देश-विदेश
इंस्टाग्राम ला रहा है ‘रील लॉक’ फीचर, अब पासवर्ड से कर सकेंगे वीडियो प्रोटेक्ट
नई दिल्ली। इंस्टाग्राम जल्द ही एक नया प्राइवेसी फीचर पेश करने वाला है, जिससे यूजर्स अपनी रील्स को पासवर्ड से लॉक कर सकेंगे। यह सुविधा खासतौर पर उन यूजर्स और ब्रांड्स के लिए फायदेमंद होगी जो अपने कंटेंट को सीमित लोगों तक ही पहुंचाना चाहते हैं।
कैसे काम करेगा फीचर?
इस फीचर के जरिए रील्स को देखने के लिए पासवर्ड डालना ज़रूरी होगा। क्रिएटर चाहें तो पासवर्ड को कैप्शन में हिंट के रूप में दे सकते हैं या सीधे सेलेक्टेड यूजर्स के साथ शेयर कर सकते हैं। इससे कंटेंट सिर्फ उन्हीं लोगों तक पहुंचेगा, जिन्हें इसकी इजाज़त दी गई है।
कहां से आया संकेत?
टेकक्रंच की रिपोर्ट के मुताबिक, इंस्टाग्राम के डिज़ाइन अकाउंट पर एक "लॉक्ड रील" पोस्ट की गई, जिसे देखने के लिए एक सीक्रेट कोड ('threads') डालना पड़ा। सही कोड डालने पर ‘Coming Soon’ का मैसेज दिखा, जिससे संकेत मिलता है कि यह फीचर जल्द आने वाला है।
यूजर्स को क्या मिलेगा फायदा?
ब्रांड्स इस फीचर का इस्तेमाल एक्सक्लूसिव लॉन्च या ऑफर्स के लिए कर सकेंगे।
यूजर्स निजी वीडियो सिर्फ फैमिली या दोस्तों तक सीमित रख पाएंगे।
क्रिएटर्स अपने फॉलोअर्स से एंगेजमेंट बढ़ाने के लिए इसे इंटरेक्टिव टूल की तरह इस्तेमाल कर सकेंगे।
कब होगा लॉन्च?
इंस्टाग्राम ने अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन टेस्टिंग संकेत दे रही है कि यह अपडेट जल्द ही सभी यूजर्स को मिल सकता है।
यह फीचर इंस्टाग्राम की ओर से प्राइवेसी और कंटेंट सिक्योरिटी के क्षेत्र में एक अहम कदम माना जा रहा है।
पीएम मोदी आज जाएंगे वाराणसी, देंगे 3884 करोड़ रुपए की सौगात
वाराणसी । पीएम मोदी की इस जनसभा में 50,000 लोग शिरकत करेंगे। इस वाराणसी यात्रा के दौरान पीएम मोदी लोगों को करोड़ों रुपए की परियोजनाओं की सौगात देंगे। पीएम मोदी को 1629.13 करोड़ रुपये की 19 परियोजनाओं का लोकार्पण करना है और 2255.05 करोड़ की 25 परियोजनाओं का शिलान्यास करना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज यानी 11अप्रैल को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर रहने वाले है। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी का वाराणसी का ये 50वां दौरा होने जा रहा है। पीएम मोदी को यहां पहुंचकर सबसे पहले सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र के मेहंदीगंज पहुंचेंगे और एक जनसभा को संबोधित करना है। पीएम मोदी की इस जनसभा में 50,000 लोग शिरकत करेंगे।
इस वाराणसी यात्रा के दौरान पीएम मोदी लोगों को करोड़ों रुपए की परियोजनाओं की सौगात देंगे। पीएम मोदी को 1629.13 करोड़ रुपये की 19 परियोजनाओं का लोकार्पण करना है और 2255.05 करोड़ की 25 परियोजनाओं का शिलान्यास करना है।
पीएम मोदी करेंगे इन परियोजनाओं का लोकार्पण
- जल जीवन मिशन के अंतर्गत 130 ग्रामीण पेयजल योजनाओं का निर्माण- 345.12 करोड़
- उमरहा से अटेसुवा तक सड़क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य (लोक निर्माण विभाग) 43.85 करोड़
- बाबतपुर से जमालापुर तक सड़क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य (लोक निर्माण विभाग) 32.73 करोड़
- वाराणसी-अदोही मार्ग से सेवापुरी ब्लाक तक सड़क मार्ग का चौड़ीकरण एवं सुदृढीकरण कार्य (लोक निर्माण विभाग) 21.98 करोड़
- रामनगर-पंचवटी तिराहा से एनएच-19 तक किला कटरिया सड़क मार्ग का सुदृढीकरण कार्य (लोक निर्माण विभाग) 5.79 करोड़
- वाराणसी पुलिस लाइन परिसर में ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण कार्य (गृह) 24.96 करोड़
- पीएसी रामनगर परिसर में सुरक्षाकर्मी बैरक का निर्माण कार्य (गृह) 10.02 करोड़
- वाराणसी नगर के 06 वार्डों का सौन्दर्गीकरण एवं पर्यटन विकास कार्य (पर्यटन) 27.33 करोड़
- वाराणसी में सामने घाट का पुनर्विकास कार्य (पर्यटन) 10.55 करोड़
- रामनगर, वाराणसी में शास्त्री घाट का पुनर्विकास कार्य (पर्यटन) 10.55 करोड़
- रोहनिया में माण्डवी तालाब का पर्यटन विकास कार्य (पर्यटन) 4.18 करोड़
- राजकीय पॉलिटेक्निक, ग्राम कुरु, पिंडरा का निर्माण कार्य (प्राविधिक शिक्षा) 10.60 करोड़
- सरदार वल्लभभाई पटेल राजकीय महाविद्यालय, ग्राम-बरकी, सेवापुरी का निर्माण कार्य (उच्च शिक्षा) 7.60 करोड़
- वाराणसी के ग्रामीण क्षेत्र में 100 आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कार्य (महिला एवं बाल विकास) 12.00 करोड़
- वाराणसी के ग्रामीण क्षेत्र में 356 पुस्तकालयों का स्थापना कार्य (बेसिक शिक्षा) 7.12 करोड़
- वाराणसी शहर में महत्वपूर्ण स्थलों पर स्कल्पचर स्थापित किये जाने का कार्य (वाराणसी विकास प्राधिकरण) 9.34 करोड़
- 400 केवी सब स्टेशन और संबंधित ट्रांसमिशन लाइनै, साहूपुरी, चंदौली (यूपीटीसीएल) 493.97 करोड़
- 400 केवी सब स्टेशन और संबंधित ट्रांसमिशन लाइनें, मछलीशहर जौनपुर (यूपीटीसीएल) 428.74 करोड़
- 400 केवी सब स्टेशन और संबंधित ट्रांसमिशन लाइन, भदौरा गाजीपुर (यूपीटीसीएल) 122.70 करोड़
श्रीनगर से फ्लाइट लेकर दिल्ली आए पायलट की मौत
