छत्तीसगढ़ / रायपुर
झारखंड से अवैध धान परिवहन करते दो पिकअप जब्त
जिला प्रशासन ने रात में की कार्रवाई, वैध दस्तावेज नहीं मिलने पर वाहनों सहित धान पुलिस को सौंपा
रायपुर, 25 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने और दूसरे राज्यों से अवैध धान के परिवहन पर रोक लगाने के लिए प्रशासन द्वारा निगरानी बढ़ाई जा रही है। इसी क्रम में जशपुर जिले के दुलदुला तहसील क्षेत्र में झारखंड से धान ला रहे दो पिकअप वाहनों को जब्त किया गया है।
कलेक्टर श्री रोहित व्यास के निर्देशन में चलाए जा रहे जांच अभियान के तहत तहसीलदार दुलदुला श्री राहुल कौशिक और खाद्य निरीक्षक श्री संदीप गुप्ता ने 24 अक्टूबर की रात कार्रवाई की। दोनों पिकअप में झारखंड के कुरडेग से धान लोड कर छत्तीसगढ़ के नारायणपुर चराईमारा ले जाया जा रहा था। जांच के दौरान धान परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं मिले।
प्रशासनिक टीम ने दोनों पिकअप वाहनों और उनमें लदे धान को जब्त कर थाना दुलदुला के सुपुर्द कर दिया है। मामले में आवश्यक कार्रवाई और प्रकरण तैयार करने के लिए मंडी निरीक्षक को भी सूचित किया गया है।
’सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई’
दुलदुला तहसील झारखंड की सीमा से लगी है। धान खरीदी के दौरान दूसरे राज्यों से धान लाकर छत्तीसगढ़ में खपाए जाने की आशंका को देखते हुए जिला और स्थानीय प्रशासन सीमावर्ती क्षेत्रों में सघन जांच कर रहा है। प्रशासन ने अवैध परिवहन पर रोक लगाने और खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अभियान जारी रखने की बात कही है।
वीबी जीरामजी योजना से ग्राम पंचायत बघेली में जल संरक्षण एवं ग्रामीणों को रोजगार, दीपावली से पूर्व 90 श्रमिकों को मिल रहा काम
बालोद, 25 अक्टूबर 2026
वीबी जीरामजी योजना के अंतर्गत गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम पंचायत बघेली में सामुदायिक उपयोग हेतु परकोलेशन टैंक बघेली भाठा का निर्माण कार्य प्रगतिरत है। इस कार्य के माध्यम से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध हो रहा है, वहीं जल संरक्षण एवं भूजल स्तर में वृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
वर्तमान में उक्त निर्माण कार्य में 90 श्रमिक नियोजित हैं। दीपावली जैसे प्रमुख त्योहार से पूर्व ग्रामीण श्रमिकों को अपने ही गांव में रोजगार मिलने से उन्हें परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने तथा त्योहार की तैयारियों में आर्थिक सहयोग प्राप्त हो रहा है। स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से ग्रामीण परिवारों की आजीविका को सहारा मिल रहा है तथा गांव की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।
परकोलेशन टैंक निर्माण से होंगे जल संरक्षण के दूरगामी लाभ
परकोलेशन टैंक वर्षा जल को एकत्रित कर उसे धीरे-धीरे भूमि के भीतर रिसने में सहायता करता है। इससे भूजल पुनर्भरण की संभावनाएं बढ़ती हैं तथा जल स्रोतों के संरक्षण में मदद मिलती है। इस संरचना से आसपास के क्षेत्र में मिट्टी की नमी बनाए रखने तथा कुओं एवं अन्य भूजल स्रोतों को लाभ पहुंचाने में सकारात्मक योगदान मिलने की उम्मीद है। साथ ही, वर्षा जल के बेहतर प्रबंधन और जल संरक्षण के प्रति ग्रामीणों में जागरूकता बढ़ाने में भी यह कार्य उपयोगी सिद्ध होगा।
जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं तकनीकी अमले का योगदान
ग्राम पंचायत बघेली में वीबी जीरामजी योजना के अंतर्गत संचालित परकोलेशन टैंक निर्माण कार्य के सफल क्रियान्वयन में विकासखंड स्तरीय अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं मैदानी अमले का महत्वपूर्ण योगदान है। इस कार्य के संचालन में श्री नितेश साहू एवं कार्यक्रम अधिकारी श्रीमती प्रतिज्ञा चंद्राकर के मार्गदर्शन एवं सहयोग से कार्य को आगे बढ़ाया जा रहा है।
वहीं, ग्राम पंचायत सचिव श्री टिकेश्वर देशमुख, सरपंच श्री रामेश्वर तेलासी एवं उपसरपंच श्री प्रमोद कुमार यादव द्वारा पंचायत स्तर पर कार्य के संचालन में सहयोग प्रदान किया जा रहा है। रोजगार सहायक श्री नोखे राम बंजारे द्वारा श्रमिकों के नियोजन एवं रोजगार संबंधी कार्यों में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा रहा है।
