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शुभांशु शुक्ला भारत लौटे, दिल्ली एअरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत
नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का रविवार तड़के दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जोरदार स्वागत हुआ। उनके आगमन के बाद लोकसभा में भारत की अंतरिक्ष यात्रा और शुक्ला के ऐतिहासिक मिशन पर विशेष चर्चा होगी।
लोकसभा में होने वाली बहस का विषय है – तरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) पर भारत का पहला अंतरिक्ष यात्री – विकसित भारत 2047 के लिए अंतरिक्ष कार्यक्रम की भूमिका। माना जा रहा है कि यह चर्चा संसद में जारी गतिरोध को खत्म कर सकती है और भारत की नई उपलब्धि को सम्मान देगी।
शुक्ला जून-जुलाई में दो सप्ताह के अंतरिक्ष मिशन से लौटे। दिल्ली पहुंचने पर उनका स्वागत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह और बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने किया।
यह चर्चा विपक्ष द्वारा मतदाता सूचियों में कथित हेराफेरी और चुनावी राज्य बिहार में मतदाता सूचियों के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे को उठाने के प्रयासों के बीच आयोजित की गई है।
जून में, शुक्ला आईएसएस के एक्सिओम-4 मिशन के तहत अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बने थे – भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद। वह 16 जुलाई को पृथ्वी पर लौटे।
यह मिशन केवल भारत ही नहीं, बल्कि पोलैंड और हंगरी के लिए भी चार दशक बाद मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम में वापसी का प्रतीक रहा। शुक्ला ने इसरो (भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन) का प्रतिनिधित्व किया और उनका यह अनुभव भविष्य के गगनयान मिशन और भारत के अपने अंतरिक्ष स्टेशन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्ला की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि मुझे विश्वास है कि शुभांशु शुक्ला की अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक की अंतरिक्ष यात्रा ने एक पूरी पीढ़ी को बड़े सपने देखने के लिए प्रेरित किया है। यह भारत के आगामी मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम, 'गगनयान' के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।
अंतरिक्ष विभाग ने शुक्ला के मिशन को रणनीतिक दृष्टि से बेहद अहम बताया है और कहा कि यह भारत की मानव अंतरिक्ष यात्रा में गंभीर दावेदारी का प्रमाण है।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर उन्हें बधाई देते हुए कहा कि देश का हर नागरिक अंतरिक्ष क्षेत्र की इस प्रगति से गौरवान्वित है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब आत्मनिर्भर गगनयान मिशन और अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
अपना दल (एस) ने इंदौर कार्यालय पर धूमधाम से मनाया 79वां स्वतंत्रता दिवस
पिछड़ा, दलित, आदिवासी उत्थान के लिए सतत प्रयासरत रहने का लिया संकल्प
अमेरिका और भारत के बीच संबंध अच्छे : टैमी ब्रूस
न्यूयॉर्क। अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा है कि अमेरिका और भारत के बीच संबंध अच्छे हैं। उन्होंने पाकिस्तान के प्रति वाशिंगटन की बढ़ती दिलचस्पी का बचाव किया और कहा कि एक ऐसा राष्ट्रपति होना, जो सभी से संवाद करता है, यह फायदेमंद है। विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस से मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पत्रकार ने पूछा कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख असीम मुनीर से संवाद भारत के साथ रिश्तों की कीमत पर हो रहा है, इस पर उन्होंने जवाब दिया, दोनों देशों के साथ हमारे संबंध जैसे पहले थे, वैसे ही हैं, जो अच्छा है।
उन्होंने पाकिस्तान के प्रति डोनाल्ड ट्रंप की कूटनीति का बचाव करते हुए कहा, ऐसा राष्ट्रपति होना फायदेमंद है जो सबको जानता हो और सभी से बात करता हो। यही तरीका है जिससे हम मतभेदों को दूर कर सकते हैं। इसलिए यह स्पष्ट है कि यहां के राजनयिक दोनों देशों के प्रति प्रतिबद्ध हैं। जब रिपोर्टर ने यह पूछा कि क्या डोनाल्ड ट्रंप और असीम मुनीर के बीच बढ़ती नजदीकी पाकिस्तान को अधिक अमेरिकी सहायता और हथियारों की बिक्री में बढ़ोतरी की ओर ले जाएगी, तो टैमी ब्रूस ने इस पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया। हालांकि, उन्होंने इस्लामाबाद में हुई अमेरिका-पाकिस्तान आतंकवाद विरोधी वार्ता का जिक्र किया और कहा, अमेरिका और पाकिस्तान ने आतंकवाद के सभी रूपों से लड़ने के अपने साझा संकल्प की फिर से पुष्टि की।
प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने आगे कहा, दोनों पक्षों ने आतंकवादी खतरों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। मुझे लगता है कि यह क्षेत्र और दुनिया के लिए अच्छा है। डोनाल्ड ट्रंप ने इसी साल जून में व्हाइट हाउस में असीम मुनीर के साथ एक लंच मीटिंग की मेजबानी की थी। उन्होंने कहा था, वह मुनीर को युद्ध में न जाने और उसे समाप्त करने के लिए धन्यवाद देना चाहते हैं।
पाकिस्तानी सेना प्रमुख मुनीर पिछले हफ्ते फिर अमेरिका गए थे। वह फ्लोरिडा के टैम्पा में आयोजित अमेरिका की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के कमांडर जनरल माइकल कुरिल्ला के विदाई समारोह में शामिल हुए। मुनीर ने इस दौरान माइकल कुरिल्ला के उत्तराधिकारी एडमिरल ब्रैड कूपर का स्वागत किया था। सेंटकॉम मध्य और पश्चिम एशिया के अलावा पाकिस्तान को भी कवर करता है।
