छत्तीसगढ़ / सूरजपुर
शिक्षक पहुंचे घर-घर, पालकों से किया संपर्क
पालकों में दिखा उत्साह, बोलेकृकल से बच्चों को नियमित विद्यालय भेजेंगे
सूरजपुर अगस्त 2026
बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने एवं शिक्षा के प्रति पालकों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी के निर्देशानुसार माध्यमिक शाला पतरापाली के प्रधानपाठक कृष्णकुमार यादव एवं शिक्षक योगेश साहू द्वारा घर-घर जाकर पालक संपर्क किया गया। इस दौरान कुल 12 पालकों से संपर्क कर बच्चों की पढ़ाई, उपस्थिति एवं शैक्षणिक प्रगति को लेकर चर्चा की गई। शिक्षकों ने पालकों से बच्चों के विद्यालय नहीं आने के कारणों की जानकारी ली और उन्हें नियमित रूप से विद्यालय भेजने के लिए समझाइश दी।
शिक्षकों के स्वयं घर पहुंचकर बच्चों की पढ़ाई के प्रति चिंता व्यक्त करने से पालकों में खुशी और उत्साह देखने को मिला। इस दौरान पालकों ने भी अपने-अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने की बात कही। इस दौरान शिक्षक योगेश साहू ने पालकों से कहा कि बच्चों को विद्यालय में दिए जाने वाले होमवर्क को घर पर नियमित रूप से पूरा कराने में थोड़ा ध्यान दें। उन्होंने कहा कि बच्चे विद्यालय में जो सीखते हैं, उसका अभ्यास घर पर होना भी जरूरी है।
पालक प्रतिदिन कुछ समय बच्चों की पढ़ाई और कॉपी-किताब देखने के लिए निकालें तथा होमवर्क पूरा हुआ है या नहीं, इसकी जानकारी लें। इससे बच्चों में नियमित अध्ययन की आदत विकसित होगी और उनकी शैक्षणिक प्रगति बेहतर होगी। पालक संपर्क अभियान में शिक्षकों ने 12 पालकों से संपर्क किया। शिक्षकों की इस पहल से पालकों में सकारात्मक भाव देखने को मिला।
समय-सीमा की बैठक में विभागीय योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा हुई
जन शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण कर शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने के निर्देश
पीएम सूर्य घर योजना, स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएम आवास एवं अन्य योजनाओं की हुई समीक्षा
सूरजपुर अगस्त 2026
कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आज साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक कलेक्टर श्रीमती रेना जमील की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों में संचालित योजनाओं, कार्यक्रमों एवं लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्यों का निराकरण सुनिश्चित करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान देने कहा।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सभी शिकायतों का प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निराकरण के उपरांत संबंधित शिकायतकर्ताओं से फीडबैक भी लिया जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उनकी समस्या का समाधान संतोषजनक रूप से हुआ है। इसी प्रकार पीएमओ पोर्टल एवं जनदर्शन से प्राप्त प्रकरणों के भी समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए गए।
इस दौरान कलेक्टर ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कलस्टर बनाकर वेंडरों के माध्यम से घरों में सौर पैनल स्थापित कराने की दिशा में कार्य करने कहा।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में वय वंदन कार्ड निर्माण, आभा आईडी एवं संस्थागत प्रसव सहित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। उन्होंने वय वंदन कार्ड निर्माण में प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके अलावा कृषि और राजस्व विभाग को आपस में समन्वय बनाकर जिले में शत-प्रतिशत एग्रीस्टैक पंजीयन सुनिश्चित करने कहा।
कलेक्टर श्रीमती जमील ने शिक्षा विभाग से पाठ्य पुस्तकों के वितरण की जानकारी लेते हुए विद्यालयों में बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अध्ययनरत दिव्यांग बच्चों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ दिलाने के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल पर उनका पंजीयन कराने कहा। बैठक के दौरान उन्होंने अधिकारियों को ई-ऑफिस के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया गया।
कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत आवास निर्माण कार्यों में प्रगति लाने तथा उल्लास साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए आवश्यक प्रयास करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए भवनों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में महतारी सदन के निर्माण कार्यों की स्थिति की भी जानकारी ली गई। भैयाथान विकासखंड के ग्राम पंचायत समोली अंतर्गत बसोरपारा में आधार कार्ड एवं श्रमिक पंजीयन शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही ‘सुघ्घर छत्तीसगढ़’ अभियान के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर कलेक्टर नयनतारा सिंह तोमर, सर्व एसडीम सहित जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कभी पानी के इंतजार में ठहर जाते थे खेत, अब तालाब में लबालब भरी पानी की लहरों से लिखी जा रही है खुशहाली की कहानी
सूरजपुर । बारिश की बूंदों का इंतजार करते किसान, सूखे पड़े खेत और समय पर रोपा न लग पाने की चिंता, बस्कर गांव के किसानों के लिए मानसून का यह इंतजार कभी-कभी बेचौनी में बदल जाता था। खेत तैयार रहते थे, लेकिन पानी की कमी उनकी उम्मीदों पर भारी पड़ती थी। कई बार रोपाई का समय निकलने लगता और किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बारिश का इंतजार करते रह जाते थे। लेकिन इस बार गांव की तस्वीर कुछ अलग है।
तालाब पानी से लबालब है, खेतों में धान का रोपा लहरा रहा है और किसानों के चेहरों पर चिंता की जगह संतोष दिखाई दे रहा है। यह बदलाव केवल एक तालाब के गहरीकरण का परिणाम नहीं, बल्कि पानी के साथ गांव की उम्मीदों के लौटने की कहानी है। आज बस्कर का यही तालाब गांव के लिए पानी का भंडार ही नहीं, बल्कि किसानों की उम्मीद, मजदूरों के रोजगार और आने वाले बेहतर कल की नींव बनकर उभरा है।
