छत्तीसगढ़ / राजनांदगांव
एसआईएस लिमिटेड द्वारा जिले में सुरक्षा जवान भर्ती शिविर
युवाओं को रोजगार का अवसर
राजनांदगांव । जिले में एसआईएस लिमिटेड द्वारा 16 अप्रैल से 25 अप्रैल 2026 तक प्रतिदिन सुबह 10.30 बजे से शाम 4.30 बजे तक विभिन्न स्थानों पर सुरक्षा जवानों के पंजीयन एवं भर्ती शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से क्षेत्रीय स्तर पर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके तहत 16 अप्रैल को बागनदी, 17 अप्रैल को बोरतालाव एवं 18 अप्रैल को डोंगरगढ़ में शिविर का आयोजन किया गया। इसी तरह 20 अप्रैल को जोब, 21 अप्रैल को गैंदाटोला, 22 अप्रैल को छुरिया, 23 अप्रैल को तुमड़ीबोड़, 24 अप्रैल को डोंगरगांव तथा 25 अप्रैल को रक्षित आरक्षी केन्द्र राजनांदगांव में सुरक्षा जवानों के पंजीयन एवं भर्ती शिविर का आयोजन किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि एसआईएस लिमिटेड द्वारा भारत सरकार के गृह मंत्रालय अंतर्गत सिविल डिफेंस डायरेक्टरेट नई दिल्ली के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया गया है। इसके तहत कंपनी अपने 3 लाख से अधिक कर्मचारियों को एडीआरएफ सहित विभिन्न सरकारी एजेंसियों एवं संस्थाओं के माध्यम से प्रशिक्षित कर देश सेवा के लिए सिविल डिफेंस वालंटियर के रूप में तैयार करती है। एसआईएस लिमिटेड देश की प्रमुख मल्टीनेशनल सुरक्षा कंपनियों में से एक है, जो भारत सरकार द्वारा पारित प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी (रेगुलेशन) एक्ट-2005 अंतर्गत प्रशिक्षण प्रदान करती है।
महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों का ऑनलाइन ई-केवाईसी सत्यापन कार्य जारी
- सत्यापन अवधि में भी खातों में मिलती रहेगी राशि
राजनांदगांव । शासन के निर्देशानुसार जिले में महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों का ऑनलाइन ई-केवाईसी सत्यापन कार्य निरंतर जारी है। जिले में प्रतिदिन हजारों हितग्राहियों का सत्यापन किया जा रहा है। जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती गुरप्रीत कौर ने बताया कि जिले में लगभग 2 लाख 41 हजार हितग्राहियों का ई-केवाईसी सत्यापन किया जाना है। अब तक लगभग 80 हजार से अधिक हितग्राहियों का सत्यापन पूर्ण किया जा चुका है, जबकि शेष लगभग 1 लाख 60 हजार हितग्राहियों का सत्यापन निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ई-केवाईसी सत्यापन की अंतिम तिथि पहले 30 जून निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर अब 30 जुलाई 2026 कर दिया गया है, ताकि सभी पात्र हितग्राही आसानी से अपना सत्यापन करा सकें। सत्यापन अवधि के दौरान भी योजना के पात्र हितग्राहियों के खातों में राशि का अंतरण पूर्ववत जारी रहेगा। ई-केवाईसी प्रक्रिया के सुचारू संचालन के लिए जिले में ऑपरेटर्स (वीएलई) की नियुक्ति की गई है। जिन क्षेत्रों में अभी ऑपरेटर उपलब्ध नहीं हैं, वहां भी चरणबद्ध तरीके से नियुक्ति की जा रही है। जिससे शहरी एवं ग्रामीण सभी क्षेत्रों के हितग्राहियों को सुविधा मिल सके। हितग्राहियों से 30 जुलाई 2026 के पूर्व अपने निकटतम शिविर स्थल पर पहुंचकर अनिवार्य रूप से ई-केवाईसी सत्यापन पूर्ण कराने की अपील की गई है।
जिले में जनगणना 2027 के अंतर्गत तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ
- जनगणना 2027 का प्रथम चरण 1 मई से होगा शुरू
राजनांदगांव । जिले में जनगणना 2027 के अंतर्गत आज से पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्कूल राजनांदगांव में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया। प्रशिक्षण में जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए जा रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को मकान सूचीकरण एवं आवास गणना की प्रक्रिया, प्रपत्रों के सही संधारण, आंकड़ा संकलन की विधि तथा कार्य के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी जा रही है। साथ ही निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
भारत सरकार द्वारा आयोजित जनगणना 2027 की तैयारियां जिले में तेजी से जारी हैं। जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी। जिसमें प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं आवास गणना का कार्य 1 मई 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके माध्यम से प्राप्त आंकड़े शासन की योजनाओं के निर्माण एवं प्रभावी क्रियान्वयन में सहायक होते हैं। सभी संबंधित कर्मचारियों को पूर्ण जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आयुष्मान आरोग्य मंदिर सुरगी का किया निरीक्षण