नई दिल्ली। एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक पायलट की बुधवार को दिल्ली एयरपोर्ट पर प्लेन उतारने के कुछ देर बाद स्वास्थ्य कारणों से मौत हो गई। सूत्रों के मुताबिक, पायलट ने श्रीनगर से उड़ान भरी थी और दिल्ली पहुंचने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। उनकी उम्र 35 से 40 साल के बीच बताई जा रही है। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में लैंडिंग के बाद पायलट ने अस्वस्थ महसूस करने की शिकायत की, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां उनकी मृत्यु हो गई। इस दुखद घटना से एयरलाइन समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है।
‘परिवार को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं’
एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को एक बयान जारी कर कहा, ‘हमें अपने एक मूल्यवान सहयोगी को स्वास्थ्य कारणों से खोने का गहरा दुख है। हम उनके परिवार को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं और इस नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहे हैं।’ प्रवक्ता ने बयान में निजता का सम्मान करने और अटकलों से बचने की अपील की। घटना की विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं हो सकी है। एयरलाइन ने कहा कि वे संबंधित अधिकारियों के साथ उचित प्रक्रिया में सहयोग के लिए प्रतिबद्ध हैं।
कोर्ट में पहुंचा था पायलटों के आराम का मामला
इस घटना ने विमानन क्षेत्र में पायलटों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत को फिर से रेखांकित किया है। बता दें कि फरवरी में दिल्ली हाई कोर्ट ने DGCA को निर्देश दिया था कि वह सभी पायलट के लिए ड्यूटी और आराम के घंटों के संशोधित मानदंडों को एक जुलाई से चरणबद्ध तरीके से लागू करने की अपनी समयसीमा का सख्ती से पालन करे। जस्टिस तारा वितस्ता गंजू को DGCA के वकील ने सूचित किया था कि उन्होंने एक हलफनामा दायर किया है जिसमें कहा गया है कि नागरिक उड्डयन आवश्यकता (CAR) के 22 संशोधित खंडों में से 15 को एक जुलाई 2025 से लागू किया जाएगा और शेष को एक नवंबर तक लागू किया जाएगा।
बिहार में बिजली गिरने से 25 लोगों की मौत
बिहार। गुरुवार को मौसम की मार झेलने वाले 24 घंटों के भीतर 35-40 लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश, तेज़ हवाएँ, ओलावृष्टि और बिजली गिरने से व्यापक तबाही हुई। अचानक और हिंसक मौसम ने कई जिलों में दहशत और तबाही मचा दी है, जिससे संपत्ति, फसलें और पशुधन बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
बिहार में बिजली गिरने से 25 लोगों की मौत
बिहार के कई जिलों में गुरुवार को हुई घातक बिजली और ओलावृष्टि की घटनाओं में कम से कम 25 लोगों की मौत हो गई, जिससे राज्य में असामान्य मौसम पैटर्न को लेकर दहशत और आशंकाएं फैल गईं। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, सबसे अधिक मौतें नालंदा में हुईं, जहां 18 लोगों की मौत हुई। सीवान में दो लोगों की मौत हुई, जबकि कटिहार, दरभंगा, बेगूसराय, भागलपुर और जहानाबाद में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई। गहरा दुख व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
सीएमओ ने कहा, "सरकार इस भयानक घड़ी में परिवार के साथ है। तत्काल आदेश से राहत उपाय शुरू कर दिए गए हैं।" यह त्रासदी राज्य के चार जिलों में बिजली गिरने से 13 लोगों की मौत के ठीक एक दिन बाद हुई है, जो एक बार फिर इस तरह की मौसम संबंधी आपदाओं की बढ़ती आवृत्ति और गंभीरता पर जोर देती है।
नालंदा में सबसे ज़्यादा मौतें दर्ज की गईं
सबसे ज़्यादा प्रभावित क्षेत्रों में नालंदा ज़िला शामिल है, जहाँ 22 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। ज़िला मजिस्ट्रेट शशांक शुभंकर ने बताया कि 21 लोगों की मौत आंधी-तूफ़ान की वजह से हुई, जबकि एक व्यक्ति की मौत बिजली गिरने की वजह से हुई। अधिकारी सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं, सड़कों को साफ़ करने और बिजली बहाल करने के प्रयास जारी हैं। 350 से ज़्यादा बिजली के खंभे और 15 ट्रांसफ़ॉर्मर क्षतिग्रस्त हो गए।
कई जिलों में मौतें
नालंदा के अलावा भोजपुर (5 मौतें), गया (3 मौतें) और पटना, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, मुंगेर, बेगूसराय और गोपालगंज सहित कई अन्य जिलों से भी मौतें हुई हैं। कुल मिलाकर, बिजली गिरने और पेड़ गिरने या दीवारें गिरने से 25 लोगों की मौत हो गई। इइसके बारिश के कारण हुई कई हादसे भी दर्ज किए गये हैं, जिसके कारण कई लोगों की जान चली गयी है।
विपक्षी नेता ने सरकार पर लगाए मरने वाली संख्या छुपाने के आरोप
विपक्षी नेता और राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि मरने वालों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पोस्ट पर उन्होंने कहा, "मैं बिहार में तूफान, बारिश, बिजली, पेड़ गिरने और दीवार गिरने की घटनाओं में 50 से अधिक लोगों की दुर्भाग्यपूर्ण मौत से स्तब्ध हूं।" यादव ने सरकार से उन किसानों के लिए मुआवजे की घोषणा करने का भी अनुरोध किया, जिन्होंने अप्रत्याशित ओलावृष्टि और बारिश के कारण अपनी फसल खो दी है।
बिहार के कई इलाकों में कृषि भूमि, जो पहले से ही अप्रत्याशित मौसम की स्थिति के कारण तनावग्रस्त है, तबाह हो गई है, जिससे संवेदनशील रबी फसल के मौसम में किसानों की दुर्दशा और बढ़ गई है। राज्य सरकार नुकसान का आकलन करने और आश्रय, भोजन और दवाइयों जैसे राहत उपाय प्रदान करने के लिए स्थानीय आपदा प्रबंधन समितियों के साथ समन्वय कर रही है।
48 घंटों में बिहार के अलग-अलग इलाकों में बिजली गिरने की भविष्यवाणी
