छत्तीसगढ़ / महासमुंद
फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी सीखने ग्रामीण युवक एवं युवतियों के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण का सुनहरा अवसर
16 दिसम्बर तक कर सकते है पंजीयन
महासमुंद 09 दिसम्बर 2025
जिले के ग्रामीण युवक-युवतियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने हेतु बड़ौदा ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) द्वारा विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। जिसमें 30 दिवसीय मोबाइल फोन रिपेयर्स एंड सर्विस एवं 31 दिवसीय फोटोग्राफी एवं वीडियोग्राफी से संबंधित प्रशिक्षण शामिल है। निदेशक बैंक ऑफ बड़ौदा आरसेटी ने बताया कि इच्छुक प्रतिभागी निःशुल्क प्रशिक्षण के लिए 16 दिसम्बर 2025 तक पंजीयन करा सकते है। पंजीयन के लिए बी.पी.एल. राशन कार्ड की प्रतिलिपि, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज की 5 फोटो एवं न्यूनतम 8वीं उत्तीर्ण अंकसूची आवश्यक है। पंजीयन एवं प्रशिक्षण की जानकारी के लिए कमलेश पटेल के मोबाईल नम्बर +91-79997-00673, अक्षय सिंग राजपूत के मोबाईल नम्बर +91-83194-62874 एवं राजू निर्मलकर के मोबाईल नंबर +91-91310-65767 पर प्रातः 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक संपर्क कर सकते है तथा क्यू आर कोड स्कैन करके भी पंजीयन कर सकते हैं।
कलेक्टर ने ली साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक
किसानों से पराली नहीं जलाने की अपील
शेष हितग्राहियों के राशन कार्ड ई-केवाईसी पूर्ण करने के दिए निर्देश
किसानों का धान निर्धारित मात्रा में ही तौल करें - कलेक्टर श्री लंगेह
महासमुंद 09 दिसम्बर 2025
कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने आज सुबह 10 बजे समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित कार्यक्रमों, योजनाओं और व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम, धान खरीदी की प्रगति, अवैध परिवहन नियंत्रण, ई-केवाईसी, स्वच्छता मिशन, मनरेगा एवं आवास योजनाओं सहित अन्य विषयों पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार, अपर कलेक्टर श्री सचिन भूतड़ा, श्री रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी, सभी विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा वीसी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने धान खरीदी व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि पूरी खरीदी प्रक्रिया राज्य शासन के मंशानुरूप पारदर्शिता और सुगमता के साथ संचालित हो। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन वीसी के माध्यम से धान खरीदी समीक्षा बैठक में अनिवार्य रूप से शामिल हों और अपने-अपने उपार्जन केंद्रों का सतत निरीक्षण करें। उन्होंने निर्देश देते हुए कहा कि धान तौलाई 40 किलो 700 ग्राम निर्धारित मानक के अनुसार ही हो। निर्धारित मात्रा से अधिक तौल पाए जाने पर संबंधित समिति प्रबंधक के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। धान लोडिंग के दौरान वीडियो बनाने, धर्मकांटा तौल और वाहन लोडिंग करते हुए तस्वीरें लेने तथा पूरी प्रक्रिया का शॉर्ट वीडियो बनाने कहा। धान परिवहन के रीसाइक्लिंग रोकने पर विशेष जोर देते हुए कलेक्टर ने नोडल अधिकारियों एवं समिति प्रबंधक को आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसानों को टोकन काटने एवं एग्रीस्टेक पंजीयन में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए नोडल अधिकारी और समिति प्रबंधन किसानों से सतत संवाद बनाए रखें, टोकन, नमी जांच, मिलान पर्ची, तौल व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों और ऑनलाइन एंट्री व्यवस्था को हर समय सक्रिय स्थिति में रखें। उन्होंने जिले के 16 चेकपोस्टों में धान की आवक और अवैध परिवहन पर कड़ी निगरानी रखने, संदेहास्पद वाहनों की जांच करने और अवैध परिवहन करते पाए जाने पर तत्काल वाहन सीज कर प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए। जप्त धान को अनिवार्य रूप से थाना में सुपुर्द करने और हर सप्ताह भौतिक सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।
एग्रीस्टेक एप की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि पंजीकृत किसानों का धान खरीदा जाएगा और जिन किसानों की रकबा/वारिसान प्रविष्टियों में त्रुटियां हैं, उनका सत्यापन शीघ्र पूरा किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि गांवों में मुनादी कर छूटे हुए किसानों का पंजीयन कराया जाए। उन्होंने किसानों से पराली नहीं जलाने का अनुरोध करते हुए कहा कि ऐसा पाए जाने पर एनजीटी के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी और अर्थदंड भी लगाया जा सकता है। किसानों से पैरा दान करने या पशुधन को चारा उपलब्ध कराने की अपील की गई।
मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की समीक्षा में कलेक्टर ने एआरओ और ईआरओ को निर्देश दिए कि गणना एवं घोषणा पत्रों के साथ शत प्रतिशत डिजिटाइजेशन का शेष कार्य शीघ्र पूर्ण करें। पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने के निर्देश दिए गए। जिले के 1083 बीएलओ द्वारा सभी गणना पत्रक वितरित और संग्रहित किए जा चुके हैं। कलेक्टर ने राशन कार्ड ई-केवाईसी पर समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में अब भी 1 लाख 41 हजार ई-केवाईसी लंबित हैं, जिसे मिशन मोड में जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि राशन वितरण के दौरान लाभार्थियों को बुलाकर वहीं बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाए और मृत व अनुपलब्ध सदस्यों का विलोपन किया जाए।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिन ग्राम पंचायतों में कचरा वाहनों की खरीदी हो चुकी है, वहां डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की शुरुआत करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए। कलेक्टर ने सभी जनपद सीईओ को आवास योजनाओं एवं मनरेगा कार्यों में प्रगति लाने तथा पीएम जनमन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जन चौपाल, समय-सीमा पत्रक और राजस्व प्रकरणों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री लंगेह ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनहित के कार्यों में गति लाएं, पारदर्शिता बनाए रखें और आमजन की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें।
