छत्तीसगढ़ / कबीरधाम
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने मेधावी बच्चों से की संवाद और दिए मार्गदर्शन
राज्यपाल श्री डेका ने कहा मेहनत और लगन से हासिल करें अपने सपने
चंडी माई धाम गौरमाटी में प्रज्वलित हुए 211 ज्योति कलश
कबीरधाम । जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड के ग्राम गौरमाटी में तीन तालाबों के मध्य प्राचीनकाल से विराजमान स्वयं उद्भुत मां चंडी देवी के मंदिर में शारदीय नवरात्रि पर्व पर प्रतिपदा तिथि को शुभ मुहूर्त में 211 मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित श्रद्धालुओं के द्वारा कराए गए हैं।
मंदिर समिति द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार सिल्हाटी थान खमरिया मुख्य मार्ग पर स्थित ग्राम की दक्षिण दिशा में ग्राम के बाहर स्थित सुप्रसिद्ध मां चंडी देवी तीन जलमग्न तालाबों के मध्य अद्वितीय प्राकृतिक स्थल पर विराजमान है जहां पर दोनों नवरात्रि पर्व पर मनोकामना ज्योति कलश की स्थापना की जाती है। मां चंडी देवी की कृपा और चमत्कार से मनोवांछित फल पाने वाले श्रद्धालु प्रति वर्ष दोनों नवरात्रि पर्व में अपना मनोकामना ज्योति कलश स्थापित करवाते हैं। मंदिर स्थल का शांत एवं शीतल वातावरण दर्शनार्थियों को सहज ही आकर्षित करता है। नवरात्रि पर्व की प्रथम दिवस से ही दर्शनार्थियों का मंदिर आना प्रारंभ हो गया है जिसकी सेवा और सुविधा के लिए मंदिर समिति के सदस्य गण और ग्रामवासी लगे हुए हैं।
कबीरधाम पुलिस की कड़ी मेहनत रंग लाई, फरार ठग को महाराष्ट्र से किया था गिरफ्तार, अब 3 साल की सजा
कवर्धा--
1 करोड़ 84 लाख रुपये की ठगी करने वाला 9 साल से फरार आरोपी कबीरधाम पुलिस की गिरफ्त में
कवर्धा--
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने जिले के 5 महतारी सदन का किया वर्चुअल लोकार्पण
जिले में 3 करोड़ 45 लाख रुपए की लागत से बन रहे 14 महतारी सदन
कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा के निर्देश पर कबीरधाम में अवैध खनन पर कड़ी कार्रवाई, लाखों का अर्थदण्ड
खनिजों के अवैध उत्खनन पर जिला प्रशासन सख्त, खनिज एवं वन विभाग की टीम की सतत कार्यवाही
नाबालिक का अपहरण कर उसे भगाकर कर ले जाने वाला आरोपी महाराष्ट्र से गिरफ्तार पहुँचा सीधा जेल।
कवर्धा--
जिले में 25 सितंबर को बाढ़ आपदा पर मॉक ड्रिल आयोजित
किसी भी बच्चे को भीख मांगते देखे तो तुरंत चाइल्ड हेल्प लाइन 1098 पर सूचना दें
कवर्धा में पत्रकार पर जानलेवा हमला, 24 घंटे में गिरफ्तारी नहीं हुई तो चक्काजाम की चेतावनी
कवर्धा । कवर्धा जिले में शुक्रवार शाम पत्रकार सुरक्षा पर सवाल खड़े करने वाली बड़ी घटना सामने आई है। एक राष्ट्रीय चैनल से जुड़े पत्रकार संजय यादव और उनके कैमरामैन पर रिपोर्टिंग के दौरान हमला कर दिया गया। आरोप है कि स्थानीय जी.एस. मसाला और पानी बोतल कंपनी के मालिक ने पत्रकार की गर्दन पकड़कर उन्हें जान से मारने की कोशिश की। हमले के दौरान कैमरामैन के दो मोबाइल फोन छीन लिए गए और तीसरा मोबाइल छीनने की भी कोशिश की गई। किसी तरह दोनों अपनी जान बचाकर मौके से भाग निकले।
एफआईआर में देरी से नाराज़गी
घटना शाम 5 बजे की है, लेकिन पत्रकारों की शिकायत है कि पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में करीब छह घंटे की देरी की और रात 11 बजे मामला दर्ज किया। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। पत्रकार संगठनों का कहना है कि यह घटना न केवल एक व्यक्ति पर हमला है बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार है।
पत्रकारों का अल्टीमेटम
