छत्तीसगढ़ / रायगढ़
छत्तीसगढ़ में तेज रफ्तार स्कार्पियो सड़क से उतरकर गड्ढे में गिरी
रायगढ़। रायगढ़ घरघोड़ा मार्ग में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला अनवरत चल रहा है,लोगों को वाहनों की रेलमपेल से मौत के साथ अपंगता और आर्थिक नुकसान तक उठाना पड़ रहा है। इस बीच बुधवार शाम में धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के आमापाली ग्राम के पास एक बड़ी दुर्घटना घटित हो गई है।
जिसमें तेज रफ़्तार स्कार्पियो सीजी 15 डी एन 1588 अनियंत्रित होकर सड़क किनारे उतरकर गढ्ढे में पलट गई। बताया जा रहा है सड़क के किनारे साइड सोल्डर नही बनाया गया था, जिससे वाहन सामने से आ रही वाहन को पासिंग देते समय सड़क से उतर गई। यह हादसा इतना भयानक था कि वाहन दो बार पलट गई।
स्कार्पियो के अदंर बैठे लोगों में चीख पुकार मच गई, अफरा- तफरी का माहौल निर्मित हो गया। तेज आवाज हुई दुर्घटना की आवाज सुनते ही स्थानीय लोग मौके पर आए और राहत बचाव कार्य मे जुटते हुए तत्काल डायल 112 तथा धरमजयगढ़ थाना प्रभारी को इसकी सूचना दिए। इस हादसे में वाहन में सवार 8 लोग जख्मी हो गए जिन्हें धरमजयगढ़ अस्पताल ले जाया गया , जहां से 3 की स्थिति गंभीर होने पर मेडिकल कालेज रिफर कर दिया गया है।
इसी स्थान पर दो दिन पहले भी हुई थी दुर्घटना
बताया जा रहा है कि दुर्घटना ग्रस्त वाहन में सवार लोग चंद्रपुर से वापस सूरजपुर सरगुजा लौट रहे थे। बता दे कि जिस जगह दुर्घटना हुई उक्त स्थल में दो दिन पहले भी एक ट्रक के पलटने से एक व्यक्ति की मौत हुई थी। लगातार हादसे के बाद भी सम्बंधित पीडब्ल्यूडी व स्थानीय प्रशासन ने कोई ठोस कदम नही उठाया है।
"रायगढ़ में 38वें चक्रधर समारोह का आयोजन, कला और संस्कृति का जश्न"
रायपुर: 38 वें चक्रधर समारोह का आगाज आज मंगलवार 19 सितंबर को गणेश चतुर्थी के साथ रायगढ़ में होने जा रहा हैं। कलाकारों के उम्दा प्रस्तुति का गवाह बनने चक्रधर समारोह का मंच सज-धज कर तैयार हो चुका है। यहां तीन दिनों तक नृत्य और संगीत का मनमोहक संगम देखने को मिलेगा।
गौरतलब है कि 19 से 21 सितंबर तक कला और संस्कृति को समर्पित चक्रधर समारोह का नगर निगम ऑडिटोरियम में गरिमापूर्ण आयोजन होने जा रहा है। जिसके लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम स्थल का रंग-रोगन किया गया है। साज-सज्जा के साथ समारोह का मंच अपने अतिथि कलाकारों के स्वागत हेतु आतुर है। मालूम हो कि इस बार का चक्रधर समारोह विशेष होने जा रहा है। स्थानीय कलाकारों की बहुआयामी प्रतिभा से सजे समारोह के साक्षी बनने का मौका दर्शकों को मिलेगा।
कार्यक्रम की तय रूपरेखा के अनुसार 19 सितंबर को शाम 6 बजे से उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल के मुख्य आतिथ्य में समारोह का शुभारंभ होगा। उद्घाटन के अवसर पर वेदमणि सिंह ठाकुर एवं ग्रुप रायगढ़ गणेश वंदना की प्रस्तुति देंगे। चक्रधर कला एवं संगीत विद्यालय, रायगढ़ द्वारा राज्यगीत (नृत्य के साथ), पं.परितोष पोहनकर द्वारा शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति देंगे। इसी तरह सोमा दास एवं ग्रुप चक्रधर बाल सदन रायगढ़ की बालिकाओं द्वारा कथक नृत्य की विशेष प्रस्तुति, डॉ.विनोद मिश्र (ख्याल एवं ढुमरी)पर शास्त्रीय गायन, आर्या नंदे ‘‘श्रीधारा’’ द्वारा ओडिसी नृत्य, गीतिका ठेठवार द्वारा बांसुरी वादन, मधुमिता नकवी द्वारा शास्त्रीय गायन, अंजली शर्मा द्वारा कथक नृत्य, प्रफुल्ल सिंह गहलोत द्वारा कथक नृत्य एवं दीपक आचार्य एवं ग्रुप रायगढ़ छत्तीसगढ़ी लोक-संगीत रंग की प्रस्तुति देंगे।
चक्रधर समारोह में 20 सितम्बर को दोपहर 12 से शाम 05 बजे तक ओपी जिंदल स्कूल, तराईमाल द्वारा देशभक्ति, न्यू होराइजन स्कूल रायगढ़ द्वारा छत्तीसगढ़ी नृत्य, संस्कार पब्लिक स्कूल रायगढ़ द्वारा ईश्वर भक्ति पर सेमी क्लासिकल, विद्या विकास कांसेप्ट स्कूल रायगढ़ द्वारा कृष्ण लीला नृत्य पर प्रस्तुति देंगे। इसी प्रकार सेंट जेंवियर्स स्कूल रायगढ़ द्वारा राजस्थानी और हरियाणवी, ओपी जिंदल स्कूल पतरापाली द्वारा शिव तांडव पर कथक एवं भरतनाट्यम, जीजी बोर्डिग स्कूल धनुवारडेरा द्वारा गुजराती नृत्य, आदर्श ग्राम्य भारती किरोड़ीमल नगर रायगढ़ द्वारा संबलपुरी गीत (केसरी लो) पर रास, सेजेस शासकीय स्कूल तमनार द्वारा छत्तीसगढ़ी नृत्य, साधुराम विद्या मंदिर रायगढ़ द्वारा दुर्गा एवं काली पर आधारित मराठी नृत्य, कार्मेल हिन्दी माध्यम स्कूल रायगढ़ द्वारा देश भक्ति गीत पर नृत्य की प्रस्तुति देंगे।
20 सितम्बर को शाम 6 बजे सेे आनंदिता तिवारी द्वारा कथक नृत्य मनोज जायसवाल द्वारा सितार वादन, ज्योतिश्री बोहिदार (रायगढ़ घराना) द्वारा कथक नृत्य, गरीब दास महंत रायगढ़ द्वारा तबला वादन, नेहा बनर्जी द्वारा कथक नृत्य, आरती सिंह द्वारा लोक संगीत (लोकचंदा), घनिष्ठा दुबे (रायगढ़ घराना) द्वारा कथक नृत्य, मो.रौशन अली रायगढ़ द्वारा देशभक्ति एवं भजन गायन, हुतेन्द्र ईश्वर शर्मा रायगढ़ द्वारा लोक रंग नाचा, कु.श्रुतिदास रायगढ़ द्वारा ओडिसी नृत्य, मो.अयान द्वारा पियानो वादन एवं ऐश्वर्या पंडित गायन की प्रस्तुति देंगी।
