छत्तीसगढ़ / कोरिया
चिरायु योजना से नित्या राजवाड़े को मिला नया जीवन
रायपुर, 15 दिसम्बर 2025
कोरिया जिले के बैकुंठपुर विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पतरापाली निवासी नित्या राजवाड़े (उम्र 4 वर्ष 7 माह), जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थी। नित्या का नाम आंगनबाड़ी केंद्र पतरापानी-1 में दर्ज है।
जन्म से ही नित्या को कमजोरी, जल्दी थकान, सांस लेने में तकलीफ तथा बार-बार सर्दी-खांसी की समस्या रहती थी। चिरायु टीम द्वारा किए गए स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिकित्सक द्वारा जांच कर जिला चिकित्सालय बैकुण्ठपुर रेफर किया गया। जिला चिकित्सालय में शिशु रोग विशेषज्ञ द्वारा जांच उपरांत जन्मजात हृदय रोग की पुष्टि हुई, जिसके बाद उच्च संस्थान एम.एम.आई. नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर के लिए रेफर किया गया।
चिरायु योजना के अंतर्गत नित्या को नारायणा हॉस्पिटल, रायपुर में भर्ती कराया गया। आवश्यक जांचों के पश्चात सफलतापूर्वक ऑपरेशन किया गया। उपचार के बाद नित्या को अस्पताल से डिस्चार्ज किया गया। चिरायु योजना के अंतर्गत नित्या का संपूर्ण उपचार पूर्णतः निःशुल्क किया गया।
वर्तमान में नित्या राजवाड़े पूरी तरह स्वस्थ है। नित्या के माता-पिता अत्यंत प्रसन्न हैं और उन्होंने चिरायु टीम, पटना सहित स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनकी बेटी को नया जीवन दिया है।
महोरा निवासी 79 वर्ष के दिव्यांग को मिली निःशुल्क ट्रायसाइकिल
जनदर्शन में आवेदन और कुछ ही घंटों में हुआ निराकरण
सुशासन और संवेदनशीलता की मिसाल बना जिला प्रशासन कोरिया
कोरिया, 09 दिसम्बर 2025
कोरिया जिले के कलेक्टरेट सभाकक्ष में आज आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि प्रशासनिक संवेदनशीलता और त्वरित सेवा ही अच्छे शासन की सही पहचान है। जिले के ग्राम महोरा निवासी 79 वर्षीय दिव्यांग श्री परशुराम बैशाखी के सहारे चलने में होने वाली कठिनाइयों को लेकर जनदर्शन में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उम्र के इस पड़ाव में चलना.फिरना उनके लिए अत्यंत कठिन हो गया है और उन्हें सहारे की सख्त आवश्यकता है।
कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनी और तत्काल ही समाज कल्याण विभाग को निर्देश दिया कि कार्यक्रम समाप्त होते ही श्री परशुराम को ट्रायसाइकिल उपलब्ध कराई जाए। प्रशासन की तत्परता का अंदाज़ा इसी से लगाया जा सकता है कि कुछ ही घंटों में ट्रायसाइकिल पहुँच भी गई। ट्रायसाइकिल उपलब्ध होने पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मोहित पैकरा, जिला गौधाम समिति के अध्यक्ष श्री रेवा यादव ने स्वयं श्री परशुराम को ट्रायसाइकिल भेंट की। इसे पाकर उनकी आंखों में राहत और खुशी साफ झलक रही थी।
श्री परशुराम भावुक होकर बोले मुझे उम्मीद थी कि समस्या का समाधान होगा, पर इतनी जल्दी, कुछ ही घंटों में हो जाएगा इसका अंदाज़ा नहीं था। आज प्रशासन ने जो किया है, वह मेरे लिए जीवन बदलने जैसा है। जनदर्शन में मौजूद लोगों ने इस त्वरित पहल को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन और जिला प्रशासन की संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उपस्थित जनों ने कहा कि ऐसे निर्णय प्रशासन पर लोगों के विश्वास को मजबूत करते हैं और साबित करते हैं कि समस्याओं के समाधान के लिए सही शासन व्यवस्था ही सबसे बड़ा सहारा है।
धान खरीदी व्यवस्था पर कलेक्टर की सख्त समीक्षा
हमालों को समय पर भुगतान, सतर्क ऐप में नियमित फोटो अपलोड और रकबा समर्पण के लिए किसानों को प्रेरित करने के निर्देश
कोरिया 09 दिसम्बर 2025
जिले में 15 नवंबर से प्रारंभ हुई धान खरीदी प्रक्रिया 31 जनवरी तक जारी रहेगी। धान खरीदी को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी लगातार समीक्षा बैठकों का आयोजन कर रही हैं। मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने नोडल अधिकारियों और संबंधित विभागों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
हमालों को भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी न हो
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि समितियों को हमालों के लिए आवंटित राशि का तत्काल भुगतान कर देना चाहिए। सहकारिता विभाग के अधिकारियों से यह भी जानकारी ली कि अब तक कितनी समितियों को कितनी राशि दी गई है,.कितनी राशि हमालों को भुगतान की जा चुकी है और किन समितियों में भुगतान लंबित है।
लंबित मामलों में तुरंत भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने दोहराया कि किसानों से किसी भी प्रकार की जबरन हमाली नहीं कराई जाए। यदि किसान स्वेच्छा से सहयोग करते हैं, तो उन्हें हमाली पारिश्रमिक अवश्य दिया जाए।
सतर्क ऐप में फोटो अपलोड करना अनिवार्य
सभी नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि धान बेचने आने वाले किसानों, वाहनों और खरीद प्रक्रिया से जुड़े प्रत्येक चरण की फोटो सतर्क ऐप में नियमित रूप से अपलोड करें। यह निगरानी और पारदर्शिता को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।