सतर्क एप में जप्त प्रकरण की जानकारी दर्ज न करने पर खाद्य निरीक्षक को नोटिस
महासमुंद, 6 दिसम्बर 2025
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का कार्य जिले में सुचारू रूप से जारी है। शासन के निर्देशानुसार अवैध धान परिवहन एवं स्टॉकिंग के विरुद्ध की गई कार्रवाई की तत्काल ऑनलाइन प्रविष्टि सतर्क एप में करने के निर्देश सभी खाद्य निरीक्षकों को दिए गए हैं।
इसी क्रम में 03 दिसंबर 2025 को आयोजित धान खरीदी समीक्षा वीडियो कॉन्फ्रेंस में कलेक्टर को अवगत कराया गया था कि अम्बे राइस इंडस्ट्री, भीखापाली में अवैध धान स्टॉकिंग के अंतर्गत 475 कट्टा अतिरिक्त धान पाया गया, जिस पर जप्ती की कार्रवाई कर प्रकरण तैयार किया गया है। किन्तु 05 दिसंबर 2025 तक संबंधित खाद्य निरीक्षक द्वारा इस जप्त प्रकरण की जानकारी सतर्क एप में दर्ज नहीं की गई। जिला निगरानी समिति के नोडल अधिकारी द्वारा लगातार निर्देशित किए जाने के बावजूद एप में प्रविष्टि नहीं किए जाने को जिला प्रशासन ने लापरवाही एवं अनुशासनहीनता माना है।
इस पर खाद्य अधिकारी ने संबंधित खाद्य निरीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। निरीक्षक को नोटिस प्राप्ति के 03 दिवस के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समयावधि में जवाब प्राप्त न होने की स्थिति में उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, जिसके लिए वे स्वयं जिम्मेदार होंगे।
अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर कार्रवाई तथा स्टॉक वेरीफिकेशन का कार्य सतत जारी
आज राइस मिल से 800 कट्टा धान जप्त, कुल 1460 कट्टा अवैध धान जप्त
महासमुंद । खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत राज्य शासन की मंशा के अनुरूप कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा जिले में अवैध धान परिवहन और भंडारण पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए गए हैं। कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व, मंडी, खाद्य एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें जांच चौकियों, राइस मिलों और उपार्जन केंद्रों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। राइस मिलों में भी स्टॉक वेरीफिकेशन का कार्य निरंतर जारी है। इसी क्रम में आज जिले में अलग-अलग मामलों में संयुक्त टीमों द्वारा कुल 1460 कट्टा अवैध धान जप्त किया गया है।
विकासखंड पिथौरा के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पिथौरा बजरंग वर्मा के नेतृत्व में आज सपनेश्वर राइस इंडस्ट्री, नरसिंहपुर में हुए भौतिक सत्यापन में 9232.8 क्विंटल (23082 कट्टा) धान कम पाया गया। मिल में मौजूद 800 कट्टा धान को तत्काल जब्त कर प्रशासनिक कार्यवाही शुरू की गई। वहीं जगदीशपुर रोड पर ट्रैक्टर से अवैध रूप से ले जाए जा रहे 75 पैकेट धान को पकड़ा गया। वाहन व धान को जप्त कर थाना बसना को सौंपा गया। इसी तरह पिरदा समिति में किसान द्वारा लाए गए 135 बोरी पुराने धान को नियम विरुद्ध पाए जाने पर जप्त किया गया। पूरा प्रकरण मंडी सचिव को मंडी अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई हेतु सुपुर्द किया गया है।
इसी तरह सरायपाली विकासखण्ड अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सरायपाली श्रीमती अनुपमा आनंद के नेतृत्व में ग्राम गनियारिपाली में कार्रवाई की गई। यहां संयुक्त टीम द्वारा 450 कट्टा अवैध धान बरामद किया गया, जिसे आवश्यक कार्यवाही हेतु थाना सिंघोड़ा को सुपुर्द किया गया।
कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कहा कि जिले की सभी राइस मिलों में भौतिक सत्यापन लगातार जारी रहेगा। स्टॉक में किसी भी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने सतत निगरानी सतत जारी रहेगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने रचा कीर्तिमान
राज्य में महासमुन्द जिला प्रदेश में अव्वल एक लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा
गरीब परिवारों का सपना हो रहा है साकार
महासमुंद, 28 नवम्बर 2025
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) महाअभियान को छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार ने गति और मजबूती दोनों दी है। परिणामस्वरूप पात्र हितग्राहियों को पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदल रहा है। इसी कड़ी में महासमुंद जिले ने अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए वर्ष 2016 से 2024-25 की अवधि में कुल 1 लाख 36 आवासों का निर्माण कर इतिहास रच दिया है, जो पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में किसी भी जिले द्वारा प्राप्त सर्वाधिक उपलब्धि है। जिंदगी भर कच्चे मकानों में रहने वाले एक लाख परिवार अब अपने नए, सुरक्षित और सम्मानजनक पक्के घर में सपनों की नई शुरुआत कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना में महासुंद जिले को एक लाख 29 हजार आवास का लक्ष्य
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के मूल मंत्र के साथ देश के उन सभी नागरिकों तक पक्की छत पहुँचाने का संकल्प लिए आगे बढ़ रही है, जिनके सिर पर अब तक अपना घर नहीं था। जिला प्रशासन महासमुद की सतत् मॉनिटरिंग, टीमवर्क और दृढ़ संकल्प के चलते लगभग एक लाख ग्रामीण परिवारों को नया, सुरक्षित और सम्मानजनक आवास प्राप्त हुआ है। यह सफलता ग्रामीण क्षेत्रों में आवास संकट को दूर करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। कलेक्टर के कुशल नेतृत्व जिला पंचायत सीईओ मार्गदर्शन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की टीम भावना ने इस लक्ष्य को वास्तविक रूप दिया। लगातार फील्ड विज़िट, गुणवत्ता जांच और पारदर्शिता इस सफलता के प्रमुख बिंदु रहे। जिले को प्रधानमंत्री आवास योजना में कुल 1 लाख 29 हजार आवासों का लक्ष्य मिला है, जिनमें से शेष आवासों का निर्माण भी तेज गति से जारी है। प्रशासन ने कहा है कि आगामी महीनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य जल्दी ही प्राप्त कर लिया जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना से अधूरा सपना हुआ पूरा