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अगले 48 घंटों में बिहार के अलग-अलग इलाकों में और भी गरज और बिजली गिरने की भविष्यवाणी की है, जिसके कारण प्रशासन द्वारा सलाह जारी की गई है और नागरिकों को खराब मौसम के दौरान घर के अंदर रहने की सलाह दी गई है।
बिहार एक के बाद एक प्राकृतिक आपदाओं से जूझ रहा है, तथा राज्य सरकार की तैयारियों और दीर्घकालिक जलवायु लचीलापन रणनीति पर चिंताएं हैं।
असम बोर्ड 10वीं का रिजल्ट result.assam.nic.in पर देखें
असम। असम HSLC परिणाम 2025, 11 अप्रैल को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड असम (SEBA) द्वारा घोषित किया जाएगा, जिसका नाम अब असम राज्य विद्यालय शिक्षा बोर्ड (ASSEB) कर दिया गया है। असम कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र अपना असम कक्षा 10वीं परिणाम 2025 सुबह 10:30 बजे से sebaonline.org, resultassam.nic.in, asseb.in और sebaresults.sebaonline.org सहित आधिकारिक वेबसाइटों पर देख सकते हैं।
इस साल, 16 फरवरी से 4 मार्च तक राज्य भर में आयोजित असम कक्षा 10वीं बोर्ड परिणाम परीक्षा में 4 लाख से अधिक छात्र बैठे थे।
असम HSLC बोर्ड परिणाम 2025 पहले ऑनलाइन मोड में जारी किया जाएगा। छात्र अपना रोल नंबर और कैप्चा दर्ज करके अपनी डिजिटल मार्कशीट एक्सेस कर सकते हैं। मूल दस्तावेज बाद में स्कूलों द्वारा वितरित किए जाएंगे।
2024 में, असम बोर्ड के परिणाम में कुल मिलाकर 75.70% उत्तीर्ण दर देखी गई। बोर्ड द्वारा आज परिणामों के साथ-साथ जिलेवार प्रदर्शन, टॉपर्स की सूची और लिंग-वार उत्तीर्ण प्रतिशत सहित प्रमुख आँकड़े जारी किए जाने की उम्मीद है।
असम बोर्ड परिणाम 2025, सीधे लिंक और इस वर्ष के असम कक्षा 10 के परिणामों और असम HSLC परिणामों के हाइलाइट्स के बारे में नवीनतम अपडेट के लिए इस लाइव ब्लॉग का अनुसरण करते रहें।
असम HSLC रिजल्ट 2025 आधिकारिक वेबसाइट
aseeb.in
sebaonline.org
resultsassam.nic.in
ASSEB HSLC रिजल्ट 2025 कैसे चेक करें?
असम बोर्ड कक्षा 10 रिजल्ट 2025 जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। अपनी मार्कशीट चेक करने और डाउनलोड करने के लिए, छात्रों को अपनी परीक्षा की जानकारी का उपयोग करके लॉग इन करना होगा। यहाँ अनुसरण करने के लिए चरण दिए गए हैं:
चरण 1: ASSEB (पहले SEBA) की आधिकारिक वेबसाइट - asseb.in पर जाएँ
चरण 2: “HSLC Result” वाले लिंक पर क्लिक करें
चरण 3: अपना रोल नंबर, रोल कोड और अन्य आवश्यक विवरण दर्ज करें
चरण 4: आपकी मार्कशीट स्क्रीन पर प्रदर्शित होगी
चरण 5: भविष्य में उपयोग के लिए मार्कशीट डाउनलोड करें और सहेजें, जैसे प्रवेश
ASSEB को दो बोर्डों को मिलाकर बनाया गया था: बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन असम (SEBA) और असम हायर सेकेंडरी एजुकेशन काउंसिल (AHSEC)। पिछले साल, SEBA कक्षा 10 के परिणाम 20 अप्रैल, 2024 को घोषित किए गए थे। कुल पास प्रतिशत 75.7% हो गया, जो 2023 में 72.69% से अधिक था।
असम HSLC परिणाम 2025: डिजिटल मार्कशीट पर उल्लिखित मुख्य विवरण
ASSEB कक्षा 10 (HSLC) परीक्षाओं के लिए अनंतिम मार्कशीट परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद ऑनलाइन उपलब्ध करा दी जाएगी। छात्र अपने डिजिटल स्कोरकार्ड पर महत्वपूर्ण व्यक्तिगत और शैक्षणिक विवरण देख सकेंगे।
नड्डा ओडिशा में आयुष्मान भारत योजना का उद्घाटन करेंगे
नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा शुक्रवार को ओडिशा का दो दिवसीय दौरा शुरू करेंगे और इस दौरान वह राज्य में आयुष्मान भारत योजना का उद्घाटन करेंगे।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल ने बताया कि नड्डा अपराह्न करीब एक बजे राज्य की राजधानी भुवनेश्वर पहुंचेंगे, जिसके बाद वह मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के साथ एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कटक जाएंगे, जहां आयुष्मान भारत योजना, आयुष्मान वयो-वंदना योजना और राज्य की गोपबंधु जन आरोग्य योजना (जीजेएवाई) का आधिकारिक रूप से उद्घाटन किया जाएगा।
सामल ने कहा कि इन स्वास्थ्य बीमा योजनाओं से लगभग साढ़े तीन करोड़ लोगों के लाभान्वित होने की उम्मीद है। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री कटक में सरदार वल्लभभाई पटेल स्नातकोत्तर बाल चिकित्सा संस्थान के नए भवन का भी उद्घाटन करेंगे।
नड्डा के कार्यक्रम में भुवनेश्वर स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) और केंद्रीय पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (सीआईपीईटी) का दौरा भी शामिल है। शनिवार सुबह नड्डा पुरी में भाजपा के सांसदों और विधायकों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का औपचारिक रूप से उद्घाटन करेंगे।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कटक में होने वाले उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री के. वी. सिंह देव और पार्वती परिदा के साथ राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मुकेश महालिंग भी शामिल होंगे।
बिम्सटेक को कृषि तकनीक सहयोग देगा भारत
काठमांडू। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बिम्सटेक क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा, जलवायु अनुकूलन और कृषि को सतत बनाने के प्रयासों की प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा है कि बिम्सटेक कृषि उत्कृष्टता केंद्र जलवायु जोखिम को कम करने, प्राकृतिक खेती, लैंगिक समानता और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर ध्यान केंद्रित करेगा।
