परिचालन क्षमताओं और वायु सेना की तैयारियों के बारे में विस्तृत ब्रिफिंग भी दी गई।
अंबाला स्टेशन वह पहला एयरबेस है, जहां फ्रांस की डसॉल्ट एविएशन कंपनी से राफेल विमान पहुंचे थे।उड़ान के बाद आगंतुक पुस्तिका में राष्ट्रपति ने लिखा, "राफेल पर उड़ान मेरे लिए एक8 अविस्मरणीय अनुभव है। शक्तिशाली राफेल विमान पर इस पहली उड़ान ने मुझमें देश की रक्षा क्षमताओं के प्रति गर्व की एक नई भावना जगाई है। मैं इस उड़ान के सफल आयोजन के लिए भारतीय वायु सेना और अंबाला वायु सेना स्टेशन की पूरी टीम को बधाई देती हूं।
भारत ने फ्रांस से खरीदे थे राफेल लड़ाकू विमान
भारत ने राफेल लड़ाकू विमान फ्रांस से खरीदे हैं। पहली खेप 27 जुलाई 2020 को मिली थी, जिसमें 5 राफेल विमान शामिल थे। ये विमान सबसे पहले अंबाला एयरबेस पहुंचे थे। उन्होंने फ्रांस के मेरिग्नैक एयरबेस से उड़ान भरी, संयुक्त अरब अमीरात के अल दफरा एयरबेस पर रुके और फिर भारत पहुंचे।
10 सितंबर 2020 को अंबाला एयरबेस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पार्ली की उपस्थिति में एक औपचारिक इंडक्शन सेरेमनी आयोजित की गई थी। इन विमानों को भारतीय वायुसेना की 17वीं स्क्वॉड्रन, "गोल्डन एरोज" में शामिल किया गया था। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी राफेल में उड़ान भर चुके हैं।
दक्षिण कोरिया पहुंचे ट्रंप, व्यापार मुद्दों पर अलग-अलग बैठकों में ली और जिनपिंग के साथ करेंगे वार्ता
सोल । अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बुधवार को दक्षिण कोरिया पहुंचे। दक्षिण कोरिया के दक्षिण-पूर्वी शहर ग्योंगजू में एशिया-प्रशांत आर्थिक सहयोग (एपीईसी) सम्मेलन का आयोजन हो रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति एपीईसी समिट में राष्ट्रपति ली जे म्युंग और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उच्च स्तरीय शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति दोनों नेताओं के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे। बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति अपने दूसरे कार्यकाल की पहली एशिया यात्रा पर दक्षिण कोरिया पहुंचे हैं। ट्रंप की इस यात्रा का मकसद टैरिफ के बीच व्यापार और निवेश में डील पर केंद्रित है। इससे पहले दिन में एयरफोर्स वन फ्लाइट से अमेरिकी राष्ट्रपति टोक्यो से रवाना हुए और बुधवार को बुसान के गिम्हे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और ली जे म्योंग लगभग दो महीनों में अपनी दूसरी शिखर वार्ता के लिए बुधवार को ग्योंगजू में मिलेंगे। इस मुलाकात में दोनों पक्षों के बीच एक व्यापार समझौते पर मुहर लगने की संभावना है, जिसकी रूपरेखा जुलाई में तय हुई थी।
दोनों पक्षों के बीच व्यापार समझौता एक अहम मुद्दा बना हुआ है, क्योंकि सोल और वाशिंगटन ने अपनी वार्ता की स्थिति के बारे में अलग-अलग आकलन प्रस्तुत किए हैं।
जिस व्यापार समझौते पर आज मुहर लग सकती है, उसमें दक्षिण कोरिया को अमेरिका में 350 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करने की बात कही गई थी। इसके बदले में वाशिंगटन टैरिफ को 25 प्रतिशत से घटाकर 15 प्रतिशत कर देगा। हालांकि, निवेश पैकेज के डिटेल्स में खामियां होने के कारण यह डील अभी तक फाइनल नहीं हो पाई है।
गुरुवार को शी जिनपिंग के साथ उनकी बहुप्रतीक्षित शिखर वार्ता होने जा रही है। यह 2019 के बाद से ट्रंप और जिनपिंग की पहली मुलाकात है। बढ़ते अमेरिका-चीन व्यापार तनाव के बीच इसपर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
