छत्तीसगढ़ / रायपुर
वीबी-जी रामजी से बना प्रदेश का पहला सोलर बालिका शौचालय, बेटियों को मिली आधुनिक सुविधाओं की सौगात
‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान के तहत ग्राम तर्रा में 7 लाख रुपए की लागत से निर्मित शौचालय में सौर ऊर्जा से प्रकाश व्यवस्था
दिव्यांग बालिकाओं के लिए विशेष शौचालय और रैंप की सुविधा
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026


विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण (वीबी-जी रामजी) के अंतर्गत संचालित ‘मेरी बेटीदृमेरा अभिमान’ अभियान के तहत रायपुर जिले के अभनपुर विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत तर्रा के शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय में प्रदेश का पहला सोलर बालिका शौचालय बनाया गया है। लगभग 7 लाख रुपए की लागत से निर्मित इस आधुनिक शौचालय में सौर ऊर्जा से प्रकाश व्यवस्था के साथ दिव्यांग बालिकाओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इससे विद्यालय की 70 छात्राओं और दो महिला शिक्षिकाओं को बड़ी राहत मिली है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रदेश की बेटियों के सम्मान के लिए वीबी-जीरामजी के अंतर्गत राज्यव्यापी ‘मेरी बेटीदृमेरा अभिमान’ अभियान प्रारम्भ किया है। इस अभियान के तहत 26 जनवरी 2027 के गणतंत्र दिवस तक पूरे राज्य के सभी ग्रामीण शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालय का अधिकार सुनिश्चित किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य बेटियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराना तथा विद्यालयों में उनकी नियमित उपस्थिति और शिक्षा को प्रोत्साहित करना है।
सौर ऊर्जा से प्रकाश व्यवस्था, दिव्यांग बालिकाओं के लिए विशेष सुविधा
ग्राम तर्रा में शौचालय निर्माण के लिए वीबी-जी रामजी योजना से 5 लाख रुपए तथा कलेक्टर श्री गौरव सिंह द्वारा गौण खनिज विकास मद से 2 लाख रुपए प्रदान किए गए हैं। भवन की छत पर सोलर पैनल स्थापित किया गया है, जिससे प्रकाश की व्यवस्था होगी। पानी की उपलब्धता के लिए नल एवं सिंटेक्स टंकी लगाई गई है। इसके साथ बालिकाओं की सुविधा के लिए सेनेटरी पैड इंसिनिरेटर भी लगाया गया है। दिव्यांग बालिकाओं की सुविधा के लिए अलग शौचालय, रैंप और सहारे के लिए रेलिंग बनाई गई है। परिसर में पेवर ब्लॉक, पौधरोपण एवं साफ-सफाई की व्यवस्था भी की गई है।
जर्जर शौचालय से मिल रही थी परेशानी, अब छात्राओं में खुशी
ग्राम तर्रा के इस विद्यालय में पूर्व में निर्मित शौचालय पूरी तरह जर्जर हो चुका था। इसके कारण छात्राओं को कई बार शौचालय के उपयोग के लिए घर जाना पड़ता था, जबकि महिला शिक्षिकाओं को पंचायत भवन की सुविधा का सहारा लेना पड़ता था। इस समस्या से छात्राओं की पढ़ाई और स्वास्थ्य भी प्रभावित हो रहे थे। विद्यालय की आवश्यकता को देखते हुए नए शौचालय का निर्माण स्वीकृत किया गया, जिसे स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों, शिक्षकों और ग्रामीणों के सहयोग से पूर्ण किया गया।
नया शौचालय बनने से छात्राओं में खुशी है। उन्होंने बताया कि पहले शौचालय के अभाव में काफी परेशानी होती थी और कई बार विद्यालय आने का मन भी नहीं करता था। अब स्वच्छ एवं सुविधाजनक शौचालय उपलब्ध होने से वे बिना किसी बाधा के अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगी। महिला शिक्षिकाओं ने भी इस सुविधा के लिए प्रसन्नता व्यक्त की है।
अभनपुर जनपद में 94 बालिका शौचालयों के निर्माण की तैयारी
जनपद पंचायत अभनपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीं दयानंद देवांगन ने बताया कि ‘मेरी बेटीदृमेरा अभिमान’ अभियान के अंतर्गत जनपद क्षेत्र में 94 बालिका शौचालयों के निर्माण के लिए स्थान चिन्हित किए गए हैं। ग्राम तर्रा में निर्मित बालिका शौचालय की तरह अन्य चिन्हित स्थानों पर भी सुविधाजनक शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। इस शौंचालय को एयरपोर्ट के जैसे बनाया गया है। जिस प्रकार से एयरपोर्ट के शौंचालयों में सभी सुविधाएं दी जाती है, उसी तर्ज पर कलेक्टर श्री गौरव सिंह के मार्गदर्शन में सभी सुविधाओं के साथ बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखने हेतु सेनेटरी पैड इंसिनिरेटर भी लगाया जा रहा है।
ग्राम तर्रा की यह पहल ग्रामीण विद्यालयों में स्वच्छता, नवीकरणीय ऊर्जा और दिव्यांग अनुकूल अधोसंरचना के समन्वय का उदाहरण है। ‘मेरी बेटीदृमेरा अभिमान’ अभियान के माध्यम से बेटियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
सेवा संकल्प अभियान: सेवा की कहानी : पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में नेत्र प्रभा जोशी को मिली 81,648 रुपये की आर्थिक राहत
पंजीयन शुल्क 0.8 प्रतिशत से घटकर हुआ मात्र 500 रुपये, पारिवारिक संपत्ति का हस्तांतरण हुआ किफायती
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन सेवाओं में सुधार से नागरिकों को मिल रही सहूलियत
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026/
छत्तीसगढ़ में पारिवारिक संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों के पंजीयन को सरल और किफायती बनाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए गए सुधारों से नागरिकों को बड़ी आर्थिक राहत मिल रही है। बस्तर जिले के जगदलपुर निवासी श्रीमती नेत्र प्रभा जोशी के लिए पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में शुल्क संबंधी रियायत महत्वपूर्ण सहारा बनी। संयुक्त परिवार के सदस्यों के बीच हकत्यागनामा के पंजीयन शुल्क को संपत्ति के बाजार मूल्य के 0.8 प्रतिशत से घटाकर मात्र 500 रुपये किए जाने से उन्हें 81 हजार 648 रुपये की प्रत्यक्ष आर्थिक बचत हुई। इस राहत से पारिवारिक संपत्ति से संबंधित दस्तावेज का पंजीयन कम खर्च में पूरा हुआ और परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम हुआ।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व एवं वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की पहल और मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं। इन सुधारों में पंजीयन प्रक्रिया का सरलीकरण, शुल्क में रियायत, डिजिटल सेवाओं का विस्तार और स्मार्ट पंजीयन कार्यालयों का विकास प्रमुख हैं। इन व्यवस्थाओं का लाभ आम नागरिकों तक किस प्रकार पहुंच रहा है, यह जानने के लिए विभाग द्वारा सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत हितग्राहियों से सीधे संवाद कर उनके अनुभव और सुझाव संकलित किए जा रहे हैं।
’81 हजार रुपये से अधिक की बचत ने दी परिवार को बड़ी राहत’
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत अपना अनुभव साझा करते हुए श्रीमती नेत्र प्रभा जोशी ने बताया कि पारिवारिक हकत्याग से संबंधित रिलीज डीड का पंजीयन कराने के दौरान उन्हें शासन द्वारा निर्धारित रियायती पंजीयन शुल्क का लाभ मिला। इस व्यवस्था के कारण उनके 81,648 रुपये बच गए। संपत्ति संबंधी दस्तावेज के पंजीयन में इतनी बड़ी राशि की बचत उनके परिवार के लिए महत्वपूर्ण आर्थिक राहत साबित हुई।
