छत्तीसगढ़ / रायपुर
सीएम हेल्पलाइन 1076 से मिली त्वरित राहत, अधूरी पुलिया बनी तो ग्रामीणों का आवागमन हुआ सुगम
रायपुर, 29 जुलाई 2026


राज्य सरकार की सीएम हेल्पलाइन 1076 आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान का भरोसेमंद माध्यम बनकर उभर रही है। जिला प्रशासन कोरबा के मार्गदर्शन में सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तायुक्त,समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है इसका एक प्रेरक उदाहरण, कोरबा जिले के जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत कुल्हरिया में देखने को मिला, जहां सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत के बाद अधूरी पाइप पुलिया का निर्माण पूर्ण कर क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत कर दी गई, जिससे ग्रामीणों का आवागमन पुनः सुचारु और सुरक्षित हो गया।
ग्राम पंचायत कुल्हरिया निवासी श्री राजकुमार शांडिल्य ने 27 जून 2026 को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि मनरेगा योजना के तहत गुलाब घर से प्रधानपारा तक मिट्टी-मुरूम सड़क का निर्माण तो पूर्ण हो चुका है, लेकिन पाइप पुलिया अधूरी होने के कारण बरसात के दौरान ग्रामीणों को आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत प्राप्त होते ही सीएम हेल्पलाइन केंद्र द्वारा प्रकरण संबंधित एल-1 अधिकारी को तत्काल भेजा गया। जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा की टीम ने बिना विलंब ग्राम पंचायत एवं निर्माण एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित कर स्थल का निरीक्षण कराया।
जांच में पाया गया कि वर्ष 2022-23 में मनरेगा के अंतर्गत स्वीकृत इस सड़क निर्माण कार्य की कुल लागत 15.52 लाख रुपये थी, जिसमें 10.43 लाख रुपये मजदूरी मद तथा 5.09 लाख रुपये सामग्री मद के लिए स्वीकृत थे। अत्यधिक वर्षा के कारण निर्मित पाइप पुलिया क्षतिग्रस्त हो गई थी तथा मिट्टी के कटाव से मार्ग अवरुद्ध हो गया था।
शिकायत के बाद जनपद पंचायत की सक्रिय पहल एवं निर्माण एजेंसी के समन्वित प्रयासों से पाइप पुलिया का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराया गया। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कर आवागमन को पुनः सुरक्षित एवं सुचारु बनाया गया। शिकायत का गुणवत्तापूर्ण निराकरण निर्धारित समय-सीमा में किया गया।
कार्य पूर्ण होने पर ग्रामवासियों ने संतोष व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ शासन की सीएम हेल्पलाइन व्यवस्था की सराहना की।
शिकायतकर्ता श्री राजकुमार शांडिल्य सहित ग्रामीणों ने कहा कि उनकी समस्या का समयबद्ध एवं प्रभावी समाधान होने से शासन के प्रति उनका विश्वास और मजबूत हुआ है।
आयुष्मान योजना में गड़बड़ी: मित्तल कैंसर अस्पताल 3 महीने के लिए निलंबित
रायपुर । आयुष्मान भारत योजना के नियमों का उल्लंघन कर मरीज से अतिरिक्त राशि वसूलने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने रायपुर के कांपा (लोधीपारा) स्थित मित्तल कैंसर अस्पताल पर बड़ी कार्रवाई की है। अस्पताल को तीन महीने के लिए आयुष्मान भारत योजना से निलंबित कर दिया गया है। इस अवधि के दौरान अस्पताल आयुष्मान कार्डधारी नए मरीजों का कैशलेस इलाज नहीं कर सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद अस्पताल प्रबंधन को मरीज से वसूले गए 90 हजार रुपये लौटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
शिकायत के बाद हुई जांच
मामला तब सामने आया जब अल्बर्ट एक्का के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग में शिकायत दर्ज कराई। आरोप था कि आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज की सुविधा होने के बावजूद अस्पताल ने उनसे अतिरिक्त राशि वसूली।
जांच में पाया गया कि अस्पताल ने मरीज के परिजनों से दवाइयों के नाम पर 15,226 रुपये और सर्जरी के लिए 90 हजार रुपये अलग से लिए थे। अस्पताल ने दवाइयों की राशि वापस कर दी, लेकिन सर्जरी के लिए ली गई रकम लौटाने से इनकार कर दिया। अस्पताल प्रबंधन ने तर्क दिया कि आयुष्मान योजना के पैकेज की राशि पर्याप्त नहीं है।
स्वास्थ्य विभाग ने माना नियमों का उल्लंघन
स्वास्थ्य विभाग ने जांच रिपोर्ट के आधार पर इसे आयुष्मान भारत योजना के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना। विभाग ने कहा कि योजना से जुड़े अस्पताल मरीजों से किसी भी प्रकार की अतिरिक्त नकद राशि नहीं ले सकते।
निलंबन अवधि में नहीं होगा नए मरीजों का कैशलेस इलाज
विभाग के आदेश के अनुसार, अगले तीन महीने तक मित्तल कैंसर अस्पताल आयुष्मान योजना के तहत नए मरीजों को भर्ती नहीं कर सकेगा। साथ ही अस्पताल परिसर से आयुष्मान योजना से संबंधित सभी बोर्ड और प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, अस्पताल में पहले से भर्ती मरीजों का इलाज जारी रहेगा और उन्हें उपचार पूरा होने के बाद ही डिस्चार्ज किया जाएगा।