प्रधानमंत्री आवास के हितग्राही ग्राम बरेकेल कला के श्रीमती अंगुरी बाई ने भावुक होकर बताया कि उनके सपनों का घर बनने से वे बहुत खुश है। वे कहती है कि यह घर मेरे बुढ़ापे का सहारा बन गया है। पहले खपरैल के घर में बारिश के दिनों में पानी टपकने से, तो ग्रीष्म में धूल और गर्मी की समस्या से उन्हें बहुत अधिक परेशानी होती थी। वे इस दौर में हमेशा गांव में जब भी दूसरे के पक्के मकान देखती थी, मन में बस एक ही ख्वाहिश उठती थी कि उनका भी अपना छत का घर होता। आज प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके उन अधूरे सपनों को पूरा कर उनके समस्याओं को दूर किया है। इसके लिए उन्होंने शासन एवं प्रशासन का दिल से धन्यवाद ज्ञापित किया है।
सपना पूरा हुआ सुकून का मिला घर
आवास के हितग्राही श्रीमती शिवबती ध्रुव ने खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उनके सपनों का घर बनकर तैयार हो गया है। वे कहती है कि अपने घर और पति के सपनों को प्रधानमंत्री आवास योजना ने साकार किया है। उन्होंने बताया कि शादी के समय वे कच्चे खपरैल के घर में आई थी तबसे आज लगभग 25 वर्षों बाद उनका सपना पूरा हुआ है। अब प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्का घर मिला है। बारिश हो या गर्मी अब घर में सुकून है। मैं सरकार और जिला प्रशासन का दिल से धन्यवाद करती हूँ। ऐसे ही लाखों हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ महासमुंद जिले में मिला है तथा शेष हितग्राहियों को लाभ मिलने जा रहा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में महासमुन्द जिला प्रदेश में अव्वल
जिले ने रचा कीर्तिमान, राज्य में सर्वाधिक 1 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा
एक लाख से अधिक गरीब परिवारों का सपना साकार, सुकून के साथ रह रहें
महासमुन्द, 28 नवम्बर 2025
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मूल मंत्र के साथ देश के उन सभी नागरिकों तक पक्की छत पहुँचाने का संकल्प लिए आगे बढ़ रही है, जिनके सिर पर अब तक अपना घर नहीं था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे इस महाअभियान को छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार ने गति और मजबूती दोनों दी है। परिणामस्वरूप पात्र हितग्राहियों को पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदल रहा है। इसी कड़ी में महासमुंद जिले ने अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए वर्ष 2016 से 2024-25 की अवधि में कुल 1 लाख 36 आवासों का निर्माण कर इतिहास रच दिया है, जो पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में किसी भी जिले द्वारा प्राप्त सर्वाधिक उपलब्धि है। जिंदगी भर कच्चे मकानों में रहने वाले एक लाख परिवार अब अपने नए, सुरक्षित और सम्मानजनक पक्के घर में सपनों की नई शुरुआत कर रहे हैं।
जिला प्रशासन की सतत् मॉनिटरिंग, टीमवर्क और दृढ़ संकल्प के चलते लगभग एक लाख ग्रामीण परिवारों को नया, सुरक्षित और सम्मानजनक आवास प्राप्त हुआ है। यह सफलता ग्रामीण क्षेत्रों में आवास संकट को दूर करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। कलेक्टर श्री विनय लंगेह के कुशल नेतृत्व जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार के मार्गदर्शन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की टीम भावना ने इस लक्ष्य को वास्तविक रूप दिया। लगातार फील्ड विज़िट, गुणवत्ता जांच और पारदर्शिता इस सफलता के प्रमुख बिंदु रहे। जिले को प्रधानमंत्री आवास योजना में कुल 1 लाख 29 हजार आवासों का लक्ष्य मिला है, जिनमें से शेष आवासों का निर्माण भी तेज गति से जारी है। प्रशासन ने कहा है कि आगामी महीनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य जल्दी ही प्राप्त कर लिया जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास के हितग्राही ग्राम बरेकेल कला के श्रीमती अंगुरी बाई ने भावुक होकर बताया कि उनके सपनों का घर बनने से वे बहुत खुश है। वे कहती है कि यह घर मेरे बुढ़ापे का सहारा बन गया है। पहले खपरैल के घर में बारिश के दिनों में पानी टपकने से, तो ग्रीष्म में धूल और गर्मी की समस्या से उन्हें बहुत अधिक परेशानी होती थी। वे इस दौर में हमेशा गांव में जब भी दूसरे के जिले ने रचा कीर्तिमान, राज्य में सर्वाधिक 1 लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा
एक लाख से अधिक गरीब परिवारों का सपना साकार, सुकून के साथ रह रहें
महासमुन्द, 28 नवम्बर 2025
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के मूल मंत्र के साथ देश के उन सभी नागरिकों तक पक्की छत पहुँचाने का संकल्प लिए आगे बढ़ रही है, जिनके सिर पर अब तक अपना घर नहीं था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे इस महाअभियान को छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार ने गति और मजबूती दोनों दी है। परिणामस्वरूप पात्र हितग्राहियों को पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदल रहा है। इसी कड़ी में महासमुंद जिले ने अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए वर्ष 2016 से 2024-25 की अवधि में कुल 1 लाख 36 आवासों का निर्माण कर इतिहास रच दिया है, जो पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में किसी भी जिले द्वारा प्राप्त सर्वाधिक उपलब्धि है। जिंदगी भर कच्चे मकानों में रहने वाले एक लाख परिवार अब अपने नए, सुरक्षित और सम्मानजनक पक्के घर में सपनों की नई शुरुआत कर रहे हैं।
जिला प्रशासन की सतत् मॉनिटरिंग, टीमवर्क और दृढ़ संकल्प के चलते लगभग एक लाख ग्रामीण परिवारों को नया, सुरक्षित और सम्मानजनक आवास प्राप्त हुआ है। यह सफलता ग्रामीण क्षेत्रों में आवास संकट को दूर करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। कलेक्टर श्री विनय लंगेह के कुशल नेतृत्व जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार के मार्गदर्शन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की टीम भावना ने इस लक्ष्य को वास्तविक रूप दिया। लगातार फील्ड विज़िट, गुणवत्ता जांच और पारदर्शिता इस सफलता के प्रमुख बिंदु रहे। जिले को प्रधानमंत्री आवास योजना में कुल 1 लाख 29 हजार आवासों का लक्ष्य मिला है, जिनमें से शेष आवासों का निर्माण भी तेज गति से जारी है। प्रशासन ने कहा है कि आगामी महीनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य जल्दी ही प्राप्त कर लिया जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास के हितग्राही ग्राम बरेकेल कला के श्रीमती अंगुरी बाई ने भावुक होकर बताया कि उनके सपनों का घर बनने से वे बहुत खुश है। वे कहती है कि यह घर मेरे बुढ़ापे का सहारा बन गया है। पहले खपरैल के घर में बारिश के दिनों में पानी टपकने से, तो ग्रीष्म में धूल और गर्मी की समस्या से उन्हें बहुत अधिक परेशानी होती थी। वे इस दौर में हमेशा गांव में जब भी दूसरे के पक्के मकान देखती थी, मन में बस एक ही ख्वाहिश उठती थी कि उनका भी अपना छत का घर होता। आज प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके उन अधूरे सपनों को पूरा कर उनके समस्याओं को दूर किया है। इसके लिए उन्होंने शासन एवं प्रशासन का दिल से धन्यवाद ज्ञापित किया है।