श्रीमती जोशी ने बताया कि पंजीयन शुल्क में कमी आने से पारिवारिक संपत्ति से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों का पंजीयन कराना पहले की तुलना में अधिक किफायती हुआ है। इससे परिवार को अतिरिक्त आर्थिक व्यय से राहत मिली है। उन्होंने इस सुविधा को आम नागरिकों के लिए उपयोगी बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया।
’पारिवारिक हकत्याग पर अब मात्र 500 रुपये पंजीयन शुल्क’
राज्य शासन द्वारा संयुक्त परिवार के सदस्यों के बीच पारिवारिक हकत्यागनामा के पंजीयन शुल्क में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। पहले ऐसे दस्तावेजों के पंजीयन पर संपत्ति के बाजार मूल्य का 0.8 प्रतिशत शुल्क निर्धारित था, जिसे घटाकर अब मात्र 500 रुपये कर दिया गया है। इस निर्णय से पात्र परिवारों को संपत्ति संबंधी अधिकारों के व्यवस्थापन और हकत्याग के दस्तावेजों का पंजीयन कराने में आर्थिक सहूलियत मिल रही है।
विशेष रूप से उन परिवारों के लिए यह व्यवस्था उपयोगी साबित हो रही है, जिन्हें पारिवारिक संपत्ति के हकत्याग से संबंधित दस्तावेजों के पंजीयन में पहले अधिक राशि खर्च करनी पड़ती थी। जगदलपुर की श्रीमती नेत्र प्रभा जोशी को मिली 81,648 रुपये की राहत इसका उदाहरण है। पंजीयन शुल्क में कमी से बची राशि परिवार की अन्य आवश्यकताओं के लिए उपयोग की जा सकती है।
’डिजिटल सुविधाओं से सरल और पारदर्शी बन रही पंजीयन प्रक्रिया’
वित्त एवं पंजीयन मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में पंजीयन विभाग द्वारा तकनीक आधारित सेवाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, डिजिटल दस्तावेज, ऑनलाइन भुगतान और ऑटो म्यूटेशन जैसी व्यवस्थाओं से नागरिकों के लिए संपत्ति पंजीयन की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक बनाई जा रही है। इन सुधारों का उद्देश्य नागरिकों के समय और धन की बचत के साथ पंजीयन कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाना है।
’प्रदेश में विकसित हो रहे सर्वसुविधायुक्त स्मार्ट पंजीयन कार्यालय’
राज्य में नागरिकों को बेहतर वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्मार्ट पंजीयन कार्यालय विकसित किए जा रहे हैं। इन कार्यालयों में वातानुकूलित प्रतीक्षालय, डिजिटल टोकन प्रणाली, हेल्प डेस्क, ऑनलाइन अपॉइंटमेंट, निःशुल्क वाई-फाई और स्वच्छ शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रथम चरण में सीबीडी नवा रायपुर, बेबीलोन टावर, श्रीराम बिजनेस पार्क सड्डू, अभनपुर, तिल्दा, रायगढ़, बिलासपुर, दुर्ग और कुनकुरी स्थित पंजीयन कार्यालयों को आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जा चुका है। इन कार्यालयों में नागरिकों को सुविधाजनक वातावरण में पंजीयन कार्य पूरा करने और आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त करने की व्यवस्था की गई है।
’सेवा संकल्प अभियान से सामने आ रही बदलाव की कहानियां’
पंजीयन विभाग का 'सेवा संकल्प अभियान' नागरिकों के अनुभवों और सुझावों को जानने का माध्यम बन रहा है। अभियान के तहत हितग्राहियों से संवाद कर पंजीयन सेवाओं में हुए सुधारों के वास्तविक लाभ की जानकारी प्राप्त की जा रही है। जगदलपुर की श्रीमती नेत्र प्रभा जोशी की कहानी दर्शाती है कि पंजीयन शुल्क में किए गए सुधार किस प्रकार परिवारों को प्रत्यक्ष आर्थिक राहत प्रदान कर रहे हैं। पारिवारिक हकत्याग की रजिस्ट्री में 81,648 रुपये की बचत उनके लिए केवल शुल्क में रियायत नहीं, बल्कि परिवार की आर्थिक जरूरतों के लिए उपलब्ध हुई एक महत्वपूर्ण राशि भी है।
पूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने किया सादर नमन
वैज्ञानिक उपलब्धियों, सादगी और राष्ट्रसेवा के आदर्शों से देश की युवा पीढ़ी को नई दिशा देने वाले महान व्यक्तित्व थे डॉ. कलाम- मंत्री श्री चौधरी
भारत को विज्ञान, तकनीक और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने में डॉ. कलाम का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने देश के पूर्व राष्ट्रपति, भारत रत्न से सम्मानित महान वैज्ञानिक और श्मिसाइल मैनश् के नाम से विख्यात डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती पर उन्हें सादर नमन किया। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, वैज्ञानिक नवाचार, सादगी, अनुशासन और उच्च नैतिक मूल्यों का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने अपनी असाधारण प्रतिभा, कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से भारत को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि डॉ. कलाम ने भारत के अंतरिक्ष एवं रक्षा अनुसंधान कार्यक्रमों को सशक्त बनाने में ऐतिहासिक योगदान दिया। स्वदेशी मिसाइल तकनीक के विकास और देश की सामरिक क्षमताओं को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। वैज्ञानिक के रूप में उनकी उपलब्धियों ने भारत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई। देश के सर्वाेच्च संवैधानिक पद पर रहते हुए भी उनकी सादगी, विनम्रता और जनसामान्य से आत्मीय जुड़ाव ने उन्हें जन-जन का प्रिय राष्ट्रपति बनाया।
उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का दृढ़ विश्वास था कि किसी भी राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य उसकी युवा शक्ति, शिक्षा, विज्ञान और नवाचार पर निर्भर करता है। उन्होंने जीवनभर विद्यार्थियों और युवाओं को बड़े सपने देखने, निरंतर परिश्रम करने और अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उनका जीवन इस बात का प्रमाण है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति, लगन और समर्पण से असाधारण उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का संकल्प डॉ. कलाम के विचारों और सपनों से गहराई से जुड़ा हुआ है। विज्ञान, तकनीक, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं सशक्त भारत का निर्माण ही उनके प्रति सच्चा सम्मान होगा। उनके विचार आज भी देश के करोड़ों युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने की प्रेरणा देते हैं।
श्री चौधरी ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि उनकी वैज्ञानिक उपलब्धियां, प्रेरणादायी विचार और राष्ट्र के प्रति समर्पण सदैव हमारी अमूल्य धरोहर रहेंगे। आने वाली पीढ़ियां उनके जीवन से प्रेरणा लेकर ज्ञान, कौशल, नवाचार और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करती रहेंगी।
सेवा की कहानी : स्वनिधि योजना से संवर रहा सीमा का कारोबार
50 हजार रुपए के ऋण से मिली आर्थिक मदद, नियमित किश्त चुकाकर बढ़ रहीं आत्मनिर्भरता की राह पर
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026
छोटे कारोबारियों के लिए पूंजी की उपलब्धता व्यवसाय को सुचारू रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण होती है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ऐसे ही कारोबारियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर स्वरोजगार को प्रोत्साहित कर रही है। कवर्धा के वार्ड - 04 सर्किट हाउस के पास निवासी श्रीमती सीमा देवांगन के लिए यह योजना आर्थिक सहारा का आधार बनी है। योजना के तहत ऋण मिलने से उन्हें अपने कपड़ा व्यवसाय को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिली है।
