छत्तीसगढ़ / सरगुजा
अस्थाई फटाका लायसेंस के लिए आवेदन 30 सितम्बर तक
अम्बिकापुर । अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी ने बताया कि वर्ष-2026 में दशहरा एवं दीपावली त्योहार को ध्यान में रखते हुए जिले अंतर्गत फुटकर फटाका विक्रय किए जाने के लिए लोक सेवा केन्द्र के माध्यम से आवेदन ऑनलाइन प्राप्त किये जा रहे हैं। इच्छुक फुटकर फटाका व्यापारी लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन 30 सितम्बर 2026 तक कर सकते हैं, ताकि प्राप्त आवेदनों को समय पर निराकरण कर अस्थाई फटाका लाइसेंस समय-सीमा में जारी किया जा सके। आवेदन पत्र के साथ साईट मैप, जीएसटी पंजीयन प्रमाण पत्र, स्वयं का पासपोर्ट आकार का 02 नग फोटो एवं फोटोयुक्त परिचय पत्र अनिवार्य है।
सैनिक स्कूल अंबिकापुर का 18वां स्थापना दिवस समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न
समारोह में मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल हुए शामिल
सैनिक स्कूल विद्यार्थियों में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने निभाती है महत्वपूर्ण भूमिका - मंत्री श्री अग्रवाल
अम्बिकापुर 01 सितम्बर 2026


सैनिक स्कूल अंबिकापुर का 18वां स्थापना दिवस समारोह हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में विद्यालय की 18 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, उपलब्धियों और विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रदर्शित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल रहे। इस अवसर पर सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश कुमार अग्रवाल सहित संभाग एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी तथा गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों के आगमन पर गार्ड ऑफ ऑनर से हुआ। अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया गया। इसके पश्चात दीप प्रज्ज्वलन के साथ समारोह का विधिवत शुभारंभ हुआ। विद्यालय की 18 वर्षों की यात्रा के उपलक्ष्य में अतिथियों ने केक काटकर स्थापना दिवस मनाया।
विद्यालय के प्राचार्य कर्नल राजेश बैंदा ने सत्र 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों तथा विभिन्न उपलब्धियों की जानकारी दी।
समारोह में सैनिक स्कूल के कैडेटों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। स्वागत गीत, छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक-संस्कृति पर आधारित लोकनृत्य, प्रेरणादायक मूक अभिनय, देशभक्ति से ओतप्रोत समूहगान तथा भगवान श्रीराम के जीवन एवं आदर्शों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति ने उपस्थित दर्शकों को प्रभावित किया।
मुख्य अतिथि द्वारा सैनिक स्कूल अंबिकापुर की सत्र 2025-26 की विद्यालय पत्रिका का विमोचन किया गया। इस अवसर पर संस्कृत शिक्षक श्री सौरभ कुमार जैन के मार्गदर्शन में कैडेटों द्वारा विकसित अभिनव ‘संस्कृत ऐप’ का भी अतिथियों ने अवलोकन किया। अतिथियों ने ऐप की उपयोगिता एवं विशेषताओं की सराहना की।
उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट एवं हाउस सम्मानित
समारोह में सत्र 2025-26 के दौरान शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेटों को सम्मानित किया गया। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हाउस को ट्रॉफियां प्रदान की गईं।
सर्वश्रेष्ठ सह-पाठ्यक्रम हाउस का सम्मान कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को प्रदान किया गया। खेलकूद के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कटारी हाउस एवं अरिहंत हाउस को सम्मानित किया गया। शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए अर्जुन सिंह हाउस एवं तेजस हाउस को सर्वश्रेष्ठ अकादमिक हाउस का सम्मान दिया गया।
विद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, स्टाफ एवं जनरल कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य, कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण तथा सैनिक स्कूल अंबिकापुर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए कमेंडेशन (प्रशस्तिध्सराहना) प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कैडेटों को अनुशासन, परिश्रम और राष्ट्रसेवा के लिए किया प्रेरित