किम ने रूस के लिए पूर्ण समर्थन जताया
सियोल । उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत में रूस को पूरा समर्थन देने की बात कही है। यह जानकारी उत्तर कोरिया के सरकारी मीडिया ने दी। यह बातचीत उस समय हुई, जब शुक्रवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पुतिन की अलास्का में मुलाकात तय है, जिसमें यूक्रेन युद्ध को रोकने पर चर्चा होगी।
कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी (केसीएनए) के मुताबिक, यह पहली बार है जब उत्तर कोरिया ने अपने नेता की किसी विदेशी नेता से फोन पर हुई बातचीत की जानकारी सार्वजनिक की है। किम ने कहा कि उनका देश हमेशा रूस के साथ हुए रक्षा समझौते की भावना के प्रति वफादार रहेगा और भविष्य में रूस की सरकार द्वारा उठाए जाने वाले सभी कदमों का समर्थन करेगा। यह समझौता पिछले साल जून में हुआ था।
योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर कोरिया और रूस के नेताओं ने पिछले साल जून में प्योंगयांग में एक पारस्परिक रक्षा संधि पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके अनुसार किसी भी पक्ष पर हमला होने पर "बिना किसी देरी" के सैन्य सहायता प्रदान की जाएगी। रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन युद्ध में उत्तर कोरियाई सैनिकों के साहस और बलिदान की तारीफ की। उन्होंने खासकर रूस के हिस्से कुर्स्क को "मुक्त" कराने में कोरियाई पीपुल्स आर्मी के योगदान की सराहना की।
रूसी मीडिया के अनुसार, पुतिन ने किम को ट्रंप के साथ होने वाली अपनी आने वाली बैठक के बारे में भी बताया, लेकिन केसीएनए ने इस तरह के विवरण की जानकारी नहीं दी। केसीएनए ने कहा कि पुतिन ने 15 अगस्त को उत्तर कोरिया की आगामी 80वीं मुक्ति वर्षगांठ पर उसे बधाई दी, जो 1910-45 के जापान के औपनिवेशिक शासन से कोरिया की मुक्ति का प्रतीक है। दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग और बढ़ाने पर सहमति जताई और भविष्य में अधिक संपर्क बनाए रखने की बात कही।
उत्तर कोरिया पहले ही रूस को सैनिक और हथियार भेज चुका है। रूसी मीडिया ने बताया कि उत्तर कोरिया कुर्स्क में पुनर्निर्माण के लिए 5,000 सैन्य निर्माणकर्मी और 1,000 सैपर भेजेगा।
कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया के सचिव चुने गए बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी
नई दिल्ली। कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया (सीसीआई) के सचिव पद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के सांसद राजीव प्रताप रूडी ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की। उन्होंने अपने ही पार्टी के सहयोगी संजीव बालियान को इस चुनाव में हराया। जीत के बाद उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि सभी लोगों ने दो दशक के प्रयासों पर बड़ी मोहर लगाई।
सीसीआई के सचिव पर चुनाव में जीत के बाद भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूडी ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा, चुनाव के वक्त जो चीजें बोली गईं, मुझे लगता है कि उसमें से कई सारे तथ्य सही नहीं हैं। मैं उस पर बाद में अपनी टिप्पणी दूंगा, लेकिन वर्तमान में, यह सच है कि हमारी टीम की बड़ी जीत हुई है। सांसदों ने, जो पूर्व सांसद हों या वर्तमान सांसद हों, सभी लोगों ने दो दशक के प्रयासों पर बड़ी मोहर लगाई।
रूडी के सीसीआई चुनाव जीतने पर उनकी पत्नी नीलम प्रताप सिंह ने खुशी जताई। उन्होंने कहा, दिल्ली में, विशेष रूप से सांसदों के लिए, इतना प्रमुख स्थान स्थापित करना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। जहां तक मुझे पता है, यह क्लब किसी एक पार्टी का नहीं है; यह सर्वदलीय है। सीसीआई चुनाव के नतीजों पर भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा, जब गुप्त मतदान होता है तो कोई किसी को नहीं बता सकता कि किसने किसे वोट दिया। वोट देने वाले ही सिर्फ बता सकते हैं। सभी ने कॉन्स्टिट्यूशन क्लब के सुचारू संचालन को ध्यान में रखते हुए वोट दिया। यह चुनाव किसी पार्टी के नाम पर नहीं लड़ा गया था और न ही कोई विवाद हुआ।
उल्लेखनीय है कि चुनाव में कुल 707 वोट पड़े, जो कथित तौर पर सीसीआई चुनावों में अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है। सचिव (प्रशासन) पद के अलावा, अन्य प्रमुख पद निर्विरोध भरे गए। डीएमके सांसद पी. विल्सन सचिव (कोषाध्यक्ष) चुने गए, कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला सचिव (खेल) चुने गए, और विरोधी उम्मीदवारों के नाम वापस लेने के बाद डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने सचिव (संस्कृति) का पद हासिल किया।
भारत-यूके सीईटीए से भारत के खनिज क्षेत्र को होगा लाभ
नई दिल्ली । खान मंत्रालय के अनुसार, भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौता (सीईटीए) घरेलू खनिज क्षेत्र के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। खान मंत्रालय के सचिव वी.एल. कांता राव ने एफटीए भागीदार देश में बेहतर बाजार पहुंच और प्रतिस्पर्धात्मकता के संदर्भ में भारतीय खनिज क्षेत्र, विशेष रूप से एल्युमीनियम उद्योग के लिए अवसरों पर प्रकाश डाला।