’ऋण सहायता से व्यवसाय को मिली मजबूती’
श्रीमती सीमा कपड़ा व्यवसाय से जुड़ी हैं। सीमित आर्थिक संसाधनों और पर्याप्त पूंजी के अभाव में उन्हें कारोबार के संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे समय में प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की कवर्धा शाखा से उन्हें 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इससे उन्हें व्यवसाय की जरूरतों को पूरा करने और कारोबार को आगे बढ़ाने का अवसर मिला। ऋण सहायता का लाभ लेकर श्रीमती देवांगन अपने कपड़ा व्यवसाय के माध्यम से आजीविका चला रही हैं। वे प्रतिमाह 1,600 रुपये की किश्त जमा कर ऋण का भुगतान कर रही हैं। योजना से मिली सहायता उनके स्वरोजगार को मजबूती देने में सहायक बनी है।
’नगर पालिका के सहयोग से मिल रहा योजना का लाभ’
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत नगर पालिका परिषद कवर्धा द्वारा पात्र हितग्राहियों को योजना की जानकारी देने, आवेदन प्रक्रिया समझाने, आवश्यक दस्तावेजों और बैंक संबंधी औपचारिकताओं में मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है। इससे पथ विक्रेताओं, रेहड़ी-ठेला संचालकों और अन्य पात्र छोटे कारोबारियों को ऋण प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
सेवा संकल्प अभियान से योजनाओं का लाभ
नगर पालिका परिषद कवर्धा द्वारा पात्र हितग्राहियों को प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की जानकारी देने, आवेदन और बैंक संबंधी प्रक्रिया में मार्गदर्शन दिया जाता है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से भी शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। योजना छोटे कारोबारियों को आर्थिक सहायता देकर अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर प्रदान कर रही है। हितग्राही श्रीमती सीमा ने अपने जीवन का कायाकल्प करने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
सेवा संकल्प अभियान: सेवा की कहानी’ : ’सरकारी सेवाओं की राह हुई आसान, सेवा सेतु से नंद किशोर की बेटी को सिर्फ 4 दिनों में मिले तीन प्रमाण पत्र’
’आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र की डिजिटल प्रतियां सीधे मोबाइल पर हुईं उपलब्ध, हार्ड कॉपी भी मिली’
’समयबद्ध और पारदर्शी सेवाओं से नागरिकों को मिल रही राहत, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार’
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में शासकीय सेवाओं को सरल, सुगम और समयबद्ध बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का लाभ आम नागरिकों तक पहुंच रहा है। सेवा सेतु केन्द्रों के माध्यम से अब जरूरी प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो रही है। जांजगीर-चांपा जिले के सारागांव तहसील अंतर्गत ग्राम सरवानी निवासी श्री नंद किशोर का अनुभव इसका उदाहरण है। उन्होंने अपनी पुत्री के आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सेवा सेतु केन्द्र में आवेदन किया और मात्र चार दिनों के भीतर तीनों प्रमाण पत्र प्राप्त हो गए। प्रमाण पत्रों की डिजिटल प्रतियां सीधे उनके मोबाइल पर उपलब्ध होने के साथ ही हार्ड कॉपी भी प्रदान की गई।
’चार दिनों में पूरे हुए तीन काम, मोबाइल पर मिले प्रमाण पत्र’
श्री नंद किशोर अपनी पुत्री के लिए आवश्यक आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने तहसील कार्यालय स्थित सेवा सेतु केन्द्र में आवेदन किया। केन्द्र में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन स्वीकार कर आवश्यक कार्रवाई की गई। आवेदन करने के महज चार दिनों के भीतर तीनों प्रमाण पत्र तैयार हो गए और उनकी पीडीएफ प्रतियां नंद किशोर के मोबाइल पर प्राप्त हो गईं। इसके साथ ही उन्हें प्रमाण पत्रों की हार्ड कॉपी भी उपलब्ध करा दी गई।
श्री नंद किशोर के लिए यह सुविधा राहत देने वाली साबित हुई। एक ही केन्द्र के माध्यम से तीनों आवश्यक दस्तावेज समय पर प्राप्त होने से उन्हें अलग-अलग प्रक्रियाओं की परेशानी नहीं उठानी पड़ी। डिजिटल माध्यम से प्रमाण पत्र उपलब्ध होने के कारण दस्तावेज प्राप्त करने की प्रक्रिया भी सुविधाजनक रही।
’न कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर, न लंबा इंतजार’
सेवा सेतु केन्द्र से समय पर प्रमाण पत्र मिलने पर श्री नंद किशोर ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि सेवा सेतु के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज आसानी से और निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध हो रहे हैं। इससे आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं का लाभ लेने में सुविधा मिल रही है। विशेष रूप से मोबाइल पर प्रमाण पत्रों की डिजिटल प्रतियां उपलब्ध होना नागरिकों के लिए उपयोगी व्यवस्था है।
श्री नंद किशोर ने इस जनहितकारी पहल के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु केन्द्र से उनकी पुत्री के तीनों प्रमाण पत्र केवल चार दिनों में मिल गए, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है।
’डिजिटल सेवाओं से नागरिकों के समय की बचत, बढ़ रही सुविधा’
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सेवा सेतु केन्द्रों के माध्यम से नागरिकों को आवश्यक शासकीय सेवाएं सरल और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। डिजिटल तकनीक के उपयोग से प्रमाण पत्रों की आवेदन प्रक्रिया और दस्तावेजों की उपलब्धता अधिक सुविधाजनक बन रही है।
श्री नंद किशोर की यह कहानी दर्शाती है कि तकनीक आधारित नागरिक सेवाएं सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मात्र चार दिनों में आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र उपलब्ध होना सेवा सेतु केन्द्रों के माध्यम से नागरिकों को मिल रही समयबद्ध सेवाओं का उदाहरण है।
सेवा संकल्प अभियान : सपनों को मिली छत, जीवन में आई खुशियों की नई सुबह
रायपुर. 15 अक्टूबर 2026
हर परिवार का सपना होता है कि उसका अपना एक सुरक्षित और पक्का घर हो, जहां वह सुकून और सम्मान के साथ जीवन बिता सके। लेकिन आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई परिवारों के लिए अपना घर बनाना आसान नहीं होता। ऐसे में शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के सपनों को साकार करने और उनके जीवन में नई उम्मीद जगाने का माध्यम बन रही हैं।
ऐसी ही एक प्रेरक कहानी कोरबा शहर के जमनीपाली निवासी श्रीमती रमतला पटेल की है। आर्थिक कठिनाइयों के बीच उनके लिए पक्के घर का सपना पूरा करना चुनौतीपूर्ण था। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के माध्यम से उन्होंने अपने इस सपने को साकार किया।
कोरबा नगर निगम के दर्री जोन के अंतर्गत आयोजित सेवा सेतु शिविर में श्रीमती रमतला पटेल को उनके नए आवास की चाबी मिली। उनके लिए यह पल बेहद खास था। अपने नए घर में वे सुरक्षित छत के साथ सुकून और सम्मान से जीवन बिताएंगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंद परिवारों को पक्के आवास की सुविधा उपलब्ध कराकर उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। वहीं, सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित सेवा सेतु शिविर शासन की योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाने और उनके जीवन में खुशियों की नई शुरुआत सुनिश्चित करने का माध्यम बन रहे हैं।