जनपद पंचायत भैयाथान क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बस्कर में कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले के निर्देश पर विकसित भारत जी रामजी योजना के तहत तालाब गहरीकरण का कार्य कराया गया। गहरीकरण के बाद तालाब में वर्षा जल का बेहतर संचय हुआ और इस मानसून में तालाब पानी से भर गया। आसपास के खेतों तक पहुंचे इसी पानी ने किसानों की सबसे बड़ी चिंता दूर कर दी।
किसानों के लिए यह सिर्फ पानी नहीं, बल्कि समय पर खेती शुरू करने का भरोसा है। ग्रामीण बताते हैं कि पहले पानी की कमी के कारण धान की रोपाई में देरी हो जाती थी। इस वर्ष तालाब में पर्याप्त पानी होने से समय पर रोपा लगाया जा सका। अब किसानों को उम्मीद है कि तालाब में पानी लंबे समय तक ठहरेगा और रबी सीजन में गेहूं, सरसों तथा विभिन्न सब्जियों की खेती कर वे दोहरी फसल ले सकेंगे।
रोजगार मिला तो गांव में ही थमी कदमों की दूरी:-
तालाब गहरीकरण ने ग्रामीणों को सिर्फ पानी ही नहीं दिया, बल्कि उनके हाथों को काम भी दिया। योजना के तहत ग्रामीणों को 111 दिनों का रोजगार मिला। कभी रोजगार की तलाश में गांव छोड़कर बाहर जाने को मजबूर होने वाले मजदूरों के लिए गांव में ही काम मिलना राहत की बात है। ग्रामीण कहते हैं कि पहले जब गांव में काम नहीं मिलता था तो परिवार और घर-बार छोड़कर दूसरे स्थानों पर मजदूरी के लिए जाना पड़ता था।
अब स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने से अपने गांव में रहकर ही काम करने का अवसर मिल रहा है। एक ओर तालाब में पानी जमा हुआ, दूसरी ओर मेहनतकश हाथों को काम मिला - यही इस योजना का ग्रामीण जीवन पर दिखाई देने वाला दोहरा प्रभाव है।
शनिवार बना सीखने-खेलने और सृजन का दिन, बैगलेस डे पर स्कूलों में दिखी नई रौनक
किताबों के बोझ से परे बच्चों ने सीखा खेल, स्वच्छता और सृजन का पाठ
बाल फिल्म से खेल मैदान तक, बैगलेस डे पर स्कूलों में बच्चों ने मनाया सीखने का उत्सव
सूरजपुर/29 अगस्त 2026
शनिवार को जिले के स्कूलों में कक्षाओं का माहौल कुछ अलग था। कंधों पर बस्ते नहीं थे, लेकिन सीखने का उत्साह भरपूर था। कहीं बच्चे खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा दिखा रहे थे, तो कहीं बाल फिल्म के जरिए नई दुनिया से रूबरू हो रहे थे। किसी विद्यालय में स्वच्छता का संदेश गूंजा, तो कहीं रक्षाबंधन पर रचनात्मक लेखन के माध्यम से बच्चों ने अपनी कल्पनाओं को शब्द दिए। बैगलेस डे ने शनिवार को विद्यालयों को सीखने, सृजन और सहभागिता के जीवंत मंच में बदल दिया।
कलेक्टर श्रीमती रेना जमील एवं जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र पाटले तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती लता बेक सूरजपुर के निर्देशानुसार जिले के समस्त विद्यालयों में बाल फिल्म प्रदर्शन, खेलकूद गतिविधि, स्वच्छता अभियान एवं रक्षाबंधन आधारित रचनात्मक लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई।
सेजस भैयाथान एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बैजनाथपुर में खंड शिक्षा अधिकारी की उपस्थिति में गतिविधियों का अवलोकन किया गया। मुख्यमंत्री डीएवी ओड़गी में खो-खो प्रतियोगिता हुई, वहीं पीएम श्री सेजस ओड़गी में ‘स्लमडॉग मिलेनियर’ बाल फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान डीएमसी श्री मनोज साहू, सहायक संचालक शिक्षा श्री अजय सिंह एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी सहित शिक्षकों ने विद्यार्थियों के साथ फिल्म देखी।
प्रेमनगर के पीएम श्री चंदननगर, भैयाथान के शिवप्रसाद नगर, सूरजपुर के जयनगर, रामानुजनगर के परशुरामपुर, पस्ता और ओड़गी के चेंद्रा सहित अधिकांश विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, एलईडी टीवी, लैपटॉप एवं मोबाइल के माध्यम से बाल फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।
साथ ही ओड़गी विकासखंड के सभी 18 हायर सेकंडरी स्कूलों का भौतिक एवं दूरभाष के माध्यम से निरीक्षण कर सरगुजा ओलंपिक में 14 वर्ष से अधिक आयु के विद्यार्थियों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए और इसकी मॉनिटरिंग भी की गई।
सुबह से शाम तक मैदान में रहीं कलेक्टर, औद्योगिक इकाई से लेकर एकलव्य विद्यालय तक परखी जमीनी हकीकत
सूरजपुर, 25 अगस्त 2026
कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने आज जिले का सघन दौरा करते हुए शासकीय कार्यालयों, योजनाओं एवं औद्योगिक प्रतिष्ठानों की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। दौरे की शुरुआत नयनपुर स्थित औद्योगिक परिक्षेत्र से हुई, जहां उन्होंने 10 मेगावाट के पावर प्लांट, सरिया निर्माण यूनिट तथा ब्रेड निर्माण इकाई का निरीक्षण किया।
पावर प्लांट की कार्यप्रणाली, रॉ मटेरियल एवं मशीनरी को बारीकी से समझते हुए उन्होंने संचालन में आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। सरिया यूनिट में उत्पादन प्रक्रिया की पड़ताल कर उन्होंने अधिकारी-कर्मचारियों तथा संचालक को दिशा-निर्देशित किया, वहीं ब्रेड निर्माण इकाई में स्थापित मशीनों, उत्पादन लागत, आपूर्ति व्यवस्था तथा स्थानीय स्तर पर सृजित रोजगार के अवसरों पर चर्चा करते हुए स्वच्छता के कड़े मानकों के साथ उत्पादन करने पर बल दिया।
इसके पश्चात कलेक्टर प्रशासनिक अमले के साथ भैयाथान पहुंचीं, जहां सबसे पहले तहसील एवं अनुविभागीय कार्यालय का निरीक्षण किया गया। उन्होंने स्वयं कंप्यूटर सिस्टम पर लंबित प्रकरणों की स्थिति खंगाली तथा फाइलों की पड़ताल की। निराकरण की धीमी गति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने समय-सीमा के भीतर प्रकरण निपटाने की सख्त हिदायत दी।
खाद्य एवं दाण्डिक शाखा तथा नकल शाखा में प्राप्त आवेदनों और पंजी का अवलोकन करने के साथ ही अभिलेखागार के अभिलेख भी देखे तथा कार्यालय पहुंचे आमजन से व्यवस्थाओं पर सीधी प्रतिक्रिया ली। तहसील न्यायालय में आरबीसी 6-4 के प्रकरणों की समीक्षा कर उन्होंने शीघ्र निराकरण, पात्र हितग्राहियों को जन्म प्रमाण पत्र जारी करने तथा आधार पंजीयन में निर्धारित शुल्क का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
