छत्तीसगढ़ / रायपुर
मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन संघ के सदस्यों ने की सौजन्य मुलाकात
निलंबित स्वास्थ्य कर्मियों की बहाली किए जाने पर व्यक्त किया आभार
रायपुर, 05 अक्टूबर 2023
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल से आज यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन संघ के सदस्यों ने सौजन्य मुलाकात की। संघ ने मुख्यमंत्री को निलंबित स्वास्थ्य कर्मियों की बहाली किए जाने पर धन्यवाद दिया।
इस दौरान छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन संघ की ओर से डॉ. रीना राजपूत, श्री टार्जन गुप्ता, श्रीमती सुमन शर्मा, श्री प्रवीण डिडवंशी, श्री संतलाल साहू, श्रीमती सविता कन्नौजे और श्रीमती सरस्वती साहू और सुश्री तृप्ति साहू मौजूद थी |
मुख्यमंत्री ने वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती पर उन्हें किया नमन
रायपुर, 5 अक्टूबर 2023

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि गोंडवाना साम्राज्य की रानी दुर्गावती साहस और वीरता की प्रतीक हैं। उन्होंने घुड़सवारी, तीरंदाजी, तलवारबाजी जैसे युद्धकलाओं में महारत हासिल की और अपनी शूरवीरता से दुश्मनों को भी चकित किया। वह भारतीय नारी की दृढ़ इच्छाशक्ति और शौर्य को रेखांकित करती हैं। उन्होंने पति की मृत्यु के बाद धैर्य और कुशलता के साथ अपने साम्राज्य को सम्हाला और सम्पन्न बनाया। मातृभूमि की रक्षा के लिए उन्होंने अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिये। उनके पराक्रम और बलिदान ने उन्हें अमर बना दिया है।
BJP में टिकट पर बवाल, जताई नाराजगी, बुलाई बैठक, दिल्ली पहुंचे कई नेता
रायपुर. छत्तीसगढ़ बीजेपी में टिकट को लेकर मचे बवाल पर संगठन ने नाराजगी जताई है. इस मामले को लेकर बीजेपी केंद्रीय नेतृत्व ने बैठक बुलाई है. बैठक में शामिल होने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं. उनके साथ और भी नेता दिल्ली रवाना हुए हैं.

धर्मगुरु बालदास के बेटे को टिकट मिलने की चर्चा के बाद विरोध
राजिम में रोहित साहू को टिकट मिलने के बाद से भाजपाई इसका विरोध कर रहे. वहीं सतनामी समाज के धर्मगुरु बालदास के पुत्र गुरु खुशवंत साहेब को आरंग विधानसभा से टिकट मिलने की चर्चा के बाद कार्यकर्ताओ में नाराजगी है. आरंग विधानसभा के भाजपा कार्यकर्ता बड़ी संख्या में आज प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर पहुंचे हैं. कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पार्टी के लिए जिन्होंने मेहनत किया उसे टिकट नहीं मिलना कार्यकर्ताओ के साथ धोखा है. विरोध प्रदर्शन में आरंग मंडल, समोदा मंडल और मंदिरहसौद मंडल के कार्यकर्ता शामिल हैं.
जोगी कांग्रेस के तीन बड़े नेता और सैकड़ों समर्थक कांग्रेस में शामिल
रायपुर. छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव से पहले जोगी की पार्टी को बड़ा झटका लगा है. जोगी कांग्रेस के ती बड़े नेता जनरल सिंह भाटिया, संजीत ठाकुर, गीतांजलि पटेल आज अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस में शामिल हुए. ये तीनों 2018 विधानसभा चुनाव में जोगी कांग्रेस से प्रत्याशी रहे हैं.


शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर रायपुर में पद्मश्री डॉ. महादेव प्रसाद पाण्डेय और नारायण प्रसाद अवस्थी की प्रतिमा का अनावरण
रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल गुरुवार को शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय परिसर रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए. वे यहां पद्मश्री एवं स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डॉ. महादेव प्रसाद पाण्डेय और समाजसेवी स्वर्गीय नारायण प्रसाद अवस्थी की प्रतिमा का अनावरण किया.