सेवा संकल्प की कहानी : घने जंगलों के बीच दंतेवाड़ा-सुकमा सीमा पर बसे 228 घरों तक पहुंचा नल से जल
एडपाल और डोडपाल बने ‘हर घर जल ग्राम’, परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी हुई आसान
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026
दंतेवाड़ा और सुकमा जिले की सीमा पर घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच बसे एडपाल और डोडपाल गांवों के 228 परिवारों को अब घर पर ही नल से पेयजल मिल रहा है। जल जीवन मिशन से इन दूरस्थ गांवों में वर्षों से चली आ रही पानी की समस्या दूर हुई है। पहले ग्रामीणों को पेयजल के लिए हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता था। अब घर-घर नल कनेक्शन मिलने से विशेष रूप से महिलाओं की दिनचर्या आसान हुई है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और ग्रामीण जीवन में आए बदलाव की यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
एडपाल के 137 और आश्रित ग्राम डोडपाल के 91 घरों में नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध
दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दूर कटेकल्याण विकासखंड की ग्राम पंचायत एडपाल के 137 और उसके आश्रित ग्राम डोडपाल के 91 घरों में जल जीवन मिशन के तहत नल से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। दोनों गांवों को ‘हर घर जल ग्राम’ का दर्जा भी मिल चुका है।
पानी लाने की मशक्कत से मिली मुक्ति
घर तक पानी पहुंचने का सबसे अधिक लाभ महिलाओं को मिला है। पहले गर्मी और बरसात के दिनों में भी उन्हें पानी के लिए घर से दूर जाना पड़ता था। इसमें सुबह का काफी समय बीत जाता था। अब पानी लाने की मशक्कत से राहत मिलने के साथ घरेलू कामकाज, बच्चों की देखभाल और आजीविका संबंधी गतिविधियों के लिए अधिक समय मिल रहा है।
पानी की चिंता हुई दूर
एडपाल की वार्ड पंच बुदरी मंडावी और ग्रामीण महिला जोगी मरकाम बताती हैं कि घर में नल लगने से पानी की चिंता दूर हुई है। महिलाएं अब सब्जी बाड़ी, वनोपज संग्रहण और खेती-किसानी के कामों में अधिक समय दे पा रही हैं। बच्चों को भी पानी लाने में समय लगाने के बजाय पढ़ाई के लिए पर्याप्त समय मिल रहा है।
पानी की शुद्धता भी जांच रही गांव की महिलाएं
इन गांवों में पेयजल की गुणवत्ता बनाए रखने की जिम्मेदारी भी महिलाओं ने संभाली है। इसके लिए गठित ‘जल वाहिनी’ समूह की प्रशिक्षित महिलाएं फील्ड टेस्ट किट से पानी की नियमित जांच कर रही हैं। इससे ग्रामीणों में स्वच्छ पेयजल के प्रति जागरूकता बढ़ने के साथ जलजनित बीमारियों से बचाव के प्रयासों को भी बल मिल रहा है।
पूरे परिवार की रोजमर्रा जिंदगी हुई आसान
डोडपाल में आयोजित ‘ग्राम जल उत्सव’ में ग्रामीणों ने घर-घर पेयजल सुविधा मिलने पर खुशी जताई। जल जीवन मिशन से दूरस्थ वनांचल के गांवों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचने से महिलाओं और बच्चों सहित पूरे परिवार की रोजमर्रा की जिंदगी आसान हो रही है।
निःशुल्क जांच और सोनोग्राफी से मिली आर्थिक राहत, सुरक्षित मातृत्व का मिला संबल
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम से श्रीमती सरिता पटेल को मिला लाभ, मां और नवजात शिशु दोनों स्वस्थ
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026
स्वास्थ्य सेवाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक राहत के साथ सुरक्षित मातृत्व का मजबूत आधार बन रही हैं। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत ग्राम कबीरधाम जिले की मडमड़ा, विकासखंड बोड़ला निवासी श्रीमती सरिता पटेल को गर्भावस्था के दौरान निःशुल्क स्वास्थ्य जांच एवं सोनोग्राफी की सुविधा मिली। इससे उन्हें निजी अस्पताल में जांच कराने पर होने वाले खर्च से राहत मिली और गर्भावस्था के दौरान आवश्यक स्वास्थ्य देखभाल एवं परामर्श प्राप्त हुआ। आज श्रीमती सरिता पटेल और उनका नवजात शिशु दोनों स्वस्थ हैं।
स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के मार्गदर्शन से मिली राहत
ग्राम मडमड़ा निवासी श्रीमती सरिता पटेल को गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच और सोनोग्राफी की आवश्यकता थी। निजी अस्पताल में जांच कराने पर होने वाला खर्च परिवार के लिए चिंता का कारण बन रहा था। ऐसे में गर्भावस्था के दौरान जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण हो रहा था। इसी दौरान गांव में पदस्थ स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने उन्हें शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी दी। उनके मार्गदर्शन से श्रीमती पटेल ने जिला अस्पताल में गर्भावस्था संबंधी आवश्यक जांच एवं निःशुल्क सोनोग्राफी कराई। इससे उन्हें समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलीं और निजी अस्पताल में जांच कराने पर होने वाले खर्च से आर्थिक राहत मिली।
निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं से सुरक्षित मातृत्व को मिला संबल
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत मिली सुविधाओं से श्रीमती पटेल को गर्भावस्था के दौरान आवश्यक जांच, स्वास्थ्य परामर्श और सुरक्षित प्रसव के लिए मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इससे परिवार की आर्थिक बचत हुई और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की देखभाल सुनिश्चित करने में मदद मिली। श्रीमती सरिता पटेल ने बताया कि निजी अस्पताल में जांच कराने पर उन्हें काफी पैसे खर्च करने पड़ते थे। गांव के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से जानकारी मिलने के बाद उन्होंने जिला अस्पताल में निःशुल्क जांच एवं सोनोग्राफी की सुविधा का लाभ लिया। इससे उनके परिवार के पैसों की बचत हुई और गर्भावस्था के दौरान जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं भी मिलीं। उन्होंने इस सुविधा के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने पूरे किए सपने : मेहनत और हौसले से मजबूत हुआ परिवार का भविष्य
रायपुर. 15 अक्टूबर 2026

कोरबा के श्री सत्यनारायण बरेठ ने लगभग 14 वर्षों तक एक होटल में कार्य करते हुए अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभाईं। वर्षों तक दूसरे के लिए काम करने के दौरान उनके मन में हमेशा यह इच्छा थी कि एक दिन वे अपना छोटा-सा व्यवसाय शुरू करें और अपने पैरों पर खड़े होकर परिवार के भविष्य को बेहतर बना सकें। कोविड-19 महामारी के दौरान आए लॉक-डाउन ने उनके जीवन को भी प्रभावित किया, लेकिन कठिन परिस्थितियों के बीच उन्होंने अपने सपने को छोड़ने के बजाय उसे नई दिशा देने का संकल्प लिया।
इसी संकल्प के साथ श्री सत्यनारायण बरेठ ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत दस हजार रुपए के ऋण के लिए आवेदन किया। ऋण मिलने के बाद उन्होंने फास्ट-फूड का छोटा-सा व्यवसाय शुरू किया। शुरुआत भले ही छोटी थी, लेकिन उनके भीतर आत्मविश्वास और मेहनत की कमी नहीं थी। उन्होंने लगन और निरंतर प्रयास से अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाना शुरू किया।