जनपद कार्यालय में उपस्थिति पंजी देखने के उपरांत कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ स्वान कार्यालय, प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति, राष्ट्रीय आजीविका मिशन बिहान की गतिविधियों तथा विकसित भारत जी रामजी योजना के कार्यों की समीक्षा की। लंबित आवास शीघ्र पूर्ण कराने और हितग्राहियों को समय पर किश्त जारी करने के साथ परिसर की स्वच्छता बनाए रखने पर उन्होंने विशेष जोर दिया। शासकीय उचित मूल्य राशन दुकान में उपलब्ध स्टॉक का मिलान करते हुए उन्होंने वितरण प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता बरतने की हिदायत दी।
तत्पश्चात भैयाथान स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर उन्होंने मरीजों से उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली तथा बच्चों के पोषण एवं उपचार की स्थिति परखी। शिशुवती माताओं से आत्मीय चर्चा करते हुए उन्होंने शिशु देखभाल संबंधी व्यावहारिक सुझाव साझा किए और चिकित्सा अमले को निर्देशित किया कि प्रत्येक माता को बच्चों की देखभाल का सही तरीका अवश्य समझाया जाए।
ग्राम पंचायत तरका में जल संचय से जुड़े कार्यों का अवलोकन कर कलेक्टर ने किए गए प्रयासों की सराहना की और कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में ठोस कार्ययोजना बनाकर नवाचारों को अपनाया जाए। दौरे के अंतिम चरण में उन्होंने एकलव्य मॉडल रेसीडेंसियल स्कूल ओड़गी का निरीक्षण कर विद्यार्थियों की दर्ज संख्या की जानकारी ली और उनसे खेल गतिविधियों पर बातचीत की, जिस पर विद्यार्थियों ने बताया कि यहां खेलकूद के साथ योग जैसी गतिविधियां भी नियमित रूप से कराई जाती हैं। एकलव्य आवासीय बालिका छात्रावास एवं वहां संचालित रसोई का अवलोकन करते हुए उन्होंने साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजेन्द्र सिंह पाटले, एसडीएम श्रीमती चांदनी कंवर, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री शुभम बंसल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
बच्चों के बीच कलेक्टर का सहज अंदाज, चॉकलेट बांटी और सुनी नन्हे-मुन्नों की बातें
सूरजपुर/25 अगस्त 2026
कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने भैयाथान विकासखंड की ग्राम पंचायत तरका में नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र तरका-ब का निरीक्षण किया। जहां पद की औपचारिकता से परे उन्होंने बच्चों के बीच दर्री पर बैठकर आत्मीय संवाद किया और उन्हें अपने हाथों से चॉकलेट वितरित की। कलेक्टर का यह सहज अंदाज नन्हे बच्चों को खूब भाया और पूरा केंद्र उत्साह से भर उठा।
कलेक्टर के आग्रह पर बच्चों ने हिंदी एवं अंग्रेजी वर्णमाला सुनाई। बिना किसी झिझक के आत्मविश्वास से भरी इस प्रस्तुति पर कलेक्टर सहित उपस्थित अधिकारियों ने तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई, खेलकूद तथा केंद्र में मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी बातचीत की और उनकी बातें बड़े धैर्य से सुनीं।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने एक बच्चे का वजन कराकर उसके पोषण स्तर की जानकारी ली तथा पोषण ट्रैकर एप का अवलोकन करते हुए बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बच्चों को रोचक और सहज तरीके से सीखने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं तथा पोषण संबंधी गतिविधियों का संचालन पूरी प्रभावशीलता के साथ किया जाए।
कलेक्टर से हुए संवाद के बाद बच्चे बेहद उत्साहित नजर आए और उन्होंने श्रीमती जमील से दोबारा आने का आग्रह भी किया। बच्चों की आत्मविश्वास पूर्ण प्रस्तुति से प्रसन्न होकर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विजेन्द्र सिंह पाटले ने उन्हें सामूहिक रूप से पुरस्कृत किया। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री शुभम बंसल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
महतारी वंदन ने बढ़ाई रक्षाबंधन की मिठास, उषा पांडे अब भाई के लिए खरीदेंगी राखी और उपहार
छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक संबल के साथ खुशियों के अवसर भी लेकर आ रही है। रक्षाबंधन पर्व से पहले योजना की 30 वीं किस्त की राशि खाते में पहुंचने से सूरजपुर निवासी एवं हितग्राही श्रीमती उषा पांडे की खुशियां बढ़ गई हैं। अब वे इस राशि से अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीदकर रक्षाबंधन का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाएंगी।
श्रीमती उषा पांडे बताती हैं कि भाई-बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन उनके लिए हमेशा खास रहा है। इस बार पर्व के ठीक पहले महतारी वंदन योजना की 30 वीं किस्त की राशि मिलना उनके लिए खुशी की दोहरी सौगात लेकर आया है। वे कहती हैं कि “मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, हमारे विष्णु भैया ने रक्षाबंधन से पहले खाते में राशि डालकर हमारी खुशियां दोगुनी कर दी हैं।”
वे बताती हैं कि प्राप्त राशि का उपयोग वे सबसे पहले अपने भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदने में करेंगी। इसके साथ ही भाई के लिए अपनी ओर से एक उपहार भी लेंगी। उनके लिए यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपने भाई के प्रति स्नेह और अपनत्व को अपनी सामर्थ्य के अनुसार व्यक्त करने का अवसर भी है।
श्रीमती पांडे ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता महिलाओं को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहयोग दे रही है। रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक पर्व पर इस राशि का मिलना उनके लिए विशेष खुशी का विषय है।
उन्होंने महतारी वंदन योजना का लाभ प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि शासन की इस पहल से उनके जैसे परिवारों के त्योहारों की खुशियों में एक नया रंग जुड़ रहा है।
रामानुजनगर में पहली बार सजा भव्य सावन श्रृंगार मेला, सोनम साहू बनीं सावन क्वीन