श्री चाैहान ने बुधवार को नेपाल में काठमांडू में बिम्सटेक कृषि मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि भारत के लिए ‘पड़ोसी पहले’ और ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ की प्रमुख विदेश नीति प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए बिम्सटेक एक स्वाभाविक विकल्प है। बिम्सटेक में दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया को जोड़ने की क्षमता है। क्षेत्र का साझा इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है जो इसे स्वाभाविक साझेदार बनाती है।
उन्होंने कहा कि भारत किसानों को नकद प्रत्यक्ष हस्तांतरण, संस्थागत ऋण तक पहुंच में सुधार, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, फसल बीमा, महिलाओं को ड्रोन प्रदान करने के लिए नमो ड्रोन दीदी योजना जैसे उपाय लागू कर रहा है। भारत किसानों को सशक्त बनाने के लिए डिजिटल तकनीकों का उपयोग करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत बिम्सटेक के भीतर कृषि सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराता है। भारत ने बीज विकास, पशु स्वास्थ्य और कीट प्रबंधन के क्षेत्र में प्रशिक्षण और कार्यशालाओं का आयोजन करके बिम्सटेक कृषि सहयोग (2023-2027) की पहल की है। यह क्षेत्र में कृषि क्षेत्र में क्षमता निर्माण को बढ़ाने की दिशा में हमारे सामूहिक प्रयासों को दर्शाता है।
भारत ने बंगलादेश को दी गयी ट्रांसशिपमेंट की सुविधा वापस ली
नई दिल्ली। भारत ने बंगलादेश को निर्यातित कार्गो के ट्रांसशिपमेंट की सुविधा को वापस ले लिया है हालांकि भारत के इस फैसले का बंगलादेश से भारतीय क्षेत्र से होकर नेपाल एवं भूटान को होने वाले निर्यात पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने यहां नियमित ब्रीफिंग में इस बारे में एक सवाल के जवाब में कहा, बंगलादेश को दी गई ट्रांसशिपमेंट सुविधा के कारण पिछले कुछ समय से हमारे हवाई अड्डों और बंदरगाहों पर काफी भीड़भाड़ हो रही थी। लॉजिस्टिक्स में देरी और उच्च लागत के कारण हमारे अपने निर्यात में बाधा आ रही थी और बैकलॉग बन रहे थे। इसलिए, यह सुविधा मंगलावार 8 अप्रैल से वापस ले ली गई है।
श्री जायसवाल ने स्पष्ट किया कि इन उपायों से भारतीय क्षेत्र से होकर नेपाल या भूटान को बंगलादेश से होने वाले निर्यात पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारत द्वारा बंगलादेश को दी गई ट्रांसशिपमेंट की सुविधा के तहत भारत के बंदरगाहों और हवाई अड्डों के रास्ते भारतीय भूमि सीमा शुल्क स्टेशनों का उपयोग करके बंगलादेश को तीसरे देशों को निर्यातित कार्गो के परिवहन की अनुमति दी गई थी।
बंगलादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के चीन दौरे के समय तीस्ता नदी जल समझौते का मसला उठाने के बारे में प्रतिक्रिया देते हुए श्री जायसवाल ने कहा, भारत और बंगलादेश 54 नदियों को साझा करते हैं, जिनमें गंगा और तीस्ता नदियाँ भी शामिल हैं। प्रासंगिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक संस्थागत संवाद तंत्र मौजूद है जिसे 'संयुक्त नदी आयोग' कहा जाता है। आपसी सहमति से बातचीत हो सकती है, बशर्ते समग्र वातावरण अनुकूल हो।
'बंगाल में ममता के सत्ता से हटने पर ही खत्म होगी घुसपैठ', अमित शाह ने दीदी पर जमकर बोला हमला
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब बंगाल के लोग मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सत्ता से बाहर करेंगे और राज्य में भाजपा की सरकार बनाएंगे तो अवैध घुसपैठ की समस्या हल हो जाएगी। ममता बनर्जी सभी को बताती रहती हैं कि बीएसएफ केंद्र सरकार के अधीन है। वही अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा करता है। इसलिए, घुसपैठ के लिए केंद्र को ही जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
घुसपैठियों को लेकर अमित शाह का बड़ा हमला
उन्होंने कहा कि मेरा उनसे सवाल है कि ऐसे घुसपैठियों के मतदाता पहचान पत्र और आधार कार्ड किसने बनाए। ये सभी मतदाता पहचान पत्र उत्तर 24 परगना जिले में बनाए गए हैं। उन्होंने उक्त बातें एक कार्यक्रम में शिरकत करने के दौरान कहीं।
आइएनडीआइए को घुसपैठियों में वोट बैंक दिखता है- शाह
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव जदयू नेता और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। कहा कि विपक्षी गठबंधन आइएनडीआइए को घुसपैठियों में वोट बैंक दिखता है। गुलाम जम्मू-कश्मीर पर सरकार की रणनीति के बारे में पूछे जाने पर कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि वह हमारा ही है।
दिल्ली हाई कोर्ट के न्यायाधीश के घर से कथित तौर पर नकदी बरामद होने के मुद्दे पर शाह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर विचार करने के लिए एक समिति गठित की है।
टैरिफ के बारे में बोले शाह
उन्होंने शीर्ष अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सभी की तरह वह भी नतीजे का इंतजार कर रहे हैं। एक सवाल के जवाब में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के प्रभाव का निर्धारण करना अभी जल्दबाजी होगी। लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था ऐसे दबावों के प्रति लचीली है।