RBI ने बीते 6 महीनों में विदेशों में रखा अपना 64 टन सोना भारत लाया वापस
मुंबई । भारतीय रिजर्व बैंक देश की संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। इस वर्ष मार्च से सितंबर तक की अवधि में केंद्रीय बैंक ने विदेशों में रखा अपना 64 टन सोना वापस मंगवा लिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब दुनिया भर के देश भू-राजनीतिक दबाव के हथियार के तौर पर फाइनेंशियल बैन और एसेट फ्रीज का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस वर्ष सितंबर अंत के आंकड़ों के अनुसार, आरबीआई के पास 880.8 टन सोना है। इसमें से 575.8 टन का एक बड़ा हिस्सा भारत में सुरक्षित रखा गया है।
भीषण चक्रवात 'मोंथा' आंध्र तट से टकराया, ओडिशा में हुई भारी बारिश से तबाही
नई दिल्ली। भीषण चक्रवाती तूफान 'मोंथा' के आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की प्रक्रिया मंगलवार शाम शुरू हो गई है और यह अगले तीन से चार घंटों तक जारी रहेगी। थाई भाषा में 'मोंथा' का अर्थ सुगंधित फूल होता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार शाम 7:23 बजे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर इसकी पुष्टि की।
आईएमडी के अनुसार, यह मौसम प्रणाली अगले कुछ घंटों में मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के आस-पास आंध्र प्रदेश के तट को पार करेगी। इस दौरान अधिकतम 90 से 100 किमी प्रति घंटे की गति से हवा चलेगी, जिसकी गति 110 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
ओडिशा के 15 जिलों में जनजीवन प्रभावित
वहीं, पड़ोसी राज्य ओडिशा में चक्रवात 'मोंथा' की वजह से मंगलवार को भारी बारिश हुई, जिससे तटीय और दक्षिणी जिलों में भूस्खलन, घरों को नुकसान और कई जगह पेड़ उखड़ गए। कानगिरी, कोरापुट, रायगढ़ा, गजपति, गंजम, कंधमाल, कालाहांडी और नवरंगपुर सहित दक्षिणी ओडिशा के कुल 15 जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।
गजपति जिले के अनाका ग्राम पंचायत में पास की पहाड़ियों से बड़े-बड़े पत्थर गिरने से पांच गांवों की सड़कें अवरुद्ध हो गईं। रायगढ़ जिले के गुनुपुर, गुदारी और रामनागुड़ा इलाकों में भी पेड़ उखड़ने की सूचना है। गजपति जिले की पोतारा पंचायत में चक्रवात आश्रय स्थल के प्रबंधन में लगे एक आपूर्ति सहायक सुरेंद्र गमांग की सोमवार रात अचानक बीमार पड़ने से मौत हो गई। हालांकि, पुलिस ने अभी तक मौत के कारण की पुष्टि नहीं की है।
छठ पूजा सिर्फ सूर्य उपासना नहीं, बल्कि यह ऊर्जा, श्रद्धा और जीवन संतुलन का पर्व : आचार्य पुनीत गुरु जी
लखनऊ। प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य आचार्य पुनीत गुरु जी (Astro Puneet Guru Ji) ने बताया कि छठ पूजा सिर्फ सूर्य उपासना नहीं, बल्कि यह ऊर्जा, श्रद्धा और जीवन संतुलन का पर्व है।
ट्रंप ने विज्ञापन विवाद को लेकर कनाडा पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया
वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है। उन्होंने कनाडा पर आरोप लगाया है कि उसने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के भाषण को लेकर एक भ्रामक विज्ञापन” चलाया है।ट्रंप ने शनिवार देर रात अपने सोशल मीडिया मंच ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा, उन्हें यह विज्ञापन तुरंत हटा लेना चाहिए था, लेकिन उन्होंने इसे वर्ल्ड सीरीज के दौरान प्रसारित किया, जबकि वे जानते थे कि यह झूठा है। तथ्यों को गलत दिखाने और शत्रुतापूर्ण रवैये के कारण, मैं कनाडा पर पहले से लगाए गए टैरिफ में 10 प्रतिशत की और वृद्धि कर रहा हूं। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि कनाडा, अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के फैसले को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है। कोर्ट इस समय ट्रंप द्वारा लगाए गए शुल्कों से जुड़े कानूनी मामलों की सुनवाई कर रहा है।