डॉक्टर महादेव प्रसाद पाण्येड का जन्म रायपुर के ब्राह्मणपारा रायपुर में 17 जनवरी 1929 को हुआ था. उनके पिता राष्ट्रीय विचारधारा के थे और नेताओं के भाषण सुनने उनकी सभाओं में जाते थे. बालक महादेव पर उनका प्रभाव पड़ा था. वह भी उनके साथ जाते थे. 1939 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के त्रिपुरी अधिवेशन में भी वे अपने पिता के साथ गए थे. उन्होंने व्यक्तिगत सत्याग्रह में भी भाग लिया था. भारत छोड़ो आंदोलन में 9 अगस्त 1942 को राष्ट्रीय विद्यालय से निकले विशाल जुलूस में गांधी चौक से राष्ट्रवादी नारे लगाते हुए वे भी शामिल हुए थे. जुलूस का नेतृत्व कमल नारायण शर्मा, त्रेतानाथ तिवारी और हरिसिंह दरबार कर रहे थे. गांधी चौक में जुलूस, सभा के रूप में परिवर्तित हो गई थी. सभा की अध्यक्षता त्रेतानाथ तिवारी ने की. सभा में अनेक लोगों की गिरफ्तारियां हुई. महादेव प्रसाद पाण्डेय भी गिरफ्तार हुए. उन्हें 6 महीने की सजा हुई. रायपुर जेल में वे सबसे छोटी उम्र के कैदी थे. बाद में उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से आयुर्वेद की डिग्री प्राप्त की. उन्हें 2007 में शिक्षा और साहित्य के क्षेत्र में पद्मश्री से विभूषित किया गया. 27 मार्च 2021 को उनका देहावसान हुआ.
समाजसेवी नारायण प्रसाद अवस्थी
नारायण प्रसाद अवस्थी का जन्म 31 मार्च 1889 को हुआ था. वे मालगुजार थे. सादगी से भरे नारायण प्रसाद अवस्थी ने अपनी मेहनत और कार्य से प्रसिद्धि प्राप्त की. वे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रुचि रखते थ. उनकी खुद की एक भजन मंडली थी. गरियाबंद, देवभोग, राजिम, फिंगेश्वर, रायपुर सहित 100 गांवों में वे भजन-कीर्तन करते थे. इसके साथ ही वे समाज सेवा के कार्य में हमेशा जुटे रहते थे. 12 मई 1959 को उनका देहावसान हो गया.
मैट्स विश्वविद्यालय में दो दिवसीय नेशनल कांफ्रेस संपन्न
पर्यावरण संरक्षण के लिए रणनीति बनाकर करना होगा काम : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री ने दो दिवसीय ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाइमेट चेंज कॉन्क्लेव 2024‘‘ का किया शुभारंभ
प्रकृति को बचाने के लिए सभी अपनी भूमिका ईमानदारी के साथ निभाएं: वन मंत्री श्री केदार कश्यप
‘‘छत्तीसगढ़ स्टेट एक्शन प्लान ऑन क्लाइमेट चेंज‘‘ का विमोचन: डेश बोर्ड लांच
रायपुर, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन पूरे विश्व के लिए विकराल समस्या है। जलवायु परिवर्तन के प्रतिकूल प्रभावों के कारण अनियमित वर्षा, लंबे समय तक सूखा, चक्रवाती वर्षा, वर्षा ऋतु के समय में परिवर्तन जैसी चुनौतियां पूरी दुनिया के साथ ही देश और प्रदेश के सामने भी हैं। इससे निपटने के लिए हमें रणनीति तय कर प्रकृति को बचाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए काम करना होगा। मुख्यमंत्री आज राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में दो दिवसीय ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाइमेट चेंज कॉन्क्लेव 2024‘‘ को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक एवं पद्मश्री सम्मानित श्री अनुज शर्मा, पद्मश्री श्रीमती फूलबासन यादव, पद्मश्री श्री हेमचंद मांझी और पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव, वन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनजाति समुदायों के प्रतिनिधि, वैद्यराज इस अवसर पर उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम प्रकृति के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। ज्यादा सुख-सुविधाओं की ओर बढ़ रहे है। जिससे असंतुलन की स्थिति बनती है, विसंगतियां आती हैं। जलवायु परिवर्तन की चुनौती के समाधान के उपायांे के संबंध में वर्ष 2015 में पेरिस समझौता किया गया था। जिसमें 196 देश शामिल हैं और अपने पर्यावरण को बचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वैश्विक समस्या के समाधान के लिए हम सब मिलकर प्रयास करेंगे तो जरूर सफल होंगे।