निर्माण कार्य की तकनीकी देखरेख, निर्धारित तकनीकी मापदंडों के अनुरूप कार्य संपादन तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने में तकनीकी सहायक श्रीमती पद्मा पाटिल की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी संबंधित अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं मैदानी अमले के समन्वय से कार्य को व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपादित करने का प्रयास किया जा रहा है।
ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
शासन की इस महत्वपूर्ण योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ-साथ टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण किया जा रहा है। ग्राम पंचायत बघेली में परकोलेशन टैंक का निर्माण इसी उद्देश्य की पूर्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे वर्तमान में ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिल रहा है और भविष्य में क्षेत्र की जल उपलब्धता को बेहतर बनाने में सहायता मिलने की संभावना है।
इस प्रकार वीबी जीरामजी योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत बघेली में संचालित यह कार्य रोजगार, जल संरक्षण और ग्रामीण विकास के समन्वय का उदाहरण है, जो गांव को जल-सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
पंडरी कपड़ा मार्केट में लगी आग, पुलिस और अग्निशमन दल मौके पर..
रायपुर। रायपुर के पंडरी कपड़ा मार्केट की एक दुकान में भीषण आग लग गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर दमकल की गाड़ियां और पुलिस की टीम पहुंची है। एहतियातन के तौर पर आसपास के कई दुकानों को पुलिस ने बंद करवा दिया है। साथ ही लोगों से सावधानी बरतने की भी अपील की है। फिलहाल, आग बुझाने का काम जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सिटी सेंटर माॅल के पीछे स्थित होम डेकोरेशन की दुकान में आज दोपहर आग लग गई। आग दुकान के चौथे माले पर लगी। आगजनी की सूचना जैसे ही दुकान में मौजूद कर्मचारियों को हुई तो अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारी तत्काल बाहर निकले और इसकी जानकारी पुलिस व दमकल की टीम को दी। मौके पर स्थानीय पुलिस और अग्निशमन दल की गाड़ियां पहुंची है।
बता दें कि आज रविवार और दीपावली का त्योहार नजदीक होने की वजह से पंडरी की दुकानों में ग्राहकों की जबरदस्त भीड़ है। इसी बीच अचानक डेकोरेशन की दुकान के चौथे माले में अचानक धुआँ उठने लगा। देखते ही देखते आग भीषण हो गई और आसपास मौजूद ग्राहकों में हड़कंप मच गया।
घटना की सूचना मिलते ही मौके पर फायर बिग्रेड की गाड़ियां पहुंची और आग बुझाने का काम जारी है। पुलिस की टीम ने एतियातन के तौर पर आसपास की दुकानों में मौजूद ग्राहकों को बाहर निकाल कर दुकानों को बंद करवा दिया है। फिलहाल मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस व लोगों का जमावड़ा है। वहीं, फायर बिग्रेड की टीम युद्ध स्तर पर आग बुझाने में जुटी हुई है।
केबिनेट बैठक 27 अक्टूबर को
रायपुर, 25 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार 27 अक्टूबर को पूर्वान्ह 11.30 बजे से राज्य मंत्रिपरिषद (केबिनेट) की बैठक मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित होगी
वृद्धजनों के साथ मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सुनी ‘मन की बात’
प्रधानमंत्री श्री मोदी के संदेश में नारी शक्ति, जैविक खेती और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने का आह्वान
रायपुर, 25 अक्टूबर 2026

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने रायपुर की मानव बस्ती स्थित शासकीय वृद्धाश्रम में वृद्धजनों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ का 139वां संस्करण सुना। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से महिला शक्ति, स्वच्छता, स्थानीय उत्पादों और युवाओं की सकारात्मक भूमिका से जुड़े विषयों पर संवाद किया।
प्रधानमंत्री ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती में महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि धरती मां को रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से बचाने में महिलाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। खेती और आजीविका के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी उनके आर्थिक सशक्तिकरण के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती देती है।
