छत्तीसगढ़ / रायपुर
छत्तीसगढ़ में मजदूरी संहिता लागू, श्रमिकों के वेतन एवं भुगतान व्यवस्था को मिलेगा नया कानूनी आधार
रायपुर । छत्तीसगढ़ में मजदूरी से संबंधित नई कानूनी व्यवस्था लागू हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग ने मजदूरी संहिता, 2019 (Code on Wages, 2019) के अंतर्गत मजदूरी संहिता (छत्तीसगढ़) नियम, 2026 की अंतिम अधिसूचना 28 अक्टूबर 2026 को राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित कर दी है। राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही ये नियम प्रभावी हो गए हैं।
नई नियमावली के माध्यम से राज्य में न्यूनतम वेतन एवं वेतन भुगतान से संबंधित व्यवस्थाओं को नए कानूनी ढांचे के अंतर्गत व्यवस्थित किया गया है। इसके साथ ही न्यूनतम वेतन (छत्तीसगढ़) नियम, 1958 तथा छत्तीसगढ़ वेतन भुगतान नियम, 1962 को प्रतिस्थापित किया गया है।उल्लेखनीय है कि श्रम विभाग ने इन नियमों का प्रारूप 13 अप्रैल 2026 को राजपत्र में प्रकाशित कर आम नागरिकों, श्रमिक संगठनों, नियोक्ताओं एवं संबंधित हितधारकों से 45 दिनों के भीतर आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किए थे। प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों पर विचार करने के बाद अंतिम नियम अधिसूचित किए गए हैं।
नई मजदूरी संहिता के अंतर्गत वेतन निर्धारण, न्यूनतम मजदूरी, वेतन भुगतान, बोनस तथा श्रमिकों से संबंधित अन्य वैधानिक प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर पर नियम निर्धारित किए गए हैं।इस नई व्यवस्था से राज्य में श्रमिकों के वेतन संबंधी अधिकारों के संरक्षण तथा नियोक्ताओं की वैधानिक जिम्मेदारियों के अनुपालन को एक व्यवस्थित कानूनी आधार मिलेगा। नई मजदूरी संहिता का क्रियान्वयन श्रमिकों के वेतन अधिकारों का संरक्षण और पारदर्शी श्रम व्यवस्था की ओर महत्वपूर्ण कदम है।
रायपुर में 2 नवंबर को होगा कोयला एवं लिग्नाइट खदानों का स्टार रेटिंग पुरस्कार समारोह
छत्तीसगढ़ में मजदूरी संहिता लागू, श्रमिकों के वेतन एवं भुगतान व्यवस्था को मिलेगा नया कानूनी आधार
रायपुर । छत्तीसगढ़ में मजदूरी से संबंधित नई कानूनी व्यवस्था लागू हो गई है। छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग ने मजदूरी संहिता, 2019 (Code on Wages, 2019) के अंतर्गत मजदूरी संहिता (छत्तीसगढ़) नियम, 2026 की अंतिम अधिसूचना 28 अक्टूबर 2026 को राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित कर दी है। राजपत्र में प्रकाशन के साथ ही ये नियम प्रभावी हो गए हैं।
नई नियमावली के माध्यम से राज्य में न्यूनतम वेतन एवं वेतन भुगतान से संबंधित व्यवस्थाओं को नए कानूनी ढांचे के अंतर्गत व्यवस्थित किया गया है। इसके साथ ही न्यूनतम वेतन (छत्तीसगढ़) नियम, 1958 तथा छत्तीसगढ़ वेतन भुगतान नियम, 1962 को प्रतिस्थापित किया गया है।उल्लेखनीय है कि श्रम विभाग ने इन नियमों का प्रारूप 13 अप्रैल 2026 को राजपत्र में प्रकाशित कर आम नागरिकों, श्रमिक संगठनों, नियोक्ताओं एवं संबंधित हितधारकों से 45 दिनों के भीतर आपत्तियां एवं सुझाव आमंत्रित किए थे। प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों पर विचार करने के बाद अंतिम नियम अधिसूचित किए गए हैं।
नई मजदूरी संहिता के अंतर्गत वेतन निर्धारण, न्यूनतम मजदूरी, वेतन भुगतान, बोनस तथा श्रमिकों से संबंधित अन्य वैधानिक प्रावधानों के क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर पर नियम निर्धारित किए गए हैं।इस नई व्यवस्था से राज्य में श्रमिकों के वेतन संबंधी अधिकारों के संरक्षण तथा नियोक्ताओं की वैधानिक जिम्मेदारियों के अनुपालन को एक व्यवस्थित कानूनी आधार मिलेगा। नई मजदूरी संहिता का क्रियान्वयन श्रमिकों के वेतन अधिकारों का संरक्षण और पारदर्शी श्रम व्यवस्था की ओर महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री साय ने देखा नवा रायपुर के आसमान में भारतीय वायु सेना के शौर्य, साहस और कौशल का अद्भुत प्रदर्शन
रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर आज नवा रायपुर का आसमान भारतीय वायु सेना के अदम्य शौर्य, साहस, अनुशासन और अद्भुत उड़ान कौशल का साक्षी बना। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर के सेंध लेक में आयोजित भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम के रोमांचकारी हवाई प्रदर्शन की फुल ड्रेस रिहर्सल में शामिल हुए। इस अवसर पर भारतीय वायु सेना की आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के जाँबाजों ने अपने साहसिक करतबों, सटीक नियंत्रण और बेहतरीन तालमेल से उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया। आसमान में तिरंगे की मनमोहक छटा, हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन और 'वंदे मातरम्' की गूंज ने पूरे वातावरण को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से सराबोर कर दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय वायु सेना के जाँबाजों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित सारंग टीम का यह आयोजन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है। हमारे वायु वीरों ने जिस साहस, अनुशासन, आत्मविश्वास और सटीक समन्वय के साथ अपने कौशल का प्रदर्शन किया है, वह प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल रोमांचकारी हवाई करतबों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारतीय वायु सेना की उत्कृष्ट क्षमता, कठिन प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना का जीवंत परिचय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ इसी प्रकार निरंतर विकास, प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता रहे। राज्य स्थापना दिवस की खुशियों के बीच भारतीय वायु सेना के जाँबाजों का यह अद्भुत प्रदर्शन प्रदेशवासियों के उत्साह और गौरव को और अधिक बढ़ा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सारंग का अर्थ मोर होता है। जिस प्रकार मोर हमारे देश की विशिष्ट पहचान और सुंदरता का प्रतीक है, उसी प्रकार सारंग टीम भारतीय वायु सेना की गरिमा, उत्कृष्ट कौशल और अनुशासन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की धरती पर हम एक ऐसे गौरवशाली उत्सव के साक्षी बन रहे हैं, जहाँ राज्य स्थापना की खुशियों के साथ भारतीय वायु सेना का शौर्य, अनुशासन और अदम्य साहस भी जुड़ गया है। नवा रायपुर का आसमान हमारे वायु वीरों के अद्भुत हुनर, साहस और आपसी तालमेल का गवाह बन रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हवाई प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों की विभिन्न फॉर्मेशन और साहसिक करतब हमें भले ही सहज और सुंदर दिखाई देते हों, लेकिन इनके पीछे विस्तृत योजना, निरंतर अभ्यास, गहरी एकाग्रता और असाधारण समन्वय होता है। प्रत्येक पायलट को अपनी भूमिका के साथ-साथ अपने साथियों की गतिविधियों का भी पूरा ध्यान रखना पड़ता है। अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में एक-दूसरे पर अटूट विश्वास और सटीक तालमेल ही ऐसी अद्भुत प्रस्तुतियों को संभव बनाता है। उन्होंने कहा कि सारंग टीम का प्रदर्शन हमें यह महत्वपूर्ण संदेश देता है कि अनुशासन, समर्पण, सामूहिक प्रयास और आपसी विश्वास से कठिन से कठिन लक्ष्य को भी प्राप्त किया जा सकता है।
आकाशगंगा के जाँबाजों ने आसमान से उतरकर दिखाया अद्भुत साहस और सटीक नियंत्रण
हवाई प्रदर्शन का रोमांचकारी शुभारंभ भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने किया। खुले आसमान से छलांग लगाते हुए टीम के जाँबाजों ने अपने पैराशूटों को कुशलतापूर्वक नियंत्रित कर अदम्य साहस, संतुलन और सटीकता का अद्भुत परिचय दिया।ऊंचे आसमान से उतरते हुए स्काईडाइवर्स ने निर्धारित दिशा और गति के अनुरूप अपने पैराशूटों को नियंत्रित किया तथा सेंध लेक के सामने निर्धारित स्थान पर सटीक लैंडिंग की। आसमान से धरती की ओर उतरते इन साहसी जवानों का प्रदर्शन दर्शकों के लिए रोमांच और उत्सुकता से भरा रहा। निर्धारित स्थान पर सफलतापूर्वक उतरते ही पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उपस्थित जनसमूह ने भारतीय वायु सेना के इन जाँबाजों के अद्भुत साहस और उत्कृष्ट प्रशिक्षण की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।आकाशगंगा टीम की इस प्रस्तुति ने भारतीय वायु सेना के जवानों की शारीरिक दक्षता, मानसिक दृढ़ता, कठिन परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखने की क्षमता और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की।
गरुड़ कमांडोज ने दिखाया चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में विशेष ऑपरेशन का कौशल
आकाशगंगा टीम के प्रदर्शन के पश्चात भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडोज ने एमआई-17 हेलीकॉप्टर से स्लिदरिंग का साहसिक प्रदर्शन किया। हवा में एक स्थान पर स्थिर हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे नीचे उतरते जवानों ने कठिन एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्धारित स्थान तक पहुँचने की अपनी दक्षता का परिचय दिया।गरुड़ कमांडोज ने हेलीकॉप्टर से उतरकर सेंध लेक के सामने रेस्क्यू एवं कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इसके पश्चात जवानों ने मंच को सलामी दी। हवा में स्थिर हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे उतरने और निर्धारित स्थान पर ऑपरेशन को अंजाम देने की इस प्रस्तुति ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
इस प्रदर्शन के माध्यम से भारतीय वायु सेना के विशेष बलों की परिचालन क्षमता, त्वरित कार्रवाई, साहसिक प्रशिक्षण और कठिन परिस्थितियों में मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने की दक्षता का परिचय मिला। दर्शकों ने कमांडोज के अदम्य साहस और अनुशासित प्रदर्शन की करतल ध्वनि से सराहना की।
सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों ने आसमान में रचा रोमांच, हैरतअंगेज करतबों ने थाम दीं दर्शकों की सांसें
हवाई प्रदर्शन का सबसे प्रमुख और रोमांचकारी आकर्षण भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम की शानदार प्रस्तुति रही। ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार के नेतृत्व में टीम के पांच हेलीकॉप्टरों ने नवा रायपुर के आसमान में एक के बाद एक आकर्षक फॉर्मेशन और साहसिक हवाई करतब प्रस्तुत किए।
सारंग टीम के पायलटों ने अपने हेलीकॉप्टरों को अत्यंत सटीक नियंत्रण, संतुलन और बेहतरीन समन्वय के साथ उड़ाते हुए अद्भुत कौशल का परिचय दिया। आसमान में एक साथ उड़ते पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कभी हेलीकॉप्टर एक-दूसरे के बेहद करीब आते दिखाई दिए, तो कभी अलग-अलग दिशाओं में उड़ान भरते हुए पुनः निर्धारित फॉर्मेशन में एक साथ आ गए।
प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों के बेहद नजदीक से एक-दूसरे को क्रॉस करने वाले रोमांचकारी 'क्रॉसओवर' करतब ने दर्शकों की सांसें थाम दीं। तेज गति से एक-दूसरे के सामने से गुजरते हेलीकॉप्टरों को देखकर उपस्थित जनसमूह आश्चर्यचकित रह गया। इस साहसिक करतब में पायलटों की एकाग्रता, उड़ान पर नियंत्रण और एक-दूसरे के साथ सटीक तालमेल स्पष्ट दिखाई दिया।
सारंग टीम ने विभिन्न आकर्षक फॉर्मेशनों और रोमांचकारी मैनुवर के माध्यम से भारतीय वायु सेना की तकनीकी दक्षता, व्यावसायिक उत्कृष्टता और साहसिक उड़ान कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रत्येक नई फॉर्मेशन के साथ दर्शकों का उत्साह बढ़ता गया। हेलीकॉप्टरों के अद्भुत करतबों को देखकर दर्शक बार-बार तालियां बजाकर वायु वीरों का उत्साहवर्धन करते रहे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सारंग टीम के रोमांचकारी प्रदर्शन को उत्साहपूर्वक देखा और पायलटों के साहस, अनुशासन तथा उत्कृष्ट समन्वय की सराहना की।
सारंग के कॉकपिट से गूंजा 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया', दर्शकों का उत्साह हुआ दोगुना
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सारंग टीम ने प्रदेश के प्रति अपने विशेष स्नेह और सम्मान का भी परिचय दिया। हवाई प्रदर्शन के दौरान ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार ने हेलीकॉप्टर के कॉकपिट से छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय उद्घोष 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' के माध्यम से प्रदेशवासियों का आत्मीय अभिवादन किया।आसमान से गूंजे इस आत्मीय उद्घोष ने उपस्थित जनसमूह के उत्साह को दोगुना कर दिया। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय वायु सेना के जाँबाजों द्वारा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान और जनभावनाओं को सम्मान देने का यह क्षण विशेष रूप से यादगार बन गया।तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन और 'वंदे मातरम्' की गूंज से देशभक्ति के रंग में रंगा आसमान
हवाई प्रदर्शन के अंतिम चरण में सारंग टीम ने 'वंदे मातरम्' गीत की गूंज के बीच तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन प्रस्तुत की। आसमान में तिरंगे के रंगों की आकर्षक छटा ने पूरे वातावरण को राष्ट्रीय गौरव और देशभक्ति की भावना से भर दिया।
