छत्तीसगढ़ / दुर्ग
अवैध मदिरा के विरूद्ध आबकारी विभाग की कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार
दुर्ग, । कलेक्टर अभिजीत सिंह के दिशा-निर्देश व प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी क्रिस्टोफर खलखो के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग द्वारा अवैध मदिरा के विरूद्ध कार्रवाई की गई।
सहायक आयुक्त आबकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार 9 अगस्त को सूचना के आधार पर आबकारी विभाग जिला दुर्ग वृत-भिलाई 04 के द्वारा त्वरित विधिवत कार्यवाही कर आरोपी सुनिल सेन, शांति नगर कुम्हारी, थाना-कुम्हारी के कब्जे से 96 पाव देशी मदिरा मसाला शोले मात्रा 17.280 बल्क लीटर (बाजार मूल्य 9,600-रूपये) मदिरा एवं दुपहिया वाहन क्रमांक सी.जी. 07 सी.एक्स. 3841 (बाजार मूल्य 40,000-रुपये) जब्त किया गया। इसी प्रकार 10 अगस्त 2026 को सूचना के आधार पर आबकारी विभाग जिला दुर्ग वृत-दुर्ग पूर्व के द्वारा त्वरित विधिवत कार्यवाही कर आरोपी कृष्णा ढीमर, निवासी-शिव पारा वार्ड नंबर 33 दुर्ग, थाना-सिटी कोतवाली जिला-दुर्ग के कब्जे से 35 पाव देशी मदिरा मसाला शोले मात्रा 6.300 बल्क लीटर (बाजार मूल्य 3,500-रूपये) मदिरा एवं दुपहिया वाहन क्रमांक सी.जी. 07 एल.डी. 9455 (बाजार मूल्य 15,000-रूपये) जप्त किया गया।
दोनों आरोपियों के विरूद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34 (2) के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल किया गया। प्रकरणों की विवेचना आबकारी उप निरीक्षक श्रीमती कीर्ति ठाकुर एवं श्रीमती गीतांजली तारम द्वारा की जा रही है। प्रकरण में आबकारी मुख्य आरक्षक विजय कुमार वर्मा, आबकारी आरक्षक खिलेश ध्रुव, लोचन कुमार, कोमल प्रिया तिर्की, मीनाक्षी साहू, चंद्रकांत साहू, प्रीति भगत एवं ड्राइवर प्रकाश राव, दीपक दुर्गेश का विशेष योगदान रहा।
ग्राम ननकट्ठी में विश्व आदिवासी दिवस पर विधिक जागरूकता की नई पहल
दुर्ग, । विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के अध्यक्ष के. विनोद कुजूर के मार्गदर्शन में सचिव उमेश कुमार भागवतकर ने ग्राम ननकट्ठी में पैरा-लीगल वालेंटियर्स (PLV) के साथ एक ऐसी ही जनजागरूकता पहल की, जिसमें विधिक जागरूकता को पारंपरिक भाषणों तक सीमित रखने के बजाय संवाद और रैली के माध्यम से सीधे लोगों के बीच ले जाया गया। ग्राम ननकट्ठी के पंचायत भवन से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। यहां ग्रामीणों को आदिवासी समुदायों के अधिकारों, विधिक संरक्षण, निःशुल्क विधिक सहायता और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सेवाओं की जानकारी दी गई। इसके बाद तस्वीर बदली। पंचायत भवन से निकली जागरूकता रैली गांव के हाट-बाजार और विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरी। कम्यूनिटी मीडियेटर्स, PLV, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से यह रैली केवल एक कार्यक्रम नहीं रही, बल्कि गांव के बीच चलती-फिरती विधिक जागरूकता मुहिम बन गई। रैली के दौरान लोगों को यह संदेश दिया गया कि अपने अधिकार जानिए, जरूरत पड़ने पर कानूनी मदद लीजिए और विवादों को बढ़ाने के बजाय बातचीत से समाधान तलाशिए।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा सामुदायिक मध्यस्थता। ग्रामीणों को बताया गया कि हर विवाद का रास्ता अदालत से होकर ही गुजरे, यह जरूरी नहीं। कई छोटे विवाद ऐसे होते हैं जिन्हें समय रहते संवाद, समझ, सहमति और सहयोग से सुलझाया जा सकता है। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर GOVT. POST MATRIC S.C. BOYS HOSTEL में भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग की ओर से LADCS के दो काउंसलर पहुंचे। यहां विद्यार्थियों से केवल कानून की बातें नहीं हुईं उनके सपनों की भी बात हुई। विद्यार्थियों को विश्व आदिवासी दिवस के महत्व, आदिवासी समुदायों की संस्कृति, परंपराओं और अधिकारों के साथ-साथ यातायात सुरक्षा, साइबर फ्रॉड और डिजिटल सुरक्षा के बारे में जागरूक किया गया। विद्यार्थियों को विशेष रूप से सचेत किया गया कि OTP साझा न करें, अनजान लिंक पर क्लिक न करें और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। इसके साथ ही विद्यार्थियों से उनके कैरियर, लक्ष्य और भविष्य की योजनाओं पर संवाद किया गया तथा उन्हें मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
जिले के अलग-अलग हिस्सों में PLV बने ‘कानून के साथी’