दीपावली और त्योहारों के मौसम को देखते हुए प्रधानमंत्री ने नागरिकों से स्थानीय उत्पाद खरीदने और ‘वोकल फॉर लोकल’ को प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने त्योहारों के दौरान स्वच्छता बनाए रखने और प्रदूषण कम करने का संदेश भी दिया। कार्यक्रम में जेन-ज़ी और युवाओं की सकारात्मक भूमिका पर भी चर्चा हुई।
‘मन की बात’ को जनभागीदारी और देश की लोकशक्ति से जुड़ने का माध्यम बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए उन्हें हर परिवार के सदस्य की तरह देशवासियों से संवाद करने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम के संदेश महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और स्थानीय उद्यमों को प्रोत्साहन देने की दिशा में जनसहभागिता को प्रेरित करते हैं।
टेगौर नगर पटवा भवन में आज ‘जिन शासन के सितारे, दादा गुरुदेव हमारे’ कार्यक्रम
बालक-बालिकाएं चारों दादा गुरुदेव के जीवन प्रसंगों का करेंगे नाट्य मंचन
रायपुर। जैन समाज के चारों दादा गुरुदेव के जीवन, साधना और चमत्कारिक प्रसंगों को नाट्य रूपांतरण के जरिए जीवंत करने के लिए 25 अक्टूबर को टैगोर नगर स्थित पटवा भवन में ‘जिन शासन के सितारे, दादा गुरुदेव हमारे’ भक्तिमय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। खरतरगच्छाचार्य जिन पीयूषसागर सूरीश्वर के शिष्यरत्न मुनि संवेगरत्न सागर आदि ठाणा की पावन निश्रा में होने वाले इस आयोजन में समाज के बालक-बालिकाएं दादा गुरुदेव के जीवन प्रसंगों और आध्यात्मिक आदर्शों को मंच पर प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8.30 बजे ज्ञानवल्लभ उपाश्रय से पटवा भवन तक निकलने वाली सिद्धाचल यात्रा से होगी। इसके बाद चारों दादा गुरुदेव की जीवनी और उनकी साधना से जुड़े प्रसंगों पर आधारित लघु नाटिकाओं का मंचन किया जाएगा। आयोजन के समापन पर पटवा भवन में साधर्मिक वात्सल्य का आयोजन होगा।
चातुर्मास समिति के अध्यक्ष जसराज लुनिया और महासचिव सुरेश बरड़िया ने बताया कि विवेकानंद नगर स्थित ज्ञानवल्लभ उपाश्रय में सर्वमंगलमय वर्षावास 2026 के तहत 21 दिवसीय दादा गुरुदेव इकतीसा का जाप के समापन के उपलक्ष्य में यह आयोजन किया जा रहा है। 19 सितंबर से प्रारंभ यह धार्मिक अनुष्ठान 9 अक्टूबर को संपन्न हुआ था। ज्ञानवल्लभ उपाश्रय के ऊपरी तल में स्थापित मंगल कलश,गुरु प्रतिमा,अखंड ज्योत एवं तोरण के समक्ष प्रतिदिन श्रावकों द्वारा जाप किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को जैन धर्म की परंपराओं, तप, त्याग और गुरु भक्ति के संस्कारों से जोड़ना है। नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चे दादा गुरुदेव के जीवन आदर्शों को समझेंगे और समाज के सामने प्रस्तुत करेंगे।
शाश्वत नवपद ओली के सातवें दिन सम्यक ज्ञान पद की आराधना
सर्वमंगलमय वर्षावास के तहत जारी नव दिवसीय शाश्वत नवपद ओली के सातवें दिन सम्यक ज्ञान पद की आराधना की गई। धर्मसभा में मुनि संवेगरत्न सागर ने सम्यक् ज्ञान पद के महत्ता बताई। अराधान के साथ तप का क्रम भी जारी है। 80 साधक प्रतिदिन आयंबिल तप कर रहे हैं। 27 अक्टूबर को तप का सामूहिक पारणा रत्नप्रभुसुरीश्वर भवन में होगा।
श्री रामलला दर्शन योजना से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या में निःशुल्क दर्शन का लाभ
जशपुर जिले से अब तक 3,062 से अधिक श्रद्धालु पहुंचे अयोध्या, 27 अक्टूबर को 204 श्रद्धालु होंगे रवाना
रायपुर, 25 अक्टूबर 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा संचालित श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के निःशुल्क दर्शन का अवसर मिल रहा है। योजना के तहत जशपुर जिले के अब तक 3,062 से अधिक श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर दर्शन कर चुके हैं।
योजना के 16वें चरण के तहत आगामी 27 अक्टूबर को जशपुर जिले के विभिन्न जनपद पंचायतों और नगर पंचायतों से 204 श्रद्धालु अयोध्या दर्शन के लिए रवाना होंगे। इससे पहले विगत दिवस जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत और नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत ने बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य, जनपद सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
यात्रा का पूरा खर्च उठा रही छत्तीसगढ़ सरकार
योजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं के आने-जाने, ठहरने और भोजन की संपूर्ण व्यवस्था का खर्च छत्तीसगढ़ शासन वहन कर रहा है। इससे श्रद्धालुओं को बिना आर्थिक बोझ के अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन का अवसर मिल रहा है। दर्शन कर चुके श्रद्धालुओं ने योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।