रकबा समर्पण के लिए किसानों को करें प्रोत्साहित
कलेक्टर ने कहा कि जिन किसानों ने धान बेच दिया है, उन्हें रकबा समर्पण के लिए प्रेरित करें। जिले में अभी तक 40 हेक्टेयर से अधिक रकबा समर्पित किया जा चुका है, जिसे बढ़ाने की जरूरत है।
उपार्जन केंद्रों में सतर्कता और सख्त निगरानी के निर्देश
कलेक्टर ने सभी नोडल अधिकारियों से खरीदी केंद्रों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली और जोर दिया कि किसी भी केंद्र में बफर लिमिट से अधिक धान होने पर तुरंत अधिकारियों को सूचना दें। किसानों को धान बेचने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ सुनिश्चित की जाएँ।अधिक खरीदी वाले केंद्रों में रकबा सत्यापन किया जाए और बोगस धान की संभावना पर विशेष नजर रखी जाए।
कलेक्टर ने दोनों एसडीएम को निर्देश दिया कि वे निरंतर खरीदी केंद्रों का निरीक्षण करें। पुलिस विभाग को चेकपोस्टों की जांच तेज करने तथा अन्य जिलों/राज्यों से अवैध धान परिवहन पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।
भौतिक सत्यापन अवकाश दिवसों में भी जारी रहेगा
कलेक्टर ने कहा कि शनिवार व रविवार जैसे अवकाश दिनों में भी फील्ड में भौतिक सत्यापन (पीवी) किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि खरीदी केंद्रों में धान को मॉइश्चर मशीन से तय सीमा के अनुसार ही मापा जाए और निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप ही खरीदी की जाए।
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का उद्देश्य है पारदर्शी, सुरक्षित, निष्पक्ष और किसान हितैषी धान खरीदी सुनिश्चित करना है।
क्यूआर कोड से मिली पारदर्शिता की नई राह
मनरेगा श्रमिकों ने उत्साह के साथ मनाया रोजगार दिवस
कोरिया 08 दिसम्बर 2025
कोरिया जिले में तकनीक के प्रति ग्रामीण श्रमिकों की बढ़ती रुचि ने पारदर्शिता और सुशासन का एक नया उदाहरण स्थापित किया है। कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी के निर्देशानुसार रविवार को जिले की सभी ग्राम पंचायतों में मनरेगा प्रावधानों के अनुरूप ‘रोजगार दिवस’ का आयोजन किया गया। यह आयोजन इसलिए विशेष रहा क्योंकि मनरेगा श्रमिकों ने स्वयं पंचायतों में लगाए गए क्यूआर कोड स्कैन कर सभी कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
डिजिटल तकनीक से जुड़े श्रमिकों का यह उत्साह ग्रामीण व्यवस्था में एक सकारात्मक संदेश दे रहा है कि मनरेगा जैसी जनकल्याणकारी योजनाएँ अब पूरी तरह पारदर्शी, सुलभ और साक्ष्य-आधारित हो रही हैं।
मनरेगा प्रावधानों के अनुसार प्रत्येक ग्राम पंचायत में प्रति माह 7 तारीख को रोजगार दिवस मनाया जाता है। इस दिन श्रमिकों से संवाद, जानकारी साझा करना तथा योजना संबंधी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। रोजगार दिवस के अवसर पर पंजीकृत श्रमिकों को।कार्य की मांग करने, मजदूरी भुगतान की स्थिति जानने, बैंक खाते से संबंधित विवरण प्राप्त करने, जॉब कार्ड आवेदन या संशोधन कराने जैसी सुविधाएँ प्रदान की गईं।
ग्राम पंचायतों में लगाए गए क्यूआर कोड पारदर्शिता को नए स्तर पर ले जा रहे हैं।
इस आयोजन में।हजारों श्रमिकों ने अपने पंचायत के सभी मनरेगा कार्यों की जानकारी मोबाइल से स्कैन कर प्राप्त की, ग्रामवासियों को भी डिजिटल जानकारी प्राप्त करने के तरीके बताए गए, तकनीकी सहायकों ने क्यूआर कोड के उपयोग और महत्व पर विस्तार से समझाया।
अजीविका डबरी के लिए सबसे अधिक मांग
राज्य स्तरीय निर्देशों के अनुसार रोजगार दिवस में अजीविका डबरी के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामवासियों ने उत्साहपूर्वक इसकी सबसे अधिक मांग दर्ज कराई।
कार्य की मांग लेकर मास्टर रोल जारी किए गए और आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण की गईं।
सीईओ जिला पंचायत डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी के निर्देशानुसार जिले के सभी एपीओ, जनपदों के कार्यक्रम अधिकारी तथा तकनीकी सहायक आयोजित रोजगार दिवस में सक्रिय रूप से सम्मिलित हुए। उन्होंने श्रमिकों को तकनीक से जोड़ने, क्यूआर कोड उपयोग तथा मनरेगा प्रक्रियाओं की विस्तृत समझ प्रदान की।
कृषिका संगीता ने बेचा 100 क्विंटल धान, प्राप्त राशि से घर बनान में उपयोग
कोरिया । समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान के तहत आज ग्राम खरवत निवासी 30 वर्षीय कृषिका संगीता राजवाडे़ (पिता - स्व. रामकृपाल राजवाड़े) ने सहकारी समिति, छिन्दडाड़ में पहुंचकर धान विक्रय किया। उन्होंने समिति के माध्यम से टोकन प्राप्त किया था।
रामाधिन ने बताया कि उन्होंने इस वर्ष 1.0590 हेक्टेयर भूमि में धान की खेती की थी। खरीदी केंद्र में उन्होंने 60 क्विंटल धान की बिक्री की। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 2369 प्रति क्विंटल की समर्थन मूल्य दर के अनुसार उन्हें 1,42,140 रुपए की राशि प्राप्त होगी। उन्होंने बताया कि धान बिक्री से मिली राशि का उपयोग वे आगामी खेती,घर बनाने और दैनिक जरूरतों में व्यय करेंगे।
कोरिया जिले के कटगोड़ी, मुरमा, जटासेमर और पोंडी धान खरीदी केन्द्र में 40 क्विंटल अमानक धान रिजेक्ट
जटासेमर एवं आस-पास के क्षेत्रों से 99 बोरी अवैध धान जब्त