विश्व आदिवासी दिवस पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के पैरा-लीगल वालेंटियर्स ने जिले के विभिन्न स्थानों पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए। निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, मध्यस्थता और अन्य विधिक सेवाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाई गई तथा उन्हें बताया गया कि कानूनी समस्या आने के बाद अकेले उसका सामना करना जरूरी नहीं है, विधिक सेवा प्राधिकरण मदद के लिए उपलब्ध है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग का यह प्रयास विधिक जागरूकता को केवल सूचना देने की प्रक्रिया से आगे ले जाकर उसे जनभागीदारी, संवाद और सामुदायिक समाधान से जोड़ने की दिशा में एक कदम रहा। गांव की गलियों से हाट-बाजार तक पहुंची यह पहल यही बताती है - कानून की असली ताकत सिर्फ उसे लागू करने में नहीं, बल्कि उसे हर व्यक्ति तक पहुंचाने में है।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 ने आसान किया आयुष्मान कार्ड का सफर
दुर्ग, । अब मन को तसल्ली है कि जरूरत पड़ने पर मेरा इलाज सही समय पर और निःशुल्क हो सकेगा। यह संतोष के भाव हैं दुर्ग जिले के खुर्सीपार जोन-2 निवासी कमल सिंह बेदी के, जिनकी आयुष्मान कार्ड बनवाने की कई महीनों की परेशानी मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से दूर हुई। कमल सिंह बेदी पिछले 6 से 7 महीनों से अपना आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए प्रयासरत थे। उन्होंने कई जगह जानकारी ली और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश की, लेकिन उनका आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा था। लगातार प्रयास के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने से वे परेशान थे। इसी दौरान उन्होंने समाचार पत्र में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के बारे में पढ़ा। उन्हें जानकारी मिली कि आम नागरिक अपनी समस्याओं को हेल्पलाइन के माध्यम से दर्ज कराकर उनके त्वरित निराकरण की दिशा में पहल कर सकते हैं। उन्होंने बिना देर किए हेल्पलाइन नंबर 1076 पर संपर्क कर अपनी समस्या दर्ज कराई और आयुष्मान कार्ड नहीं बन पाने की पूरी जानकारी दी।
सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा मामले पर त्वरित कार्रवाई की गई। सिर्फ दो-चार दिनों के भीतर ही श्री बेदी से संपर्क किया गया और उन्हें दुर्ग बुलाकर उनका आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गया। कई महीनों से लंबित समस्या का इतनी जल्दी समाधान होने पर कमल सिंह बेदी ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि “मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सचमुच में अद्भुत है। मैंने अपनी समस्या फोन के माध्यम से बताई और कुछ ही दिनों में मेरा आयुष्मान कार्ड बन गया। अब मुझे तसल्ली है कि जरूरत पड़ने पर मेरा इलाज सही समय पर और निःशुल्क हो सकेगा।”
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने और उनके त्वरित निराकरण का प्रभावी माध्यम बन रही है। श्री बेदी की कहानी यह बताती है कि जब शासन की सेवाएं नागरिकों तक सरल और सुलभ तरीके से पहुंचती हैं, तो आमजन का भरोसा और मजबूत होता है। एक फोन कॉल ने महीनों की परेशानी दूर की, यही है सुशासन की सार्थक पहल।
मीडिएशन 3.0 की सफलता के लिए जिला अधिवक्ता संघ के साथ संवाद
दुर्ग, । हर विवाद का अंत अदालत के फैसले से ही हो यह जरूरी नहीं। कभी-कभी एक बातचीत, एक सही सवाल और एक निष्पक्ष संवाद वह कर सकता है, जो वर्षों की मुकदमेबाजी भी नहीं कर पाती। इसी सोच के साथ मीडिएशन 3.0 को दुर्ग में और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।
माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, दुर्ग के. विनोद कुजूर ने जिला अधिवक्ता संघ, दुर्ग के अधिवक्ताओं के साथ बैठक कर मध्यस्थता को अधिक प्रभावी बनाने और अधिकाधिक उपयुक्त मामलों को संवाद के माध्यम से समाधान तक पहुंचाने पर चर्चा की। उक्त बैठक में जिला अधिवक्ता संघ दुर्ग के अध्यक्ष, सचिव, अन्य पदाधिकारीगण तथा अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
केस से पहले कन्वर्सेशन
बैठक में इस बात पर विशेष रूप से चर्चा हुई कि हर विवाद में केवल यह देखना जरूरी नहीं कि कौन जीतेगा और कौन हारेगा, बल्कि यह भी देखा जाना चाहिए कि क्या दोनों पक्ष ऐसा समाधान तलाश सकते हैं जिसमें किसी की अनावश्यक हार न हो। अध्यक्ष महोदय ने अपने उद्बोधन में कहा कि वे ऐसे मामलों की पहचान करने में सक्रिय भूमिका निभाएं, जिनमें मध्यस्थता के माध्यम से पक्षकारों के बीच संवाद स्थापित कर स्थायी एवं स्वीकार्य समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अधिवक्ता केवल अपने पक्षकार के प्रतिनिधि नहीं होते, बल्कि वे पक्षकार को उपलब्ध सभी वैधानिक और प्रभावी समाधान विकल्पों से परिचित कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मध्यस्थता केन्द्र प्रभारी ने बताया समाधान की असली ताकत क्या है