अतिरिक्त वसूली पर सख्ती जारी
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों से अतिरिक्त राशि वसूलने वाले अस्पतालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। विभाग ने कहा कि पात्र मरीजों को पूरी तरह कैशलेस इलाज उपलब्ध कराना योजना का उद्देश्य है और किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
रायपुर की नन्ही स्वर कोकिला आद्या ने बनाया रिकॉर्ड, India Book of Records से सम्मानित
रायपुर । रायपुर की 10 वर्षीय बाल गायिका अरुणिमा शर्मा 'आद्या' ने अपनी मधुर आवाज और कड़ी मेहनत से प्रदेश का नाम रोशन किया है। 9 नवंबर 2015 को जन्मी आद्या को हाल ही में India Book of Records 2026 द्वारा "IBR ACHIEVER" का खिताब दिया गया है।
India Book of Records ने आद्या को विभिन्न गायन प्रतियोगिताओं में भाग लेने और 9 प्रमाण पत्र एवं 1 ट्रॉफी जीतने के लिए सम्मानित किया है। इनमें संगीता कला अकादमी, रायपुर द्वारा आयोजित नटरंग महोत्सव में प्रथम पुरस्कार और बस्तर आइडल में द्वितीय उपविजेता का खिताब शामिल है। यह उपलब्धि उन्होंने केवल 10 वर्ष 7 माह की आयु में हासिल की है। आद्या ने कहा, कि मेरा सपना है कि एक दिन लता मंगेसकर जी जैसे देश के लिए गाउँ।
बता दें की इतने कम उम्र में भी आद्या चार भाषाओं में गायन और वादन करती है, इतना ही नहीं शास्त्रीय गायन भी करती है और वोकल में प्रथमा (प्रथम) उत्तीर्ण कर ली है. उनकी अन्य उपलब्धियों में राजनांदगांव मड़ई, YB चैम्प 6, हर घर टैलेंट सीजन 2, द सिंगिंग आइकन सीजन 2 और phytositaare जैसे नेशनल लेवल इवेंट के फाइनल राउंड में भी अपना नाम दर्ज कराया है। YB 6 चैम्पस में फर्स्ट रनर का ख़िताब हासिल किया है, बाकी प्रतियोगितायें ऑन गोइंग है।
आद्या के छत्तीसगढ़ी लोकगीत और हारमोनियम वादन के वीडियो सोशल मीडिया में खूब वायरल हो रहे है। स्वयं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने उनके लाइव गायन वादन को देखकर भरे मंच से नाम लेकर नन्ही स्वर कोकिला की तारीफ़ कर आशीर्वाद दिया है।
आद्या ने छत्तीसगढ़ी लोक गीत से लेकर देशभक्ति और सुगम संगीत तक हर विधा में अपनी पहचान बनाई है। उनकी प्रस्तुतियां आकाशवाणी रायपुर सहित विभिन्न टीवी न्यूज़ चैनलों और प्रतिष्ठित प्रतिष्ठित मंचों पर उनके साक्षात्कार और गीतों का प्रसारण हुआ हैं।
आद्या के गुरु और परिजनों का कहना है कि वह दिन में लगभग 2 घंटे रियाज़ करती हैं और बड़े होकर भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं।
आद्या की इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों और संगीत प्रेमियों ने गर्व व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है
कोतबा-बागबहार सड़क का काम प्रगति पर, अक्टूबर-2026 तक पूरा करने का लक्ष्य
करीब 40 करोड़ की लागत से हो रहा चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण
यातायात सुगम बनाए रखने गड्ढों की अस्थायी मरम्मत जारी
रायपुर, 29 जुलाई 2026

जशपुर में कोतबा-बागबहार मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण का कार्य प्रगति पर है। इसका निर्माण पूर्ण होने के बाद मार्ग की स्थिति पूरी तरह बेहतर हो जाएगी। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 39 करोड़ 76 लाख रुपए की लागत से बागबहार-कोतबा मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसे इस साल अक्टूबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सड़क के निर्माण का कार्य निरंतर जारी है। अब तक 10 किलोमीटर लंबाई में सब-ग्रेड स्तर तक चौड़ीकरण का कार्य पूरा किया जा चुका है। वहीं बागबहार की ओर से ग्रेन्युलर सब-बेस (जीएसबी) का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। इसके लगभग एक किलोमीटर हिस्से में जीएसबी का कार्य पूर्ण हो चुका है। इनके साथ ही मार्ग में पड़ने वाले 7 पुलियों के निर्माण भी पूर्ण कर लिये गये हैं।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए मौजूदा सड़क पर बने गड्ढों की अस्थायी मरम्मत एवं भराई लगातार कराई जा रही है। सड़क की स्थायी समस्या का समाधान नए मार्ग के निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद ही संभव होगा। विभाग ने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान कुछ समय के लिए यातायात में असुविधा होना स्वाभाविक है, फिर भी लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है।
लोक निर्माण विभाग के पत्थलगांव संभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने की पूरी कोशिश की जा रही है, ताकि क्षेत्रवासियों को शीघ्र ही बेहतर, सुरक्षित और सुगम सड़क की सुविधा मिल सके।
रक्षाबंधन पर विष्णु भोग चावल की राखियां बनेंगी छत्तीसगढ़ की नई पहचान
बिहान से जुड़ी महिलाओं के अभिनव पहल से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा नया बाजार, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