कोरिया, 03 दिसम्बर 2025

प्रदेश में 14 नवंबर से शुरू धान खरीदी का महाअभियान निरंतर जारी है। यह अभियान 31 जनवरी 2026 तक चलेगा। इसी कड़ी में कोरिया जिला प्रशासन द्वारा धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए लगातार औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिला प्रशासन गठित दल द्वारा धान उपार्जन केंद्र कटगोड़ी और आसपास के क्षेत्रों में निरीक्षण कर कार्रवाई की गई। इसमें कई अनियमितताएँ उजागर हुईं।
धान खरीदी केंद्र कटगोड़ी में 40 क्विंटल धान रिजेक्ट
बुधवार को सुबह कटगोड़ी धान खरीदी केंद्र में हुए औचक निरीक्षण में मानक से नीचे गुणवत्ता का लगभग 40 क्विंटल धान रिजेक्ट किया गया। निरीक्षण के दौरान समिति प्रबंधक अनुपस्थित पाए गए, जिस पर नोडल अधिकारी को तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र में बारदाना एवं ढकने हेतु पॉलीथिन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध मिली। निरीक्षण टीम ने फर्म रुद्र कुमार, मेन रोड कटगोड़ी के गोदाम से अवैध रूप से भंडारित 75 बोरी (30 क्विंटल) धान जब्त कर प्रकरण दर्ज किया । ग्राम मुरमा में किसान विशुन के यहाँ से 45 बोरी धान अवैध रूप से भंडारण पाए जाने पर जप्त किया गया।
जटासेमर 24 बोरी धान रिजेक्ट
झरना पारा धान उपार्जन केंद्र के नोडल अधिकारी श्री कमलेश देवांगन द्वारा खरीदी केन्द्र का आज सुबह औचक निरीक्षण किया, जिसमें किसान नीलकंठ पिता देवनंदन, ग्राम जटासेमर का 24 बोरी धान अमानक पाए जाने पर रिजेक्ट कर वापस लौटा दिया गया। इसी तरह पोंडी में दो किसानों का 71 बोरी अमानक धान रिजेक्ट किया गया। बचरा पोड़ी धान उपार्जन केंद्र में बृजमोहन जायसवाल पिता बलराम, ग्राम पोंडी का 65 बोरी तथा भईया लाल राजवाड़े, ग्राम सांवला का 6 बोरी अमानक धान मिलने पर नोडल अधिकारी श्री ए. टोप्पो द्वारा रिजेक्ट कर वापस किया गया।
जिला प्रशासन कोरिया द्वारा कहा गया है कि धान खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे औचक निरीक्षण आगे भी जारी रहेंगे, ताकि वास्तविक किसानों को न्याय मिले और कोचियों-बिचौलियों पर सख्ती बनी रहे।
अन्नदाता अब खेत-खलिहान से उपार्जन केंद्रों की ओर, 14 दिनों में 84 हजार क्विंटल से अधिक धान की खरीदी
कोरिया । खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीदी के महापर्व की शुरुआत 15 नवंबर से हो चुकी है और इसके साथ ही कोरिया जिले के उपार्जन केंद्र कृषि गतिविधियों से गुलज़ार हो उठे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को देश का सर्वाधिक 3100 प्रति क्विंटल मूल्य उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसके कारण प्रदेश की धान खरीदी प्रणाली पूरे देश में एक मजबूत मिसाल के रूप में स्थापित हो चुकी है।
14 दिनों में 84,530 क्विंटल धान की खरीदी :
जिले के 21 धान उपार्जन केंद्रों में खरीदी तेज़ गति से जारी है। 15 से 28 नवंबर के बीच जिले के 1,746 किसानों द्वारा कुल 84,530.40 क्विंटल धान बेचा जा चुका है। इस धान की खरीदी के एवज में सरकार द्वारा त्वरित भुगतान की नीति के तहत 20 करोड़ 2 लाख रुपए किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे हस्तांतरित किए गए हैं।
तेज़ भुगतान प्रणाली और पारदर्शिता के कारण किसान संतुष्ट दिखाई दे रहे हैं। साथ ही धान की ऊँची दर से किसानों में आर्थिक खुशहाली की उम्मीद भी बढ़ी है।
कृषि ऋण वसूली-लगभग 4 करोड़ रुपए :
धान खरीदी के साथ-साथ कृषि ऋण अदायगी की प्रक्रिया भी प्रभावी रूप से चल रही है। अब तक किसानों से करीब 4 करोड़ रुपए की कृषि ऋण वसूली की जा चुकी है, जिससे सहकारी समितियों की वित्तीय स्थिति भी सुदृढ़ हो रही है।
सुव्यवस्थित उपार्जन केंद्र-किसानों के लिए समुचित सुविधाएँ :
जिले के सभी 21 उपार्जन केंद्रों में किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए पेयजल, बैठने की व्यवस्था, तौल मशीनों की नियमित जांच, सुरक्षा व्यवस्था, तेज़ टोकन प्रक्रिया, सुगम परिवहन मार्ग जैसे सभी इंतजाम सुनिश्चित किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, किसानों की किसी भी शिकायत के त्वरित समाधान के लिए किसान सहायता केंद्र भी स्थापित किया गया है। यह केंद्र किसानों का मार्गदर्शन करने और समस्याओं के त्वरित निपटारे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी की सतत मॉनिटरिंग :
जिला कलेक्टर चन्दन त्रिपाठी स्वयं धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया पर लगातार नज़र रख रही हैं। वे प्रतिदिन अधिकारियों और कर्मचारियों से खरीदी की स्थिति की समीक्षा कर रही हैं। साथ ही, वे व्हाट्सऐप समूहों और बैठकों के माध्यम से शासन से प्राप्त निर्देशों की जानकारी तुरंत फील्ड स्टाफ तक पहुंचा रही हैं, ताकि धान खरीदी में किसी प्रकार की देरी या समस्या न आए।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है :
पंजीकृत किसानों से एक-एक दाना धान खरीदा जाएगा। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हर किसान को उसका उचित मूल्य मिले।
कलेक्टर त्रिपाठी ने दी चेतावनी :
अवैध धान परिवहन या अनियमितता पाए जाने पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अवैध धान पर प्रशासन की पैनी निगरानी :