बैठक में मध्यस्थता केन्द्र प्रभारी, दुर्ग अनिष दुबे ने भी अधिवक्ताओं को संबोधित किया।उन्होंने मध्यस्थता की व्यावहारिक प्रक्रिया और उसके प्रभावी क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि मध्यस्थता में किसी पक्ष को हराना लक्ष्य नहीं होता। उन्होंने अधिवक्ताओं से अपील की कि वे अपने प्रकरणों में मध्यस्थता की संभावनाओं को पहचानें और उपयुक्त मामलों में पक्षकारों को इसके लाभों के बारे में समझाएं। इसीलिए बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि मध्यस्थता को केवल एक कानूनी प्रक्रिया के रूप में नहीं, बल्कि समाधान की संस्कृति के रूप में विकसित किया जाए।
कलेक्टर ने बाल संरक्षण एवं महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों के त्वरित निराकरण के दिए निर्देश
दुर्ग, । कलेक्टर अभिजीत सिंह की अध्यक्षता में विगत दिवस जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति सहित बाल संरक्षण एवं महिला सुरक्षा से संबंधित विभिन्न जिला स्तरीय समितियों की बैठक कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न समितियों के एजेंडावार विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री सिंह ने बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए पुलिस विभाग को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी बाल देखरेख संस्थाओं के अधीक्षकों को शासन द्वारा निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन एवं नाश्ता उपलब्ध कराने तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रत्येक शनिवार को विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बाल देखरेख संस्थाओं में निवासरत आफ्टर केयर के लिए चिन्हांकित पात्र बच्चों के प्रस्ताव संचालनालय को भेजने, बालक कल्याण समिति दुर्ग में लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा किशोर न्याय बोर्ड में विधि के विरुद्ध संघर्षरत बालकों के प्रकरणों की सुनवाई एवं नियमानुसार त्वरित निराकरण के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर श्री सिंह ने महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के तहत अशासकीय संस्थाओं में आंतरिक शिकायत समिति गठित करने के निर्देश दिए। साथ ही सखी वन स्टॉप सेंटर में दर्ज प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने तथा पीड़ित महिलाओं को तत्काल आश्रय एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, जिला कार्यक्रम अधिकारी आर.के. जाम्बुलकर, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी अजय साहू, जिला बाल संरक्षण अधिकारी, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के परियोजना समन्वयक, बालक कल्याण समिति दुर्ग के अध्यक्ष एवं सदस्य, शासकीय एवं अशासकीय बाल देखरेख संस्थाओं के अधीक्षक सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
अवैध रुप से भण्डारित उर्वरकों/कीटनाशकों के चार गोदाम शील की गई
दुर्ग, । कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार कृषि विभाग के जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल द्वारा पाटन विकासखंड में कृषि आदान सामग्रियों के उचित मूल्य पर विक्रय तथा गुणनियंत्रण के उद्देश्य से 08 अगस्त 2026 को निरीक्षण की कार्यवाही की गई। इस दौरान वृंदावन नगर, थाना-अमलेश्वर, विकासखंड-पाटन, जिला-दुर्ग में एक गोदाम में कृषि उत्पाद से भरे गोदाम का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान गोदाम में शिवालय क्रॉप साइंस प्राइवेट लिमिटेड विभिन्न कृषि आदान कीटनाशक, जैव उत्प्रेरक एवं कार्बनिक उर्वरक का भंडारण पाया गया। गोदाम में उपस्थित कर्मचारी द्वारा भण्डारित कृषि आदान सामग्रियों के संबंध में लायसेंस एवं अन्य दस्तावेज प्रस्तुत करने कहा गया किन्तु उनके द्वारा कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर सम्पूर्ण परिसर का सघन निरीक्षण किया गया। उक्त गोदाम में विभिन्न कीटनाशक, जैव उत्प्रेरक, अवसान तिथि पश्चात् एवं बगैर बैच नम्बर कृषि आदान सामग्रियों का भण्डारण पाया गया। उर्वरक एवं कीटनाशी निरीक्षक द्वारा कीटनाशी अधिनियम 1968, कीटनाशी नियम 1971 एवं उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 का उल्लंघन पाए जाने पर 30 से अधिक प्रकार के लगभग 5286 लीटर एवं 4717 कि.ग्रा. कीटनाशक तथा 1380 लीटर एवं 1714 कि.ग्रा. जैव उर्वरक को जब्त कर संबंधित प्रोपाइटर को सुपुर्दगी किया गया। गोदाम से लगे हुए भवन में भी कृषि आदान सामग्री दिखाई देने पर संबंधित कंपनी के प्रतिनिधि को ताला खोलने हेतु कहा गया, किन्तु उनके द्वारा उक्त भवन की चाबी प्रोपराइटर के पास होने और वह जिले से बाहर होने तथा वर्तमान में उपस्थित नहीं हो पाने की जानकारी देने पर संबंधित भवन को सील बंद की कार्रवाई की गई है, जिसे संस्था के प्रोपाइटर प्रमोद कुमार साहू के समक्ष 09 अगस्त 2026 को खोला गया। जिसमें अवसान तिथि के बाद का 450 लीटर एवं 376 किलो कीटनाशक, 1210 किलो जैव उत्प्रेरक तथा 34 बोरियों में कीटनाशक/जैव उत्प्रेरक के खाली रैपर पाया गया। कृषि आदान सामग्रियों का अवैध तरीके से पैकिंग किये जाने की संभावना प्रतीत होने के कारण उक्त पैकिंग सामग्रियों को भी जप्त किया गया है।