*अंतर्राष्ट्रीय कलाकार दिवस पर बानबरद में आयोजित पंडवानी महासम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*
*पंडवानी को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने वाली पद्म विभूषण तीजन बाई की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाएगी राज्य सरकार*
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने किया आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण
बच्चों से आत्मीय संवाद कर पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
रायपुर, 25 अक्टूबर 2026

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जिला बस्तर के दरभा विकासखंड के ग्राम कोटमसर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पेदावाड़ा मांझीपाल का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा नन्हें बच्चों से आत्मीय मुलाकात कर उनसे बातचीत की।
निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और बेहतर देखभाल के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को सुरक्षित और स्नेहपूर्ण वातावरण के साथ जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि उनके समुचित पोषण और विकास को सुनिश्चित किया जा सके।
मंत्री ने केंद्र की व्यवस्थाओं को बच्चों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक देखभाल की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यहां बच्चों को बेहतर सुविधाएं और आत्मीय वातावरण मिले, इसके लिए सतत निगरानी और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाना चाहिए।
परसा गांव में बनेंगे प्राथमिक और माध्यमिक शाला के नए भवन, डीएमएफ से 33.90 लाख की राशि स्वीकृत
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी की पहल से शिक्षा सुविधाओं के विस्तार की दिशा में कदम, बच्चों को मिलेगा बेहतर शैक्षणिक वातावरण
रायगढ़, 24 अक्टूबर 2026
रायगढ़ जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में धरमजयगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत बैरागी के आश्रित ग्राम परसा में प्राथमिक और माध्यमिक शाला के नए भवन बनाए जाएंगे। जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से दोनों भवनों के निर्माण के लिए कुल 33 लाख 90 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इससे गांव के बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर और सुविधायुक्त भवन उपलब्ध हो सकेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप तथा वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी की पहल पर जिले में शिक्षा सहित बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए डीएमएफ की राशि का उपयोग किया जा रहा है। परसा में नए स्कूल भवनों का निर्माण इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्राथमिक शाला के लिए 14.30 लाख, माध्यमिक शाला के लिए 19.60 लाख स्वीकृत
परसा में नवीन प्राथमिक शाला भवन के निर्माण के लिए 14 लाख 30 हजार रुपये और नवीन माध्यमिक शाला भवन के लिए 19 लाख 60 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। दोनों कार्यों को उच्च प्राथमिकता में रखा गया है। यह स्वीकृति डीएमएफ की शासी परिषद की 11 मई 2026 को हुई बैठक के निर्णय के अनुरूप जारी की गई है। निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सौंपी गई है। डीएमएफ का उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को बढ़ावा देना और लोगों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। परसा में स्कूल भवनों का निर्माण इसी उद्देश्य के अनुरूप किया जा रहा है। नए भवन बनने से बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर स्थान मिलेगा और गांव में शिक्षा का वातावरण मजबूत होगा।
निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा पर रहेगी नजर
जिला प्रशासन ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निर्माण शुरू होने से पहले, कार्य के दौरान और पूरा होने के बाद स्थल के फोटो लेना अनिवार्य होगा। कार्यस्थल पर सूचना फलक भी लगाया जाएगा, जिसमें योजना का नाम, स्वीकृत राशि तथा निर्माण शुरू होने और पूरा होने की तिथि दर्ज रहेगी। निर्माण एजेंसी को हर महीने की 5 तारीख तक कार्य की प्रगति रिपोर्ट डीएमएफ को भेजनी होगी। साथ ही, स्वीकृत राशि के भीतर ही निर्माण कार्य पूरा करना होगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की पहल से परसा में बनेंगे नए स्कूल भवन