इसी प्रकार 21 सितम्बर को दोपहर 12 से 04 बजे तक धरित्री सिंह चौहान पुसौर द्वारा कथक, शार्वी सिंह परिहार द्वारा कथक, शेखर गिरी एवं ग्रुप द्वारा पंथी नृत्य, विजय शर्मा द्वारा जसगान एवं लोक गायन तथा नृत्य, गीतिका वैष्णव द्वारा महिषासुर मर्दिनी/लोकगायन/नृत्य, मनोज तिवारी द्वारा जस जागरण लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम, अनंता पाण्डेय द्वारा कथक, ललित यादव द्वारा सुगम संगीत भजन, पर्ल मोटवानी द्वारा शास्त्रीय गायन, डॉ.दीपिका सरकार एवं गुप द्वारा भरत नाट्यम, हरे कृष्ण तिवारी द्वार बांसुरी वादन, सुश्री शार्वी केशरवानी द्वारा कथक एवं विजय सिंह द्वारा छत्तीसगढ़ी लोक गीत की प्रस्तुति दी जाएगी।
21 सितम्बर को शाम 6 बजे से इंदिरा संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ द्वारा विशिष्ट कार्यक्रम की प्रस्तुतियां होगी। तब्बू परबीन (रायगढ़ घराना) द्वारा कथक नृत्य, अनिल तांडी एवं ग्रुप भिलाई द्वारा भरत नाट्यम, आशना दिल्लीवार द्वारा कथक नृत्य, इबरार अहमद एवं संजय चौहान रायगढ़ द्वारा छत्तीसगढ़ी भजन/लोकगायन, सुहानी स्वर्णकार सारंगढ़ द्वारा कथक नृत्य, डॉ.गौरव कुमार पाठक बिलासपुर द्वारा शास्त्रीय गायन एवं युवराज सिंह आजाद एवं ग्रुप रायगढ़ द्वारा नाटक (इप्टा) की प्रस्तुति देंगे।
कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर विरोध में छात्र छात्राओं ने किया प्रदर्शन
रायगढ़। नाम बड़े दर्शन छोटे वाले कहावत को जिले के सबसे बड़े सरकारी उच्च शिक्षा के लिए प्रसिद्ध शासकीय किरोड़ीमल कला और वाणिज्य महाविद्यालय ( डिग्री कालेज) हैं। यह इसी कहावत को चितार्थ कर रहा है। छात्रों ने प्रोफेसर तथा अन्य मूलभूत समस्याओं को देखते हुए आंदोलन का आगाज एबीवीपी के बैनर तले करते हुए मोर्चा खोल दिए।
डिग्री का कालेज से आक्रोश रैली निकाली और कलेक्ट्रेट जाकर हल्लाबोल किया। यही नहीं, छात्र नेताओं ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए समस्या के निदान के लिए गुहार भी लगाई। जिले के सबसे बड़े महाविद्यालय होने के बावजूद डिग्री कालेज में विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं भी प्रदान नहीं की जा रही है।, लेकिन पिछले 1.5 महीनों से महाविद्यालय में बीसीए की एक भी क्लास नहीं ली गई, क्योंकि कालेज में बीएसी के एक भी शिक्षक ही नहीं हैं और ना ही नई शिक्षा नीति में शुरू हुए पाठ्यक्रमों की पढ़ाई करवायी जाती है। '
बारिश होने पर कालेज के अंदर प्रवेश करना तक बड़ा कठिन होता है क्योंकि साइकिल पार्किंग एक तालाब का रूप ले लेता है।
पानी भर जाता है एवं टाइल्स होने की वजह से अक्सर सभी फ़र्श पर फिसल कर गिर जाते हैं। वहीं पिछले ही वर्ष कालेज में ई-लाइब्रेरी का उद्घाटन किया गया परंतु नये पाठ्यक्रम की एक भी कोर्स वहां उपलब्ध नहीं हैं। शौचालय में ना पानी आता है ना ही सफ़ाई। ख़ासकर छात्राओं के शौचालय के गेट तक टूट चुके है जिससे कोई भी छात्रा वहां जाने पर सहज महसूस नहीं करतीं।
विद्यार्थियों ने कई बार प्राचार्य के समक्ष अपनी परेशानियों को रखा पर कालेज के पास फंड नहीं है कह कर प्राचार्य हमेशा अपना पलड़ा झाड़ लिया करती हैं। नतीजतन आज विधार्थियों ने कलेक्टर के द्वारा मुख्यमंत्री ने नाम पर ज्ञापन सौपा। इस दौरान कलेक्टर परिसर के बाहर छात्र-छात्राएं बड़ी संख्या में एकत्रित होकर सड़क पर बैठते हुए धरना प्रदर्शन किए और जमकर नारेबाजी कर कालेज प्रबंधन तथा उच्च शिक्षा विभाग के खिलाफ लगाए है।
अवैध शराब की तस्करी करते 2 आरोपी गिरफ्तार
रायगढ़। थाना प्रभारी चक्रधरनगर निरीक्षक प्रशांत राव के नेतृत्व में चक्रधरनगर पुलिस द्वारा मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए गोवर्धनपुर रोड चिड़पाल कॉलोनी के पास स्कूटी वाहन क्रमांक CG 13 AL 4162 पर अवैध रूप से शराब परिवहन कर रहे दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान अशोक कुमार सारथी (पिता बल्लू राम सारथी, उम्र 42 वर्ष) और जहर साय खलखो (पिता खोड़ेराम खलखो, उम्र 52 वर्ष) के रूप में हुई है। दोनों निवासी गांधीनगर, छोटे अतरमुड़ा, थाना चक्रधर नगर, जिला रायगढ़ के हैं। स्कूटी की तलाशी के दौरान 03 कोल्ड ड्रिंक्स बॉटल और एक पांच लीटर क्षमता वाली जरकिन में कुल 12.500 लीटर महुआ शराब बरामद की गई, जिसकी कीमत लगभग ₹1250 आंकी गई है।
पूछताछ के दौरान, आरोपियों ने बताया कि वे इस शराब को अवैध बिक्री के उद्देश्य से ले जा रहे थे। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शराब और स्कूटी वाहन CG 13 AL 4162 को जब्त कर लिया। दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना चक्रधरनगर में धारा 34(2), 59(क) आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक महेन्द्र कर्ष, आरक्षक चन्द्र कुमार बंजारे और सुशील मिंज की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
खाने को लेकर आपस में भिड़े भाजपा-कांग्रेस के कार्यकर्ता
खरसिया। रायगढ़ जिले में दूसरे चरण का मतदान जारी है। खरसिया विधानसभा के कुरमा पाली में वोटिंग जारी है। इस बीच यहां के मतदान केंद्र क्रमांक-221 में भाजपा-कांग्रेस के बीच जमकर मारपीट का मामला सामने आया है। कोतरा रोड थाना क्षेत्र के अंतर्गत कांग्रेसी मतदान केंद्र के बाहर अपने कार्यकर्ताओं को खाना पीना दे रहे थे, उसी वक्त भाजपा-कांग्रेस के बीच झड़प हो गई। अब इस मारपीट का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है।
कांग्रेस ने आरोप लगाते हुए कहा कि, बीजेपी वालों ने खाना-पीना देने को मना किया और हमसे मारपीट की। कोतरा रोड थाना के TI के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ। मारपीट के बावजूद खरसिया के कुरमा पाली में वोटिंग जारी है और बड़ी संख्या में महिलाएं मतदान करने पहुंच रही हैं। शांतिपूर्ण मतदान कराने पुलिस प्रशासन भी मौजूद है। प्रशासन का दावा है कि इस विवाद से मतदान प्रभावित नहीं हुआ है।