समय के साथ उनके प्रयास रंग लाने लगे। उन्होंने पहला ऋण समय पर चुका दिया, जिसके बाद उन्हें योजना के अंतर्गत 20 हजार रुपए का अगला ऋण प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहयोग से उन्होंने अपने व्यवसाय को और विस्तार दिया। कारोबार बढ़ने के साथ उनकी आमदनी में भी सुधार आया और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में उन्हें पहले की अपेक्षा अधिक सहूलियत होने लगी।
श्री बरेठ के लिए यह केवल व्यवसाय बढ़ने की कहानी नहीं है, बल्कि अपने सपने को हकीकत में बदलने और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने की कहानी है। अपनी मेहनत से अर्जित आय के माध्यम से वे अपने बच्चों की परवरिश और परिवार की जिम्मेदारियां बेहतर ढंग से निभा पा रहे हैं। नियमित रूप से ऋण चुकाने की उनकी आदत और व्यवसाय के प्रति समर्पण ने उन्हें आगे बढ़ने का विश्वास दिया।
निरंतर प्रगति और समय पर ऋण का भुगतान करने के परिणामस्वरूप वर्तमान में उन्हें प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत 50 हजार रुपए का ऋण भी स्वीकृत किया गया है। अब उनके सामने अपने व्यवसाय को और बेहतर बनाने तथा आय के नए अवसर तैयार करने की नई संभावनाएं हैं।
श्री सत्यनारायण बरेठ प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना से मिले आर्थिक सहयोग को अपने जीवन में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण आधार मानते हैं। वे इस सहयोग के लिए भारत सरकार और भारतीय स्टेट बैंक के प्रति आभार व्यक्त करते हैं।
प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना ने श्री सत्यनारायण बरेठ के छोटे से प्रयास को आत्मनिर्भरता की राह में एक मजबूत कदम बनाया है। उनकी कहानी यह बताती है कि जब मेहनत को अवसर का साथ मिलता है, तो कठिन परिस्थितियों में भी उम्मीद की नई राह बनती है। आज श्री बरेठ अपने व्यवसाय के साथ आगे बढ़ते हुए न केवल स्वयं को आर्थिक रूप से मजबूत कर रहे हैं, बल्कि अपने परिवार के बेहतर भविष्य की नींव भी मजबूत कर रहे हैं।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की समीक्षा बैठक संपन्न
आवास जल्द पूरा करने वाले हितग्राहियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026
मंत्रालय महानदी भवन में आज मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अंतर्गत राज्य शहरी विकास अभिकरण द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 और 1.0 के क्रियान्वयन एवं प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के स्वीकृत आवासों का निर्माण कार्य शीघ्रता से पूरा किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि जो हितग्राही अपने आवास का निर्माण कार्य जल्द पूरा कर रहे हैं, उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित किया जाए।
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0: बैठक में लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC) घटक के तहत चल रही आवास निर्माण परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही, भागीदारी में किफायती आवास (AHP) घटक के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं के निर्माण स्थल में परिवर्तन के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना 1.0
इस योजना के तहत लाभार्थी आधारित आवास निर्माण घटक के अंतर्गत पूर्व स्वीकृत परियोजनाओं की कटौती के बाद संशोधित परियोजनाओं की स्वीकृति के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। नगरीय प्रशासन विभाग के विभिन्न अन्य प्रस्तावों को भी बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई।
नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत कुल 2,43,087 मकान स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 2 लाख 25, हजार 411 आवास पूरी तरह से पूर्ण हो चुके हैं। 17 हजार 368 आवासों का निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। वहीं, बीएलसी घटक के अंतर्गत स्वीकृत 2 लाख 6 हजार 118 मकानों में से 1 लाख 96 हजार 144 मकान पूर्ण हो चुके हैं और 9 हजार 666 आवासों का निर्माण विभिन्न चरणों में जारी है।
बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (राज्य शहरी विकास अभिकरण) श्री सुमित अग्रवाल सहित ऊर्जा, वित्त, आवास एवं पर्यावरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगर तथा ग्राम निवेश, हाउसिंग बोर्ड, हुडको और राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
सेवा की कहानी : मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर एक कॉल से दूर हुआ गांव का अंधेरा
सुकमा के पुसपाल-चितलनार मार्ग पर सात दिनों में लगीं स्ट्रीट लाइटें, ग्रामीणों को मिली राहत
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026
सुकमा जिले के कोकावाड़ा (जांगड़पाल) गांव के लोगों को वर्षों से अंधेरे में आवाजाही की परेशानी से महज एक फोन कॉल ग्रामवासियों के लिए राहत की सौगात लेकर आया है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर समस्या दर्ज कराने के बाद तत्काल मामले को संज्ञान में लाकर कार्यवाही प्रारंभ की गयी और सात दिनों के भीतर पुसपाल-चितलनार मार्ग पर स्ट्रीट लाइटें लगा दी गईं। इससे करीब 450 की आबादी वाले इस गांव के लोगों की रात में आवाजाही आसान हो गई है।
छिंदगढ़ विकासखंड के पुसपाल-चितलनार मार्ग पर स्ट्रीट लाइट नहीं होने से ग्रामीणों को रात में टॉर्च और वाहनों की हेडलाइट के सहारे आना-जाना पड़ता था। घने जंगलों से घिरे इस रास्ते पर सांप-बिच्छुओं का डर बना रहता था। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और आपात स्थिति में मरीजों को लाने-ले जाने में परेशानी होती थी।
गांव के युवा श्री रितेश यादव ने इस समस्या के समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर अपनी यह समस्या दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही जिला प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की। कलेक्टर श्री अमित कुमार की निगरानी में सात दिनों के भीतर मार्ग पर स्ट्रीट लाइटें लगा दी गईं। अब सड़क पर रोशनी होने से ग्रामीणों को रात में आने-जाने में राहत मिली है।
राज्यपाल श्री डेका से छत्तीसगढ़ रेड क्रॉस समिति के अध्यक्ष ने की सौजन्य भेंट
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोक भवन में छत्तीसगढ़ रेड क्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष श्री तोमन साहू ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान उन्होंने राज्य के 13 जिलों में जिला रेड क्रॉस समितियों की समीक्षा बैठक आयोजित किए जाने की जानकारी दी और इसका प्रतिवेदन राज्यपाल को सौंपा।
श्री साहू ने राज्यपाल को जिलों में रेड क्रॉस की गतिविधियों और संचालित कार्यक्रमों के बारे में भी अवगत कराया। साथ ही, उन्होंने छत्तीसगढ़ रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राज्यपाल को आमंत्रित किया।
