छत्तीसगढ़ / रायपुर
भारत सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित किया गया है मल्टी-डिसिप्लिनरी रिसर्च (एमआरयू) यूनिट
स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल को स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से आमंत्रण
जीव का सबसे बड़ा शत्रु कर्म है : मुनिश्री प्रियदर्शी विजयजी
रायपुर। श्री संभवनाथ जैन मंदिर विवेकानंद नगर में आत्मोल्लास चातुर्मास 2024 की प्रवचनमाला जारी है। सोमवार को तपस्वी मुनिश्री प्रियदर्शी विजयजी म.सा. ने कहा कि जीव का सबसे बड़ा शत्रु कर्म है। इस सबसे बड़े शत्रु को परास्त करना है तो इसके घर में घुसकर सब ध्वस्त करना पड़ता है। जैसे रामचंद्रजी लंका पर विजय प्राप्त कर सके,इसका कारण था कि लंका पति रावण का भाई विभीषण रामचंद्रजी के पक्ष में था। इस धरती पर जितने भी प्राणी है वह सब अपने-अपने संचित कर्मों के कारण ही संसार में चक्कर लगा रहे हैं। अपने किए कर्मों के अनुसार भिन्न-भिन्न योनियों में जन्म लेते हैं और किए हुए कर्मों का फल भोगे बिना प्राणी का छुटकारा नहीं होता।
मुनिश्री ने कहा कि स्वाध्याय जरूरी है। धर्म ग्रंथों का अध्ययन जरूरी है। ज्ञान बढ़ाने की उदासीनता नहीं,ज्ञान बढ़ाने के प्रति उल्लास होना चाहिए। तप के लिए जैसे उल्लास होता है वैसे ज्ञान के लिए भी उल्लास होना चाहिए। ग्रंथों को शो-पीस के लिए नहीं समझों, उन्हें सजाकर नहीं रखो,ज्ञान के लिए पढ़ो। हमेशा नया-नया ज्ञान जीवन के अंदर लाना चाहिए। जैसे आप एक ही एक मूवी को बार-बार देखना पसंद करते हो वैसे ही ज्ञान बढाने के लिए ग्रंथ को भी बार-बार पढ़ना चाहिए।
मुनिश्री ने कहा कि स्वाध्याय इसलिए बहुत जरूरी है कि तब तक नया ज्ञान पाठ शुरू नहीं करना चाहिए जब तक पिछला कंठस्थ ना हो जाए। एक गाथा का स्तवन आप रोज करो और रोजाना ऐसा ही करते रहो,साल भर में आपको ना जाने कितने स्तवन पक्के हो जाएंगे। जैसे आप अपने घर को पुनः बनवाते हो तो उस घर को छोड़कर दूसरे घर में जाते हो, न जाने कितनी तैयारी करते हो, वैसे ही पर गांव, परदेश में जाते हो तो न जाने कितनी कितनी तैयारी करते हो, वैसे ही आपकी परलोक के अंदर जाने की कितनी तैयारी है ?
मुनिश्री ने शुद्ध भक्ति की बात को आगे बढाते हुए कहा कि आप ज्ञान पंचमी के दिन ज्ञान की पूजा करते हो, ज्ञान के उपकरण आप चढ़ाते हो,वह द्रव्य शुद्ध भक्ति है। भाव शुद्ध भक्ति के अंदर क्या अपना समय निकालकर ज्ञान भंडार को संवारने का कार्य करते हो ? पुस्तक पत्रों को व्यवस्थित करते हो ? बहुत से महात्मा ज्ञान भंडार को सजा संवार रहे हैं। आज डिजिटली बहुत सी पुस्तकों को व्यवस्थित कर रहे हैं। आज साधु भगवंतों को यदि कोई किताब की जरूरत है तो सूचना भेजने पर तुरंत प्राप्त हो जाती है। ऐसी व्यवस्था गुजरात के अंदर की जा रही है।
मुनिश्री ने कहा कि आपके घर के अंदर बहुत अच्छा ज्ञान भंडार होगा और पुस्तक खूब होगी लेकिन वर्ष के अंदर कितनी बार उसका परिमार्जन होता है। कारण है कि ज्ञान की रुचि कम हो गई है। आपके पास शक्ति हो तो आप भी ज्ञान भंडार को सजाने संवारने और परिमार्जन का कार्य करो।
पर्युषण के प्रथम तीन दिन श्रावकों के लिए कर्तव्य होते हैं। परमात्मा के शासन को चलाने की परंपरा के श्रृंखला में आचार्य लक्ष्मी सुरीश्वर जी महाराज ने प्रवचन की एक व्यवस्था की। कौन से कर्तव्य ऐसे हैं जो जीवन में एक बार करना चाहिए। कौन से कर्तव्य ऐसे हैं जो वर्ष में एक बार करना चाहिए। कौन से कर्तव्य जो पर्युषण के अंदर करने चाहिए और कौन से कर्तव्य ऐसे हैं जो दैनिक है। ऐसे 40 कर्तव्यों की बात आचार्य लक्ष्मी सूरीश्वर जी महाराज ने की है।
महापर्व पर्वाधिराज पर्यूषण के दूसरे दिन पूज्य पंन्यास श्रमणतिलक विजय जी ने पौषध व्रत का महत्व समझाया
वर्धमान जैन मंदिर में कल्पसूत्र बोहराने का कानूगा परिवार को मिला लाभ, चतुर्विंग संघ गाजे-बाजे के साथ घर पहुंचकर किया स्वागत