सीईटीए प्रावधानों का बेहतर उपयोग करने के लिए उन्होंने रोड शो के माध्यम से ब्रिटेन में उत्पाद की मांग को समझने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने दोनों देशों के बीच आरएंडडी सहयोग के अवसरों का भी उल्लेख किया। खान मंत्रालय ने भारत-ब्रिटेन सीईटीए से उत्पन्न होने वाले संभावित लाभों और अवसरों पर चर्चा करने हेतु भारतीय खनिज उद्योग को एक साथ लाने के उद्देश्य से एक वेबिनार का आयोजन किया। इस वेबिनार में उद्योग जगत के 230 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए।
एल्यूमीनियम एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से वेदांता समूह के सीईओ (एल्यूमीनियम) राजीव कुमार ने भारत-यूके सीईटीए के बाद भारतीय एल्यूमीनियम उद्योग के लिए अवसरों पर एक प्रस्तुति दी। नाल्को के सीएमडी बी.पी. सिंह, बाल्को के सीईओ राजेश कुमार, एफआईएमआई के डीजी बी.के. भाटिया और हिंडाल्को, एएसएमए तथा एमआरएआई के अन्य उद्योगपतियों ने अपने वक्तव्यों में इस व्यापार समझौते का स्वागत किया और उन तरीकों पर प्रकाश डाला, जिनसे भारतीय खनिज उद्योग, विशेष रूप से प्राथमिक और माध्यमिक एल्यूमीनियम क्षेत्र, यूके के बाजार में गति प्राप्त कर सकता है।
जेएनएआरडीडीसी के निदेशक डॉ. अनुपम अग्निहोत्री ने इस बारे में जानकारी साझा की कि अनुसंधान एवं विकास में संस्थागत सहयोग को कैसे आगे बढ़ाया जा सकता है। भारत-यूके समझौते के तहत, भारत 90 प्रतिशत ब्रिटिश उत्पादों पर शुल्क में कटौती करेगा, जबकि यूके 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात पर शुल्क कम करेगा।
विभिन्न क्षेत्रों में टैरिफ लाइनों और नियामक बाधाओं में इस महत्वपूर्ण ढील का उद्देश्य बाजार तक पहुंच बढ़ाना और दोनों पक्षों के व्यवसायों की लागत कम करना है। भारतीय उपभोक्ताओं के लिए इस समझौते से स्कॉच व्हिस्की, जिन, लग्जरी कार, सौंदर्य प्रसाधनों और चिकित्सा उपकरणों जैसी आयातित वस्तुओं की कीमतें कम होंगी।
भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से कपड़ा और चमड़ा क्षेत्र के निर्यातकों को शून्य शुल्क से लाभ होगा, जिससे बांग्लादेश और कंबोडिया जैसे देशों के मुकाबले उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। यह समझौता यह भी सुनिश्चित करता है कि भारतीय कृषि निर्यात को जर्मनी जैसे प्रमुख यूरोपीय निर्यातकों के साथ टैरिफ समानता प्राप्त हो, जिससे भारतीय किसानों को काफी लाभ होने की उम्मीद है।
गरीबों के अधिकार हनन पर विपक्ष जरूर उठाएगा आवाज : पप्पू यादव
नई दिल्ली । बिहार के पूर्णिया लोकसभा सीट से सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने विपक्ष की भूमिका पर कहा कि विपक्ष का कर्तव्य गरीबों के अधिकारों की रक्षा, संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की सुरक्षा, और गलत परंपराओं के खिलाफ आवाज उठाना है।
सांसद पप्पू यादव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उनके आचरण और विचारों में राजनीति नहीं, बल्कि जिम्मेदारी दिखती है, जो हर मुद्दे, चाहे किसान, यूपीएससी, बीपीएससी, या सामाजिक-सरकारी मामले में उनकी सक्रियता से झलकती है।
उन्होंने कहा कि आजकल लोग ट्वीट और घटनाओं का इस्तेमाल सियासी फायदे के लिए करते हैं। राहुल गांधी देश की भलाई के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बिहार में राहुल गांधी की एसआईआर पर होने वाली यात्रा पर उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा और उनके नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि राहुल गांधी मणिपुर से गुजरात और कश्मीर से कन्याकुमारी तक अनवरत देश की यात्रा कर रहे हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा सरकार और जनता के बीच दूरी बढ़ गई है, और राहुल गांधी जैसे नेता सच्चाई और संघर्ष के रास्ते पर चलकर देश की संस्थाओं और व्यवस्था को संकट से बचाने के लिए प्रयासरत हैं। सांसद ने दावा किया कि एसआईआर के जरिए बिहार के लोगों पर हमला हुआ है, ऐसे में राहुल गांधी तो यात्रा निकालेंगे।
पप्पू यादव ने आगे वोट चोरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को जोर-शोर से उठा रहा है। राहुल गांधी देश की जनता के लिए लड़ रहे हैं और उनका लक्ष्य 140 करोड़ भारतीयों का कल्याण और भाजपा को सत्ता से हटाना है। उन्होंने महागठबंधन के एकजुट होने की बात भी कही।
पप्पू यादव ने महागठबंधन की एकता पर जोर देते हुए कहा कि राहुल गांधी की यात्रा को बार्गेनिंग से जोड़ना गलत है। उन्होंने राहुल गांधी के आचरण और नीतियों की प्रशंसा की और कांग्रेस को समुद्र की तरह विशाल बताया, जिसमें सभी नदियां समा जाती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी से सौदेबाजी की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि उनका लक्ष्य भाजपा की नकारात्मक राजनीति के खिलाफ लड़ाई है।
अमित शाह ने घर पर फहराया राष्ट्रीय ध्वज
नई दिल्ली । केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत नई दिल्ली स्थित अपने आवास पर राष्ट्रीय ध्वज लगाया है। 15 अगस्त के मद्देनजर भारत सरकार ने देशभर में 'हर घर तिरंगा' अभियान की शुरुआत की है, जिसमें लोग बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। अमित शाह ने कहा कि 'हर घर तिरंगा' अभियान देश को एकता के सूत्र में पिरोने और राष्ट्रप्रेम की भावना को और भी प्रबल बनाने वाला जन-अभियान बन गया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पत्नी के साथ अपने आवास की छत पर तिरंगा झंडा लगाया। अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की तस्वीरें भी साझा की हैं। शाह ने लिखा, आज हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत अपने आवास पर तिरंगा फहराया। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ ‘हर घर तिरंगा’ अभियान आज देश को एकता के सूत्र में पिरोने और राष्ट्रप्रेम की भावना को और भी प्रबल बनाने वाला जन-अभियान बन गया है।