डीएमएफ से प्राथमिक और माध्यमिक शाला के लिए 33.90 लाख रुपये स्वीकृत, वनांचल के बच्चों को मिलेगा बेहतर शैक्षणिक वातावरण
रायपुर, 24 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश के दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा सुविधाओं के विस्तार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी दिशा में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी की पहल पर रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बैरागी के आश्रित ग्राम परसा में प्राथमिक और माध्यमिक शाला के नए भवनों का निर्माण किया जाएगा। जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से दोनों भवनों के लिए कुल 33 लाख 90 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
नए भवन बनने से गांव के बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर और सुविधायुक्त स्थान मिलेगा। यह पहल वनांचल क्षेत्रों में शिक्षा के अवसर और आधारभूत सुविधाएं मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
प्राथमिक शाला के लिए 14.30 लाख, माध्यमिक शाला के लिए 19.60 लाख स्वीकृत
नवीन प्राथमिक शाला भवन के निर्माण के लिए 14 लाख 30 हजार रुपये और नवीन माध्यमिक शाला भवन के लिए 19 लाख 60 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। दोनों कार्यों को उच्च प्राथमिकता में रखा गया है। यह स्वीकृति डीएमएफ शासी परिषद की 11 मई 2026 को हुई बैठक के निर्णय के अनुरूप जारी की गई है। निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी जनपद पंचायत धरमजयगढ़ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सौंपी गई है।
डीएमएफ के माध्यम से खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को बढ़ावा दिया जा रहा है। परसा में स्कूल भवनों का निर्माण इसी उद्देश्य के अनुरूप किया जाएगा।
निर्माण की गुणवत्ता और समय-सीमा पर रहेगी नजर
जिला प्रशासन ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निर्माण शुरू होने से पहले, कार्य के दौरान और पूरा होने के बाद स्थल के फोटो लेना अनिवार्य होगा। कार्यस्थल पर सूचना फलक लगाया जाएगा, जिसमें योजना का नाम, स्वीकृत राशि तथा निर्माण शुरू होने और पूरा होने की तिथि दर्ज रहेगी।
निर्माण एजेंसी को हर महीने की 5 तारीख तक कार्य की प्रगति रिपोर्ट डीएमएफ को भेजनी होगी। साथ ही, निर्माण कार्य स्वीकृत राशि के भीतर ही पूरा करना होगा।
मनियारी नदी और डोंगानाला पर बनेंगे पुल, 14.26 करोड़ मंजूर
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद लोक निर्माण विभाग ने जारी की प्रशासकीय स्वीकृति
तखतपुर-बरेला मार्ग पर 7.67 करोड़ और बेलगहना-कोंचरा-खोंगसरा मार्ग पर 6.59 करोड़ रुपए से होगा निर्माण
रायपुर ,24 अक्टूबर 2026
सड़क संपर्क और आवागमन की सुविधाओं को मजबूत करने लोक निर्माण विभाग ने मुंगेली और बिलासपुर जिलों में दो नए उच्च स्तरीय पुलों के लिए राशि मंजूर की है। दोनों पुलों और उनके पहुंच मार्गों के निर्माण के लिए कुल 14 करोड़ 25 लाख 97 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने दोनों कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति के आदेश जारी कर दिए हैं। इनमें मुंगेली जिले के तखतपुर-बरेला मार्ग पर मनियारी नदी में मौजूदा जलमग्नीय पुल के स्थान पर उच्च स्तरीय पुल तथा बिलासपुर जिले के बेलगहना-कोंचरा-खोंगसरा मार्ग पर डोंगानाला में उच्च स्तरीय पुल के निर्माण शामिल है। दोनों पुलों के साथ पहुंच मार्ग भी बनाए जाएंगे।
लोक निर्माण विभाग ने तखतपुर-बरेला राज्य मार्ग में मनियारी नदी पर जलमग्नीय पुल के स्थान पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 7 करोड़ 67 लाख 11 हजार रुपए मंजूर किए हैं। वर्तमान में वहां जलमग्नीय पुल होने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। नए उच्च स्तरीय पुल के निर्माण से इस मार्ग पर आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा। विशेष रूप से बारिश के मौसम में लोगों को राहत मिलेगी और सड़क संपर्क की निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी। विभाग ने बेलगहना-कोंचरा-खोंगसरा मार्ग पर डोंगानाला में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 6 करोड़ 58 लाख 86 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।