रायपुर। न्यू राजेंद्र नगर स्थित वर्धमान जैन मंदिर के मेघ-सीता भवन में चल रहे आत्मकल्याण वर्षावास 2024 के दौरान सोमवार को पर्युषण पर्व के दूसरे दिन परम पूज्य श्रमणतिलक विजय जी ने कहा कि जो चीज मिलेगी या नहीं मिलेगी, निश्चित नहीं होने के बावजूद भी हम आज उसी के पीछे भाग रहे हैं। पैसे कमाने के चक्कर में व्यक्ति आज दिन रात दौड़ रहा है जबकि यह निश्चित नहीं है कि जितना वह पैसों की चाह रखता है, उसे उतना पैसा मिल जाएगा या नहीं ? बहुत पैसे कमाने के चक्कर में लोग अपना बिगाड़ करके भी इस रेस में दौड़ रहे हैं।
मुनिश्री ने आगे कहा कि आज किसी भी क्षेत्र में चाहे वह व्यापार हो, चाहे घर-परिवार हो किसी का नियंत्रण नहीं है। आज केवल धर्म ही ऐसा क्षेत्र है जिसमें आप पुरुषार्थ करके अपने आप को नियंत्रित कर सकते हो। एक व्यापार शुरू करने के लिए आप उसमें लाखों रुपए लगते हो और अगर वह डूब गया तो ? तो फिर से आप बाजार से कर्जा लेकर प्रयास करते हो। जबकि आज एक बार में व्यापार आपसे नहीं हो पाया तो यह आपके पापों के उदय के कारण है लेकिन इसकी परवाह न करते हुए भी आप वही काम दोबारा करने लग जाते हैं।अब आप विचार करिए की आग में कूदना आसान है या फिर धर्म की राह पर चलना।
मुनिश्री कहते हैं कि वैसे ही आज लोगों ने खाने-पीने का राग पाल लिया है। जब मन चाहे, जो चाहे कभी भी, कुछ भी आप खा सकते हैं लेकिन अगर एक बार रिसर्च करलो कि बाहर के खाने में क्या-क्या मिलाया जाता है तो शायद आपका मन बदल जाए। ऐसी-ऐसी केमिकल और दवाइयां मिलकर खाने की सामग्रियों को पैक किया जाता है जो आपके शरीर को अंदर से बहुत नुकसान पहुंचती है। आज लोग बाहर से अच्छे दिखने के लिए जिम जाते हैं, योगा करते हैं लेकिन अंदर से आपका शरीर खोखला होते जा रहा है। ऐसा अगर लगातार चलता रहा तो फिर एक समय के बाद आपको फर्क दिखाना शुरू हो जाएगा और तब तक बहुत देर भी हो चुकी होगी। फिर वही बात हो जाएगी कि आप पछताए तो होत क्या जब चिड़िया चुग गई खेत।
प्रभु का जन्म वांचन बुधवार को
श्री मेघराज बेगानी धार्मिक एवं परमार्थिक ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री धर्मराज जी बेगानी और आत्मकल्याण वर्षावास समिति के अध्यक्ष अजय कानूगा ने बताया कि न्यू राजेंद्र नगर स्थित वर्धमान जैन मंदिर में सोमवार को प पू पं. श्रमणतिलक विजय जी की पावन निश्रा में कल्पसूत्र बोहराने की बोली हुई और यह लाभ श्री सज्जन कुमार जी शांति देवी अजय जी विजय जी संजय जी कानूगा परिवार को मिला, इस उपलक्ष्य में चतुर्विंग संघ उनके घर जाकर गाजे-बाजे के साथ उनका स्वागत किया। वहीं, 3 सितंबर को मयंक डागा, 4 सितंबर को भंसाली बाल ग्रुप, 5 सितंबर को सुमीत लोढ़ा, 6 सितंबर को ऋषभ नख्त, 7 सितंबर को राहुल कोचर और 8 एवं 9 सितंबर को गुरू इकतीसा होगी और उसके बाद आमंत्रित गायकों और स्थानीय मंडल की ओर से संगीतमयी प्रभु भक्ति होगी।
इसी कड़ी में आत्मकल्याण वर्षावास 2024 के अंतर्गत चल रहे प्रवचन श्रृंखला में भगवान महावीर के जीवन को सूक्ष्मता से जानने का अवसर मिल रहा है। प्रतिदिन सुबह 8ः45 से 9ः45 बजे मंदिर में मुनिश्री की प्रवचनमाला जारी है। मंदिर में दादा गुरूदेव का इकतीसा जाप जारी है, साथ ही 4 सितंबर को जन्म वांचन और स्वामी वात्सल्य का आयोजन रखा गया है। आप सभी इसका अधिक से अधिक लाभ ले और अपने जीवन को सफल बनाएं।
संगीत कार्यक्रम की आड़ में रेव पार्टी का आरोप, हिंदू संगठनों के विरोध के बाद किया बंद
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के जोरा स्थित होटल ललित महल में रेव पार्टी होने का आरोप लगाकर रविवार रात को जमकर हंगामा हुआ।
इस विरोध व हंगामे के बाद कार्यक्रम को बंद करना पड़ा। बजरंग दल समर्थकों के साथ ही भारतीय जनता युवा मोर्चा और आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की।