चक्रधर समारोह-2024 : क्लासिकल आर्ट को बनाए रखने में योगदान दें : जस्टिस श्री संजय अग्रवाल
जस्टिस श्री अग्रवाल ने कलाकारों का किया सम्मान
कुचिपुड़ी के नृत्यांगनाओं ने गणपति और शिव वंदना को नृत्य में पिरोया
प्रभु श्री रामलला के जीवन दर्शन और श्रीगणेश वंदना ने महफिल का मन मोहा
पौशाली चटर्जी ने राधा-कृष्ण होली, कृष्ण और सखा के माखनचोरी को मणिपुरी नृत्य से किया जीवंत
रायपुर : सुर-ताल, लय तथा छंद और घुंघरू के संगीतबद्ध 39 बरस के इस चक्रधर समारोह में आज आठवें दिन मुम्बई, दिल्ली, कोलकाता और सतना सहित रायगढ़ घराना के कलाकारों द्वारा भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी, मणिपुरी और शास्त्रीय गायन ने रसिकजनों व दर्शकों को मत्रमुग्ध कर दिया। इन कलाकारों द्वारा शास्त्रीय संगीत से पिरोए हुए गणपति अराधना, शिववंदना, राधा-कृष्ण के रासलीला और कृष्ण व सखा के माखन चोरी की बेजोड़ एवं जीवंत प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर होने पर मजबूर कर दिया। वहीं रायगढ़ घराना के कथक की शानदार प्रस्तुति ने समारोह में विशेष छटा बिखेरा।
चक्रधर समारोह में शामिल हाईकोर्ट जस्टिस श्री संजय अग्रवाल ने कार्यक्रम की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि क्लासिकल आर्ट धीरे-धीरे कम होता जा रहा है। क्लासिकल आर्ट को बनाए रखने के लिए हमें योगदान देने की जरूरत है। कार्यक्रम के माध्यम से मंच देकर क्लासिकल आर्ट को बढ़ावा दिया जाना चाहिए। कार्यक्रम को सफल बनाने में रायगढ़वासियों का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि अनुभव और एनर्जी से कला को और आगे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने सभी कलाकारों को शुभकामनाएं और बधाई भी दी। समारोह में हाई कोर्ट जस्टिस श्री संजय अग्रवाल, सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री जितेंद्र कुमार जैन, कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल, एसपी श्री दिव्यांग पटेल ने मुंबई की भरतनाट्यम कलाकार श्री कृष्णभद्रा नम्बूदरी, मणिपुरी नृत्यांगना सुश्री पौशाली चटर्जी तथा शास्त्रीय गायक श्री विनोद मिश्रा को सम्मानित किया।
कोलकाता की पौशाली चटर्जी ने राधा-कृष्ण होली, कृष्ण और सखा के माखनचोरी को मणिपुरी नृत्य के माध्यम से दर्शकों के सामने पेश की। वहीं मुंबई की प्रख्यात भरतनाट्यम कलाकार सुश्री कृष्णभद्रा नम्बूदरी ने दक्षिण भारत के मंदिरों में प्रस्तुत गणेश वंदना को नृत्य के माध्यम से जीवंत किया।
कार्यक्रम में सतना से आए विख्यात संगीतकार श्री विनोद मिश्रा ने शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति दी। इसी तरह डॉ.रघुपतरुनी श्रीकांत के नेतृत्व में गणपति और शिव वंदना, विवाह के अवसर को बहुत ही द्रुत गति से भावभंगिमाओं के साथ कलाकारों ने मंच पर प्रस्तुति देकर दर्शकों को अपनी ओर लगातार देखने को मजबूर किया। इसी तरह कथक नृत्य के साथ नृत्यांगनाओं ने भी अपनी बेहतरीन प्रस्तुति से मंच पर खुशबू बिखेरी। शिव की उपासना और कृष्ण रास लीला से माहौल भक्तिमय हो गया। नन्हीं कलाकारों ने अपने नृत्य कौशल से दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया।
चक्रधर समारोह के आठवें दिन रायगढ़ के कलाकारों ने मंच पर प्रथम प्रस्तुति देकर कार्यक्रम की शुरूआत की। सर्वप्रथम सुश्री अनन्ता पाण्डेय और शाश्वती बनर्जी ने कथक नृत्य कर खूब तालियाँ बटोरी। शाश्वती बनर्जी ने शिव की उपासना को अपने नृत्य में प्रस्तुति दी। इसी सुश्री तब्बू परवीन के नेतृत्व में उनकी शिष्याओं ने कथक को कृष्ण रासलीला के रूप में बहुत ही सुंदर रूप में मंचन किया। नन्हीं कलाकारों ने अपनी खूबसूरती से दर्शकों को अपनी ओर बांधे रखा। सभी ने इस रासलीला की प्रशंसा की। इन सभी कलाकारों का अभिनंदन राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य अतिथियों ने शॉल, श्रीफल और स्मृति चिन्ह के साथ स्वागत-सम्मान किया।
कार्यक्रम की अगली प्रस्तुति में रायपुर की कथक कलाकार सुश्री संगीता कापसे, गीतिका चक्रधर और राधिका शर्मा ने मंच पर रामलला के जीवन दर्शन को नृत्य में प्रस्तुत किया। वहीं कार्यक्रम की अगली प्रस्तुति में मुंबई की प्रख्यात भरतनाट्यम कलाकार सुश्री कृष्णभद्रा नम्बूदरी ने दक्षिण भारत के मंदिरों में प्रस्तुत गणेश वंदना को नृत्य के माध्यम से जीवंत किया। उन्होंने तकनीकी टीम के सहयोग से भाव भंगिमाओं के साथ आकर्षक भरतनाट्यम की प्रस्तुति दी।
कोलकाता की सुश्री पौशाली चटर्जी ने आकर्षक वेशभूषाओं में अपनी सहयोगियों के साथ मणिपुरी नृत्य की सुंदर प्रस्तुति दी। उन्होंने राधा-कृष्ण और गोपियों के साथ होली खेलने के भाव को जीवंत किया। पौशाली चटर्जी ने कृष्ण के बाल रूप को मंच पर माखनचोरी के दृश्य को मणिपुरी नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। सुश्री चटर्जी ने अपनी सहयोगियों के साथ मृदंग वादन और हाथों की तालियों को बहुत ही लयबद्ध ढंग से प्रस्तुत किया। उन्होंने वृंदावन का वर्णन और दशावतार को नृत्य में प्रस्तुत किया। नृत्यांगना पौशाली के साथ उनकी वरिष्ठ शिष्याएँ-श्रीपर्णा सरकार, मौमिता हाजरा, अंकिता घोराई और रत्ना मजूमदार और तन्मना रॉय और सुवरा भौमिक, झिनुक रॉय चक्रवर्ती ने प्रस्तुति दी। सतना से आए विख्यात संगीतकार श्री विनोद मिश्रा (खयाल और ठुमरी ग्वालियर घराना) ने रागमाला, शास्त्रीय गायन की प्रस्तुति दी। उन्होंने मान जाओ सैंया..आ जा बलम परदेश... जैसे गीत अपने अंदाज में प्रस्तुत की। उनकी प्रस्तुति को श्रोताओं ने तन्मयता से सुना।