उन्होंने ‘‘छत्तीसगढ़ क्लाइमेट चंेज कॉन्क्लेव 2024‘‘ के आयोजन के लिए प्रदेश के वन विभाग और छत्तीसगढ़ स्टेट सेंटर फॉर क्लाइमेट चंेज के अधिकारियों-कर्मचारियों बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में प्रदेश की भूमिका और भविष्य की कार्ययोजनाओं के लिए यह कार्यशाला मील का पत्थर साबित होगी। देश भर से इस कॉन्क्लेव में शामिल होने आए विशेषज्ञों और पर्यावरणविदों द्वारा जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौतियों और इसके प्रतिकूल प्रभावों के बारे महत्वपूर्ण जानकारियां और अनुभव साझा किए जाएंगे। उनके विचार-विमर्श से निकले निष्कर्ष छत्तीसगढ़ और देश के लिए उपयोगी साबित होंगे। उन्होंने कॉन्क्लेव में शामिल सभी अतिथियों का स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने ‘‘छत्तीसगढ़ स्टेट एक्शन प्लान ऑन क्लाइमेट चेंज‘‘ तथा एक्शन प्लान की मॉनिटरिंग के लिए डेस बोर्ड, बस्तर में ट्रेडिशनल हेल्थ प्रेक्टिसेस पर केन्द्रित पुस्तक ‘‘एन्शिएंट विसडम‘‘ और बॉयोडायवर्सिटी इन कांगेर वैली पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर जलवायु परिवर्तन पर आधारित एक शॉर्ट फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि प्रकृति को बचाने के लिए सभी अपनी भूमिका ईमानदारी के साथ निभाएं। जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने के लिए सबके सहयोग से काम करना होगा ताकि आने वाली पीढ़ी सुरक्षित रहे। विशेषज्ञों के साथ-साथ जनजाति समुदायों के साथ भी। उन्होंने कहा कि हमारी जनजातियां प्रकृति को काफी नजदीक से समझती हैं। अंडमान निकोबार की जारवा जनजाति के लोग सैलाब या भूकंप आने के पहले जान जाते है और पहाड़ों पर चले जाते हैं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। वन विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ ने कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए विशेषज्ञों, पर्यावरणविदों, जनजाति समुदायों के प्रतिनिधियों, वैद्यराजों को एक प्लेटफार्म पर लाने का प्रयास करना चाहिए। अपने ज्ञान के आदान-प्रदान से हम जलवायु परिवर्तन की चुनौती का सामना करने के लिए सही दिशा में बढ़ सकेंगे। ब्रिटिश डिप्टी हाई कमीश्नर डॉ. एन्ड्रयू फ्लेमिंग ने जलवायु परिवर्तन के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला का आयोजन छत्तीसगढ़ स्टेट सेंटर फॉर क्लाइमेट चेंज और वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा फाउन्डेशन फॉर इकोलॉजिकल सिक्योरिटी के तकनीकि सहयोग से किया गया। इस कॉन्क्लेव में 15 राज्यों एवं राष्ट्रीय स्तर के कई संस्थानों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
‘रामकाज किन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम‘, श्रीरामलला दर्शन योजना के पहले जत्थे को मुख्यमंत्री श्री साय ने किया रवाना
850 रामभक्तों के दल को ले जा रही ट्रेन को मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखा कर किया रवाना
छत्तीसगढ़ पहला राज्य जो जनता को करा रहा अयोध्या धाम के दर्शन
यह हमारे लिए गौरवशाली क्षण पूरे मंत्रिमंडल के साथ जल्द ही करेंगे श्री रामलला के दर्शन- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
जय श्रीराम के नारे से गूंजा राजधानी रायपुर का रेलवे स्टेशन
रायपुर, ‘‘रामकाज किन्हें बिनु मोहि कहां विश्राम‘‘, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार मानस की इन पंक्तियों के अनुरूप श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप काम कर रही है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के निरंतर आदर्शों से सीख लेते हुए राज्य के नागरिक तथा तंत्र एक आदर्श समाज का निर्माण कर सकें, इसके लिए श्रीरामलला दर्शन योजना आरंभ की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री रामलला दर्शन योजना के तहत आज राजधानी रायपुर के रेल्वे स्टेशन से अयोध्या जाने वाली विशेष ट्रेन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। ट्रेन में 850 राम भक्तों की टोली जय श्रीराम का नारा लगाते हुए अयोध्या के लिए रवाना हुआ। इस मौके पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री साय श्री रामलला दर्शन के लिए जाने वाली विशेष ट्रेन को आज सुबह 10.30 बजे रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर 07 से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस विशेष ट्रेन में रायपुर संभाग के सभी 05 जिलों के 850 श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम का दर्शन करायेगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह क्षण हमारे लिए गौरवशाली है कि छत्तीसगढ़ की जनता श्री रामलला के दर्शन के लिए जा रही है। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने हमारी सरकार बनने पर श्री रामलला दर्शन योजना का वादा किया था, उसे पूरा करते हुए आज छत्त्तीसगढ़ से अयोध्या पहली ट्रेन रवाना हुई है। आने वाले दिनों में रायपुर के साथ रायपुर के अलावा बिलासपुर और रायगढ़ से भी ट्रेन अयोध्या के लिए चलेगी। श्री रामलला दर्शन योजना के तहत यह विशेष ट्रेन छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को सप्ताह में एक बार अयोध्या धाम का दर्शन कराएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अयोध्या के साथ-साथ अन्य धार्मिक स्थलों की भी यात्रा करायी जायेगी। छतीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां की जनता को सरकारी खर्च पर श्री रामलला का दर्शन कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मार्च महीने में पूरे मंत्रिमंडल के साथ रामलला के दर्शन करने अयोध्या जाएंगे।
रायपुर रेलवे स्टेशन पर जैसे ही मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अयोध्या धाम की ओर जाने वाली विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। स्टेशन का पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयकार से गूंज उठा। यह गूंज ट्रेन के जाने के बाद काफी समय तक उठती रही। गौरतलब है कि 12 कोच वाली इस ट्रेन में एक बार में छत्तीसगढ़ के करीब 850 श्रद्धालु श्री रामलला के दर्शन करने अयोध्या जा सकेंगे। इस विशेष ट्रेन का संचालन 5 मार्च से प्रारंभ हो रहा है। श्री रामलला दर्शन योजना के तहत श्रद्धालुओं को पूरा पैकेज मिलेगा जिसमें छत्तीसगढ़ से अयोध्या जाने, वहां रहने की व्यवस्था, मंदिर दर्शन, नाश्ते और खाने की भी व्यवस्था रहेगी। इस ट्रेन में टूर एस्कॉर्ट, सुरक्षा कर्मी और चिकित्सकों का दल भी मौजूद रहेगा।
इस अवसर पर विधायक सर्वश्री राजेश मूणत, श्री पुरन्दर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री मोतीराम साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। संस्कृति एवं धर्मस्व सचिव श्री पी. अंबलगन, पर्यटन मण्डल के प्रबंध संचालक श्री जितेन्द्र शुक्ला साथ ही आयुक्त जनसंपर्क श्री मयंक श्रीवास्तव, कलेक्टर श्री गौरव सिंह, एस.पी. श्री संतोष सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा सहित पर्यटन विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
जाने का किराया रखे हो ?-मुख्यमंत्री ने पहुना पहुंचे कोरवा आदिवासियों से बड़ी आत्मीयता से पूछा, फिर अपनी जेब से निकाल कर दिया यात्रा खर्च
लोकधर्म का वैष्णव भाव निभा रहे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री के आत्मीय आतिथ्य ने छुआ कोरवा आदिवासियों का दिल, कहा-आज रात यहीं रुको, कल खाना खाकर ही जाना
दिन भर के व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद दूरस्थ बटईकेला से आये आदिवासियों से देर रात मिले मुख्यमंत्री श्री साय
बहुत दिन बाद मिले पुराने साथी को मुख्यमंत्री ने पहचाना, स्नेहभाव में कहा-तोर साथ भोपाल गए रहेन, अब बुढ़ा गए हस
रायपुर, ‘वैष्णव जन तो तेने रे कहिए जे पीड़ पराई जाणे रे‘- बापू के इस प्रिय भजन में जिस वैष्णव भाव का ज़िक्र है, वो लोकधर्म की नींव है। इससे सुखद और क्या होगा कि जनता लोकतंत्र में जिन्हें अपना प्रतिनिधि चुने वे अपने पास आये पिछड़े से पिछड़े व्यक्ति के साथ इस लोकधर्म का पालन करे।
लोगों के दुख दर्द को समझने का ऐसा ही वैष्णव भाव छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के अंदर भी है, जो उनसे मिलने वालों के दिलों को छू जाता है। इसी की बानगी एक बार फिर दिखाई दी, जब मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर के दूरस्थ ग्राम- बटईकेला से आये कोरवा आदिवासियों के उन भावों को भी समझ लिया जो संकोचवश वे व्यक्त करने से कतरा रहे थे। मुख्यमंत्री ने पहुना पहुंचे कोरवा आदिवासियों से बड़ी आत्मीयता से पूछा- जाने का किराया रखे हो ? और फिर अपनी जेब से निकाल कर उन्हें यात्रा खर्च दिया। साथ ही कहा कि आज रात यहीं रुको, कल खाना खाकर ही जाना।