सावन के पावन महीने की उमंग, पारंपरिक सौंदर्य और लोक संस्कृति को समर्पित ‘‘सावन श्रृंगार मेले‘‘ का भव्य आयोजन पहली बार रामानुजनगर स्थित होटल अन्नपूर्णा में संपन्न हुआ। इस गरिमामय कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने में श्रीमती नूतन सिंह तथा इसे अंतिम रूप देने में श्रीमती प्रतिमा द्विवेदी की सराहनीय भूमिका रही। मेले में क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और पारंपरिक वेशभूषा एवं साज-श्रृंगार के साथ अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान सावन सुंदरी, मेहंदी सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें प्रतिभागियों ने अपने हुनर से सभी का मन मोह लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ग्राम पंचायत नारायणपुर की श्रीमती सोनम साहू को सावन क्वीन के खिताब से नवाजा गया, जबकि रामानुजनगर की श्रीमती आरती साहू फर्स्ट रनर अप तथा सूरजपुर की श्रीमती चांदनी सेकंड रनर अप रहीं।
सावन क्वीन का खिताब जीतने के बाद श्रीमती सोनम साहू ने आयोजन को सार्थक बताते हुए कहा कि इस कार्यक्रम ने हमारी संस्कृति के अनुपम रंगों को एक मंच पर पिरोने का काम किया है और सभी महिलाओं ने सावन की पारंपरिक वेशभूषा तथा श्रृंगार के साथ पूरे आत्मविश्वास से बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
मेले के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक सावन गीतों, नृत्य, मेहंदी और रचनात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई, जिससे पूरे परिसर में दिनभर उल्लास और उत्सव का वातावरण बना रहा। महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ सावन की खुशियां साझा करते हुए आपसी मेल-जोल को बढ़ावा दिया, जिसे सामाजिक एकजुटता की दिशा में सकारात्मक पहल माना जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता के प्रदर्शन का मंच उपलब्ध कराना तथा समृद्ध लोक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। रामानुजनगर में पहली बार हुए इस अनूठे आयोजन को क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में सराहनीय कदम बताया जा रहा है।
शासकीय महाविद्यालय सिलफिली में हरिशंकर परसाई जयंती पर व्यंग्य और सामाजिक सरोकारों पर हुई सार्थक चर्चा
सूरजपुर 23 अगस्त 2026
शासकीय महाविद्यालय सिलफिली में हरिशंकर परसाई जयंती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम श्री बृजलाल साहू प्राचार्य शासकीय कन्या महाविद्यालय सूरजपुर के मुख्य आतिथ्य में हुआ। विशिष्ट अतिथि श्री संदीप सोनी, सहायक प्राध्यापक शासकीय कन्या महाविद्यालय सूरजपुर रहे।
इसके साथ ही कार्यक्रम का आरंभ मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि तथा महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापकों द्वारा संस्कृति की देवी माँ सरस्वती के छायाचित्र पर दीप और धूप प्रज्वलन से हुआ। सर्वप्रथम महाविद्यालय की छात्राओं अनामिका तथा मीनाक्षी ने हरिशंकर परसाई का संक्षिप्त जीवन तथा साहित्यिक परिचय प्रस्तुत किया।
बी.ए. प्रथम सेमेस्टर के छात्र प्रियांशु ने परसाई के व्यंग्य ‘‘शिकायत मुझे भी है‘‘ का पाठ कर विद्यार्थियों को देश से पलायन कर रहे प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों, डॉक्टरों की विडंबना के साथ तथा शासन-प्रशासन की बेरोजगारों के प्रति उदासीनता के भाव से अवगत कराया।
छात्रा सोनम ने परसाई के व्यंग्य ‘‘चूहा और मैं‘‘ का पाठ कर देश के लोगों को आपने कर्तव्य के प्रति जागरूकता की आशा व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान हरिशंकर परसाई के जीवन पर आधारित एनसीईआरटी द्वारा निर्मित शैक्षिक वीडियो को प्रोजेक्टर द्वारा प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि श्री बृजलाल साहू ने विद्यार्थियों को अभिधा, लक्षणा तथा व्यंजना शब्द शक्ति को समझाते हुए व्यंग्य से उसके संबंध को बताया।
उन्होंने कहा कि परसाई की समाज के लिए चिंता हमें यह संदेश देती है कि हमें समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझना चाहिए। हमें समाज के दोहरे चरित्र को भी समझने की आवश्यकता है, जहाँ उसकी कथनी और करनी दोनों में फर्क है। हमें अपने स्वत्व से ऊपर उठकर समाज और देश के लिए योगदान देना चाहिए।
जब हम समाज के विषय में सोचना शुरु करेंगे तभी हमें उसमें मौजूद विभिन्न बुराइयों से साक्षात्कार होगा और हम उनके विरुद्ध आवाज उठा सकेंगे।
भारतेन्दु हरिश्चंद्र, प्रेमचंद, ज्ञान चतुर्वेदी इत्यादि की रचनाएं हमें समाज के प्रति चिंतन के लिए विवश करती हैं। साहित्य की हर विधा कोई न कोई संदेश देती है और हमें अकेला होने नहीं देती इसलिए अच्छा साहित्य अवश्य पढ़ना चाहिए। महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ अजय कुमार तिवारी ने बताया कि परसाई कबीर के एक प्रिय दोहे ‘‘सुखिया सब संसार है खावे और सोवे। दुखिया दास कबीर है जागे और रोवे‘‘ को अक्सर गुनगुनाते थे। वे समाज के सच्चे पहरेदार थे। परसाई का जागरण समाज की भलाई के लिए था।
परसाई ने समाज के सुनहरे पक्ष के पीछे छिपी कुरूपता को अपने व्यंग्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। हरिशंकर परसाई का व्यक्तित्व कबीर की तरह था। उन्होंने ‘‘कागद की लेखी‘‘ पर नहीं बल्कि ‘‘आँखन देखी‘‘ पर विश्वास किया। उन्होंने समाज के मध्य तथा निम्न वर्ग के बीच रहकर सामान्य लोगों, मजदूर, किसान, रिक्शा वाले, ठेला चलाने वाले, कुलीगिरी करने वाले से उनके मन की बातें जानकर समाज के वास्तविक रूप को पहचाना। उन्होंने समाज की वास्तविक बुराइयों और देशव्यापी भ्रष्टाचार को अपने व्यंग्यों का आधार बनाया।