राज्यपाल श्री डेका ने शेष जिलों में भी जिला रेड क्रॉस समितियों की समीक्षा बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने रेड क्रॉस की गतिविधियों का विस्तार करने पर जोर दिया, ताकि जरूरतमंद लोगों तक सेवाओं का लाभ पहुंचाया जा सके। इस अवसर पर रेड क्रॉस सोसाइटी के सदस्य श्री युगल सिन्हा उपस्थित थे।
कोंडागांव के ढोकरा शिल्पकार बानूराम बैद का शिल्प गुरु अवार्ड 2025 के लिए चयन
देशभर से चयनित छह शिल्प गुरुओं में शामिल, जिले के प्रभारी मंत्री श्री देवांगन ने दी बधाई
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026

बस्तर की पारंपरिक ढोकरा (बेलमेटल) शिल्पकला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने वाले कोण्डागांव जिले के माकड़ी विकासखण्ड के ग्राम बरकई निवासी शिल्पकार श्री बानू राम बैद का चयन वर्ष 2025 के प्रतिष्ठित शिल्प गुरु अवार्ड के लिए किया गया है। भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय, नई दिल्ली द्वारा जारी अंतिम चयन सूची में श्री बैद का नाम शामिल है, जिसमें देशभर से कुल छह शिल्प गुरुओं का चयन किया गया है।
श्री बानू राम बैद का चयन केंद्रीय स्तरीय चयन समिति की 18 जुलाई 2026 को आयोजित बैठक में अंतिम रूप से किया गया। उन्होंने बस्तर की प्राचीन लॉस्ट-वैक्स (मधुच्छिष्ट) तकनीक पर आधारित ढोकरा शिल्पकला को संरक्षित रखने, उसे राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने तथा नई पीढ़ी को इस पारंपरिक कला का प्रशिक्षण देने में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
उनकी कलाकृतियों में बस्तर के आदिवासी जनजीवन, लोक-संस्कृति, देवी-देवताओं और प्रकृति का सजीव चित्रण देखने को मिलता है। पारंपरिक तकनीक और स्थानीय सांस्कृतिक विरासत को अपनी कलाकृतियों के माध्यम से सहेजने के उनके प्रयासों ने बस्तर की विशिष्ट शिल्प परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
श्री बानू राम बैद को शिल्प गुरु अवार्ड के लिए चयनित सहित जाना कोण्डागांव जिला और समूचे छत्तीसगढ़ एवं बस्तर अंचल के लिए गौरव का विषय है। उनकी यह उपलब्धि पारंपरिक हस्तशिल्प से जुड़े कलाकारों को प्रोत्साहित करने के साथ ही नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रेरित करेगी।
जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने श्री बैद को इस उपलब्धि पर अपनी बधाई एवं शुभकामनाएं दी गई हैं।
सेवा की कहानी : सक्षम योजना से कमलेश्वरी यादव के स्वरोजगार को मिला संबल
दो लाख रुपये के ऋण से डेली नीड्स दुकान के विस्तार की तैयारी
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026
छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने में मददगार बन रही हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग की सक्षम योजना के माध्यम से मिली ऋण सहायता से दुर्ग निवासी श्रीमती कमलेश्वरी यादव अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं।
श्रीमती यादव डेली नीड्स की दुकान संचालित करती हैं। दुकान का विस्तार कर व्यवसाय को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उन्होंने सक्षम योजना के तहत दो लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस सहायता से उन्हें दुकान के लिए आवश्यक सामान जुटाने और कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
श्रीमती कमलेश्वरी यादव का कहना है कि इस आर्थिक सहयोग से उन्हें अपने स्वरोजगार को मजबूत करने का अवसर मिला है। वे मेहनत और आत्मविश्वास के साथ दुकान को आगे बढ़ाना चाहती हैं, ताकि व्यवसाय से होने वाली आय में वृद्धि हो और परिवार की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने में उनका योगदान बढ़े। सक्षम योजना से मिला यह सहयोग श्रीमती यादव के लिए आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ने का संबल बना है। उन्होंने सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त किया है ।
सोया पनीर निर्माण से आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहीं बद्रिका पारस चन्द्रा
प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना ने बदले सपने को हकीकत में, स्वरोजगार से मिली आर्थिक सशक्तिकरण की नई राह
साढ़े चार लाख रुपये का ऋण और एक लाख 75 हजार रुपये के अनुदान से शुरू किया स्वयं का उद्योग
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026
मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो और सपनों को साकार करने के लिए सही अवसर एवं सहयोग मिल जाए, तो आत्मनिर्भरता की राह आसान हो जाती है। इस बात को सच कर दिखाया है सक्ती जिले के ग्राम सुखदा की 31 वर्षीय श्रीमती बद्रिका पारस चन्द्रा ने। उन्होंने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना का लाभ लेकर सोया पनीर निर्माण उद्योग स्थापित किया और स्वरोजगार के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में अपनी नई पहचान बनाई है। उनकी सफलता ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलाव की अनेक कहानियां सामने आ रही हैं। इन्हीं में एक कहानी बद्रिका पारस चन्द्रा की भी है, जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और उद्यमशीलता से स्वरोजगार का सपना साकार किया है।
स्नातक तक शिक्षित बद्रिका हमेशा से कुछ ऐसा करना चाहती थीं, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं को पहचाना और सोया पनीर निर्माण का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया। हालांकि, उद्योग स्थापित करने के लिए आवश्यक पूंजी की व्यवस्था करना उनके सामने एक बड़ी चुनौती थी। ऐसे समय में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना उनके सपनों को साकार करने का माध्यम बनी।योजना के अंतर्गत बद्रिका को सोया पनीर निर्माण उद्योग स्थापित करने के लिए 4 लाख 50 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया। इसके साथ ही 1 लाख 75 हजार रुपये की अनुदान राशि भी प्रदान की गई। इस वित्तीय सहयोग से उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में सहायता मिली। उन्होंने उपलब्ध अवसर का सदुपयोग करते हुए सोया पनीर निर्माण का कार्य प्रारंभ किया।
आज बद्रिका अपने सोया पनीर निर्माण व्यवसाय का सफलतापूर्वक संचालन कर रही हैं। उन्होंने यह साबित किया है कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं भी सही मार्गदर्शन, शासकीय सहायता और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ सकती हैं। उनकी यह पहल न केवल स्वयं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि स्वरोजगार अपनाने की इच्छुक अन्य महिलाओं और युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के माध्यम से छोटे खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को प्रोत्साहन मिल रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार की संभावनाएं बढ़ने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
रायगढ़ के छात्र कृष्ण अग्रवाल को 12वें राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता में मिला सम्मान
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया सम्मानित, बच्चों की सुरक्षा के लिए विकसित किया अनूठा इलेक्ट्रिक प्रेस मॉडल