राजनांदगांव । कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज सुबह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आयुष्मान आरोग्य मंदिर सुरगी का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने अस्पताल में साफ-सफाई एवं सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने प्रत्येक दिवस के लिए अलग-अलग रंग के बेडशीट निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार रखने के निर्देश दिए, ताकि अस्पताल में बेहतर प्रबंधन एवं स्वच्छता बनी रहे। उन्होंने एनसीडी जांच शिविर में आने वाले मरीजों को नियमित रूप से योग करने के लिए प्रेरित करने कहा, जिससे स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर बीमारियों से बचाव किया जा सके। कलेक्टर ने एचपीवी टीकाकरण अभियान की प्रगति की जानकारी ली और सेक्टर की 14 वर्ष से अधिक आयु की बालिकाओं को प्रोत्साहित करते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनआर नवरतन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक संदीप ताम्रकार एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधिकारी डॉ. तेजेंद्र वर्मा सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने योगाभ्यास में लिया भाग
राजनांदगांव । कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज राजनांदगांव विकासखंड के आयुष्मान आरोग्य मंदिर सुरगी में स्वस्थ जीवनशैली अभियान के अंतर्गत प्रतिदिन आयोजित प्रात:कालीन योगाभ्यास कार्यक्रम का निरीक्षण किया और योगाभ्यास सत्र में शामिल हुए। उन्होंने उपस्थित योग लाभार्थियों को नियमित योग करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि विशेषकर 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को योग को अपनी दिनचर्या में अनिवार्य रूप से शामिल करना चाहिए। कलेक्टर ने गैर संचारी रोगों में योग एवं स्वस्थ जीवनशैली के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्तमान की भागदौड़ भरी जीवनशैली और बढ़ते तनाव के कारण मधुमेह, उच्च रक्तचाप एवं मोटापे जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। इनसे बचाव के लिए योग सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने सभी नागरिकों को प्रतिदिन कम से कम 30 से 45 मिनट योगाभ्यास करने की सलाह दी।
कलेक्टर ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर में संचालित राष्ट्रीय कार्यक्रमों एवं अन्य योजनाओं की जानकारी ली तथा योग लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने योग सत्र में उपस्थित अभ्यासियों के अनुशासन एवं उत्साह की सराहना करते हुए प्रशिक्षकों द्वारा सिखाए जा रहे विभिन्न आसनों एवं प्राणायाम की विधियों का अवलोकन किया और योग सत्रों को नियमित रूप से आयोजित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने योग शिविर में उपस्थित ग्रामवासियों से उनकी समस्याएं भी सुनीं और उनके निराकरण का आश्वासन दिया। साथ ही उन्होंने ग्रामीणों को सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेते हुए अपने घरों में सोलर प्लांट स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। योगाभ्यास के उपरांत लाभार्थियों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु आयुष काढ़ा एवं पौष्टिक अंकुरित चना-मूंग का वितरण किया गया। स्वस्थ जीवनशैली अभियान अंतर्गत सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष ) में योग प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिदिन योगाभ्यास तथा अन्य सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में प्रति बुधवार योग शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन, जिला आयुष अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक संदीप ताम्रकार, आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) प्रभारी डॉ. मधु बंछोड़, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुरगी के चिकित्सक एवं स्टाफ, योग प्रशिक्षक भोजराज नेताम, अंशकालिक स्वच्छक भागवत साहू सहित जनप्रतिनिधि एवं ग्रामवासी उपस्थित थे।
108 कृषकों को 40 लाख 41 हजार 733 रूपए राशि का किया गया भुगतान
दलहन तिलहन खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 तक