उप संचालक कृषि संदीप भोई ने बताया कि एक गोदाम में एक मालवाहक का निरीक्षण किया गया, जिसमें भी कीटनाशक एवं जैव उत्प्रेरक का भण्डारण पाया गया। गोदाम में कॉर्टेक्स एग्रो साइंस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से अवैध रूप से कीटनाशक एवं जैव उत्प्रेरक का भंडारण एवं विक्रय का कार्य किया जा रहा था। कीटनाशी अधिनियम 1968, कीटनाशी नियम 1971 एवं उर्वरक गुण नियंत्रण आदेश 1985 का उल्लंघन पाए जाने पर दो गोदाम मे लगभग 20 से अधिक प्रकार के लगभग 2100 लीटर से अधिक मात्रा मे कीटनाशक एवं 2170 किलो कीटनाशक और जैव उत्तप्रेरक को जप्त कर दोनों गोदाम को सीलबंद किया गया है। कार्यवाही संबंधित कंपनी कॉर्टेक्स एग्रो साइंस प्राइवेट लिमिटेड के संचालक दुर्गा प्रसाद शर्मा की उपस्थिति में की गई। गोदाम में खाली कंटेनर, उपयोग किए हुए खाली बोरे, विभिन्न विभिन्न प्रकार के लेवल भी पाया गया, जिसमें कीटनाशक एवं जैव उर्वरकों का अवैध रूप से पैकिंग का कार्य किये जाने की संभावना है। विभाग के निरीक्षण दल द्वारा दोनों कंपनियों के 04 गोदाम से 50 से अधिक प्रकार के लगभग 10124 लीटर एवं 1884 कि.ग्रा. कीटनाशक तथा 1840 लीटर एवं 3665 कि.ग्रा. जैव उर्वरक को जब्त किया जाकर संबंधित प्रोपाइटर को सुपुर्दगी कर कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया है। उक्त कृषि आदान सामग्रियों के गुणवत्ता परीक्षण हेतु नमूना संग्रहित कर अधिसूचित प्रयोगशाला में भेजने की कार्यवाही की गई है।
उप संचालक कृषि संदीप भोई के नेतृत्व में जिला स्तरीय दल में सुमन कुमार कोर्राम, सहायक संचालक कृषि सह जिला निरीक्षक, थानेश्वर मेश्राम, कृषि विकास अधिकारी, लुकेश साहू, सर्वेयर, रौनक सिन्हा, भृत्य सम्मिलित थे। कार्यवाही के दौरान विकासखण्ड पाटन के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, श्रीमती पुष्पा रामटेके, श्रीमती ललिता साहू, क्षेत्रीय निरीक्षक, हरीश कुमार वर्मा, कृषि विकास अधिकारी, श्रीमती किर्तीलता वर्मा, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी द्वारा भी कार्यवाही में सहयोग किया गया। आगे भी किसानों को खाद/कीटनाशक की किल्लत पैदा करने वाले, कालाबाजारी करने वाले या बिना वैध दस्तावेजों के अमानक उर्वरक/कीटनाशक औषधि विक्रय करने वाले कृषि केन्द्रों पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 एवं कीटनाशक अधिनियम 1968 के तहत कड़ी कार्यवाही की जाएगी। सभी उर्वरक/कीटनाशक विक्रेताओं एवं समितियों को किसानों को निर्धारित दर पर ही कृषि आदान सामग्री उपलब्ध कराएं, अधिक मूल्य वसूली की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। विभाग द्वारा खरीफ सीजन में उर्वरकों की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी की जा रही है। किसान भाई किसी भी प्रकार की कृषि आदान सामग्री वितरण में अनियमितता पाये जाने पर इसकी शिकायत नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय में कर सकते हैं।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 14 को दुर्ग में आयोजित होगी स्वतंत्रता दौड़
दुर्ग, । स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में जिला खेल एवं युवा कल्याण विभाग दुर्ग द्वारा प्रतिवर्षानुसार इस वर्ष भी 14 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दौड़ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह स्वतंत्रता दौड़ प्रातः 7.30 बजे रविशंकर स्टेडियम, दुर्ग के मुख्य गेट से प्रारंभ होगी। दौड़ का मार्ग आदर्श कन्या शाला, गांधी चौक, पटेल चौक, पुराना दुर्ग थाना, इंदिरा मार्केट, फरिश्ता कॉम्प्लेक्स चौक, पचरीपारा नया बस स्टैंड रोड, बस स्टैंड और चर्च रोड से होते हुए पुनः रविशंकर स्टेडियम के मुख्य गेट पर पहुंचकर समाप्त होगा।
कार्यालय सहायक संचालक, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इस दौड़ में विद्यालय एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राएं, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट-गाइड, सैनिक, अध्यापक, खिलाड़ी, गणमान्य नागरिक, समस्त शासकीय/अशासकीय अधिकारी व कर्मचारी तथा स्थानीय समाचार पत्रों के पत्रकार भाग लेने के लिए आमंत्रित हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग द्वारा प्रकरणों की सुनवाई 13 अगस्त को
