कार्यशाला में बनी ज्योति कलश यात्रा की रुपरेखा
रायपुर। अखिल विश्व गायत्री परिवार संस्थापिका माता भगवति देवी शर्मा संस्थापक पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा वर्ष 1926 में प्रज्जवलित अखण्ड ज्योति की जन्मशताब्दि 2026 में संपन्न होनी है। इस उपलक्ष्य में गायत्री परिवार के परिजनों द्वारा पूरे भारत में अन्य देशों में ज्योति कलश यात्रा संपन्न होनी है। इस दिव्य ज्योति कलश को छत्तीसगढ़ लाने हेतु यहां की जोन प्रमुख श्रीमती आदर्श वर्मा के साथ प्रत्येक जिले के लगभग 700 गायत्री परिजन 20 से 23 सितंबर के मध्य शांतिकुंज हरिद्वार पहुंचकर गायत्री परिवार के प्रमुख शैल बाला पण्डया व डॉ प्रणव पण्डया ने इसे प्राप्त किया।
साधना उपरांत गुरुसत्ता के समाधि स्थल सजल श्रद्धा एवं प्रखर प्रज्ञा पर रखकर इसमें शक्तिपात कर छत्तीसगढ़ के परिजनों के हाथ में सौंपा। इस अवसर पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या, छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, शांतिकुंज व्यवस्थापक योगेन्द्र गिरी, शरद पारधी छ.ग. जोन प्रभारी सुखदेव निर्मलकर एवं छ.ग. के सभी उपजोन समन्वयक, जिला समन्वयक उपस्थित थे। छत्तीसगढ़ के गायत्री परिजन दिव्य कलश को 24 सितम्बर को रेल्वे मार्ग से लेकर रायपुर पहुंचे।
छत्तीसगढ़ की जोन प्रमुख श्रीमती आदर्श वर्मा ने बताया कि शाताब्दि वर्ष 2026 की तैयारी में संपूर्ण भारत के चारो दिशाओं में गायत्री तिर्थ शांतिकुंज हरिद्वार से निकली अखण्ड ज्योति कलश यात्रा का मुख्य उद्देश्य है युग दृष्टा पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के 100 वर्ष की तपसाधना का, व्यक्तित्व की ज्योति, कर्माें की ज्योति, पूण्य के प्रताप को, संदशों को घर-घर, जन-जन के मन में पहुंचाना है। इसी को लेकर गायत्री शक्ति पीठ समता कॉलोनी रायपुर में बुधवार 02 अक्टूबर को रायपुर जिले के परिजनों की एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में बताया गया कि कलश यात्रा किस किस तिथि में किन-किन मार्गों से होकर निकलेगा। इस दौरान क्षेत्र के लोगों से किस प्रकार का जनसंपर्क किया जाना होगा तथा आचार्य के विचारों को उन तक किस प्रकार से साहित्य वितरण, सद्वाक्य लेखन इत्यादि के माध्यम से पहुंचाया जायेगा।