राजनांदगांव । कलेक्टर जितेन्द्र यादव द्वारा जिले में रबी मौसम फसल दलहन एवं तिलहन फसल का उत्पादन करने वाले किसानों का उत्पाद प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के माध्यम से समर्थन मूल्य पर खरीदी करने के लिए कृषि सहित संबधित विभागों को किसानों का पंजीयन कार्य शीघ्र करने तथा व्यवस्था बनाकर खरीदी करने के निर्देश दिए गए है। जिसके बाद जिले के 15 समितियों एवं एक एफपीओ स्वर्ण उपज स्वसहयता समूह द्वारा ग्राम सुकूलदैहान में पीएम आशा के तहत दलहन तिलहन फसलों की खरीदी की जा रही है।
भारत सरकार द्वारा किसानों के हित में और दलहन तथा तिलहन क्षेत्र विस्तार बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम आशा) योजना अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत दलहन-तिलहन फसलों के समर्थन मूल्य पर खरीदी हेतु जिले में प्राथमिक कृषि सहकारी समिति के 15 उपार्जन केन्द्रों तथा एक एफपीओ स्वर्ण उपज महिला किसान उत्पादक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड सुकुलदैहान को अधिसूचित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा नाफेड के माध्यम से दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीदी की जा रही है, जिसके लिए समर्थन मूल्य सोयाबीन 5328 रूपए प्रति क्विंटल, अरहर 8000 रूपए प्रति क्विंटल तथा चना 5875 रूपए प्रति क्विंटल, मसूर 7000 रूपए प्रति क्विंटल एवं सरसों 6200 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है।
उपसंचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया है कि जिले में एफपीओ स्वर्ण उपज महिला किसान उत्पादक प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड सुकुलदैहान द्वारा चना का 595 क्विंटल, मसूर 343 क्विंटल एवं सरसों 1 क्विंटल एवं पदुमतरा में 92 क्विंटल चना व 15 क्विंटल मसूर व घुमका समिति में 80 क्विंटल चना, मसूर 6 क्विंटल एवं ब्लॉक डोंगरगांव के सेवा सहकारी समिति तुमड़ीबोड़ द्वारा सोयाबीन 73 क्विंटल, चना 134 क्विंटल व कोकपुर समिति में 11 क्विंटल चना तथा छुरियां ब्लॉक के गहरीभेड़ी समिति में सरसों 14.5 क्विंटल चना 66.5 क्विंटल, मसूर 8.5 क्विंटल, अरहर 9 क्विंटल, इस प्रकार चना 967.5 क्विंंटल, मसूर 374.5 क्विंटल, सरसो 15.5 क्विंटल, अरहर 9 क्विंटल एवं सोयाबीन की 73.5 क्विंटल कुल 1451 क्विंटल सफलतापूर्वक खरीदी की जा चुकी है।
इस क्रम में एकीकृत किसान पोर्टल में प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत चना फसल हेतु 3382 किसान, मसूर फसल हेतु 1237 किसान एवं राई व सरसों फसल हेतु 465 किसान इस प्रकार कुल 5084 किसानों द्वारा पंजीयन कराया जा चुका है। साथ ही पंजीयन करते समय रकबा गिरदावरी में प्रदर्शित नहीं होने की स्थिति में समाधान हेतु ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी एवं पटवारी के माध्यम से संयुक्त हस्ताक्षर रकबा सत्यापन करते हुए प्रमाण पत्र जारी कर संबंधित क्षेत्र के सहकारी समितियों में जाकर जमा कर उपार्जन किया जा सकता है। शेष कृषकों से अनुरोध है कि दलहन तिलहन खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 20 अप्रैल 2026 तक जल्द से जल्द योजनांतर्गत पंजीयन करा कर लाभ प्राप्त करें।
प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) में किसानों का पंजीयन एकीकृत किसान पोर्टल एवं नाफेड द्वारा संचालित ई-समृद्धि पोर्टल माध्यम से दलहन एवं तिलहन फसलों की ऑनलाईन पंजीयन कर खरीदी की जा रही है। इससे किसानों को समर्थन मूल्य की राशि सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त होगी। यह योजना दलहन-तिलहन क्षेत्र के विस्तार और किसानों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका सिद्ध होगी।
वरिष्ठ पत्रकार सोन कुमार सिन्हा की शख्सियत: इस्पात नगरी भिलाई में हुआ सम्मान
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से जुड़े सोन कुमार सिन्हा आज पत्रकारिता और समाजसेवा के क्षेत्र में एक सशक्त पहचान बना चुके हैं। 50 वर्ष की आयु में भी उनकी सक्रियता और समर्पण युवा पत्रकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने अपने कार्यों के माध्यम से न केवल स्थानीय बल्कि जिला, ब्लॉक और प्रदेश स्तर पर पत्रकारिता को नई दिशा देने का प्रयास किया है।
परिवहन विभाग द्वारा स्कूल वाहनों की विशेष जांच कर की गई कार्रवाई
- अनियमितता पाए जाने पर श्रीवेद पब्लिक स्कूल मोहारा एवं दिल्ली पब्लिक स्कूल राजनांदगांव के स्कूल बसों एवं अन्य वाहनों को किया गया जप्त