धान खरीदी की सुचारू व पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रशासन ने अवैध धान परिवहन, बाहरी धान की एंट्री, जमाखोरी और गलत तरीके से समर्थन मूल्य का लाभ उठाने जैसी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखे हुए हैं। जिला प्रशासन की टीमें नियमित गश्त कर रही हैं और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है।
गांव के नौनिहालों को मिली सुरक्षित और आधुनिक शुरुआत
आंगनबाड़ी भवन निर्माण में मनरेगा ने निभाई अहम भूमिका
कोरिया, 21 नवम्बर 2025

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में आंगनबाड़ी सेवाओं का व्यापक सुदृढ़ीकरण ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में बच्चों के समग्र विकास का मजबूत आधार बन रहा है। प्रारंभिक शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सुरक्षा और अनुशासन की नींव रखने वाले आंगनबाड़ी केंद्र अब आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर नौनिहालों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं।
पिछले एक दशक में महात्मा गांधी नरेगा और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वित प्रयासों से जिले में 148 नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण पूरा किया गया है। इस मॉडल ने हजारों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण और शिक्षा गतिविधियों से जोड़कर उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए हैं।
वनांचल क्षेत्र सोनहत में 26 और बैकुण्ठपुर क्षेत्र में 122 नए आंगनबाड़ी भवन तैयार किए गए हैं। सोनहत में 133 लाख रुपये और बैकुण्ठपुर में 9 करोड़ 9 लाख रुपये से अधिक की राशि मनरेगा से स्वीकृत की गई। नए मानक के अनुसार प्रति भवन 11.69 लाख रुपये की लागत निर्धारित है, जिसमें 8 लाख रुपये मनरेगा से उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्ष 2024 से पूर्व स्वीकृत भवनों की लागत 6.45 लाख रुपये थी, जिसमें 5 लाख रुपये मनरेगा से प्रदान किए जाते थे।
विभागीय मांग के आधार पर जनपद पंचायतों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा) द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जाती है। प्रत्येक भवन का निर्माण ग्राम पंचायतों की देखरेख में गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कराया जाता है।
कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने हाल ही में सोनहत के लिए 2 नए आंगनबाड़ी भवन और बैकुण्ठपुर के लिए 23 नए भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी है। सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
कोरिया जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों का यह सुदृढ़ विस्तार बाल विकास के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रहा है, जो ग्रामीण नौनिहालों को बेहतर भविष्य की मजबूत नींव प्रदान कर रहा है।
मनरेगा से मिली सिंचाई सुविधा, किसान आनंद के जीवन में आई खुशहाली
निजी परकोलेशन टैंक से बढ़ी पैदावार, शुरू हुआ सब्जी व मछली पालन
कोरिया, 19 नवम्बर 2025
सोनहत विकासखण्ड के ग्राम पंचायत अकलासरई के पंजीकृत श्रमिक आनंद पिता जगरूप का जीवन मनरेगा के निजी परकोलेशन टैंक के निर्माण से पूरी तरह बदल गया है। पहले वर्षा आधारित खेती और अकुशल श्रम पर आश्रित रहने वाला यह किसान परिवार आज कृषि, सब्जी उत्पादन और मत्स्य पालन से आत्मनिर्भर हो चुका है।
पहले सिंचाई साधन न होने से सीमित थी उपज
आनंद के पास कुल 4 एकड़ भूमि है, लेकिन सिंचाई के साधन न होने के कारण वे परंपरागत धान की खेती तक ही सीमित थे। पानी की कमी के कारण उत्पादन बेहद कम होता था, जिससे परिवार के लिए खाद्यान्न जुटाना भी चुनौती था। मनरेगा में मिलने वाला अकुशल श्रम ही उनकी आय का मुख्य स्रोत था।
परकोलेशन टैंक ने दिलाई नई राह
मनरेगा के तहत निजी परकोलेशन टैंक (डबरी) निर्माण के बाद उनके ढाई एकड़ खेतों में धान की बंपर पैदावार होने लगी है। अब वे मछली पालन भी कर रहे हैं, जो आय का अतिरिक्त स्रोत बन गया है। सब्जी और दलहन उत्पादन से परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार बेहतर हो रही है।
रबी फसलों से बढ़ी उम्मीदें
आनंद ने खरीफ की सफल फसल के बाद अब एक एकड़ भूमि में अरहर, मटर, सरसों, टमाटर और आलू जैसी रबी फसलों की बुवाई की है। मेहनत और सिंचाई सुविधा के भरोसे उन्हें अच्छी आमदनी की उम्मीद है।
कार्य का विवरण
अकलासरई, जनपद पंचायत सोनहत, जिला कोरिया के हितग्राही आनंद पिता जगरूप ने अपने भूमि पर निजी परकोलेशन टैंक का निर्माण कराया है। इसके पहले इस कार्य की 1,99,000 रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति 21 दिसंबर 2024 को मिली थी।
छरछा जलाशय योजना के कार्यों हेतु 3.31 करोड़ रूपए स्वीकृत
कोरिया, 11 नवम्बर 2025
छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा कोरिया जिले के विकासखण्ड-बैकुण्ठपुर की छरछा जलाशय योजना के बांध एवं नहर के नवीनीकरण एवं वाटर कोर्स के निर्माण कार्य हेतु तीन करोड़ 31 लाख 2 हजार रूपए स्वीकृत किए है। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन से योजना के कार्य कराने मुख्य अभियंता, हसदेव गंगा कछार, जल संसाधन विभाग अंबिकापुर को प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