आवास के एक और हितग्राही श्रीमती शिवबती ध्रुव ने खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उनके सपनों का घर बनकर तैयार हो गया है। वे कहती है कि अपने घर और पति के सपनों को प्रधानमंत्री आवास योजना ने साकार किया है। उन्होंने बताया कि शादी के समय वे कच्चे खपरैल के घर में आई थी तबसे आज लगभग 25 वर्षों बाद उनका सपना पूरा हुआ है। अब प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्का घर मिला है। बारिश हो या गर्मी अब घर में सुकून है। मैं सरकार और जिला प्रशासन का दिल से धन्यवाद करती हूँ। ऐसे ही लाखां हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ महासमुंद जिले में मिला है तथा शेष हितग्राहियों को लाभ मिलने जा रहा है। मकान देखती थी, मन में बस एक ही ख्वाहिश उठती थी कि उनका भी अपना छत का घर होता। आज प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके उन अधूरे सपनों को पूरा कर उनके समस्याओं को दूर किया है। इसके लिए उन्होंने शासन एवं प्रशासन का दिल से धन्यवाद ज्ञापित किया है।
आवास के एक और हितग्राही श्रीमती शिवबती ध्रुव ने खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उनके सपनों का घर बनकर तैयार हो गया है। वे कहती है कि अपने घर और पति के सपनों को प्रधानमंत्री आवास योजना ने साकार किया है। उन्होंने बताया कि शादी के समय वे कच्चे खपरैल के घर में आई थी तबसे आज लगभग 25 वर्षों बाद उनका सपना पूरा हुआ है। अब प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्का घर मिला है। बारिश हो या गर्मी अब घर में सुकून है। मैं सरकार और जिला प्रशासन का दिल से धन्यवाद करती हूँ। ऐसे ही लाखां हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ महासमुंद जिले में मिला है तथा शेष हितग्राहियों को लाभ मिलने जा रहा है।
जिला चिकित्सालय में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध - संयुक्त संचालक
सी-आर्म मशीन एवं ओ.टी. टेबल क्रय के लिए प्रक्रिया जारी
महासमुंद ,27 नवंबर 2025
जिला अस्पताल शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय से संबंद्ध संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. बसंत माहेश्वरी ने अस्पताल में वर्तमान में उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों के संबंध में बताया कि जिला चिकित्सालय में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए शासन के मंशानुरूप उपलब्ध संसाधनों के आधार पर आवश्यक सेवाएं दी जा रही है।
उन्होंने मीडिया में प्रकाशित आंशिक जानकारी की खबर का खंडन करते हुए बताया कि मरीज के चिकित्सालय में आने वाले दिन की ओपीडी पर्ची का अवलोकन किया गया। जिसमें उपस्थित चिकित्सक ने सी-आर्म मशीन एवं ओ.टी. टेबल उपलब्ध न होने के कारण उच्च संस्थान में रेफर करने की सलाह दी, जो चिकित्सकीय दृष्टि से आवश्यक था।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2022-23 के बजट में सी-आर्म मशीन हेतु 22 लाख 51 हजार 829 रुपए एवं ओटी टेबल हेतु 5 लाख 30 हजार रुपए कुल 27 लाख 81 हजार 829 रुपए की राशि मार्च 2023 में ही सी.जी.एम.एस.सी. को हस्तांतरित किया जा चुका है। 29 मई 2025 को आयोजित स्वशासी समिति की बैठक में स्वास्थ्य मंत्री के निर्देशानुसार, वर्तमान मूल्य एवं पूर्व प्रेषित प्रस्ताव में लागत अंतर को स्वशासी मद से प्रदान करने का अनुमोदन किया गया है। आवश्यक उपकरण उपलब्ध न होने की स्थिति में प्रबंध संचालक, सीजीएमएससी को 16 जुलाई .2025 को एनओसी हेतु पत्राचार किया गया है। सीजीएमएससी द्वारा आयुक्त चिकित्सा शिक्षा से उपकरण क्रय हेतु एन.ओ.सी. प्रदान करने के लिए औचित्य सहित जानकारी प्रस्तुत करने हेतु 10 जुलाई .2025 को पत्राचार किया गया, जिसके संबंध में संयुक्त संचालक सह अस्पताल अधीक्षक द्वारा 07 अक्टूबर .2025 को पत्र प्रेषित किया गया है एवं कार्यवाही उच्च कार्यालय स्तर पर प्रक्रियाधीन है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बसना सलखण्ड में मां महालक्ष्मी पूजन कार्यक्रम में हुए शामिल
मुख्यमंत्री ने की ग्राम सलखंड में महतारी सदन बनाने की घोषणा
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संविधान दिवस की दी बधाई
महासमुंद , 26 नवम्बर 2025
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज महासमुंद जिले के बसना तहसील अंतर्गत ग्राम सलखण्ड में ग्रामीणों द्वारा आयोजित महालक्ष्मी देवी पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने मां लक्ष्मी से प्रार्थना करते हुए प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। पूजन कार्यक्रम के दौरान पुजारियों द्वारा पारंपरिक मंत्रोच्चार किया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात कर उनकी समस्याओं और स्थानीय विकास कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा भी साथ थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम सलखंड में महतारी सदन की बनाने की घोषणा की। साथ ही यहां एनीकेट निर्माण के लिए जल संसाधन विभाग को आवश्यक जानकारी जुटाकर प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पवित्र अगहन मास के अवसर पर मां महालक्ष्मी की पूजा में शामिल होकर हृदय से अत्यंत आनंद और सौभाग्य की अनुभूति हो रही है। बसना और सलखंड के ग्रामवासियों ने वर्षों से जिस भक्ति और परंपरा को जीवित रखा है, वह छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का गौरवपूर्ण उदाहरण है।