ट्रंप ने लिखा, यह पूरा झूठ इसलिए फैलाया गया ताकि कनाडा को उम्मीद रहे कि अमेरिका का सुप्रीम कोर्ट उन्हें टैरिफ मामले में बचा लेगा, जबकि उन्होंने लंबे समय से इन शुल्कों का इस्तेमाल अमेरिका को नुकसान पहुंचाने के लिए किया है। गुरुवार को ट्रंप के विरोध के बाद, ओंटारियो के प्रधानमंत्री डग फोर्ड ने कहा कि वह सोमवार से टैरिफ-विरोधी विज्ञापन का प्रसारण रोक देंगे ताकि व्यापार वार्ता फिर से शुरू हो सके।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने शुक्रवार को ज़ोर देकर कहा कि उनकी सरकार अमेरिका के साथ रचनात्मक बातचीत जारी रखने के लिए तैयार है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच व्यापार वार्ता को अचानक समाप्त करने की घोषणा की थी। कार्नी ने कहा, हम महीनों से यह बात दोहरा रहे हैं कि हमें यह समझना चाहिए कि कौन-सी चीजें हमारे नियंत्रण में हैं और कौन-सी नहीं। हम अमेरिका की व्यापार नीति को नियंत्रित नहीं कर सकते। हम जानते हैं कि यह नीति 1980, 1990 और 2000 के दशक से बिल्कुल बदल चुकी है।
कार्नी ने कहा कि कनाडा के वार्ताकार अपने अमेरिकी समकक्षों के साथ बातचीत में "काफी प्रगति" कर रहे हैं, खासकर स्टील, एल्युमीनियम और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में। उन्होंने कहा, हम अपने अमेरिकी साथियों के साथ रचनात्मक चर्चा कर रहे थे। जब भी अमेरिका फिर से बातचीत के लिए तैयार होगा, हम उस प्रगति को आगे बढ़ाने को तैयार हैं।
ट्रंप ने गुरुवार देर रात घोषणा की थी कि वह कनाडा के साथ सभी व्यापार वार्ताएं खत्म कर रहे हैं। यह घोषणा उस वीडियो विज्ञापन के बाद आई, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन का एक पुराना भाषण दिखाया गया था। इस विज्ञापन में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन द्वारा टैरिफ की आलोचना करते हुए पुराने फुटेज दिखाए गए थे, जिसे ट्रंप ने "फर्जी" बताया था।
उन्होंने लिखा, टैरिफ अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी हैं। कनाडा के गलत व्यवहार को देखते हुए, कनाडा के साथ सभी व्यापार वार्ताएं तुरंत समाप्त की जाती हैं। व्हाइट हाउस की राष्ट्रीय आर्थिक परिषद के निदेशक केविन हैसेट ने कहा, राष्ट्रपति कनाडा से बहुत निराश हैं, और यह जायज भी है। कनाडा के साथ बातचीत करना काफी मुश्किल रहा है।
यह नया विवाद अमेरिका और कनाडा के बीच दुनिया के सबसे बड़े द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों में से एक में नई अनिश्चितता जोड़ रहा है। ट्रंप पहले ही कनाडा के कुछ निर्यातों पर 35 प्रतिशत शुल्क लगा चुके हैं और कई बार यह भी कह चुके हैं कि कनाडा को अमेरिका का 51वां राज्य बना देना चाहिए।
क्या पीएम मोदी की हत्या की साजिश नाकाम हुई? ढाका में CIA अधिकारी की मौत से उठे कई सवाल...
नई दिल्ली । भारत के पड़ोसी बांग्लादेश की राजधानी ढाका में अमेरिकी स्पेशल फोर्स अधिकारी टेरेंस अर्वेल जैक्सन की रहस्यमय मौत ने पूरे दक्षिण एशिया में खुफिया हलचल मचा दी है। आर्गेनाइजर में छपी रिपोर्ट के अनुसार दावा किया जा रहा है कि यह मौत महज़ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश नाकाम होने का नतीजा हो सकती है। हालांकि इन दावों की किसी भी सरकारी एजेंसी ने अब तक पुष्टि नहीं की है।
31 अगस्त की रात क्या हुआ था?
