देश-विदेश
चाइना बार्डर पर युद्ध अभ्यास के दौरान सैनिक बलिदान
नई दिल्ली। सिक्किम में तैनात सेना में नायक ब्रजेश कुमार सिंह (38) युद्ध अभ्यास के दौरान बृहस्पतिवार को बलिदान हो गए। वह मूलरूप से यूपी के चंदौली जिले के रामनगर स्थित साहूपुर के रहने वाले थे। वर्तमान में उनका परिवार लखनऊ में सुशांत गोल्फ सिटी के हबीरपुर में रह रहा था। रविवार को उनके घर से पिपरा घाट तक अंतिम यात्रा निकाली गई।
नायक पद से रिटायर्ड पिता ब्रज किशोर सिंह ने बताया कि बेटे ब्रजेश की तैनाती सिक्किम में चाइना बार्डर पर थी। 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद बॉर्डर पर सरगर्मी बढ़ गई थी। इसी के चलते चाइना बार्डर पर भी सेना अलर्ट हो गई थी। ऐसे में जवान युद्ध का अभ्यास कर रहे थे।
24 अप्रैल की रात भी युद्ध का अभ्यास चल रहा था। इस बीच बेटा गश खाकर गिर पड़ा। साथी जवानों ने बेटे को मेडिकल कैंप ले गए। वहां डॉक्टरों ने बेटे को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद जवान बेटे ब्रजेश का शव लेकर शनिवार शाम लखनऊ स्थित कमांड पहुंचे।
हबीरपुर में दी जाएगी सलामी
रविवार को शव परिजनों के सुपुर्द किया गया। इसके बाद परिजन शव लेकर हबीरपुर पहुंचे। इसके बाद अंतिम यात्रा निकाली गई। वहां उन्हें सलामी दी गई। शव का अंतिम संस्कार पिपरा घाट पर जाएगा। नायक ब्रजेश कुमार सिंह के परिवार में पिता के अलावा पत्नी सोनी सिंह, बेटा विद्युत व चार माह का बेटा वेदांत है।
देश और सैनिकों की सुरक्षा से कोई भी समझौता माफी के योग्य नहीं : अखिलेश यादव
लखनऊ । समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि देश और सैनिकों की सुरक्षा से कोई भी समझौता माफ़ी के योग्य नहीं है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्पेशल ऑपरेशन्स की लाइव कवरेज की अनुमति क्या एक रणनीतिक लापरवाही थी या फिर ये राजनीतिक प्रचार से प्रेरित थी, ये बात सरकार तत्काल स्पष्ट करे। कल को फिर से सरकार ये कहेगी कि ‘एक चूक के बाद ये दूसरी चूक’ हो गई।
उन्होंने आगे लिखा कि इसका मतलब साफ है कि सुरक्षा जैसे अति संवेदनशील क्षेत्र में मीडिया का अवांछित अतिक्रमण है। लाइव कवरेज तो दुश्मन भी देखेंगे जिससे हमारे सुरक्षा बलों की लोकेशन उनको पता चल जाएगी और रणनीति भी, इससे देश की सुरक्षा और हमारे जवानों की जान भी खतरे में डाल दी जाएगी। इस तरह की लाइव कवरेज के लिए सख़्त दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। देश और सैनिकों की सुरक्षा से कोई भी समझौता माफ़ी के योग्य नहीं है।
इसके पहले उन्होंने एक जनसभा में कहा था कि इतनी बहादुर फौज दुनिया में किसी के पास नहीं जितनी भारत के पास है। इतनी कठिन परिस्थितियों में सीमा की सुरक्षा करते हैं, शायद दुनिया में ऐसे बॉर्डर नहीं होंगे। टेररिस्ट जो हैं, उनको बख्शा नहीं जाना चाहिए और जो टेररिस्ट का साथ दे रहे हैं, उनके खिलाफ और ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
सपा मुखिया ने कहा कि हमें उम्मीद है ठोस कार्रवाई होगी, जिससे जो भारत के दुश्मन हैं, जो मानवता के दुश्मन हैं, जो हमारे देश के भाईचारे को खराब करना चाहते हैं, ऐसी ताकतों का हमेशा के लिए सफाया किया जाए। ज्ञात हो कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बीते दिनों आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की मौत के घाट उतार दिया। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बैसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर गोली मार दी।
पहलगाम आतंकी हमले की जांच एनआईए के हवाले, साक्ष्य जुटाने में जुटी टीमें
नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अपने हाथ में ले ली है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के आदेश के बाद एनआईए ने इस मामले में औपचारिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पहलगाम में मंगलवार को हुए इस आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है।