राजनांदगांव । परिवहन विभाग द्वारा बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूल वाहनों की विशेष जांच एवं प्रवर्तन की कार्रवाई की गई। अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी राजनांदगांव आनंद शर्मा के बताया कि जांच एवं प्रवर्तन के दौरान स्कूल बसों एवं अन्य वाहनों में फिटनेस प्रमाण पत्र, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र, फायर सेफ्टी उपकरण सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं एवं दस्तावेजों की गहन जांच की। जांच के दौरान वाहनों में खामियां पाए जाने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की गई। जांच के दौरान श्रीवेद पब्लिक स्कूल मोहारा की स्कूल बस सीजी 08 एजी 1365 एवं सीजी 08 एजी 1366 में वैध फिटनेस, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र एवं कर (टैक्स) के दस्तावेज लंबित थे। संबंधित अनियमितताओं के कारण दोनों बसों को मोटरयान अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत जप्त कर पुलिस थाना मोहारा में सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षित खड़ा किया गया है। प्राप्त जानकारी अनुसार इससे पूर्व भी श्रीवेद पब्लिक स्कूल मोहारा की एक बस के विरूद्ध कार्रवाई की जा चुकी है, किंतु वाहन संचालकों द्वारा आवश्यक दस्तावेजों के नवीनीकरण के प्रति अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई।
इसी तरह दिल्ली पब्लिक स्कूल राजनांदगांव के स्कूल बस सीजी 08 एम 0237, मैजिक सीजी 08 एएक्स 1835, मैजिक सीजी 08 वाय 1432 जांच के दौरान निर्धारित फिटनेस, बीमा एवं अन्य निर्धारित मानकों की शर्तों में कमी पायी गई। इन वाहनों के विरूद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जप्त कर कार्यालय अतिरिक्त क्षेत्रीय अधिकारी राजनांदगांव में सुरक्षार्थ सुरक्षित खड़ा किया गया है। संबंधित वाहन संचालकों को शीघ्र आवश्यक दस्तावेजों का नवीनीकरण कर नियमानुसार वाहन का संचालन करने के निर्देश दिए गए। परिवहन विभाग द्वारा स्कूली वाहनों की सुरक्षा एवं वैधता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी इस प्रकार की सघन जांच एवं कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। कार्रवाही में निरीक्षक प्रशांत शर्मा, उपनिरीक्षक अनीश बघेल तथा उपनिरीक्षक श्रीमती प्रभा तिवारी शामिल थे।
सीआरसी राजनांदगांव द्वारा विश्व पार्किंसन दिवस एवं मौखिक कैंसर जागरूकता माह का आयोजन
राजनांदगांव । कंपोजिट रीजनल सेंटर (सीआरसी) राजनांदगांव द्वारा विश्व पार्किंसन दिवस एवं मौखिक कैंसर जागरूकता माह पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रोफेसर ओरल एवं मैक्सिलोफेशियल सर्जरी विभाग डॉ. अंशुल शर्मा, दंत चिकित्सक, सीआरसी राजनांदगांव डॉ. जय टैंक, सार्वजनिक स्वास्थ्य दंत चिकित्सा विभाग डॉ. सूरज मुल्तानी उपस्थित थे। कार्यक्रम में विद्यार्थियों, लाभार्थियों एवं जनसामान्य को पार्किसन रोग एवं मौखिक कैंसर की शीघ्र पहचान तथा इसके निवारक एवं स्वास्थ्य उपायों के बारे में बताया गया। इस दौरान दंत जांच शिविर का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों की मौखिक जांच एवं कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों की स्क्रीनिंग की गई। छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज एवं रिसर्च इंस्टीट्यूट से विषय विशेषज्ञ डॉ. श्रुति सराफ ने तंबाकू सेवन, खराब मौखिक स्वच्छता एवं अस्वस्थ जीवनशैली जैसे जोखिम कारकों के बारे में जानकारी दी तथा उनसे बचाव के उपाय बताए। उन्होंने मौखिक कैंसर जागरूकता पर व्याख्यान देते हुए इसके जोखिम कारक, प्रारंभिक लक्षण, रोकथाम एवं नियमित जांच के महत्व पर प्रकाश डाला। व्याख्याता सीआरसी राजनांदगांव की सुश्री लिलीमा पटेल (पीटी) ने पार्किंसन रोग के लक्षण, रोग की प्रगति तथा इसके प्रबंधन एवं पुनर्वास में फिजियोथेरेपी की महत्वपूर्ण भूमिका को समझाया। कार्यक्रम में सीआरसी राजनांदगांव द्वारा लाभार्थियों को सहायक उपकरणों एवं छत्तीसगढ़ डेंटल कॉलेज सुंदरा के सहयोग से ओरल हाइजिन किट का वितरण किया गया।
राजनांदगांव संभाग के डाकघरों में अंतर्राष्ट्रीय पार्सल सेवा