श्रीकाकुलम से आये कुचिपुड़ी के नृत्यांगनाओं ने संगीत के धुनों में अपने आपको आत्मसात करते हुए बहुत ही शानदार सामूहिक नृत्य की प्रस्तुति दी। डॉ.रघुपतरुनी श्रीकांत के नेतृत्व में गणपति और शिव वंदना, विवाह के अवसर को बहुत ही द्रुत गति से भावभंगिमाओं के साथ कलाकारों ने मंच पर प्रस्तुति देकर दर्शकों को अपनी ओर लगातार देखने को मजबूर किया। शिवशक्ति उपासना का उनका यह नृत्य मनमोहक भी बना। गणतंत्र दिवस समारोह नई दिल्ली में भी कुचिपुड़ी का प्रदर्शन कर चुके कलाकारों ने दर्शकों की खूब वाहवाहियां बटोरी। कार्यक्रम की अंतिम प्रस्तुति में दिल्ली से आए आलोक श्रीवास ने अपने प्रत्यंग का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए अपने मनमोहक कथक नृत्य की प्रस्तुति दी। इस दौरान उनके साथ पढंत में श्री भूपेंद्र बरेठ, गायन में साहिल सिंह, तबला में देवेंद्र श्रीवास तथा सारंगी में शफीक हुसैन ने साथ दिया।
एक साधारण किसान से मछली पालन के अग्रदूत बनने तक की प्रेरक यात्रा
रायपुर : जिले के ग्राम पंचायत तारा बहरा, तहसील केल्हारी के निवासी अरविन्द कुमार सिंह एक साधारण किसान थे। उनका जीवन भी अन्य ग्रामीण किसानों की तरह संघर्ष पूर्ण और चुनौतियों से भरा हुआ था। सीमित संसाधनों और पारंपरिक खेती के साधनों के माध्यम से आजीविका चलाने वाले अरविंद के लिए अपने परिवार की जरूरतें पूरी करना आसान नहीं था। फिर भी अरविन्द ने कभी हार नहीं मानी। उन्होंने जीवन के हर मोड़ पर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाया और हमेशा कुछ नया करने की कोशिश की। उनकी जिजीविषा और आत्मविश्वास ने उन्हें एक ऐसे रास्ते पर अग्रसर किया, जिसने न केवल उनके जीवन को बदल दिया, बल्कि उनके जैसे सैकड़ों किसानों के लिए एक नया मार्ग भी प्रशस्त किया। अरविन्द कुमार सिंह का जन्म एक सामान्य किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता खेती से जुड़े थे, और खेती ही उनके परिवार की मुख्य आजीविका का स्रोत था। अपने परिवार के अन्य सदस्यों की तरह अरविन्द भी बचपन से ही खेतों में काम करने लगे थे। उन्होंने अपने परिवार के साथ खेतों में मेहनत की और फसल उगाने के पारंपरिक तरीकों को सीखा। उनका परिवार खेती से होने वाली मामूली आय पर निर्भर था, जो अक्सर मौसम की अनिश्चितताओं, फसल की बर्बादी, और बाजार की कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण अपर्याप्त साबित होती थी। अरविन्द को यह अहसास हुआ कि पारंपरिक खेती से मिलने वाली आय उनके परिवार के लिए पर्याप्त नहीं थी, और उन्हें किसी वैकल्पिक आय स्रोत की तलाश करनी होगी। अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए अरविन्द ने पारंपरिक खेती के अतिरिक्त अन्य विकल्पों के बारे में सोचना शुरू किया। वे जानते थे कि कृषि के क्षेत्र में कुछ नया करना आसान नहीं होगा, लेकिन उनका दृढ़ निश्चय और अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य की चाहत उन्हें नए रास्तों की खोज के लिए प्रेरित करती रही।
मछली पालन की दिशा से पहली कदम में ही मिली सफलता
इसी दौरान अरविंद को राज्य की मछली पालन योजनाओं के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने महसूस किया कि मछली पालन एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें कम समय और कम लागत में अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। उन्होंने इसे एक नए अवसर के रूप में देखा, जो न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को सुधार सकता था, बल्कि उनके जैसे अन्य किसानों के लिए भी एक नया रास्ता खोल सकता था। अरविन्द ने मछलीपालन के अपने विचार को मूर्त रूप देने के लिए राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने का निर्णय लिया। उस समय छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार, के शासन में मछलीपालन को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं चला रही थी। वहीं से अरविन्द ने भी अपने विचारों को स्थानीय प्रशासन और कृषि अधिकारियों के साथ साझा किया, जिन्होंने उनकी योजनाओं को समझा और उन्हें सहयोग का आश्वासन दिया। सरकार की तरफ से उन्हें डबरी (तालाब) निर्माण के लिए 70,000 रुपए की सब्सिडी दी गई। इसके अलावा उन्हें मछली के बीज (अंडे) भी उपलब्ध कराए गए, जिससे वे मछली पालन के व्यवसाय को प्रारंभ कर सके।
अरविन्द कुमार सिंह ने अपने मछलीपालन के प्रयासों को विस्तार देने के लिए 3 से 4 एकड़ भूमि में बड़े तालाबों का निर्माण किया, जिन्हें स्थानीय भाषा में श्डबरी श् कहा जाता है। इन तालाबों में उन्होंने मछली की कई किस्मों का पालन शुरू किया, जैसे कि कतला, रोहू, मृगल, पंगेसियस (कैटफिश), रूपचंदा, और कारी मछली उन्होंने तालाबों में स्वच्छ पानी, उचित ऑक्सीजन का स्तर, और मछलियों के लिए उचित भोजन की व्यवस्था की। उनकी मेहनत और समर्पण ने उन्हें मछलीपालन में शीघ्र ही सफलता दिलाई। अरविन्द की पहली सफलता ने उन्हें और अधिक तालाब बनाने और मछलीपालन के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने मछलियों के प्रजनन और पालन-पोषण की नई तकनीकों को भी सीखा और अपने तालाबों में उनका सफलतापूर्वक उपयोग किया।