एनआईए की टीम बुधवार से ही पहलगाम में घटनास्थल पर मौजूद है और साक्ष्य जुटाने में जुटी है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एनआईए की टीमें आतंकियों के हमले के तरीके और उनके भागने के रास्तों का पता लगाने के लिए इलाके की बारीकी से जांच कर रही हैं। बैसरन घाटी में हुए इस हमले को कश्मीर के सबसे भयानक आतंकी हमलों में से एक माना जा रहा है। एनआईए की टीमें उन चश्मदीदों से पूछताछ कर रही हैं, जिन्होंने इस खौफनाक मंजर को अपनी आंखों से देखा।
एनआईए के एक आईजी, एक डीआईजी और एक एसपी की निगरानी में जांच चल रही है। ये टीमें आतंकियों के प्रवेश और निकास बिंदुओं की जांच कर रही हैं ताकि यह समझा जा सके कि हमलावर कैसे आए और कहां से भागे। फोरेंसिक विशेषज्ञों और अन्य जांच एजेंसियों की मदद से घटनास्थल की गहन छानबीन की जा रही है। इसका मकसद इस आतंकी साजिश का पर्दाफाश करना है, जिसने इतनी बड़ी त्रासदी को अंजाम दिया।
इससे पहले केंद्र सरकार पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया था। इसके अलावा, केंद्र सरकार ने भारत में रह रहे सभी पाकिस्तानी नागरिकों को देश छोड़ने का आदेश जारी कर दिया था।
राजा, प्रजा की रक्षा का कर्त्तव्य निभाये: मोहन भागवत
नई दिल्ली ।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने कहा कि हिन्दू संस्कृति में शत्रु का वध भी उसकी कल्याण की कामना के साथ अंतिम उपाय के रूप में किया जाता है क्योंकि राजा का कर्त्तव्य प्रजा की रक्षा करना है और राजा को यह कर्त्तव्य अवश्य निभाना चाहिए।
डॉ. भागवत ने यहां प्रधानमंत्री संग्रहालय में विश्व हिन्दू परिषद के संयुक्त महामंत्री स्वामी विज्ञानानंद की पुस्तक ‘दि हिन्दू मैनिफेस्टो’ के विमाेचन के बाद समारोह को संबोधित कर रहे थे। सरसंघचालक ने कहा कि विश्व आज दो रास्तों पर चल रहा है। लेकिन आज विश्व का तीसरे रास्ते की आवश्यकता है। दुनिया भर के चिंतकों को यह सोचना होगा। उन्होंने कहा कि कुछ सदियों में कई प्रयोग हुए हैं लेकिन सफलता नहीं मिली। सुविधा, सुख बढ़े लेकिन समाधान नहीं निकला। भूमि अशुद्ध हो गयी। विकास हुआ। विश्व के पीछे जड़ता है चैतन्यता नहीं। दुनिया ने दाेनों प्रकार के पर्याय देखे हैं। तीसरा पर्याय केवल भारत में है।
डॉ. भागवत ने कहा कि भारत का कर्त्तव्य है कि वह मानवता को तीसरा पर्याय दे तीसरा रास्ता दिखाए। पूर्णता देने की क्षमता हमारी परंपरा में है। पूर्णदृष्टि के कारण ही श्रीमद्भागवत् गीता के मूल को समझें तो यह हर देश काल परिस्थिति के सुसंगत है। हालांकि इस बार बीते 12-15 सौ साल से इस दिशा में कोई विचार नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि एक कालखंड था जब हम वैभव और ज्ञान की परम स्थिति में थे। सुरक्षित एवं सुखी थे। ऊंच-नीच, छुआछूत, भेदभाव का कोई अस्तित्व नहीं था। शास्त्रों के आधार पर भेदों का शमन किया। उन्होंने कहा कि इस पुस्तक ने हमें उन्हीं मूल्यों का स्मरण कराया है। आने वाले समय में इससे विचार मंथन होगा और तब एक परिमार्जित भाष्य आएगा।
उन्होंने कहा कि पर्याय देने के लिए शास्त्रार्थ शुरू करना जरूरी है। हमें दुनिया को सिखाना है कि हमारा विचार अहिंसक बनाने का है। रावण को मारना भी अहिंसा ही है, क्योंकि कुछ भी कर लो वो नहीं सुधरेगा। रावण का वध, रावण के कल्याण हेतु था। हम शत्रु को देखें तो यह देखें कि वह खराब है या अच्छा है। भगवान ने बताया कि आतताइयों को मारना हमारा धर्म है। गीता में बताया कि अर्जुन का कर्तव्य है कि वो लड़े और मारे। जिनका कोई इलाज नहीं है। अंतिम उपाय के रूप में उनको हम कल्याण के लिए भेज देते हैं ताकि वह नये शरीर, नये मन, नयी बुद्धि के साथ वापस आये।
पहलगाम हमला: संदिग्ध खच्चर मालिक हिरासत में, चश्मदीद महिला से पूछा था धर्म, फिर की बंदूकों की बात
जम्मू । जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले को लेकर देश की जनता में आक्रोश है। आतंकियों की तह तक जाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों जांच में लगी हुई है। इसी बीच खबर आ रही है कि सोशल मीडिया पर खच्चर वाले की वायरल फोटो पर पुलिस ने एक्शन लिया है। गांदरबल जिले की पुलिस ने संदिग्ध खच्चर वाले की पहचान कर हिरासत में ले लिया है। सोशल मीडिया पर वायरल फोटो के साथ दावा किया जा रहा था कि खच्चर वाले ने पर्यटकों से उनका धर्म पूछा था।