यह अभियान दर्शाता है कि असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने त्याग, तप और समर्पण से जिस आजाद भारत का सपना साकार किया था, उसे विकसित और सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए 140 करोड़ देशवासी संकल्पित हैं।
देश में चल रहे 'हर घर तिरंगा' अभियान के अंतर्गत नागरिकों को 13 से 15 अगस्त के बीच अपने घरों और कार्यस्थलों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इस साल के अभियान में "स्वच्छता ही सेवा है" पहल के अंतर्गत स्वच्छता पर भी जोर दिया जा रहा है, जिससे राष्ट्रीय गौरव और नागरिक जिम्मेदारी दोनों को प्रोत्साहन मिलेगा।
रिसर्च के क्षेत्र में भारत कर रहा अरबों डॉलर का निवेश : पीएम मोदी
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी पर 18वें अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने परंपरा और इनोवेशन के संगम को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत रिसर्च के क्षेत्र में अरबों डॉलर का निवेश कर रहा है।
उन्होंने भारत के ऐतिहासिक योगदान को याद किया। 18वें अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, 64 देशों के 300 से ज्यादा सितारों से जुड़ना मेरे लिए खुशी की बात है। भारत एक ऐसा देश है जहां परंपरा और नवाचार साथ चलते हैं, जहां आध्यात्म और विज्ञान मिलते हैं और जहां जिज्ञासा रचनात्मकता से मिलती है। भारत सदियों से आकाश का अध्ययन करता रहा है और बड़े सवालों के जवाब तलाशता रहा है।
उन्होंने 5वीं शताब्दी के गणितज्ञ और खगोलशास्त्री आर्यभट्ट के काम का उल्लेख करते हुए कहा, उदाहरण के लिए, 5वीं शताब्दी में आर्यभट्ट ने 'शून्य' की खोज की थी। उन्होंने सबसे पहले कहा था कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती है। वाकई में, उन्होंने शून्य से शुरू किया और इतिहास बना दिया।
उन्होंने भारत की आधुनिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए लद्दाख में 4,500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित विश्व की सबसे ऊंची खगोलीय वेधशालाओं में से एक का जिक्र किया। उन्होंने कहा, आज हम लद्दाख में दुनिया की सबसे ऊंची खगोलीय वेधशालाओं में से एक की मेजबानी कर रहे हैं। समुद्र तल से 4,500 मीटर की ऊंचाई पर यह तारों के इतना करीब है कि मानो उनसे हाथ मिला सके। पुणे में हमारा जायंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप दुनिया के सबसे संवेदनशील टेलीस्कोपों में से एक है। यह पल्सर, क्वासर और आकाशगंगाओं के रहस्यों को समझने में हमारी मदद कर रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, भारत गर्व के साथ स्क्वायर किलोमीटर ऐरे और एलआईजीओ-भारत जैसी वैश्विक मेगा-विज्ञान परियोजनाओं में योगदान दे रहा है। दो साल पहले, हमारे चंद्रयान-3 ने इतिहास रचा। हम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफलतापूर्वक उतरने वाले पहले देश बने। हमने आदित्य-एल1 सौर वेधशाला के साथ सूर्य पर भी नजरें गड़ाई हैं, जो सौर ज्वालाओं, तूफानों और सूर्य के मिजाज पर नजर रखता है। पिछले महीने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए अपना ऐतिहासिक मिशन पूरा किया। यह सभी भारतीयों के लिए गर्व का क्षण था और आप सभी जैसे युवा खोजकर्ताओं के लिए प्रेरणादायी है।
प्रधानमंत्री मोदी देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का करेंगे भूमिपूजन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 25 अगस्त को मध्यप्रदेश आएंगे और धार जिले के बदनावर क्षेत्र में बनने वाले देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन कर प्रदेश को विकास की एक और सौगात देंगे। उन्होंने कहा कि जहां देश के दूसरे राज्य पीएम मित्रा पार्क के लिए प्रारंभिक तैयारियां ही कर रहे हैं, वहीं मप्र में 25 अगस्त को इसका भूमिपूजन भी सम्पन्न होने जा रहा है। इस सौगात के लिए हमने केंद्र सरकार से निरन्तर समन्वय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क का निर्माण पूरा होने पर सम्पूर्ण मालवा क्षेत्र के विकास को नए पंख लगेंगे।
धार जिले का यह क्षेत्र पीथमपुर की तरह अब दूसरा वृहद औद्योगिक केंद्र (इन्डस्ट्रियल हब) बनने जा रहा है। इस पार्क की स्थापना से पूरे मालवा क्षेत्र के कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा और करीब 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से स्थाई रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार जिले का बदनावर क्षेत्र इंदौर मेट्रोपॉलिटन सिटी एरिया का हिस्सा भी बनेगा। इससे इस क्षेत्र को मेट्रोपॉलिटन एरिया की सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा। यहां अपना उद्योग स्थापित करने वाले सभी निवेशकों, उद्योग समूहों और कम्पनियों को फोर लेन रोड, रेल और एयर कनेक्टिविटी सुविधा भी उपलब्ध कराई जायेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार रात्रि को वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए कमिश्नर इंदौर और कलेक्टर धार से प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा पीएम मित्रा पार्क के भूमिपूजन कार्यक्रम के लिए धार आगमन एवं जनसभा से जुड़ी सभी तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। पीएम मित्रा पार्क का निर्माण इस क्षेत्र के किसानों और श्रमिकों की जिंदगी बदलने का अवसर है। कार्यक्रम में क्षेत्रीय किसानों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। विभिन्न जिलों से कार्यक्रम में आने वाले प्रतिभागियों को बिना किसी बाधा के सभा स्थल तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रबंध किए जाएं। जनसभा स्थल पर बनाए गए वाटर प्रूफ डोम में व्हीव्हीआईपी के लिए मंच, डायस प्लान, प्रतिभागियों की बैठक, पेयजल आपूर्ति से लेकर सभी के प्रस्थान होने तक की सभी व्यवस्थाओं के नियोजन और प्रबंधन में कोई कमी न रहे। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों का सभी ओर से आगमन होगा। इसलिए सहज पहुंच मार्ग पर विशेष फोकस करें। वैकल्पिक मार्ग भी देख लें। मार्गों की आवश्यकतानुसार मरम्मत आदि भी करा लें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूरे कार्यक्रम की माइक्रो प्लानिंग कर लें। भूमिपूजन कार्यक्रम एवं जनसभा आयोजन का मीडिया के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं। यहां रोजगार आधारित उद्योगों की स्थापना से क्षेत्र को मिलने वाले लाभों के बारे में नागरिकों को तथ्यपरक जानकारियां उपलब्ध कराएं। मुख्यमंत्री ने इंदौर और उज्जैन संभाग के कमिश्नर्स एवं सभी कलेक्टर्स को आपसी समन्वय और योजनाबद्ध रूप से काम कर भूमिपूजन कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स से कहा कि पीएम मित्रा पार्क बनने पर बड़ी तादाद में कुशल श्रमशक्ति की आवश्यकता होगी। इसलिए मालवा क्षेत्र के सभी जिलों में कारीगरों/बुनकरों के लिए ट्रेनिंग इन्स्टीट्यूट या स्किल डेवलपमेंट सेंटर प्रारंभ कराने के लिए अभी से प्रयास करें। पार्क में काम करने के लिए भारी संख्या में आने वाली श्रमशक्ति के आवास-निवास के लिए भी अभी से काम प्रारंभ करें। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र की चारों दिशाओं से कनेक्टिविटी बढ़ाने के प्रयास करें। बदनावर से थांदला रोड एनएचएआई द्वारा मंजूर कर ली गई है। इस रोड से पार्क एरिया को सीधी कनेक्टिविटी मिल जायेगी। पीएम मित्रा पार्क क्षेत्र से उज्जैन में बनने वाले एयरपोर्ट की दूरी मात्र 70 किमी है। इस क्षेत्र को इंदौर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी कनेक्टिविटी मिलेगी। वर्तमान में रतलाम से भी रोड कनेक्टिविटी उपलब्ध है। भूमिपूजन कार्यक्रम के लिए सीमावर्ती जिलों से समन्वय किया जा रहा है।
बैठक में अपर मुख्य सचिव गृह श्री जेएन कंसोटिया, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री श्री नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव श्री संजय कुमार शुक्ल, पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना, सचिव एवं आयुक्त जनसम्पर्क डॉ. सुदाम खाड़े सहित आयोजन से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
पीएम मित्रा पार्क - देश का अगला टेक्सटाईल हब
धार में स्थापित होने वाला पीएम मेगा इंटीग्रेटेड टैक्सटाइल रीजन एंड अपैरल (PM MITRA) पार्क, भारत को वैश्विक वस्त्र महाशक्ति बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण आधार बनने जा रहा है। करीब 2,158 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैला और 2,000 करोड़ रुपए से अधिक लागत वाला यह पार्क अत्याधुनिक अधोसंरचना, सतत् विकास और रणनीतिक नीति समर्थन के माध्यम से टेक्सटाइल हब बनने की ओर अग्रसर है। "फार्म से फाइबर से फैक्ट्री से फैशन से फॉरेन" की दूरदर्शी 5F (फाईव एफ) की अवधारणा पर आधारित यह पार्क लगभग तीन लाख रोजगार का सृजन करेगा, जिनमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार होंगे। पीएम मित्रा पार्क को राज्य प्राधिकरण द्वारा ग्रीनफील्ड परियोजना के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसमें स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज, जलापूर्ति प्रणाली, अपशिष्ट प्रबंधन और सीवेज संग्रह, 220 केवीए सब-स्टेशन, SCADA-नियंत्रित यूटिलिटीज़ और सुव्यवस्थित स्ट्रीट लाइटिंग और सुविधाएं जैसी आधुनिक ट्रंक अवसंरचना भी शामिल हैं। मजबूत सहायक अधोसंरचना में 20 एमएलडी की कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी), श्रमिकों और महिला कर्मचारियों के लिए आवास, 10 एमवीए सौर ऊर्जा संयंत्र और 95,750 वर्गमीटर क्षेत्र में फैली 81 प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स शामिल हैं। इसके अलावा दो केंद्रीकृत स्टीम बॉयलर और पाइपलाइन नेटवर्क भी उद्योग इकाइयों में होंगे।
पार्क की वर्तमान प्रगति
राज्य सरकार और भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर के साथ "पीएम मित्रा पार्क मध्यप्रदेश लिमिटेड" नामक विशेष प्रयोजन वाहन (एसपीवी) का गठन किया गया। पार्क में निवेश के लिए 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक के इंटेंशन-टू-इन्वेस्ट प्राप्त हो चुके हैं। साथ ही, इंडियन कॉटन फेडरेशन, साउदर्न इंडिया मिल्स एसोसिएशन, तिरुपुर एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन और टैक्सटाइल मर्चेंट एसोसिएशन, दुबई जैसी प्रमुख औद्योगिक संस्थाओं के साथ भी एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे पार्क के इकोसिस्टम को बढ़ावा दिया जा सके। यहां निर्माण गतिविधियां तेजी से चल रही हैं, जहां 60 प्रतिशत साइट लेवलिंग और पार्क के मुख्य द्वार का निर्माण पूरा हो चुका है। राज्य राजमार्ग-18 से करीब 1.4 किमी लंबी छह लेन की सम्पर्क सड़क, बदनावर से 220 के.व्ही. की पावर लाइन और माही डैम से 20 एमएलडी जलापूर्ति योजना जैसी प्रमुख बाहरी परियोजनाएं भी प्रगति पर हैं। पार्क को "ग्रीन रेटिंग" प्राप्त करने के लिए इंडियन ग्रीन बिल्डिंग कॉउंसिल के साथ परामर्श भी किया जा रहा है।