मछली के बच्चों का उत्पादन और नवाचार
अरविन्द ने केवल मछली पालन में ही नहीं, बल्कि मछलियों के बच्चों के उत्पादन में भी नवाचार किया। उन्होंने पांच छोटे तालाबों का निर्माण किया, जिन्हें विशेष रूप से मछली के बच्चों के पालन-पोषण के लिए तैयार किया गया था। इन तालाबों में उन्होंने कैटफिश (पंगेसियस) के बच्चों का सफलतापूर्वक उत्पादन किया। इस नवाचार ने उन्हें न केवल छत्तीसगढ़ में, बल्कि पूरे क्षेत्र में पहचान दिलाई। अरविन्द इस तकनीक को अपनाने वाले शायद छत्तीसगढ़ के पहले व्यक्ति थे। उनकी इस सफलता ने उन्हें मछलीपालन के क्षेत्र में एक अग्रणी के रूप में स्थापित किया और अन्य किसानों को भी मछलीपालन के लिए प्रेरित किया।
आर्थिक लाभ और आत्मनिर्भरता की ओर कदम
अरविन्द के मछली पालन व्यवसाय ने तेजी से सफलता प्राप्त की। उनके तालाबों में मछलियों की अच्छी उपज और उच्च गुणवत्ता के कारण, उन्होंने बाजार में मछलियों को बेचना शुरू किया। उन्होंने बताया कि वे सालाना लगभग 5 से 6 लाख रुपए की आय प्राप्त कर रहे हैं। उनकी आय में यह वृद्धि न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मददगार साबित हुई, बल्कि उनके परिवार के जीवन स्तर को भी सुधारने में सहायक रही। अब अरविन्द के पास अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त धन था, और उन्होंने अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना शुरू किया। मछली पालन के क्षेत्र में अरविन्द केवल एक व्यवसायी नहीं थे, बल्कि वे मछलियों के पोषण और स्वास्थ्य लाभ के प्रति भी जागरूक थे। उन्होंने बताया कि रूपचंदा मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होता है, जो शरीर के समुचित कामकाज के लिए महत्वपूर्ण होता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड हृदय रोगों के जोखिम को कम करने, सूजन को नियंत्रित करने, और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसके अतिरिक्त, रूपचंदा मछली में विटामिन डी का भी समृद्ध स्रोत है, जो हड्डियों के विकास और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होता है। अरविन्द ने बताया कि मछलियों में प्रोटीन की भी भरपूर मात्रा होती है, जो हड्डियों, उपास्थि, त्वचा, और मांसपेशियों के विकास के लिए आवश्यक होती है। उन्होंने अपने ग्राहकों को मछलियों के इन फायदों के बारे में जागरूक करने की भी कोशिश की और उन्हें मछलियों के सेवन के लिए प्रेरित किया।
अरविन्द कुमार सिंह की कहानी न केवल एक व्यक्ति की सफलता की कहानी है, बल्कि यह एक संपूर्ण समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने दिखाया कि यदि सही दिशा में मेहनत की जाए और सरकार की योजनाओं का लाभ उठाया जाए, तो कोई भी किसान आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकता है। उनकी इस यात्रा ने यह भी साबित किया कि सीमित संसाधनों के बावजूद, यदि व्यक्ति में जुनून और समर्पण है, तो वह असाधारण सफलता हासिल कर सकता है। आज अरविन्द न केवल अपने परिवार के लिए बल्कि अपने गाँव और पूरे छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए एक प्रेरणा बन गए हैं। उनकी यह सफलता बताती है कि किस प्रकार एक सामान्य किसान अपने सपनों को साकार कर सकता है और अपने परिवार और समाज के लिए एक सकारात्मक बदलाव ला सकता है।
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सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का तेजी से हो रहा विकास
सरकार के ठोस कदम से आदिवासी युवाओं के अच्छे भविष्य की नींव भी मजबूत
रायपुर, 15 सितम्बर 2024/ छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासियों के हित में ठोस कदम उठा रही है| दूरस्थ और पिछड़े वनांचल इलाकों में मूलभूत सुविधाएं शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के अलावा बुनियादी जरूरतों को पूरा करने का काम तेजी से हो रहा है| छत्तीसगढ़ सरकार ने ऐसी कई योजनाएं शुरू की हैं जिनके जमीनी स्तर पर व्यापक प्रभाव से जन-जीवन जीवन बदल रहा है| मुख्यमंत्री की पहल पर नियद नेल्लानार योजना से आज आदिवासी परिवारों के जीवन में आशा की नई किरण आई है| इस योजना में माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में स्थापित नए कैम्पों के आसपास के गांवों का चयन कर शासन के 12 विभागों की 32 कल्याणकारी योजनाओं के तहत आवास, अस्पताल, पानी, बिजली, पुल-पुलिया, स्कूल इत्यादि मूलभूत संसाधनों का विकास किया जा रहा|
दूरस्थ आदिवासी इलाकों से अयोध्या धाम तक सीधी कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए मुख्यमंत्री श्री साय की पहल पर भारत सरकार ने हरी झंडी दे दी है| सडकों के विकास को लेकर भी लगातार कार्य किया जा रहा है, जिससे आदिवासी अंचलों तक आवाजाही आसान हुई है| छत्तीसगढ़ सरकार ने 68 लाख गरीब परिवारों को 05 साल तक मुफ्त राशन देने का निर्णय भी लिया, जिसका लाभ बड़ी मात्रा में आदिवासी अंचलों के जरूरतमंद रहवासियों को मिल रहा है|