सूचना पाकर मंदिर हसौद पुलिस पहुंची। आयोजकों ने संगीत कार्यक्रम के लिए तहसीलदार से मिले अनुमति पत्र के अनुसार आयोजन होने की जानकारी दी। विवाद बढ़ता देख कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही बंद करना पड़ा।
रविवार रात नौ बजे सैकड़ों कार्यकर्ता ललित महल पहुंचे। उन्हें सूचना मिली थी कि रेव पार्टी चल रही है, जबकि आयोजकों ने गायक अखलाद अहमद को बुलाया था।
निर्माण कार्य को प्राथमिकता - डी.एम.अफ. मद में
डीएमएफ से 60 से अधिक नए स्कूल भवन और 10 पीएचसी के बाउण्ड्री वॉल निर्माण की मिली स्वीकृति
वाई-फाई की सुविधा पंचायत तक
जिले के अंतिम ग्राम पंचायत तक पहुंचे वाई-फाई की सुविधा: विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह
वनांचल के ग्रामीण हो रहे लाभान्वित
घाट कटिंग कर सड़क निर्माण कार्य से वनांचल के ग्रामीण हो रहे लाभान्वित
कार्यशाला में बनी ज्योति कलश यात्रा की रुपरेखा
रायपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार संस्थापिका माता भगवति देवी शर्मा संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा वर्ष 1926 में प्रज्जवलित अखण्ड ज्योति की जन्मशताब्दि 2026 में संपन्न होनी है। इस उपलक्ष्य में गायत्री परिवार के परिजनों द्वारा पूरे भारत में अन्य देशों में ज्योति कलश यात्रा संपन्न होनी है। इस दिव्य ज्योति कलश को छत्तीसगढ़ लाने हेतु यहां की जोन प्रमुख श्रीमती आदर्श वर्मा के साथ प्रत्येक जिले के लगभग 700 गायत्री परिजन 20 से 23 सितंबर के मध्य शांतिकुंज हरिद्वार पहुंचकर गायत्री परिवार के प्रमुख शैल बाला पण्डया व डॉ प्रणव पण्डया ने इसे प्राप्त किया।
साधना उपरांत गुरुसत्ता के समाधि स्थल सजल श्रद्धा एवं प्रखर प्रज्ञा पर रखकर इसमें शक्तिपात कर छत्तीसगढ़ के परिजनों के हाथ में सौंपा। इस अवसर पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या, छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, शांतिकुंज व्यवस्थापक योगेन्द्र गिरी, शरद पारधी छ.ग. जोन प्रभारी सुखदेव निर्मलकर एवं छ.ग. के सभी उपजोन समन्वयक, जिला समन्वयक उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ के गायत्री परिजन दिव्य कलश को 24 सितम्बर को रेल्वे मार्ग से लेकर रायपुर पहुंचे।
छत्तीसगढ़ की जोन प्रमुख श्रीमती आदर्श वर्मा ने बताया कि शाताब्दि वर्ष 2026 की तैयारी में संपूर्ण भारत के चारो दिशाओं में गायत्री तिर्थ शांतिकुंज हरिद्वार से निकली अखण्ड ज्योति कलश यात्रा का मुख्य उद्देश्य है युग दृष्टा पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के 100 वर्ष की तपसाधना का, व्यक्तित्व की ज्योति, कर्माें की ज्योति, पूण्य के प्रताप को, संदशों को घर-घर, जन-जन के मन में पहुंचाना है। इसी को लेकर गायत्री शक्ति पीठ समता कॉलोनी रायपुर में बुधवार 02 अक्टूबर को रायपुर जिले के परिजनों की एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में बताया गया कि कलश यात्रा किस किस तिथि में किन-किन मार्गों से होकर निकलेगा। इस दौरान क्षेत्र के लोगों से किस प्रकार का जनसंपर्क किया जाना होगा तथा आचार्य के विचारों को उन तक किस प्रकार से साहित्य वितरण, सद्वाक्य लेखन इत्यादि के माध्यम से पहुंचाया जायेगा।
डिप्टी सीएम साव ने लॉन्च किया ‘स्वच्छता परमो धर्मः’ थीम सॉन्ग का वीडियो
रायपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बुधवार को बिलासपुर में ‘स्वच्छता ही सेवा’ पखवाड़ा के राज्य स्तरीय समापन कार्यक्रम में ‘स्वच्छता परमो धर्मः’ थीम सॉन्ग का वीडियो लॉन्च किया।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा तैयार कराए गए इस गाने के माध्यम से लोगों को अपने आसपास के परिवेश को स्वच्छ रखने जागरुक और प्रेरित किया गया है। गाने में प्रदेश के शहरों और गांवों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए नागरिकों से जन भागीदारी बढ़ाने की अपील की गई है।