31 अगस्त को टेरेंस अर्वेल जैक्सन का शव ढाका के एक होटल रूम में मिला। बताया गया कि वह अमेरिकी रक्षा विभाग से जुड़े थे और “सुरक्षा प्रशिक्षण मिशन” पर बांग्लादेश में तैनात थे। लेकिन रिपोर्टों का कहना है कि उनका असली मिशन कुछ और था, दक्षिण एशिया में भारत को निशाना बनाना।
CIA की सक्रियता पर बढ़े सवाल
विश्लेषकों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों से दक्षिण एशिया में CIA की गतिविधियां तेज़ हुई हैं। पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के हालिया घटनाक्रमों के पीछे अमेरिकी दखल की संभावना पर पहले भी चर्चा हो चुकी है। अब जैक्सन की मौत ने इन शक़ों को और गहरा कर दिया है।
क्या भारत था निशाने पर?
रिपोर्ट के अनुसार, जैक्सन को सतही तौर पर बांग्लादेश में सेंट मार्टिन द्वीप पर सेना प्रशिक्षण के लिए तैनात दिखाया गया, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि उसका असली मिशन भारत के भीतर और खासकर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ गुप्त कार्रवाई करना था। जैक्सन की मौत उसी दिन हुई जब पीएम मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में चीन के तियानजिन में थे। सम्मेलन के बाद, मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कार में 45 मिनट तक गुप्त बातचीत की। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस दौरान हाई-प्रोफाइल एजेंडा और दक्षिण एशिया में चल रही खुफिया गतिविधियों पर चर्चा हुई।
मोदी-पुतिन की गुप्त बातचीत से जुड़ी कड़ी
मौत वाले दिन ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के तियानजिन में SCO शिखर सम्मेलन में शामिल थे। वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ उन्होंने करीब 45 मिनट तक कार में अकेले बातचीत की थी।
रिपोर्ट्स का दावा है कि उसी दौरान दोनों नेताओं ने एक गुप्त सुरक्षा खतरे पर चर्चा की, जिसे रूस और भारत की खुफिया एजेंसियों ने मिलकर नाकाम किया। उसी शाम जैक्सन ढाका में मृत पाए गए।
क्या ढाका था ऑपरेशन का केंद्र?
खुफिया सूत्रों का कहना है कि अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA पिछले कुछ समय से बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों में अपनी सक्रियता बढ़ा रही है। कई विश्लेषक मानते हैं कि भारत के खिलाफ अस्थिरता पैदा करने या मोदी सरकार को दबाव में लाने के लिए यह नेटवर्क तैयार किया गया था। ढाका में अमेरिकी अधिकारी की मौत ने इन अटकलों को और तेज़ कर दिया है।
मोदी के बयान ने बढ़ाई चर्चा
2 सितंबर को दिल्ली लौटने के बाद पीएम मोदी ने सेमीकॉन सम्मेलन में कहा था: “क्या आप इसलिए ताली बजा रहे हैं क्योंकि मैं चीन गया था या इसलिए कि मैं वापस आया हूं?” विशेषज्ञ मानते हैं कि प्रधानमंत्री का यह वाक्य किसी गहरे संकेत से भरा हुआ था।
भारत-अमेरिका रिश्तों पर छाया शक
इन आरोपों के बाद भारत-अमेरिका के बीच कूटनीतिक रिश्तों में तनाव की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अमेरिकी दूतावास ने अब तक इस मामले पर कोई औपचारिक टिप्पणी नहीं की है, वहीं भारत की ओर से भी आधिकारिक बयान का इंतज़ार है।
विजन न्यूज़ सर्विस इस रिपोर्ट में किए गए दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता। यह रिपोर्ट विभिन्न विदेशी मीडिया स्रोतों और विशेषज्ञ अनुमानों पर आधारित है।
देश के कई राज्यों में आ रहा चक्रवाती तूफान
नई दिल्ली । महाराष्ट्र समेत देश के कई राज्यों में पिछले 24 घंटे के दौरान बारिश हुई है। मौसम विभाग की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, शनिवार को भी गोवा, महाराष्ट्र के कुछ हिस्से, गुजरात , मध्य प्रदेश, विदर्भ, अंडमान और निकोबार आइलैंड्स और छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश हो सकती है। इस दौरान 40-50 किमी की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