महिला पर्यटक से पूछा था धर्म
एक महिला पर्यटक का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला सामने आया है। इसमें उन्होंने एक संदिग्ध की फोटो दिखाते हुए उस पर धर्म संबंधी सवाल पूछने का आरोप लगाया था। चश्मदीद महिला ने दावा किया है कि इस व्यक्ति ने उससे धर्म और अन्य चीजों को लेकर सवाल पूछे थे।
इस प्रकार हुई आरोपी की पहचान
पुलिस के अनुसार हिरासत में लिए गए शख्स की पहचान अयाज अहमद जंगल पुत्र नबी जंगल के रूप में हुई है। अयाज अहमद गोहीपोरा रायजान गंदेरबल निवासी है। बताया जा रहा है कि वह थजवास ग्लेशियर सोनमर्ग में टट्टू की सेवाएं देता है। फिलहाल पुलिस संदिग्ध से पूछताछ कर रही है।
महिला पर्यटक ने किया था ये दावा
आपको बता दें कि महिला पर्यटक का कहना है कि हमले से पहले 20 अप्रैल को वह बैसरन वैली घूमने गई थीं। तब स्केच में दिख रहे संदिग्ध ने उन्हें खच्चर राइड कराई थी। संदिग्ध ने उस दौरान उनसे कई अजीब सवाल किए। महिला का दावा है कि उन्होंने धर्म, धार्मिक स्थलों की यात्रा और दोस्तों की धार्मिक पहचान से जुड़े कई सवाल पूछे थे।
महिला पर्यटक ने अपने फोन में फोटो और व्हाट्सएप ग्रुप के स्क्रीनशॉट भी दिखाए। इनमें उनके दोस्त भी संदिग्ध की पहचान करने में मदद की है। वायरल फोटो में एक व्यक्ति मेरून रंग की जैकेट और पजामा पहना हुआ दिख रहा है।
एक्शन में फडणवीस सरकार, खोज-खोजकर पाकिस्तानियों को देश से किया जा रहा बाहर, सीएम ने दी चेतावनी
मुंबई । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (Pahalgam Baisaran Terrorists Attack) में हुए आतंकवादी हमले के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों के लिए सभी वीजा सेवाएं तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का बड़ा फैसला लिया। साथ ही पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द कर दिया गया। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार एक्शन मोड में आ गई है और राज्य में ठहरे पाकिस्तानियों को खोज-खोजकर देश से बाहर करने का आदेश दिया है।
वीजा कैंसिल होने के बाद महाराष्ट्र में रह रहे पाकिस्तानियों की पहचान की जा रही है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में इस संबंध में कड़ी चेतावनी दी है। मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “भारत सरकार ने भारत में आये हुए पाकिस्तानी नागरिकों का वीजा रद्द करने का निर्णय लिया है। हमने तुरंत उनकी लिस्ट प्राप्त की है। महाराष्ट्र में उनकी पहचान की जा रही है। पुलिस स्टेशनों को सूचना दी गई है। कोई भी नागरिक पाकिस्तानी वीजा लेकर 48 घंटे से ज्यादा महाराष्ट्र में ना रुके, हमने इसके प्रयास शुरू किए हैं। हम पूरी तरीके से निगरानी करेंगे और उनको बाहर निकालेंगे। जो पाकिस्तानी नागरिक यहां ज्यादा रुकेंगे, उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
सीएम फडणवीस ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी जिलों के पुलिस विभागों को कड़ी निगरानी रखने और इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा, “हम पूरी तरह से इस पर निगरानी रखेंगे और जो लोग नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।“
फडणवीस ने बताया की उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) के साथ इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की है। और उनके मार्गदर्शन के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले, शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने सभी मुख्यमंत्रीयों से बात की और उन्हें अपने-अपने राज्यों में रह रहे सभी पाकिस्तानियों की पहचान करने के लिए कहा। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि उन पाकिस्तानियों को जल्द से जल्द देश से वापस भेजा जाए।
केंद्र सरकार ने यह सख्त कदम 22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरान घाटी में पाकिस्तान समर्थित आतंकियों द्वारा निर्दोष पर्यटकों पर किए गए हमले के बाद उठाया गया है, जिसमें 25 भारतीय नागरिक और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी। इस क्रूर आतंकवादी हमले में महाराष्ट्र के छह नागरिक मारे गए।