वीडियो सॉन्ग की रिलीज के दौरान विधायक धरम लाल कौशिक, धर्मजीत सिंह और सुशांत शुक्ला, नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस., संचालक कुंदन कुमार और सुडा के सीईओ शशांक पाण्डेय भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने किया प्रथम छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन का शुभारंभ
पारंपरिक हर्बल उत्पादों और लोक कला का किया अवलोकन
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को साइंस कॉलेज ग्राउंड परिसर में प्रथम छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन का उद्घाटन किया। कार्यक्रम में प्रदेश की पारंपरिक वन संपदा, औषधीय उत्पादों और सांस्कृतिक धरोहर को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों द्वारा स्टॉल और प्रदर्शनी लगाई गई थी। मुख्यमंत्री ने इन स्टॉलों का भ्रमण कर उत्पादों की जानकारी ली और कलाकारों व कारीगरों के प्रयासों की सराहना की। इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप भी उपस्थित थे।
पारंपरिक औषधियों की जानकारी प्राप्त की
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ वैद्य संघ के प्रदेश अध्यक्ष दशरथ नेताम द्वारा प्रदर्शित पारंपरिक औषधियों का अवलोकन किया। नेताम ने बताया कि ये औषधियाँ जंगलों से विशेष रूप से चुनकर लाई गई जड़ी-बूटियों से तैयार की जाती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए अत्यंत प्रभावी हैं। उन्होंने इन औषधियों की निर्माण प्रक्रिया और उनके उपयोग के लाभों पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इन पारंपरिक विधियों के संरक्षण और प्रसार की आवश्यकता पर जोर दिया।
महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों की सराहना
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी मर्यादित संघ के स्टॉल पर जाकर विभिन्न वन-आधारित उत्पादों जैसे जशपुर के हैंडमेड ग्रीन टी, हर्बल च्यवनप्राश, और बस्तर क्षेत्र के आदिवासी समुदाय द्वारा तैयार किए गए शुद्ध हर्बल उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने ‘हर्बल छत्तीसगढ़’ ब्रांड के तहत तैयार शहद, रागी-कोदो कुकीज, आँवला कैंडी, और जामुन रस जैसे उत्पादों को देखकर हर्ष व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने कहा, “इन हर्बल उत्पादों को बढ़ावा देने से न केवल स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाएगा।”
लोक कलाकारों के अनोखे प्रदर्शन की प्रशंसा
मुख्यमंत्री ने देवरी (आरंग) के मोहरी वादक विशाल राम यादव और कोलिहापुरी, दुर्ग के चिकारा वादक मनहरण दास बंजारे के लोक वाद्य प्रदर्शन का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पारंपरिक लोक कलाएँ हमारी सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं, जिन्हें प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने दोनों कलाकारों को उनके संगीत के प्रति समर्पण के लिए बधाई दी।
रजवार कला के भित्ति चित्रों की सराहना
भित्ति चित्र कलाकार डॉ. शशिप्रिया उपाध्याय ने मुख्यमंत्री को उनकी टीम द्वारा बनाए गए भित्ति चित्रों के बारे में बताया, जिनमें रजवार कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की आदिम संस्कृति, लोक जीवन, और पारंपरिक वेशभूषा को दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि रजवार कला का उद्देश्य छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को जीवित रखना और इसे नए आयाम देना है। मुख्यमंत्री ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि, "ऐसी लोककलाओं के संरक्षण और प्रचार-प्रसार से हमारी सांस्कृतिक धरोहर का भविष्य सुरक्षित रहेगा।"
दिव्यांग बच्चों की कला का सम्मान