तेंदूपत्ता वनवासियों की आजीविका का मजबूत स्रोत है, इससे होने वाली आमदनी को बढ़ाते हुए सरकार ने तेंदूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 4000 रुपए प्रति मानक बोरा से 5500 रुपए प्रति मानक बोरा किया, जिसका लाभ चालू तेंदूपत्ता सीजन से ही 12 लाख 50 हजार से अधिक संग्राहकों को मिल रहा है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए छत्तीसगढ़ सरकार जल्द ही चरण पादुका योजना भी शुरू करने जा रही है, इसके साथ ही उन्हें बोनस का लाभ भी दिया जाएगा|
सुरक्षा और विकास के दोहरे मोर्चे पर काम करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है| इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज अनुपात के हिसाब से छत्तीसगढ़ का बस्तर देश में सबसे सैन्य संवेदनशील क्षेत्र बन चुका है, बस्तर डिवीजन में प्रत्येक 9 नागरिकों के पीछे एक पैरामिलिट्री का जवान है| जल्द ही इन क्षेत्रों में सुरक्षाबलों के 250 से ज्यादा कैम्प और नियद नेल्लानार से 58 नए कैम्प स्थापित होंगे ताकि सड़क, स्कूल, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं का दायरा बढ़ सके| मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में आदिवासी संस्कृति और परम्पराओं को आगे बढ़ाने के लिए बस्तर में प्राचीन काल से चले आ रहे अनेक ऐतिहासिक मेलों को भी शासकीय संरक्षण और आर्थिक सहायता दी जा रही है।
दूरस्थ आदिवासी इलाकों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के सरकार के मजबूत प्रयास से देश के दूसरे सबसे कम साक्षर जिले बीजापुर में नए भविष्य की बुनियाद गढ़ी जा रही है| बीजापुर जिले में माओवादियों द्वारा बंद 28 स्कूल अब मुख्यमंत्री श्री साय की पहल से खुल गए हैं| स्थानीय बोलियों को सहेजने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ सरकार ने आदिवासी अंचलों में स्थानीय बोलियों में प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने का निर्णय नई शिक्षा नीति के तहत आदिवासी समुदायों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा, जिसमें 18 स्थानीय भाषा-बोलियों में स्कूली बच्चों की पुस्तकें तैयार की जा रही हैं। प्रथम चरण में छत्तीसगढ़ी, सरगुजिहा, हल्बी, सादरी, गोंड़ी और कुडुख में पाठ्यपुस्तक तैयार होंगे।
छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी युवाओं के सुनहरे भविष्य की नींव भी मजबूत कर रही है, इसी क्रम में नई दिल्ली के ट्रायबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर अब 185 कर दी गई है। इस निर्णय से देश राजधानी में रहकर संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा की तैयारी करने के इच्छुक अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए अब इस हॉस्टल में तीन गुने से भी अधिक सीटें उपलब्ध होंगी| इसी तरह आईआईटी की तर्ज पर राज्य के जशपुर, बस्तर, कबीरधाम, रायपुर और रायगढ़ में प्रौद्योगिकी संस्थानों का निर्माण भी किया जाएगा|
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक प्रभावित जिलों के विद्यार्थियों को तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा के लिए ब्याज रहित ऋण मिलेगा| शेष जिलों के विद्यार्थियों को एक प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण प्रदान किया जाएगा, जिससे स्वरोजगार की ओर बढ़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकेंगे|
रायगढ़ में डेंगू के 18 मरीज मिले
रायगढ़ । शुरुआती हायतौबा के बाद शहर में डेंगू से बचाव और उपायों पर नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग सुस्त है। मरीज और उनके परिजनों का बुरा हाल है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शुक्रवार को ही शहर में 18 डेंगू मरीज मिले। हालांकि असल आंकड़े सरकारी से दो गुना अधिक हैं।
निजी अस्पतालों में जगह नहीं है। वार्ड और कमरे डेंगू मरीजों से भरे हैं। मरीजों में प्लेटलेट्स तेजी से गिर रहा है, मरीजों के परिजन दिनभर डोनर ढूंढते हैं, डोनर मिलने के बाद सेपरेटर मशीन की सहायता से प्लेटलेट्स लेकर जान बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं।
नवरात्रि के पावन पर्व पर अदाणी फाउंडेशन ने माँ चंद्रहासिनी के भक्तों के लिए आयोजित किया नौ दिवसीय निःशुल्क चिकित्सा शिविर
500 से अधिक श्रद्धालुओं ने लिए चिकित्सा शिविर का लाभ
शिविर के दौरान निशुल्कः दवाई का वितरण
सैकड़ों किसान हाथियों के उत्पात से परेशान, फसल बर्बाद
रायगढ़ । जिले में हाथियों का दल लगातार फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। हाथियों ने 3 दिन में करीब 34 गांव के 131 किसानों की फसलों को रौंद दिया है। नुकसान का आकलन विभाग की ओर से किया जा रहा है। जिले के 2 वन मंडल धरमजयगढ़ और रायगढ़ में 158 हाथियों का दल घूम रहा है।
हाथी रात और कभी-कभी दिन में जंगल से निकलकर खेतों तक पहुंच जा रहे हैं। वहीं इलाके के ग्रामीण दहशत में हैं। 12 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक हाथियों ने 34 गांव में फसलों को रौंदा है।
इसमें धरमजयगढ़ वन मंडल के सेमीपाली, मेडरमार, सिरकी, रैरूमा, सोनपुर, तेजपुर, बेहरामुड़ा, लामीखार, कुरोपहरी, ढोढ़गांव, खड़गांव, लाहड़ापानी, कटईपाली सी, ससकोबा, जबगा, चरखापारा, करवारजोर, कोयलार, खम्हार गांव शामिल हैं।
इसके अलावा रायगढ़ वन मंडल के चारमार, भेंगारी, छर्राटांगर, अमलीडीह, सामारूमा, सराईपाली, बरौद, बटुराकछार, चीमटापानी, दनौट, फूलीकुंडा, कया, कमतरा, खुरूजखोल, कांटाझरिया में भी हाथियों ने फसलों को रौंदा है।
भालू के हमले में वनकर्मी की मां की मौत, तेंदूपत्ता तोड़ने गई थी जंगल...