परसाई ने भेड़े और भेड़िए व्यंग्य के माध्यम से कथित प्रजातन्त्र की पोल खोली है। परसाई बताते हैं कि किस प्रकार प्रचार तंत्र किसी भी सरकार को बनाने अथवा गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है? ‘‘भोलाराम का जीव‘‘ निबंध में सरकारी कार्यालयों के भ्रष्टाचार को प्रस्तुत करते हैं। ‘‘इंस्पेक्टर मातादीन चांद पर‘‘ व्यंग्य में वे बताते हैं कि भ्रष्ट पुलिस तंत्र जिसे चांद की पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए चांद पर भेजा जाता है। वह वहां की व्यवस्था को भी भ्रष्ट कर देता है। भ्रष्टाचार से त्रस्त चांद का प्रशासन अंततः उसे वापस पृथ्वी पर भेज देता है। हरिशंकर परसाई आचरण और जीवन मूल्य को सर्वाधिक प्राथमिकता देते हैं। इस देश में मानव मूल्यों के पतन का कारण व्यक्ति के लालच और शासन की गलत नीतियों को मानते हैं।
इस कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक श्री आशीष कौशिक ने सभी को धन्यवाद देकर कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान सहायक प्राध्यापक डॉ प्रेमलता एक्का, श्रीमती अंजना, श्री जफीर, श्री संजय कुमार तथा कार्यालयीन कर्मचारी के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
महतारी वंदन ने बढ़ाई रक्षाबंधन की मिठास, उषा पांडे अब भाई के लिए खरीदेंगी राखी और उपहार
सूरजपुर । छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में आर्थिक संबल के साथ खुशियों के अवसर भी लेकर आ रही है। रक्षाबंधन पर्व से पहले योजना की 30 वीं किस्त की राशि खाते में पहुंचने से सूरजपुर निवासी एवं हितग्राही श्रीमती उषा पांडे की खुशियां बढ़ गई हैं। अब वे इस राशि से अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीदकर रक्षाबंधन का पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाएंगी।
श्रीमती उषा पांडे बताती हैं कि भाई-बहन के स्नेह का पर्व रक्षाबंधन उनके लिए हमेशा खास रहा है। इस बार पर्व के ठीक पहले महतारी वंदन योजना की 30 वीं किस्त की राशि मिलना उनके लिए खुशी की दोहरी सौगात लेकर आया है। वे कहती हैं कि “मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, हमारे विष्णु भैया ने रक्षाबंधन से पहले खाते में राशि डालकर हमारी खुशियां दोगुनी कर दी हैं।”
वे बताती हैं कि प्राप्त राशि का उपयोग वे सबसे पहले अपने भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदने में करेंगी। इसके साथ ही भाई के लिए अपनी ओर से एक उपहार भी लेंगी। उनके लिए यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपने भाई के प्रति स्नेह और अपनत्व को अपनी सामर्थ्य के अनुसार व्यक्त करने का अवसर भी है।
श्रीमती पांडे ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता महिलाओं को अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहयोग दे रही है। रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक पर्व पर इस राशि का मिलना उनके लिए विशेष खुशी का विषय है।
उन्होंने महतारी वंदन योजना का लाभ प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि शासन की इस पहल से उनके जैसे परिवारों के त्योहारों की खुशियों में एक नया रंग जुड़ रहा है।
रामानुजनगर में पहली बार सजा भव्य सावन श्रृंगार मेला, सोनम साहू बनीं सावन क्वीन
सूरजपुर । सावन के पावन महीने की उमंग, पारंपरिक सौंदर्य और लोक संस्कृति को समर्पित ‘‘सावन श्रृंगार मेले‘‘ का भव्य आयोजन पहली बार रामानुजनगर स्थित होटल अन्नपूर्णा में संपन्न हुआ। इस गरिमामय कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने में श्रीमती नूतन सिंह तथा इसे अंतिम रूप देने में श्रीमती प्रतिमा द्विवेदी की सराहनीय भूमिका रही। मेले में क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और पारंपरिक वेशभूषा एवं साज-श्रृंगार के साथ अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के दौरान सावन सुंदरी, मेहंदी सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें प्रतिभागियों ने अपने हुनर से सभी का मन मोह लिया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ग्राम पंचायत नारायणपुर की श्रीमती सोनम साहू को सावन क्वीन के खिताब से नवाजा गया, जबकि रामानुजनगर की श्रीमती आरती साहू फर्स्ट रनर अप तथा सूरजपुर की श्रीमती चांदनी सेकंड रनर अप रहीं।
सावन क्वीन का खिताब जीतने के बाद श्रीमती सोनम साहू ने आयोजन को सार्थक बताते हुए कहा कि इस कार्यक्रम ने हमारी संस्कृति के अनुपम रंगों को एक मंच पर पिरोने का काम किया है और सभी महिलाओं ने सावन की पारंपरिक वेशभूषा तथा श्रृंगार के साथ पूरे आत्मविश्वास से बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
मेले के दौरान महिलाओं ने पारंपरिक सावन गीतों, नृत्य, मेहंदी और रचनात्मक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भागीदारी निभाई, जिससे पूरे परिसर में दिनभर उल्लास और उत्सव का वातावरण बना रहा। महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ सावन की खुशियां साझा करते हुए आपसी मेल-जोल को बढ़ावा दिया, जिसे सामाजिक एकजुटता की दिशा में सकारात्मक पहल माना जा रहा है। आयोजकों ने बताया कि ऐसे आयोजनों का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता के प्रदर्शन का मंच उपलब्ध कराना तथा समृद्ध लोक संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। रामानुजनगर में पहली बार हुए इस अनूठे आयोजन को क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में सराहनीय कदम बताया जा रहा है।
शासकीय महाविद्यालय सिलफिली में हरिशंकर परसाई जयंती पर व्यंग्य और सामाजिक सरोकारों पर चर्चा
सूरजपुर । शासकीय महाविद्यालय सिलफिली में हरिशंकर परसाई जयंती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम बृजलाल साहू प्राचार्य शासकीय कन्या महाविद्यालय सूरजपुर के मुख्य आतिथ्य में हुआ। विशिष्ट अतिथि संदीप सोनी, सहायक प्राध्यापक शासकीय कन्या महाविद्यालय सूरजपुर रहे।
इसके साथ ही कार्यक्रम का आरंभ मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि तथा महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापकों द्वारा संस्कृति की देवी माँ सरस्वती के छायाचित्र पर दीप और धूप प्रज्वलन से हुआ। सर्वप्रथम महाविद्यालय की छात्राओं अनामिका तथा मीनाक्षी ने हरिशंकर परसाई का संक्षिप्त जीवन तथा साहित्यिक परिचय प्रस्तुत किया।