कवर्धा के पत्रकारों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि अगर आरोपियों संदीप गुप्ता और गणेश गुप्ता की गिरफ्तारी तय समय में नहीं होती है, तो वे धरना-प्रदर्शन और राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्काजाम करने के लिए बाध्य होंगे।
पत्रकारों ने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं—
पत्रकार संजय यादव पर दर्ज की गई फर्जी एफआईआर तत्काल निरस्त की जाए।
छिरपानी बॉटर और जी.एस. मसाला कंपनी की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो।
पत्रकार पर हमले के आरोपी 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार हों।
भविष्य में पत्रकार और उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है तो उसकी जिम्मेदारी आरोपियों पर होगी।
यदि गिरफ्तारी नहीं हुई तो पत्रकार सड़क पर उतरकर कड़ा विरोध प्रदर्शन करेंगे।
संगठनों की प्रतिक्रिया
स्थानीय पत्रकार संघों ने इस हमले को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला बताते हुए कहा है कि प्रशासन को इस मामले में संवेदनशील रवैया अपनाना होगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन तेज़ किया जाएगा।
पृष्ठभूमि और सवाल
यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब देशभर में पत्रकार सुरक्षा को लेकर लगातार आवाज़ उठ रही है। कवर्धा की घटना ने एक बार फिर इस बहस को हवा दी है कि क्या प्रशासन पत्रकारों को सुरक्षित माहौल देने में नाकाम साबित हो रहा है?
अब यह देखना होगा कि पुलिस और प्रशासन 24 घंटे के भीतर क्या कदम उठाते हैं और पत्रकारों की चेतावनी के बाद हालात किस दिशा में जाते हैं।
नवनिर्वाचित महिला सरपंचों को महिला सशक्तिकरण के लिए दिया गया प्रशिक्षण
कवर्धा। महिला हितैषी थीम पर डंगनिया स्थित प्रशिक्षण केन्द्र, जिला पंचायत संसाधन केन्द्र कबीरधाम में नवनिर्वाचित महिला सरपंचों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित “मिशन शक्ति” के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रशिक्षण में बताया गया कि मिशन शक्ति का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, संरक्षण और सशक्तिकरण सुनिश्चित करना है। इसमें महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, लैंगिक समानता को बढ़ावा देना, आर्थिक भागीदारी बढ़ाना तथा निर्णय लेने में समान अवसर प्रदान करना प्रमुख लक्ष्य हैं।
मिशन शक्ति को “सबल” (सुरक्षा हेतु) एवं “सामर्थ्य” (सशक्तिकरण हेतु) नामक दो उप-क्षेत्रों में लागू किया गया है। इनके अंतर्गत विभिन्न कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं, जिनमें सखी वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, महिला सशक्तिकरण केन्द्र (हब), बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, पालना, सुकन्या समृद्धि योजना, नोनी सुरक्षा योजना, छत्तीसगढ़ महिला कोष आदि शामिल हैं। प्रशिक्षण में महिलाओं के कानूनी अधिकारों पर भी जानकारी दी गई। इसमें घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, कार्यस्थल पर उत्पीड़न अधिनियम 2013, पोक्सो एक्ट 2012, बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 सहित विभिन्न अधिनियमों की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही साइबर फ्रॉड से सुरक्षा हेतु टोल फ्री नंबर 1930 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के बारे में भी प्रतिभागियों को अवगत कराया गया। कार्यक्रम में सहायक विस्तार अधिकारी श्रीमती खेमान बंजारे, किशन गुप्ता, संस्थागत संरक्षण अधिकारी सुश्री क्रांति साहू तथा जेंडर विशेषज्ञ श्रीमती सरिता साहू उपस्थित रहीं। इस प्रशिक्षण के माध्यम से महिला सरपंचों को शासन की योजनाओं, कानूनी प्रावधानों तथा महिला सशक्तिकरण के पहलुओं से परिचित कराया गया, ताकि वे अपने-अपने ग्राम पंचायतों में प्रभावी नेतृत्व प्रदान कर सकें।