SIA ने यासीन मलिक के आवास सहित 8 ठिकानों पर की छापेमारी
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में राज्य जांच एजेंसी (SIA) ने मंगलवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए श्रीनगर के आठ ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। इनमें जेल में बंद जेकेएलएफ प्रमुख यासीन मलिक का आवास भी शामिल है। कार्रवाई 1990 में कश्मीरी पंडित महिला सरला भट के अपहरण और हत्या से जुड़े मामले में की जा रही है।
पुलिस और सीआरपीएफ की मौजूदगी में SIA की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह मामला अप्रैल 1990 का है, जब अनंतनाग की 27 वर्षीय नर्स सरला भट का आतंकवादियों ने अपहरण कर बेरहमी से हत्या कर दी थी। सरला श्रीनगर के सौरा स्थित शेर-ए-कश्मीर आयुर्विज्ञान संस्थान (SKIMS) में कार्यरत थीं।
14 अप्रैल 1990 को जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) से जुड़े आतंकवादियों ने SKIMS के हब्बा खातून छात्रावास से सरला भट का अपहरण किया था। यह घटना कश्मीर में उग्रवाद के चरम दौर में हुई थी और तब से मामला लंबित है।
संस्कृति मंत्रालय ने आजादी का अमृत महोत्सव के तहत 'हर घर तिरंगा' अभियान के चौथे संस्करण की घोषणा की
दिल्ली। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने गर्व के साथ "आजादी का अमृत महोत्सव" के अंतर्गत शुरू किए गए "हर घर तिरंगा" अभियान के चौथे संस्करण की घोषणा की है। इस अभियान का उद्देश्य देशभर के नागरिकों को प्रेरित करना है कि वे भारतीय राष्ट्रीय ध्वज — तिरंगे — को अपने घर और दिल में स्थान दें।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, "इस वर्ष हम तिरंगा अभियान का चौथा संस्करण मनाने जा रहे हैं, जिसके लिए 5 लाख से ज़्यादा युवाओं ने स्वयंसेवक के रूप में पंजीकरण कराया है। ये युवा लोगों को तिरंगा अभियान के लिए प्रेरित करेंगे।"
आज यहाँ एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, श्री शेखावत ने कहा, "हर घर तिरंगा एक अभियान से कहीं बढ़कर है - यह एक भावनात्मक आंदोलन है जो 1.4 अरब भारतीयों को हमारे राष्ट्रीय ध्वज के शाश्वत रंगों के तले एकजुट करता है। इसका उद्देश्य देशभक्ति को जगाना, नागरिक गौरव को बढ़ावा देना और हमारे लोकतंत्र एवं स्वतंत्रता के जीवंत प्रतीक के रूप में तिरंगे के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाना है।"
इस अवसर पर, संस्कृति मंत्रालय के सचिव विवेक अग्रवाल ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से तिरंगा अभियान का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। गृह मंत्रालय के अपर सचिव श्री अभिजीत सिन्हा और जल शक्ति मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार श्री समीर कुमार ने अपने-अपने मंत्रालयों द्वारा आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रमों का विवरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर संस्कृति मंत्रालय के केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
नागरिकों और राष्ट्रीय ध्वज के बीच के रिश्ते को औपचारिक और संस्थागत संबंध से गहरे व्यक्तिगत बंधन में बदलने के लिए संकल्पित, हर घर तिरंगा प्रत्येक भारतीय को भारत की स्वतंत्रता के उत्सव को चिह्नित करते हुए गर्व और सम्मान के साथ तिरंगा फहराने के लिए प्रोत्साहित करता है।
इस पहल का गहरा प्रतीकात्मक महत्व है—तिरंगा घर लाना न केवल व्यक्तिगत जुड़ाव की अभिव्यक्ति है, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता की भी पुष्टि है। यह हमारी आज़ादी के लिए किए गए बलिदानों की याद दिलाता है और एकता, अखंडता और प्रगति के मूल्यों को बनाए रखने की प्रतिज्ञा भी है।
संस्कृति मंत्रालय इस अभियान का नोडल मंत्रालय है और व्यापक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, शैक्षणिक संस्थानों, सामुदायिक संगठनों और आम जनता के साथ मिलकर काम कर रहा है। नागरिकों को अपने घरों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर तिरंगा फहराने और हैशटैग #HarGharTiranga का उपयोग करके सोशल मीडिया पर तस्वीरों और कहानियों के माध्यम से अपने उत्सवों को साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
पिछले तीन वर्षों में उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ, हर घर तिरंगा एक जन आंदोलन बन गया है - जिसने स्वतंत्रता दिवस को विविधता में एकता के एक जीवंत, राष्ट्रव्यापी उत्सव में बदल दिया है। 2025 का संस्करण हमारी राष्ट्रीय भावना और गौरव को पुष्ट करते हुए और भी अधिक ऊँचाइयों तक पहुँचने का लक्ष्य रखता है।
पर्यटन में सेवा प्रदाताओं के लिए छत्तीसगढ़ के 770 युवाओं को मिला ट्रेनिंग
दिल्ली/रायपुर । पर्यटन क्षेत्र में सेवा प्रदाताओं के लिए क्षमता निर्माण यानी सीबीएसपी योजना में छत्तीसगढ़ में अब तक 770 व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया गया है।