रायपुर, 29 जुलाई 2026

इस वर्ष रक्षाबंधन का पर्व छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय उत्पादों की विशिष्ट पहचान को एक नई ऊंचाई देने जा रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की प्रसिद्ध विष्णु भोग धान और उसके सुगंधित चावल से तैयार की जा रही आकर्षक एवं कलात्मक राखियां इस बार बाजार में विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी। भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का प्रतीक बनने वाली ये राखियां केवल स्नेह का बंधन नहीं होंगी, बल्कि आत्मनिर्भरता, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के संकल्प का भी संदेश देंगी।
राज्य शासन की ग्रामीण आजीविका संवर्धन की योजनाओं के तहत बिहान से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक हस्तकला का अभिनव समन्वय करते हुए विष्णु भोग चावल से आकर्षक राखियां तैयार की हैं। रंग-बिरंगे धागों, पारंपरिक कलात्मक सजावट और सुगंधित विष्णु भोग चावल के संयोजन से निर्मित ये राखियां छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान और स्थानीय कृषि उत्पादों की विशिष्टता को देशभर तक पहुंचाने का माध्यम बनेंगी।
इस नवाचार को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें राखी निर्माण की आधुनिक एवं आकर्षक तकनीकों के साथ विपणन और गुणवत्ता संबंधी पहलुओं की भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं आत्मविश्वास के साथ स्वयं राखियों का निर्माण कर रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि होने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता भी मजबूत हो रही है।
रक्षाबंधन के अवसर पर तैयार की गई इन विशेष राखियों की बिक्री के लिए रेलवे स्टेशन, कलेक्ट्रेट परिसर तथा विभिन्न ग्राम संगठन परिसरों में विशेष विक्रय केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। इन स्टॉलों के माध्यम से उपभोक्ताओं को सीधे महिला समूहों से राखियां खरीदने का अवसर मिलेगा, जिससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और महिलाओं को उनके उत्पाद का उचित मूल्य प्राप्त होगा।
महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों का कहना है कि विष्णु भोग चावल से राखी निर्माण उनके लिए केवल अतिरिक्त आय अर्जित करने का माध्यम नहीं है, बल्कि उनकी रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक पहचान को भी नई दिशा दे रही है। स्थानीय संसाधनों पर आधारित ऐसे नवाचार ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के स्थायी अवसर सृजित कर रहे हैं तथा उन्हें आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बना रहे हैं।
स्थानीय कृषि उत्पादों और पारंपरिक हस्तशिल्प को नवाचारों के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराया जाता रहा तो इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले का प्रसिद्ध विष्णु भोग चावल प्रदेश और देशभर में नई पहचान स्थापित करेगा। यह स्थानीय उत्पादों के मूल्य संवर्धन का उत्कृष्ट उदाहरण भी बन रही है।
इस रक्षाबंधन पर विष्णु भोग चावल से तैयार की गई ये अनूठी राखियां भाई-बहन के अटूट स्नेह के साथ-साथ वोकल फॉर लोकल, महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय उत्पादों के संरक्षण का प्रेरक संदेश भी देंगी। यह दर्शाती है कि पारंपरिक कृषि उत्पादों और स्थानीय कला का समन्वय न केवल सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित कर सकता है, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आजीविका और आर्थिक समृद्धि का सशक्त आधार भी बन सकती है।
सेवा सेतु से बैगा परिवार को मिला अंत्योदय राशन कार्ड
रायपुर, 29 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नागरिकों को शासकीय सेवाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रारंभ किए गए नवीन सेवा सेतु पोर्टल का लाभ अब दूरस्थ एवं विशेष रूप से कमजोर जनजातीय परिवारों तक भी प्रभावी रूप से पहुंचने लगा है। इसी क्रम में जिला मनेन्द्रगढ़-भरतपुर-चिरमिरी जिला के जनपद पंचायत भरतपुर अंतर्गत निवासरत राजकली बैगा के परिवार का अंत्योदय राशन कार्ड सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से सफलतापूर्वक जारी किया गया।