राजनांदगांव । डाक विभाग द्वारा नागरिकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए राजनांदगांव संभाग अंतर्गत आने वाले प्रधान डाकघर एवं उपडाकघरों में अंतर्राष्ट्रीय पार्सल, दस्तावेज एवं अन्य सामग्री की बुकिंग सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। इस सुविधा के माध्यम से नागरिक अपने पार्सल, दस्तावेज एवं अन्य सामग्री को विश्व के विभिन्न देशों में सुरक्षित, सरल एवं व्यवस्थित प्रक्रिया के माध्यम से भेज सकते है। डाक विभाग की यह सेवा पूर्णत: सुरक्षित, पारदर्शी एवं विश्वसनीय है। पार्सल की सुरक्षित हैंडलिंग, उचित पैकेजिंग संबंधी मार्गदर्शन तथा समयबद्ध सेवा प्रदान की जाती है। साथ ही ऑनलाईन ट्रैकिंग की सुविधा भी प्रदान की जाती है। इन डाकघरों में बुकिंग हेतु नागरिक अपना पार्सल, प्राप्तकर्ता का पूर्ण एवं सही पता तथा वैध पहचान पत्र प्रस्तुत कर एवं पार्सल का वजन एवं निर्धारित शुल्क जमा कर ट्रैकिंग रसीद प्राप्त कर सकते है। ट्रैकिंग रसीद के माध्यम से पार्सल की स्थिति ऑनलाईन देखी जा सकती है। डाक विभाग द्वारा बड़ा एवं भारी अंतर्राष्ट्रीय पासल के लिए डाकघर तक नि:शुल्क पिकअप की सुविधा प्रदान की जा रही है। नागरिक, व्यापारी, विद्यार्थी एवं प्रवासी परिवार इस सुविधा का लाभ ले सकते है।
उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का नि:शुल्क सोनोग्राफी
राजनांदगांव । प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान अंतर्गत जिले में गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व देखभाल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को विशेष स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच, उपचार एवं परामर्श प्रदान दिया जाता है। अभियान अंतर्गत पहला प्रसव ऑपरेशन से, पहले गर्भपात या मृत शिशु का जन्म, वजन या ऊंचाई कम वाली, कम उम्र मं गर्भधारण करने वाली, गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या अन्य बीमारी से ग्रसित महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की जाती है।
कलेक्टर के निर्देशाुनसार मातृत्व स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत हाई उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की सूची बनाकर प्रत्येक सप्ताह दूरभाष के माध्यम से स्वास्थ संबंधी जानकारी एवं सलाह दी जा रही है। प्रसव के 15 दिन पूर्व गर्भवती माताओं के घर प्रतिदिवस मितानिनों द्वारा भ्रमण किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि वर्तमान में 1597 उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं में 1492 का प्रथम सोनोग्राफी एवं 1100 महिलाओं का द्वितीय बार सोनोग्राफी किया जा चुका है।
जिला चिकित्सालय में लगाया जा रहा नि:शुल्क एचपीवी वैक्सीन
राजनांदगांव । जिला चिकित्सालय राजनांदगांव में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के बचाव के लिए प्रतिदिन नि:शुल्क एचपीवी टीकाकरण किया जा रहा है। जिले में अब तक 53 पात्र किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन लगाया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नेतराम नवरतन ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के बचाव के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी उपाय है। साथ ही यह टीका एचपीवी संक्रमण के कारण होने वाले सर्वाइकल कैंसर को रोकने के लिए काफी प्रभावशील है। भारत में 14 वर्ष की लड़कियों, जिन्होंने अपना 15वां जन्मदिन नहीं मनाया है, ऐसेे सभी बालिकाओं को यह टीका लगाया जा रहा है। वैक्सीन के किसी भी प्रकार का कोई दुष्परिणाम नहीं है। वैक्सीन हेतु डॉक्टर की निगरानी पर केवल 30 मिनट बैठना होता है। टीकाकरण के लिए हितग्राही युवीन के माध्यम से भी अपना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते है। इसके अलावा जिला चिकित्सालय में आधार कार्ड के साथ उपस्थित होकर अपना नि:शुल्क पंजीयन करा सकते है।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बीएल तुलावी ने बताया कि आगामी समय मे जिले के सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीका लगाया जाएगा। यह वैक्सीन सुरक्षित भविष्य की ओर एक बड़ा कदम है। कैंसर आज सिर्फ एक बीमारी नहीं बल्कि लाखों परिवारों की चिंता का कारण बन चुका है। खासकर बात बेटियों की हो तो हर मां-बाप के दिल में एक ही डर होता है, कहीं उनकी बच्ची गंभीर बीमारी की शिकार ना हो जाए। सर्वाइकल कैंसर ऐसी ही एक खतरनाक बीमारी है, जो चुपचाप महिलाओं की सेहत को नुकसान पहुंचती है, लेकिन अब इस डर को कम करने की तरफ एक बड़ा और उम्मीद भरा कदम उठाया गया है। जिले के सभी अभिभावक अपने बच्चे जिन्होंने 14 साल का जन्मदिन मनाया है और 15 साल का जन्मदिन नहीं मनाया है, जिला चिकित्सालय में कार्य दिवस पर उपस्थित होकर नि:शुल्क एचपीवी वैक्सीन लगवाने और सुरक्षित भविष्य के निर्माण में योगदान देने की अपील की है।
भारत स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा प्याऊ घर सेवा का शुभारंभ