कोरिया में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, 25 वर्षों में किया गया व्यापक परिवर्तन
आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी उपचार विधि से लाखों मरीजों को मिला लाभ
कोरिया । जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण उपचार सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पिछले 25 वर्षों में निरंतर और ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2000 से लेकर 2025 के बीच अनेक उपलब्धियां हासिल की गई है। उप स्वास्थ्य केंद्र 82 से बढ़कर 89, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 8 से बढ़कर 11 तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 2 से बढ़कर 4 एवं जिला अस्पताल 100 बिस्तर क्षमता से बढ़कर 200 बिस्तर वाला अस्पताल संचालित हो रहा है।
जिले में मातृ एवं शिशु अस्पताल, फर्स्ट रेफरल यूनिट, हमर लैब, एनआरसी, वायरोलॉजी लैब, डायलिसिस, सीटी स्कैन, सोनोग्राफी, ईको मशीन एवं ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की गई है। राज्य का पहला वयोवृद्ध हेल्थ चेकअप सेंटर भी कोरिया जिले में संचालित हो रहा है। जिले में वर्तमान में 55 चिकित्सक, 11 विशेषज्ञ, 97 नर्सिंग स्टाफ, 16 लैब टेक्नीशियन, 93 एएनएम, 78 एमपीडब्ल्यू, कुल 10 एम्बुलेंस और 07 मुक्तांजलि वाहन उपलब्ध हैं।
जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ :
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अब तक 2,67,244 कार्ड, तथा आयुष्मान वय वंदना योजना के 7,177 कार्ड बनाए जा चुके हैं।
आयुष विभाग ने भी की उपलब्धियाँ हासिल :
वर्ष 2000 में जिले में केवल 05 आयुर्वेद औषधालय थीं जो बढ़कर 7 हो गई। पहले 05 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी और 02 फार्मासिस्ट नियुक्त थे जबकि अब 07 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी और 07 फार्मासिस्ट कार्यरत हैं। सभी औषधालय नवीन भवनों में संचालित हो रहे हैं।
जिला अस्पताल बैकुंठपुर में आयुष विंग संचालित है, जहाँ आयुर्वेद एवं पंचकर्म उपचार स्नेहन, स्वेदन, कटिबस्ति, जानुबस्ति, अभ्यंग तथा शिरोधारा आदि विधियों के माध्यम से किए जा रहे हैं। वर्तमान में जिले में आयुर्वेद के 07, होम्योपैथी के 04 तथा यूनानी के 02 आयुष केन्द्र संचालित हैं। इन केंद्रों से अब-तक 8 लाख 88 हजार से अधिक रोगी लाभान्वित हो चुके हैं। जिले के 07 आयुर्वेद औषधालयों में से 05 को आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में विकसित किया गया है। वहीं मोबाइल मेडिकल यूनिट (आयुष) के संचालन से ग्रामीण मरीजों का लाभ होने लगा है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी गांवों, शहरों खासकर सुदूर गांवों में स्वास्थ्य अधोसंरचना, आधुनिक स्वास्थ्य व आयुष सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रहे हैं। निश्चित ही इन 25 बरसों के विकास यात्रा में कोरिया जिला स्वास्थ्य व आयुष के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है।
सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर निकलेगी ‘यूनिटी मार्च’
कोरिया ,30 अक्टूबर 2025
लौह पुरुष एवं देश के प्रथम उप प्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर कोरिया जिले में यूनिटी मार्च सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में अपर कलेक्टर श्री सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मोहित पैकरा एवं उपाध्यक्ष श्रीमती वंदना राजवाड़े में जानकारी साझा की।
प्रेस वार्ता में बताया गया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार 31 अक्टूबर 2025 से 25 नवम्बर 2025 तक जिला स्तरीय पद यात्रा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसी क्रम में कोरिया जिले में 12 नवम्बर 2025 को यूनिटी मार्च निकाला जाएगा। यह मार्च लगभग 7 किलोमीटर लंबा होगा, जो शासकीय आदर्श रामानुज उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैकुंठपुर से प्रारंभ होकर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कलेक्टोरेट परिसर होते हुए सेजेस खरवत परिसर में समापन होगा। इस मार्च में लगभग एक हजार प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना है, जिनमें जनप्रतिनिधि, अधिकारी, गणमान्य नागरिक एवं छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के जिला अधिकारी श्री जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि 31 अक्टूबर को सुबह 7 से बैकुंठपुर के कुमार चौक से यूनिटी मार्च निकाली जाएगी। मार्च में मुख्य रूप से छात्र-छात्राओं, युवाओं, जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहेंगे।
मार्च के दौरान स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए मार्ग में साफ-सफाई कराई जाएगी। साथ ही, छात्रों द्वारा सरदार पटेल के जीवन पर आधारित नुक्कड़ नाटक एवं राष्ट्रीय एकता पर विशेष नृत्य कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे।