राजकली बैगा के परिवार द्वारा सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से अंत्योदय राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन किया गया। आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह सरल एवं पारदर्शी रही तथा निर्धारित समयावधि में सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण होने के बाद पात्र हितग्राही को राशन कार्ड जारी कर दिया गया। इससे उन्हें बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं पड़ी और पूरी प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक रही। अंत्योदय राशन कार्ड जारी होने के बाद अब परिवार को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के अंतर्गत निर्धारित खाद्यान्न सहित अन्य पात्र सुविधाओं का नियमित लाभ प्राप्त होगा। इससे परिवार की खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी तथा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राही तक पहुंच सकेगा।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन का नवीन सेवा सेतु पोर्टल विभिन्न विभागों की अनेक शासकीय सेवाओं को एकीकृत डिजिटल मंच पर उपलब्ध करा रहा है। पोर्टल के माध्यम से नागरिक आसानी से ऑनलाइन आवेदन कर सेवाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे आवेदन प्रक्रिया अधिक सहज होने के साथ-साथ सेवा वितरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता सुनिश्चित हो रही है। सेवा सेतु पोर्टल शासन की डिजिटल सुशासन की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से विशेष रूप से दूरस्थ क्षेत्रों, ग्रामीण अंचलों तथा वंचित वर्गों तक शासकीय योजनाओं और सेवाओं की पहुंच लगातार मजबूत हो रही है, जिससे आम नागरिकों का शासन की ऑनलाइन सेवाओं के प्रति विश्वास भी बढ़ रहा है।
महिला किसान श्रीमती शकुन्तला की मेहनत और नैनो डीएपी ने से उत्पादन में वृद्धि
वैज्ञानिक खेती अपनाकर महिला कृषक ने घटाई लागत, बढ़ाई उम्मीदें; आधुनिक कृषि तकनीक से बनीं अन्य किसानों के लिए प्रेरणा
रायपुर, 29 जुलाई 2026
कभी बढ़ती उर्वरक लागत और अनिश्चित उत्पादन से चिंतित रहने वाली मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम कछौड़ की महिला कृषक श्रीमती शकुन्तला आज आधुनिक खेती की एक सफल पहचान बन चुकी हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि यदि किसान समय के साथ नई तकनीकों को अपनाएं और वैज्ञानिक सलाह पर भरोसा करें, तो सीमित संसाधनों में भी बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
खेती उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख आधार रही है, लेकिन हर वर्ष बढ़ती लागत और उत्पादन को लेकर बनी रहने वाली चिंता उन्हें परेशान करती थी। इसी दौरान कृषि विभाग एवं आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कछौड़, शाखा मनेन्द्रगढ़ के माध्यम से उन्हें इफको नैनो डीएपी की जानकारी मिली। कृषि विशेषज्ञों ने उन्हें इसके वैज्ञानिक उपयोग, कम मात्रा में अधिक प्रभाव तथा संतुलित पोषण के बारे में विस्तार से समझाया।
नई तकनीक पर विश्वास करते हुए श्रीमती शकुन्तला ने अपनी फसल में नैनो डीएपी का प्रयोग किया। कुछ ही समय बाद खेतों में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट दिखाई देने लगे। पौधों की बढ़वार पहले की तुलना में अधिक तेज हुई, फसल का रंग गहरा हरा और पौधे अधिक मजबूत नजर आने लगे। इससे उन्हें बेहतर उत्पादन की उम्मीद जगी और खेती के प्रति उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा।
नैनो डीएपी के उपयोग से पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में लागत में कमी आई। कम खर्च में बेहतर पोषण मिलने से खेती अधिक लाभकारी बनने लगी। यही अनुभव उनके लिए एक नई शुरुआत साबित हुआ। अब वे पूरे विश्वास के साथ कहती हैं कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। श्रीमती शकुन्तला बताती हैं कि शुरुआत में उन्हें इस तकनीक को लेकर संदेह था, लेकिन परिणाम देखने के बाद उनकी सोच पूरी तरह बदल गई। अब वे अपने गांव और आसपास की महिला किसानों को भी वैज्ञानिक खेती, संतुलित उर्वरक प्रबंधन तथा नैनो डीएपी के उपयोग के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि यदि किसान सही समय पर सही तकनीक अपनाएं तो कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करना संभव है।
उनकी सफलता केवल एक किसान की उपलब्धि नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि कृषि विभाग द्वारा किसानों तक पहुंचाई जा रही आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक मार्गदर्शन का प्रभावी उपयोग खेती की दिशा बदल सकता है। आज श्रीमती शकुन्तला अपने क्षेत्र में आत्मनिर्भर, जागरूक और प्रगतिशील महिला कृषक के रूप में नई पहचान बना चुकी हैं। उनकी प्रेरक यात्रा यह विश्वास जगाती है कि आधुनिक तकनीक, सही जानकारी और दृढ़ संकल्प के साथ खेती को अधिक समृद्ध, टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सकता है।
वर्षा ऋतु में सघन वृक्षारोपण के लिए लक्ष्य निर्धारित
राज्य शासन ने नगर पंचायतों में कम से कम 500, नगर पालिकाओं में 5 हजार और नगर निगमों में 10 हजार पौधे लगाने के दिए निर्देश
नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निकायों को जारी किया परिपत्र
रायपुर, 29 जुलाई 2026
राज्य शासन ने नगरीय निकायों को हरा-भरा बनाने तथा हरियाली बढ़ाने चालू मानसून सीजन में वृक्षारोपण के लिए लक्ष्य निर्धारित किया है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सघन वृक्षारोपण के लिए मंत्रालय से सभी निकायों को परिपत्र जारी किया है।