यूपी-बिहार में बरस रहे बादल, दिल्ली में आज बारिश का अलर्ट; जानें किन राज्यों में अभी नहीं मिलेगी प्रचंड गर्मी से राहत
नई दिल्ली। दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में अभी से भयंकर गर्मी पड़ने लगी है। अप्रैल में ही जून जैसी गर्मी पड़ने लगी है। दिल्ली-एनसीआर में कई स्थानों पर अधिकतम तापमान सामान्य से 4-6 डिग्री ज्यादा है। वहीं दिल्ली में मौसम करवट लेना वाला है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में 10 अप्रैल को आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है, जिसमें बहुत हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं शुक्रवार को भी हल्की बारिश हो सकती है। इससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। साथ ही मौसम विभाग के मुताबिक, यूपी में 13 अप्रैल तक तेज बारिश हो सकती है।
बिहार-यूपी में बारिश
वहीं ओडिशा, पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में आज से 12 अप्रैल तक बारिश होगी। IMD के मुताबिक बिहार गरज-तड़क के साथ आकाशीय बिजली गिरी है। वहीं यूपी में भी बारिश शुरू हो गई है।
इन राज्यों में अगले 24 घंटों में बारिश का अलर्ट
अगले 24 घंटे के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, केरल, माहे, तेलंगाना, कर्नाटक, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और मध्य भारत में गरज के साथ हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है। इस दौरान 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं।
देश के अन्य राज्यों की अगर बात करें तो मौसम विभाग के मुताबिक कल राजस्थान में लू की स्थिति और गंभीर हो सकती है। जयपुर, जोधपुर और बीकानेर जैसे शहरों में अधिकतम तापमान 40-42 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है।
गुजरात- राजस्थान समेत इन 9 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट
गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में कई स्थानों पर तापमान 43-46 डिग्री के आस-पास दर्ज किया जा रहा है। गुजरात के कांडला में अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री दर्ज किया गया जोकि उत्तर भारत में सबसे ज्यादा है। मध्य प्रदेश के रतलाम में तापमान 44.2 डिग्री दर्ज हुआ।
राजस्थान के बाड़मेर में 46.5 डिग्री और पिलानी में 44 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। इसी तरह महाराष्ट्र के अकोला और जलगांव में तापमान 43.7 डिग्री दर्ज किया गया।
'सभी ने वोट बैंक की राजनीति की, लेकिन मोदी सरकार ने...',वक्फ बिल के समर्थन में ऑल इंडिया मुस्लिम वुमेन पर्सनल लॉ बोर्ड
नई दिल्ली। वक्फ संशोधन बिल के दोनों सदनों में पास होने के बाद से कई राजनेता इसके विरोध में आ गए हैं। इस बीच,ऑल इंडिया वुमेन मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की अध्यक्ष शाइस्ता अंबर ने वक्फ विधेयक 2025 का समर्थन किया है। उन्होंने कहा-हम इस बिल का स्वागत करते हैं।
ये मुस्लिम समाज, विशेषकर मुस्लिम महिलाओं के हितों की सुरक्षा करेगा। महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह विधेयक सिर्फ कानून में संशोधन नहीं है, बल्कि एक ऐतिहासिक कदम है।
समाज को मिलेगा लाभ
शाइस्ता अंबर ने कहा-
वक्फ के नए कानून से समाज को लाभ मिलेगा। मुस्लिम महिलाओं की भागीदारी मजबूत होगी। अधिकारों, गरिमा और सम्मान को नई दिशा देने की शुरुआत है। सरकार ने कहा है वक्फ की जमीन पर जो कब्जे हैं, उसे हटाएगी।
वक्फ बोर्ड और केंद्रीय वक्फ परिषद में मुस्लिम महिलाओं को शामिल करने की हम लोग लंबी लड़ाई लड़ रहे थे। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा देवी सिंह पाटिल से मांग किया था।
शाइस्ता अंबर ने आगे कहा-
महिलाओं को वक्फ बोर्ड के सदस्य और पदाधिकारी के रूप में जगह मिले। इन्हें सिर्फ नाम के लिए नहीं, बल्कि काम के लिए रखा जाए। महिलाओं की जिम्मेदारी और अधिकार क्षेत्र सुनिश्चित किया जाए।
प्रधानमंत्री का जताया आभार
शाइस्ता अम्बर ने कहा-आज तक किसी भी सरकार ने मुस्लिम समाज के लिए वास्तविक काम नहीं किया। सभी ने सिर्फ वोट बैंक की राजनीति की है। ऑल इंडिया मुस्लिम वुमेन पर्सनल लॉ बोर्ड पीएम नरेंद्र मोदी का इस बिल के लिए आभार व्यक्त करती है। मुस्लिम महिलाओं के विकास को ध्यान में रखते हुए यह विधेयक प्रस्तुत किया गया और इसने कानूनी रूप लिया।
'वक्फ की संपत्तियों की सुरक्षा होगी'
सरकार ने दोनों सदनों में मुस्लिम समुदाय को भरोसा दिलाया है कि जनता एवं मुस्लिम समुदाय से किए वादों को पूरा किया जाएगा । हमें पूरी उम्मीद है कि इस बिल से वक्फ की संपत्तियों की सुरक्षा होगी। अल्पसंख्यक समुदाय के जो गरीब बच्चे हैं, विधवा महिलाएं हैं तमाम जरूरतमंद लोगों की आर्थिक सहायता होगी।
'तहव्वुर राणा को बिरयानी देने की जरूरत नहीं...', भड़क उठे 26/11 के हीरो; बोले- तुरंत फांसी दो
नई दिल्ली। मुंबई आतंकी हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया जा रहा है। उसके भारत में कदम रखने से पहले लोगों की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गई है। 26/11 अटैक के एक हीरो ने कहा, ‘भारत को उसे आतंकी कसाब की तरह खास जेल, बिरयानी या और सुविधाएं देने की कोई जरूरत नहीं है। ये बात मोहम्मद तौफीक ने बोली है।