अगहन मास हमारे अंचल के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह मास अन्न, धन और समृद्धि का प्रतीक है। इसी समय नई फसल खेतों में लहलहाती है, और घर-परिवार में सम्पन्नता के द्वार खुलते हैं। मां महालक्ष्मी जीवन में केवल धन ही नहीं, बल्कि सुख, शांति, उत्तम स्वास्थ्य और सदभाव का आशीर्वाद भी प्रदान करती हैं। इसी भावना के साथ हम सभी इस पूजन में शामिल होते हैं। उन्होंने मां लक्ष्मी से राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए सुख-समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, सुरक्षित वातावरण और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार गांव, गरीब, किसान, महिला और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है। हम जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संकल्पित हैं। सलखंड गांव की यह 25 वर्षों से चल रही परंपरा न केवल श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सामुदायिक जागरूकता का भी उदाहरण है। यहां आयोजित मेला ग्रामीण संस्कृति, लोकाचार और पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाने का माध्यम बन चुका है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने संविधान की गरिमा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रनिर्माण में जनभागीदारी के महत्व को बताते हुए कहा कि संविधान हमारे अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है और यही दस्तावेज भारत को एक सशक्त, एकजुट और प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की दिशा देता है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ निर्माण समिति के सदस्यों के ऐतिहासिक योगदान का सम्मानपूर्वक उल्लेख किया और कहा कि समिति की दूरदृष्टि एवं प्रयासों ने आज के मजबूत और विकसित होते छत्तीसगढ़ की नींव रखी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित भारत के अग्रसर लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आवास निर्माण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत छत्तीसगढ़ को 18 लाख आवासों की स्वीकृति इसी संकल्प की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना के तहत छत्तीसगढ़ की लगभग 70 लाख महिलाओं को लाभ प्रदान किया जा रहा है, जो महिलाओं के सम्मान और आर्थिक मजबूती की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री श्री साय ने संविधान के प्रति निष्ठा, समरसता, समानता और राष्ट्रीय विकास के संकल्प के साथ आगे बढ़ने की अपील की और कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार की संयुक्त प्रतिबद्धता से छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाएगा।
कार्यक्रम में बसना विधायक श्री सम्पत अग्रवाल, महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष सिंह एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद थे।
संविधान दिवस पर जिला पंचायत सभाकक्ष में हुआ गरिमामय आयोजन
महासमुंद 26 नवंबर 2025
जिला पंचायत के सभा कक्ष में आज संविधान दिवस समारोह गरिमापूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल, उपाध्यक्ष श्री भीखम ठाकुर, जिला पंचायत सदस्य श्रीमति जगमोती भोई, कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह, जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी और नागरिक उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं भारत माता के छाया चित्र में माल्यार्पण और पूजन कर किया गया। संविधान दिवस में प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया गया। सभा कक्ष में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में प्रस्तावना का पाठ कर संकल्प दोहराया कि वे संविधान में निहित मूल्यों, न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को सामाजिक जीवन में धारण करेंगे। इस अवसर पर संविधान दिवस पर आधारित एक विशेष वीडियो का भी प्रदर्शन किया गया, जिसमें संविधान निर्माण की ऐतिहासिक यात्रा, डॉ. भीमराव अम्बेडकर एवं संविधान से जुड़े महान विभूतियों की भूमिका और भारत की लोकतांत्रिक प्रणाली की विशेषताओं को दर्शाया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री चंद्रहास चंद्राकर ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। यह देश की सामाजिक विविधता को एक सूत्र में पिरोता है और हर नागरिक को अधिकारों के साथ कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोगरा पटेल ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समान अवसर प्रदान करता है। हम सबकी ज़िम्मेदारी है कि संविधान के मूल्यों को अपने व्यवहार और कार्यों में उतारें।
कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने संविधान दिवस की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोकतंत्र का वास्तविक सशक्तिकरण तभी संभव है जब नागरिक अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी पालन करें। उन्होंने प्रशासनिक पारदर्शिता, संवेदनशीलता और नागरिक सेवा को संविधान की भावना बताया। जिला पंचायत सीईओ श्री हेमंत नंदनवार ने कहा कि संविधान भारतीय लोकतंत्र की रीढ़ है और यह सभी के लिए समान न्याय की गारंटी देता है। उन्होंने युवाओं को संविधान के अध्ययन और उसके अनुकरण के लिए प्रेरित किया। समारोह के अंत में सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों ने संविधान के प्रति निष्ठा, राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का सामूहिक संकल्प लिया। इसके अलावा आज जिले के सभी ग्राम पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानो, महाविद्यालयों और शासकीय कार्यालयों में संविधान का पालन करने का संकल्प लिया गया।
कलेक्टर ने टेमरी अंतर्राज्यीय जांच चौकी के कर्मचारी साजिद मोहम्मद को लापरवाही बरतने किया निलंबित
एस्मा के तहत की गई कार्रवाई
महासमुंद 26 नवम्बर 2025
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान खरीदी प्रक्रिया में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने राज्य शासन द्वारा सख्त निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में टेमरी अंतर्राज्यीय जांच चौकी वन विभाग, तहसील बागबाहरा में पदस्थ कर्मचारी श्री साजिद मोहम्मद को लापरवाही और अनुशासनहीनता बरतने पर कलेक्टर श्री विनय लंगेह द्वारा निलंबित कर दिया गया है।।एवं विभागीय जांच हेतु संस्थित किया गया है।एस्मा के तहत यह कार्रवाई की गई है।