भारतीय वायु सेना के जाँबाजों द्वारा प्रस्तुत इस शानदार फॉर्मेशन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। आसमान में उड़ान भरते हेलीकॉप्टरों के अद्भुत तालमेल, तिरंगे के रंगों और देशभक्ति गीत की गूंज ने एक अविस्मरणीय दृश्य उपस्थित किया।शौर्य, साहस, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम से परिपूर्ण इस प्रस्तुति के साथ हवाई प्रदर्शन का भव्य एवं यादगार समापन हुआ। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रदेशवासियों को भारतीय वायु सेना की उत्कृष्टता और राष्ट्रसेवा के गौरवशाली स्वरूप से परिचित कराया।
विश्वभर में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ा चुकी है सारंग टीम
उल्लेखनीय है कि भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम विश्व की एकमात्र पांच हेलीकॉप्टरों वाली एयरोबेटिक प्रदर्शन टीम है। यह टीम अपने सुनियोजित हवाई करतबों, आकर्षक फॉर्मेशनों और अद्भुत उड़ान कौशल के माध्यम से भारतीय वायु सेना की सटीकता, अनुशासन, व्यावसायिकता तथा उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का परिचय देती है।सारंग टीम ने जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, मॉरिशस, रूस और मिस्र सहित दुनिया के अनेक देशों में अपने शानदार हवाई प्रदर्शनों से भारत की प्रतिष्ठा और गौरव को नई ऊंचाइयां प्रदान की हैं। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर टीम की प्रस्तुतियां भारतीय वायु सेना की दक्षता, साहस, तकनीकी उत्कृष्टता और उत्कृष्ट समन्वय का प्रभावशाली परिचय देती रही हैं।छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में सारंग टीम की उपस्थिति प्रदेशवासियों के लिए विशेष गौरव का अवसर है।
2 नवंबर को सेंध लेक में होगा सारंग टीम का मुख्य हवाई प्रदर्शन
उल्लेखनीय है कि आज आयोजित फुल ड्रेस रिहर्सल के पश्चात कल 2 नवंबर को नवा रायपुर के सेंध लेक में भारतीय वायु सेना की सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम अपना मुख्य हवाई प्रदर्शन प्रस्तुत करेगी।
राज्योत्सव के अवसर पर आयोजित यह रोमांचकारी आयोजन प्रदेशवासियों को भारतीय वायु सेना के अद्भुत शौर्य, साहस, अनुशासन और उड़ान कौशल को निकट से देखने का विशेष अवसर प्रदान करेगा। आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग टीम की साहसिक प्रस्तुतियों से यह आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के उत्सव को और अधिक भव्य एवं यादगार बनाएगा।इस अवसर पर खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्रीमती कौशल्या साय सहित जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक, भारतीय वायु सेना के अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री की शुभकामनाएं प्रदेश के तीन करोड़ नागरिकों के लिए प्रेरणा और गौरव का विषय : मुख्यमंत्री श्री साय
प्रधानमंत्री के नेतृत्व और मार्गदर्शन में श्रद्धेय अटल जी के समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री
नक्सलवाद के विरुद्ध ऐतिहासिक सफलता से बस्तर में शांति, विश्वास और विकास के नए युग की शुरुआत : मुख्यमंत्री श्री साय
किसान कल्याण, महिला सशक्तिकरण, जनजातीय उत्थान और आधुनिक अधोसंरचना के विस्तार से छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को मिली नई गति
विकसित भारत @2047 के संकल्प को साकार करने में छत्तीसगढ़ निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका : मुख्यमंत्री श्री साय
राज्य स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मीय शुभकामना पत्र पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया आभार
रायपुर, 01 नवंबर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रेषित आत्मीय पत्र एवं स्नेहपूर्ण शुभकामनाओं के लिए प्रदेश के तीन करोड़ नागरिकों की ओर से हृदय से आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का आत्मीय पत्र छत्तीसगढ़ की माटी, यहाँ की श्रमशील जनता और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनके गहरे जुड़ाव का परिचायक है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का स्नेह, विश्वास और मार्गदर्शन प्रदेश को समृद्ध, सशक्त एवं विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ने की नई ऊर्जा प्रदान करता है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री को प्रेषित अपने आभार पत्र में कहा कि अविभाजित मध्य प्रदेश के समय से लेकर सरगुजा के वनांचलों और बस्तर के सुदूर अंचलों तक की अपनी यात्राओं एवं अनुभवों का प्रधानमंत्री ने जिस आत्मीयता से स्मरण किया है, वह प्रत्येक छत्तीसगढ़वासी के हृदय को स्पर्श करता है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष राज्य की रजत जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री का आगमन और नवीन विधानसभा भवन का लोकार्पण छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा की अविस्मरणीय उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर प्रदेशवासियों की दशकों पुरानी आकांक्षाओं को साकार किया था। उनके समृद्ध एवं विकसित छत्तीसगढ़ के स्वप्न को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी नेतृत्व और मार्गदर्शन में साकार करने की दिशा में आगे बढ़ना राज्य सरकार के लिए सौभाग्य और महत्वपूर्ण दायित्व का विषय है।
नक्सलवाद के विरुद्ध ऐतिहासिक सफलता से बदल रही बस्तर की पहचान
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने पत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध ऐतिहासिक सफलता और बस्तर में आए सकारात्मक परिवर्तन का विशेष उल्लेख किया है। यह उपलब्धि प्रधानमंत्री के दृढ़ संकल्प, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग का प्रतिफल है। कभी नक्सल हिंसा के लिए पहचाना जाने वाला बस्तर आज शांति, विश्वास और विकास की नई पहचान गढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 'नियद नेल्लानार' योजना के माध्यम से दूरस्थ गाँवों तक सड़क, बिजली, पेयजल, संचार और स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँच रही हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से जनजातीय अंचलों में विकास को नई गति मिली है। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन जनजातीय युवाओं की प्रतिभा और आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कर रहे हैं। राज्य सरकार का संकल्प है कि बस्तर अपनी समृद्ध संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य के साथ पर्यटन, खेल एवं उद्यमिता के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो।
किसानों, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों के कल्याण को मिली मजबूती
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनकल्याण और अंत्योदय की भावना को धरातल पर साकार करने के प्रयासों को निरंतर मजबूती मिली है। प्रदेश के 25 लाख से अधिक धान उत्पादक किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी का लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री धनधान्य कृषि योजना से किसानों को आर्थिक संबल मिलने के साथ कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि प्रदेश के लगभग 73 लाख जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है और 22 लाख से अधिक गरीब परिवारों का पक्के आवास का सपना साकार हुआ है। जल जीवन मिशन से 41 लाख से अधिक ग्रामीण घरों तक नल से जल की सुविधा पहुँची है। लगभग 40 लाख परिवारों को रसोई गैस कनेक्शन मिले हैं तथा करीब ढाई करोड़ आयुष्मान कार्डों के माध्यम से स्वास्थ्य सुरक्षा का दायरा व्यापक हुआ है। इसी प्रकार महतारी वंदन योजना के अंतर्गत लगभग 68 लाख माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता उनके स्वावलंबन और आत्मसम्मान को सशक्त बना रही है।
आधुनिक अधोसंरचना से निवेश और रोजगार की नई संभावनाएँ
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश में आधुनिक अधोसंरचना के विस्तार के प्रति प्रधानमंत्री के विशेष ध्यान और सहयोग के लिए भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रायपुर-बिलासपुर फोरलेन से यात्रा सुगम हुई है, वहीं रायपुर-विशाखापत्तनम और रांची-धनबाद जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों से जुड़ने वाली सड़क परियोजनाएँ विकास की नई संभावनाएँ खोल रही हैं।
उन्होंने उल्लेख किया कि प्रदेश में 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं, वंदे भारत एवं अमृत भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाओं तथा चार हवाई अड्डों के नेटवर्क से आवागमन, निवेश और रोजगार के अवसरों का विस्तार हो रहा है। ये परियोजनाएँ छत्तीसगढ़ को देश की आर्थिक प्रगति में और अधिक प्रभावी भागीदारी का अवसर प्रदान कर रही हैं।
सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के साथ आधुनिक प्रौद्योगिकी में आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल, माता शबरी की पावन भूमि और संत शिरोमणि गुरु घासीदास बाबा की जन्मभूमि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत राज्य की अमूल्य धरोहर है। कबीरपंथ की समतामूलक परंपरा, पद्म विभूषण तीजन बाई की पंडवानी तथा यहाँ की लोककलाओं और जनजातीय संस्कृति को सहेजते हुए प्रदेश आधुनिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के इंडिया एआई मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन से प्रेरणा लेकर नवा रायपुर को आधुनिक प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्टील, एल्युमिनियम, आईटी, फार्मा, टेक्सटाइल और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एम्स, आईआईटी, आईआईएम, ट्रिपल आईटी और निफ्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थान प्रदेश के युवाओं को उच्च शिक्षा के नए अवसर प्रदान कर रहे हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप छत्तीसगढ़ी के साथ गोंडी, हल्बी और सरगुजिहा जैसी स्थानीय भाषाओं एवं बोलियों में प्रारंभिक शिक्षा को बढ़ावा देकर नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
विकसित भारत के संकल्प में छत्तीसगढ़ की होगी सार्थक भागीदारी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के राष्ट्रीय संकल्प में छत्तीसगढ़ की भूमिका और प्रदेश के 'अंजोर विजन' के प्रति जो विश्वास व्यक्त किया है, वह विशेष प्रेरणादायी है। विकसित भारत @2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए राज्य सरकार ने स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है।
मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि संत शिरोमणि गुरु घासीदास बाबा के 'मनखे मनखे एक समान' के संदेश और प्रधानमंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को आत्मसात करते हुए राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री को विश्वास दिलाया कि उनके निरंतर मार्गदर्शन और तीन करोड़ प्रदेशवासियों की सहभागिता से राज्य सरकार श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी के सपनों के समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करती रहेगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का यह प्रयास विकसित भारत के महान राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में प्रदेश का सार्थक योगदान होगा।
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ के प्रति प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के असीम स्नेह, आत्मीय शुभकामनाओं और सतत मार्गदर्शन के लिए पुनः हृदय से आभार व्यक्त करते हुए उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद प्रदेश के लिए निरंतर प्रेरणा और ऊर्जा का स्रोत है। उनके मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ समृद्धि, सुशासन और विकास की नई ऊँचाइयों को प्राप्त करते हुए विकसित भारत के संकल्प में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अमित शाह का रायपुर दौरा, राज्योत्सव के समापन समारोह में होंगे शामिल
रायपुर । केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का रायपुर दौरा 3 नवंबर को प्रस्तावित है। वे छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के मुताबिक, वे राजधानी में एक निजी अस्पताल का उद्घाटन करने के बाद शाम को राज्योत्सव के मुख्य समारोह में शिरकत करेंगे। कार्यक्रम पूरा होने के बाद वे दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।
दोपहर 3 बजे रायपुर पहुंचेंगे, शाम को राज्योत्सव में होंगे शामिल
तय कार्यक्रम के अनुसार, अमित शाह 3 नवंबर को दोपहर करीब 3 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वे निजी अस्पताल के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने जाएंगे। इसके बाद शाम 6 बजे से रात 8 बजे तक राज्योत्सव के समापन समारोह में मौजूद रहेंगे। समारोह के बाद उनका दिल्ली लौटने का कार्यक्रम है।
राज्य स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने सीएम साय को लिखा पत्र, दी शुभकामनाएं
रायपुर । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखकर प्रदेश के सभी भाई-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में छत्तीसगढ़ से अपने दशकों पुराने आत्मीय संबंधों, प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, नक्सलवाद के विरुद्ध मिली निर्णायक सफलता तथा विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में हो रहे व्यापक बदलावों का विशेष उल्लेख किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि छत्तीसगढ़ आने वाले समय में विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अटल जी के दूरदर्शी नेतृत्व में साकार हुई छत्तीसगढ़ की आकांक्षाएं