मुख्यमंत्री ने शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय, माना कैम्प के मूक-बधिर विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई चित्रकला प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस दौरान छात्र धनदास बरमते ने स्वनिर्मित लोककला आधारित चित्र मुख्यमंत्री को भेंट किया। मुख्यमंत्री ने इस उपहार को स्वीकारते हुए धनदास की कला की प्रशंसा की और कहा, "आपकी यह कला हमारी संस्कृति को नई पहचान देने का कार्य करेगी।" उन्होंने धनदास के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
45 वर्षों से पारंपरिक वाद्य यंत्रों का संरक्षण कर रहे रिखि क्षत्रिय का अभिनंदन
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वाद्य यंत्रों के संरक्षण में योगदान देने वाले रिखि क्षत्रिय ने मुख्यमंत्री को अपनी यात्रा के बारे में विस्तार से बताया। क्षत्रिय ने कहा कि वे पिछले 45 वर्षों से छत्तीसगढ़ी वाद्य यंत्रों जैसे रुंजू बाजा, घूमरा बाजा और चिरई बाजा का संरक्षण और प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने गणतंत्र दिवस पर कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी में पारंपरिक वाद्य यंत्रों का प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। क्षत्रिय ने मुख्यमंत्री को रुंजू बाजा भेंट किया और अपने अद्भुत कौशल का प्रदर्शन करते हुए घूमरा बाजा से शेर की आवाज और चिरई बाजा से चिड़िया की आवाज निकालकर उन्हें आश्चर्यचकित कर दिया। मुख्यमंत्री ने उनके इस अनूठे योगदान की सराहना की और कहा कि ऐसे कलाकार हमारी लोक परंपराओं के सच्चे रक्षक हैं।
छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को मिला मंच
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, “छत्तीसगढ़ हरित शिखर सम्मेलन जैसे आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर, पारंपरिक उत्पादों और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित करने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करते हैं। ये आयोजन हमारे पारंपरिक ज्ञान और संस्कृति को सहेजने के साथ-साथ, इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी सहायक हैं।”
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों, कला प्रेमियों और स्थानीय निवासियों की उपस्थिति रही, जिन्होंने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के प्रयासों की सराहना की। साथ ही, मुख्यमंत्री ने सभी कलाकारों, कारीगरों, और प्रतिभागियों को प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
पीएम मोदी ने जशपुर में एकलव्य विद्यालय का वर्चुअल उद्घाटन-भूमिपूजन किया
रायपुर। महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर 2 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झारखंड के हजारीबाग से जशपुर जिले में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सुखरापारा, विकासखंड पत्थलगांव का वर्चुअली लोकार्पण किया। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने ग्राम ढुढरूडांड़, विकासखंड कांसाबेल और विकासखंड फरसाबहार में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का वर्चुअली भूमिपूजन भी किया।
आदिवासी विद्यार्थियों की अच्छी शिक्षा के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने झारखंड से देश में वर्चुअली तौर पर 1726.2 करोड़ की लागत के 40 एकलव्य आवासीय विद्यालयों का लोकार्पण और 1108.2 करोड़ की लागत के 25 भवनों का शिलान्यास भी किया। इनमें से छत्तीसगढ़ के 04 एकलव्य आवासीय भवनों का लोकार्पण और 03 का शिलान्यास शामिल है। सरगुजा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष और पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सुखरापारा का प्रतीकात्मक तौर पर लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय परिसर में एक पेड़ मां के नाम के सार्थक सन्देश के साथ आम का पौधा का रोपण भी किया।