अनुविभागीय अधिकारी बागबाहरा द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार, जांच चौकी में स्थापित वाहन पंजी में आयातित वाहनों की प्रविष्टियाँ अव्यवस्थित पाई गईं। पंजी में वाहनों के संबंध में बिल/बिजक, मोबाइल नंबर तथा अन्य आवश्यक विवरण दर्ज नहीं किए गए थे। इस संबंध में दिए गए कारण बताओ नोटिस पर कर्मचारी साजिद मोहम्मद द्वारा प्रस्तुत जवाब भी अस्पष्ट एवं असंतोषजनक पाया गया। साथ ही संबंधित कर्मचारी ने धान के अवैध परिवहन को रोकने हेतु कलेक्टर (खाद्य शाखा) द्वारा जारी निर्देशों का पालन नहीं किया। इससे यह स्पष्ट हुआ कि कर्मचारी अपने कर्तव्य एवं दायित्वों के प्रति लापरवाह तथा अनुशासनहीन है।
उल्लेखनीय है कि राज्य शासन ने धान खरीदी अवधि 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक सभी संलग्न कर्मचारियों पर छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण तथा विच्छिन्नता निवारण अधिनियम ( ESMA ACT) 1979 लागू किया है, जिसके तहत कर्तव्यहीनता को अपराध माना गया है। साजिद मोहम्मद द्वारा इस अधिनियम का भी उल्लंघन पाया गया।
इन्हीं तथ्यों को आधार मानते हुए कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने कर्मचारी साजिद मोहम्मद भृत्य/चौकीदार, कृ.उ.म.स. बागबाहरा, टेमरी जांच चौकी को तात्कालिक प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश जारी किए हैं। निलंबन अवधि में उन्हें शासन नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा।
पीएम जनमन से झालखम्हरिया में कमारडेरा तक सड़क निर्माण, बदला जनजीवन, बढ़ा विकास का दायरा
महासमुंद, 25 नवंबर 2025

महासमुंद जिले के पिछड़े और आदिवासी बाहुल्य विलुप्त प्रजाति कमार परिवारों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए ग्राम झालखम्हरिया में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान के तहत स्वीकृत विकास परियोजनाएँ ग्राम के भविष्य को नई दिशा दे रही हैं। इन्हीं परियोजनाओं में से एक है 83 लाख रुपए की लागत से बनी टी-01 झालखम्हरिया से कमारडेरा तक 1.60 किमी सड़क, जिससे ग्रामीण जीवन में परिवर्तन की झलक दिखाई दे रहा है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान का उद्देश्य दूरस्थ, निर्जन और मूलभूत सुविधाओं से वंचित आदिवासी गांवों को शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाओं से जोड़ना है। इस अभियान के माध्यम से कमार जैसे विलुप्तप्राय समुदायों तक विकास का लाभ सीधे पहुंच रहा है।
पहले मुख्य मार्ग से कटा यह पारा अब 2-3 आसपास के गांवों से सड़क मार्ग द्वारा जुड़ चुका है। इससे शादी-विवाह, धार्मिक आयोजन और मेला-मंडई में भागीदारी बढ़ेगी। गांवों के बीच सामाजिक संपर्क मजबूत होगा। सड़क बनने से गांव के बच्चों और युवाओं को अब प्राथमिक, माध्यमिक और महाविद्यालय तक पहुँचने में सहुलियत हो रही है। वर्षा ऋतु में भी अब स्कूल-कॉलेज जाना संभव हो रहा है। जिससे शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों में रुचि बढ़ी है। पहले स्वास्थ्य केंद्र तक पहुँचना कठिन था, परंतु अब गर्भवती महिलाओं को प्रसूति सुविधा समय पर मिल पाएगी।
बीमार व्यक्तियों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने में आसानी होगी। मातृ-शिशु मृत्यु दर में कमी आने की संभावना बढ़ी है। टीकाकरण और स्वास्थ्य अभियान अब गांव तक सहज पहुँच पा रहे हैं। किसानों को कृषि उपज एवं दुग्ध उत्पादन तथा अन्य दैनिक वस्तुओं के लेनदेन के लिए मुख्यालय तक ले जाने के लिए आवागमन की सुविधा आसान हो गया है, जिससे ग्रामीण व्यापार एवं कुटीर उद्योग में वृद्धि हो सकेगी। कमारडेरा के अतिरिक्त आसपास के अन्य ग्रामों के कृषि उपज, दुग्ध उत्पादन, मछली पालन तथा मजदूरी करने के लिए ग्रामवासियों को आवागमन की सुविधा मिलने से ग्राम में आर्थिक समृद्धि आएगी। शासन की कल्याणकारी योजनाएं अब गांव में सकारात्मक परिवर्तन ला रही है।
कमारपारा निवासी श्री रामसिंह कमार बताते है कि गांव में सड़क न होने के कारण रोजमर्रा के कार्य कठिन हो जाते थे। बच्चों को स्कूल भेजना, फसल बाजार तक पहुँचाना और मरीजों का अस्पताल जाना चुनौतीपूर्ण था। बारिश के समय हालात और भी खराब हो जाते थे। पीएम जनमन योजना की पक्की सड़क ने गाँव को मुख्य मार्ग से जोड़ दिया है। अब स्कूल, अस्पताल और बाजार तक पहुँचना आसान और सुरक्षित हो गया है। किसान अपनी फसल आसानी से बाजार तक ले जा सकते हैं। सड़क ने हमारे जीवन में सुधार और सुविधा लाने में अहम भूमिका निभाई है, जिससे जीवन पहले से अधिक सुगम हो गया है।
अवैध रूप से भंडारित 450 कट्टा धान जब्त
राजस्व एवं मंडी विभाग की संयुक्त टीम की कार्रवाई
महासमुंद 23 नवंबर 2025
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत महासमुंद जिले के विकासखंड सरायपाली के ग्राम बलोदा में एसडीएम सरायपाली के मार्गदर्शन में राजस्व विभाग एवं मंडी प्रबंधन की संयुक्त टीम द्वारा 450 कट्टा धान जब्त किया है। जब्त धान टिकेश्वर साहू के गोदाम में बिना किसी वैध दस्तावेज के अवैध रूप से संग्रहित पाया गया। जांच टीम ने गोदाम को सील कर दिया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में धान की अवैध खरीदी-बिक्री, परिवहन एवं भंडारण पर रोक लगाने के लिए जांच-पड़ताल की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
किसान छबीलाल बारी ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी नीति की सराहना
समय पर टोकन और धान बेचा, नहीं हुई कोई परेशानी
महासमुंद, 18 नवंबर 2025
सरायपाली के गाँव राजाडीह के मेहनतकश किसान छबीलाल बारी आज गर्व और संतोष से भरे हुए हैं। आज उनके 176 क्विंटल धान का टोकन कट चुका है, और यह पल उनके लिए सिर्फ धान उपार्जन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि पूरे वर्ष की मेहनत का सम्मान है।
उन्होंने कहा कि यह नीति किसानों के हितों की रक्षा और हमारे भविष्य को सुरक्षित और समृद्ध भी बनाता है।
पूर्ण पारदर्शी प्रकिया से धान खरीदी
धान उपार्जन केंद्र जंगलबेड़ा, सराईपाली में पूरा कार्य सुचारू और पारदर्शी ढंग से हुआ। किसान छबीलाल बारी बताते हैं कि इस वर्ष राज्य शासन की धान खरीदी नीति ने किसानों को नई ताकत दी है।वे कहते हैं समय पर पूरी प्रक्रिया में एक भी परेशानी नहीं हुई। समय पर टोकन मिला और केंद्र में व्यवस्था बहुत अच्छी थी।
धान खरीदी 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से