बी.ए. प्रथम सेमेस्टर के छात्र प्रियांशु ने परसाई के व्यंग्य ‘‘शिकायत मुझे भी है‘‘ का पाठ कर विद्यार्थियों को देश से पलायन कर रहे प्रतिभाशाली वैज्ञानिकों, डॉक्टरों की विडंबना के साथ तथा शासन-प्रशासन की बेरोजगारों के प्रति उदासीनता के भाव से अवगत कराया।
छात्रा सोनम ने परसाई के व्यंग्य ‘‘चूहा और मैं‘‘ का पाठ कर देश के लोगों को आपने कर्तव्य के प्रति जागरूकता की आशा व्यक्त की। कार्यक्रम के दौरान हरिशंकर परसाई के जीवन पर आधारित एनसीईआरटी द्वारा निर्मित शैक्षिक वीडियो को प्रोजेक्टर द्वारा प्रस्तुत किया गया। मुख्य अतिथि बृजलाल साहू ने विद्यार्थियों को अभिधा, लक्षणा तथा व्यंजना शब्द शक्ति को समझाते हुए व्यंग्य से उसके संबंध को बताया।
उन्होंने कहा कि परसाई की समाज के लिए चिंता हमें यह संदेश देती है कि हमें समाज के प्रति अपने दायित्वों को समझना चाहिए। हमें समाज के दोहरे चरित्र को भी समझने की आवश्यकता है, जहाँ उसकी कथनी और करनी दोनों में फर्क है। हमें अपने स्वत्व से ऊपर उठकर समाज और देश के लिए योगदान देना चाहिए।
जब हम समाज के विषय में सोचना शुरु करेंगे तभी हमें उसमें मौजूद विभिन्न बुराइयों से साक्षात्कार होगा और हम उनके विरुद्ध आवाज उठा सकेंगे।
भारतेन्दु हरिश्चंद्र, प्रेमचंद, ज्ञान चतुर्वेदी इत्यादि की रचनाएं हमें समाज के प्रति चिंतन के लिए विवश करती हैं। साहित्य की हर विधा कोई न कोई संदेश देती है और हमें अकेला होने नहीं देती इसलिए अच्छा साहित्य अवश्य पढ़ना चाहिए। महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक डॉ अजय कुमार तिवारी ने बताया कि परसाई कबीर के एक प्रिय दोहे ‘‘सुखिया सब संसार है खावे और सोवे। दुखिया दास कबीर है जागे और रोवे‘‘ को अक्सर गुनगुनाते थे। वे समाज के सच्चे पहरेदार थे। परसाई का जागरण समाज की भलाई के लिए था।
परसाई ने समाज के सुनहरे पक्ष के पीछे छिपी कुरूपता को अपने व्यंग्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। हरिशंकर परसाई का व्यक्तित्व कबीर की तरह था। उन्होंने ‘‘कागद की लेखी‘‘ पर नहीं बल्कि ‘‘आँखन देखी‘‘ पर विश्वास किया। उन्होंने समाज के मध्य तथा निम्न वर्ग के बीच रहकर सामान्य लोगों, मजदूर, किसान, रिक्शा वाले, ठेला चलाने वाले, कुलीगिरी करने वाले से उनके मन की बातें जानकर समाज के वास्तविक रूप को पहचाना। उन्होंने समाज की वास्तविक बुराइयों और देशव्यापी भ्रष्टाचार को अपने व्यंग्यों का आधार बनाया।
परसाई ने भेड़े और भेड़िए व्यंग्य के माध्यम से कथित प्रजातन्त्र की पोल खोली है। परसाई बताते हैं कि किस प्रकार प्रचार तंत्र किसी भी सरकार को बनाने अथवा गिराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है? ‘‘भोलाराम का जीव‘‘ निबंध में सरकारी कार्यालयों के भ्रष्टाचार को प्रस्तुत करते हैं। ‘‘इंस्पेक्टर मातादीन चांद पर‘‘ व्यंग्य में वे बताते हैं कि भ्रष्ट पुलिस तंत्र जिसे चांद की पुलिस व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए चांद पर भेजा जाता है। वह वहां की व्यवस्था को भी भ्रष्ट कर देता है। भ्रष्टाचार से त्रस्त चांद का प्रशासन अंततः उसे वापस पृथ्वी पर भेज देता है। हरिशंकर परसाई आचरण और जीवन मूल्य को सर्वाधिक प्राथमिकता देते हैं। इस देश में मानव मूल्यों के पतन का कारण व्यक्ति के लालच और शासन की गलत नीतियों को मानते हैं।
इस कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक आशीष कौशिक ने सभी को धन्यवाद देकर कार्यक्रम के समापन की घोषणा की। कार्यक्रम के दौरान सहायक प्राध्यापक डॉ प्रेमलता एक्का, श्रीमती अंजना, जफीर, संजय कुमार तथा कार्यालयीन कर्मचारी के साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कलेक्टर रेना जमील के मार्गदर्शन में लोगों को मिल रही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं
सूरजपुर । कलेक्टर रेना जमील के मार्गदर्शन एवं जिला प्रशासन के सहयोग से विश्रामपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-02 पर इम्पैक्ट इंडिया फाउंडेशन की 256वीं लाइफलाइन एक्सप्रेस परियोजना के तहत 16 अगस्त से 05 सितंबर 2026 तक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर संचालित किया जा रहा है। शिविर के माध्यम से जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंच रहे जरूरतमंद मरीजों को विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श, जांच एवं आवश्यक उपचार की सुविधाएं सहजता से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
लाइफलाइन एक्सप्रेस में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। आंखों की जांच एवं मोतियाबिंद सर्जरी, कान की जांच एवं सर्जरी, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के मुड़े हुए हाथ-पैर की जांच एवं सर्जरी, प्लास्टिक सर्जरी, दांतों की जांच एवं उपचार तथा महिलाओं के स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच एवं स्क्रीनिंग जैसी स्वास्थ्य सेवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं। प्रतिदिन सुबह 09ः00 बजे से शाम 04ः00 बजे तक ओपीडी संचालित हो रही है।
कलेक्टर रेना जमील द्वारा शिविर के सफल संचालन, में अधिक से अधिक जरूरतमंद मरीजों तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने तथा मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए संबंधित विभागों को निरंतर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग एवं मैदानी अमला आपसी समन्वय से कार्य कर रहा है।
शिविर की व्यवस्थाओं में सूरजपुर के स्वास्थ्य अमले की टीम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सहायक नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश राजवाड़े के नेतृत्व में वरिष्ठ नेत्र सहायक अधिकारी एस.पी. मिश्रा तथा नेत्र सहायक अधिकारी मारुति नंदन चक्रधारी, अमित सोनी, सुरेन्द्र सिंह सोरी, बेंजामिन खाखा, इमरान खान, रवि शंकर कुशवाहा, विनोद भगत, श्यामलाल चौधरी, बी.एन. शर्मा, पुष्पराज वर्मा, अमित चौरसिया एवं जितेंद्र कुशवाहा सहित स्वास्थ्य अमला पूरी तत्परता के साथ मरीजों के पंजीयन, जांच, मार्गदर्शन एवं उपचार प्रक्रिया में सहयोग प्रदान कर रहा है।