समूचे देश में 5.54 लाख व्यक्तियों को प्रशिक्षण दिया गया है। रायपुर के भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल के सवाल पर केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने सोमवार को लोकसभा में यह जानकारी दी।
रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत से यह जानना चाहा था कि सरकार द्वारा शुरू की गई सेवा प्रदाताओं के लिए क्षमता निर्माण मतलब सीबीएसपी योजना का अल्पकालिक कौशल प्रमाणन प्रशिक्षण कार्यक्रम सहित इस मसले पर अन्य कार्य प्रक्रिया का ब्यौरा क्या है, और इस योजना के अंतर्गत इसकी शुरुआत से अब तक प्रशिक्षित व्यक्तियों की छत्तीसगढ़ सहित समूचे देश में जिलावार संख्या कितनी है। उन्होंने उक्त योजना के अंतर्गत पिछले 5 वर्षों के दौरान स्वीकृत और जारी की गई निधि का भी विवरण पूछा।
केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि पर्यटन मंत्रालय सेवा प्रदाताओं के लिए क्षमता निर्माण सीबीएसपी नामक अपनी योजना के अंतर्गत सरकारी और सूचीबद्ध निजी संस्थाओं के माध्यम से अतिथि और पर्यटन से संबंधित अल्पकालिक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करता है।
इन कार्यक्रमों में हुनर से रोजगार तक उद्यमिता कार्यक्रम कौशल प्रशिक्षण एवं प्रमाणन, पर्यटन जागरूकता कार्यक्रम आदि शामिल है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन प्रशिक्षकों के लिए देश में 2019-20 से 2023 24 तक कुल 106. 26 करोड रुपए स्वीकृत और जारी किए गए हैं। वर्ष 2023 24 में छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न भागों में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कुल 153 सरकारी और निजी एजेंसियों का चयन किया गया है।
इन प्रशिक्षकों के परिणाम स्वरुप प्लेसमेंट, स्वरोजगार उद्यमिता के साथ-साथ कई प्रशिक्षु डिप्लोमा और डिग्री जैसे उच्च शिक्षा के विकल्प भी चुन रहे हैं।
इसकी शुरुआत से अब तक 59210 लोगों को प्लेसमेंट मिल चुका है। देश के ग्रामीण क्षेत्रों सहित विविध समूह के उम्मीदवारों के लिए नियमित रूप से अतिथि और पर्यटन कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहे हैं।
भारतीय नौसेना अग्रिम पंक्ति के स्टील्थ फ्रिगेट उदयगिरि और हिमगिरि को नौसेना में शामिल करने के लिए तैयार
दिल्ली। भारतीय नौसेना 26 अगस्त 2025 को दो अत्याधुनिक फ्रंटलाइन फ्रिगेट, उदयगिरि (एफ35) और हिमगिरि (एफ34) को एक साथ नौसेना में शामिल करने की तैयारी कर रही है।
ऐसा पहली बार होगा, जब दो प्रतिष्ठित भारतीय शिपयार्डों के, दो प्रमुख सतही लड़ाकू जहाजों को, एक ही समय में विशाखापत्तनम में नौसेना में शामिल किया जा रहा है।
यह आयोजन भारत के तेजी से होते नौसैनिक आधुनिकीकरण और कई शिपयार्डों से परिष्कृत युद्धपोतों की आपूर्ति करने की उसकी क्षमता को दर्शाता है।
यह उपलब्धि रक्षा क्षेत्र में मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत पहल की कामयाबी को दर्शाती है। प्रोजेक्ट 17ए स्टील्थ फ्रिगेट्स का दूसरा जहाज, उदयगिरि, मुंबई में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा बनाया गया है, जबकि हिमगिरि, गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई), कोलकाता द्वारा बनाए जा रहे पी17ए जहाजों में से पहला है।
भारतीय नौसेना के लिए एक और बड़ी उपलब्धि के तौर पर, उदयगिरि नौसेना के युद्धपोत डिज़ाइन ब्यूरो द्वारा डिज़ाइन किया गया 100वाँ जहाज है।
स्टेल्दी, बहुमुखी और स्वदेशी
उदयगिरि और हिमगिरि पहले के डिज़ाइनों की तुलना में एक बड़ा पीढ़ीगत बदलाव दर्शाते हैं। करीब 6,700 टन विस्थापन वाले पी17ए फ्रिगेट, अपने पूर्ववर्ती शिवालिक-श्रेणी के फ्रिगेट से करीब पाँच प्रतिशत बड़े हैं और फिर भी इनका आकार अधिक सुडौल है, और इनका रडार क्रॉस सेक्शन कम है।
ये संयुक्त डीजल या गैस (सीओडीओजी) प्रणोदन संयंत्रों द्वारा संचालित होते हैं, जिनमें डीजल इंजन और गैस टर्बाइन लगे होते हैं, जो कंट्रोलेबल-पिच प्रोपेलर चलाते हैं और एक एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म प्रबंधन प्रणाली (आईपीएमएस) के ज़रिए प्रबंधित होते हैं। हथियारों के इस समूह में सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें, 76 मिमी एमआर गन और 30 मिमी और 12.7 मिमी क्लोज-इन वेपन संयोजन सिस्टम और एंटी-सबमरीन/अंडरवाटर वेपन सिस्टम शामिल है।
दोनों जहाज 200 से ज़्यादा एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों) के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का परिणाम हैं, जो करीब 4,000 प्रत्यक्ष और 10,000 से ज़्यादा अप्रत्यक्ष रोज़गार प्रदान करते हैं।
आत्मनिर्भरता का एक गौरवमयी प्रमाण
उदयगिरि और हिमगिरि का जलावतरण, जहाज़ों के डिज़ाइन और निर्माण में आत्मनिर्भरता के प्रति नौसेना की प्रतिबद्धता को दर्शाता है और इसके बाद अन्य स्वदेशी प्लेटफ़ॉर्म, जैसे विध्वंसक आईएनएस सूरत, फ्रिगेट आईएनएस नीलगिरि, पनडुब्बी आईएनएस वाघशीर, एएसडब्ल्यू शैलो वाटर क्राफ्ट आईएनएस अर्नाला, और डाइविंग सपोर्ट वेसल आईएनएस निस्तार का भी 2025 में ही जलावतरण होना है। कठोर समुद्री परीक्षणों ने फ्रिगेट्स के पतवार, मशीनरी, अग्निशमन, क्षति नियंत्रण, नेविगेशन और संचार प्रणालियों की पुष्टि की है, जिससे यह सुनिश्चित हुआ है कि वे परिचालन तैनाती के लिए तैयार हैं।