छत्तीसगढ़ की युवा प्रतिभाएं नवाचार और विज्ञान के क्षेत्र में बढ़ा रही हैं प्रदेश का गौरव – शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026/
छत्तीसगढ़ के होनहार छात्र कृष्ण अग्रवाल ने अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा और नवाचार से राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। रायगढ़ जिले के जिंदल पब्लिक स्कूल के छात्र कृष्ण अग्रवाल को नई दिल्ली में आयोजित 12वीं राष्ट्रीय स्तरीय प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिता (NLEPC-2026) में उनके अभिनव प्रोजेक्ट फ्लिप इलेक्ट्रिक आयरन फॉर चाइल्ड सेफ्टी (Flip Electric Iron For Child Safety) के लिए राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने उन्हें सम्मान प्रदान किया। राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ के होनहार छात्र कृष्ण अग्रवाल की इस उपलब्धि के लिए शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने बधाई दी।
विद्यार्थी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं
स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने छात्र कृष्ण अग्रवाल की इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गर्व और गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विद्यार्थियों में प्रतिभा, रचनात्मकता और वैज्ञानिक सोच की अपार संभावनाएं हैं। कृष्ण अग्रवाल ने अपने उपयोगी नवाचार के माध्यम से यह साबित किया है कि हमारे विद्यार्थी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बना सकते हैं। शिक्षा मंत्री ने कृष्ण के साथ उनके अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यालय परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि कृष्ण अग्रवाल की सफलता छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों को विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित करना है
शिक्षा मंत्री श्री यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और रचनात्मक सोच को प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचार समाज की वास्तविक समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करने के साथ ही विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
बच्चों को गर्म इलेक्ट्रिक प्रेस से जलने से बचाएगा नवाचार
छात्र कृष्ण अग्रवाल ने ‘Flip Electric Iron For Child Safety’ नामक अभिनव मॉडल विकसित किया है। इसका उद्देश्य घरों में उपयोग होने वाली गर्म इलेक्ट्रिक प्रेस से छोटे बच्चों को जलने की दुर्घटनाओं से सुरक्षित रखना है। इस मॉडल में ऑटो-फ्लिप तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे प्रेस को छोड़ने पर उसका गर्म हिस्सा ऊपर की ओर हो जाता है। इसके साथ ही 30 सेकंड में स्वचालित रूप से बंद होने की सुविधा और चाइल्ड लॉक जैसी सुरक्षा व्यवस्थाएं भी शामिल की गई हैं। कम लागत में तैयार यह मॉडल घरेलू सुरक्षा की दृष्टि से उपयोगी साबित हो सकता है।
80 हजार नवाचार विचारों में से शीर्ष 62 में बनाई जगह
छत्तीसगढ़ से प्रस्तुत लगभग 80 हजार नवाचार विचारों में कृष्ण अग्रवाल के मॉडल का चयन शीर्ष 62 नवाचारों में हुआ। उनके प्रोजेक्ट को इंस्पायर मानक -2026 के संकलन में भी स्थान मिला है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान-भारत से जुड़ी इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों की वैज्ञानिक प्रतिभा और नवाचारों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रोत्साहित किया जाता है।
पक्की छत से संवर रही जिंदगी, प्रधानमंत्री आवास योजना से साकार हो रहे हजारों परिवारों के सपने
प्रधानमंत्री आवास योजना से ग्रामीण विकास को नई गति, मुख्यमंत्री आवास योजना और पीएम जनमन से अंतिम छोर के परिवारों तक पहुंच रही आवास की सौगात
रायपुर, 15 अक्टूबर 2026

सिर पर पक्की छत, परिवार के लिए सुरक्षित आशियाना और बच्चों के बेहतर भविष्य का सपना हर व्यक्ति के जीवन की सबसे बड़ी आकांक्षाओं में से एक होता है। विशेषकर आर्थिक रूप से कमजोर और ग्रामीण अंचलों में रहने वाले परिवारों के लिए अपना पक्का मकान केवल चारदीवारी और छत का निर्माण नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और खुशहाल जीवन की नई शुरुआत है। कभी कच्ची दीवारों और खपरैल की छतों के सहारे जीवन गुजारने वाले हजारों परिवारों का यह सपना अब शासन की जनकल्याणकारी आवास योजनाओं के माध्यम से साकार हो रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण और पीएम जनमन योजना जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रही हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की हर जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने की परिकल्पना और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की जनकल्याणकारी प्रतिबद्धता से जिले में आवास निर्माण कार्यों को निरंतर गति मिल रही है। शासन की इन योजनाओं ने उन परिवारों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है, जिनके लिए आर्थिक कठिनाइयों के कारण अपना पक्का मकान बनाना एक अधूरा सपना बना हुआ था। जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से अब ग्रामीण अंचलों में पक्के मकानों की संख्या लगातार बढ़ रही है और हजारों परिवार सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना से 47 हजार से अधिक परिवारों का पक्के घर का सपना हुआ साकार
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन से आवास निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। योजना के अंतर्गत विभिन्न वित्तीय वर्षों में कुल 56 हजार 455 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से अब तक 47 हजार 19 आवासों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्रों में आवासहीन और कच्चे मकानों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को पक्का आशियाना उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2016-18 में स्वीकृत 10 हजार 797 आवासों में से 10 हजार 650 आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2019-23 के दौरान स्वीकृत 16 हजार 811 आवासों में से 15 हजार 234 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। इन दोनों अवधियों में कुल 25 हजार 884 आवास पूर्ण किए गए हैं। यह प्रगति दर्शाती है कि जिले में पात्र परिवारों को आवासीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए योजनाबद्ध ढंग से कार्य किया जा रहा है।
वर्ष 2024-26 में आवास निर्माण को मिली नई रफ्तार, 21 हजार से अधिक मकान पूर्ण
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2024-26 में जिले में आवास निर्माण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इस अवधि में कुल 28 हजार 847 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 28 हजार 26 हितग्राहियों को प्रथम किस्त, 24 हजार 165 हितग्राहियों को द्वितीय किस्त तथा 17 हजार 144 हितग्राहियों को तृतीय किस्त की राशि जारी की गई है।