प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का स्मरण करते हुए कहा कि 26 वर्ष पूर्व उनके दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था। इस ऐतिहासिक निर्णय ने लाखों नागरिकों की दशकों पुरानी आकांक्षाओं को साकार किया और प्रदेश के विकास की नई यात्रा का शुभारंभ किया।
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ से अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन के दिनों से ही छत्तीसगढ़ से विशेष लगाव रहा है। अविभाजित मध्य प्रदेश के समय से उन्हें अनेक बार यहां आने का अवसर मिला। सरगुजा के वनांचलों से लेकर बस्तर की पावन धरती तक की यात्राओं में उन्होंने छत्तीसगढ़िया संस्कृति और जनजीवन को निकट से जाना और समझा है।
उन्होंने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ की सरलता, सहजता, परिश्रमशीलता और जीवंत सांस्कृतिक परंपराएं उन्हें सदैव प्रेरणा देती रही हैं। प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ की रजत जयंती के अवसर पर अपने प्रदेश प्रवास और नए विधानसभा भवन के लोकार्पण का भी स्मरण किया।
नक्सलवाद के रेड कॉरिडोर अब बन रहे शांति और विकास के नए केंद्र
प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता को प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण परिवर्तन बताया। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक जो क्षेत्र नक्सलवाद के रेड कॉरिडोर के रूप में पहचाने जाते थे, वे आज शांति, विश्वास और विकास के नए केंद्र बन रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद प्रदेश के विकास की सबसे बड़ी बाधाओं में से एक रहा, लेकिन आज इसे निर्णायक रूप से समाप्त करने में सफलता मिली है। इससे प्रदेश में विकास का नया वातावरण बना है तथा कनेक्टिविटी और आधुनिक अधोसंरचना के विस्तार को नई गति मिली है।
उन्होंने बस्तर में आए ऐतिहासिक बदलाव का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से बस्तर को माओवादी आतंक से मुक्त कराने का संकल्प पूरा हुआ है। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन इस परिवर्तन के प्रतीक बन रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि नियद नेल्ला नार, आजीविका उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर जैसी पहलों से स्थानीय नागरिक बुनियादी सुविधाओं और विकास के नए अवसरों से जुड़ रहे हैं। उन्होंने बस्तर के शांति, सुशासन और समृद्धि की नई राह पर आगे बढ़ने पर गर्व व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी के विस्तार को विकास की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने स्मरण किया कि 25 वर्ष पहले दिल्ली और रायपुर के बीच दिनभर में केवल एक उड़ान उपलब्ध हुआ करती थी, जबकि आज प्रदेश में चार आधुनिक हवाई अड्डों का नेटवर्क है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाएं भी शुरू की गई हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण के विस्तार से रायपुर और बिलासपुर के बीच यात्रा का समय लगभग आधा हो गया है। विशाखापत्तनम और रांची-धनबाद जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाले निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे आने वाले समय में राज्य की कनेक्टिविटी, उद्योग और रोजगार के अवसरों को नई गति देंगे।
'मनखे-मनखे एक समान' का संदेश डबल इंजन सरकार की नीतियों का मूल आधार
प्रधानमंत्री मोदी ने संत गुरु घासीदास जी के 'मनखे-मनखे एक समान' के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि यह डबल इंजन सरकार की नीतियों के मूल आधार जैसा है। इसी मंत्र को आत्मसात करते हुए सरकार 'सबका साथ-सबका विकास' की भावना से समाज के प्रत्येक वर्ग की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से सुदूर जनजातीय क्षेत्रों तक पक्के मकान, सड़क, बिजली, स्वच्छ पेयजल, शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। इन प्रयासों से प्रदेश की बड़ी आबादी को गरीबी से बाहर निकलने में मदद मिली है।
73 लाख परिवारों को निःशुल्क अनाज, 22 लाख से अधिक पक्के आवासों का निर्माण
प्रधानमंत्री मोदी ने पत्र में जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के 73 लाख जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से निःशुल्क अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 22 लाख से अधिक पक्के आवासों का निर्माण पूरा हुआ है। 41 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचा है और करीब 40 लाख परिवारों को गैस कनेक्शन मिले हैं। लगभग ढाई करोड़ आयुष्मान कार्डों के माध्यम से नागरिकों की आरोग्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उल्लेख किया कि इन योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है। प्रदेश के हर परिवार के जीवन को बेहतर बनाना डबल इंजन सरकार का मूल ध्येय है।
25 लाख से अधिक किसानों को उपज का बेहतर मूल्य, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में धान खरीदी की मजबूत व्यवस्था से 25 लाख से अधिक किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। इससे किसानों की समृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
उन्होंने दंतेवाड़ा जैसे आकांक्षी क्षेत्रों में माओवादी आतंक के बाद आए सकारात्मक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना जैसी पहलें इन क्षेत्रों में कृषि को और मजबूत बना रही हैं।
युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और कौशल विकास के नए अवसर
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति को प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में एम्स, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, आईआईएम और निफ्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थान युवाओं के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं।
पीएम-सेतु और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के माध्यम से कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप छत्तीसगढ़ी के साथ गोंडी, हल्बी और सरगुजिहा जैसी स्थानीय भाषाओं एवं बोलियों में प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था भी की जा रही है।
महतारी वंदन योजना से माताओं-बहनों को आर्थिक संबल
प्रधानमंत्री ने प्रदेश के विकास में नारीशक्ति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
उन्होंने महतारी वंदन योजना का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के तहत 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये भेजे जा रहे हैं। इससे महिलाओं को आर्थिक संबल मिलने के साथ परिवार और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ रही है।
इनोवेशन और टेक्नोलॉजी का प्रमुख केंद्र बन रहा छत्तीसगढ़
प्रधानमंत्री ने नवा रायपुर के आधुनिक शहर के रूप में उभरने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इंडिया AI मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन के अनुरूप नई तकनीक से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि फार्मा, टेक्सटाइल, आईटी, बिजली, एल्युमिनियम और स्टील जैसे क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। नवा रायपुर में आयोजित ऑल इंडिया स्टील कॉन्क्लेव 2.0 और ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट ने देश के स्टील क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को नई पहचान दी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों और प्रतिभाशाली युवाओं की शक्ति से प्रगति का नया मार्ग तैयार हो रहा है।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत देश की अमूल्य धरोहर
प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रभु श्रीराम का ननिहाल और संत गुरु घासीदास जी की पावन जन्मभूमि है। यहां कबीरपंथ की समतामूलक विचारधारा की गहरी छाप है।
उन्होंने पद्म विभूषण तीजन बाई की पंडवानी को छत्तीसगढ़ की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि यहां की लोककलाएं, लोकभाषाएं और जनजातीय परंपराएं देश की सांस्कृतिक विविधता को समृद्ध बनाती हैं। छत्तीसगढ़ अपनी इस गौरवशाली विरासत को संजोते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा छत्तीसगढ़
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र के समापन में छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य के प्रति विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की बड़ी भूमिका होने वाली है।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ सरकार का विजन डॉक्यूमेंट 'अंजोर विजन', विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत के संकल्प को नई दिशा दे रहा है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और अधिक तेजी से आगे बढ़ेगी तथा प्रदेश अपनी उपलब्धियों से मां भारती और छत्तीसगढ़ महतारी का गौरव बढ़ाता रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पत्र के अंत में मुख्यमंत्री साय सहित छत्तीसगढ़ के सभी परिवारजनों को राज्य स्थापना दिवस की पुनः हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
राज्योत्सव में 36 विभूतियों को मिलेगा राज्य अलंकरण सम्मान
रायपुर । राज्य स्थापना दिवस पर आयोजित राज्योत्सव 2026 में प्रदेश की कला, संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता, खेल, समाजसेवा, शिक्षा, कृषि, लोककला और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को प्रतिष्ठित राज्य अलंकरण सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर स्थित सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्य अलंकरण पुरस्कारों की घोषणा की। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं और संस्थाओं के लिए 36 श्रेणियों में राज्य अलंकरण सम्मान घोषित किए गए।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि राज्य अलंकरण सम्मान छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं, उनकी विशिष्ट उपलब्धियों तथा समाज और राज्य के विकास में उनके अतुलनीय योगदान के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है। प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति, साहित्य, लोकपरंपराओं और सामाजिक मूल्यों को सहेजने तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह सम्मान महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककलाओं, साहित्यिक परंपराओं और प्रतिभाशाली नागरिकों से है। राज्य अलंकरण के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के योगदान को सम्मानित किया जाता है। ऐसे सम्मान नई पीढ़ी को अपनी प्रतिभा निखारने और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा देते हैं।
आदिवासी उत्थान, सामाजिक चेतना और जनसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान का सम्मान
राज्य अलंकरण की घोषित सूची के अनुसार आदिवासी सामाजिक चेतना तथा उनके उत्थान के क्षेत्र में शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति सम्मान से धमतरी जिले के डुमन लाल धु्रव को सम्मानित किया जाएगा। अहिंसा एवं गौरक्षा के क्षेत्र में यति यतनलाल सम्मान दुर्ग जिले के विश्व गीता धेनू गोविन्द पक्षी सेवा धाम, कुम्हारी जिला दुर्ग को प्रदान किया जाएगा।
महिला उत्थान एवं जनजागृति के लिए मिनीमाता सम्मान (महिला उत्थान) गरियाबंद की लोक आस्था सेवा संस्थान (लता नेताम) को दिया जाएगा। सामाजिक चेतना एवं दलित उत्थान के लिए गुरु घासीदास सामाजिक चेतना एवं अनुसूचित जाति उत्थान सम्मान कबीरधाम जिले के सुखचंद भास्कर को प्रदान किया जाएगा।
सहकारिता के क्षेत्र में ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार धनसिंह बघेल, प्राथमिक कुडुक मछुआ सहकारी समिति मर्यादित, चित्रकोट जिला बस्तर को प्रदान किया जाएगा। सामाजिक समरसता के क्षेत्र में महाराजा अग्रसेन सम्मान रायगढ़ जिले के बाबूलाल अग्रवाल को दिया जाएगा। सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक उपलब्धियों के क्षेत्र में पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान तेजस्विनी सेवा प्रतिष्ठान, नेहरू नगर, जिला बिलासपुर को दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और लोककलाओं को समर्पित प्रतिभाओं का होगा सम्मान
छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने वाले साहित्यकारों और कलाकारों को भी राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। समकालीन रंगकर्म, छत्तीसगढ़ी, हिन्दी एवं अन्य भाषाओं के नाटक के क्षेत्र में हबीब तनवीर सम्मान रायपुर के डॉ. पुरुषोत्तम चन्द्राकर को प्रदान किया जाएगा। हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में पंडित सुन्दरलाल शर्मा सम्मान रायगढ़ के डॉ. बिहारीलाल साहू को दिया जाएगा।
शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य के क्षेत्र में चक्रधर सम्मान रायपुर के डॉ. एम. श्रीराम मूर्ति को तथा लोक नाट्य एवं लोक शिल्प के क्षेत्र में दाऊ मंदराजी सम्मान रायपुर की श्रीमती रेखा जलक्षत्री को प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ी लोकगीत के क्षेत्र में लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान दुर्ग जिले की श्रीमती साधना यादव को मिलेगा। पंथी नृत्य के क्षेत्र में देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार रायपुर जिले के सी.एल. रात्रे को प्रदान किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के क्षेत्र में खुमान साव सम्मान रायपुर के चंद्रभूषण वर्मा को दिया जाएगा। आंचलिक साहित्य एवं लोक कविता के क्षेत्र में लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार दुर्ग जिले के दुर्गा प्रसाद पारकर को प्रदान किया जाएगा। सामाजिक समानता और साहित्य एवं काव्य के क्षेत्र में संत रविदास सम्मान बालोद जिले के जगदीश प्रसाद देशमुख को दिया जाएगा।
पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पत्रकारों को मिलेगा सम्मान
राज्य अलंकरण के अंतर्गत पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पत्रकारों को भी सम्मानित किया जाएगा। हिन्दी प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार रायपुर के प्रमोद कुमार साहू को प्रदान किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (हिन्दी) के क्षेत्र में चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार रायपुर के वरुण सखाजी एवं रसिका पाण्डेय को संयुक्त रूप से दिया जाएगा।
अंग्रेजी प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार रायपुर के शिशिर राय चौधरी को प्रदान किया जाएगा। रचनात्मक लेखन और हिन्दी भाषा के क्षेत्र में प्रतिष्ठित पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक अनंत विजय, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश को प्रदान किया जाएगा।
खेल, कृषि, चिकित्सा और मत्स्य पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों को मिलेगी पहचान
खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को गुण्डाधूर सम्मान और महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। गुण्डाधूर सम्मान कोरबा जिले की संजू देवी को तथा महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान बालोद जिले के टोमन कुमार को प्रदान किया जाएगा। कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार कबीरधाम जिले के पुन्नी दास भट्ट को प्रदान किया जाएगा।
आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा तथा शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में धन्वन्तरि सम्मान धमतरी जिले के डॉ. दिनेश कुमार नाग को दिया जाएगा। मत्स्य पालन के क्षेत्र में श्रीमती बिलासाबाई केंवट मत्स्य विकास पुरस्कार बालोद जिले के प्रदीप कुमार सोनी को प्रदान किया जाएगा।
संस्कृत भाषा, आदिवासी सेवा और श्रम क्षेत्र में भी सम्मान
संस्कृत भाषा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राजेश्री महंत वैष्णवदास महाराज संस्कृत भाषा सम्मान रायपुर जिले के डॉ. बहुरन सिंह पटेल को प्रदान किया जाएगा। आदिवासियों की सेवा और आर्थिक उत्थान के क्षेत्र में डॉ. भंवरसिंह पोर्ते आदिवासी सेवा सम्मान नवा रायपुर के सत्य साई संजीवनी अस्पताल, सी. श्रीनिवास को प्रदान किया जाएगा।
श्रम के क्षेत्र में स्व. रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार अंतरयामी सामल, अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, यूनिट कुकुरडीह जिला बलौदाबाजार को दिया जाएगा। अपराध अनुसंधान के क्षेत्र में पंडित लखनलाल मिश्र सम्मान रायपुर के सुरेश कुमार धु्रव उप पुलिस अधीक्षक को प्रदान किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं को भी सम्मान
देश के बाहर अप्रवासी भारतीयों द्वारा सामाजिक कल्याण, साहित्य, मानव संसाधन, विकास अथवा आर्थिक क्षेत्र में योगदान के लिए छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान दंतेवाड़ा जिले की श्रीमती दीपाली सरावगी को प्रदान किया जाएगा।
हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय, पटकथा और निर्माण के क्षेत्र में किशोर साहू सम्मान रायपुर के सैयद ताहिर अली (करन खान) को प्रदान किया जाएगा। हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशन के क्षेत्र में किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण रायपुर के मोहन सुंदरानी को प्रदान किया जाएगा। पंडवानी कला के क्षेत्र में डॉ. तीजन बाई सम्मान दुर्ग जिले के चेतन लाल देवांगन को प्रदान किया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण, विधि और ग्रामीण पर्यटन में योगदान का सम्मान
महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष तथा नारी उत्थान के क्षेत्र में माता बहादुर कलारिन सम्मान कांकेर जिले की श्रीमती बुलबुल बैद्या को प्रदान किया जाएगा। विधि के क्षेत्र में बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान दिल्ली के कौस्तुभ शुक्ला एवं रायपुर के हेमन्त कुमार मिश्र को प्रदान किया जाएगा। ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए चेंदरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार कबीरधाम जिले के सत्येन्द्र कुमार उपाध्याय को प्रदान किया जाएगा।
राज्य अलंकरण से नई पीढ़ी को मिलेगी प्रेरणा: राजेश अग्रवाल
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि राज्य अलंकरण केवल व्यक्तियों और संस्थाओं का सम्मान नहीं, बल्कि उनके समर्पण, परिश्रम, प्रतिभा और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना का अभिनंदन है। प्रदेश की लोक संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने वाले कलाकारों, साहित्यकारों, पत्रकारों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित करने वाले नागरिकों का योगदान छत्तीसगढ़ के लिए प्रेरणादायी है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, गौरवशाली इतिहास और विकास यात्रा को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। राज्य अलंकरण समारोह इस आयोजन को और अधिक गौरवपूर्ण बनाएगा। मंत्री अग्रवाल ने राज्य अलंकरण के लिए चयनित सभी विभूतियों और संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को उत्कृष्ट कार्य करने, अपनी संस्कृति से जुड़े रहने और प्रदेश के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगी।
पत्रकार वार्ता के अवसर पर संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, संचालक संस्कृति विभाग डॉ. संजय कन्नौजे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने देखा सारंग टीम का रोमांचकारी हवाई करतब: नवा रायपुर के आसमान में भारतीय वायु सेना के शौर्य, साहस और कौशल का अद्भुत प्रदर्शन
मुख्यमंत्री श्री साय सेंध लेक में भारतीय वायु सेना की सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम की फुल ड्रेस रिहर्सल में हुए शामिल
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग के जाँबाजों ने किया अदम्य साहस और उत्कृष्ट समन्वय का प्रदर्शन
सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों की रोमांचकारी फॉर्मेशन और हैरतअंगेज करतबों ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध
सारंग टीम का प्रदर्शन अनुशासन, आपसी विश्वास, टीम भावना और उत्कृष्टता का अनुपम उदाहरण : मुख्यमंत्री श्री साय
सारंग के कॉकपिट से गूंजा 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया', तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन और 'वंदे मातरम्' की गूंज से देशभक्ति के रंग में रंगा आसमान
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं, छत्तीसगढ़ के विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को छूने की कामना की
2 नवंबर को सेंध लेक में होगा भारतीय वायु सेना की सारंग टीम का मुख्य हवाई प्रदर्शन
रायपुर, 01 नवंबर 2026





छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के गौरवपूर्ण अवसर पर आज नवा रायपुर का आसमान भारतीय वायु सेना के अदम्य शौर्य, साहस, अनुशासन और अद्भुत उड़ान कौशल का साक्षी बना। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर के सेंध लेक में आयोजित भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम के रोमांचकारी हवाई प्रदर्शन की फुल ड्रेस रिहर्सल में शामिल हुए। इस अवसर पर भारतीय वायु सेना की आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम के जाँबाजों ने अपने साहसिक करतबों, सटीक नियंत्रण और बेहतरीन तालमेल से उपस्थित जनसमूह को रोमांचित कर दिया। आसमान में तिरंगे की मनमोहक छटा, हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन और 'वंदे मातरम्' की गूंज ने पूरे वातावरण को देशभक्ति और राष्ट्रीय गौरव की भावना से सराबोर कर दिया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय वायु सेना के जाँबाजों के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय वायु सेना की प्रतिष्ठित सारंग टीम का यह आयोजन हम सभी के लिए अत्यंत गौरव और प्रसन्नता का विषय है। हमारे वायु वीरों ने जिस साहस, अनुशासन, आत्मविश्वास और सटीक समन्वय के साथ अपने कौशल का प्रदर्शन किया है, वह प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल रोमांचकारी हवाई करतबों का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारतीय वायु सेना की उत्कृष्ट क्षमता, कठिन प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना का जीवंत परिचय है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ इसी प्रकार निरंतर विकास, प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता रहे। राज्य स्थापना दिवस की खुशियों के बीच भारतीय वायु सेना के जाँबाजों का यह अद्भुत प्रदर्शन प्रदेशवासियों के उत्साह और गौरव को और अधिक बढ़ा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सारंग का अर्थ मोर होता है। जिस प्रकार मोर हमारे देश की विशिष्ट पहचान और सुंदरता का प्रतीक है, उसी प्रकार सारंग टीम भारतीय वायु सेना की गरिमा, उत्कृष्ट कौशल और अनुशासन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की धरती पर हम एक ऐसे गौरवशाली उत्सव के साक्षी बन रहे हैं, जहाँ राज्य स्थापना की खुशियों के साथ भारतीय वायु सेना का शौर्य, अनुशासन और अदम्य साहस भी जुड़ गया है। नवा रायपुर का आसमान हमारे वायु वीरों के अद्भुत हुनर, साहस और आपसी तालमेल का गवाह बन रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हवाई प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों की विभिन्न फॉर्मेशन और साहसिक करतब हमें भले ही सहज और सुंदर दिखाई देते हों, लेकिन इनके पीछे विस्तृत योजना, निरंतर अभ्यास, गहरी एकाग्रता और असाधारण समन्वय होता है। प्रत्येक पायलट को अपनी भूमिका के साथ-साथ अपने साथियों की गतिविधियों का भी पूरा ध्यान रखना पड़ता है। अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में एक-दूसरे पर अटूट विश्वास और सटीक तालमेल ही ऐसी अद्भुत प्रस्तुतियों को संभव बनाता है। उन्होंने कहा कि सारंग टीम का प्रदर्शन हमें यह महत्वपूर्ण संदेश देता है कि अनुशासन, समर्पण, सामूहिक प्रयास और आपसी विश्वास से कठिन से कठिन लक्ष्य को भी प्राप्त किया जा सकता है।
आकाशगंगा के जाँबाजों ने आसमान से उतरकर दिखाया अद्भुत साहस और सटीक नियंत्रण
हवाई प्रदर्शन का रोमांचकारी शुभारंभ भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम ने किया। खुले आसमान से छलांग लगाते हुए टीम के जाँबाजों ने अपने पैराशूटों को कुशलतापूर्वक नियंत्रित कर अदम्य साहस, संतुलन और सटीकता का अद्भुत परिचय दिया।
ऊंचे आसमान से उतरते हुए स्काईडाइवर्स ने निर्धारित दिशा और गति के अनुरूप अपने पैराशूटों को नियंत्रित किया तथा सेंध लेक के सामने निर्धारित स्थान पर सटीक लैंडिंग की। आसमान से धरती की ओर उतरते इन साहसी जवानों का प्रदर्शन दर्शकों के लिए रोमांच और उत्सुकता से भरा रहा। निर्धारित स्थान पर सफलतापूर्वक उतरते ही पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उपस्थित जनसमूह ने भारतीय वायु सेना के इन जाँबाजों के अद्भुत साहस और उत्कृष्ट प्रशिक्षण की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया।
आकाशगंगा टीम की इस प्रस्तुति ने भारतीय वायु सेना के जवानों की शारीरिक दक्षता, मानसिक दृढ़ता, कठिन परिस्थितियों में संतुलन बनाए रखने की क्षमता और उच्चस्तरीय प्रशिक्षण की प्रभावशाली झलक प्रस्तुत की।
गरुड़ कमांडोज ने दिखाया चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में विशेष ऑपरेशन का कौशल
आकाशगंगा टीम के प्रदर्शन के पश्चात भारतीय वायु सेना के गरुड़ कमांडोज ने एमआई-17 हेलीकॉप्टर से स्लिदरिंग का साहसिक प्रदर्शन किया। हवा में एक स्थान पर स्थिर हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे नीचे उतरते जवानों ने कठिन एवं चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में निर्धारित स्थान तक पहुँचने की अपनी दक्षता का परिचय दिया।
गरुड़ कमांडोज ने हेलीकॉप्टर से उतरकर सेंध लेक के सामने रेस्क्यू एवं कॉम्बैट ऑपरेशन का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इसके पश्चात जवानों ने मंच को सलामी दी। हवा में स्थिर हेलीकॉप्टर से रस्सियों के सहारे उतरने और निर्धारित स्थान पर ऑपरेशन को अंजाम देने की इस प्रस्तुति ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।