30 अक्टूबर तक यहां बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में कहा गया है कि 28-30 तारीख के दौरान गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, सिक्किम में गरज के साथ बारिश हो सकती है। 29 और 30 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
चक्रवाती तूफान से देश के इन इलाकों में होगी भारी बारिश
दक्षिण-पूर्व और उससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने की उम्मीद है। यह प्रणाली 27 अक्टूबर तक दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है।
इसके प्रभाव से सोमवार से तीन दिन तक ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। आईएमडी ने शनिवार और रविवार को 21 जिलों में और सोमवार को पूरे राज्य में हल्की से मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
सीएम योगी ने राष्ट्रपति मुर्मू, उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और PM मोदी से की मुलाकात
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली दौरे पर हैं। इस दौरान शनिवार (25 अक्टूबर) को उन्होंने कई नेताओं से मुलाकात भी की।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति भवन में भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान, मुख्यमंत्री योगी ने राष्ट्रपति के अमूल्य समय के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। राष्ट्रपति कार्यालय और यूपी सीएमओ ने X पर मुलाकात की तस्वीर भी साझा की।
पीएम मोदी से भी की मुलाकात
इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की और उनसे मार्गदर्शन मांगा। सीएम योगी ने पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना की।
अपने संबोधन में, मुख्यमंत्री योगी ने प्रधानमंत्री की उपस्थिति से मिलने वाली प्रेरणा और अटूट ऊर्जा पर जोर दिया और इसे एक मार्गदर्शक सिद्धांत और शक्ति का स्रोत बताया।
उन्होंने प्रधानमंत्री को उनके बहुमूल्य समय के लिए धन्यवाद दिया और इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे इस तरह की बातचीत समर्पण के साथ सेवा करते रहने के उनके संकल्प को और मजबूत करती है।
भूस्खलन का कहर, 8 मकान हुए ध्वस्त, एक की मौत
केरल । इडुक्की जिले में आदिमाली के मन्नामकंदम में हुए एक भीषण भूस्खलन में कम से कम आठ मकान ध्वस्त हो गए, जिससे 48 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई और उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि यह दुखद घटना शनिवार रात को हुई। मृतक की पहचान लक्ष्मवीदु उन्नाथी निवासी बीजू के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि जिस आवासीय कॉलोनी में यह घटना हुई वहां लगभग 22 मकान थे और भूस्खलन के खतरे के कारण निवासियों को शनिवार को राहत शिविरों में शिफ्ट कर दिया गया था। आदिमाली ब्लॉक पंचायत सदस्य कृष्णमूर्ति ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-85 के चौड़ीकरण के तहत पहाड़ी क्षेत्र से मिट्टी हटाई जा रही थी। उन्होंने कहा, "आवासीय कॉलोनी राजमार्ग के नीचे पहाड़ी की ढलान पर स्थित थी। पंचायत अधिकारियों ने भूस्खलन की आशंका के कारण एक नोटिस जारी किया था और 22 परिवारों को शनिवार शाम को आदिमाली स्थानांतरित कर दिया गया था।"
उन्होंने बताया कि बीजू और उनकी पत्नी संध्या खाना बनाने के लिए देर रात घर लौट आए थे। उन्होंने कहा, "जब वे अपने घर के अंदर थे, तभी रात करीब 10:30 बजे पहाड़ी से मिट्टी ढहकर घरों पर गिर गई। बीजू और संध्या अंदर फंस गए। भूस्खलन में करीब आठ मकान जमींदोज हो गए।" स्थानीय निवासियों ने पुलिस और अग्निशमन एवं बचाव सेवाओं को सूचित किया, जिन्होंने बचाव अभियान शुरू किया।
