टेगौर नगर पटवा भवन में आज ‘जिन शासन के सितारे, दादा गुरुदेव हमारे’ कार्यक्रम
बालक-बालिकाएं चारों दादा गुरुदेव के जीवन प्रसंगों का करेंगे नाट्य मंचन
रायपुर। जैन समाज के चारों दादा गुरुदेव के जीवन, साधना और चमत्कारिक प्रसंगों को नाट्य रूपांतरण के जरिए जीवंत करने के लिए 25 अक्टूबर को टैगोर नगर स्थित पटवा भवन में ‘जिन शासन के सितारे, दादा गुरुदेव हमारे’ भक्तिमय कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। खरतरगच्छाचार्य जिन पीयूषसागर सूरीश्वर के शिष्यरत्न मुनि संवेगरत्न सागर आदि ठाणा की पावन निश्रा में होने वाले इस आयोजन में समाज के बालक-बालिकाएं दादा गुरुदेव के जीवन प्रसंगों और आध्यात्मिक आदर्शों को मंच पर प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8.30 बजे ज्ञानवल्लभ उपाश्रय से पटवा भवन तक निकलने वाली सिद्धाचल यात्रा से होगी। इसके बाद चारों दादा गुरुदेव की जीवनी और उनकी साधना से जुड़े प्रसंगों पर आधारित लघु नाटिकाओं का मंचन किया जाएगा। आयोजन के समापन पर पटवा भवन में साधर्मिक वात्सल्य का आयोजन होगा।
चातुर्मास समिति के अध्यक्ष जसराज लुनिया और महासचिव सुरेश बरड़िया ने बताया कि विवेकानंद नगर स्थित ज्ञानवल्लभ उपाश्रय में सर्वमंगलमय वर्षावास 2026 के तहत 21 दिवसीय दादा गुरुदेव इकतीसा का जाप के समापन के उपलक्ष्य में यह आयोजन किया जा रहा है। 19 सितंबर से प्रारंभ यह धार्मिक अनुष्ठान 9 अक्टूबर को संपन्न हुआ था। ज्ञानवल्लभ उपाश्रय के ऊपरी तल में स्थापित मंगल कलश,गुरु प्रतिमा,अखंड ज्योत एवं तोरण के समक्ष प्रतिदिन श्रावकों द्वारा जाप किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को जैन धर्म की परंपराओं, तप, त्याग और गुरु भक्ति के संस्कारों से जोड़ना है। नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चे दादा गुरुदेव के जीवन आदर्शों को समझेंगे और समाज के सामने प्रस्तुत करेंगे।
शाश्वत नवपद ओली के सातवें दिन सम्यक ज्ञान पद की आराधना
सर्वमंगलमय वर्षावास के तहत जारी नव दिवसीय शाश्वत नवपद ओली के सातवें दिन सम्यक ज्ञान पद की आराधना की गई। धर्मसभा में मुनि संवेगरत्न सागर ने सम्यक् ज्ञान पद के महत्ता बताई। अराधान के साथ तप का क्रम भी जारी है। 80 साधक प्रतिदिन आयंबिल तप कर रहे हैं। 27 अक्टूबर को तप का सामूहिक पारणा रत्नप्रभुसुरीश्वर भवन में होगा।