इस प्रदर्शन के माध्यम से भारतीय वायु सेना के विशेष बलों की परिचालन क्षमता, त्वरित कार्रवाई, साहसिक प्रशिक्षण और कठिन परिस्थितियों में मिशन को सफलतापूर्वक पूरा करने की दक्षता का परिचय मिला। दर्शकों ने कमांडोज के अदम्य साहस और अनुशासित प्रदर्शन की करतल ध्वनि से सराहना की।
सारंग के पांच हेलीकॉप्टरों ने आसमान में रचा रोमांच, हैरतअंगेज करतबों ने थाम दीं दर्शकों की सांसें
हवाई प्रदर्शन का सबसे प्रमुख और रोमांचकारी आकर्षण भारतीय वायु सेना की विश्वप्रसिद्ध सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम की शानदार प्रस्तुति रही। ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार के नेतृत्व में टीम के पांच हेलीकॉप्टरों ने नवा रायपुर के आसमान में एक के बाद एक आकर्षक फॉर्मेशन और साहसिक हवाई करतब प्रस्तुत किए।
सारंग टीम के पायलटों ने अपने हेलीकॉप्टरों को अत्यंत सटीक नियंत्रण, संतुलन और बेहतरीन समन्वय के साथ उड़ाते हुए अद्भुत कौशल का परिचय दिया। आसमान में एक साथ उड़ते पांच हेलीकॉप्टरों की आकर्षक फॉर्मेशन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कभी हेलीकॉप्टर एक-दूसरे के बेहद करीब आते दिखाई दिए, तो कभी अलग-अलग दिशाओं में उड़ान भरते हुए पुनः निर्धारित फॉर्मेशन में एक साथ आ गए।
प्रदर्शन के दौरान हेलीकॉप्टरों के बेहद नजदीक से एक-दूसरे को क्रॉस करने वाले रोमांचकारी 'क्रॉसओवर' करतब ने दर्शकों की सांसें थाम दीं। तेज गति से एक-दूसरे के सामने से गुजरते हेलीकॉप्टरों को देखकर उपस्थित जनसमूह आश्चर्यचकित रह गया। इस साहसिक करतब में पायलटों की एकाग्रता, उड़ान पर नियंत्रण और एक-दूसरे के साथ सटीक तालमेल स्पष्ट दिखाई दिया।
सारंग टीम ने विभिन्न आकर्षक फॉर्मेशनों और रोमांचकारी मैनुवर के माध्यम से भारतीय वायु सेना की तकनीकी दक्षता, व्यावसायिक उत्कृष्टता और साहसिक उड़ान कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। प्रत्येक नई फॉर्मेशन के साथ दर्शकों का उत्साह बढ़ता गया। हेलीकॉप्टरों के अद्भुत करतबों को देखकर दर्शक बार-बार तालियां बजाकर वायु वीरों का उत्साहवर्धन करते रहे।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सारंग टीम के रोमांचकारी प्रदर्शन को उत्साहपूर्वक देखा और पायलटों के साहस, अनुशासन तथा उत्कृष्ट समन्वय की सराहना की।
सारंग के कॉकपिट से गूंजा 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया', दर्शकों का उत्साह हुआ दोगुना
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर सारंग टीम ने प्रदेश के प्रति अपने विशेष स्नेह और सम्मान का भी परिचय दिया। हवाई प्रदर्शन के दौरान ग्रुप कैप्टन श्री अभिजीत कुमार ने हेलीकॉप्टर के कॉकपिट से छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय उद्घोष 'छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया' के माध्यम से प्रदेशवासियों का आत्मीय अभिवादन किया।
आसमान से गूंजे इस आत्मीय उद्घोष ने उपस्थित जनसमूह के उत्साह को दोगुना कर दिया। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय वायु सेना के जाँबाजों द्वारा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट पहचान और जनभावनाओं को सम्मान देने का यह क्षण विशेष रूप से यादगार बन गया।
तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन और 'वंदे मातरम्' की गूंज से देशभक्ति के रंग में रंगा आसमान
हवाई प्रदर्शन के अंतिम चरण में सारंग टीम ने 'वंदे मातरम्' गीत की गूंज के बीच तिरंगे की मनमोहक फॉर्मेशन प्रस्तुत की। आसमान में तिरंगे के रंगों की आकर्षक छटा ने पूरे वातावरण को राष्ट्रीय गौरव और देशभक्ति की भावना से भर दिया।
भारतीय वायु सेना के जाँबाजों द्वारा प्रस्तुत इस शानदार फॉर्मेशन ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। आसमान में उड़ान भरते हेलीकॉप्टरों के अद्भुत तालमेल, तिरंगे के रंगों और देशभक्ति गीत की गूंज ने एक अविस्मरणीय दृश्य उपस्थित किया।
शौर्य, साहस, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम से परिपूर्ण इस प्रस्तुति के साथ हवाई प्रदर्शन का भव्य एवं यादगार समापन हुआ। राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने प्रदेशवासियों को भारतीय वायु सेना की उत्कृष्टता और राष्ट्रसेवा के गौरवशाली स्वरूप से परिचित कराया।
विश्वभर में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ा चुकी है सारंग टीम
उल्लेखनीय है कि भारतीय वायु सेना की सारंग हेलीकॉप्टर डिस्प्ले टीम विश्व की एकमात्र पांच हेलीकॉप्टरों वाली एयरोबेटिक प्रदर्शन टीम है। यह टीम अपने सुनियोजित हवाई करतबों, आकर्षक फॉर्मेशनों और अद्भुत उड़ान कौशल के माध्यम से भारतीय वायु सेना की सटीकता, अनुशासन, व्यावसायिकता तथा उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का परिचय देती है।
सारंग टीम ने जर्मनी, यूनाइटेड किंगडम, मॉरिशस, रूस और मिस्र सहित दुनिया के अनेक देशों में अपने शानदार हवाई प्रदर्शनों से भारत की प्रतिष्ठा और गौरव को नई ऊंचाइयां प्रदान की हैं। विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर टीम की प्रस्तुतियां भारतीय वायु सेना की दक्षता, साहस, तकनीकी उत्कृष्टता और उत्कृष्ट समन्वय का प्रभावशाली परिचय देती रही हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में सारंग टीम की उपस्थिति प्रदेशवासियों के लिए विशेष गौरव का अवसर है।
2 नवंबर को सेंध लेक में होगा सारंग टीम का मुख्य हवाई प्रदर्शन
उल्लेखनीय है कि आज आयोजित फुल ड्रेस रिहर्सल के पश्चात कल 2 नवंबर को नवा रायपुर के सेंध लेक में भारतीय वायु सेना की सारंग एयरोबेटिक डिस्प्ले टीम अपना मुख्य हवाई प्रदर्शन प्रस्तुत करेगी।
राज्योत्सव के अवसर पर आयोजित यह रोमांचकारी आयोजन प्रदेशवासियों को भारतीय वायु सेना के अद्भुत शौर्य, साहस, अनुशासन और उड़ान कौशल को निकट से देखने का विशेष अवसर प्रदान करेगा। आकाशगंगा स्काईडाइविंग टीम, गरुड़ कमांडोज और सारंग टीम की साहसिक प्रस्तुतियों से यह आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के उत्सव को और अधिक भव्य एवं यादगार बनाएगा।
इस अवसर पर खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, श्रीमती कौशल्या साय सहित जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक, भारतीय वायु सेना के अधिकारीगण तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने प्रदेशवासियों को दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
छत्तीसगढ़ की स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण, विकास और समृद्धि की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर प्रदेश
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की सहभागिता महत्वपूर्ण : वित्त मंत्री श्री चौधरी
प्रदेश की उन्नति, समृद्धि और खुशहाली के संकल्प को और मजबूत करने का किया आह्वान
रायपुर, 01 नवम्बर 2026
वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के गौरवशाली अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि 1 नवम्बर 2000 को अस्तित्व में आया छत्तीसगढ़ आज अपनी स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण कर विकास, प्रगति और समृद्धि की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। यह अवसर प्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, उपलब्धियों और विकास यात्रा का स्मरण करने के साथ ही उज्ज्वल भविष्य के निर्माण का संकल्प लेने का है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों, समृद्ध लोक संस्कृति, मेहनतकश किसानों, श्रमिकों, उद्यमियों और प्रतिभाशाली युवाओं की भूमि है। प्रदेश की जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराएं, तीज-त्योहार और सामाजिक समरसता हमारी विशिष्ट पहचान हैं। राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, अधोसंरचना और नागरिक सुविधाओं के विस्तार सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास की महत्वपूर्ण यात्रा तय की है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को विकसित, समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश में आधुनिक अधोसंरचना के विकास, औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन, रोजगार के नए अवसरों के सृजन, किसानों की समृद्धि, महिला सशक्तिकरण और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास की वास्तविक शक्ति यहां के तीन करोड़ से अधिक नागरिकों की मेहनत, प्रतिभा और संकल्प में निहित है। किसानों की खुशहाली, महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता, युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं रोजगार के अवसर और अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हमारा साझा लक्ष्य है। इसके लिए आधुनिक तकनीक, नवाचार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, बेहतर अधोसंरचना और सुशासन को निरंतर सशक्त बनाना आवश्यक है। प्रदेश की युवा शक्ति, उद्यमशीलता और प्राकृतिक संपदा के समुचित उपयोग से छत्तीसगढ़ देश की प्रगति में और महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है।
वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों, जननायकों और असंख्य नागरिकों के संघर्ष एवं योगदान को स्मरण करने का भी दिन है। यह अवसर हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहते हुए आधुनिक और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए प्रेरित करता है।
श्री चौधरी ने प्रदेशवासियों से आह्वान करते हुए कहा कि आइए, इस गौरवशाली अवसर पर हम सभी मिलकर प्रदेश की उन्नति, समृद्धि और खुशहाली के संकल्प को और मजबूत करें तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने कामना की कि हमारा छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़े और प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख, समृद्धि एवं खुशहाली आए।
मसाला उद्योग से माधुरी निकुंज बनीं लखपति दीदी, सालाना डेढ़ लाख रुपये की कर रहीं आमदनी
बिहान योजना से मिला आत्मनिर्भरता का अवसर, बैंक लिंकेज और पीएमएफएमई योजना के सहयोग से शुरू किया स्वरोजगार
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं को मिल रही आर्थिक मजबूती, दूसरी महिलाओं के लिए प्रेरणा बनीं माधुरी
रायपुर, 01 नवम्बर 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' और केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के सहयोग से महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार के नए अवसर अपना रही हैं। अपने हुनर, मेहनत और उद्यमशीलता से वे न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि लखपति दीदी के रूप में अपनी नई पहचान भी बना रही हैं। जशपुर जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत ग्राम खुटगांव निवासी श्रीमती माधुरी निकुंज इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं। उन्होंने शासकीय योजनाओं से मिले आर्थिक सहयोग का सदुपयोग कर मसाला उद्योग स्थापित किया और आज प्रतिवर्ष लगभग डेढ़ लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।
बिहान से जुड़कर माधुरी ने बढ़ाए आत्मनिर्भरता की ओर कदम
श्रीमती माधुरी निकुंज वर्ष 2017 में बिहान योजना से जुड़ीं। स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें बचत, बैंक लिंकेज और स्वरोजगार के लिए उपलब्ध वित्तीय सुविधाओं का लाभ उठाने का अवसर मिला। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत बनाने के उद्देश्य से मसाला निर्माण व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया।
बिहान योजना के माध्यम से बैंक लिंकेज के तहत उन्हें 3 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। इसके अतिरिक्त प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत 1 लाख 40 हजार रुपये का सहयोग मिला। इस प्रकार दोनों योजनाओं के माध्यम से कुल 4 लाख 40 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त कर उन्होंने मसाला उद्योग की शुरुआत की।
मसाला उद्योग से सालाना डेढ़ लाख रुपये की आय, बनीं लखपति दीदी
शासकीय योजनाओं से मिले सहयोग और अपनी मेहनत के बल पर माधुरी निकुंज ने मसाला उद्योग को आजीविका का साधन बनाया। व्यवसाय से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये की आय हो रही है। इस आमदनी से वे परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में योगदान दे रही हैं और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
मसाला निर्माण जैसे खाद्य प्रसंस्करण व्यवसाय को अपनाकर माधुरी ने यह उदाहरण प्रस्तुत किया है कि ग्रामीण महिलाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अवसरों का उपयोग कर स्वयं का उद्यम स्थापित कर सकती हैं। उनकी इस उपलब्धि ने उन्हें लखपति दीदी के रूप में नई पहचान दिलाई है।
बिहान और पीएमएफएमई योजना से ग्रामीण उद्यमिता को मिल रहा प्रोत्साहन
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' के माध्यम से महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर बचत, ऋण और आजीविका संवर्धन के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े छोटे उद्यमों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