दरअसल कल देर रात जब बस्तर और राजिम के दिन भर के व्यस्त कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री श्री साय पहुना पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि तीन कोरवा आदिवासी ग्रामीण उनसे मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। रात्रि के तकरीबन सवा बारह बज गए थे। मगर ये जानकर कि जशपुर जिले के कांसाबेल ब्लॉक के कोरवा आदिवासी लम्बी दूरी का सफर कर उनसे मिलने आये हैं, मुख्यमंत्री श्री साय ने उन्हें अपने कक्ष में बुलवाया। नंगे पांव आये कोरवा बिशुन राम, बालकिशुन राम और अजीर साय मुख्यमंत्री के कक्ष में दाखिल हुए। मुख्यमंत्री ने बड़े ध्यान से उनकी समस्या को सुना और हर सम्भव मदद के लिए आश्वस्त किया।
मगर फिर जो हुआ उसकी कल्पना भी इन ग्रामीणों ने नहीं की थी। मुख्यमंत्री श्री साय ने सबसे पहले उनसे पुछा- खाना खाए हो ? जब उन्होंने बताया कि पहुना में ही उन्हें भोजन कराया गया है। तो मुख्यमंत्री ने पूछा कि रायपुर कब आये और किस रूट से आये हो? उन्होंने बताया कि कल वे बटईकेला से रायगढ़ बस से आये और रायगढ़ से ट्रेन के जनरल बोगी का टिकट लेकर रायपुर आये हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बड़ी ही आत्मियता से उनसे पूछा-जाने का किराया रखे हो ? इस प्रश्न के जवाब में ग्रामीण चुप रहे। मगर मुख्यमंत्री श्री साय ने इस खामोशी के पीछे के उन भावों को भी पढ़ लिया जिसे वे व्यक्त करने से कतरा रहे थे। मुख्यमंत्री ने अपनी जेब से निकाल कर उन्हें यात्रा खर्च दिया और कहा कि आज रात आप यहीं रुको और कल खाना खाकर ही जाना। मुख्यमंत्री श्री साय की इस सहृदयता ने इन कोरवा आदिवसियों के दिल को छू लिया।
पुराने साथी को पहचान कर स्नेहभाव में कहा-अब तैं बुढ़ा गए हसमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बहुत साल बाद मिल रहे पुराने साथी अजीर साय को पहचान लिया। मुख्यमंत्री ने उन्हें याद दिलाया कि मैं तोर साथ भोपाल गए रहेन। अजीर साय ने बताया कि वे कोरवा आदिवासियों की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री से कई साल पहले तब मिले थे जब वे विधायक थे। उस समय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय उन्हें अपने साथ लेकर भोपाल लेकर गए थे और तत्कालीन सरकार के मंत्रियों से उन्हें मिलवा कर कोरवा आदिवासियों की बात रखी थी। मुख्यमंत्री ने श्री अजीर साय से स्नेहभाव में कहा कि अब तैं बुढ़ा गए हस। इस बात को सुनकर सभी खिलखिला उठे।
युवा कोरवा बिशुनराम और बालकिशुन राम का हौसला बढ़ाया
मुख्यमंत्री श्री साय ने पहुना आये कोरवा आदिवासी युवा बिशुनराम और बालकिशुन राम से उनका हाल चाल जाना और उनकी शिक्षा के बारे में पूछा । किशुन ने बताया कि उन्होंने बीएससी किया है और किशुनराम ने एमएससी। दोनों ने कम्प्यूटर का भी कोर्स किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इन आदिवासी युवाओं के जज़्बे और योग्यता की सराहना की और उनका हौसला बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना दी।
मुख्यमंत्री ने लंबे लोकजीवन में समझा है लोगों का सुख-दुख, लगा रहता है मिलने वालों का तांता
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की खासियत है कि वे हर तबके के व्यक्ति के दुख सुख को बहुत गहनता से समझते हैं। जनप्रतिनिधि के रूप में उनका लम्बा कार्यकाल रहा है। वे सरपंच से लेकर केंद्रीय मंत्री और अब मुख्यमंत्री रहते हुए लोगों की समस्याओं को हर स्तर पर रूबरू हुए हैं। यही कारण है जबसे उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार सम्भाला है, प्रदेश भर से उनसे मिलकर अपनी समस्या रखने वालों का तांता लगा रहता है। उनसे मिलने वालों को उनका आत्मीय भाव छू जाता है।
शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह का शुभारंभ
रायपुर : शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह का शुभारंभ
राज्यपाल और मुख्यमंत्री का एयरपोर्ट में किया गया आत्मीय स्वागत
रायपुर, बस्तर जिले में एक दिवसीय प्रवास में पहुँचे राज्यपाल श्री विश्वभूषण हरिचंदन का स्वागत मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया। स्थानीय एयरपोर्ट मां दंतेश्वरी में राज्यपाल और मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत वनमंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक जगदलपुर श्री किरण देव,कमिश्नर श्री श्याम धावड़े, आईजी सुंदर राज पी. कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने किया। इसके अलावा पूर्व विधायक संतोष बाफ़ना सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने लोकसभा निर्वाचन में सहभागिता देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, संगठनों और मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया
रायपुर 5 जून 2024/ मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्रीमती रीना बाबासाहेब कंगाले ने लोकसभा आम निर्वाचन-2024 में सहभागिता देने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों, शासकीय एवं अशासकीय संगठनों, लोक सेवी संस्थाओं तथा मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग कर लोकतांत्रिक व्यवस्था में अपनी सहभागिता दी है। उन्होंने निर्वाचन कार्य में संलग्न एवं नियोजित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
विश्व पर्यावरण दिवस : मुख्यमंत्री ने सपरिवार अपने निवास परिसर में रोपा नीम, रुद्राक्ष और चीकू का पौधा
रायपुर, 5 जून 2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय एवं परिवार जनों के साथ अपने निवास परिसर में चीकू, नीम और रुद्राक्ष का पौधा रोपा। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपने घरों में और आस-पास पौधा लगाने और पौधों को जीवित रखने की जिम्मेदारी लेने की अपील की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आने वाले मानसून में ज्यादा से ज्यादा वृक्षारोपण करें और अपने घर, आसपास के परिवेश, गांव और शहरों और जंगलों को खूब हरा-भरा बनाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण के संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस अवसर पर डीएफओ श्री लोकनाथ पटेल, एसडीओ श्री व्ही. एन. मुखर्जी एवं मुख्यमंत्री निवास के अधिकारी कर्मचारी भी उपस्थित थे।
PM मोदी के नेतृत्व में राज्य को ऐतिहासिक तीसरी बार जनादेश मिला : विष्णु देव साय
रायपुर, देश में 18वीं लोकसभा चुनाव के अंतर्गत सात चरणों में हुए मतदान के परिणाम। इस चुनाव में भाजपा नीत राजग गठबंधन ने तीसरी बार जीत हासिल की है। छत्तीसगढ़ की ग्यारह लोकसभा सीटों में दस सीटों में भाजपा ने बढ़त बनाई है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चुनाव परिणामों पर कहा कि लगातार तीसरी बार देश की जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा नीत राजग को भरपूर जनादेश दिया है। छत्तीसगढ़ में भी हमने इतिहास रचा है।
छत्तीसगढ़ में भाजपा की शानदार जीत पर साय ने कहा कि प्रदेश की दस सीटों पर निर्णायक बढ़त और एक सीट पर मामूली मतों से दूर रह जाना यह साबित करता है कि मोदी की गारंटी पर जनता ने अभूतपूर्व भरोसा दिखाया है। हमें माता-बहनों, किसान-मजदूरों, युवाओं-बुजुर्गों हर वर्ग का समर्थन मिला है। उन्होंने इसके लिए प्रदेश की जनता का आभार व्यक्त किया।
साय ने छत्तीसगढ़ की जनता द्वारा भाजपा को मिले आशीर्वाद के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रभारी नितिन नबीन सहित सभी केंद्रीय भाजपा नेताओं को धन्यवाद ज्ञापित किया।
सीएम साय ने इंडी गठबंधन को घेरते हुए कहा कि यह चुनाव कांग्रेस और उसकी सहयोगी दलों द्वारा बोले गए झूठ और दुष्प्रचार के लिए जाना जायेगा। कांग्रेस ने तीसरी बार मोदी सरकार के आने पर देश में चुनाव नहीं होने का झूठ, संविधान पर झूठ, आरक्षण पर झूठ, महतारी वंदन पर झूठ, चावल योजना पर झूठ सहित विभिन्न विषयों पर झूठ बोला। छत्तीसगढ़ सहित देश की जनता ने कांग्रेस के झूठ पर भरोसा नहीं किया और भाजपा के पक्ष में अपना भरोसा दिखाया। इंडी गठबंधन द्वारा फैलाये गए तमाम दुष्प्रचार और झूठ के बावजूद राजग गठबंधन का बहुमत आना मोदी के प्रति जनता के अटूट भरोसे को दर्शाता है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ सहित समूचे देश की जनता का आभार व्यक्त करता हूँ।
ओडिशा में भाजपा की बम्पर जीत पर सीएम साय ने कहा कि ओडिशा में भी सुशासन का सूर्योदय हुआ है। वहां सरकार बनने के साथ लोकसभा में भी अच्छी-खासी सीट मिली है। जिस तरह प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में सबने मेहनत की, मैंने, प्रदेश के नेताओं भी वहां रैलियां की, जिससे सबके प्रयासों से ओडिशा में भाजपा की डबल इंजन की सरकार बनी है और नवीन बाबू के नेतृत्व वाली 24 वर्षों से जमी बीजेडी सरकार को वहां की जनता ने नकार दिया। ओडिशा की जनता ने मोदी की गारंटी पर भरोसा किया, इसके लिए वहां की जनता का आभार व्यक्त करते हैं।
विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक के बाद एक ताबड़तोड़ रैलियाँ, रोड शो और इंटरव्यू करके भाजपा के पक्ष में एकतरफा माहौल बना दिया। प्रधानमंत्री ने बिना थके, बिना रुके 75 दिनों में अकेले 206 रैलियां की, 23 रोड शो किये और 82 इंटरव्यूज दिए।