जिला प्रशासन का प्रयास है कि लाइफलाइन एक्सप्रेस जैसी पहल का लाभ जिले के अधिक से अधिक जरूरतमंद नागरिकों तक पहुंचे। कलेक्टर रेना जमील ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे इस अवसर का लाभ उठाते हुए स्वयं एवं अपने आसपास के जरूरतमंद लोगों को शिविर की जानकारी दें और निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं।
बैगलेस डे पर विद्यार्थियों ने पेश की रचनात्मकता और पर्यावरण संरक्षण की मिसाल
सूरजपुर । जिले के विद्यालयों में बैगलेस डे के अवसर पर विद्यार्थियों को सीखने के साथ रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए। कलेक्टर रेना जमील के मार्गदर्शन एवं जिला शिक्षा अधिकारी लता बेक के निर्देशन में आयोजित गतिविधियों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला तीवरागुड़ी, माध्यमिक शाला पस्ता तथा माध्यमिक शाला पंपानगर में राखी बनाओ प्रतियोगिता आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने कागज एवं अन्य पर्यावरण अनुकूल सामग्री से आकर्षक राखियां तैयार कर अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, रचनात्मकता और स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के सदुपयोग का संदेश दिया गया।
बैगलेस डे के अंतर्गत विद्यालयों में संचालित पोषण वाटिकाओं की नींदाई-गुड़ाई एवं रखरखाव की गतिविधियां भी कराई गईं। विद्यार्थियों ने विद्यालय परिसर की स्वच्छता में सहभागिता करते हुए खरपतवार का उन्मूलन किया और स्वच्छ एवं सुंदर विद्यालय परिसर का संदेश दिया।
कार्यक्रमों की सतत मॉनिटरिंग जिला मिशन समन्वयक डीएमसी मनोज साहू , सहायक संचालक शिक्षा अजय सिंह सहित एडीपीओ समग्र शिक्षा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, विकासखंड स्रोत समन्वयक, संकुल प्राचार्य एवं संकुल समन्वयकों द्वारा की जा रही है। बैगलेस डे की ऐसी गतिविधियां विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, स्वच्छता की आदत और सामुदायिक सहभागिता की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
टीबी मुक्त भारत अभियान : भैयाथान ब्लॉक को दिसंबर 2026 तक "टीबी मुक्त" बनाने की तैयारी
सूरजपुर । देश को क्षय रोग से पूर्णतः मुक्त करने के संकल्प के तहत जिला सूरजपुर में शनिवार को एक महत्वपूर्ण पहल की गई। कलेक्टर रेना जमील के मार्गदर्शन एवं मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के. डी. पैकरा के निर्देश पर जिला चिकित्सालय के सभाकक्ष में‘‘टीबी मुक्त भारत अभियान‘‘ के अंतर्गत एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के कैडेट्स तथा ‘माय भारत‘ के युवा वॉलिंटियर्स ने सहभागिता की। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जिले की युवा एवं छात्र शक्ति को स्वास्थ्य एंबेसडर के रूप में तैयार करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सकों और जिला क्षय रोग अधिकारियों ने कैडेट्स एवं वॉलिंटियर्स को टीबी के लक्षणों, जांच की आधुनिक पद्धतियों तथा शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही निःशुल्क उपचार सुविधाओं के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षित किया। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि टीबी का पूर्ण इलाज संभव है, बशर्ते लक्षणों की पहचान समय पर हो और मरीज बिना किसी व्यवधान के दवा का पूरा कोर्स पूर्ण करे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने अपने संदेश में कहा कि एनसीसी कैडेट्स में अनुशासन होता है और ‘माय भारत‘ के वॉलिंटियर्स में समाज सेवा का जज्बा। जब ये दोनों शक्तियां स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर कार्य करेंगी, तो जिले के दूरदराज के गांवों और वनांचलों तक टीबी के प्रति जागरूकता फैलाना अत्यंत सहज हो जाएगा।
प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ये कैडेट्स और वॉलिंटियर्स अब सीधे फील्ड पर उतरेंगे। ये युवा विशेष रूप से भैयाथान विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्रों और ग्रामीण अंचलों में घर-घर जाकर संभावित मरीजों को चिह्नित करेंगे, समाज से टीबी का भय एवं भ्रांतियां दूर करेंगे तथा मरीजों को इलाज के लिए प्रेरित करेंगे। इसके साथ ही जिले के विभिन्न विकासखंडों, गांवों और शहरी वार्डों में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिसका मुख्य कार्य लक्षणों की पहचान कर संभावित टीबी मरीजों को चिह्नित करने में सहयोग करना, समाज में टीबी रोग से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को मिटाना तथा शासन द्वारा टीबी मरीजों को दी जाने वाली निक्षय पोषण योजना की जानकारी प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना होगा।
कार्यशाला में टीबी नोडल अधिकारी डॉ. राजेश पैकरा ने बताया कि शासन द्वारा भैयाथान ब्लॉक को दिसंबर 2026 तक संपूर्ण क्षय सुरक्षित विकासखंड घोषित करने का लक्ष्य दिया गया है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को समय पर हासिल करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने चाक-चौबंद रणनीति तैयार की है, जिसमें एनसीसी और ‘माय भारत‘ के वॉलिंटियर्स की भूमिका सर्वाधिक अहम होगी।
इस अवसर पर जिला समन्वयक संजीत सिंह ने उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भैयाथान ब्लॉक सहित पूरे जिले को टीबी मुक्त करने के लिए पांच प्रमुख बिंदुओं पर युद्ध स्तर पर कार्य किया जाएगा। इनमें ब्लॉक के प्रत्येक नागरिक की टीबी जांच और स्क्रीनिंग सुनिश्चित करना, लक्षण दिखते ही आधुनिक मशीनों से तत्काल और सटीक पहचान करना, चिह्नित मरीजों का बिना किसी बाधा के पूर्ण इलाज संपन्न कराना, निक्षय पोषण योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय एवं पौष्टिक सहायता शत-प्रतिशत पात्रों तक पहुंचाना तथा इस अभियान को महज सरकारी कार्यक्रम न रखकर जनभागीदारी के माध्यम से जन-आंदोलन का स्वरूप देना शामिल है।