कृष्णमूर्ति ने कहा, "दोनों मलबे में फंस गए थे। 5 घंटे चले अभियान के बाद उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन बीजू की मौत हो गई। संध्या को पहले आदिमाली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसे बाद में अलुवा के एक अस्पताल में शिफ्ट किया गया।" उन्होंने बताया कि संध्या की हालत अब स्थिर है। निवासियों ने आरोप लगाया कि इस त्रासदी के लिए अवैज्ञानिक तरीके से सड़क का चौड़ीकरण किया जाना जिम्मेदार है।
सुरक्षा कदम उठाए बिना हटाई जा रही मिट्टी
एक निवासी सुल्फी ने कहा, "राजमार्ग निर्माण कार्य करने के लिए कोई सुरक्षा कदम उठाए बिना मिट्टी हटाई जा रही है। वे भूस्खलन के खतरे पर विचार किए बिना पहाड़ी ढलानों को साफ कर रहे हैं।" स्थानीय निवासी अनस का घर भूस्खलन के कारण पूरी तरह से नष्ट हो गया। उसने कहा कि निवासियों ने पहाड़ी में बड़ी दरारें देखी थीं और पंचायत अधिकारियों को सूचित किया था। उसने कहा, "अधिकारियों ने शनिवार सुबह घटनास्थल का निरीक्षण किया था और भूस्खलन के खतरे के कारण हमें मकान खाली करने का नोटिस जारी किया था। हमें आदिमाली सरकारी विद्यालय शिविर में स्थानांतरित कर दिया गया था लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग का काम जारी रहा।"
उसने कहा कि इस इलाके में रहना अब खतरनाक हो गया है, क्योंकि भूस्खलन की आशंका अब भी है। उसने कहा, "हमारे पास और कोई ऐसी जगह नहीं है, जहां हम जा सकें। हमें नहीं पता कि हमें शिविर में कब तक रहना होगा। सरकार को हमारे पुनर्वास के लिए कदम उठाने चाहिए।" मृतक के एक रिश्तेदार ने बताया कि बीजू के बेटे की पिछले साल मौत हो गई थी और उनकी बेटी कोट्टायम में नर्सिंग की छात्रा है। आदिमाली पुलिस ने बीजू की मौत के संबंध में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
30 अक्टूबर से पाकिस्तान बॉर्डर पर युद्धाभ्यास करेंगी तीनों सेनाएं
नई दिल्ली। भारत 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक पाकिस्तान बॉर्डर पर तीनों सेनाओं का संयुक्त सैन्य अभ्यास 'एक्स त्रिशूल' करने जा रहा है, जिसके लिए NOTAM जारी किया गया है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास भारत की बढ़ती संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार को प्रदर्शित करेगा। इस युद्धाभ्यास में आधुनिक युद्ध की बदलती प्रकृति से निपटने के लिए रणनीति पर जोर दिया जाएगा और दक्षिणी कमान के सैनिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
भारत ने 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक पाकिस्तान बॉर्डर पर होने वाले तीनों सेनाओं के सैन्य अभ्यास "एक्स त्रिशूल" के लिए एयरमेन को नोटिस (NOTAM) जारी किया है। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस अभ्यास में भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना क्लोज कॉर्डिनेशन के साथ काम करेंगी।सैटेलाइट इमेजरी एक्सपर्ट डेमियन साइमन ने एक्स पर भारत की पश्चिमी सीमा पर NOTAM के दृश्य साझा किए और क्षेत्र और अभियानों के पैमाने को असामान्य बताया। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि अभ्यास के लिए रिजर्व एयर स्पेस 28,000 फीट तक फैला हुआ है, जो हाल के सालों में सबसे बड़े ज्वाइंट ऑपरेशनल ड्रिल में से एक है।युद्धाभ्यास भारत की बढ़ती संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार का प्रदर्शन