इंडी गठबंधन का कोई नेता उनके आसपास भी नहीं रहा। जिसका प्रतिफल है कि मोदी के नेतृत्व में तीसरी बार राजग गठबंधन को बहुत मिला। साय ने विश्वास व्यक्त किया कि मोदी के नेतृत्व में भारत विकास और समृद्धि के आकाश पर होगा। यह परिणाम मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को सिद्ध करने वाला होगा।
छत्तीसगढ़ की आदिवासी सीटों पर बीजेपी का दबदबा
रायपुर । आदिवासी बहुल छत्तीसगढ़ में प्रदेश की 11 लोकसभा सीटों में से चार आरक्षित एसटी सीटों पर भाजपा ने एक बार फिर दबदबा कायम किया है। 2024 के लोकसभा चुनाव में बस्तर की आदिवासी सीट भी कांग्रेस नहीं बचा पाई।
25 वर्षों के परिणामों पर गौर करें तो आदिवासी सीटों पर भाजपा का दबदबा बना हुआ है। इस बार भी आदिवासी सीटों पर राजनीतिक दलों की निगाहें टिकी थी।
प्रदेश में चार आदिवासी सीट सरगुजा, रायगढ़, बस्तर व कांकेर हैं। सरगुजा की स्थिति पर गौर करें तो यहां वर्ष 2004 से भाजपा जीत दर्ज करती आ रही है,वहीं रायगढ़ में 1999 से भाजपा को जीत मिल रही है।
बस्तर में 1999 से 2014 तक भाजपा का वर्चस्व रहा,वहीं 2019 में कांग्रेस के दीपक बैज सांसद बने। कांकेर में कांग्रेस को अभी भी जीत का इंतजार है। यहां 1999 से भाजपा का फूल खिलता रहा है। 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रदेश के हाइप्रोफाइल सीटों के साथ ही आदिवासी सीटों पर चुनावी परिणाम दिलचस्प रहा।
सरगुजा से चिंतामणि महाराज, बस्तर से दिनेश कश्यप, कांकेर से भोजराज नाग व रायगढ़ से राधेश्याम राठिया ने भाजपा के परचम को बुलंद रखा।
आदिवासी सीटों पर कांग्रेस को जीत की तलाश
चार आदिवासी सीट पर कांग्रेस को बस्तर में 2019 में जीत मिल पाई थी, वहीं सरगुजा से 1999 में खेलसाय सिंह सांसद रहे। कांग्रेस इस जीत के बाद चुनावों में हार का सामना करना पड़ा।
राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत के बाद प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री का चेहरा प्रस्तुत किया गया, जिसका असर भी परिणामों पर देखा गया।
ऐतिहासिक सफलता पर भाजपा जनों ने मनाया जश्न
रायपुर । भारतीय जनता पार्टी को छत्तीसगढ़ के 11 संसदीय क्षेत्र में से 10 संसदीय क्षेत्र में मिली ऐतिहासिक सफलता पर भाजपा जनों ने जश्न मनाया।
एकात्म परिसस) र स्थित भाजपा कार्यालय में काफी संख्या में उपस्थित भाजपा नेताओं, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने प्रदेश में भाजपा को मिली प्रचंड जीत को पूरी विनम्रता से स्वीकार कर इसे पूरे छत्तीसगढ़ की जीत बताया है।
पार्टी के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर अपना अटूट विश्वास व्यक्त कर विकसित भारत-विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना को साकार करने और विश्व मंच पर भारत के गौरव को पुनर्प्रतिष्ठित करने के लिए प्रदेश की जनता का हृदय से आभार मानकर बधाई भी दी है।
मंगलवार की शाम एकात्म परिसर में भाजपा जनों ने जबरदस्त जश्न मना कर होली और दिवाली का आतिशी व रंगीन नजारा प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर विधायक एवं प्रदेश प्रवक्ता राजेश मूणत, विधायक मोतीलाल साहू, पुरंदर मिश्रा, गुरू खुशवंत साहेब, जिलाध्यक्ष जयंती पटेल, पूर्व विधायक नंदे साहू, छगनलाल मूंदड़ा,पूर्व जिला अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, प्रदेश मंत्री किशोर महानंद, अशोक बजाज, मिनल चौबे, अमरजीत छाबड़ा, हरीश ठाकुर, प्रवक्ता प्रवीण साहू, सुनील चौधरी सहित भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहें।
भ्रष्टाचार में फंसे नेताओं और हारे हुए मोहरों पर दांव खेलकर हारी कांग्रेस
रायपुर । छह महीने पहले तक अर्श पर रूप छत्तीसगढ़ कांग्रेस की विधानसभा के बाद लोकसभा चुनाव में भी करारी हार हुई है। प्रदेश की 11 लोकसभा सीटों में से भाजपा 10 तो कांग्रेस केवल एक सीट ही जीत पाई। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार कांग्रेस की बुरी हार की वजह पार्टी के भीतर मची अंतर्कलह, गुटबाजी, नेतृत्व क्षमता का अभाव है। इसके अलावा कांग्रेस का टिकट वितरण फार्मूला भी इसके लिए जिम्मेदार रहा है। खा