राजनांदगांव । भारत स्काउट्स एवं गाइड्स द्वारा ठाकुर प्यारेलाल चौक में प्याऊ घर सेवा का शुभारंभ किया गया है। इस दौरान प्याऊ घर सेवा के माध्यम से राहगीरों को शीतल पेय जल का वितरण स्काउट गाइड रोवर रेंजर द्वारा किया गया। यह प्याऊ घर सेवा त्रिशंख मंडल एवं हनुमान मंदिर समिति के सहयोग से आरंभ की गई है।
पीएमजीएसवाई सड़क निर्माण में तेजी लाएं : कलेक्टर
- कलेक्टर ने पटेवा से पेण्ड्री तक सड़क निर्माण कार्य का किया निरीक्षण
राजनांदगांव । कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने आज राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम मासूम में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्राम पटेवा से पेंड्री तक निर्माणाधीन सड़क का स्थल निरीक्षण किया। उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर स्वयं सड़क की मोटाई मापकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता का आकलन किया तथा वर्तमान प्रगति की जानकारी ली। कलेक्टर ने जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत एवं निर्माणाधीन सड़कों को बारिश के पूर्व पूर्ण करने के निर्देश दिए। ग्रामीणों को आवागमन में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सड़क निर्माण में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति, उपयोग की जा रही सामग्री, लेयरिंग एवं डामरीकरण की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बढ़ाने की महत्वपूर्ण योजना है, इसलिए किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्माण एजेंसी को कहा कि कार्य की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न हो। आवश्यकतानुसार तकनीकी परीक्षण नियमित रूप से कराए जाएं।
कलेक्टर ने सड़क के सोल्डर को गुणवत्ता के साथ मजबूत बनाने के निर्देश दिए। जिससे सड़क लंबे समय तक चल सके और सड़क की टिकाऊ क्षमता बढ़ सके। साथ ही आवश्यक स्थानों पर स्पष्ट साइनेज बोर्ड स्थापित करने के निर्देश दिए। जिससे आवागमन करने वालों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्माण क्षेत्र में उचित बैरिकेटिंग कर कार्य को पूरी तरह सुरक्षित माहौल में संचालित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि पूरे निर्माण कार्य में गुणवत्ता सर्वोपरि रहे और किसी भी चरण में मानकों से समझौता न किया जाए। कलेक्टर ने सभी निर्माणाधीन मार्गों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। बारिश के पूर्व गुणवत्ता के साथ निर्माणाधीन एवं लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने ग्रामीणों से भी बातचीत कर सड़क निर्माण के संबंध में उनकी प्रतिक्रिया ली। ग्रामीणों ने बताया कि नई सड़क बनने से स्कूल, बाजार, स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचना आसान हो जाएगा। बारिश के मौसम में पहले आवागमन में कठिनाईयों का सामना करना पड़ता था, अब नई सड़क बनने से संपर्क सुगम हो जाएगा। कलेक्टर ने ग्रामीणों की शिकायतों और सुझावों को भी गम्भीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने उपस्थित किसानों को प्रधानमंत्री आशा योजना के प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना अंतर्गत जिले में 15 समितियों के माध्यम से दलहन एवं तिलहन फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीद की जा रही है, जिससे किसानों को बेहतर आय प्राप्त होगी। उन्होंने किसानों को दलहन-तिलहन क्षेत्र विस्तार के लिए प्रेरित किया तथा समय पर पंजीयन कराने कहा। निरीक्षण के दौरान पीएमजीएसवाई के कार्यपालन अभियंता पद्मसंभव मिश्रा, सहायक अभियंता सुशील सावरकर, उप अभियंता श्रीमती निधी दवे एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
पीएमजीएसवाई विभाग की तत्परता से 2.45 किमी सड़क का कार्य मानक अनुसार कराया गया पूर्ण
राजनांदगांव । प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आरडीसी रोड से बाकल लंबाई 2.45 किलो मीटर मार्ग का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। निर्माण के दौरान विभाग द्वारा गुणवत्ता मानकों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सतत निगरानी रखी गई। वर्तमान में पूरे मार्ग का डामरीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है तथा गुणवत्ता परीक्षण में कार्य संतोषजनक पाया गया है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि पीएमजीएसवाई के तहत सड़कों की मजबूती और दीर्घकालिक गुणवत्ता सुनिश्चित करना प्राथमिक उद्देश्य है। अधीक्षण अभियंता दुर्ग संभाग बीएस पटेल द्वारा सड़क का निरीक्षण किया गया, जिसमें पूर्व में बिछाए गए ओवरहीट मटेरियल एवं उसके स्थान पर किए गए सुधार कार्य की समीक्षा की गई। उन्होंने सुधार कार्य को मानक अनुरूप पाते हुए संतोष व्यक्त किया।