महात्मा गांधी नरेगा योजना से निर्मित पशु शेड गौ पालक रामफल के लिए बना आमदनी का जरिया
गौवंश को सुरक्षित रखने के साथ व्यवसाय को बढ़ाने का मिला मौका
कवर्धा । सुविधा एवं साधन विहीन ऐसे हितग्राही जो जीवन में आगे बढ़ने की ललक रखते है उनके लिए सफलताओं का मार्ग भी प्रशस्त होता है। व्यवसाय करने के लिए शासकीय योजनाओं से जुड़कर सफलता के द्वार खुलते है और लक्ष्य की प्राप्ति तब और सूखद अनुभव में परिलक्षित होता है जब मन चाहा काम पूरा हो जाता है। ऐसी ही कहानी है ज़िले के विकासखंड पंडरिया के ग्राम पंचायत चारभाठाखुर्द के हितग्राही रामफल पिता विश्राम की। महात्मा गांधी नरेगा योजना में दैनिक मजदूरी से अपना जीवन-यापन करने वाले रामफल का सपना छोटा सा व्यवसाय करने का था। गौ पालक बनकर आगे बढ़ने की इच्छा थी लेकिन संसाधनों की कमी आड़े आ रही थी। समस्याओं का समाधान महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से निकला। जिसमें पशु शेड का निर्माण करने से व्यवसाय ने गति पकड़ी और बढ़ती आमदनी से जीवन आसान हो गया।पशु शेड बन जाने से गौ माता को सभी मौसमों में सुरक्षित रखने की सुविधा अलग से मिल गई।
आमदनी में बढ़ोतरी और पशुओं की सुरक्षा का साधन बना पशु शेड
पशु शेड नहीं होने से अनेकों परेशानियां थी जिसमें प्रमुख रूप से सभी मौसमों से पशुधन को बचाना। खुले में पशुधन रहने के कारण यहा वहां चले जाना, किचड़ एवं गंदगी के कारण गायों को होने वाली बिमारियां और साथ ही इस पर होने वाले खरचो की परेशानी बनी रहती थी। पशु शेड़ बनने के पहले शुरूआत में आमदनी कम हुआ करती थी और पशुधन के देखरेख में ज्यादा पैसे खर्च हो जाते थे। इन सभी समस्याओं का समाधान पशु पालन शेड निर्माण के रूप में स्थायी तौर पर हो गया।
पशुशेड निर्माण कार्य पर एक नजर
हितग्राही रामफल को अपने पंचायत से पता चला कि महात्मा गांधी नरेगा योजना की सहायता से उनके पशुधन के लिए पक्का शेड निशुल्क बनाया जा सकता है। फिर क्या था उनकी मांग एवं समस्याओं को देखकर ग्राम पंचायत ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के द्वारा इसका हल निकाला। पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर पशु शेड निर्माण कार्य 68500 रूपए राशि से स्वीकृत कराया गया। स्वीकृति पश्चात् माह अक्टुबर 2023 को पशु शेड निर्माण प्रारंभ किया गया। कार्य प्रारंभ होने पर ऐसा लगा जैसे व्यवसाय में आगे बढ़ने का रास्ता खुल गया हो। देखते ही देखते लगभग एक माह के अल्प समय में निर्माण कार्य पूरा हो गया। पशु शेड निर्माण में स्वंय हितग्राही को 48 दिवस का रोजगार मिला साथ ही 12 मानव दिवस का रोजगार सृजन करते हुए अन्य परिवारो सहित सभी ग्रामीणों को मजदूरी के रूप में 7 हजार 5 सौ रूपए प्राप्त हुए।
कार्य का परिणाम
पशुशेड का महत्व रामफल बहुत अच्छे से जानते थे क्योंकि यही वह जगह है जो उनके व्यवसाय को समय के साथ आगे बढ़ाने में प्रमुख योगदान देकर आजिविका को आगे बढ़ाने का सपना सच होता दिख रहा है। पक्का एवं हवादार पशु शेड बन जाने से व्यवसाय में प्रगति हो रहीं है। 3 से 4 हजार रूपए प्रतिमाह की आमदनी दुध बेचकर होने लगा साथ मे घर के लिए भी दूध मिल रहा है। सारा व्यवसाय अपने घर से संचालित करने की खुशी अलग से।आजीविका के नए साधन बन जाने से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और समाज में प्रतिष्ठा बढ़ रही है। आमदनी परिवार के बहुत काम आ रहा है। जिसमें छोटी सी 2 एकड़ के खेतीहर भूमि में उपयोग कर कृषक कार्य कर रहें और अलग से आमदनी का स्त्रोत बन रहा है।