दुर्ग, । छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू एवं सदस्य श्रीमती ओजस्वी मण्डावी के द्वारा 13 अगस्त को दुर्ग के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में प्रातः 11 बजे से महिलाओं के उत्पीड़न से संबंधित विभिन्न 27 प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी। सुनवाई के पश्चात दोपहर 3 बजे कलेक्टर सभाकक्ष में प्रेसवार्ता भी ली जाएगी।
7 स्कूलों में आरओ वाटर कूलर प्लांट स्थापना हेतु 31.50 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति
दुर्ग, । कलेक्टर अभिजीत सिंह ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजना अंतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत विभिन्न शासकीय विद्यालयों में 7 विकास कार्यों के लिए कुल 31.50 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। विधायक डोमन लाल कोर्सेवाड़ा द्वारा अनुशंसित उक्त कार्यों का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी जिला शिक्षा अधिकारी, दुर्ग द्वारा किया जाएगा।
जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के पाटन विकासखंड अंतर्गत कुल 7 विद्यालयों में 250 एलपीएच (लीटर प्रति घंटा) क्षमता के वाटर प्यूरीफिकेशन इनबिल्ट आरओ वाटर कूलर प्लांट स्थापना कार्य की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी उत्कृष्ट विद्यालय चरोदा (भिलाई 03), स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी उत्कृष्ट विद्यालय भिलाई 03, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला देवबलोदा (भिलाई 03), शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भिलाई 03, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला उरला (भिलाई 03), शासकीय उच्च प्राथमिक शाला (बालक) देवबलोदा (भिलाई 03) तथा शासकीय प्राथमिक शाला जीकेबिन चरोदा (भिलाई 03) में प्रत्येक स्थान पर आरओ वाटर कूलर प्लांट स्थापना हेतु 4.5-4.5 लाख रुपए (कुल 31.50 लाख रूपए) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
बिरेभाट में 33 महिलाएं सीख रहीं राजमिस्त्री का हुनर
दुर्ग । कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में जनपद पंचायत धमधा की ग्राम पंचायत बिरेभाट में 30 दिवसीय राजमिस्त्री प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। 27 जुलाई से 25 अगस्त तक चल रहे प्रशिक्षण में 33 महिलाएं और 2 पुरुष सहित कुल 35 प्रतिभागी शामिल हुए।
प्रशिक्षण में नींव निर्माण, ईंट चिनाई, दीवार, छत ढलाई, प्लास्टर, फ्लोरिंग एवं फिनिशिंग सहित भवन निर्माण की आधुनिक तकनीकों का सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मास्टर ट्रेनर श्रीमती हीरा बाई साहू द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रतिभागियों को निःशुल्क ड्रेस, टूल किट एवं भोजन की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त राजमिस्त्रियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सहित अन्य निर्माण कार्यों में रोजगार के अवसर मिलेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और गति बढ़ने के साथ महिलाओं एवं युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।
शुभम तागड़े तीन माह के लिए जेल में निरुद्ध
दुर्ग, । जिला दंडाधिकारी अभिजीत सिंह ने पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 3 उपधारा (2) सह पठित उपधारा 3 के अंतर्गत दिनांक 6 अगस्त 2026 को आदेश पारित कर अनावेदक शुभम तागड़े उर्फ मराठा पिता दिनेश तागड़े को तीन माह की कालावधि के लिये केंद्रीय जेल दुर्ग में निरुद्ध करने के आदेश दिए है। जिला दंडाधिकारी के आदेश के अनुपालन में पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा शुभम तागड़े को 8 अगस्त 2026 को गिरफ्तार कर केंद्रीय जेल दुर्ग में निरुद्ध किया गया है।
ज्ञात हो कि पुलिस अधीक्षक जिला दुर्ग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन अनुसार अनावेदक शुभम तागड़े उर्फ मराठा पिता दिनेश तागड़े (उम्र-29 वर्ष), निवासी-मिलन चौक, कैम्प-02 भिलाई, थाना-छावनी, तहसील व जिला-दुर्ग (छ.ग.) थाना छावनी क्षेत्र का गुंडा-बदमाश है। वर्ष 2015 से लगातार आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहने के कारण उसे निगरानी बदमाश की श्रेणी में लाया गया है। अनावेदक के विरुद्ध दुर्ग जिले के विभिन्न थानों में कुल 26 अपराध पंजीबद्ध हैं। इनमें मारपीट, गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी के 06 अपराध, साथियों के साथ मिलकर अवैध राशि की मांग व मारपीट का अपराध, आर्म्स एक्ट के 07 अपराध, चोरी व नकबजनी के 10 अपराध, आबकारी एक्ट का अपराध, नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ और लूट का प्रकरण दर्ज है। विभिन्न थानों के अंतर्गत उसके विरुद्ध थाना छावनी में 17 अपराध, थाना जामुल में 03 अपराध, थाना खुर्सीपार में 03 अपराध, थाना नंदिनी में 01 अपराध, थाना दुर्ग कोतवाली में 01 अपराध तथा थाना भिलाई भट्टी में 01 अपराध पंजीबद्ध किए गए हैं।