झारखंड से वर्चुअली तौर पर संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के लोगों को आज की परियोजनाओं के लिए बधाई दी और कहा की महात्मा गांधी की जनजातीय कल्याण के प्रति दृष्टि और विचार हम सबके लिए काफी महत्वपूर्ण है। महात्मा गांधी ने माना कि भारत तभी आगे बढ़ सकता है जब जनजातीय समाज तेजी से आगे बढ़े।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज झारखंड की पावन धरती से 80 हजार करोड़ से अधिक लागत की विकास कार्याे का लोकार्पण और शिलान्यास हुआ है। ये योजनाएं आदिवासी समाज के विकास के लिए समर्पित है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह सरकार द्वारा जनजातीय समुदायों के प्रति प्राथमिकता का प्रमाण है।
नवीनतम तकनीक, स्मार्ट क्लासेस, लैब जैसी सुविधाएं होंगी एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सुखरापारा पत्थलगांव के निर्माण के लिए 37.50 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। अभी 19.40 करोड़ की लागत से पहले फेज का कार्य पूर्ण हो चुका है। वर्तमान में 10 वीं तक की पढ़ाई विद्यालय में संचालित की जाएगी। दूसरे फेज का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाने के बाद 12 वीं तक की पढ़ाई शुरू होगी। विद्यालय को आधुनिक तरीके से बनाया गया है। यहां पर छात्र-छात्राओं के लिए स्मार्ट क्लासेस, लैब, हॉस्टल की सुविधा होगी। इसी तरह ढुढरूडांड़, विकासखंड कांसाबेल में 36.60 करोड़ और विकासखंड फरसाबहार में 36.59 करोड़ की लागत से एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का निर्माण कराया जाएगा। इस अवसर पर एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय सुखरापारा में सुनील गुप्ता, सुनील अग्रवाल, हरजीत सिंह भाटिया, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, पत्थलगांव एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जशपुर संजय सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और अन्य लोग मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने दी नवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को देवी उपासना के पर्व नवरात्रि की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने देवी दुर्गा से सबके जीवन में सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है। नवरात्रि की पूर्व संध्या पर जारी अपने बधाई संदेश में साय ने कहा है कि नवरात्रि में शक्ति स्वरूपा देवी दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की 9 दिनों तक पूरी श्रद्धा और भक्ति-भाव के साथ पूजा की जाती है। कन्याओं को देवी स्वरुप मानकर उनको भोजन कराया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि देवी की आराधना के साथ नारी शक्ति के सम्मान का पर्व है। छत्तीसगढ़ सरकार महिला सुरक्षा, उनके मान-सम्मान की रक्षा और उन्हें आवश्यक सेवा प्रदान करने के लिये प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रति मान-सम्मान के भाव और उनके गौरव को बनाए रखने के साथ उनके विरूद्ध हिंसा के विरोध के संकल्प से ही सच्चे अर्थों में देवी पूजा सार्थक होगी।
मुख्यमंत्री ने दी अग्रसेन जयंती की शुभकामनाएं
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों विशेषकर अग्रवाल समाज के लोगों को महाराजा अग्रसेन जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। अपने शुभकामना संदेश में साय ने कहा है कि महाराजा अग्रसेन ने हमें सामाजिक समानता, करुणा और अहिंसा का संदेश दिया। लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था और आर्थिक समरूपता उनके आदर्श मूल्य रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज को समृद्ध और सशक्त बनाने तथा प्रेम और सदभाव का वातावरण निर्माण के लिए महाराजा अग्रसेन द्वारा दिए गए विचार मूल्य प्रेरणादायी हैं।