मुंबई में एक 'चाय वाले' हैं, जिन्हें 'छोटू' उर्फ मोहम्मद तौफीक के नाम से जाना जाता है। उन्हें मुंबई आतंकी हमले 26/11 के हीरो के तौर पर पहचान मिली है। मोहम्मद तौफीक ने हमलों में कई लोगों की जान बचाई थी।
'आतंकवादियों के लिए हो अलग कानून'
मोहम्मद तौफीक ने कहा
भारत को तहव्वुर राणा को जेल में खास सेल, बिरयानी और वैसी सुविधाएं देने की कोई जरूरत नहीं है।उन्होंने यह भी मांग की कि आतंकवादियों से निपटने के लिए अलग कानून होने चाहिए। ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि उन्हें 2-3 महीने में फांसी हो जाए।
बता दें राणा पर 2008 के मुंबई आतंकी हमलों में शामिल होने का आरोप है। हमले में सैकड़ों निर्दोष लोग मारे गए थे। अब भारत में तहव्वुर पर मुकदमा चलाया जाएगा।
US में राणा की याचिका खारिज हो गई थी
7 अप्रैल को, संयुक्त राज्य अमेरिका के सर्वोच्च न्यायालय ने तहव्वुर राणा की भारत में उसके प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की याचिका को खारिज कर दिया। राणा ने 20 मार्च, 2025 को मुख्य न्यायाधीश रॉबर्ट्स के समक्ष एक आपातकालीन आवेदन दायर किया, जिसमें उसके प्रत्यर्पण पर रोक लगाने की मांग की गई।
सोमवार, 7 अप्रैल को जारी सुप्रीम कोर्ट के आदेश में कहा गया, 'मुख्य न्यायाधीश को संबोधित और न्यायालय को संदर्भित स्थगन के लिए आवेदन अस्वीकार किया जाता है।
26 नवंबर 2008 को हुआ था आतंकी हमला
मुंबई अपराध शाखा के अनुसार, राणा के खिलाफ आपराधिक साजिश का मामला नवंबर 2008 के घातक हमलों के बाद दिल्ली में एनआईए द्वारा दर्ज किया गया था, जिसमें 160 से अधिक लोग मारे गए थे।
कांग्रेस अधिवेशन में पार्टी अध्यक्ष खडग़े बोले, भाजपा सरकार विपक्ष को बोलने नहीं देती
गांधीनगर. गुजरात में कांग्रेस के दो दिवसीय अधिवेशन में बुधवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े ने केंद्र की मोदी सरकार पर जोरदार निशाना साधा. उन्होंने कहा कि यह सरकार पिछले 11 सालों से सत्ता में है, लेकिन दुर्भाग्य देखिए कि विपक्ष के किसी भी नेता को सदन में अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जाता है.
खडग़े ने आगे कहा, यहां तक कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को भी बोलने नहीं दिया जाता है. ऐसे में आप इस बात का सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं कि जब लोग राहुल गांधी सरीखे नेता को बोलने नहीं दे रहे हैं, तो भला इस देश के आम लोगों को कैसे बोलने देंगे? यह अपने आप में बड़ा सवाल है, जिस पर हम सभी को एकजुट होकर विवेचना करनी होगी.
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार का बोलने पर भी पहरा है. उन्होंने कहा, मौजूदा हुकूमत अगर विपक्ष की अभिव्यक्ति की आजादी पर प्रहार कर रही है, तो यह बात बड़ी आसानी से समझी जा सकती है कि यह सरकार किस मानसिकता के साथ काम कर रही है. यह कहने में कोई गुरेज नहीं होना चाहिए कि इस सरकार की यह मानसिकता इस मुल्क के आवाम के लिए कतई ठीक नहीं होगी.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने अधिवेशन को लेकर उठाए जा रहे तमाम सवालों का भी मंच से उत्तर दिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के 140 साल के इतिहास में 86 अधिवेशन हुए. इनमें 6 अधिवेशन गुजरात की धरती पर हुए, जिनमें 3 अहमदाबाद शहर में हुए. अहमदाबाद हमारे लिए तीर्थ स्थल जैसा है. यहां साबरमती आश्रम है, सरदार पटेल राष्ट्रीय स्मारक है. यह अधिवेशन महात्मा गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष बनने की शताब्दी है और सरदार पटेल की 150वीं जयंती को समर्पित है. बेलगावी में 26 दिसंबर को हमने घोषणा की थी कि हमारा अगला अधिवेशन गुजरात में होगा. महात्मा गांधी ने देश को नहीं बल्कि पूरी दुनिया को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया और इसी तरीके से आजादी भी दिलाई. दुनिया भर में महात्मा गांधी जी की प्रतिमाएं हैं और डाक टिकट जारी हुए हैं. यह दिखाता है कि उनके उसूलों का कितना सम्मान है.
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के निर्माण में गुजरात का अमूल्य योगदान रहा है. यहां पैदा हुई तीन महान हस्तियों- दादाभाई नौरो, महात्मा गांधी, सरदार पटेल – ने पूरे विश्व में अपना और कांग्रेस का नाम रोशन किया है. ये सभी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष रहे हैं. हमारे महान नेता सरदार पटेल ने देश की रियासतों का एकीकरण करके एक मजबूत राष्ट्र बनाया. इस साल 31 अक्टूबर को हम पूरे देश में सरदार पटेल की 150वीं जयंती धूमधाम से मनाएंगे. कल उनकी श्रद्धांजलि के रूप में विस्तारित सीडब्ल्यूसी की बैठक सरदार पटेल स्मारक में आयोजित की गई. हमें फ़क्र है कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस गुजरात में ही 1938 में कांग्रेस अध्यक्ष बने. संविधान ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष रहे बाबा साहेब अंबेडकर के जीवन को प्रभावित करने में गुजरात का बड़ा योगदान रहा है.
उन्होंने कहा कि इसी के 75 साल बाद 2005 में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में एक और दांडी यात्रा निकाली गई थी, जिसने देश के नौजवानों को प्रेरित किया था. गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी गांव-खेत-गरीब की पार्टी बनी थी. वे पंक्ति में खड़े अंतिम लोगों के बारे में सोचते थे. अंत्योदय गांधी की ही सोच थी.