नौकरी देने वाले बनें: रिसाली कॉलेज में छात्रों को विधायक चंद्राकर का संदेश
भिलाई l शासकीय नवीन महाविद्यालय, रिसाली में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के तहत आयोजित दीक्षारंभ एवं इंडक्शन कार्यक्रम में दुर्ग ग्रामीण विधायक एवं राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ललित चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं का तिलक और पुष्प भेंट कर स्वागत किया तथा उन्हें उच्च शिक्षा के नए सफर के लिए शुभकामनाएं दीं। समारोह में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जबकि महाविद्यालय के प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को सम्मानित भी किया गया।
अपने संबोधन में विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 शिक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यह नीति केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, नवाचार और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण पर विशेष जोर देती है।
उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “आज का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने। स्टार्टअप शुरू करें, नवाचार करें और अपने कौशल के माध्यम से दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें।”
विधायक ने भारतीय शिक्षा परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि नालंदा और तक्षशिला जैसे विश्वविद्यालय कभी विश्वभर के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान के प्रमुख केंद्र थे। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति उसी गौरवशाली परंपरा को आधुनिक स्वरूप में आगे बढ़ाने का प्रयास है।
उन्होंने राज्य सरकार की छात्रहित योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि नियमित अध्ययन करने वाली पात्र छात्राओं को 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराई जा रही है, ताकि आर्थिक कारणों से कोई भी बेटी उच्च शिक्षा से वंचित न रहे।
कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत विधायक ललित चंद्राकर ने महाविद्यालय परिसर में आम का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष अनुपम साहू, मंडल महामंत्री नरेंद्र निर्मलकर, जिला मंत्री शैलेन्द्र सेंडे, जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष एवं पार्षद विधि यादव, पार्षद सरिता देवांगन, प्राचार्य डॉ. अनुपमा आस्थामा सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षकों और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
‘वोकल फॉर लोकल’ से मिल रही नई पहचान, सरोज पाण्डेय ने बुनकरों का बढ़ाया उत्साह
दुर्ग । राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर दुर्ग के निजी होटल में आयोजित हथकरघा प्रदर्शनी में भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर स्थानीय बुनकरों और शिल्पकारों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए पारंपरिक एवं आधुनिक डिजाइनों से तैयार हस्तकरघा उत्पादों की सराहना की और बुनकरों से संवाद कर उनके कार्यों की प्रशंसा की।
सरोज पाण्डेय ने कहा कि भारत की समृद्ध हस्तकरघा परंपरा हमारी सांस्कृतिक पहचान और गौरवशाली विरासत का अभिन्न हिस्सा है। हथकरघा उद्योग न केवल देश की परंपराओं को जीवंत बनाए रखने का कार्य करता है, बल्कि लाखों परिवारों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार भी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों के माध्यम से हथकरघा एवं हस्तशिल्प उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
प्रदर्शनी के दौरान उन्होंने बुनकरों की समस्याओं, सुझावों और अनुभवों को गंभीरता से सुना तथा भरोसा दिलाया कि सरकार हथकरघा क्षेत्र के विकास, आधुनिकीकरण और बेहतर विपणन सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आम नागरिकों से भी स्वदेशी और हस्तनिर्मित उत्पादों को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि स्थानीय कारीगरों के उत्पादों को अपनाकर ही उनकी कला, परंपरा और रोजगार को सशक्त बनाया जा सकता है।