विभाग ने राज्य के सभी नगर निगमों के आयुक्तों तथा नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी कर प्रत्येक नगर निगम में कम से कम 10 हजार, नगर पालिका में 5 हजार और नगर पंचायत में 500 पौधे लगाने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने वन विभाग से समन्वय स्थापित कर नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा नियुक्त जिला नोडल अधिकारियों के संज्ञान व परीक्षण में निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार सघन वृक्षारोपण सुनिश्चित करने को कहा है। विभाग ने वृक्षारोपण कार्य का प्रगति प्रतिवेदन जिला नोडल अधिकारी के माध्यम से संचालनालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास को भेजने के भी निर्देश दिए हैं।
महर्षि वेद व्यास जयंती पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने दी शुभकामनाएं
रायपुर, 29 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने महर्षि वेद व्यास जयंती के पावन अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि महर्षि वेद व्यास भारतीय ज्ञान, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा के महान स्तंभ हैं। वेदों के संकलन, महाभारत की रचना तथा अठारह पुराणों के प्रणयन के माध्यम से उन्होंने मानव समाज को अमूल्य ज्ञान की धरोहर प्रदान की है। उनके विचार आज भी समाज को सत्य, धर्म, ज्ञान और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं।
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कहा कि महर्षि वेद व्यास का जीवन हमें ज्ञान के महत्व, नैतिक मूल्यों और लोककल्याण की भावना को आत्मसात करने का संदेश देता है। उनकी शिक्षाएं आने वाली पीढि़यों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बनी रहेंगी। उन्होंने प्रदेशवासियों से महर्षि वेद व्यास के आदर्शों और उनके बताए मार्ग का अनुसरण करते हुए ज्ञान, संस्कार और मानवता के मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया तथा सभी के सुख, समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्य सचिव ने सिंचाई परियोजनाओं को अधिक व्यवहारिक, टिकाऊ और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर दिया जोर
परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक संपन्न
रायपुर, 29 जुलाई 2026
मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में परियोजना निर्माण एवं क्रियान्वयन समिति की 72वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की परियोजनाओं से संबंधित प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जशपुर जिले के विकासखंड कुनकुरी अंतर्गत प्रस्तावित योजना के हल्दीमुण्डा व्यपवर्तन शीर्ष कार्य, जीर्णाेद्धार, पुनर्निर्माण एवं बहुद्देशीय उद्वहन सिंचाई योजना सहित बेमेतरा जिले की शिवनाथ नदी में ग्राम मोतिमपुर-बिरौदा एनीकट के बैराज में परिवर्तन एवं उद्वहन सिंचाई योजना के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई।
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावित योजनाओं का पुनः री-मॉडलिंग एवं री-वर्क किया जाए, ताकि परियोजनाएं अधिक व्यवहारिक, टिकाऊ और संसाधनों-संरक्षण आधारित बन सकें। उन्होंने कहा कि योजनाओं के निर्माण में जल संरक्षण, बेहतर वर्क मैनशिप और आधुनिक तकनीकों को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जाए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से नहर आधारित प्रणाली के स्थान पर समर्पित पाइपलाइन प्रणाली की व्यवहार्यता का भी गहन अध्ययन करने को कहा। उन्होंने कहा कि पाइप आधारित प्रणाली अधिक विश्वसनीय, जल की कम हानि वाली, कम लागत एवं समय में पूर्ण होने वाली हो सकती है तथा इससे भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता भी काफी कम होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक परियोजना में ऑप्शन एनालिसिस अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि विभिन्न विकल्पों का तुलनात्मक अध्ययन कर सबसे प्रभावी और किफायती मॉडल का चयन किया जा सके। साथ ही, परियोजनाओं की आगामी 5 से 10 वर्षों की संचालन एवं रखरखाव की रणनीति भी पहले से स्पष्ट रूप से तैयार की जाए।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि नए प्रस्ताव तैयार करने से पहले वर्तमान में संचालित परियोजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रस्तुत सभी प्रस्तावों का पुनः परीक्षण कर आवश्यक सुधारों के साथ संशोधित प्रस्ताव समिति के समक्ष प्रस्तुत किए जाएं, जिससे जनहितकारी परियोजनाओं का निर्माण सुनिश्चित हो सके।
बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, वित्त विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री भूवनेश यादव, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