मुख्य अतिथि पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अपने संबोधन में सैनिक स्कूल अंबिकापुर की शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में हासिल उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कैडेटों को अनुशासन को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने, निरंतर परिश्रम एवं समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सैनिक स्कूल जैसे संस्थान विद्यार्थियों में अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कैडेटों से इन मूल्यों को आत्मसात करते हुए जीवन में आगे बढ़ने और देश के गौरवशाली एवं जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के उप-प्राचार्य लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. पी. श्रीनिवास ने मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथियों एवं उपस्थित गणमान्यजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना से अन्नू तिवारी को मिला मातृत्व के दौरान आर्थिक संबल
योजना की राशि से पोषण संबंधी जरूरतें हुईं पूरी, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ
अम्बिकापुर 01 सितम्बर 2026
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को मातृत्व के दौरान आर्थिक सहयोग प्रदान कर उनके पोषण और स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। योजना से लाभान्वित अम्बिकापुर में रहने वाली श्रीमती अन्नू तिवारी ने बताया कि पहली बार गर्भवती होने पर उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्र में योजना के संबंध में जानकारी मिली और आवश्यक फॉर्म भरकर योजना का लाभ लिया।
श्रीमती अन्नू तिवारी ने बताया कि फॉर्म भरने के कुछ दिनों बाद उन्हें ₹1,000 की राशि प्राप्त हुई। इसके बाद उन्हें ₹2,000 की राशि मिली। प्रसव के बाद शिशु को निर्धारित तीन टीके लगने के पश्चात उन्हें पुनः ₹2,000 की राशि प्राप्त हुई। इस प्रकार योजना के तहत प्राप्त आर्थिक सहायता का उपयोग उन्होंने अपने खान-पान और पोषण संबंधी जरूरतों में किया।
उन्होंने बताया कि योजना की राशि से गर्भावस्था और प्रसव के बाद अपने स्वास्थ्य तथा बच्चे के पोषण का बेहतर ध्यान रखने में सहायता मिली। इससे वे और उनका बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
अन्नू तिवारी ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि योजना गर्भवती महिलाओं के लिए उपयोगी है और मातृत्व के दौरान आर्थिक सहायता मिलने से परिवार को काफी संबल मिलता है।
अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के उपलक्ष्य में 01 से 15 सितम्बर तक जिले में साक्षरता पखवाड़ा का होगा आयोजन
अम्बिकापुर 31 अगस्त 2026
कलेक्टर श्री अजीत वसंत के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुश्री रोमा श्रीवास्तव के नेतृत्व में राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर के निर्देशानुसार उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर के तत्वावधान में 08 सितम्बर 2026 को अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस एवं 01 सितम्बर से 15 सितम्बर 2026 तक साक्षरता पखवाड़ा का आयोजन किया जाना है।
जिला शिक्षा अधिकारी डाॅ. दिनेश कुमार झा ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत पूरे देश में उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य जन-जन को साक्षर बनाना है। इसी क्रम में भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय द्वारा 8 सितम्बर अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के उपलक्ष्य में 1-15 सितम्बर 2026 तक पूरे प्रदेश में साक्षरता पखवाड़ा का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य 15 वर्ष से अधिक उम्र के वयस्कों को सशक्त बनाना है, जिन्होंने स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं किया है। देशव्यापी साक्षरता पखवाड़ा एवं अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस समारोह में विकासखण्ड की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु समस्त विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों एवं प्राचार्यों को निर्देशित किया गया है।