हितग्राही के अनुभव
हितग्राही रामफल अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि पशुशेड बनाने के पूर्व अपने पशुओं को सुरक्षित रखने की बहुत चिंता रहती थी। खुले में पशुधन को बरसात के दिनों में पानी से बचाने एवं सर्दी के दिनों में ठण्ड से बचाना बड़ी समस्या था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पशुशेड नही बन पा रहा था। रोजगार गारंटी योजना से मेरी सभी चिन्ताएं दूर हो गई और अब पशुधन के सुरक्षा की चिन्ता नही रही। पशुधन से होने वाली आमदनी गौसेवा में लगा रहा हूं और साथ ही अपने व्यवसाय को आगे बढ़ने के लिए और अधिक गाय पालने में समर्थ हो गया हूं।
कबीरधाम जिले के 11 परिवारों ने बढ़ाया प्रधानमंत्री सूर्यघर मुक्त बिजली योजना की ओर कदम
आत्मनिर्भरता और पर्यावरण संरक्षण की नई दिशा,कबीरधाम जिले से शुरू हुई ऊर्जा क्रांति की कहानी
कवर्धा । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने कबीरधाम जिले में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की नई राह खोली है। जिले के 11 परिवारों ने अपने घरों पर सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कर यह बता रहे है कि यह योजना केवल बिजली बिल बचत का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण की जनआंदोलन जैसी पहल कम नही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मंशानुरूप कबीरधाम कलेक्टर गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में योजना का क्रियान्वयन तेज रफ्तार से हो रहा है। अब तक जिले में 94 से अधिक हितग्राही वेंडर का चयन कर चुके हैं और कई को सब्सिडी राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। आने वाले महीनों में हजारों परिवार इस योजना से जुड़ने के लिए आगे बढ़ रहे हैं।
कबीरधाम जिले के 11 परिवार जिन्होंने योजना को अपनाया है, उसमें योगेन्द्र सिंह कश्यप (राजमहल चौक, कवर्धा), नरेश कुमार चंद्रवंशी एवं रितेश कुमार चंद्रवंशी (दौजरी), सतीश कुमार धवलकर (मठपारा वार्ड-3),श्रीमती लीना तिवारी (मठपारा वार्ड-12), रोशन राम (नागर जवादन रोड), कुमारी देवी सोम (श्याम नगर),ओंकार साहू (रामनगर), श्रीमती सरोज बाई ठाकुर, श्रीमती माधुरी (कालिका नगर) इन परिवारों की छतों पर लगाए गए 1 से 3 किलोवाट क्षमता वाले सोलर पैनल प्रतिमाह लगभग 300 यूनिट मुफ्त बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। इतना ही नहीं, अतिरिक्त बिजली को सीएसपीडीसीएल ग्रिड में भेजकर वे भविष्य के बिलों में क्रेडिट का लाभ ले रहे हैं।
लाभार्थियों ने साझा किए अपने अपने अनुभव, सबने कहा यह योजना भविष्य के लिए सुखद है
योगेन्द्र सिंह कश्यप ने बताया कि पहले हर महीने बिजली बिल की चिंता रहती थी, अब सोलर रूफटॉप लगने से बिल लगभग खत्म हो गया है। यह योजना राहत और बचत दोनों लेकर आई है। नरेश कुमार चंद्रवंशी, ग्राम दौजरी बताया कि “प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से हमें आत्मनिर्भरता का अहसास हो रहा है। अब हम सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि ऊर्जा उत्पादक भी बन गए हैं। श्रीमती लीना तिवारी, मठपारा निवासी ने कहा कि “सोलर से घर की जरूरतें पूरी हो रही हैं और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजने पर अगले बिल में लाभ मिल रहा है। योजना सरल और भरोसेमंद है।“ सतीश कुमार धवलकर ने कहा कि “सूर्यघर योजना से घर रोशन हो गया है और खर्च भी घट गया है। हम चाहते हैं कि जिले के हर घर में यह सुविधा मिले।