कार्यपालन अभियंता ने बताया कि डामरीकरण के दौरान ठेकेदार लेखराम साहू के प्लांट में अचानक तकनीकी खराबी आने से डामर मिश्रण ओवरहीट हो गया, जो उपयोग के लिए अनुपयुक्त था। निरीक्षण के उपरांत ऐसे मटेरियल को तत्काल हटाकर पुन: मानक अनुसार डामरीकरण कराया गया।
इसके बाद पुन: प्लांट में आई खराबी के कारण बिछाए गए अनुपयुक्त मटेरियल को भी ग्रेडर के माध्यम से हटवाकर अगले ही दिन उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण कराया गया। तकनीकी अधिकारियों की उपस्थिति में प्रभावित हिस्सों का पुनर्निर्माण सुनिश्चित किया गया। कार्य में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित ठेकेदार को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी त्रुटि या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पीएम-आशा योजना अंतर्गत समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन की की जा रही खरीदी
जिले में एक सप्ताह में 347 क्विंटल दलहन-तिलहन उपार्जन
राजनांदगांव । कलेक्टर जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में रबी मौसम की दलहन एवं तिलहन फसलों का उत्पादन करने वाले किसानों से प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर खरीदी की जा रही है। इसके लिए कृषि सहित संबंधित विभागों को किसानों का शीघ्र पंजीयन सुनिश्चित करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में प्राइस सपोर्ट स्कीम (पीएसएस) के तहत 15 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के उपार्जन केंद्रों तथा एक एफपीओ स्वर्ण उपज महिला किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड, सुकुलदैहान के माध्यम से खरीदी की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा नाफेड के माध्यम से दलहन एवं तिलहन फसलों का उपार्जन किया जा रहा है। जिसके लिए सोयाबीन 5 हजार 328 रूपए प्रति क्विंटल, अरहर 8 हजार रूपए प्रति क्विंटल, चना 5 हजार 875 रूपए प्रति क्विंटल, मसूर 7 हजार रूपए प्रति क्विंटल तथा सरसों 6 हजार 200 रूपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है।
उपसंचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि इस सप्ताह जिले में कुल 347 क्विंटल दलहन-तिलहन की खरीदी की गई है। इसमें एफपीओ सुकुलदैहान द्वारा 75 किसानों से 53 क्विंटल चना, 220 क्विंटल मसूर एवं 1 क्विंटल सरसों तथा सेवा सहकारी समिति तुमड़ीबोड़ द्वारा 73 क्विंटल सोयाबीन की खरीदी की गई है। एकीकृत किसान पोर्टल में पीएसएस के तहत चना के लिए 529 किसान, मसूर के लिए 264 किसान एवं राई व सरसों के लिए 82 किसानों सहित कुल 649 किसानों द्वारा पंजीयन कराया जा चुका है। शेष किसानों से भी अपील की गई है कि वे शीघ्र पंजीयन कर योजना का लाभ ले सकते हैं। किसान एकीकृत किसान पोर्टल एवं नाफेड के ई-समृद्धि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कराएं, ताकि खरीदी की राशि सीधे उनके बैंक खातों में प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि यह योजना दलहन-तिलहन क्षेत्र के विस्तार और किसानों की आय वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
राजनांदगांव को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मॉडल सिटी के रूप में विकसित करेंगे : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
राजनांदगांव के विकास को नई गति: 2 हजार सीटर अत्याधुनिक ऑडिटोरियम सहित 226 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन
रायपुर ,14 मार्च 2026

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से नगर पालिक निगम राजनांदगांव के विभिन्न विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने 226 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। उन्होंने राजनांदगांववासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह भूमिपूजन केवल विकास कार्यों की शुरुआत नहीं, बल्कि शहर के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ प्रदेश के संतुलित और समावेशी विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है। विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में राजनांदगांव की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि शहर की बढ़ती आबादी के अनुरूप नागरिक सुविधाओं का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और इन परियोजनाओं के माध्यम से शहर के हर वार्ड तक विकास की किरण पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अमृत मिशन 2.0 के तहत शहर में घरेलू अपशिष्ट जल के वैज्ञानिक उपचार के लिए दो नए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किए जाएंगे। इससे गंदे पानी को सीधे नदियों और नालों में जाने से रोका जा सकेगा और पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नागरिकों के स्वास्थ्य की भी रक्षा होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नगरोउत्थान योजना के अंतर्गत सड़कों का चौड़ीकरण और सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जिससे यातायात अधिक सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राजनांदगांव में 2 हजार सीटर का विशाल अत्याधुनिक ऑडिटोरियम बनाया जाएगा, जो संस्कारधानी की कला, साहित्य और सांस्कृतिक गतिविधियों को नया मंच प्रदान करेगा। इससे स्थानीय कलाकारों, साहित्यकारों और युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के व्यापक अवसर मिलेंगे। उन्होंने कहा कि यह ऑडिटोरियम शहर की एक नई पहचान बनेगा। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही ट्रांसपोर्ट नगर के उन्नयन, नाली निर्माण, पाइपलाइन विस्तार तथा शहर के 51 वार्डों में मूलभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए विशेष बजट प्रावधान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत कचरा प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए नए संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। हमारा लक्ष्य है कि राजनांदगांव केवल स्वच्छता सर्वेक्षण में भाग लेने वाला शहर न रहे, बल्कि देश के अग्रणी स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान बनाए। उन्होंने कहा कि संसाधनों का लाभ सीधे जनता तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसी उद्देश्य से विकास कार्यों की गति तेज की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के मार्गदर्शन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के सहयोग से राजनांदगांव तेजी से आगे बढ़ रहा है। उनके विजन और जनसहभागिता से शहर को छत्तीसगढ़ की एक मॉडल सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने जिले के विकास से संबंधित लंबित अधोसंरचना प्रस्तावों को भी शीघ्र स्वीकृत करने का आश्वासन दिया।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राजनांदगांव उनके दिल के बेहद करीब है और आज का दिन शहर के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि संकल्प बजट 2026-27 में राजनांदगांव जिले के समग्र विकास के लिए 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। डॉ. सिंह ने बताया कि शिवनाथ नदी के संरक्षण, संवर्द्धन और विकास के लिए 250 करोड़ रुपये की योजनाएँ स्वीकृत की गई हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों के माध्यम से अनेक विकास कार्य प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 20 करोड़ रुपये, नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत 60 करोड़ रुपये, तथा लोक निर्माण विभाग के माध्यम से लगभग 200 करोड़ रुपये के कार्य शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि खेल सुविधाओं के विकास के लिए हॉकी स्टेडियम में टर्फ सहित अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु 8 करोड़ 80 लाख रुपये तथा दिग्विजय स्टेडियम में खेल अधोसंरचना सुदृढ़ करने के लिए 6 करोड़ रुपये का प्रावधान भी किया गया है, जिससे युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।
कार्यक्रम में राजनांदगांव जिले के प्रभारी मंत्री श्री गजेंद्र यादव, सांसद श्री संतोष पांडेय, छत्तीसगढ़ भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह तथा महापौर श्री मधुसूदन यादव सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि भूमिपूजन के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण, सड़क चौड़ीकरण एवं उन्नयन, 2 हजार सीटर ऑडिटोरियम निर्माण, नाला निर्माण, पाइपलाइन विस्तार, ट्रांसपोर्ट नगर उन्नयन, कचरा प्रबंधन संयंत्र स्थापना तथा स्वच्छता संबंधी कार्य शामिल हैं। इन परियोजनाओं से राजनांदगांव के 51 वार्डों में बुनियादी सुविधाओं का व्यापक विस्तार होगा और शहर के समग्र विकास को नई गति मिलेगी।