इस तरह, विशाखापत्तनम में होने वाला आगामी समारोह एक नौसैनिक अनुष्ठान से कहीं ज्यादा होगा। यह एक मज़बूत और आत्मनिर्भर समुद्री रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र की ओर भारत की यात्रा का उत्सव होगा। जब पूरा देश इन दो जहाजों को बेड़े में शामिल होते देखेगा, तो पैग़ाम साफ होगा: भारत के महासागरों की रक्षा के लिए भारत में निर्मित, भारतीयों द्वारा डिजाइन तथा भारतीयों द्वारा संचालित जहाज तैयार हैं, जो मेक इन इंडिया पहल का सच्चा प्रतीक है और देश की बढ़ती समुद्री ताकत की झलक दिखाते है।
जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ लोकसभा में महाभियोग प्रस्ताव स्वीकार
नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए 146 सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया। अध्यक्ष ओम बिरला ने उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के खिलाफ आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय पैनल की घोषणा की।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने जानकारी देते हुए कहा, समिति के सदस्यों में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अरविंद कुमार, मद्रास उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनिंदर मोहन श्रीवास्तव और कर्नाटक उच्च न्यायालय के वरिष्ठ वकील बीवी आचार्य शामिल हैं। समिति जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। जांच समिति की रिपोर्ट प्राप्त होने तक प्रस्ताव लंबित रहेगा।
बता दें कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब 14 मार्च को जस्टिस वर्मा के नई दिल्ली स्थित आवास के बाहरी हिस्से में जले हुए नोट मिले। इस घटना ने न्यायिक हलकों में हड़कंप मचा दिया। इसके बाद जस्टिस वर्मा को दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट भेज दिया
INDIA गठबंधन ने संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक जोरदार मार्च निकाला
नई दिल्ली । SIR और कथित वोटर चोरी के मुद्दे पर सोमवार को राजधानी में सियासी घमासान देखने को मिला। INDIA गठबंधन ने संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक जोरदार मार्च निकाला। इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए।
दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, संजय राउत और सागरिका घोष सहित अन्य इंडिया ब्लॉक सांसदों को हिरासत में लिया, जो एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे और संसद से भारत के चुनाव आयोग तक मार्च निकाल रहे थे।लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा, हकीकत यह है कि वे बोल नहीं सकते। सच्चाई देश के सामने है। यह लड़ाई राजनीतिक नहीं है। यह संविधान बचाने की लड़ाई है। यह लड़ाई एक व्यक्ति, एक वोट की है। हम एक साफ़-सुथरी मतदाता सूची चाहते हैं।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, डरें हुए हैं। सरकार कायार है। दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, संजय राउत और सागरिका घोष सहित अन्य इंडिया ब्लॉक सांसदों को हिरासत में लिया, जो एसआईआर के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे और संसद से भारत के चुनाव आयोग तक मार्च निकाल रहे थे।
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पुलिस बैरिकेड के ऊपर से कूद गए क्योंकि दिल्ली पुलिस ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और 2024 के लोकसभा चुनावों के दौरान "मतदाता धोखाधड़ी" के आरोपों के विरोध में संसद से भारत के चुनाव आयोग तक मार्च कर रहे INDIA ब्लॉक नेताओं को रोक दिया।
सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा, हमारे लोकतंत्र पर सवाल उठ रहा है...उत्तर प्रदेश में 10 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए थे तो किस तरह सिर्फ वोट चोरी नहीं हुई बल्कि बूथ कैप्चरिंग भी हुई...उस समय चुनाव आयोग ने कार्रवाई क्यों नहीं की? सवाल यह भी है।
लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष का हंगामा, स्थगित करनी पड़ी सदन की कार्यवाही
नई दिल्ली। संसद में सोमवार को भी जबरदस्त हंगामा हुआ। इस हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों राज्यसभा और लोकसभा की कार्यवाही बाधित हुई। दोनों ही सदनों में विपक्ष ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। विपक्ष के कई सांसदों का कहना है कि वे बिहार में चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची के गहन रिव्यू समेत विभिन्न विषयों तुरंत चर्चा चाहते हैं।
विपक्ष ने राज्यसभा में अन्य सभी संसदीय कार्यों को रोककर सबसे पहले इन मुद्दों पर चर्चा कराने का नोटिस दिया था। विपक्षी सांसदों के इस नोटिस को अस्वीकार कर दिया गया। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। सदन में बढ़ते हंगामे को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। कुछ ऐसा ही हाल लोकसभा में भी रहा। लोक लोकसभा में भी सदन की कार्यवाही प्रारंभ होने के कुछ देर बाद ही विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर वेल में आ गए। विपक्ष के ये सांसद चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी कर रहे थे।
सदन में हो रहे हंगामे और नारेबाजी के बीच लोकसभा अध्यक्ष द्वारा बार-बार विपक्षी सांसदों से अपनी सीट पर जाकर बैठने का आग्रह किया गया। नाराज विपक्षी सांसद जब अपने स्थानों पर वापस नहीं गए तो सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। वहीं राज्यसभा में भी यही स्थिति बनी रही। राज्यसभा की कार्यवाही प्रारंभ होने के कुछ देर बाद उपसभापति हरिवंश नारायण ने बताया कि उन्हें आज यानी सोमवार को चर्चा के लिए नियम 267 के अंतर्गत 29 नोटिस मिले हैं।