इस अवधि में अब तक 21 हजार 115 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है। आवास निर्माण के लिए किस्तों का भुगतान, निर्माण कार्यों की प्रगति की निगरानी और हितग्राहियों को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं। शेष स्वीकृत आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक परिवारों को अपने पक्के घर में रहने का अवसर मिल सके।
मुख्यमंत्री आवास योजना बनी जरूरतमंद परिवारों के लिए नई उम्मीद
प्रधानमंत्री आवास योजना के साथ ही मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण भी जिले के जरूरतमंद परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन रही है। योजना के अंतर्गत जिले में कुल 423 आवास स्वीकृत किए गए हैं। सभी 423 हितग्राहियों को प्रथम किस्त की राशि प्रदान की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त 298 हितग्राहियों को द्वितीय किस्त, 249 हितग्राहियों को तृतीय किस्त तथा 235 हितग्राहियों को चतुर्थ किस्त की राशि उपलब्ध कराई गई है।
मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत अब तक 249 आवासों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। शेष आवासों को पूरा कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। यह योजना उन जरूरतमंद परिवारों के लिए आशा की किरण बन रही है, जिनके लिए सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण पक्के मकान का निर्माण कर पाना कठिन था। शासन की आर्थिक सहायता से ऐसे परिवारों को अपने घर का सपना पूरा करने का अवसर मिल रहा है।
पीएम जनमन योजना से विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के जीवन में खुशहाली की नई दस्तक
समाज के अंतिम छोर पर निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति समुदायों तक विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित पीएम जनमन योजना भी जिले में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
गौरेला विकासखंड में पीएम जनमन योजना के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों के लिए कुल 1080 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 886 आवासों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। यह उपलब्धि जनजातीय समुदायों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करने वाले इन परिवारों के लिए पक्का मकान केवल आवासीय सुविधा नहीं, बल्कि सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का आधार भी है। योजना से लाभान्वित परिवारों को मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से सुरक्षा मिलने के साथ ही बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा और पारिवारिक जीवन के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध हो रहा है। पीएम जनमन योजना विशेष पिछड़ी जनजातियों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में सार्थक पहल साबित हो रही है।
कच्ची छत की चिंता से मुक्ति, पक्के आशियाने में सुरक्षित हो रहा परिवारों का भविष्य
ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को बरसात के मौसम में छत से पानी टपकने, दीवारों में सीलन और मकान के क्षतिग्रस्त होने जैसी अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। गर्मी, सर्दी और बारिश के दौरान सुरक्षित आवास का अभाव परिवारों के दैनिक जीवन को प्रभावित करता है। ऐसे में पक्का मकान मिलने से परिवारों को इन समस्याओं से राहत मिलती है।
पक्के घर का सबसे बड़ा महत्व यह है कि इससे परिवार में सुरक्षा और स्थायित्व की भावना विकसित होती है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलता है, महिलाओं को घरेलू कार्यों के संचालन में सुविधा होती है और बुजुर्गों को सुरक्षित आवासीय परिवेश उपलब्ध होता है। अपना घर होने से परिवारों का आत्मविश्वास बढ़ता है और वे भविष्य की योजनाओं को लेकर अधिक आश्वस्त होते हैं।
शासन की आवास योजनाएं इसी दृष्टिकोण से केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी बन रही हैं।
आवास निर्माण की नियमित समीक्षा, हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने पर जोर
जिले में आवास योजनाओं के क्रियान्वयन और स्वीकृत आवासों के निर्माण की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा निर्माणाधीन आवासों की स्थिति, विभिन्न किस्तों के भुगतान तथा लंबित निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है।
हितग्राहियों के आधार सत्यापन, बैंक खातों से संबंधित समस्याओं और तकनीकी कठिनाइयों के निराकरण के लिए भी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। संबंधित अधिकारियों एवं मैदानी अमले के माध्यम से आवास निर्माण की प्रगति पर निगरानी रखते हुए कार्यों को गति देने पर जोर दिया जा रहा है।
जिला प्रशासन का प्रयास है कि स्वीकृत आवासों का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप समय पर पूर्ण हो तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
अंत्योदय की भावना को मिल रहा मूर्त रूप, विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत हो रही नींव
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण और पीएम जनमन जैसी जनकल्याणकारी योजनाएं अंत्योदय की उस भावना को साकार कर रही हैं, जिसका मूल उद्देश्य समाज के सबसे जरूरतमंद व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में हजारों पक्के मकानों का निर्माण ग्रामीण विकास की बदलती तस्वीर प्रस्तुत कर रहा है। जिन परिवारों के लिए कभी अपना पक्का मकान बनाना आर्थिक कठिनाइयों के कारण संभव नहीं था, उन्हें अब शासन की सहायता से सुरक्षित आशियाना मिल रहा है। यह परिवर्तन केवल ग्रामीण क्षेत्रों की आवासीय स्थिति में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सम्मान, पारिवारिक सुरक्षा और बेहतर जीवन स्तर की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
एक पक्का घर परिवार को केवल रहने की जगह नहीं देता, बल्कि उसके भीतर भविष्य के प्रति विश्वास और आगे बढ़ने की नई उम्मीद भी पैदा करता है। यही कारण है कि आवास योजनाएं गरीब कल्याण और ग्रामीण सशक्तिकरण की महत्वपूर्ण आधारशिला बन रही हैं।
जिले में 47 हजार 19 प्रधानमंत्री आवासों का पूर्ण होना इस बात का प्रमाण है कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से हजारों परिवारों के जीवन में बदलाव लाया जा सकता है। मुख्यमंत्री आवास योजना और पीएम जनमन के माध्यम से भी जरूरतमंद एवं विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों तक आवास की सुविधा पहुंचाई जा रही है।
पक्की छत के नीचे सुरक्षित होता बचपन, सम्मान के साथ जीवन जीते बुजुर्ग और बेहतर भविष्य का सपना संजोते परिवार ही इन योजनाओं की वास्तविक उपलब्धि हैं। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में आवास निर्माण की यह प्रगति गरीब कल्याण, सामाजिक समावेशन और आत्मनिर्भर ग्रामीण समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हर जरूरतमंद परिवार के सिर पर पक्की छत उपलब्ध कराने का संकल्प विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई मजबूती प्रदान कर रहा है।