बरेली में मासूम बच्ची से दुष्कर्म, खेत में फेंककर भाग आरोपी, हालत गंभीर, मौके पर पहुंचे सीओ और फॉरेंसिक टीम
बरेली। बिशारतगंज क्षेत्र के गांव में गुरुवार रात अपनी ननिहाल में शादी में शामिल होने आई आठ साल की बच्ची से एक युवक ने दुष्कर्म किया। पीड़ित बच्ची को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत गंभीर बताई गई है।
खेत में ले जाकर किया दुष्कर्म
गांव निवासी ग्रामीण की बेटी की बरात गुरुवार रात फरीदपुर क्षेत्र के गांव से आई थी। बरात में शामिल होने के लिए दुल्हन की चचेरी बहन बदायूं जिले से अपनी आठ साल की बेटी के साथ आई थी। बरात गांव में सरकारी स्कूल के पंडाल में रुकी थी। रात 12 बजे करीब दावत चल रही थी। इसी दौरान दावत में मौजूद बच्ची को कोई खाने पीने की चीज दिखाकर फुसलाकर ले गया। पड़ोसी गांव जाने वाली सड़क किनारे खेत में ले जाकर उसने बच्ची से दुष्कर्म किया। आरोपी के चंगुल से छूटकर बच्ची रात में ही बदहवास हालत में पंडाल में पहुंची और परिजनों को घटना बताई।
आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस
मौके पर पहुंची पुलिस की मदद से रात में ही बच्ची को मझगवां सीएचसी ले जाया गया, जहां हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। सीओ आंवला नितिन कुमार, फॉरेंसिक टीम व एसओजी टीम गांव में जांच कर रही है। आरोपी का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
सरकारी भूमि मुक्त, अवैध कॉलोनी ध्वस्त
जेडीए की प्रवर्तन शाखा ने सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाया। इसके अलावा अवैध कॉलोनी को भी ध्वस्त किया।
जयपुर । जोन-14 के नरहरपुरा में 10 बीघा सरकारी जमीन पर स्थानीय लोगों ने बाउंड्रीवाल, तारबंदी करने से लेकर पशुओं का बाड़ा बना रखा था। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण हटाकर जेडीए सम्पत्ति के बोर्ड लगा दिए।
महानिरीक्षक कैलाश विश्नोई ने बताया कि शिवदासपुरा में चार बीघा कृषि भूमि पर अरिहंत एन्क्लेव नाम से अवैध कॉलोनी सृजित की जा रही थी। यहां भूखंडों की बाउंड्रीवाल और अन्य अवैध निर्माण ध्वस्त किए। जोन-08 के रीको कांटे से डिग्गी मालपुरा रोड तक सेक्टर रोड में आ रहे अवैध निर्माणों को भी हटाया गया।
जयपुर में मुसलमानों ने काली पट्टी बांधकर किया विरोध, पोस्टर पर लिखा- ‘पाकिस्तान मुर्दाबाद’
जयपुर । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 बेगुनाह पर्यटकों की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस बर्बर हमले की गूंज राजस्थान में भी सुनाई दे रही है। इस घटना के बाद प्रदेशभर में शोक और एकजुटता की लहर दौड़ गई है। प्रदेशभर में पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। कई जिलों में बाजार बंद रहे और सर्वसमाज ने जोरदार रैलियां निकालकर दोषियों को फांसी देने की मांग की।
जयपुर में आतंक के खिलाफ विरोध
राजधानी जयपुर में शुक्रवार को जुम्मे की नमाज़ के बाद मुस्लिम समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतरे और आतंकवाद के खिलाफ प्रदर्शन किया। विभिन्न मस्जिदों से नमाज़ के बाद लोग हाथों में ‘आतंकवाद मुर्दाबाद’ लिखी तख्तियां लेकर रैलियों में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, यह पूरी इंसानियत के खिलाफ है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि आतंकवादियों को बख्शा न जाए और पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय मिले।
सीकर और कोटा में पूर्ण बंद
सीकर और कोटा जिलों में हिंदू संगठनों के आह्वान पर बाजार पूरी तरह बंद रहे। व्यापारियों और आम नागरिकों ने स्वेच्छा से बंद को समर्थन दिया। हालांकि सीकर के मोहल्ला कारीगरान में दुकान बंद कराने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए, जिसके चलते विवाद की स्थिति बन गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्थिति पर काबू पाया और बजरंग दल के दो कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।
उदयपुर के झाड़ोल में प्रदर्शन