31 जुलाई तक कराएं बागवानी फसलों का बीमा, प्राकृतिक जोखिमों से मिलेगी आर्थिक सुरक्षा
पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के तहत टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता और अमरूद फसलें शामिल
रायपुर, 29 जुलाई 2026
खरीफ मौसम में बागवानी फसलों को प्रतिकूल मौसम और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से सुरक्षित रखने के लिए पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना संचालित की जा रही है। जशपुर जिले के किसानों से 31 जुलाई 2026 तक अपनी अधिसूचित बागवानी फसलों का बीमा कराने की अपील की गई है।
सहायक संचालक उद्यान श्री करण सोनकर ने बताया कि योजना के तहत टमाटर, बैंगन, मिर्च, अदरक, केला, पपीता एवं अमरूद सहित सात अधिसूचित बागवानी फसलों को शामिल किया गया है। बेमौसम वर्षा, कम या अधिक वर्षा, तापमान में असामान्य परिवर्तन, तेज हवा, आर्द्रता तथा प्रतिकूल मौसम के कारण होने वाले कीट एवं व्याधि प्रकोप से फसल को होने वाले नुकसान की भरपाई योजना के प्रावधानों के अनुसार की जाएगी। मुआवजे का निर्धारण मौसम के वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि योजना का लाभ ऋणी एवं अऋणी दोनों प्रकार के किसान उठा सकते हैं। किसानों को संबंधित फसल के लिए निर्धारित बीमित राशि का 5 प्रतिशत प्रीमियम अंशदान के रूप में जमा करना होगा। योजना के तहत प्रति हेक्टेयर टमाटर के लिए 1.20 लाख रुपए, बैंगन के लिए 77 हजार रुपए, मिर्च के लिए 68 हजार रुपए, अदरक के लिए 1.50 लाख रुपए, केला के लिए 85 हजार रुपए, पपीता के लिए 87 हजार रुपए तथा अमरूद के लिए 45 हजार रुपए की बीमित राशि निर्धारित की गई है। किसान निर्धारित प्रीमियम जमा कर अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं।
बीमा आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। किसान ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा लोक सेवा केंद्रों एवं एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी ऑफ इंडिया द्वारा विकासखंड स्तर पर प्रतिनिधि नियुक्त किए गए हैं, जिनके माध्यम से किसान योजना की जानकारी प्राप्त कर बीमा करा सकते हैं।
सहायक संचालक उद्यान श्री सोनकर ने किसानों से अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते बीमा कराने की अपील करते हुए कहा कि समय पर बीमा कराने से प्राकृतिक आपदाओं एवं प्रतिकूल मौसम के कारण होने वाले फसल नुकसान की स्थिति में आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में रजत पदक विजेता गुलवीर सिंह को दी बधाई
रायपुर, 29 जुलाई 2026
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 की पुरुष 10,000 मीटर दौड़ स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाने वाले एथलीट गुलवीर सिंह को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि गुलवीर सिंह ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन, अथक परिश्रम और दृढ़ संकल्प के बल पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का मान बढ़ाया है। उनकी यह उपलब्धि देश के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीतना भारतीय एथलेटिक्स की बढ़ती ताकत और खिलाडि़यों की निरंतर मेहनत का प्रमाण है। गुलवीर सिंह का संघर्ष, अनुशासन और समर्पण देशभर के युवा खिलाडि़यों के लिए प्रेरणादायी है तथा उन्हें अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए निरंतर प्रयास करने का संदेश देता है।
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने गुलवीर सिंह को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए पुनः हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य एवं आगामी प्रतियोगिताओं के लिए अनंत शुभकामनाएं दीं।
कोतबा-बागबहार सड़क का काम प्रगति पर, अक्टूबर-2026 तक पूरा करने का लक्ष्य
करीब 40 करोड़ की लागत से हो रहा चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण
यातायात सुगम बनाए रखने गड्ढों की अस्थायी मरम्मत जारी
रायपुर, 29 जुलाई 2026

जशपुर में कोतबा-बागबहार मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण का कार्य प्रगति पर है। इसका निर्माण पूर्ण होने के बाद मार्ग की स्थिति पूरी तरह बेहतर हो जाएगी। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि 39 करोड़ 76 लाख रुपए की लागत से बागबहार-कोतबा मार्ग के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसे इस साल अक्टूबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
विभागीय अधिकारियों ने बताया कि सड़क के निर्माण का कार्य निरंतर जारी है। अब तक 10 किलोमीटर लंबाई में सब-ग्रेड स्तर तक चौड़ीकरण का कार्य पूरा किया जा चुका है। वहीं बागबहार की ओर से ग्रेन्युलर सब-बेस (जीएसबी) का कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। इसके लगभग एक किलोमीटर हिस्से में जीएसबी का कार्य पूर्ण हो चुका है। इनके साथ ही मार्ग में पड़ने वाले 7 पुलियों के निर्माण भी पूर्ण कर लिये गये हैं।