राज्य शासन ने लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता को दोनों कार्यों में गुणवत्ता और निर्धारित समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निर्माण के दौरान गुणवत्तापूर्ण सामग्री के उपयोग, कार्यों की नियमित निगरानी और तकनीकी मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। मनियारी नदी और डोंगानाला पर इन पुलों के निर्माण से मुंगेली और बिलासपुर जिलों में सड़क अधोसंरचना मजबूत होगी तथा स्थानीय लोगों को बेहतर और सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।
मारकंडी नदी से शहर तक पहुंचेगा पानी, बस्तर जलप्रदाय योजना के लिए 57.71 करोड़ मंजूर
मिशन अमृत के तहत बस्तर नगर पंचायत के लिए जल आपूर्ति की नई व्यवस्था, 65 से बढ़कर 135 लीटर प्रतिदिन होगी प्रति व्यक्ति पेयजल की उपलब्धता
जल शोधन संयंत्र, उच्च स्तरीय जलागार और नए वितरण नेटवर्क से सुनिश्चित की जाएगी शुद्ध पेयजल की आपूर्ति, जून-2028 तक पूरी होगी योजना
अमृत मिशन 2.0 से शहर की पेयजल व्यवस्था का होगा कायाकल्प - श्री अरुण साव
रायपुर, 24 अक्टूबर 2026
राज्य शासन ने बस्तर नगर पंचायत में शुद्ध और सुरक्षित पेयजल के लिए नई जलप्रदाय योजना को मंजूरी दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) ने अमृत मिशन 2.0 के अंतर्गत बस्तर की नई जलप्रदाय योजना के लिए 57 करोड़ 71 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। इस महत्वाकांक्षी योजना के पूरा होने के बाद शहर में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन पेयजल की उपलब्धता मौजूदा 65 लीटर से बढ़कर 135 लीटर हो जाएगी। यानी हर व्यक्ति को रोजाना 70 लीटर अतिरिक्त शुद्ध पेयजल मिल सकेगा।
योजना के तहत शहर में करीब 73 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी और 2700 से अधिक घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। इससे शहर में पेयजल वितरण व्यवस्था मजबूत होने के साथ ही लोगों को घरों तक पर्याप्त शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
बस्तर जलप्रदाय योजना के लिए मारकंडी नदी के चपका एनीकट में इंटेकवेल का निर्माण किया जाएगा। वहां से रॉ-वॉटर पाइपलाइन के जरिए नदी का पानी जल शोधन संयंत्र तक पहुंचाया जाएगा। संयंत्र में पानी के शुद्धिकरण के बाद इसे बस्तर शहर में पेयजल आपूर्ति के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इस तरह नदी से पानी लेने, उसका शुद्धिकरण करने और घरों तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था विकसित की जाएगी।
बस्तर की इस नई जलप्रदाय योजना से शहर की पेयजल व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। वर्तमान में वहां प्रत्येक व्यक्ति को औसतन 65 लीटर प्रतिदिन पेयजल उपलब्ध हो रहा है। नई योजना के पूर्ण होने पर यह मात्रा बढ़कर 135 लीटर प्रतिदिन हो जाएगी। इससे घरेलू जरूरतों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और नागरिकों को पर्याप्त शुद्ध पेयजल मिलेगा। योजना का काम जून-2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
योजना के अंतर्गत तीन एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र स्थापित किया जाएगा। इसके साथ ही 500 किलोलीटर क्षमता का एक उच्च स्तरीय जलागार भी बनाया जाएगा। शहर में पेयजल वितरण के लिए 73 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। जल शोधन संयंत्र, उच्च स्तरीय जलागार और नए वितरण नेटवर्क के माध्यम से शहर में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने की व्यवस्था तैयार की जाएगी। इसके पूरा होने से बस्तर शहर के नागरिकों को अधिक मात्रा में शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा और शहर की पेयजल अधोसंरचना को मजबूती मिलेगी। योजना के लिए स्वीकृत राशि में पांच वर्षों तक संचालन एवं संधारण भी शामिल है।
“बस्तर नगर पंचायत में सभी परिवारों को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अमृत मिशन 2.0 से शहर की पेयजल व्यवस्था का कायाकल्प होगा। हमारी सरकार का संकल्प है कि हर परिवार को बुनियादी सुविधाएं सुलभ हों और लोगों का जीवन अधिक सुविधाजनक बने। बस्तर की यह पहल इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।” - श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री