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह अभ्यास भारत की बढ़ती संयुक्तता, आत्मनिर्भरता और नवाचार को प्रदर्शित करेगा, जो सशस्त्र बलों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'जय' (Jointness, Aatmanirbharta, Innovation) दृष्टिकोण के तीन स्तंभ हैं।
दक्षिणी कमान के सैनिक चुनौतीपूर्ण इलाकों में अभियानों का संचालन करते हुए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इनमें खाड़ी और रेगिस्तानी क्षेत्रों में आक्रामक युद्धाभ्यास, सौराष्ट्र तट पर जल-थलचर अभियान और खुफिया, निगरानी और टोही , इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और साइबर क्षमताओं से जुड़े बहु-क्षेत्रीय अभ्यास शामिल हैं।भविष्य के युद्ध की विकसित प्रकृति से निपटने के लिए रणनीति पर जोर
पीआईबी की एक प्रेस रिलीज के अनुसार, इस अभ्यास में स्वदेशी प्रणालियों के प्रभावी उपयोग, परिचालन प्रथाओं में आत्मनिर्भरता के अनुप्रयोग का प्रदर्शन, और उभरते खतरों और आधुनिक एवं भविष्य के युद्ध की विकसित प्रकृति से निपटने के लिए रणनीति, तकनीकों और प्रक्रियाओं को परिष्कृत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।यह अभ्यास स्वदेशी रक्षा प्रणालियों के प्रभावी उपयोग और उभरते खतरों और आधुनिक युद्ध की विकसित प्रकृति से निपटने के लिए रणनीति, तकनीकों और प्रक्रियाओं के परिशोधन पर भी केंद्रित है।पीआईबी की विज्ञप्ति में कहा गया है कि कुछ दिन पहले जब देश दीवाली और उससे जुड़े उत्सव मना रहा था, उसी दौरान दक्षिणी कमान के सैनिकों को ऑपरेशनल एरिया में तैनात किया गया था, जहां वे आगामी त्रि-सेवा अभ्यास, 'एक्स त्रिशूल' की तैयारी के लिए कठोर प्रशिक्षण ले रहे थे।
ऑस्ट्रेलिया टीम की दो महिला क्रिकेटरों से छेड़छाड़, आरोपी गिरफ्तार
इंदौर । शहर के होलकर स्टेडियम में चल रहे महिला विश्व कप मैचों के दौरान एक शर्मनाक घटना सामने आई है। ऑस्ट्रेलिया टीम की दो महिला क्रिकेटरों के साथ बाइक सवार युवक द्वारा छेड़छाड़ का मामला प्रकाश में आया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के मुताबिक, दोनों खिलाड़ी रेडिसन होटल से करीब आधा किलोमीटर दूर स्थित एक कैफे तक पैदल जा रही थीं। इसी दौरान एक बाइक सवार युवक ने पीछे से आकर उन्हें गलत तरीके से छुआ और भाग निकला। सहमी खिलाड़ियों ने तुरंत अपने सुरक्षा अधिकारी को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई और आसपास के छह थानों को अलर्ट किया गया।
राहगीर ने नोट किया बाइक नंबर, आरोपी तक पहुंची पुलिस
घटना के दौरान एक राहगीर ने आरोपी की बाइक का नंबर नोट कर लिया, जबकि एक अन्य व्यक्ति ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में आरोपी की पहचान हुई और दोनों महिला क्रिकेटरों ने भी उसकी पुष्टि की।
आरोपी की पहचान आजाद नगर निवासी अकील के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ पहले भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है।
सुरक्षा में बड़ी चूक, बढ़ाई गई तैनाती
घटना के बाद होटल और स्टेडियम के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अधिकारियों ने माना कि यह इंटेलिजेंस और सुरक्षा व्यवस्था की चूक थी, क्योंकि विदेशी खिलाड़ियों के ठहराव वाले इलाकों में पर्याप्त सुरक्षा मौजूद नहीं थी। इस मामले की जानकारी क्रिकेट बोर्ड और प्रशासन को भी दे दी गई है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि विदेशी खिलाड़ियों की सुरक्षा में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
यह दशक मोदी का है, नीतीश कुमार के लिए करूंगा प्रचार', चंद्रबाबू नायडू
चंद्रबाबू नायडू ने वर्तमान दशक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दशक बताते हुए बिहार विधानसभा चुनावों में राजग की जीत का विश्वास व्यक्त किया।