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए मौजूदा सड़क पर बने गड्ढों की अस्थायी मरम्मत एवं भराई लगातार कराई जा रही है। सड़क की स्थायी समस्या का समाधान नए मार्ग के निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद ही संभव होगा। विभाग ने कहा कि सड़क निर्माण के दौरान कुछ समय के लिए यातायात में असुविधा होना स्वाभाविक है, फिर भी लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है।
लोक निर्माण विभाग के पत्थलगांव संभाग के कार्यपालन अभियंता ने बताया कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने की पूरी कोशिश की जा रही है, ताकि क्षेत्रवासियों को शीघ्र ही बेहतर, सुरक्षित और सुगम सड़क की सुविधा मिल सके।
गुरु पूर्णिमा पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
रायपुर 29 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा के पावन पर्व गुरु पूर्णिमा के अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
उन्होंने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान सर्वाेच्च माना गया है। गुरु ही ज्ञान, संस्कार और जीवन के सही मार्ग का बोध कराते हैं। गुरु के मार्गदर्शन से ही व्यक्ति का व्यक्तित्व निखरता है और समाज तथा राष्ट्र के निर्माण में उसकी सार्थक भूमिका सुनिश्चित होती है।
श्री चौधरी ने अपने संदेश में कहा - ‘‘गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः॥‘‘
उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा का यह पावन अवसर हमें अपने गुरुजनों के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ-साथ उनके बताए आदर्शों पर चलने का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने कामना की कि गुरु पूर्णिमा का यह पावन पर्व सभी के जीवन में ज्ञान, सदाचार, सफलता और समृद्धि का प्रकाश लेकर आए।
सीएम हेल्पलाइन 1076 की शिकायत पर खाद्य विभाग की त्वरित कार्रवाई
जशपुर के लोदाम में बर्तन दुकान पर दबिश, 13 घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर अवैध रूप से भंडारित मिले
वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने पर सिलेंडर जब्त, खाद्य विभाग ने शुरू की आवश्यक कार्रवाई
रायपुर, 29 जुलाई 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का जशपुर जिले में गंभीरता एवं तत्परता के साथ निराकरण किया जा रहा है। इसी क्रम में खाद्य विभाग ने हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम लोदाम स्थित एक बर्तन दुकान में छापेमार कार्रवाई कर अवैध रूप से भंडारित घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों को जब्त किया।
खाद्य विभाग को सीएम हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत प्राप्त हुई थी कि ग्राम लोदाम के मुख्य मार्ग स्थित एक बर्तन दुकान में बिना वैध लाइसेंस के पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों का अवैध भंडारण एवं बिक्री की जा रही है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया था कि सार्वजनिक स्थान पर अनाधिकृत रूप से गैस सिलेंडरों का विक्रय किए जाने से गंभीर दुर्घटना की आशंका बनी रहती है, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
शिकायत प्राप्त होने के बाद सहायक खाद्य अधिकारी एवं खाद्य निरीक्षक, जशपुर द्वारा 28 जुलाई 2026 को संयुक्त रूप से जांच की गई। जांच के दौरान लोदाम निवासी श्री मुकेश कुमार साहू एवं उनकी पत्नी श्रीमती रूपा साहू, जो बर्तन दुकान का संचालन करते हैं, मौके पर उपस्थित मिले।
निरीक्षण के दौरान दुकान एवं आवास से घरेलू उपयोग से अधिक मात्रा में इंडेन कंपनी के 9 भरे एवं 1 खाली तथा बीपीसीएल के 3 खाली सहित कुल 13 घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर पाए गए। जांच के दौरान संबंधित द्वारा केवल तीन वैध गैस कनेक्शन प्रस्तुत किए गए, जिनमें एक उज्ज्वला योजना का कनेक्शन उनकी माता के नाम तथा दो सामान्य घरेलू गैस कनेक्शन श्री मुकेश कुमार साहू एवं उनकी पत्नी के नाम पर पाए गए। घरेलू उपयोग से अधिक मात्रा में रखे गए 13 गैस सिलेंडरों के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या अनुमति प्रस्तुत नहीं किए जाने पर खाद्य विभाग ने सभी सिलेंडरों को जब्त कर सुरक्षा की दृष्टि से लोदाम स्थित अधिकृत गैस एजेंसी के सुपुर्द कर दिया है। मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
खाद्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण, परिवहन अथवा बिक्री जैसी गतिविधियों की जानकारी मिलने पर तत्काल सीएम हेल्पलाइन 1076 अथवा संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय पर कार्रवाई कर जनसुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
संवेदनशील पहल से लौट रही जिंदगी की मुस्कान