छत्तीसगढ़ के IPS डी श्रवण की NIA में नियुक्ति
रायपुर। छत्तीसगढ़ के डीआईजी रैंक के अफसर और 2008 बैच के आईपीएस अधिकारी, दावुलुरी श्रवण (डी श्रवण) की नियुक्ति नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) में की गई है। राज्य सरकार ने पांच साल की प्रतिनियुक्ति के लिए उन्हें अनुमति दे दी है। वर्तमान में डी श्रवण छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल हेडक्वार्टर, सेंटर रेंज, रायपुर में पदस्थ हैं।
डी श्रवण छत्तीसगढ़ कैडर के 2008 बैच के अधिकारी हैं और उनका करियर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में उल्लेखनीय रहा है। वे सुकमा जैसे धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में दो साल तक पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने कोंडागांव, कोरबा, मुंगेली, राजनांदगांव और जगदलपुर जिलों में भी एसपी के पद पर कार्य किया है।
उनकी नियुक्ति से NIA को महत्वपूर्ण अनुभव और विशेषज्ञता मिलने की उम्मीद है, खासकर नक्सलवाद और सुरक्षा से संबंधित मामलों में।
छत्तीसगढ़ में अब तक 1166.0 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
रायपुर, 03 अक्टूबर 2024/राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 1166.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 03 अक्टूबर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 2377.7 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 606.6 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।
इसी प्रकार, रायपुर जिले में 956.0 मिमी, बलौदाबाजार में 1188.3 मिमी, गरियाबंद में 1100.8 मिमी, महासमुंद में 969.6 मिमी, धमतरी में 1035.5 मिमी, बिलासपुर में 996.0 मिमी, मुंगेली में 1115.5 मिमी, रायगढ़ में 1111.6 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 734.4 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1223.4 मिमी, सक्ती 1062.0 मिमी, कोरबा में 1418.9 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 1207.5 मिमी, दुर्ग में 655.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 922.6 मिमी, राजनांदगांव में 1128.6 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1239.5 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 856.6 मिमी, बालोद में 1199.6 मिमी, बस्तर में 1270.8 मिमी, कोण्डागांव में 1206.4 मिमी, कांकेर में 1422.5 मिमी, नारायणपुर में 1465.7 मिमी, दंतेवाड़ा में 1522.4 मिमी और सुकमा जिले में 1675.2 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
मुख्यमंत्री ने मां बम्लेश्वरी के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं को किया रवाना
रायपुर। मुख्यमंत्री साय ने शारदीय नवरात्रि के पहले दिन गुरुवार को मां बम्लेश्वरी के दर्शन लाभ के लिए जा रहे श्रद्धालुओं के बस को मुख्यमंत्री निवास से झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने नवरात्रि के शुभ मौके पर इस पावन यात्रा के लिए श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी। सभी श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री को नवरात्रि की शुभकामनाएं दी। मां बम्लेश्वरी के जयकारे और भजन-कीर्तन के साथ यह यात्रा शुरू हुई।
गौरतलब है कि मां काली अन्नदान भंडारा समिति द्वारा श्रद्धालुओं को पिछले 09 वर्षों से लगातार नवरात्रि के पावन मौके पर मां बम्लेश्वरी धाम की निःशुल्क यात्रा कराई जाती है। इस वर्ष भी आगामी 5 दिनों तक रोजाना चार बसों के माध्यम से श्रद्धालुओं को मां बम्लेश्वरी दर्शन के लिए भेजा जा रहा है।
इस मौके पर संजय श्रीवास्तव और मां काली अन्नदान भंडारा समिति के अध्यक्ष दीपक भारद्वाज मौजूद रहे।