किसान छबीलाल बारी विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। जिन्होंने प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदी की और समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल देने का निर्णय किसानों के लिए एक बड़ी राहत है।
किसान के मजबूत होने से प्रदेश मजबूत होगा
छबीलाल कहते हैं कि सरकार की इस नीति से हम जैसे किसान मजबूत होंगे l उन्होंने कहा कि किसान के मजबूत होने से प्रदेश मजबूत होगा l समर्थन मूल्य मिलने से हमारी आय बढ़ेगी और हम अपने परिवार का भविष्य बेहतर बना पाएंगे।
कृषक लक्ष्मण, छगन और खोरबाहरा को धान विक्रय में नहीं हुई परेशानी, आसानी से धान बेच पाए
समिति में सभी सुविधाएं दुरुस्त
महासमुंद, 18 नवम्बर 2025


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन और किसान-कल्याण की प्राथमिकता को धरातल पर उतारती हुई राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी कृषक उन्नति योजना आज किसानों के लिए वास्तविक परिवर्तन का माध्यम बन रही है। बेहतर समर्थन मूल्य, पारदर्शी एवं सुविधाजनक उपार्जन व्यवस्था, तथा टोकन प्रणाली जैसे सुधारों ने धान विक्रय प्रक्रिया को सहज, तेज और भरोसेमंद बनाया है। जिसका प्रत्यक्ष लाभ सीमांत कृषक से लेकर बड़े किसानों तक समान रूप से पहुंच रहा है और कृषक अधिक उत्साह और विश्वास के साथ उत्पादन बढ़ा रहे हैं।
महासमुंद जिला के विकासखंड के ग्राम मोंगरा निवासी श्री लक्ष्मण ध्रुव अपने 54 कट्टा धान का विक्रय करने ग्रामीण सेवा सहकारी समिति झालखम्हरिया उपार्जन केंद्र पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे 3 दिन पूर्व टोकन कटवाया है, जिससे उन्हें समय पर धान विक्रय की सुविधा मिली। शासन की पारदर्शी टोकन व्यवस्था और त्वरित पंजीयन ने उनकी प्रक्रिया को सहज बनाया। उनके पास एक एकड़ खेती है। इसी तरह मोंगरा निवासी श्री खोरबहारा साहू ने बताया कि वे अपने 42 डिसमिल कृषि भूमि में 8.80 क्विंटल धान उत्पादन किया है। उन्होंने सतत देखभाल और शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ लेते हुए अपने फसल का उत्पादन किया है। उन्होंने बताया कि धान बेचने में उन्हें कोई परेशानी नहीं हुई। वहीं मोंगरा निवासी श्री छगन लाल साहू ने अपने पिताजी पुनीत राम साहू के नाम पंजीकृत 10 एकड़ कृषि भूमि में इस वर्ष 250 कट्टा धान का उपार्जन किया है।
सरकार द्वारा प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदी और समर्थन मूल्य 3100 रुपए प्रति क्विंटल देने का निर्णय किसानों के लिए एक बड़ी राहत है। मोंगरा निवासी लक्ष्मण ध्रुव, खोरबाहरा साहू और छगन लाल साहू ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का धन्यवाद ज्ञापित किया है।
जिले में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के तहत सूक्ष्म उद्योगों को बढ़ावा
ग्रामीण व शहरी युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर
महासमुंद, 16 नवंबर 2025
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना के माध्यम से बेरोजगार युवाओं को स्वयं का उद्योग स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित करना है। योजना के अनुसार निर्माण क्षेत्र हेतु अधिकतम 50 लाख रुपये तथा सेवा क्षेत्र हेतु अधिकतम 20 लाख रुपये तक बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जाता है। कम लागत वाले उद्योगों को प्राथमिकता दी जाती है। आवेदन ऑनलाइन के माध्यम से प्राप्त कर बैंक को प्रेषित किए जाते हैं। ऋण स्वीकृत होने पर शहरी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 35 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है।
निर्माण क्षेत्र में स्थापित किए जा सकने वाले प्रमुख उद्योगों में फ्लाई एश ब्रिक्स, स्टोन कटिंग एवं पॉलिशिंग, अगरबत्ती निर्माण, साबुन—वाशिंग पाउडर निर्माण, फेब्रिकेशन वर्क, दोना—पत्तल निर्माण, फर्नीचर एवं आलमारी निर्माण, स्टील रैक, कूलर निर्माण, पेपर कन्वर्टिंग (नोटबुक—रजिस्टर), इंजेक्शन मोल्डिंग प्लास्टिक आइटम, सीमेंट पोल—टाइल्स, चैन लिंक फेंसिंग, वर्मी कम्पोस्ट, गोबर पेंट, बैग निर्माण, जूता—चप्पल निर्माण आदि इकाइयाँ शामिल हैं। सेवा क्षेत्र में पात्र प्रमुख कार्य टेंट हाउस, शाकाहारी होटल/ढाबा, विभिन्न रिपेयरिंग व सर्विसिंग कार्य, मोटर बाइंडिंग, मोबाइल रिपेयरिंग, ड्राईक्लीनिंग, गैस चूल्हा—रेफ्रिजरेटर—एसी रिपेयरिंग, च्वाइस सेंटर, ब्यूटी पार्लर, टेलरिंग, पेंसेंजर वाहन संचालन, मुर्गी पालन, मछली पालन आदि शामिल है।
ऑनलाइन आवेदन वेबसाइटwww.kviconline.gov.inके PMEGP e-Portal में Agency – DIC का चयन कर किए जा सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र महासमुंद या मोबाइल नंबर +91-9806387523, +91-7587724731 एवं +91-7987379574 पर कार्यालयीन समय पर संपर्क किया जा सकता है। कार्यालय द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी गैर-शासकीय व्यक्ति को आवेदन प्रक्रिया हेतु अधिकृत नहीं किया गया है।
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित
महासमुंद, 16 नवंबर 2025
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना अंतर्गत जिले में राइस मिल, दाल मिल, आटा/ बेसन/ मैदा निर्माण, मसाला, बेकरी उत्पाद, दूध उत्पाद, पापड़, बड़ी, नमकीन मिश्रण, अचार, सॉस, जैम-जैली, शहद, गुड़, चॉकलेट एवं कन्फेक्शनरी जैसी सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयाँ स्थापित करने के इच्छुक आवेदकों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र ने बताया है कि योजना अंतर्गत नवीन इकाई एवं विस्तार, अपग्रेडेशन दोनों प्रकार की इकाइयाँ पात्र होंगी। व्यक्तिगत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को मान्य परियोजना लागत का 35 प्रतिशत क्रेडिट लिंक्ड पूंजीगत अनुदान, अधिकतम 10 लाख रुपये तक प्रदान किया जाएगा।आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित है। परियोजना लागत का कम से कम 10 प्रतिशत लाभार्थी का अंशदान होना आवश्यक है, जबकि शेष राशि बैंक ऋण के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इकाई स्थापित करने के इच्छुक व्यक्ति PMFME योजना की अधिकृत वेबसाइटhttps://pmfme.mofpi.gov.in/pmfme/#/loginपर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी एवं सहायता के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, बीटीआई रोड, इंदिरा गांधी महिला जिम के सामने, जेके सीमेंट के बाजू वाली गली, पंचवटी विहार, महासमुंद में या मोबाइल नंबर +91-9806387523, +91-7587724731, +91-7987379574 पर संपर्क किया जा सकता है। जिले के डिस्ट्रिक रिसोर्स पर्सन सौरभ जैन (महासमुंद) मोबाइल नंबर +91-9444424220, चिराग गंडेचा (बागबाहरा), मनीष सोनी (बसना) मोबाइल नंबर +91-7697973720 एवं सचिन अग्रवाल (सरायपाली) मोबाइल नंबर +91-7509447771 से संपर्क कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के संबंध में प्रभारी प्रबंधक एवं डाटा ऑपरेटरों का प्रशिक्षण