उदयपुर के झाड़ोल कस्बे में शुक्रवार को व्यापार पूरी तरह ठप रहा। व्यापार मंडल और सर्व समाज ने बंद का समर्थन करते हुए एकजुटता दिखाई। कस्बे में बड़ी रैली निकालकर कोर्ट चौराहे पर जोरदार प्रदर्शन हुआ। बाद में झाड़ोल SDM को ज्ञापन सौंपकर दोषियों को कड़ी सजा और पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की मांग की गई। रैली के दौरान शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी गई।
जैसलमेर में पाकिस्तान का झंडा जलाया
जैसलमेर में भी लोग गुस्से में नजर आए। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने हनुमान चौराहे पर पाकिस्तान का झंडा जलाकर आतंकवाद का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं ने कहा कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सबसे बड़े ऑपरेशन की दहशत में नक्सली, प्रेस नोट जारी कर कहा – बंदूक के दम पर नहीं लाई जा सकती बस्तर में शांति… सरकार से लगाई गुहार
बीजापुर । छ्त्तीसगढ़-तेलंगाना-महाराष्ट्र बॉर्डर पर नक्सलियों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा ऑपरेशन चल रहा है। इस ऑपरेशन में करीब 5 हजार जवान शामिल हैं। यहां हिड़मा, दामोदर, देवा समेत कई बड़े नक्सलियों और उनकी बटालियन को घेरा गया है। इसी बीच नक्सली संगठन ने एक बार फिर सरकार से शांति वार्ता की गुहार लगाई है। नक्सलियों ने इसके लिए प्रेस नोट भी जारी किया है।
प्रेस नोट जारी कर कही ये बात
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) उत्तर-पश्चिम सब जोनल ब्यूरो के प्रभारी रूपेश की ओर से जारी पत्र में सबसे पहले बीजापुर-तेलंगाना सीमा पर तेलंगाना, आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ में तैनात सुरक्षाबल की संयुक्त कार्रवाई को तुरंत रोकने की मांग करते हुए सरकार से शांति वार्ता के लिए आगे आने की अपील की है।
विजय शर्मा कर रहे मॉनिटरिंग
बताया जा रहा है कि पूरे ऑपरेशन की छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा मॉनिटरिंग कर रहे हैं। IG से एक-एक मूवमेंट की जानकारियां ले रहे हैं। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री विजय शर्मा और DGP के साथ लगातार संपर्क में हैं। यहां की सारी रिपोर्ट केंद्र सरकार तक पहुंच रही है।
शांति वार्ता एक बहाना, तैयारी करना चाह रहे थे नक्सली
नक्सलियों की तरफ से शांतिवार्ता के लिए लगातार पर्चा जारी किया जा रहा है। नक्सली बार-बार सरकार से कह रहे हैं कि बस्तर में ऑपरेशन रोका जाए, हमें अपने साथियों से, नेतृत्वकर्ताओं से युद्धविराम के लिए बैठकर बात करनी है। इस बात से यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह नक्सलियों की कोई बड़ी प्लानिंग हो सकती है।
बड़े कैडर्स के नक्सली भी यहां मौजूद
कर्रेगुट्टा पहाड़ तक पहले आसानी से नक्सलियों की सप्लाई पहुंचती थी। अब इन इलाकों में फोर्स के कई कैंप स्थापित हो चुके हैं। इस वजह से राशन नहीं पहुंच रहा। यही कारण है कि फोर्स ने रणनीति के तहत नक्सलियों को तब घेरा है जब वे पहाड़ पर सबसे कमजोर हो चुके हैं। इस इलाके में नक्सलियों की बटालियन नंबर 1,2 समेत अन्य कंपनियां सक्रिय हैं। बड़े नेता हिड़मा, देवा, विकास समेत तेलंगाना-महाराष्ट्र-आंध्र की सेंट्रल कमेटी, DKSZCM (दंण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी), DVCM (डिविजनल कमेटी मेंबर), ACM (एरिया कमेटी मेंबर), संगठन सचिव जैसे बड़े कैडर्स के नक्सली भी यहां मौजूद हैं।
नक्सलियों की सबसे सेफ जोन में घेराबंदी
फोर्स ने इस बार छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के गढ़ को घेर लिया है। कर्रेगुट्टा इलाका नक्सलियों की बटालियन नंबर 1 से 5 तक का सबसे सेफ जोन माना जाता रहा है। नक्सलियों ने पिछले दिनों एक प्रेस नोट जारी करते हुए इसी पहाड़ी पर आईईडी का जाल बिछे होने की बात कही थी। बुधवार शाम तक जानकारी आ रही थी कि इस इलाके में एक हजार से ज्यादा नक्सली छिपे हुए हैं। जिनमें हिड़मा समेत कई बड़े नक्सली कमांडर हैं। इसी की पुष्टि के बाद तीन राज्यों की फोर्स ने इस इलाके को घेरा है।
कलमा सीख रहा हूं- बोले भाजपा सांसद निशिकांत दुबे, स्वरा भास्कर ने कहा- क्या हाल हो गया है!