सेजेस खरवत परिसर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य शिविर, राष्ट्रीय एकता शपथ, माल्यार्पण, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।
इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम श्रृंखला के तहत 31 अक्टूबर 2025 को विद्यालयों/महाविद्यालयों में निबंध एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता, 06 नवम्बर 2025 को स्वच्छता अभियान, 07 नवम्बर 2025 को रंगोली एवं चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी।
माय भारत के जिला युवा अधिकारी श्री सौरभ निषाद, जनप्रतिनिधि व स्कूल, कॉलेज के प्रतिनिधि भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
कोरिया जिला में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, 25 वर्षों में हुआ व्यापक परिवर्तन
डायलिसिस, सीटी स्कैन, सोनोग्राफी व ऑक्सीजन प्लांट जैसी आधुनिक सेवाएं उपलब्ध
राज्य का पहला वयोवृद्ध स्वास्थ्य जांच केंद्र कोरिया में संचालित, अब तक 2 लाख 67 हजार से अधिक आयुष्मान कार्ड बने
आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी उपचार विधि से लाखों मरीजों को मिला लाभ
कोरिया ,29 अक्टूबर 2025

कोरिया जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और गुणवत्तापूर्ण उपचार सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पिछले 25 वर्षों में निरंतर और ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्ष 2000 से लेकर 2025 के बीच अनेक उपलब्धियां हासिल की गई है। उप स्वास्थ्य केंद्र 82 से बढ़कर 89, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र 8 से बढ़कर 11 तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 2 से बढ़कर 4 एवं जिला अस्पताल 100 बिस्तर क्षमता से बढ़कर 200 बिस्तर वाला अस्पताल संचालित हो रहा है।
जिले में मातृ एवं शिशु अस्पताल, फर्स्ट रेफरल यूनिट, हमर लैब, एनआरसी, वायरोलॉजी लैब, डायलिसिस, सीटी स्कैन, सोनोग्राफी, ईको मशीन एवं ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना की गई है। राज्य का पहला वयोवृद्ध हेल्थ चेकअप सेंटर भी कोरिया जिले में संचालित हो रहा है।
जिले में वर्तमान में 55 चिकित्सक, 11 विशेषज्ञ, 97 नर्सिंग स्टाफ, 16 लैब टेक्नीशियन, 93 एएनएम, 78 एमपीडब्ल्यू, कुल 10 एम्बुलेंस और 07 मुक्तांजलि वाहन उपलब्ध हैं।
जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ
आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अब तक 2,67,244 कार्ड, तथा आयुष्मान वय वंदना योजना के 7,177 कार्ड बनाए जा चुके हैं।
आयुष विभाग ने भी की उपलब्धियाँ हासिल
वर्ष 2000 में जिले में केवल 05 आयुर्वेद औषधालय थे जो बढ़कर 7 हो गए हैं। पहले 05 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी और 02 फार्मासिस्ट नियुक्त थे जबकि अब 07 आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी और 07 फार्मासिस्ट कार्यरत हैं। सभी औषधालय नवीन भवनों में संचालित हो रहे हैं।
जिला अस्पताल बैकुंठपुर में आयुष विंग संचालित है, जहाँ आयुर्वेद एवं पंचकर्म उपचार स्नेहन, स्वेदन, कटिबस्ति, जानुबस्ति, अभ्यंग तथा शिरोधारा आदि विधियों के माध्यम से किए जा रहे हैं। वर्तमान में जिले में आयुर्वेद के 07, होम्योपैथी के 04 तथा यूनानी के 02 आयुष केन्द्र संचालित हैं। इन केंद्रों से अब-तक 8 लाख 88 हजार से अधिक रोगी लाभान्वित हो चुके हैं। जिले के 07 आयुर्वेद औषधालयों में से 05 को आयुष्मान आरोग्य मंदिर के रूप में विकसित किया गया है। वहीं मोबाइल मेडिकल यूनिट (आयुष) के संचालन से ग्रामीण मरीजों का लाभ होने लगा है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल प्रदेश के सभी गांवों, शहरों खासकर सुदूर गांवों में स्वास्थ्य अधोसंरचना, आधुनिक स्वास्थ्य व आयुष सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार काम कर रहे हैं। निश्चित ही इन 25 बरसों के विकास यात्रा में कोरिया जिला स्वास्थ्य व आयुष के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हासिल की है।
प्रधानमंत्री आवास योजना से कोरिया जिले में 17 हजार से अधिक परिवारों को मिला पक्का आशियाना
17 करोड़ ईंट, 17 लाख सीमेंट बोरी, 2 लाख ट्राली रेती से तैयार हुआ पीएम आवास
छांव और सुकून के साथ बदल रही है जीवनशैली
कोरिया, 29 अक्टूबर 2025
कोरिया जिले के पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का लाभ तेजी से दिया जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप अब 17 हजार 142 परिवारों को पक्का और सुरक्षित आशियाना मिल चुका है। पक्के मकान मिलने से ग्रामीण परिवार अब छांव और सुरक्षा के साथ सुकून भरा जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
कोरिया जिले को अब तक इस योजना के तहत 29 हजार 509 आवासों का लक्ष्य प्राप्त हुआ, जिनमें से 26 हजार 832 आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। आवास निर्माण हेतु प्रत्येक हितग्राही को 1.20 से 1.30 लाख रुपये की सहायता राशि सीधे डी.बी.टी. के माध्यम से प्रदान की जा रही है। आज की स्थिति तक करीब 243 करोड़ रुपये सीधे लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित किए जा चुके हैं।