इन योजनाओं के सहयोग से ग्रामीण महिलाएं पारंपरिक आजीविका गतिविधियों से आगे बढ़कर मसाला निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण और अन्य लघु उद्योगों में अपनी भागीदारी बढ़ा रही हैं। इससे महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था में योगदान देने का अवसर मिल रहा है।
ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बनीं माधुरी
श्रीमती माधुरी निकुंज की सफलता दर्शाती है कि शासकीय योजनाओं से मिलने वाले वित्तीय सहयोग, मेहनत और उद्यमशीलता के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल कर सकती हैं। वर्ष 2017 में बिहान से जुड़ने के बाद मसाला उद्योग स्थापित करने और सालाना डेढ़ लाख रुपये की आय अर्जित करने तक का उनका सफर अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणादायक है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण और स्वरोजगार को दिए जा रहे प्रोत्साहन से जशपुर जिले की महिलाएं आजीविका के नए अवसरों की ओर आगे बढ़ रही हैं। माधुरी निकुंज जैसी लखपति दीदियों की सफलता यह संदेश देती है कि उचित अवसर और योजनाओं का सहयोग मिलने पर ग्रामीण महिलाएं अपने हुनर को सफल व्यवसाय में बदलकर परिवार की खुशहाली और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को लिखा आत्मीय पत्र, प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएं
छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और जनजीवन से अपने गहरे जुड़ाव को किया याद, सरगुजा से बस्तर तक की यात्राओं के अनुभव किए साझा
नक्सलवाद के निर्णायक खात्मे से छत्तीसगढ़ में शांति, विश्वास और विकास का नया वातावरण : प्रधानमंत्री श्री मोदी
डबल इंजन सरकार के प्रयासों से गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और जनजातीय समाज के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव
छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा को नई गति दे रहा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, रेल, सड़क और हवाई कनेक्टिविटी का विस्तार
'अंजोर विजन' विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत के संकल्प को दे रहा नई दिशा : प्रधानमंत्री
रायपुर ,01 नवंबर 2026
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को आत्मीय पत्र लिखकर प्रदेश के सभी भाई-बहनों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने पत्र में छत्तीसगढ़ से अपने दशकों पुराने आत्मीय संबंधों, प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, नक्सलवाद के विरुद्ध मिली निर्णायक सफलता तथा विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में हो रहे व्यापक बदलावों का विशेष उल्लेख किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि छत्तीसगढ़ आने वाले समय में विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अटल जी के दूरदर्शी नेतृत्व में साकार हुई छत्तीसगढ़ की आकांक्षाएं
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने पत्र में भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का स्मरण करते हुए कहा कि 26 वर्ष पूर्व उनके दूरदर्शी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य का गठन हुआ था। इस ऐतिहासिक निर्णय ने लाखों नागरिकों की दशकों पुरानी आकांक्षाओं को साकार किया और प्रदेश के विकास की नई यात्रा का शुभारंभ किया।
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ से अपने व्यक्तिगत जुड़ाव का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन के दिनों से ही छत्तीसगढ़ से विशेष लगाव रहा है। अविभाजित मध्य प्रदेश के समय से उन्हें अनेक बार यहां आने का अवसर मिला। सरगुजा के वनांचलों से लेकर बस्तर की पावन धरती तक की यात्राओं में उन्होंने छत्तीसगढ़िया संस्कृति और जनजीवन को निकट से जाना और समझा है।
उन्होंने उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ की सरलता, सहजता, परिश्रमशीलता और जीवंत सांस्कृतिक परंपराएं उन्हें सदैव प्रेरणा देती रही हैं। प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष छत्तीसगढ़ की रजत जयंती के अवसर पर अपने प्रदेश प्रवास और नए विधानसभा भवन के लोकार्पण का भी स्मरण किया।
नक्सलवाद के रेड कॉरिडोर अब बन रहे शांति और विकास के नए केंद्र
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध मिली सफलता को प्रदेश की विकास यात्रा का महत्वपूर्ण परिवर्तन बताया। उन्होंने कहा कि कुछ वर्ष पहले तक जो क्षेत्र नक्सलवाद के रेड कॉरिडोर के रूप में पहचाने जाते थे, वे आज शांति, विश्वास और विकास के नए केंद्र बन रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक नक्सलवाद प्रदेश के विकास की सबसे बड़ी बाधाओं में से एक रहा, लेकिन आज इसे निर्णायक रूप से समाप्त करने में सफलता मिली है। इससे प्रदेश में विकास का नया वातावरण बना है तथा कनेक्टिविटी और आधुनिक अधोसंरचना के विस्तार को नई गति मिली है।
उन्होंने बस्तर में आए ऐतिहासिक बदलाव का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से बस्तर को माओवादी आतंक से मुक्त कराने का संकल्प पूरा हुआ है। बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन इस परिवर्तन के प्रतीक बन रहे हैं।
प्रधानमंत्री ने उल्लेख किया कि नियद नेल्ला नार, आजीविका उन्नयन योजना और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर जैसी पहलों से स्थानीय नागरिक बुनियादी सुविधाओं और विकास के नए अवसरों से जुड़ रहे हैं। उन्होंने बस्तर के शांति, सुशासन और समृद्धि की नई राह पर आगे बढ़ने पर गर्व व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ में कनेक्टिविटी के विस्तार को विकास की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने स्मरण किया कि 25 वर्ष पहले दिल्ली और रायपुर के बीच दिनभर में केवल एक उड़ान उपलब्ध हुआ करती थी, जबकि आज प्रदेश में चार आधुनिक हवाई अड्डों का नेटवर्क है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में 51 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। वंदे भारत और अमृत भारत जैसी आधुनिक रेल सेवाएं भी शुरू की गई हैं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण के विस्तार से रायपुर और बिलासपुर के बीच यात्रा का समय लगभग आधा हो गया है। विशाखापत्तनम और रांची-धनबाद जैसे प्रमुख आर्थिक केंद्रों को जोड़ने वाले निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे आने वाले समय में राज्य की कनेक्टिविटी, उद्योग और रोजगार के अवसरों को नई गति देंगे।
'मनखे-मनखे एक समान' का संदेश डबल इंजन सरकार की नीतियों का मूल आधार
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने संत गुरु घासीदास जी के 'मनखे-मनखे एक समान' के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि यह डबल इंजन सरकार की नीतियों के मूल आधार जैसा है। इसी मंत्र को आत्मसात करते हुए सरकार 'सबका साथ-सबका विकास' की भावना से समाज के प्रत्येक वर्ग की प्रगति के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के माध्यम से सुदूर जनजातीय क्षेत्रों तक पक्के मकान, सड़क, बिजली, स्वच्छ पेयजल, शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा रही हैं। इन प्रयासों से प्रदेश की बड़ी आबादी को गरीबी से बाहर निकलने में मदद मिली है।
73 लाख परिवारों को निःशुल्क अनाज, 22 लाख से अधिक पक्के आवासों का निर्माण
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने पत्र में जनकल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के 73 लाख जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से निःशुल्क अनाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 22 लाख से अधिक पक्के आवासों का निर्माण पूरा हुआ है। 41 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों तक नल से जल पहुंचा है और करीब 40 लाख परिवारों को गैस कनेक्शन मिले हैं। लगभग ढाई करोड़ आयुष्मान कार्डों के माध्यम से नागरिकों की आरोग्य सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने उल्लेख किया कि इन योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता के साथ जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाया जा रहा है। प्रदेश के हर परिवार के जीवन को बेहतर बनाना डबल इंजन सरकार का मूल ध्येय है।
25 लाख से अधिक किसानों को उपज का बेहतर मूल्य, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था में कृषि के महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में धान खरीदी की मजबूत व्यवस्था से 25 लाख से अधिक किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिल रहा है। इससे किसानों की समृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।
उन्होंने दंतेवाड़ा जैसे आकांक्षी क्षेत्रों में माओवादी आतंक के बाद आए सकारात्मक बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना जैसी पहलें इन क्षेत्रों में कृषि को और मजबूत बना रही हैं।
युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और कौशल विकास के नए अवसर
प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ की युवा शक्ति को प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में एम्स, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, आईआईएम और निफ्ट जैसे प्रतिष्ठित संस्थान युवाओं के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं।
पीएम-सेतु और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के माध्यम से कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप छत्तीसगढ़ी के साथ गोंडी, हल्बी और सरगुजिहा जैसी स्थानीय भाषाओं एवं बोलियों में प्राथमिक शिक्षा की व्यवस्था भी की जा रही है।
महतारी वंदन योजना से माताओं-बहनों को आर्थिक संबल
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदेश के विकास में नारीशक्ति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।
उन्होंने महतारी वंदन योजना का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इस योजना के तहत 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपये भेजे जा रहे हैं। इससे महिलाओं को आर्थिक संबल मिलने के साथ परिवार और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ रही है।
इनोवेशन और टेक्नोलॉजी का प्रमुख केंद्र बन रहा छत्तीसगढ़
प्रधानमंत्री ने नवा रायपुर के आधुनिक शहर के रूप में उभरने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इंडिया AI मिशन और सेमीकंडक्टर मिशन के अनुरूप नई तकनीक से जुड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि फार्मा, टेक्सटाइल, आईटी, बिजली, एल्युमिनियम और स्टील जैसे क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। नवा रायपुर में आयोजित ऑल इंडिया स्टील कॉन्क्लेव 2.0 और ग्रीन स्टील एंड माइनिंग समिट ने देश के स्टील क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को नई पहचान दी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों और प्रतिभाशाली युवाओं की शक्ति से प्रगति का नया मार्ग तैयार हो रहा है।
छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत देश की अमूल्य धरोहर
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह प्रभु श्रीराम का ननिहाल और संत गुरु घासीदास जी की पावन जन्मभूमि है। यहां कबीरपंथ की समतामूलक विचारधारा की गहरी छाप है।
उन्होंने पद्म विभूषण तीजन बाई की पंडवानी को छत्तीसगढ़ की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि यहां की लोककलाएं, लोकभाषाएं और जनजातीय परंपराएं देश की सांस्कृतिक विविधता को समृद्ध बनाती हैं। छत्तीसगढ़ अपनी इस गौरवशाली विरासत को संजोते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा छत्तीसगढ़
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने पत्र के समापन में छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य के प्रति विश्वास व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ की बड़ी भूमिका होने वाली है।
प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि छत्तीसगढ़ सरकार का विजन डॉक्यूमेंट 'अंजोर विजन', विकसित छत्तीसगढ़ से विकसित भारत के संकल्प को नई दिशा दे रहा है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और अधिक तेजी से आगे बढ़ेगी तथा प्रदेश अपनी उपलब्धियों से मां भारती और छत्तीसगढ़ महतारी का गौरव बढ़ाता रहेगा।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पत्र के अंत में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सहित छत्तीसगढ़ के सभी परिवारजनों को राज्य स्थापना दिवस की पुनः हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने राज्योत्सव की तैयारियों का लिया जायजा
रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में 1 नवंबर से प्रारंभ होने वाले तीन दिवसीय भव्य राज्योत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, गौरवशाली परंपराओं, लोककला, लोकसंस्कृति और विकास यात्रा को प्रदर्शित करने वाले इस महत्वपूर्ण आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। राज्योत्सव के शुभारंभ से एक दिन पूर्व आज पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आयोजन स्थल पहुंचकर तैयारियों और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से आयोजन की तैयारियों की जानकारी ली तथा सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित एवं सुचारु रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने निरीक्षण के दौरान कहा कि छत्तीसगढ़ राज्योत्सव केवल राज्य स्थापना दिवस का उत्सव नहीं, बल्कि प्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक पहचान, समृद्ध परंपराओं, लोकजीवन और निरंतर प्रगति का प्रतीक है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की विविधतापूर्ण संस्कृति, ऐतिहासिक धरोहरों, पारंपरिक कलाओं और विकास की उपलब्धियों को एक मंच पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव में आने वाले प्रत्येक अतिथि और प्रदेशवासी को छत्तीसगढ़ की आत्मीयता, अतिथि सत्कार और सांस्कृतिक समृद्धि का सुखद अनुभव होना चाहिए।
अतिथियों और आम नागरिकों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता : मंत्री राजेश अग्रवाल
मंत्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राज्योत्सव में बड़ी संख्या में आने वाले नागरिकों, कलाकारों और अतिथियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। आयोजन स्थल पर प्रवेश एवं निकास, आवागमन, वाहन पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, बैठक व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं का समुचित प्रबंध सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आयोजन के दौरान किसी भी नागरिक को अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े, इसके लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
मंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था को भी विशेष प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्योत्सव में शामिल होने वाले लोगों की सुरक्षा, सुगमता और सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। आयोजन स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण कर ली जाएं तथा कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाओं की सतत निगरानी रखी जाए।
छत्तीसगढ़ की लोककला, संस्कृति और परंपराओं को मिलेगा भव्य मंच
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी जीवंत लोकसंस्कृति, समृद्ध जनजातीय परंपराओं, लोकनृत्यों, लोकगीतों, पारंपरिक वाद्ययंत्रों और विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत से है। बस्तर से सरगुजा तक और मैदानी अंचलों से वनांचलों तक प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता अपने आप में अनूठी है। राज्योत्सव इस सांस्कृतिक वैभव को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों तथा परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककलाओं और परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे आयोजन लोक कलाकारों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर प्रदान करने के साथ ही प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को और अधिक सुदृढ़ बनाते हैं।
राज्य की विकास यात्रा और उपलब्धियों से परिचित होंगे प्रदेशवासी
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ ने विभिन्न क्षेत्रों में विकास की महत्वपूर्ण यात्रा तय की है। राज्योत्सव प्रदेश की इस विकास यात्रा, उपलब्धियों और भविष्य की संभावनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का अवसर भी है। यह आयोजन छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत के साथ आधुनिक और विकसित छत्तीसगढ़ की तस्वीर प्रस्तुत करेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता को संरक्षित रखते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं को आगे बढ़ाकर प्रदेश की विशिष्ट पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
राज्योत्सव को यादगार और सफल बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय से करें कार्य
निरीक्षण के दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि राज्योत्सव प्रदेश की प्रतिष्ठा से जुड़ा महत्वपूर्ण आयोजन है। इसलिए इसके प्रत्येक पहलू में गुणवत्ता, सुव्यवस्था और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए। आयोजन स्थल की साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के सुचारु संचालन तथा आगंतुकों की सुविधा से संबंधित व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक तैयारियों का अंतिम परीक्षण कर लिया जाए और आयोजन के दौरान उत्पन्न होने वाली किसी भी समस्या के त्वरित समाधान के लिए संबंधित अधिकारी पूरी तत्परता से कार्य करें।
तीन दिनों तक छत्तीसगढ़ की गौरवशाली पहचान का उत्सव
नवा रायपुर में 1 से 3 नवंबर तक आयोजित होने वाला राज्योत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता, लोकपरंपराओं और विकास की उपलब्धियों का उत्सव बनेगा। यह आयोजन प्रदेशवासियों को अपनी समृद्ध विरासत पर गर्व करने तथा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और विकासात्मक उपलब्धियों से परिचित होने का अवसर प्रदान करेगा।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति हमारी अमूल्य धरोहर और हमारी पहचान है। इस गौरवशाली विरासत को संरक्षित रखना तथा आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष का राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की एकता, सांस्कृतिक समृद्धि और विकास के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगा तथा प्रदेशवासियों के लिए एक यादगार उत्सव साबित होगा।
पटवारियों को हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने का अल्टीमेटम
संभाग के सभी 819 पटवारियों को तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश, संबंधित एसडीएम ने जारी किए शो कॉज नोटिस
फसल क्षति सर्वेक्षण और जरूरी राजस्व कार्य प्रभावित, अनुपस्थित रहने पर नियमानुसार कार्रवाई की चेतावनी’
अनुपस्थिति अवधि को ब्रेक इन सर्विस माना जावेगा
रायपुर, 01 नवम्बर 2026
सरगुजा संभाग में हड़ताल पर गए सभी 819 पटवारियों को तत्काल काम पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं। संभागायुक्त श्री नरेन्द्र दुग्गा ने संबंधित पटवारियों को तत्काल कार्य पर उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सरगुजा संभाग के सभी 6 जिलों के अनुविभागीय दण्डाधिकारियों (एसडीएम) को निर्देशित करते हुए कहा कि उनके अनुविभाग में जो-जो पटवारी हड़ताल पर गए हैं उन्हें नोटिस जारी कर तत्काल अपने कर्तव्य पर उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करने तथा संबंधित तहसीलदार के माध्यम से उसी दिन व्यक्तिगत लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित तिथि पर मुख्यालय में उपस्थिति नहीं देने एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। सूरजपुर जिले के 192, सरगुजा जिले के 216, कोरिया के 60, एमसीबी जिले के के 51, जशपुर जिले के 150 एवं बलरामपुर जिले के 150 पटवारियों को शो-काज नोटिस जारी किया गया है।
बलरामपुर जिले में मुख्यालय में निवास नहीं करने के कारण 5 पटवारियों को निलंबित की कार्यवाही भी की गई है एवं सभी हड़ताल पर गए पटवारियों को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल अपने कार्य पर उपस्थित होकर शासकीय कार्य का संपादन करे।
संभागायुक्त श्री दुग्गा ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति अथवा स्वीकृत अवकाश के बिना कर्तव्य से अनुपस्थित रहने के कारण महत्वपूर्ण एवं समयबद्ध शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इनमें डिजिटल क्रॉप सर्वे, फिजिकल वेरिफिकेशन, एग्रीस्टैक तथा आगामी धान खरीदी से संबंधित कृषक अभिलेखों का सत्यापन शामिल है। इसके अलावा आय, जाति एवं निवास प्रमाणपत्रों के लिए आवश्यक जांच प्रतिवेदन, नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और राजस्व न्यायालयीन प्रकरणों सहित अन्य जरूरी कार्यों पर भी असर पड़ रहा है।
चक्रवाती तूफान के कारण विभिन्न क्षेत्रों में हुई फसल क्षति का त्वरित सर्वेक्षण, नुकसान का आकलन और पात्रतानुसार राहत संबंधी कार्रवाई प्राथमिकता से की जानी है। पटवारियों की अनुपस्थिति से ये अत्यावश्यक कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं, जिससे किसानों एवं आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। संबंधित पटवारियों से अनधिकृत अनुपस्थिति के लिए अनुशासनात्मक कार्रवाई, अनुपस्थिति अवधि के वेतन एवं अन्य सेवा लाभों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई तथा उक्त अवधि को सेवा में व्यवधान (ब्रेक इन सर्विस) माना जाएगा।
सरदार पटेल के आदर्शों पर चलकर सुरक्षित, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हमारा संकल्प : विजय शर्मा
रायपुर । लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चौथी वाहिनी, माना में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा मुख्य रूप से शामिल हुए। उन्होंने परेड की सलामी ली, मार्च पास्ट का अवलोकन किया तथा उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व से 560 से अधिक देशी रियासतों का भारतीय संघ में एकीकरण कर अखंड भारत की आधारशिला रखी। उनका जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्रीय एकता केवल भौगोलिक सीमाओं का एकीकरण नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र के प्रति विश्वास, समर्पण और साझा जिम्मेदारी की भावना का निर्माण भी है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के आदर्श आज भी देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देते हैं।
*नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता, बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय*
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस का यह अवसर छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व रखता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। एक समय देश के 126 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित थे। आज केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद के प्रभाव को समाप्त करने की दिशा में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि कभी नक्सली हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर के दूरस्थ अंचलों में आज शांति, सुरक्षा और विकास की नई उम्मीद जगी है। हमारे वीर जवानों ने कठिन परिस्थितियों में अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए बस्तर में शांति स्थापना की मजबूत आधारशिला रखी है। यह सफलता केवल सुरक्षा बलों की उपलब्धि नहीं, बल्कि बस्तर की जनता के विश्वास, सहयोग और शांति की आकांक्षा का भी परिणाम है।
गृह मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत करना नहीं, बल्कि बस्तर के प्रत्येक गांव तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसर पहुंचाना है। बस्तर के जनजातीय समुदायों की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बस्तर के नागरिक केवल विकास योजनाओं के लाभार्थी नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र के शांतिपूर्ण, समृद्ध और उज्ज्वल भविष्य के प्रमुख भागीदार हैं।
उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने जिस अखंड, सशक्त और एकजुट भारत का स्वप्न देखा था, उसे साकार करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने आह्वान किया कि राष्ट्रीय एकता दिवस पर हम सभी शांति, सुरक्षा, सामाजिक समरसता और विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करने का संकल्प लें।
*उप मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, छायाचित्र प्रदर्शनी का किया अवलोकन*
राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नक्सली हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों की स्मृति में लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने शहीद जवानों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके सर्वाेच्च बलिदान को नमन किया। प्रदर्शनी में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान पुलिस बल की कार्यप्रणाली, जवानों के शौर्य, साहस और बलिदान के साथ पुलिस विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी गतिविधियों को भी प्रदर्शित किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में स्थापित हो रही शांति के पीछे हमारे वीर जवानों का अदम्य साहस, त्याग और बलिदान है। देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले शहीदों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।
*गुजरात के एकता नगर में छत्तीसगढ़ के वीर जवानों ने दिखाया शौर्य, अनुशासन और पराक्रम*
समारोह के दौरान गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड के सीधे प्रसारण का भी सामूहिक अवलोकन किया गया। इस राष्ट्रीय परेड में वामपंथी उग्रवाद का मुकाबला करने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के जवानों ने अपने अनुशासन, साहस और समर्पण का प्रदर्शन किया।
