शिक्षा

“जब देश मे थी दीवाली वो खेल रहे थे होली “

 “जब देश मे थी दीवाली वो खेल रहे थे होली “

                शास.पूर्व. माध्यमिक शाला  नेवई में “वीरों की शौर्य गाथा” बताते हुए डॉ. नीलांजना जैन ने बताया की यह सालगिरा सिर्फ एक तारीख नहीं यह भारत की एकता का प्रतीक है जिन्होंने 18000 फीट  ऊंचाई पर विरल ऑक्सीजन वाले वातावरण और कड़ाके की ठंड में हर चोटी को अपने साहस का गवाह  बनाया | कारगिल युद्ध में शहादत से पहले सैनिको ने अपनों को जो fpfV~B;k¡ लिखी यही fpfV~B;k¡ युद्ध क्षेत्र में जस्बा जिदा रखने के लिए fpfV~B;k¡ ही सहारा थी | परमवीर चक्र प्राप्त कैप्टन विक्रम बत्रा ने अपने भाई को जो पत्र लिखा, उस पत्र की चर्चा सुनते हुए | विद्यार्थियों की आँखे नम हो गई सारा वातावरण भारत माता के जय कारे से गूंजने लगा | उसके पश्चात निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया | संस्था प्रमुख श्रीमती सुलेखा गाड़िया, श्रीमती शशिकला वर्मा ,श्रीमती रजनी यादव, श्रीमती उषा किरण कौशिक एवं श्रीमती अमृता यादव , श्रीमती ज्योति वर्मा तथा संत ज्ञानेश्वर मरकाम आदि की उपस्थिति में किया गया |

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