भारत । भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे आजकल लगातार चर्चा में हैं।इस बार मुद्दा उनके द्वारा एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर शेयर की गई एक पोस्ट को लेकर है, जिसमें उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के संदर्भ में एक तंज भरी टिप्पणी की थी। इस पोस्ट के बाद उनके और बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर के बीच सोशल मीडिया पर तीखी बहस देखने को मिली।
उपकार नहीं प्रतिकार
उपकार नहीं प्रतिकार
दस दिन की शांति के बाद फिर सुनाई दी पीले पंजे की गूंज
धौलपुर । दस दिन की शांति के बाद दोपहर कड़ी धूप में परिषद के पीले पंजे की गर्जना फिर सुनाई दी। गर्जना के कंपन से जहां चूड़ी मार्केट पूरी तरह से साफ हो गया तो वहीं शिवनगर पोखरा पर नालों और नालियों पर हो रहे अतिक्रमण को भी ध्वस्त किया। कार्रवाई के दौरान 30 से 40 कच्ची दुकानों को जमींदोज किया।
चौड़ा हुआ चूड़ी मार्केट रास्ता
शहर के बीचो बीच गांधी पार्क स्थित चूड़ी मार्केट कई वर्षों से संचालित हो रहा है। जहां दुकानदारों ने सडक़ों को घर अपनी दुकानें सजा ली थीं। परिषद पहले भी यहां से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर चुका था, लेकिन अमले के जाने के पश्चात फिर दुकानें सज जाती थी। लेकिन बुधवार की कार्रवाई में कुछ अलग देखने को मिला। कार्रवाई के दौरान लाइन से 30 से 40 कच्ची दुकानों को जमींदोज कर दिया। अतिक्रमण हटने के बाद चूड़ी मार्केट का संकरा रास्ता चौड़ा हो गया। चूड़ी मार्केट से अतिक्रमण हटाने के बाद परिषद का अमला शिवनगर पोखरा पहुंच गया। जहां नालों और नालियों पर हो रहे अतिक्रमण को एक-एक कर ध्वस्त किया गया।
नालों में गोबर और गंदगी डालने वालों पर कार्रवाई
नगर परिषद नालों और नालियों को खोलने के लिए जहां अतिक्रमण को ध्वस्त कर रहा है, वहीं नालों में गोबर, गंदगी आदि पदार्थ डालने वालों पर सख्त रुख अपना रहा है। इस कड़ी में मंगलवार को जहां चोपड़ा मंदिर के बीच लक्ष्मी डेयरी संचालक पर 5100 रुपए का चालान किया। तो वहीं बुधवार की कार्रवाई के दौरान सीवर में गोबर डालने को लेकर एक जने पर 500 रुपए का अर्थदण्ड लगाया। परिषद पहले ही लोगों को सीवर में गोबर, कचरा, पत्थर या अन्य पदार्थ डालने को लेकर शहरवासियों को चेता चुका है। अगर ऐसा करते हुए कोई पाया जाता है तो परिषद उस पर कार्रवाई करेगा।
क्रेडिफिन ने इक्विटी और ऋण से जुटाए 213 करोड़, नए ऋणदाता हुए शामिल
नई दिल्ली । भारत के मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध एनबीएफसी क्रेडिफिन लिमिटेड (पूर्व में पीएचएफ लीजिंग लिमिटेड) ने इक्विटी और ऋण के रूप में 24.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 213.6 करोड़ रुपये) की पूंजी जुटाई है। इस फंडिंग में 6.7% इक्विटी और 93.3% ऋण शामिल है।
कंपनी इस राशि का उपयोग तेजी से बढ़ते परिचालन, नए भौगोलिक क्षेत्रों में विस्तार और वंचित समुदायों तक वित्तीय सेवाएं पहुंचाने के लिए करेगी।
क्रेडिफिन लिमिटेड एक जमा न लेने वाली एनबीएफसी है, जो मुख्य रूप से अचल संपत्ति के बदले बंधक ऋण (LAP) और ई-रिक्शा, ई-लोडर, दोपहिया ई-वाहनों के लिए फाइनेंसिंग करती है। कंपनी की मौजूदगी देश के 13 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 200 से ज्यादा लोकेशन तक फैली है और यह 700 से अधिक लोगों को रोजगार देती है।
फंडिंग में शामिल प्रमुख ऋणदाता
इस राउंड में कई नए कर्जदाता जुड़े हैं जिनमें नॉर्दर्न आर्क कैपिटल, ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, किसानधन एग्री फाइनेंशियल सर्विसेज, इलेक्ट्रॉनिका फाइनेंस लिमिटेड और मानवीय डेवलपमेंट एंड फाइनेंस जैसे नाम शामिल हैं। मौजूदा कर्जदाताओं में एसबीआई, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, चोलामंडलम, विवृति कैपिटल, श्रीराम ट्रांसपोर्ट फाइनेंस, एमएएस फाइनेंशियल और अन्य शामिल हैं।
सीईओ शल्य गुप्ता ने कहा, “हमारे ऋणदाताओं और निवेशकों का दोबारा भरोसा हमारे मॉडल की मजबूती का प्रमाण है। डिजिटल भुगतान में हमारी हिस्सेदारी 80% से अधिक है, जो हमारे आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर की मजबूती को दर्शाता है।”