अपराजिता महिला सहायता केंद्र बना मानसिक रूप से अस्वस्थ एवं निराश्रित महिलाओं के पुनर्वास का सशक्त मॉडल
रायपुर, 29 जुलाई 2026

समाज कल्याण विभाग, रायपुर द्वारा संचालित अपराजिता महिला सहायता केंद्र आज उन महिलाओं के लिए नई उम्मीद का केंद्र बन गया है, जो मानसिक अस्वस्थता, निराश्रयता और सामाजिक उपेक्षा जैसी कठिन परिस्थितियों से गुजर रही थीं। यह केंद्र केवल आश्रय ही नहीं, बल्कि उपचार, आत्मविश्वास और सम्मानजनक पुनर्वास का प्रभावी माध्यम बनकर सामने आया है।
जुलाई 2025 से जुलाई 2026 के बीच केंद्र ने 35 महिलाओं का सफल पुनर्वास कर उन्हें उनके परिवारों से पुनः मिलाने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। जिन महिलाओं का पारिवारिक पुनर्वास तत्काल संभव नहीं हो पाया, उन्हें नियमानुसार नारी निकेतन, रायपुर में सुरक्षित रूप से पुनर्वासित किया गया।
केंद्र में महिलाओं को सुरक्षित आवास, विशेषज्ञ चिकित्सकीय उपचार, मनोवैज्ञानिक परामर्श, योग एवं प्राणायाम, कौशल विकास प्रशिक्षण तथा आत्मनिर्भरता से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाते हैं। इन प्रयासों से महिलाएं न केवल मानसिक रूप से स्वस्थ हो रही हैं, बल्कि आत्मसम्मान के साथ समाज की मुख्यधारा में पुनः जुड़ने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
अपराजिता महिला सहायता केंद्र की कार्यप्रणाली यह दर्शाती है कि समय पर उपचार, संवेदनशील देखभाल और प्रभावी पुनर्वास किसी भी व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक और स्थायी परिवर्तन ला सकता है। यह केंद्र राज्य में महिला संरक्षण, मानसिक स्वास्थ्य देखभाल और सामाजिक पुनर्वास के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी एवं अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रहा है।
समाज कल्याण विभाग की यह पहल उन महिलाओं के जीवन में नई रोशनी लेकर आई है, जिनके लिए कभी भविष्य अनिश्चित दिखाई देता था। आज वे महिलाएं फिर से सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर जीवन की ओर कदम बढ़ा रही हैं, जो राज्य सरकार की संवेदनशील एवं मानवीय सोच का सशक्त उदाहरण है।
महतारी वंदन योजना से मिला बिसाहिन को रोजगार का साधन
प्रतिमाह की सहायता राशि से खरीदी सिलाई मशीन बना आमदनी का जरिया
रायपुर, 28 जुलाई 2026
शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सहायता देने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी प्रभावी योजना साबित हो रही है। मुंगेली जिले के ग्राम फुलवारी की निवासी श्रीमती बिसाहिन यादव ने योजना से मिलने वाली मासिक सहायता राशि का सदुपयोग कर उन्होंने अपने जीवन में आर्थिक आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत की है। श्रीमती बिसाहिन यादव ने बताया कि उन्हें महतारी वंदन योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि ने अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर दिया। उन्होंने इस राशि को बचाकर सिलाई मशीन खरीदी और घर से ही सिलाई का कार्य प्रारंभ किया।
आज वे गांव की महिलाओं और बच्चों के कपड़ों, बैग आदि की सिलाई कर नियमित आय अर्जित कर रही हैं। इससे उन्हें सम्मानजनक स्वरोजगार का साधन प्राप्त हुआ है। बिसाहिन यादव ने कहा कि महतारी वंदन योजना से आर्थिक सहायता के साथ ही आत्मनिर्भर बनने का हौसला दिया। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली सहायता राशि से खरीदी गई आमदनी का जरिया बन गई है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सम्मान को नई दिशा देने वाली पहल है। इससे हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।
मुंगेली जिले की 02 लाख 11 हजार से अधिक पात्र महिलाओं को इस योजना का लाभ मिल रहा है। प्रत्येक पात्र महिलाओं के बैंक खाते में प्रतिमाह 01 हजार रुपये की सहायता राशि सीधे अंतरित की जाती है। अब तक जिले की महिलाओं के खातों में 561.59 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि हस्तांतरित की जा चुकी है। यह राशि महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन रही है।
महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि का उपयोग जिले की हजारों महिलाएं स्वरोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और पारिवारिक जरूरतों को पूरा करने में कर रही हैं। इससे महिलाओं में आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ बचत की प्रवृत्ति भी बढ़ी है और वे परिवार के महत्वपूर्ण निर्णयों में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रही हैं। इस सहायता राशि का उपयोग महिलाएं बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, घरेलू आवश्यकताओं, छोटे स्वरोजगार और बचत जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में कर रही हैं। इससे उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।