“बस्तर जलप्रदाय परियोजना के क्रियान्वयन में उच्च तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। निर्माण के प्रत्येक चरण की नियमित निगरानी और प्रगति की सतत समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा गया है। योजना के कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही और अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी घटकों का निर्माण निर्धारित गुणवत्ता के साथ जून-2028 की समय-सीमा में पूर्ण करने के लिए जवाबदेही तय की जाएगी।” - श्री सोनमणि बोरा, प्रमुख सचिव, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग
शेरपार-मानपुर-कोहका सड़क के अधूरे और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों तथा उखड़ी सड़क पर ठेकेदारों को नोटिस, पीडब्ल्यूडी ने 15 दिनों में मांगा जवाब’
’परफॉर्मेंस गारंटी की सड़क के खराब रखरखाव पर 6 उप अभियंताओं को भी नोटिस, 3 दिनों में प्रस्तुत करना होगा प्रतिवाद’
’राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के अधिकारियों के निरीक्षण और जांच के बाद विभाग ने की कार्रवाई’
रायपुर, 24 अक्टूबर 2026
लोक निर्माण विभाग ने शेरपार-मानपुर-कोहका सड़क के अधूरे और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों तथा उखड़ी सड़क पर दो ठेकेदारों को नोटिस जारी किया है। विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के अधिकारियों के निरीक्षण और कार्यों की जांच के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता, रखरखाव, सड़क सुरक्षा और मानकों के अनुरूप निर्माण नहीं पाए जाने पर यह कार्रवाई की है। दोनों ठेकेदारों को 15 दिनों के भीतर जवाब देने कहा गया है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय राजमार्ग की यह सड़क अभी परफॉर्मेंस गारंटी में है।
परफॉर्मेंस गारंटी की इस सड़क के निर्माण के बाद सतह पर क्षति और रखरखाव में लापरवाही पर विभाग ने राष्ट्रीय राजमार्ग उप संभाग बालोद के सभी छह उप अभियंताओं के भी विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सभी उप अभियंताओं को तीन दिनों में अपना प्रतिवाद प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की जाएगी।
हर वर्ग तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री साय
रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शनिवार को महासमुंद जिले के बसना विकासखंड अंतर्गत गढ़फुलझर में बाबा बिशासहे कुल कोलता समाज द्वारा आयोजित वार्षिक स्नेह सम्मेलन एवं बंधु मिलन कार्यक्रम में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित सर्वमंगल भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने समाज की मांग पर मंदिर परिसर में 50 लाख रुपये की लागत से भव्य डोम निर्माण की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्ष 2024 में गढ़फुलझर के विकास के लिए किए गए वादे अब धरातल पर साकार हो रहे हैं। सर्वमंगल भवन का निर्माण पूरा होने से सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। इसके साथ ही 48 लाख रुपये की लागत से मानसरोवर तालाब के सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। क्षेत्र में लगभग पौने दो किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण भी प्रगति पर है, जिस पर लगभग 3.50 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
कोलता समाज ने शिक्षा, कृषि और सामाजिक क्षेत्र में बनाई विशिष्ट पहचान
मुख्यमंत्री ने कोलता समाज के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि समाज का राज्य सरकार को सदैव स्नेह, सहयोग और आशीर्वाद मिलता रहा है। कोलता समाज मेहनतकश, शिक्षित, समृद्ध और सामाजिक मूल्यों के प्रति समर्पित समाज है। कृषि, शिक्षा, सेवा और सामाजिक क्षेत्र में समाज के लोगों ने अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि गढ़फुलझर आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने माँ रामचंडी मंदिर की धार्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र आस्था, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां गुरुद्वारे के निर्माण और लक्ष्मी-नारायण मंदिर के विकास से धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा मिलेगी।
प्रधान ने कहा कि बसना अंचल में आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का निरंतर विस्तार हो रहा है। सर्वमंगल भवन का लोकार्पण सामाजिक एकता, आपसी सहयोग और भाईचारे को और मजबूत करेगा। उन्होंने कोलता समाज को मेहनतकश, कृषि से गहराई से जुड़ा तथा राष्ट्र और समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाला समाज बताया।