मल्लिकार्जुन खडग़े ने ईवीएम को लेकर भी केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा. कहा कि जहां एक तरफ पूरी दुनिया बैलेट पेपर की तरफ लौट रही है, वहीं दूसरी तरफ हम आज भी अपनी चुनावी प्रक्रियाओं को संपन्न कराने के लिए ईवीएम पर आश्रित हैं और ईवीएम की पारदर्शिता को लेकर हमेशा से ही सवाल उठते आ रहे हैं, लेकिन अफसोस मौजूदा सरकार इस दिशा में किसी भी प्रकार का कदम उठाती हुई नजर नहीं आ रही है. कांग्रेस नेता ने आगे कहा कि इस सरकार ने ऐसे तरीके ईजाद कर लिए हैं, जिससे उन्हें फायदा पहुंचे, लेकिन मैं एक बात स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि आने वाले दिनों में इस देश के नौजवान उठ खड़े होंगे और कहेंगे कि हमें ईवीएम नहीं चाहिए.
बता दें कि कांग्रेस का दो दिवसीय अधिवेशन गुजरात में हो रहा है, जिसमें देश के कोने-कोने से नेता शामिल होने पहुंचे हैं. इस अधिवेशन में सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े शामिल हुए, लेकिन इस बैठक में प्रियंका गांधी शामिल नहीं हुईं, जिसे लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. कांग्रेस अधिवेशन की शुरुआत झंडावंदन से हुई. इसके बाद मल्लिकार्जुन खडग़े ने अपने संबोधन की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने विभिन्न मुद्दों का जिक्र कर केंद्र की मोदी सरकार पर जोरदार निशाना साधा.
मंदिर को गंगाजल से धोने पर राहुल गांधी भड़के कहा- यह भाजपा की दलित विरोधी सोच का उदाहरण
जयपुर. राजस्थान में बीजेपी से निलंबित नेता ज्ञानदेव आहूजा द्वारा अलवर के एक मंदिर में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली के जाने के बाद गंगाजल से धोने का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसको लेकर बुधवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भाजपा पर दलित विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह बीजेपी की दलित विरोधी और मनुवादी सोच का एक और उदाहरण है. इसलिए संविधान का सम्मान और रक्षा करना जरूरी है.
देश संविधान के आदर्शों से चलेगा- राहुल गांधी
लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने अपने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा कि बीजेपी की दलित विरोधी और मनुवादी सोच का एक और उदाहरण, बीजेपी लगातार दलितों को अपमानित और संविधान पर आक्रमण करती आ रही है. इसलिए संविधान का सिर्फ सम्मान नहीं, उसकी सुरक्षा भी ज़रूरी है. मोदी जी, देश संविधान और उसके आदर्शों से चलेगा, मनुस्मृति से नहीं जो बहुजनों को दूसरे दर्जे का नागरिक मानती है.
यह है गंगाजल छिड़कने का पूरा विवाद
बताते चलें कि रामनवमी के दिन अलवर की एक सोसायटी स्थित श्रीराम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन हुआ था. इस कार्यक्रम में राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली भी शामिल हुए और मंदिर में पूजा-अर्चना की. लेकिन, अगले ही दिन ज्ञानदेव आहूजा ने आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसे लोगों को बुलाया गया जिन्होंने भगवान श्रीराम के अस्तित्व को ही नकारा है.
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के नेता राम मंदिर का बहिष्कार करते हैं, इसलिए उनके नेताओं को मंदिर में आने का नैतिक अधिकार नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि मंदिर में अपवित्र लोग आ गए थे, इसलिए हमने गंगाजल से शुद्धिकरण किया है. हालांकि उन्होंने जूली का नाम नहीं लिया, पर उनके बयान को जातीय द्वेषता से जोड़कर देखा गया. इसके चलते भारतीय जनता पार्टी ने कड़ा कदम उठाते हुए उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है. भाजपा प्रदेश संगठन ने ज्ञानदेव आहूजा को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी की मूल विचारधारा और अनुशासन का उल्लंघन किया है.
मदन राठौड़ ने बयान से किया किनारा
भाजपा नेता ज्ञान देव आहूजा की ओर से नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पर की गई टिप्पणी के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी साफ कर दिया है कि आहूजा के बयान से उनका कोई लेना देना नहीं है. भाजपा ऐसे बयान को समर्थन नहीं देती है. उन्होंने कहा कि जुली साहब तो नेता हैं और नेता की कोई जाति नहीं होती है. उन्होंने कहा कि मैंने फोन पर ज्ञानदेव आहूजा से बात की उन्होंने किस प्रसंग में ये बयान क्यों दिया समझ नहीं आया.
भीषण गर्मी में मंत्रीजी ने 700 लोगों को बांट दिए कंबल, RJD ने घेरा, लोग बोले- गजब तमाशा
पटना. बिहार में इन दिनों गर्मी अपने पूरे शबाब पर है. अप्रैल का महीना शुरू होते ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है, और लोग गर्मी से राहत पाने के लिए छांव और पानी की जुगत में लगे हैं. ऐसे में बिहार सरकार के खेल मंत्री और बछवाड़ा से बीजेपी विधायक सुरेंद्र मेहता ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसने सबको हैरत में डाल दिया.
उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में चिलचिलाती धूप के बीच 700 से ज्यादा लोगों को कंबल बांट दिए. यह घटना सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गई, और तस्वीरें-वीडियो वायरल होने के बाद लोग इसे लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं. कोई इसे हास्यास्पद बता रहा है, तो कोई इसे सियासी नाटक का हिस्सा मान रहा है.
क्या था पूरा मामला?
यह सब शुरू हुआ 6 अप्रैल 2025 को, जब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अपना 45वां स्थापना दिवस मना रही थी. इस मौके पर सुरेंद्र मेहता ने अपने बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के मंसूरचक प्रखंड में गोविंदपुर पंचायत के अहियापुर गांव में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया. इस आयोजन में सैकड़ों लोग जुटे थे, जिसमें महिलाएं, पुरुष और बच्चे सभी शामिल थे. मंच सजा हुआ था, और बीजेपी के स्थानीय नेता भी मौजूद थे. इसी दौरान मंत्रीजी ने 700 से अधिक लोगों को कंबल वितरित किए. इस घटना की तस्वीरें और वीडियो खुद सुरेंद्र मेहता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए, जिसके बाद यह मामला तूल पकड़ गया.
उनकी पोस्ट में लिखा था, अंत्योदय एवं राष्ट्र निर्माण की भावना से कार्य करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा के 45वें स्थापना दिवस पर कार्यक्रम हुआ. बछवाड़ा विधानसभा क्षेत्र के गोविंदपुर पंचायत-दो के अहियापुर गांव में लोगों को अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया. जय भाजपा, भारत माता की जय. हालांकि, पोस्ट में कंबल को अंग वस्त्र कहकर पेश किया गया, लेकिन वायरल तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि लोगों के हाथों में ऊनी कंबल ही थे, जो सर्दियों में इस्तेमाल होते हैं.