मजदूरी भुगतान से ग्रामीणों को रोजगार
आवास निर्माण में 95/90 दिवस का मजदूरी भुगतान मनरेगा के तहत किया जाता है। इस मद में अब तक 30 करोड़ रुपये डी.बी.टी. के माध्यम से मजदूरों को भुगतान किए गए, जिससे उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हुआ।
निर्माण से स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा
कोरिया जिले में अब तक पूर्ण किए गए 17 हजार 142 आवासों के निर्माण में लगभग 17 करोड़ ईंट, 17 लाख बोरी सीमेंट, 2 लाख ट्रॉली रेत, 1.5 लाख ट्रॉली गिट्टी और 1 करोड़ किलोग्राम सरिया का उपयोग किया गया।
इस सामग्री की बिक्री एवं ढुलाई के माध्यम से ग्रामीण उद्यमियों, मजदूरों और निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिला, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई और जीवन स्तर सुधरा।
राजमिस्त्री प्रशिक्षण से कौशल विकास
जिले में कुल 880 प्रशिक्षार्थियों को 45 दिवस का राजमिस्त्री प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इससे न केवल कौशल विकास हुआ, बल्कि प्रशिक्षित श्रमिकों की आय में भी महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की गई।
पहाड़ी और वन क्षेत्रों में सुरक्षा का मजबूत आधार
कोरिया जिला पहाड़ी एवं सघन वनों से घिरा क्षेत्र है, जहाँ अधिक वर्षा, अधिक ठंड और वन्य पशुओं का खतरा भी बना होता है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिले पक्के घरों से 17 हजार 142 परिवार अब प्राकृतिक विपदाओं से सुरक्षित हैं और अपने परिवार के साथ खुशहाल, गरिमापूर्ण और सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं।
शिक्षा अधोसंरचना में 25 वर्षों में अभूतपूर्व विस्तार
कोरिया जिला बना शिक्षा प्रगति का उदाहरण
कोरिया , 28 अक्टूबर 2025
छत्तीसगढ़ राज्य अपनी 25 वर्षों की गौरवशाली विकास यात्रा का रजत वर्ष मना रहा है। इस अवधि में राज्य के साथ-साथ कोरिया जिले ने भी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2000 से 2025 के बीच जिले में शिक्षा अधोसंरचना, सुविधाओं और शैक्षणिक परिणामों में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है।
विद्यालयों की संख्या में दोगुनी वृद्धि
वर्ष 2000 में कोरिया जिले में विद्यालयों की कुल संख्या 386 थी, जो बढ़कर अब 606 तक पहुँच गई है। इसमें प्राथमिक विद्यालयों की संख्या 281 से बढ़कर 387, पूर्व माध्यमिक विद्यालयों की संख्या 76 से बढ़कर 167 और हायर सेकेंडरी विद्यालयों की संख्या 22 से बढ़कर 37 हो गई है।
छात्र संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि
शिक्षा के प्रति लोगों में बढ़ती जागरूकता के परिणामस्वरूप विद्यालयों में पंजीकृत छात्रों की संख्या 21 हजार 051 से बढ़कर 37 हजार 172 हो गई है। यह दर्शाता है कि अब जिले के अधिक से अधिक बच्चे शिक्षा से जुड़ रहे हैं और स्कूलों की पहुँच सुदूर अंचलों तक बढ़ी है।
परीक्षा परिणामों में ऐतिहासिक सुधार
जिले में शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार हुआ है। वर्ष 2000 में हाईस्कूल परीक्षा परिणाम 46.31 प्रतिशत था, जो 2025 में बढ़कर 92.26 प्रतिशत हो गया है। इसी प्रकार हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणाम 67.15 प्रतिशत से बढ़कर 94.26 प्रतिशत तक पहुँच गया है। ये आँकड़े जिले के शिक्षकों की प्रतिबद्धता और छात्रों की मेहनत का प्रमाण हैं।
छात्र हितैषी योजनाओं से बढ़ा नामांकन और उपस्थिति
सरकार की विभिन्न योजनाओं से विद्यालयों में नामांकन दर में वृद्धि हुई है। मध्यान्ह भोजन योजना के अंतर्गत वर्ष 2000 में जहाँ 9 जार 124 विद्यार्थियों को निःशुल्क भोजन मिलता था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 25 हजार 516 तक पहुँच गई है। कक्षा 1 से 10 तक लगभग 2 लाख 20 हजार छात्रों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, कक्षा 1 से 8 तक 48 हजार 892 विद्यार्थियों को निःशुल्क गणवेश और कक्षा 9 वीं की एक हजार से अधिक छात्राओं को निःशुल्क साइकिल वितरण कराई गई हैं। इन पहल से विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा में बड़ा सुधार आया है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए नए संस्थानों की स्थापना
वर्ष 2000 के बाद कोरिया जिले में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET), जवाहर नवोदय विद्यालय और कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय जैसे प्रमुख संस्थान स्थापित किए गए हैं। इन संस्थानों ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा का अवसर प्रदान किया है।
सरकार की विकासपरक नीतियों का परिणाम
श्री विष्णु देव साय सरकार की शिक्षा-केंद्रित और विकासपरक नीतियों ने कोरिया जिले को नई दिशा दी है। सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं और जनभागीदारी से प्रेरित प्रयासों के फलस्वरूप जिले के दुर्गम और दूरस्थ अंचलों तक शिक्षा की रोशनी पहुँच रही है।
कोरिया जिला बना शिक्षा विकास का नया मॉडल