इस प्रदर्शनी ने स्थानीय बुनकरों और शिल्पकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का प्रभावी मंच प्रदान किया, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने हस्तनिर्मित उत्पादों में रुचि दिखाई।
निगम की कार्रवाई: नंदिनी रोड पर सड़क घेरकर रखी रेत जब्त
भिलाईनगर । नगर पालिक निगम भिलाई की आयुक्त सुरूचि सिंह के निर्देशानुसार शहर में सड़क बाधित कर किए जा रहे अतिक्रमण एवं नियम विरुद्ध व्यापार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में जोन क्रमांक-3 मदर टेरेसा नगर के राजस्व विभाग एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने नंदिनी रोड स्थित सीमेंट दुकान पर कार्रवाई की।
निगम को प्राप्त शिकायत के आधार पर जांच की गई, जिसमें दुकान संचालक द्वारा सड़क पर अवैध रूप से रेत रखकर यातायात में बाधा उत्पन्न करते हुए व्यापार किए जाने की पुष्टि हुई। कार्रवाई के दौरान निगम की टीम ने सड़क पर रखी रेत को जब्त कर हटाने की कार्रवाई की तथा संबंधित संचालक को भविष्य में सार्वजनिक मार्ग पर निर्माण सामग्री रखकर अतिक्रमण नहीं करने की सख्त चेतावनी दी। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक सड़कों एवं मार्गों पर निर्माण सामग्री, रेत, गिट्टी या अन्य सामान रखकर आवागमन बाधित करना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। निगम प्रशासन ने नागरिकों एवं व्यापारियों से अपील की है कि वे सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण न करें और शहर की यातायात व्यवस्था एवं स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करें।
नेहरू आर्ट गैलरी में हिमांशु वर्मा की छायाचित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन
भिलाई । भिलाई इस्पात संयंत्र के जनसंपर्क विभाग द्वारा संचालित नेहरू आर्ट गैलरी, इंदिरा प्लेस, सिविक सेंटर में युवा छायाकार हिमांशु वर्मा की तीन दिवसीय एकल छायाचित्र प्रदर्शनी का 6 अगस्त को मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएँ) उन्मेष भारद्वाज ने शुभारंभ किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी महाप्रबंधक (सामग्री प्रबंधन) श्रीमती नीलू भारद्वाज भी विशेष रूप से उपस्थित रही।
प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह के अवसर पर महाप्रबंधक प्रभारी (सम्पर्क, प्रशासन एवं जनसम्पर्क) अमूल्य प्रियदर्शी, उप महाप्रबंधक (सम्पर्क, प्रशासन एवं जनसम्पर्क) श्रीमती अपर्णा चन्द्रा, सहायक महाप्रबंधक (जनसम्पर्क) जवाहर बाजपेई, उप प्रबंधक (जनसम्पर्क) शालिनी चौरसिया तथा संयंत्र के अन्य अधिकारी व कर्मचारीगण, ईश्वर पटेल सहित आर्ट्स क्लब के अन्य सदस्य, इस्पात नगरी के अन्य वरिष्ठ कलाकार एवं चित्रकला प्रेमी तथा आम नागरिक उपस्थित थे।
प्रदर्शनी का अवलोकन करने के पश्चात मुख्य महाप्रबंधक (परियोजनाएँ) उन्मेष भारद्वाज ने हिमांशु वर्मा के छायाचित्रों की सराहना की। उन्होंने आगंतुक पुस्तिका में अपने विचार व्यक्त करते हुए लिखा कि छायाचित्र समय के किसी विशेष क्षण को सहेजने के साथ-साथ समाज और प्रकृति के प्रति हमारी संवेदनाओं को भी अभिव्यक्ति देते हैं। उन्होंने प्रदर्शित कृतियों की सराहना करते हुए कहा कि युवा कलाकारों की ऐसी रचनात्मक पहल न केवल कला के प्रति रुचि को प्रोत्साहित करती है, बल्कि समाज में सकारात्मक एवं सौंदर्यपरक दृष्टिकोण के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
अपनी विशिष्ट मिनिमलिस्ट शैली के लिए पहचाने जाने वाले हिमांशु वर्मा अपने छायाचित्रों के माध्यम से साधारण प्रतीत होने वाले दृश्यों में निहित असाधारण सौंदर्य को उजागर करते हैं। प्रकाश और छाया के संतुलित संयोजन, सूक्ष्म भावों तथा क्षणभंगुर दृश्यों को संवेदनशीलता के साथ चित्रित कर वे दर्शकों को ठहरकर जीवन की बारीकियों को अनुभव करने के लिए प्रेरित करते हैं।
हिमांशु वर्मा वर्ष 2019 में नेहरू आर्ट गैलरी में आयोजित संयुक्त छायाचित्र प्रदर्शनी में अपनी सहभागिता दर्ज करा चुके हैं। उनकी छायाचित्र श्रृंखला का चयन प्रख्यात फोटोग्राफर विनीत वोहरा की प्रतिष्ठित मास्टरक्लास के टॉप पोर्टफोलियो में किया गया है। उनके कार्य विभिन्न ऑनलाइन फोटोग्राफी मंचों पर भी प्रदर्शित हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के साथ फोटोग्राफी परियोजना में भी सहयोग किया है। उनके छायाचित्र अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनों में प्रदर्शित होने के साथ-साथ कई प्रतिष्ठित समूह प्रदर्शनों के लिए भी चयनित हो चुके हैं।
यह प्रदर्शनी 06 से 08 अगस्त 2026 तक प्रतिदिन सायं 5:30 बजे से रात्रि 8:30 बजे तक आम दर्शकों के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में हिमांशु वर्मा द्वारा सृजित नवीनतम छायाचित्र प्रदर्शित किए गए हैं, जो प्रकृति एवं दैनिक जीवन के सहज किंतु अर्थपूर्ण क्षणों को कलात्मक दृष्टि से प्रस्तुत करते हैं।