सौर ऊर्जा अपनाने पर 1.08 लाख रूपए तक की सहायता
कबीरधाम जिले के अधीक्षण अभियंता रंजीत घोष ने बताया कि सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को 1 से 3 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम लगाने पर 45 हजार से एक लाख 8 हजार रूपए तक की वित्तीय सहायता मिल रही है। इस योजना के तहत प्राप्त सभी आवेदकों को इस योजना में शामिल किया जाएगा।
30 सितम्बर तक हर किसान का एग्रीस्टेक पंजीयन अनिवार्य रूप से करें : कलेक्टर
समय-सीमा का पालन न करने वाले अधिकारियों पर तय होगी जिम्मेदारी
कवर्धा । कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कृषि विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि राज्य शासन द्वारा धान खरीदी वर्ष 2025-26 के लिए एग्री स्टेक प्रोजेक्ट के अंतर्गत एग्रीस्टेक पोर्टल पर किसान पंजीयन प्रत्येक किसान के लिए अनिवार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी किसानों का पंजीयन एग्रीस्टेक पोर्टल पर सुनिश्चित कराना आरईओ की जिम्मेदारी है। कलेक्टर ने सख्त निर्देशित किया कि प्रत्येक किसान की फार्मर आईडी एवं किसान पंजीयन 30 सितम्बर तक हर हाल में पूर्ण होना चाहिए। कलेक्टर श्री वर्मा ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ जिले में चल रहे डिजिटल क्रॉप सर्वे एवं एग्रीस्टेक फार्मर रजिस्ट्रेशन की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समय-सीमा का पालन न करने वाले अधिकारियों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। किसान पंजीयन सुनिश्चित करना सभी अधिकारियों की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में डिप्टी कलेक्टर आरबी देवांगन, उप संचालक मोहंती सहित कृषि विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत किसानों का पंजीयन कार्य हर हाल में पूर्ण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पटवारी एवं तहसीलदार स्तर पर अनुमोदन की प्रक्रिया जारी है, ऐसे में आरईओ स्तर पर कोई भी पंजीयन लंबित नहीं रहना चाहिए। कलेक्टर वर्मा ने कहा कि आरईओ की यह जिम्मेदारी होगी कि वे प्रत्येक किसान से व्यक्तिगत रूप से संपर्क कर पंजीयन कार्य सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी पात्र किसान को पंजीयन के अभाव में धान खरीदी की प्रक्रिया से वंचित नहीं होना चाहिए। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में अब तक 1 लाख 18 हजार 419 किसानों का पंजीयन किया जा चुका है, जिनमें से 1 लाख 11 हजार 81 किसानों के पंजीयन का अनुमोदन तहसीलदारों द्वारा किया गया है। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष किसानों का भी शत-प्रतिशत पंजीयन शीघ्रता से पूर्ण किया जाए।
कलेक्टर गोपाल वर्मा ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मौसम को देखते हुए फसलों में बीमारियों की आशंका बनी हुई है। ऐसे में किसानों को समय पर सही उपचार उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी कृषि केंद्रों में उपलब्ध दवाइयों की जांच अनिवार्य रूप से की जाए। कलेक्टर श्री वर्मा ने सभी आरईओ को निर्देशित किया कि वे कृषि केंद्रों का निरीक्षण कर वहां रखी दवाइयों की गुणवत्ता, मूल्य और एक्सपायरी डेट की जांच करें। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि किसी भी केंद्र में एक्सपायरी दवा किसानों को उपलब्ध न कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को फसल बीमारी के अनुसार उचित दवा की जानकारी मिलनी चाहिए। इसके लिए कृषि विभाग द्वारा व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि किसान समय पर दवा का उपयोग कर फसल को सुरक्षित रख सकें।