इस ऐतिहासिक परेड में छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों ने भी भाग लेकर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। परेड में छत्तीसगढ़ पुलिस के डीएसपी बृज किशोर यादव ने टू-आईसी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। डीएसपी सुश्री अमृता पैंकरा के नेतृत्व में बस्तर फाइटर्स की महिला कमांडो, डीएसपी कुलदीप बंजारे के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) तथा डीएसपी ओमप्रकाश सिंह के नेतृत्व में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के जवानों ने मार्च पास्ट में भाग लिया। नक्सल विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन बलों की राष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता छत्तीसगढ़ के लिए विशेष गौरव का अवसर रही।
*नाट्य मंचन में जीवंत हुई नक्सलवाद के विरूद्ध संघर्ष से शांति और विकास तक की यात्रा*
राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष और शांति स्थापना की यात्रा पर आधारित विशेष नाट्य प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। नाट्य मंचन में नक्सलवाद के उदय, उसके कारण उत्पन्न परिस्थितियों, सुरक्षा बलों के साहसिक अभियानों, वीर जवानों के बलिदान तथा जनता की भावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसमें छतीसगढ़ के बस्तर के युवा भी कलाकार के रूप में शामिल हुए। प्रस्तुति के माध्यम से वामपंथी उग्रवाद के भय और हिंसा से निकलकर शांति, विश्वास और विकास की ओर बढ़ने की यात्रा को जीवंत किया गया। उपस्थित जनसमूह ने इस भावपूर्ण प्रस्तुति की सराहना की। माना पुलिस ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों और आम नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
इस अवसर पर विधायक सुनील सोनी एवं मोतीलाल साहू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रदीप गुप्ता एवं अमित कुमार, पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, शहीद जवानों के परिजन, स्कूली बच्चे तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
राज्यपाल डेका ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उन्हें किया नमन
रायपुर । राज्यपाल रमेन डेका ने लौह पुरूष, राष्ट्रीय एकीकरण के शिल्पकार, भारत रत्न, सरदार वल्लभ भाई पटेल की 151वीं जयंती पर आज लोकभवन में उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। राज्यपाल डेका ने अखंड भारत के निर्माण में उनके योगदान को याद करते हुए नमन किया।
इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव डॉ.सी.आर. प्रसन्ना, विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे एवं लोक भवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
राज्योत्सव 2026:36 विभूतियों को मिलेगा प्रतिष्ठित राज्य अलंकरण सम्मान, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने की घोषणा
राज्य की कला, संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता, खेल, समाजसेवा और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं का होगा सम्मान
राज्य अलंकरण प्रदेश की प्रतिभाओं, विशिष्ट उपलब्धियों और समाज के प्रति उनके अमूल्य योगदान का सम्मान- श्री अग्रवाल
रायपुर, 01 नवंबर 2026

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव 2026 में प्रदेश की कला, संस्कृति, साहित्य, पत्रकारिता, खेल, समाजसेवा, शिक्षा, कृषि, लोककला और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विभूतियों को प्रतिष्ठित राज्य अलंकरण सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने आज राजधानी रायपुर के महंत घासीदास स्मारक संग्रहालय परिसर स्थित सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्य अलंकरण पुरस्कारों की घोषणा की। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं और संस्थाओं के लिए 36 श्रेणियों में राज्य अलंकरण सम्मान घोषित किए गए।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य अलंकरण सम्मान छत्तीसगढ़ की प्रतिभाओं, उनकी विशिष्ट उपलब्धियों तथा समाज और राज्य के विकास में उनके अतुलनीय योगदान के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करने का महत्वपूर्ण अवसर है। प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति, साहित्य, लोकपरंपराओं और सामाजिक मूल्यों को सहेजने तथा विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की दिशा में यह सम्मान महत्वपूर्ण पहल है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान यहां की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककलाओं, साहित्यिक परंपराओं और प्रतिभाशाली नागरिकों से है। राज्य अलंकरण के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं के योगदान को सम्मानित किया जाता है। ऐसे सम्मान नई पीढ़ी को अपनी प्रतिभा निखारने और समाज के प्रति सकारात्मक योगदान देने की प्रेरणा देते हैं।
आदिवासी उत्थान, सामाजिक चेतना और जनसेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान का सम्मान
राज्य अलंकरण की घोषित सूची के अनुसार आदिवासी सामाजिक चेतना तथा उनके उत्थान के क्षेत्र में शहीद वीरनारायण सिंह स्मृति सम्मान से धमतरी जिले के श्री डुमन लाल ध्रुव को सम्मानित किया जाएगा। अहिंसा एवं गौरक्षा के क्षेत्र में यति यतनलाल सम्मान दुर्ग जिले के विश्व गीता धेनू गोविन्द पक्षी सेवा धाम, कुम्हारी जिला दुर्ग को प्रदान किया जाएगा।
महिला उत्थान एवं जनजागृति के लिए मिनीमाता सम्मान (महिला उत्थान) गरियाबंद की लोक आस्था सेवा संस्थान (सुश्री लता नेताम) को दिया जाएगा। सामाजिक चेतना एवं दलित उत्थान के लिए गुरु घासीदास सामाजिक चेतना एवं अनुसूचित जाति उत्थान सम्मान कबीरधाम जिले के श्री सुखचंद भास्कर को प्रदान किया जाएगा।
सहकारिता के क्षेत्र में ठाकुर प्यारेलाल सिंह पुरस्कार श्री धनसिंह बघेल, प्राथमिक कुडुक मछुआ सहकारी समिति मर्यादित, चित्रकोट जिला बस्तर को प्रदान किया जाएगा। सामाजिक समरसता के क्षेत्र में महाराजा अग्रसेन सम्मान रायगढ़ जिले के श्री बाबूलाल अग्रवाल को दिया जाएगा। सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक उपलब्धियों के क्षेत्र में पंडित रविशंकर शुक्ल सम्मान श्री तेजस्विनी सेवा प्रतिष्ठान, नेहरू नगर, जिला बिलासपुर को दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ी भाषा, साहित्य और लोककलाओं को समर्पित प्रतिभाओं का होगा सम्मान
छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने वाले साहित्यकारों और कलाकारों को भी राज्य अलंकरण से सम्मानित किया जाएगा। समकालीन रंगकर्म, छत्तीसगढ़ी, हिन्दी एवं अन्य भाषाओं के नाटक के क्षेत्र में हबीब तनवीर सम्मान रायपुर के डॉ. पुरुषोत्तम चन्द्राकर को प्रदान किया जाएगा। हिन्दी साहित्य के क्षेत्र में पंडित सुन्दरलाल शर्मा सम्मान रायगढ़ के डॉ. बिहारीलाल साहू को दिया जाएगा।
शास्त्रीय संगीत एवं नृत्य के क्षेत्र में चक्रधर सम्मान रायपुर के डॉ. एम. श्रीराम मूर्ति को तथा लोक नाट्य एवं लोक शिल्प के क्षेत्र में दाऊ मंदराजी सम्मान रायपुर की श्रीमती रेखा जलक्षत्री को प्रदान किया जाएगा। छत्तीसगढ़ी लोकगीत के क्षेत्र में लक्ष्मण मस्तुरिया सम्मान दुर्ग जिले की श्रीमती साधना यादव को मिलेगा। पंथी नृत्य के क्षेत्र में देवदास बंजारे स्मृति पंथी नृत्य पुरस्कार रायपुर जिले के श्री सी.एल. रात्रे को प्रदान किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के क्षेत्र में खुमान साव सम्मान रायपुर के श्री चंद्रभूषण वर्मा को दिया जाएगा। आंचलिक साहित्य एवं लोक कविता के क्षेत्र में लाला जगदलपुरी साहित्य पुरस्कार दुर्ग जिले के श्री दुर्गा प्रसाद पारकर को प्रदान किया जाएगा। सामाजिक समानता और साहित्य एवं काव्य के क्षेत्र में संत रविदास सम्मान बालोद जिले के श्री जगदीश प्रसाद देशमुख को दिया जाएगा।
पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पत्रकारों को मिलेगा सम्मान
राज्य अलंकरण के अंतर्गत पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पत्रकारों को भी सम्मानित किया जाएगा। हिन्दी प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार रायपुर के श्री प्रमोद कुमार साहू को प्रदान किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (हिन्दी) के क्षेत्र में चन्दूलाल चन्द्राकर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार रायपुर के श्री वरुण सखाजी एवं सुश्री रसिका पाण्डेय को संयुक्त रूप से दिया जाएगा।
अंग्रेजी प्रिंट मीडिया के क्षेत्र में मधुकर खेर स्मृति पत्रकारिता पुरस्कार रायपुर के श्री शिशिर राय चौधरी को प्रदान किया जाएगा। रचनात्मक लेखन और हिन्दी भाषा के क्षेत्र में प्रतिष्ठित पंडित माधवराव सप्रे राष्ट्रीय रचनात्मकता सम्मान वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक श्री अनंत विजय, गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश को प्रदान किया जाएगा।
खेल, कृषि, चिकित्सा और मत्स्य पालन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों को मिलेगी पहचान
खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को गुण्डाधूर सम्मान और महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। गुण्डाधूर सम्मान कोरबा जिले की सुश्री संजू देवी को तथा महाराजा प्रवीरचंद्र भंजदेव सम्मान बालोद जिले के श्री टोमन कुमार को प्रदान किया जाएगा। कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार कबीरधाम जिले के श्री पुन्नी दास भट्ट को प्रदान किया जाएगा।
आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा तथा शोध एवं अनुसंधान के क्षेत्र में धन्वन्तरि सम्मान धमतरी जिले के डॉ. दिनेश कुमार नाग को दिया जाएगा। मत्स्य पालन के क्षेत्र में श्रीमती बिलासाबाई केंवट मत्स्य विकास पुरस्कार बालोद जिले के श्री प्रदीप कुमार सोनी को प्रदान किया जाएगा।
संस्कृत भाषा, आदिवासी सेवा और श्रम क्षेत्र में भी सम्मान
संस्कृत भाषा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राजेश्री महंत वैष्णवदास जी महाराज संस्कृत भाषा सम्मान रायपुर जिले के डॉ. बहुरन सिंह पटेल को प्रदान किया जाएगा। आदिवासियों की सेवा और आर्थिक उत्थान के क्षेत्र में डॉ. भंवरसिंह पोर्ते आदिवासी सेवा सम्मान नवा रायपुर के श्री सत्य साई संजीवनी अस्पताल, श्री सी. श्रीनिवास को प्रदान किया जाएगा।
श्रम के क्षेत्र में स्व. रामानुज प्रताप सिंहदेव स्मृति श्रम यशस्वी पुरस्कार श्री अंतरयामी सामल, अल्ट्राटेक सीमेंट लिमिटेड, यूनिट कुकुरडीह जिला बलौदाबाजार को दिया जाएगा। अपराध अनुसंधान के क्षेत्र में पंडित लखनलाल मिश्र सम्मान रायपुर के श्री सुरेश कुमार धु्रव उप पुलिस अधीक्षक को प्रदान किया जाएगा।
राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं को भी सम्मान
देश के बाहर अप्रवासी भारतीयों द्वारा सामाजिक कल्याण, साहित्य, मानव संसाधन, विकास अथवा आर्थिक क्षेत्र में योगदान के लिए छत्तीसगढ़ अप्रवासी भारतीय सम्मान दंतेवाड़ा जिले की श्रीमती दीपाली सरावगी को प्रदान किया जाएगा।
हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी सिनेमा में रचनात्मक लेखन, निर्देशन, अभिनय, पटकथा और निर्माण के क्षेत्र में किशोर साहू सम्मान रायपुर के श्री सैयद ताहिर अली (करन खान) को प्रदान किया जाएगा। हिन्दी एवं छत्तीसगढ़ी सिनेमा में निर्देशन के क्षेत्र में किशोर साहू राष्ट्रीय अलंकरण रायपुर के श्री मोहन सुंदरानी को प्रदान किया जाएगा। पंडवानी कला के क्षेत्र में डॉ. तीजन बाई सम्मान दुर्ग जिले के श्री चेतन लाल देवांगन को प्रदान किया जाएगा।
महिला सशक्तिकरण, विधि और ग्रामीण पर्यटन में योगदान का सम्मान
महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष तथा नारी उत्थान के क्षेत्र में माता बहादुर कलारिन सम्मान कांकेर जिले की श्रीमती बुलबुल बैद्या को प्रदान किया जाएगा। विधि के क्षेत्र में बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल सम्मान दिल्ली के श्री कौस्तुभ शुक्ला एवं रायपुर के श्री हेमन्त कुमार मिश्र को प्रदान किया जाएगा। ग्रामीण पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए चेंदरू राज्य ग्रामीण पर्यटन पुरस्कार कबीरधाम जिले के श्री सत्येन्द्र कुमार उपाध्याय को प्रदान किया जाएगा।
राज्य अलंकरण से नई पीढ़ी को मिलेगी प्रेरणा: श्री राजेश अग्रवाल
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि राज्य अलंकरण केवल व्यक्तियों और संस्थाओं का सम्मान नहीं, बल्कि उनके समर्पण, परिश्रम, प्रतिभा और समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना का अभिनंदन है। प्रदेश की लोक संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित रखने वाले कलाकारों, साहित्यकारों, पत्रकारों तथा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित करने वाले नागरिकों का योगदान छत्तीसगढ़ के लिए प्रेरणादायी है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान, गौरवशाली इतिहास और विकास यात्रा को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। राज्य अलंकरण समारोह इस आयोजन को और अधिक गौरवपूर्ण बनाएगा। मंत्री श्री अग्रवाल ने राज्य अलंकरण के लिए चयनित सभी विभूतियों और संस्थाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढि़यों को उत्कृष्ट कार्य करने, अपनी संस्कृति से जुड़े रहने और प्रदेश के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगी।
पत्रकार वार्ता के अवसर पर संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, संचालक संस्कृति विभाग डॉ. संजय कन्नौजे सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।