BSP में मासिक उत्पादन का नया कीर्तिमान, अनेक उत्पादन इकाइयों ने बनाए नए रिकॉर्ड
भिलाई । भिलाई इस्पात संयंत्र ने जुलाई 2026 में उत्कृष्ट उत्पादन प्रदर्शन करते हुए अनेक प्रमुख उत्पादन इकाइयों में अब तक के सर्वश्रेष्ठ जुलाई रिकॉर्ड को उल्लेखनीय अंतर से पीछे छोड़ दिया है। सिंटर प्लांट ने अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखते हुए कुल सिंटर उत्पादन 7,88,130 टन दर्ज किया, जो जुलाई 2023 के 7,21,848 टन के रिकॉर्ड से अधिक है। यह जुलाई माह के दौरान सभी उत्पादन मानकों में सर्वाधिक परिमाणात्मक वृद्धि रही। वहीं सिंटर प्लांट-3 ने 5,38,741 टन उत्पादन कर जुलाई 2023 में दर्ज अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड 5,00,929 टन को पार करते हुए नया मासिक कीर्तिमान स्थापित किया।
ब्लास्ट फर्नेस-8 ने 2,60,542 टन हॉट मेटल उत्पादन कर, जुलाई 2023 में दर्ज पिछले सर्वश्रेष्ठ उत्पादन रिकॉर्ड 2,35,864 टन को पार किया। इसके साथ ही ब्लास्ट फर्नेस-8 ने 2.46 टन प्रति घन मीटर प्रतिदिन की रिकॉर्ड उत्पादकता भी हासिल की, जो जुलाई 2025 के 2.23 टन प्रति घन मीटर प्रतिदिन के पूर्व रिकॉर्ड से बेहतर है।
स्टील मेल्टिंग शॉप-3 (एसएमएस-3) ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ब्लूम उत्पादन में नया रिकॉर्ड स्थापित किया। जुलाई 2026 में ब्लूम उत्पादन 1,29,050 टन दर्ज किया गया, जो जुलाई 2023 के 1,07,126 टन के रिकॉर्ड से अधिक है। वहीं कास्ट स्टील उत्पादन 3,38,496 टन दर्ज किया गया, जिसने जुलाई 2023 के 3,01,013 टन के पिछले सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया।
संयंत्र ने समेकित उत्पादन मानकों में भी उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं। कुल हॉट मेटल उत्पादन 5,44,049 टन रहा, जिसने जुलाई 2023 के 5,09,691 टन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। वहीं कुल क्रूड स्टील उत्पादन 5,17,656 टन दर्ज किया गया, जो जुलाई 2023 में रिकॉर्ड पिछले सर्वश्रेष्ठ 4,82,573 टन के रिकॉर्ड से अधिक है। इसी प्रकार, कुल सेलेबल स्टील उत्पादन 4,83,949 टन रहा, जिसने जुलाई 2023 के 4,55,247 टन के पूर्व रिकॉर्ड को पार करते हुए नया जुलाई रिकॉर्ड स्थापित किया।
मैत्री विद्या निकेतन स्कूल के छात्रों को दी गई यातायात नियमों की जानकारी
दुर्ग । यातायात पुलिस दुर्ग द्वारा संचालित "ऑपरेशन विश्वास" के अंतर्गत नाबालिग वाहन चालकों की रोकथाम एवं सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 6 अगस्त को निरीक्षक पी.डी. चंद्रा, यातायात जोन प्रभारी सिविक सेंटर एवं हमराह स्टाफ द्वारा मैत्री विद्या निकेतन स्कूल, रिसाली में यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय के लगभग 600 छात्र-छात्राओं को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने एवं वैध ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने से पूर्व किसी भी प्रकार का वाहन चलाना कानूनन अपराध है तथा इससे स्वयं के साथ-साथ अन्य लोगों के जीवन को भी गंभीर खतरा हो सकता है। छात्र-छात्राओं को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने, मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए वाहन नहीं चलाने, यातायात संकेतों का पालन करने तथा जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही यह भी बताया गया कि यातायात पुलिस द्वारा नाबालिग वाहन चालकों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाकर उनके साथ-साथ वाहन उपलब्ध कराने वाले अभिभावकों के विरुद्ध भी मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।
इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया गया कि बिना ड्राइविंग लाइसेंस एवं बिना हेलमेट दोपहिया वाहन से विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों को विद्यालय परिसर में प्रवेश न दिया जाए। साथ ही ऐसे विद्यार्थियों के अभिभावकों की बैठक आयोजित कर यातायात पुलिस को सूचना देने का आग्रह किया गया, ताकि अभिभावकों को भी यातायात नियमों एवं उनकी कानूनी जिम्मेदारियों के संबंध में जागरूक किया जा सके।
यातायात पुलिस दुर्ग ने सभी अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने के लिए वाहन उपलब्ध न कराएं तथा उन्हें यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित करें। सड़क सुरक्षा सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और प्रत्येक नागरिक के सहयोग से ही सुरक्षित एवं अनुशासित यातायात व्यवस्था स्थापित किया जा सकता है।