रायगढ़ । धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों के साथ ही अब भालूओं की मौजूदगी देखी जा रही है। छाल के जंगल में बुधवार की सुबह तेंदूपत्ता तोड़ने गई वन कर्मी की मां पर भालू ने हमला कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मामले की सूचना पर आगे की प्रक्रिया की जा रही है।
इस संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक धरमजयगढ़ वन मंडल में पदस्थ श्याम अगरिया की मां इंद्रोमोती अगरिया बुधवार की सुबह छाल रेंज के बोजिया जंगल तेंदूपत्ता तोड़ने गई थी। उसके साथ गांव की अन्य महिलाएं और ग्रामीण थे, सभी अलग अलग दिशाओं में तेंदूपत्ता तोड़ रहे थे, तभी इंद्रोमोती का सामना भालू से हो गया। जिसके बाद भालू ने उस पर हमला कर दिया। इससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद मामले की सूचना वन अमला को दी गई। ऐसे में विभागीय अमला मौके पर पहुंचकर उसके परिजनों को तात्कालिक सहायता राशि देते हुए आगे की कार्यवाही में जूट गया।बताया जा रहा है कि तेंदूपत्ता सीजन आते ही हर साल इस तरह की घटनाएं देखने को मिलती है। धरमजयगढ़ रेंज में साल भर हाथियों की मौजूदगी होती है। ऐसे में जंगल तेंदूपत्ता तोड़ने के लिए जाने वाले ग्रामीणों का कई बार हाथियों से भी सामना हो जाता है। इस बार भालू ने तेंदूपत्ता तोड़ रही वृद्धा पर हमला कर दिया। ऐसे में लोगों में अब भालू का भी भय देखा जा रहा है।
धरमजयगढ़ वन मंडल के डीएफओ अभिषेक जोगावत ने बताया कि भालू के हमले से वृद्धा की मौत हुई है। वह गांव के अन्य लोगों के साथ तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गई थी, तभी भालू ने उस पर हमला कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही विभागीय अमला तत्काल मौके पर पहुंचकर आगे की कार्यवाही में जुट गया है।
रायगढ़ बना हादसों का गढ़ हाईवे-49 और राज्य मार्ग तमनार में एक ही रात में 3 दुघर्टना,1 की मौत 5 घायल
रायगढ़।नेशनल हाइवे 49 में बेतरतीब तरीके से खराब हो या समान्य तौर से भारी वाहनों को चालकों द्वारा लापरवाही करते हुए खड़ी कर देते है। इससे गाहे- बगाहे दुर्घटना भी होती है। ऐसे ही एक दुर्घटना शुक्रवार देर शाम नेशनल हाइवे चारभाटा सीजी-13 ढाबा के पास ब्रेकडाउन में खड़ी ट्रक से कार टकरा गई। इस हादसे से कार के सामने का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया जबकि कार चला रहा व्यक्ति चोटिल हो गया। घायल का नाम कृष्णा कुमार सोनू मुड़ा बताया जा रहा है। वह अपनी दो बच्चे और पत्नी के साथ वापस घर रायगढ़ लौट रहा था।
रायगढ़ के एनआर इस्पात में बेल्ट टूटने से क्रेन से दबकर आपरेटर की मौत
रायगढ़। उद्योगों में श्रमिक सुरक्षा दरकिनार होने हादसे का सिलसिला अनवरत चलने लगा है। आलम यह है कि हर दूसरे दिन उद्योगों में कार्यरत मजूदर विभिन्न घटनाओं में जान गंवा रहे है।
इसमें रायगढ़ के एनआर इस्पात में क्रेन में सामान की शिफ्टिंग करने के दौरान बेल्ट टूटकर क्रेन के उपर ही गिर गया इससे क्रेन चला रहे आपरेटर की दर्दनाक मौत होने का मामला सामने आया है।
गुरफान अली पिता अफ़जल अली उम्र 23 साल एनआर इस्पात में क्रेंर आपरेटर के पद पर कार्यरत था। जो मूल निवासी बिहार के सिवान जिले का निवासरत है।
बताया गया कि गुरुवार को क्रेन रोजना की तरह चला आपरेटर कर रहा था। एनआर इस्पात में काम करते समय एक क्रेन आपरेटर की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही प्लांट में अफरा-तफरा की स्थिति निर्मित हो गई। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिये अस्पताल भेज दिया है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार रायगढ़ जिले के पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में स्थित एनआर इस्पात में कल दोपहर 3 बजे के आसपास गुरफान अली पिता अफजल अली 23 साल निवासी सीवान बिहार जो कि एनआर इस्पात में बीते तीन माह से क्रेन आपरेटर के पद पर काम करते आ रहा था।
जिसमे क्रेंन से भारी भरकम लोहे के प्लेट वह व्यस्थित कर जमाने मे लगा था तो कहीं शिफ्ट कर रहा था। इस बीच उक्त सामान को बेल्ट यानी पट्टे के साहरे क्रेंन के सहयोग से इधर उधर करने के दौरान क्रेन का पट्टा टूट गया।
इस घटना को जब तक वह कुछ समझ पाता तब तक लोहे का भारी।भर कम वजनी समान उसके उपर गिर गया।इससे वह दब गया और उसकी मौत मौके पर ही हो गई।
अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई। प्लांट के अंदर यह घटना होते ही कर्मचारियों में हलचल मच गई, बड़ी संख्या में मजदूर व अन्य विभागों के श्रमिकों का दल भी मौके पर उमड़ गया।
इधर मौके की नजाकत को समझते हुए प्रबंधन द्वारा सुरक्षा कर्मियों के माध्यम से जिला शव अस्पताल भेज दिया और पुलिस को सूचित की। बहरहाल पूंजीपथरा पुलिस जांच में जुट गई हैं।
मेंटेनेंस दरकिनार उत्पादन और काम पर फोकस
हादसे के बाद प्लांट के कर्मचारियों में भारी नाराजगी देखने को मिला। कर्मचारियों का आरोप है कि प्लांट प्रबंधन सिर्फ उत्पादन पर ध्यान देता है, जबकि मशीनों की मेंटेनेंस को पूरी तरह नजरअंदाज किया जाता है।
इस लापरवाही का नतीजा आज एक युवा कर्मचारी की जान जाने के रूप में सामने आया है। हादसे के बाद प्लांट में जमकर विरोध हुआ लेकिन डंडे के जोर में उसे दबा दिए जाने की बात कही ज रही है।
औद्योगिक सुरक्षा विभाग का काम केवल कागजों में
रायगढ़ जिले को उद्योग नगरी के नाम से जाना जाता है यहां हजारों उद्योग है। कंपनियों द्वारा उत्पादन और मुनाफा को ही प्राथमिकता देते है। सुरक्षा दरकिनार रहता है। यही वजह है कि हादसे अनवरत है।
पुरखों के दिखाए राह का अनुसरण हमारी जिम्मेदारी: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
लैलूंगा में उरांव समाज के करमा महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री
लैलूंगा में सामाजिक भवन, स्टेडियम जीर्णोद्धार एवं बास्केबाल कोर्ट निर्माण के लिए एक करोड़ 9 लाख रूपए की घोषणा
खम्हार पाकुट बांध से लैलूंगा में जलापूर्ति के बंद प्रोजेक्ट काम फिर से शुरू होगा
रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय लैलूंगा में उरांव समाज द्वारा आयोजित करमा महोत्सव में कहा कि यह उत्सव ग्रामीण और वनांचल क्षेत्र में बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। क्षेत्र में कई प्रकार के करमा का आयोजन होता है। हमें हमारे पुरखों द्वारा दिखाए गए राह पर चलना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। हमें अपनी संस्कृति को साथ लेकर चलना है, जिससे आने वाली पीढ़ी हमारे सांस्कृतिक मूल्यों से परिचित हो सके। करमा महोत्सव में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल विशेष रूप से मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर लैलूंगा में सामाजिक भवन के निर्माण के लिए 49 लाख रूपए, लैलूंगा में स्टेडियम जीर्णोद्धार के लिए 40 लाख रूपए, बास्केटबाल कोर्ट निर्माण के लिए 20 लाख रूपए की घोषणा की और खम्हार पाकुट बांध से लैलूंगा में जलापूर्ति प्रोजेक्ट के निर्माण काम को शुरू कराए जाने की बात कही। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गहिरा गुरु की जन्मस्थली और कर्मस्थली में उरांव समाज द्वारा करमा महोत्सव के आयोजन की बधाई देते हुए कहा कि उरांव समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की गारंटी को तेजी से पूरा कर रही है। सरकार गठन के पश्चात 18 लाख पीएम आवास निर्माण को मंजूरी दी गई। केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश में 8 लाख 46 हजार आवास निर्माण की स्वीकृति दी गई है। हितग्राहियों के मकान बनने शुरू हो गए हैं। किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी गई है। 12 लाख से ज्यादा किसानों के 2 साल के बकाया बोनस जारी किया गया है। तेंदूपत्ता की कीमत 4 हजार से बढ़ा कर 5500 रूपए कर दिया गया है। महतारी वंदन योजना का लाभ 70 लाख से अधिक महिलाओं को मिल रहा है। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मंशा के अनुरूप हमारी सरकार जनजाति समाज के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। पीएम जनमन योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति की दूर दराज की बसाहटों तक सड़क, बिजली-पानी की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। उन्हें शासन की योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। बीते 02 अक्टूबर को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान शुरू किया है। जिसमें 80 हजार करोड़ की राशि से देश के आदिवासी समुदाय के उत्थान का काम होगा। छत्तीसगढ़ के गांव भी इससे जुड़ेंगे।
इस अवसर पर सांसद रायगढ़ श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक बैकुंठपुर श्री भैया लाल रजवाड़े, विधायक लैलूंगा श्रीमती विद्यावती सिदार, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, उरांव समाज से श्री पनतराम भगत, श्री रवि भगत सहित बड़ी संख्या में उरांव समाज के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।
महिला वेंडर के साथ मारपीट का आरोप
रायगढ़ । आरपीएफ पुलिस द्वारा रेलवे की संपत्ति की सुरक्षा की जाती है लेकिन दूसरी ओर आरपीएफ का दूसरा चेहरा काफी डरावना है। आरपीएफ पुलिस द्वारा ट्रेन में फेरी करने वाले वेंडर के साथ अवैध उगाही और मारपीट जैसी घटना को अंजाम दिया जाता है। ऐसा ही एक मामला रायगढ़ के मौदहा पारा निवासी महिला के साथ घटित हुआ। जिसकी शिकायत रायगढ़ न्यायालय के बाद उच्च न्यायालय में की गई है। जानकारी देते हुए पीड़िता महिला उत्तरा बाई महिलाने ने बताया कि उसने अपना बचपन ट्रेन में भीख मांग कर गुजरा है। करीब 15 वर्ष पूर्व रेलवे के किसी अधिकारी ने उसे ट्रेन में मौसमी फल बिक्री कर जीवन यापन करने की सलाह दी थी। इसके बाद से उत्तरा बाई ने ट्रेन में फेरी करके अपना और अपने परिवार का गुजर बसर कर रही है लेकिन इन दिनों रेलवे पुलिस के कर्मचारियों की अवैध उगाही उसके लिए जी का जंजाल बन गई है।
उत्तरा बाई महिलाने ने बताया कि बीते 7 मई को जब वह मतदान करके ककड़ी बेचने के लिए स्टेशन पहुंची तब आरपीएफ पुलिस ने उसे पकड़ लिया और आरपीएफ थाना ले जाकर उसके साथ मारपीट की गई। मारपीट करने का कारण पूछने पर उसने बताया कि बृजराज नगर, रायगढ़, चांपा और बिलासपुर में पदस्थ आरपीएफ अधिकारी कर्मचारी ट्रेन में समान बिक्री करने पर प्रतिदिन 1000 रुपए की मांग करते हैं। इसके अलावा मासिक पैसा अलग से मांगते हैं पैसा नहीं देने पर उनके द्वारा फेरी करने वालों का सामान छीनकर उनके साथ मारपीट की जाती है और उनके खिलाफ अपराध भी दर्ज कर दिया जाता है। जिस कारण गरीब वेंडर का परिवार चला पाना मुश्किल हो रहा है। उत्तरा बाई महिलाने ने बताया कि उसने घटना का वीडियो भी अपने मोबाइल पर बनाया लेकिन कुछ देर बाद ही उसका मोबाइल आरपीएफ पुलिस जवानों ने छीन लिया। फिलहाल आरोप को लेकर हड़कंप मच गया है। इसकी शिकायत रायगढ़ न्यायालय समेत उच्च न्यायालय बिलासपुर में की है।
होटल एकार्ड में जुआ की महफ़िल 7 गिरफ्तार
रायगढ़ , शहर के विभिन्न स्थानों में लगातार जुआ खेले जाने की सूचना पुलिस अधिकारी को मिल रही थी। पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देश पर मुखबिरों का जाल कोतवाली पुलिस ने सक्रिय किया गया था। ऐसे में पुलिस टीम ने शहर के नामचीन होटल एकार्ड में जुआरियों द्वारा जुआ फड़ की महफ़िल जमाए जाने की सूचना पर पुलिस की दबिश में दो जिले के 7 जुआरी को पकड़ा गया है। जुआरियों के कब्जे से 87 हजार 70 रुपये जब्त किया गया है। जानकारी के मुताबिक रात्रि में कोतवाली थाना प्रभारी सुखनंदन पटेल को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ढिमरापुर रोड स्थित एकार्ड होटल में कुछ जुआरी ताश से जुआ खेलने इकट्ठा हुए हैं।
सूचना पर तत्काल थाना प्रभारी वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर अपनी टीम के साथ होटल में छापेमारी किया गया जहां जुआ खेलते 07 जुआरी मनोज अग्रवाल पिता ओम प्रकाश अग्रवाल उम्र 44 साल निवासी टेंडा नवापारा थाना घरघोड़ा जिला रायगढ़, प्रताप अग्रवाल पिता गणेश राम अग्रवाल उम्र 30 साल निवासी वार्ड क्रमांक 7 सक्ती थाना व जिला सक्ती। अंकित अग्रवाल पिता अशोक कुमार अग्रवाल उम्र 34 साल निवासी जैन मेडिकल खरसिया वार्ड क्रमांक 14 चौकी खरसिया, संदीप अग्रवाल पिता रामनिवास अग्रवाल उम्र 38 साल 38 साल निवासी अग्रसेन मार्ग खरसिया वार्ड क्रमांक 15 चौकी खरसिया, आकाश पंसारी पिता कैलाश चंद्र पंसारी उम्र 30 साल निवासी जिंदल प्लाजा के पीछे वार्ड क्रमांक 15 थाना व जिला सक्ती ,कैलाश अग्रवाल पिता ओम प्रकाश अग्रवाल उम्र 50 साल निवासी टेंडा नवापारा थाना घरघोड़ा जिला रायगढ़ ,सावन कुमार अग्रवाल पिता प्रहलाद राय उम्र 41 साल वार्ड क्रमांक 13 थाना व जिला सक्ती को पुलिस ने जुआ खेलते पकड़ा जिनके फड और पास से कुल 87,070 नगद और जुआ सामग्री 52 पत्ती ताश की जप्ती की गई है । जुआरियों पर थाना कोतवाली में जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3 के तहत कार्रवाई किया गया है।