इन 25 वर्षों की शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियाँ इस बात का प्रमाण हैं कि कोरिया जिला अब शिक्षा के विकास का एक प्रेरणादायक मॉडल बन चुका है। अधोसंरचना, गुणवत्ता और पहुँच-तीनों ही स्तरों पर जिले ने नई ऊँचाइयाँ प्राप्त की हैं, जो आने वाले वर्षों में बच्चों के सर्वांगीण विकास की मजबूत नींव सिद्ध होंगी।
पीएम श्री विद्यालय बनने के बाद विद्यालय में आए सकारात्मक परिवर्तन
पीएम श्री शासकीय प्राथमिक शाला बुड़ार, बैकुण्ठपुर, जिला कोरिया
कोरिया, 28 अक्टूबर 2025


पीएम श्री विद्यालय योजना के अंतर्गत पीएम श्री शासकीय प्राथमिक शाला बुड़ार के चयन के बाद विद्यालय में अनेक सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले हैं। विद्यालय का वातावरण अब अधिक अनुशासित, बेहतर और तकनीकी रूप से सशक्त बन चुका है। विद्यालय में स्मार्ट क्लास एवं डिजिटल कक्षाओं की स्थापना से शिक्षण प्रक्रिया में आधुनिकता आई है। विद्यार्थी अब वीडियो, चित्र और इंटरैक्टिव माध्यमों से विषयों को आसानी से समझ रहे हैं, जिससे उनमें आत्मविश्वास और सीखने की रुचि बढ़ी है।
विद्यालय परिसर में सौर ऊर्जा संयंत्र की स्थापना ने विद्यालय को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया है तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरक कदम सिद्ध हुआ है। ग्रीन स्कूल के तहत विद्यालय परिपर में विभिन्न प्रकार के पौधे लगाए गए जिससे विद्यालय का वातावरण हरा-भरा सुसज्जित हुआ। विद्यालय में योग शिक्षक की नियुक्ति के बाद विद्यार्थियों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। योगाभ्यास से बच्चों में एकाग्रता, अनुशासन और सकारात्मक दृष्टिकोण का विकास हुआ है।
ग्रीष्मावकाश के दौरान समर कैम्प तथा शीतकाल में विंटर कैम्प के आयोजन से बच्चों को कला, खेल, विज्ञान, संगीत और व्यक्तित्व विकास से जुड़ने के अवसर प्राप्त हुए हैं। विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का नियमित आयोजन एवं संगीत सामग्री की उपलब्धता से विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिला है। मंच पर प्रस्तुति देने से बच्चों में आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ है।
विद्यालय में भौतिक संसाधनों में वृद्धि होने से विद्यार्थियों को बहुत सारी सुविधाएं मिली है बच्चो को पीने के लिए शुद्ध व शीतल जल की उपलब्धता हुई है। बबजअ कैमरे लगने से विद्यालय की व विद्यार्थियों की सुरक्षा और भी अधिक मजबूत हुई है, जिससे पालको में निश्चिन्तता आई है और पालको का विश्वास बड़ा है। इन सभी प्रयासों से विद्यालय का वातावरण जीवंत, प्रेरणादायक और तकनीकी दृष्टि से समृद्ध बन गया है। पीएम श्री योजना के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला बुढ़ार अब वास्तव में एक “आदर्श एवं मॉडल विद्यालय” के रूप में उभर रही है, जहाँ शिक्षा के साथ संस्कार, सृजनशीलता और आत्मनिर्भरता का समन्वय होता है।
इसके साथ निजी विद्यालयों से बच्चो का पलायन पीएम श्री विद्यालय की ओर भी हो रहा है जो सबसे सुखद पहलू है।
सिंचाई रकबे में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, 40 हजार से अधिक किसान ले रहे लाभ
सिंचाई क्षमता में ढाई गुना वृद्धि कोरिया जिले में, 25 वर्षों में खेती का चेहरा बदला
24 अक्टूबर 2025

छत्तीसगढ़ राज्य के रजत जयंती वर्ष में कोरिया जिले ने सिंचाई के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। पिछले 25 वर्षों में जिले की कुल सिंचित रकबा में ढाई गुना से अधिक वृद्धि हुई है। वर्ष 2000 में जिले का सिंचित रकबा 18 हजार 13 हेक्टेयर था, जो अब बढ़कर 21 हजार 102 हेक्टेयर तक पहुँच गया है।

सिंचाई प्रतिशत अब बढ़कर 34.55 प्रतिशत हो गई
यह वृद्धि जिले की कृषि व्यवस्था और जल संसाधन प्रबंधन में आए सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाती है। यदि सिंचाई प्रतिशत की बात करें तो यह वर्ष 2000 में 13.72 प्रतिशत थी, जो अब बढ़कर 34.55 प्रतिशत हो गई है।
रबी सिंचाई रकबा बढ़कर 5 हजार 469 हेक्टेयर
कोरिया जिले में रबी फसलों के सिंचाई रकबे में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। वर्ष 2000 में जहाँ मात्र 3 हजार 595 हेक्टेयर में रबी फसलों को सिंचाई सुविधा प्राप्त थी, वहीं अब यह क्षेत्र बढ़कर 5 हजार 469 हेक्टेयर तक पहुँच गया है।
2 मध्यम और 58 लघु परियोजनाएँ
जल संसाधन संभाग, बैकुंठपुर के अनुसार, वर्ष 2000 में जिले में 1 मध्यम और 63 लघु सिंचाई परियोजनाएँ संचालित थीं। वर्तमान में 2025 में यह संख्या 2 मध्यम और 58 लघु परियोजनाओं तक है। इस बीच अविभाजित कोरिया जिले की 43 लघु परियोजनाएँ नवगठित मनेंद्रगढ़ -चिरमिरी-भरतपुर जिले को हस्तांतरित की गई हैं।
अब 40 हजार 210 किसान लाभान्वित
वर्ष 2000 में 28 हजार 619 किसान सिंचाई परियोजनाओं से लाभान्वित हो रहे थे, जबकि अब लाभान्वित किसानों की यह संख्या बढ़कर 40 हजार 210 तक पहुँच गई है। जिले में वर्तमान में कुल 60 सिंचाई परियोजनाएँ संचालित हैं, जिनमें से 2 प्रमुख हैं।
यह उपलब्धि न केवल कोरिया जिले की कृषि उत्पादकता में वृद्धि का प्रतीक है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और किसानों की जीवनशैली में आए सकारात्मक बदलाव का भी द्योतक है ।