क्रेडिफिन का उद्देश्य पारंपरिक ऋण व्यवस्था से दूर छूटे हुए वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ना और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है। कंपनी वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही तक 312 करोड़ रुपये के एयूएम के साथ आगे बढ़ रही है।
कंपनी की नजर अब तेज विकास और नए उत्पादों की पेशकश पर है, जिसके लिए भविष्य में भी पूंजी जुटाने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
भारत का पाकिस्तान को करारा जवाब: आतंकी हमले के बाद 5 बड़े फैसले
नई दिल्ली । जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की आपात बैठक के बाद विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान को लेकर पांच बड़े फैसलों का ऐलान किया।
1. सिंधु जल संधि रद्द:
भारत ने पाकिस्तान के साथ दशकों पुरानी सिंधु जल संधि को रद्द कर दिया है। यह फैसला पाकिस्तान को कूटनीतिक और रणनीतिक रूप से घेरने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
2. पाकिस्तानियों के वीजा रद्द:
भारत सरकार ने सभी पाकिस्तानी नागरिकों को जारी वीजा तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं। अब कोई भी पाकिस्तानी नागरिक भारत नहीं आ सकेगा।
3. पाकिस्तानी दूतावास बंद:
भारत में स्थित पाकिस्तानी दूतावास को बंद करने का आदेश दिया गया है। साथ ही पाकिस्तानी राजनयिकों को 48 घंटे के भीतर भारत छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
4. अटारी-वाघा बॉर्डर सील:
भारत-पाकिस्तान के बीच व्यापार और यात्रा का मुख्य द्वार अटारी-वाघा बॉर्डर अब पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसका असर दोनों देशों के बीच सीमित व्यापार और आवाजाही पर पड़ेगा।
5. TRF की जिम्मेदारी, भारत सख्त:
हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी संगठन The Resistance Front (TRF) ने ली है। इस हमले में पाकिस्तान की भूमिका की पुष्टि के बाद भारत ने यह निर्णय लिए हैं।
विदेश मंत्रालय का बयान:
CCS बैठक के बाद विदेश मंत्रालय ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, “भारत की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। यह हमला सिर्फ जम्मू-कश्मीर नहीं, पूरे भारत पर हमला है।”
गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की मौजूदगी में लिए गए इन फैसलों को भारत की अब तक की सबसे सख्त जवाबी कार्रवाई माना जा रहा है।
एमबीडी ग्रुप केAASOKA ने ₹100करोड़ का आंकड़ा किया पार,तकनीक आधारित समावेशी शिक्षा का बना चैंपियन
नोएडा, 23 अप्रैल 2025– एमबीडी ग्रुप के प्रमुख एडटेक प्लेटफॉर्मAASOKAने ₹100 करोड़ का आकड़ा पार करते हुए K-12वीं तक की शिक्षा में अपनी सशक्त मौजूदगी दर्ज कराई। इसऐतिहासिकउपलब्धि की घोषणा नोएडा स्थित रैडिसन ब्लू एमबीडी होटल में आयोजित एक मीडिया राउंडटेबलकॉफ्रेंसके दौरान की गई,जिसमें एमबीडी ग्रुप की चेयरपर्सनश्रीमती सतीश बाला मल्होत्रा, प्रबंध निदेशिकासुश्री मोनिका मल्होत्रा कंधारी, संयुक्त प्रबंध निदेशिका सुश्री सोनिका मल्होत्रा कंधारीऔरAASOKA के CEO श्री प्रवीन सिंहमौजूद रहे।
इस अवसर परAASOKAकी प्रेरणादायक यात्रा को साझा किया गया — 2022 में 300 स्कूलों और ₹10 करोड़ की आय से शुरुआत करके, अब 4,000 से अधिक स्कूलों के साथ साझेदारी करके, 9.5लाख विद्यार्थियों और 80,000शिक्षकों को सशक्त बनाकरकेवल चार वर्षों में ₹100 करोड़ तक पहुँचनाइस पहल की गंभीरता और तत्परता को दर्शाता है।एक मिशन के रूप में शुरू हुआ यह अभियान अब एक आंदोलन बन चुका है।AASOKAकश्मीर से कन्याकुमारी और कच्छ से अरुणाचल तक अब भारत के हर कोने में अपनी पहुँच बना चुका है। इसके साथ ही यह अब मिडिल ईस्ट और दक्षिण अफ्रीका जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी जड़ें जमारहा है। AASOKA नेअगलेतीनवर्षोंमें 20,000 स्कूलोंकोअपनेसाथजोड़नेकासंकल्प लिया है।
इस सफलता के केंद्र में हैनवाचार, दृढ़ उद्देश्य, औरसमावेशिताका मेल। AASOKA केवल तकनीक को कक्षा में लाने का कार्य ही नहीं कर रहा है, अपितु यह बच्चों के सीखने के अनुभव को नए आयाम दे रहा है।AASOKA WizKidsजैसे टूल्स बच्चों मेंकम उम्र से हीजिज्ञासा को जन्म दे रहे हैं, और उन्हें बिना स्क्रीन के साक्षरता, गणित, और कोडिंग जैसे मूलभूत कौशल सिखा रहे हैं।स्क्रीनलेस कोडिंग बॉटऔरटैक्टाइल लर्निंग किट्सबच्चों के लिए सीखने को सहज और आनंददायक बनाते हैं।