महासमुंद सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने कहा कि गढ़फुलझर श्रद्धा और आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है और इसके समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कोलता समाज को उदार, मिलनसार और सभी समाजों एवं वर्गों को साथ लेकर आगे बढ़ने वाला समाज बताया।
उन्होंने सिरपुर के यूनेस्को की विश्व धरोहर की संभावित सूची में शामिल होने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। उन्होंने माँ रामचंडी मंदिर में सीढ़ियों के लिए शेड निर्माण हेतु सांसद निधि से राशि उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।
बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि वार्षिक स्नेह सम्मेलन एवं बंधु मिलन सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन है। उन्होंने कहा कि कोलता समाज ने शिक्षा, कृषि, सेवा और सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
मनियारी नदी और डोंगानाला पर बनेंगे पुल, 14.26 करोड़ स्वीकृत
रायपुर । सड़क संपर्क और आवागमन की सुविधाओं को मजबूत करने लोक निर्माण विभाग ने मुंगेली और बिलासपुर जिलों में दो नए उच्च स्तरीय पुलों के लिए राशि मंजूर की है। दोनों पुलों और उनके पहुंच मार्गों के निर्माण के लिए कुल 14 करोड़ 25 लाख 97 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने दोनों कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति के आदेश जारी कर दिए हैं। इनमें मुंगेली जिले के तखतपुर-बरेला मार्ग पर मनियारी नदी में मौजूदा जलमग्नीय पुल के स्थान पर उच्च स्तरीय पुल तथा बिलासपुर जिले के बेलगहना-कोंचरा-खोंगसरा मार्ग पर डोंगानाला में उच्च स्तरीय पुल के निर्माण शामिल है। दोनों पुलों के साथ पहुंच मार्ग भी बनाए जाएंगे।
लोक निर्माण विभाग ने तखतपुर-बरेला राज्य मार्ग में मनियारी नदी पर जलमग्नीय पुल के स्थान पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 7 करोड़ 67 लाख 11 हजार रुपए मंजूर किए हैं। वर्तमान में वहां जलमग्नीय पुल होने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। नए उच्च स्तरीय पुल के निर्माण से इस मार्ग पर आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा। विशेष रूप से बारिश के मौसम में लोगों को राहत मिलेगी और सड़क संपर्क की निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी। विभाग ने बेलगहना-कोंचरा-खोंगसरा मार्ग पर डोंगानाला में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 6 करोड़ 58 लाख 86 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।
मनियारी नदी और डोंगानाला पर बनेंगे पुल, 14.26 करोड़ स्वीकृत
रायपुर । सड़क संपर्क और आवागमन की सुविधाओं को मजबूत करने लोक निर्माण विभाग ने मुंगेली और बिलासपुर जिलों में दो नए उच्च स्तरीय पुलों के लिए राशि मंजूर की है। दोनों पुलों और उनके पहुंच मार्गों के निर्माण के लिए कुल 14 करोड़ 25 लाख 97 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने दोनों कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति के आदेश जारी कर दिए हैं। इनमें मुंगेली जिले के तखतपुर-बरेला मार्ग पर मनियारी नदी में मौजूदा जलमग्नीय पुल के स्थान पर उच्च स्तरीय पुल तथा बिलासपुर जिले के बेलगहना-कोंचरा-खोंगसरा मार्ग पर डोंगानाला में उच्च स्तरीय पुल के निर्माण शामिल है। दोनों पुलों के साथ पहुंच मार्ग भी बनाए जाएंगे।
लोक निर्माण विभाग ने तखतपुर-बरेला राज्य मार्ग में मनियारी नदी पर जलमग्नीय पुल के स्थान पर उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के निर्माण के लिए 7 करोड़ 67 लाख 11 हजार रुपए मंजूर किए हैं। वर्तमान में वहां जलमग्नीय पुल होने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। नए उच्च स्तरीय पुल के निर्माण से इस मार्ग पर आवागमन अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगा। विशेष रूप से बारिश के मौसम में लोगों को राहत मिलेगी और सड़क संपर्क की निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलेगी। विभाग ने बेलगहना-कोंचरा-खोंगसरा मार्ग पर डोंगानाला में उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग के लिए 6 करोड़ 58 लाख 86 हजार रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी है।