कार्यशाला के अंत में जिला चिकित्सालय के सभाकक्ष में उपस्थित समस्त स्वास्थ्य अधिकारियों और युवाओं ने श्टीबी हारेगा, सूरजपुर जीतेगाश् के नारे के साथ इस मिशन को सफल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। स्वास्थ्य विभाग ने भरोसा जताया कि युवाओं के इस नए जोश और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों से सूरजपुर शीघ्र ही टीबी मुक्त जिलों की अग्रिम पंक्ति में खड़ा होगा। कार्यशाला में उमेश गुप्ता, नीतीश दुबे सहित टीबी विभाग एवं जिला चिकित्सालय के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
“रक्षाबंधन से पहले मिली महतारी वंदन की राशि, जावित्री ने कहा - विष्णु भैया ने हमारी खुशियां कर दीं दोगुनी”
सूरजपुर । छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के साथ उनके जीवन में खुशियों और आत्मविश्वास की नई रोशनी लेकर आ रही है। योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 30 वीं किस्त के रूप में महिलाओं के बैंक खातों में एक हजार रुपये की राशि अंतरित की है।
सूरजपुर की जावित्री साहू के लिए यह राशि रक्षाबंधन के पावन अवसर पर एक विशेष सौगात बनकर आई है। उनके लिए योजना की राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि अपने मायके और भाइयों से जुड़े स्नेह के पर्व को पूरे उत्साह के साथ मनाने का माध्यम बनी है।
जावित्री साहू अपने अनुभव साझा करते हुए भावुक होकर बताती हैं कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, स्नेह और विश्वास का त्योहार है। उन्होंने कहा कि इस बार राखी से पहले उनके खाते में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा महतारी वंदन योजना की 30 वीं किस्त के रूप में एक हजार रुपये की राशि अंतरित की गई है। यह राशि ऐसे समय में मिली है, जब पूरा परिवार रक्षाबंधन की तैयारियों में जुटा है। उन्होंने कहा, “हमारे भैया मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी ने रक्षाबंधन से पहले हमारे खाते में एक हजार रुपये भेजकर हमारी खुशियां दोगुनी कर दी हैं। अब हम इस राशि से भाइयों की कलाई पर बांधने के लिए राखी, मिठाई, फल और त्योहार से जुड़ी अन्य आवश्यक चीजें खरीदेंगे।”
साहू बताती हैं कि महतारी वंदन योजना की नियमित आर्थिक सहायता गृहिणियों के लिए काफी उपयोगी साबित हो रही है। महिलाएं अपनी जरूरत के अनुसार इस राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा, दवाइयों, फल-फ्रूट और घरेलू जरूरतों को पूरा करने में कर रही हैं। उनके अनुसार, परिवार की छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए जब महिला के पास अपनी राशि होती है, तो उसके भीतर आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ती है।
रक्षाबंधन के अवसर पर मिली योजना की राशि ने साहू के लिए शासन की पहल को एक आत्मीय अनुभव में बदल दिया है। राखी के धागे में भाई-बहन के रिश्ते की मजबूती और त्योहार की तैयारियों में सरकार की सहायता का यह संयोग उनके लिए यादगार बन गया है।
जावित्री साहू ने महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने और त्योहार से पहले उनके खाते में राशि अंतरित करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि महिलाओं के लिए सम्मान, भरोसे और आत्मनिर्भरता का आधार बन रही है। उनके लिए इस बार रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि सरकार के सहयोग से परिवार की खुशियों को अपने हाथों से संवारने का अवसर भी है।
लाइफ लाइन एक्सप्रेस से मिल रही है निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा
सूरजपुर । इम्पैक्ट इंडिया फाउंडेशन का लाइफ लाइन एक्सप्रेस विश्रामपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-02 पर जिलेवासियों को निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, उपचार एवं शल्य चिकित्सा की सुविधा प्रदान कर रहा है। 16 अगस्त से शुरू हुए स्वास्थ्य शिविर में अब तक कुल 1944 मरीजों की जांच की जा चुकी है, जिसमें 1820 नेत्र रोग तथा 124 स्त्री रोग से संबंधित मरीज शामिल हैं।
नेत्र रोग से संबंधित मरीजों में अब तक मोतियाबिंद के मरीजों का ऑपरेशन किया जा रहा है। स्त्री रोग के अंतर्गत स्तन एवं गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की जांच एवं स्क्रीनिंग 16 से 21 अगस्त तक की जा रही है। इस दौरान अब तक 124 महिलाओं की जांच की जा चुकी है।
इस चलित अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा मरीजों की जांच एवं उपचार किया जा रहा है। शिविर में प्रतिदिन सुबह 09ः00 बजे से शाम 04ः00 बजे तक ओपीडी संचालित हो रही है। नेत्र रोग के अंतर्गत 16 से 21 अगस्त तक आंखों की जांच तथा 17 से 22 अगस्त तक सर्जरी की जा रही है। मोतियाबिंद एवं दृष्टि दोष से संबंधित मरीजों को आवश्यकतानुसार शल्य चिकित्सा की सुविधा दी जा रही है। सर्जरी के बाद मरीजों को निःशुल्क दवाइयां एवं चश्मा भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
इसके अतिरिक्त कान की जांच, मध्य कर्ण शल्य क्रिया एवं ऑडियोमेट्री के लिए 22 से 27 अगस्त तक जांच तथा 23 से 28 अगस्त तक ऑपरेशन किए जाएंगे। मुड़े हुए हाथ-पैर, 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों की अस्थि सुधार सर्जरी तथा प्लास्टिक सर्जरी के लिए 28 से 31 अगस्त तक जांच और 29 अगस्त से 01 सितंबर तक ऑपरेशन निर्धारित हैं। दांतों की जांच एवं उपचार 01 से 05 सितंबर तक किया जाएगा।
कलेक्टर रेना जमील ने जिले वासियों से अपील की है कि लाइफ लाइन एक्सप्रेस के माध्यम से जिले में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उनके घर के निकट उपलब्ध हुई हैं। उन्होंने नागरिकों से इस निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।
शिविर में आने वाले मरीजों के लिए आधार कार्ड, वोटर आईडी अथवा अन्य वैध पहचान पत्र साथ लाना अनिवार्य है। भर्ती होने वाले मरीज के साथ केवल एक सहयोगी को रुकने की अनुमति होगी। शिविर एवं स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 7039673973 अथवा कार्यक्रम समन्वयक योगेश के मोबाइल नंबर 8826547301 पर संपर्क किया जा सकता है।