धान खरीदी शासन की प्राथमिकता-कलेक्टर लंगेह
धान खरीदी में संलग्न कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर होगी कार्रवाई
शासन के नियमानुसार खरीदी करें, अनियमितता पाए जाने पर होंगी कार्रवाई
किसानों के रकबा समर्पण को प्रोत्साहित करें
महासमुंद, 16 नवंबर 2025
कलेक्टर श्री विनय लंगेह ने आज वन विभाग के ट्रेनिंग हाल मे जिले के महासमुंद, बागबाहरा के समस्त प्रभारी समिति प्रबंधक एवं डाटा ऑपरेटरों के प्रशिक्षण में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शासन की महत्वपूर्ण प्राथमिकता में है। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी ।उन्होंने कहा कि किसानो की धान खरीदी को राज्य शासन ने अत्यावश्यक सेवा अधिनियम एस्मा के तहत शामिल किया है, अतः धान खरीदी में संलग्न कर्मचारी की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी ।उन्होंने कहा कि सभी प्रभारी प्रबंधक एवं डाटा एंट्री ऑपरेटर दी गई जिम्मेदारी गंभीरता के साथ पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि किसानों का प्रति एकड़ 21 क्विंटल की दर से धान खरीदना सुनिश्चित करें। इस संबंध में उन्होंने कहा कि प्रतिदिन टोकन काटा जा सकता है जो आगामी सातवें दिन के लिए लागू होगा। उन्होंने बताया कि टोकन तुहर हाथ के माध्यम से सुबह 8:00 बजे से 9:00 बजे तक टोकन काटा जा सकता है एवं समिति में 9:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक टोकन काटा जा सकता है उन्होंने किसानों को धान बेचने के बाद शेष रकबा समर्पण के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए और ऐसे किसानों को अधिक से अधिक रकबा समर्पण करने कहा गया है। प्रशिक्षण में धान खरीदी के संबंध में राज्य शासन के द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का बारीकी से जानकारी दी गई एवं उनके अनुपालन के निर्देश दिए गए।
प्रशिक्षण में बताया गया कि धान आवक से पहले ही नमी का टोकन कटे हुये किसानों के द्वारा लाये गये धान का फड़ में अंदर लाने के एवं गुणवत्ता परीक्षण कर लेवें। तत्पश्चात ही फड़ में धान अंदर करावे। किसी भी स्थिति में समितियों में 05 बजे के बाद धान की खरीदी ना हो। फड में रखे रिजेक्टेड तथा अधिक नमी वाले धान को 05 बजे के पहले उठा लिया जावे ताकि उसी दिन स्टेकिंग कर लिया जावे। किसानों को जारी टोकन के आधार पर धान खरीदी हेतु उपार्जन केन्द्र में किसान उपस्थित होने उपरान्त ही किसानों को नया एवं पुराना बारदाना उपलब्ध कराया जाये। किसी भी स्थिति में किसानों को बारदाना खरीदी के पूर्व उपलब्ध नहीं कराया जाये। खरीदी केन्द्रों में सभी पंजी संधारित रखा जाये। टोकन रजिस्टर धान आवक रजिस्टर, बारदाना वितरण रजिस्टर, धान खरीदी रजिस्टर, तौल कांटा रजिस्टर स्टेक रजिस्टर, धान जावक रजिस्टर, निरीक्षण पंजी आदि।
कलेक्टर श्री लंगेह ने कहा कि धान खरीदी केन्द्रों में धान के बोरों की किस्मवार तथा नये पुराने बारदाने में भर्ती के आधार पर स्टेकिंग की जाये। स्टेन्सील खरीदी केन्द्रों को उपलब्ध करावे गये नये बारदाने में समिति का नाम, पंजीयन नम्बर एवं धान की किस्म की छपाई अनिवार्य रुप से की जावे। धान के बोरो की सिलाई जूट रस्सी (सुतली) से करे। प्लास्टिक के रस्सी का उपयोग नहीं करना है। किसान से धान खरीदी करते समय किसान द्वारा खरीदी हेतु जारी कराये गये टोकन एवं उनके द्वारा प्रस्तुत ऋण पुस्तिका में दर्ज रकबे का मिलान कर लिया जाये।बचत रकबे का समर्पण किसान की सहमति लेकर किया जावे। सभी उपार्जन केन्द्र में औसत अच्छी गुणवत्त (FAQ) के धान के किस्सवार सैम्पल किसानों के अवलोकन हेतु अनिवार्य रुप से प्रदर्शित किया जावे। उपार्जन केन्द्र में नमी की जांच कर किसी भी स्थिति में 14 से 17 प्रतिशत से अधिक नमी का धान क्रय नहीं किया जावे। इलेक्ट्रानिक कांटा बाट इस वर्ष सभी उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी हेतु इलेक्ट्रानिक काटा-बाट का ही उपयोग किया जावे। विशेष परिस्थितियों में मैन्युअल काटे बाट का उपयोग अनुविभागीय अधिकारी (स.) के अनुमति से किया जावे।
सुरक्षा के उपाय आकस्मिक वर्षा से बचने के लिये पर्याप्त मात्रा में डैनेज (प्लास्टिक बोरी,भूसा) के कैप कव्हर व्यवस्था हो साथ ही स्टेक के आस-पास नाली निर्माण कर लिया जावे। धान खरीदी केन्द्र में यदि किसी व्यक्ति द्वारा गांव की औसत उपज से अधिक मात्रा धान विक्रय हेतु टोकन जारी कराया जाता है तो तत्काल इसकी जांच करे कि क्या उस व्यक्ति के पास उपलब्ध धान किसी खरीफ मौसम में उत्पादित धान है।यदि ऐसा ना होकर अन्यत्र तरीकों से एकत्रित धान हो तो किसी भी स्थिति में उक्त धान का क्रय खरीदी केन्द्र में ना किया जाये। पंजीकृत किसानो की सूची सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को ऐसे किसानों की सूची जिनके द्वारा विगत वर्ष में धान विक्रय नहीं किया गया था कि सूची उपलब्ध करायी गयी है। उक्त सूची धान खरीदी केन्द्रों में संधारित रखा जाये और ऐसे व्यक्ति के भूमि के विरुद्ध धान विक्रय हेतु किसी के द्वारा टोकन लिया जाता है तो तत्काल संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (रा.) को अवगत कराये तथा अनुविभागीय अधिकारी के द्वारा जांच निष्कर्ष अनुसार उस व्यक्ति से धान की खरीदी की जाये। कोचिया बिचोलिया पर नियंत्रण चिल्हर रुप से धान खरीदी करने वाले कोचियों/बिचौलियों के द्वारा समिति में धान लाकर अन्य किसानों के पंजीयन में खपाने का प्रयास किया जाता है। ऐसे व्यक्तियों से धान खरीदी ना कर इसकी सूचना संबंधित नोडल अधिकारी को तत्काल दी जाये। प्रशिक्षण मे अपर कलेक्टर श्री रवि साहू, अनुविभागीय अधिकारी अक्षा गुप्ता खाद्य अधिकारी अजय यादव, डी ऍम ओ आशुतोष, नान नोडल अधिकारी आशीष शर्मा मौजूद थे।