सकर भ्रष्टाचार के मामले में फंसे नेताओं और विधानसभा चुनाव में हारे हुए नेताओं पर पार्टी ने दोबारा दांव खेला था, जबकि भाजपा ने आठ नए चेहरों को मैदान में उतारा था। कांग्रेस ने केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच व कार्रवाईयों की गिरफ्त में रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पार्टी ने राजनांदगांव से प्रत्याशी बनाया था।
भूपेश पर महादेव आनलाइन सट्टा एप मामले में ईडी की जांच के बाद ईओडब्ल्यू भी एफआइआर कर जांच कर रही है। इसी तरह शराब घोटाले में आरोपित रहे पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को भी कांग्रेस ने बस्तर से चुनावी मैदान में उतारा था। इतना ही नहीं, चर्चित कोयला घोटाला मामले में आरोपित भिलाई के विधायक देवेंद्र सिंह यादव को भी कांग्रेस ने बिलासपुर से लोकसभा चुनाव का प्रत्याशी बनाया था। इन तीनों नेताओंं को पराजय का मुंह देखना पड़ा है।
कांग्रेस ने इन हारे हुए नेताओं को दी थी टिकट
कांग्रेस ने इस चुनाव में विधानसभा चुनाव में हारे हुए नेताओं पर दांव खेला था। इसमें पूर्व गृह मंत्री व कांग्रेस नेता ताम्रध्वज साहू को महासमुंद लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा था। वह विधानसभा चुनाव में दुर्ग ग्रामीण सीट पर भाजपा के ललित चंद्राकर से हार गए थे। जांजगीर-चांपा लोकसभा सीट से पूर्व मंत्री व कांग्रेस नेता डा. शिव डहरिया को कांग्रेस ने मैदान में उतारा था।
डहरिया भी विधानसभा चुनाव 2023 में आरंग विधानसभा सीट से हार गए थे। उन्हें भाजपा के गुरु खुशवंत साहेब ने हराया था। इसी तरह रायपुर लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने पूर्व विधायक विकास उपाध्याय को मैदान में उतारा था वह भी विधानसभा चुनाव में हार चुके हैं। कांकेर लोकसभा क्षेत्र में भी कांग्रेस ने पिछली बार हुए लोकसभा चुनाव में हारे हुए प्रत्याशी बीरेश ठाकुर को चुनावी मैदान में उतारा था।
कांग्रेस की हार के पांच कारण
भ्रष्टाचार का मुद्दा रहा हावी
विधानसभा की तर्ज पर भाजपा ने लाेकसभा चुनाव में भी भ्रष्टाचार के मुद्दे पर कांग्रेस को घेरा। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में हुए शराब घोटाला से लेकर कोयला घोटाला, महादेव एप आनलाइन सट्टा घोटाला, गोबर-गोठान घोटाला और पीएससी घोटाला जैसे मुद्दों को भाजपा ने भुनाया। कांग्रेस इस मामले में मजबूती से पलटवार नहीं कर पाई।
टिकट वितरण में चूक
राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार कांग्रेस ने दुर्ग संभाग के ही चार नेताओं को चार लोकसभा सीट से उतारा। इससे क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरण का संतुलन बिगड़ गया। इसमें दुर्ग से राजेंद्र साहू, राजनांदगांव से भूपेश बघेल, बिलासपुर से देवेंद्र सिंह यादव और महासमुंद से ताम्रध्वज साहू को मैदान में उतारा। इनमें ताम्रध्वज साहू व डा. शिव डहरिया जो कि विधानसभा चुनाव में हार चुके थे, उन पर दोबारा दांव खेला। इसी तरह कांकेर सीट पर कांग्रेस ने बीरेश ठाकुर पर दोबारा दांव खेला था, वह पिछली बार लोकसभा में चुनाव हार गए थे।
गुटबाजी-अंतर्कलह
भूपेश को राजनांदगांव का प्रत्याशी बनाए जाने पर कांग्रेस का एक धड़ा नाखुश रहा। भूपेश पर महादेव एप मामले में मामला दर्ज होने के बाद पीसीसी डेलिगेट रामकुमार शुक्ला ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर राजनांदगांव लोकसभा सीट के प्रत्याशी को बदलने की मांग की थी। दाऊ सुरेंद्र वैष्णव ने भी स्थानीय नेता को प्रत्याशी बनाने की मांग की थी।
प्रदेश का लचर संगठन
कांग्रेस सेवा दल, महिला कांग्रेस, सर्वोदय, यूथ कांग्रेस जैसे संगठन पार्टी के लिए समन्वय से काम नहीं कर पाए। पार्टी ने विधानसभा चुनाव के तीन महीने पहले सांसद दीपक बैज को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। विधानसभा चुनाव में संगठन और सरकार के बीच में समन्वय करने के लिए उनके पास समय कम रहा। विधानसभा में हार के बाद भी पार्टी ने अपने संगठन में कोई विशेष फेरबदल नहीं किया। राजनीतिक प्रेक्षकों के अुनसार कांग्रेस के भीतरी संगठनों में ही अपने नेतृत्व के प्रति विश्वास की कमी नजर आई, जिसका लाभ सीधे तौर पर भाजपा को मिला है।
प्रचार-मुद्दे दोनों कमजोर
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में छह चुनावी सभाएंं हुईं। कांग्रेस ने पांच न्याय और 25 गारंटियों को मतदाताओं तक पहुंचाने की कोशिश की लेकिन मुद्दे अधिक प्रभावी नहीं हो पाए।महिलाओं को एक लाख सालाना देने की घोषणा पर महिलाओं ने विश्वास नहीं किया।