गर्मी में कंबल क्यों?
40 डिग्री की तपती गर्मी में कंबल बांटने का फैसला लोगों के गले नहीं उतर रहा. जब बाहर पंखे और कूलर भी राहत देने में नाकाम हो रहे हों, ऐसे में कंबल बांटना किसी पहेली से कम नहीं लग रहा. सोशल मीडिया पर लोगों ने इसकी जमकर आलोचना की. एक यूजर ने लिखा, गर्मी में कंबल बांट रहे हैं, क्या मंत्रीजी को मौसम का पता नहीं? तो किसी ने तंज कसा, शायद अगली बार सर्दी में पंखे बांटेंगे! कुछ लोगों ने इसे बीजेपी के स्थापना दिवस पर दिखावटी कदम करार दिया, तो कुछ ने सवाल उठाया कि क्या यह जनता की जरूरतों से ज्यादा सियासी चमक के लिए किया गया?
सोशल मीडिया पर हंगामा
वायरल तस्वीरों में सैकड़ों लोग कंबल थामे दिख रहे हैं. भीड़ में उत्साह भी नजर आया, शायद इसलिए कि मुफ्त में कुछ मिल रहा था. लेकिन जैसे ही ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैलीं, लोगों के कमेंट्स की बाढ़ आ गई. एक यूजर ने लिखा, गजब तमाशा चल रहा है बिहार में, गर्मी में कंबल और शायद सर्दी में एसी बांट दें! एक अन्य ने मजाक में कहा, कंबल सस्ते मिल गए होंगे, सोचा चलो बांट दो! वहीं, कुछ लोगों ने इसे सियासी स्टंट बताते हुए कहा कि यह सब वोटरों को लुभाने की कोशिश है.
J&K विधानसभा बनी अखाड़ा, भाजपा नेताओं से भिड़ंत में कांच के मेज पर गिरे आप विधायक
श्रीनगर. जम्मू-कश्मीर की विधानसभा उस समय अखाड़े का मैदान बन गई जब विधायक आपस में ही भिड़ गए. डोडा विधानसभा सीट से आम आदमी पार्टी के एकमात्र विधायक मेहराज मलिक और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायकों के बीच विधानसभा परिसर में तीखी बहस के बाद मारपीट की नौबत आ गई.
दरअसल, विधानसभा में वक्फ संशोधन अधिनियम पर चर्चा की मांग की गई, जिसके बाद जमकर हंगामा हुआ. इस बीच बीजेपी विधायकों और आम आदमी पार्टी के एकमात्र विधायक मेहराज मलिक के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. साथ ही साथ मलिक ने पीडीपी पर गद्दारी करने के आरोप लगाए हैं. हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही तीन घंटे के लिए स्थगित कर दी गई. विधानसभा के अंदर आप विधायक मेहराज मलिक ने पीडीपी के नेता वहीद पारा से कहा कि तुमने बीजेपी के साथ मिलकर गद्दारी की है. सदन में हंगामे के बाद बीजेपी विधायक विक्रम रंधावा ने आप विधायक मेहराज मलिक के आरोपों का जवाब देते हुए कहा, उन्होंने हिंदुओं को गाली दी है. हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा है कि हिंदू तिलक लगाने का पाप करता है. हम उन्हें जवाब देंगे.
दरअसल, मेहराज मलिक ने पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद को गद्दार कहा और पीडीपी और भाजपा पर मिलीभगत का आरोप लगाया. मलिक के इस बयान से पीडीपी कार्यकर्ता और नेता भड़क गए और विधानसभा परिसर में जमकर बहस हुई. धक्का-मुक्की और झड़प में मलिक कांच की मेज पर गिर गए. सुरक्षा कर्मियों ने मौके पर हस्तक्षेप कर हालात को संभाला. मलिक ने जब भाजपा नेताओं पर हमला बोला तो वहां मौजूद भाजपा विधायक विक्रम रंधावा, युधवीर सेठी, आरएस पठानिया, अरविंद गुप्ता और सतीश शर्मा भड़क गए. दोनों पक्षों में तीखी बहस के बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया. इस दौरान मेहराज मलिक एक कांच की टेबल पर गिर पड़े, जिससे हलचल मच गई. विधानसभा के सुरक्षा कर्मचारियों ने उन्हें किसी तरह वहां से हटाया.
सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच उधमपुर में मुठभेड़, 2-3 आतंकियों के फंसे होने की आशंका
उधमपुर. जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच एक बार फिर मुठभेड़ शुरू हो गई है. यह मुठभेड़ रामनगर तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव जोफर में हुई, जहां पुलिस और सेना के संयुक्त तलाशी अभियान के दौरान जवानों का आतंकियों से सामना हो गया. इसके बाद दोनों ओर से गोलीबारी शुरू हो गई.
मिली जानकारी के अनुसार, इलाके में दो से तीन आतंकवादियों के फंसे होने की आशंका है. सेना और आतंकवादियों के बीच फिलहाल गोलीबारी जारी है. उधमपुर-रियासी रेंज के डीआईजी मोहम्मद भट ने इस घटना की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि उधमपुर जिले के रामनगर के मार्टा गांव (संभवत: जोफर या आसपास का क्षेत्र) में सुरक्षा बलों और संदिग्ध आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ चल रही है. उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे तलाशी अभियान के दौरान आतंकवादियों को देखा गया, जिसके बाद यह मुठभेड़ शुरू हो गई. डीआईजी भट ने बताया कि इलाके को सुरक्षा बलों ने घेर लिया है और दो से तीन आतंकवादियों के फंसे होने की संभावना है.
गौरतलब है कि हाल ही में कठुआ में हुई मुठभेड़ के दौरान भागे हुए आतंकवादियों की तलाश के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना द्वारा संयुक्त तलाशी अभियान चलाया जा रहा है. ये आतंकवादी पहले भी उधमपुर और कठुआ के गांवों में कई बार देखे जा चुके हैं. सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उधमपुर, कठुआ और पठानकोट में सुरक्षा बलों ने कड़ी निगरानी रखी हुई है.