कलेक्टर श्री वर्मा ने कहा कि फसल कटाई प्रयोग अत्यंत सावधानीपूर्वक एवं सभी की उपस्थिति में किया जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल औपचारिक कार्यवाही नहीं है बल्कि किसानों को फसल क्षति राशि दिलाने की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि अब फसल कटाई प्रयोग मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा। इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और सभी संबंधित अधिकारियों व किसानों को वास्तविक समय में जानकारी उपलब्ध होगी। कलेक्टर श्री वर्मा ने निर्देश दिए कि फसल कटाई प्रयोग के समय संबंधित अधिकारी, पटवारी, आरईओ के साथ-साथ गांव के किसान और आम ग्रामीण भी मौजूद रहें। उन्होंने कहा कि किसानों को इस प्रयोग की जानकारी होनी चाहिए, ताकि वे स्वयं देख सकें कि उनकी फसल की स्थिति के आधार पर क्षतिपूर्ति राशि निर्धारित की जा रही है।
कलेक्टर ने बताया कि जिले में किसानों की सुविधा के लिए 22 खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां दलहन एवं तिलहन की फसलों की खरीदी समर्थन मूल्य पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों पर खरीदी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सरल तरीके से की जानी चाहिए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। कलेक्टर वर्मा ने बताया कि जिले में किसानों के लिए खाद का नया रैक उपलब्ध हो गया है। उन्होंने सभी आरईओ को निर्देशित किया कि सोसाइटीवार और गांववार खाद की आवश्यकता का पूरा विवरण तैयार कर तत्काल उपलब्ध कराएं। आवश्यकता अनुसार खाद सीधे गांव तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मांग के अनुरूप खाद समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोडला में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ
जागरूकता बढ़ाने के लिए कुर्सी दौड़, चम्मच दौड़ और हांडी फोड़, रोचक खेलों का किया गया आयोजन
कवर्धा । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस अवसर पर 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” पूरे प्रदेश में चलाया जा रहा है। कलेक्टर गोपाल वर्मा के निर्देश पर आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोडला में इस अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विदेशी राम धुर्वे रहे। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष विजय पाटिल, जनपद पंचायत श्रीमती बालका रामकिंनकर वर्मा, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष नंद श्रीवास, मंडल अध्यक्ष मोहन धुर्वे, जनपद सदस्य नरेश चंद्रवंशी, श्रीमती बेबी सत्यवंशी, चैन सिंह, जस्सू पटेल सहित जनप्रतिनिधि व पार्षदगण, मितानिन समन्वयक, मितानिन ट्रेनर, मितानिन बहनें तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या उपस्थित थे। जनप्रतिनिधियों ने संबोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ नारी ही सशक्त परिवार और सशक्त समाज की आधारशिला है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्मदिवस से गांधी जयंती तक चलने वाला यह अभियान महिला स्वास्थ्य और परिवार कल्याण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. पुरुषोत्तम सिंह राजपूत ने बताया कि “स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” के दौरान जागरूकता बढ़ाने के लिए कुर्सी दौड़, चम्मच दौड़ और हांडी फोड़ जैसे रोचक खेलों का भी आयोजन किया गया। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों द्वारा गर्भवती माताओं को चना, गुड व टीबी मरीज को निश्चय पोषण आहार एवं वार्ड में भर्ती मरीजों को फल वितरित किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजपूत ने बताया कि नारी के स्वास्थ्य पर ही परिवार, समाज और आने वाले पीढ़ी का स्वास्थ्य निर्भर करता है यदि नारी स्वस्थ रहेगी तो परिवार मजबूत होगा और परिवार मजबूत होगा तो राष्ट्र प्रगति की ओर अग्रसर होगा। इसलिए आइए हम सब मिलकर इस अभियान को जन जन तक पहुंचाएं और एक स्वस्थ, सशक्त एवं समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में योगदान दें। कार्यक्रम में सेक्टर सुपरवाइजर मानिक चंद्रवंशी, शोभाराम निषाद, श्रीमती सी बिलौहा, श्रीमती गीता मेंरावि, श्रीमती विमला देवांगन, एफ कलिहारी, बाबूलाल गोंड, सुनील बिश्नोई, डीके बेरवंशी, कमल जायसवाल, नीतीश साहू, शैलेंद्र त्रिवेदी, श्रीमती अल्पना राजपूत, प्रियंकेश मानिकपुरी, श्रीमती सीमा साहू, श्रीमती गायत्री मरकाम व समस्त अधिकारी कर्मचारी की सहभागिता रही।
अभियान के तहत दी गई प्रमुख जानकारियां
“स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान” कार्यक्रम में माहवारी स्वच्छता एवं महिलाओं की स्वास्थ्य देखभाल, टीकाकरण एवं जननी सुरक्षा योजना की जानकारी, आयुष्मान कार्ड और वयवंदन योजना का लाभ, टीबी, कैंसर, बीपी, शुगर, सिकलसेल की जांच एवं रोकथाम, महिलाओं एवं बच्चों के पोषण से जुड़ी जानकारी, और 108 एवं 102 आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी और उपयोग के बारे में विस्तार से बताया गया।
जांच के आँकड़े
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोडला में अभियान के दौरान ओपीडी 195, बीपी जांच 110, शुगर जांच 35, एएनसी जांच 48, टीबी स्क्रीनिंग 60, एक्सरे जांच 24, सिकल सेल जांच 33, परिवार नियोजन परामर्श 63 और 10 लोगों को आयुष्मान कार्ड वितरण किया गया।
आवास प्लस योजना अंतर्गत अपात्र हितग्राहियों के नाम विलोपित करने से पूर्व दावा-आपत्ति आमंत्रित
कवर्धा। आवास प्लस (2018) अंतर्गत अपात्र हितग्राहियों के नाम स्थायी प्रतीक्षा सूची से विलोपित किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। ग्राम सभाओं से अनुमोदन उपरांत जिले की जनपद पंचायतों द्वारा चिन्हांकित 3029 हितग्राही विभिन्न कारणों से अपात्र पाए गए हैं। इनमें बोडला के 1616, कवर्धा के 194, पंडरिया के 967 और सहसपुर-लोहारा के 252 हितग्राही शामिल हैं।
समस्त जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों द्वारा सत्यापित सूची जिला पंचायत को प्राप्त हो गई है। यह सूची संबंधित जनपद पंचायत एवं जिला पंचायत कार्यालयों के सूचना पटल पर प्रदर्शित कर दी गई है। साथ ही इसे जिला कबीरधाम की आधिकारिक वेबसाइट पर भी अपलोड कर दिया गया है।
यदि किसी हितग्राही को सूची में शामिल नाम पर आपत्ति है, तो वह 3 अक्टूबर 2025, शुक्रवार शाम 5 बजे तक आवश्यक दस्तावेजों सहित दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकता है। आवेदन संबंधित जनपद पंचायत कार्यालय अथवा जिला पंचायत कबीरधाम कार्यालय में जमा किए जा सकेंगे।
उद्यान और चौपाटी की धीमी रफ्तार पर कलेक्टर हुए नाराज, ठेकेदार और अधिकारी को दी चेतावनी ढिलाई बर्दाश्त नहीं
सौंदर्यीकरण कार्यों में सुस्ती देख भड़के कलेक्टर, भोजली तालाब उद्यान व चौपाटी निर्माण में देरी पर कलेक्टर की सख्त नाराज़गी