नई दिल्ली।चंद्रबाबू नायडू ने वर्तमान दशक को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दशक बताते हुए बिहार विधानसभा चुनावों में राजग की जीत का विश्वास व्यक्त किया। नायडू ने पुष्टि की कि वह नीतीश कुमार के लिए बिहार में प्रचार करेंगे, केंद्र सरकार को "प्रगतिशील" और आम आदमी के हित में सुधार लाने वाली बताया।
अगर कभी राजनीतिक जिम्नास्टिक का कोई पुरस्कार होता, तो निःसंदेह नीतीश कुमार स्वर्ण पदक की दौड़ में होते और चंद्रबाबू नायडू पोडियम फिनिश के लिए प्रतिस्पर्धा करते। नरेंद्र मोदी के कट्टर विरोधियों से लेकर उनके वफादार सहयोगियों तक, दोनों मुख्यमंत्रियों का रूपांतरण लगभग पूरा हो चुका है। जिस तरह से जनता दल (यूनाइटेड) और तेलुगु देशम पार्टी संसद में वक्फ संशोधन विधेयक के समर्थन में खड़ी हुईं, वह इस बात का और सबूत है कि पिछले दस महीनों में पासा कितनी तेज़ी से पलटा है। जून 2024 में त्रिशंकु संसद के फैसले के बाद फैसले लेने की स्थिति में होने से, नीतीश और नायडू दोनों ने अब चुपचाप भाजपा की प्रमुख स्थिति को स्वीकार कर लिया है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू मौजूदा दशक को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दशक बताते हुए कहा कि उन्हें आगामी बिहार विधानसभा चुनावों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की जीत पर पूरा विश्वास है। नायडू ने यह भी कहा कि वह बिहार में राजग उम्मीदवारों के लिए प्रचार करेंगे। ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए एक विशेष साक्षात्कार के दौरान नायडू ने केंद्र की राजग सरकार को “प्रगतिशील” बताया और कहा कि यह आम आदमी के हित के लिए कई सुधार ला रही है। उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश में तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के नेतृत्व वाली राजग सरकार ने एक वर्ष के अंदर ही “सुपर सिक्स” चुनावी वादों को सफलतापूर्वक पूरा कर दिया है।
नायडू ने कहा कि आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील के प्रस्तावित 7.3 मिलियन टन प्रति वर्ष (प्रारंभिक क्षमता) वाले इस्पात संयंत्र की आधारशिला अगले महीने आंध्र प्रदेश में रखी जाएगी। उन्होंने कहा, “भारत में बहुत ही दिलचस्प चीजें हो रही हैं। हमारे माननीय प्रधानमंत्री सालों से राजनीति में हैं। वह हमेशा चुनाव जीतते रहे हैं। पहले वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। 2014 से अब तक, यानी 11 वर्षों से वह प्रधानमंत्री हैं। अब और चार वर्ष तक वह रहेंगे।”
नायडू ने कहा, “यह दशक नरेन्द्र मोदी का है। और जब यह दशक नरेंद्र मोदी जी का है, तो स्वाभाविक रूप से यह भारतीयों का भी है।” नायडू ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सत्तारूढ़ राजग अगले महीने होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करेगा। यह पूछे जाने पर कि क्या वह बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के लिए प्रचार करेंगे, तो उन्होंने उत्तर दिया, “हां। जब भी राजग मुझे बुलाएगा, मैं जाने और उनके साथ काम करने के लिए तैयार हूं।”
हाल ही में जीएसटी दरों में युक्तिसंगत बनाए जाने को “सभी के लिए लाभदायक” बताते हुए नायडू ने कहा कि इससे उपभोक्ताओं की “काफी बचत” हो रही है और एमएसएमई क्षेत्र तथा अन्य व्यापारी भी खुश हैं। उन्होंने कहा, “यह सभी के लिए फायदेमंद है। कम कर, अधिक लाभ। राजग सरकार हमेशा एक प्रगतिशील सरकार है। वह आम आदमी के लाभ के लिए कई सुधार ला रही है। आम आदमी को सशक्त बनाना ही सरकार का मुख्य उद्देश्य है।”तेदेपा प्रमुख ने कहा कि किसी भी देश की प्रति व्यक्ति आय में उस देश में बसे भारतीयों का बड़ा योगदान होता है।