AASOKA AI STEAM Labएक आश्चर्यजनक प्लेटफार्महै,जहाँआठ वर्ष और उससे अधिक आयु के छात्र रोबोटिक्स, 3D डिज़ाइन,और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बारे में पढ़ते और समझते हैं।यह अपने पाठ्यक्रम के अनुरूप प्रैक्टिकलकिट्स के माध्यम से बच्चों में अन्वेषण करने औररचनात्मककौशल को भी बढ़ावा देता है।यह प्रयोगात्मक लर्निंग छात्रों को सिर्फ परीक्षा ही नहीं, भविष्य के लिए भी तैयार करती है।
AASOKA WizKidsअबअफ्रीका और मिडिल ईस्ट के स्कूलों की कक्षाओं में भी अपनी पहुँच बना रहा है।यह प्लेटफ़ॉर्म एक ऐसी दुनिया बनाने की दिशा में अपने कदम बढ़ा रहा है,जहाँ हर बच्चे को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने का अधिकार है,चाहे वे कहीं भी रहतेहों।
AASOKA की सबसे बड़ी ताकत है इसकासमग्र औरमानव-केंद्रित दृष्टिकोण। एक डिजिटल टूल से कहीं बढ़कर यह एक संपूर्णलर्निंग ईकोसिस्टमहै। NEP 2020, NCF-FS और NCF-SE फ़्रेमवर्क को एकीकृत करके और CBSE, ICSE एवं विभिन्न राज्य बोर्डोंका समर्थन करकेAASOKAयह सुनिश्चित करता है कि कोई भी बच्चा पीछे न छूटे।
शिक्षकों को तैयार पाठ योजनाएँ और प्रशिक्षण कार्यक्रम मिलते हैं, जिससे उन्हें आत्मविश्वास के साथ डिजिटल निर्देशों को अपनाने में मदद मिलती है। छात्र प्रोजेक्ट आधारित और मल्टीमीडिया युक्त सामग्री से जुड़ते हैं। स्कूल लीडर्स को संचालन में सहूलियत मिलती है और अभिभावकों को रियल टाइम अपडेट्स मिलते हैं।
चेयरपर्सन श्रीमती सतीश बाला मल्होत्राने कहा,
“AASOKA हमारे संस्थापक श्री अशोक कुमार मल्होत्रा की सोच को समर्पित है, जिनका विश्वास था कि शिक्षा में परिवर्तन की शक्ति है। उन्होंने जीवन भर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सभी के लिए सुलभ बनाने के लिए काम किया और वही प्रेरणा हमारे हर कदम में शामिल है।AASOKA के साथ, हम छात्रों और शिक्षकों दोनों को सशक्तबनाने वाले योग्य शिक्षण अनुभव प्रदान करके उनकी विरासत को आगे बढ़ाने हेतु प्रयासरत हैं।"
प्रबंध निदेशिकासुश्री मोनिका मल्होत्रा कंधारीने कहा,
“AASOKA एक सहज, ऑल-इन-वन समाधान है जो स्कूलों की ज़रूरतों को समझकर हर स्तर पर उन्हें समर्थन देता है। इसके AI-enabledअसेसमेंट्स और इंटरेक्टिव टूल्स विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्कूल प्रमुखों सभी को साथ लेकर चलते हैं। AASOKAकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसे हर स्कूल की आवश्यकता के अनुसार पूर्णतः कस्टमाइज़ किया जा सकता है।AASOKA यह सुनिश्चित करता है कि हर सीखने का अनुभव छात्रों और शिक्षकों कीविशिष्ट ज़रूरतोंको पूरा करने के लिए तैयार किया गया हो।"
संयुक्त प्रबंध निदेशिकासुश्री सोनिका मल्होत्रा कंधारीने कहा,
“AASOKA शिक्षा को अधिक सुलभ, दिलचस्प और भविष्य के अनुकूल बनाने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यह वही सोच है जो हमारे हॉस्पिटैलिटी और रिटेल सेक्टर्स में भी झलकती है यानी लोगों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव छोड़ने की।एमबीडी ग्रुप में, हमारा एकीकृत दृष्टिकोण उद्देश्य-संचालित प्रगति के माध्यम से कक्षाओं, अतिथि अनुभवों और रोज़मर्रा की बातचीत में भी लोगों के जीवन को सशक्त बनाना है।"
AASOKA के सीईओ श्री प्रवीनसिंहने कहा,
“हमने AASOKA को केवल एक कंटेंट प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि एक संपूर्ण लर्निंग ईकोसिस्टम के रूप में तैयार किया है। जो भी समस्या हम हल करते हैं — चाहे वह लर्निंग गैप हो, क्लासरूम एंगेजमेंट हो या स्कूल मैनेजमेंट — वह शिक्षकों की बात सुनकर शुरू होती है। हम जब नए क्षेत्रों में विस्तार करते हैं, तो हमारा उद्देश्य सिर्फ संख्याओं में आगे बढ़ना नहीं, बल्कि हर विद्यार्थी, शिक्षक और स्कूल के लिए सार्थक परिणाम लाना होता है।”
इस प्रेरणादायक राउंडटेबल कांफ्रेंस का समापन एक खुली चर्चा और नेटवर्किंग लंच के साथ हुआ, जिसमें शिक्षा के भविष्य और इसे आकार देने में एडटेक की महत्वपूर्ण भूमिका पर शिक्षाविदों, मीडिया प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों ने अपने विचार साझा किए।