साक्षरता पखवाड़ा के अंतर्गत 01 सितम्बर को उल्लास साक्षरता पखवाड़ा का शुभारंभ एवं उल्लास शपथ का आयोजन किया जाएगा। 02 सितम्बर को कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों के माध्यम से निरक्षर दादा-दादी, नाना-नानी या माता-पिता को सिर्फ 15 मिनट बैठकर अखबार की सुर्खियाँ या बुनियादी अक्षर पढ़ना-लिखना सिखाया जाना है। 03 सितम्बर को उल्लास मोबाईल एप के माध्यम से उल्लास पोर्टल में असाक्षरों का शत प्रतिशत पंजीयन, 04 सितम्बर को विद्यालय स्तर पर साक्षरता संगोष्ठी एवं अंगूठे से कलम की ओर अभियान, 05 सितम्बर शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों और समाजसेवी का सम्मान, 06 सितम्बर को साक्षरता चौपाल एवं विभिन्न गतिविधियों का आयेाजन। 07 सितम्बर को सबके लिए शिक्षा विषय पर केन्द्रित चर्चा, वाद-विवाद, गीत, नृत्य, पेटिंग, चित्रकला, मेहन्दी इत्यादि का आयोजन एवं 08 सितम्बर को जिला मुख्यालय में सुपोषित, शिक्षित एंव समृद्ध सरगुजा से संबंधित जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
जिला परियोजना अधिकारी श्री गिरीश गुप्ता ने बताया कि 09 सितम्बर से 15 सितम्बर तक नवाचारी शिक्षकों द्वारा उल्लास के शिक्षार्थियों की सीखने-सिखाने के लिए मनोरंजक टीएलएम का प्रदर्शन, सामाजिक चेतना केन्द्रों में पुस्तक वाचन, रेडियो जिंगल, लघु फिल्म का प्रदर्शन, व्यावसायिक डिजिटल साक्षरता, उल्लास मेले का आयोजन, हिन्दी दिवस पर कार्यशाला का आयोजन एवं 15 सितम्बर को समापन दिवस के अवसर पर साक्षरता पखवाड़ा के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयंसेवी शिक्षकों, ग्राम प्रभारियों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, अधिकारी एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
वीरांगना‘ रानी अवंतीबाई लोधी, ’मिनी माता सम्मान (महिला उत्थान)’ एवं ‘माता बहादुर कलारिन सम्मान पुरस्कार हेतु 25 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रित
अम्बिकापुर 31 अगस्त 2026
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं, विशेष कर वीरता, शौर्य, साहस तथा महिलाओं में आत्मबल को सशक्त करने के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली राज्य की महिलाओं को प्रतिवर्ष ‘‘वीरांगना‘‘ रानी अवंतीबाई लोधी स्मृति पुरस्कार प्रदान किया जाना है। वहीं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं, विशेष रूप से अनुसूचित जाति/जनजाति/अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक महिलाओं के उत्थान हेतु उत्कृष्ट कार्य करने वाली राज्य की एक महिला/अशासकीय संस्था को प्रतिवर्ष ‘‘मिनी माता सम्मान (महिला उत्थान)‘‘ प्रदान किया जाना है। इसी प्रकार महिलाओं के उत्पीड़न के खिलाफ संघर्ष, नारी उत्थान हेतु अभूतपूर्व कार्य करने वाली राज्य की महिला को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से प्रतिवर्ष ‘‘माता बहादुर कलारिन सम्मान‘‘ प्रदान किया जाना है। इसके तहत एक महिला को दो लाख रूपए की राशि तथा प्रशस्ति पट्टिका सम्मान के रूप में प्रदान किए जाने का प्रावधान है। इन पुरस्कारों हेतु प्रविष्टियां 25 सितम्बर 2026 तक जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग को प्रस्तुत किया जा सकता है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी जिला कार्यालय महिला एवं बाल विकास विभाग अम्बिकापुर से प्राप्त की जा सकती है।
लेखा प्रशिक्षण शाला में लिपिकीय संवर्ग के कर्मचारी हेतु 30 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रित
अम्बिकापुर 31 अगस्त 2026
लेखा प्रशिक्षण शाला अंबिकापुर के प्राचार्य ने बताया कि सत्र नवम्बर 2026 से फरवरी 2027 तक लिपिकीय संवर्ग के कर्मचारी हेतु आवेदन 01 सितम्बर से 30 सितम्बर 2026 तक निर्धारित प्रारूप में आवश्यक दस्तावेजों सहित आमंत्रित किया गया है। पूर्ण रूप से भरा हुआ आवेदन पत्र जिसमें 03 वर्ष पूर्ण सेवा के साथ परिवीक्षा अवधि अनिवार्य रूप से पूर्ण होने के पश्चात अपने कार्यालय/विभाग के माध्यम से लेखा प्रशिक्षण शाला अम्बिकापुर के कार्यालय प्राचार्य में निर्धारित समयावधि में जमा/प्रेषित किया जा सकता है।
आईटीआई अम्बिकापुर में 03 सितंबर को कैंपस प्लेसमेंट का होगा आयोजन
अम्बिकापुर 31 अगस्त 2026
शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था अंबिकापुर के प्राचार्य ने बताया कि शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था अम्बिकापुर में 03 सितंबर 2026 को कम्युनिकेशन सर्विस सेंटर सरगंवा, नियर बिरला स्कूल द्वारा कैम्पस प्लेसमेंट आयोजित किया जा रहा है। जिसमें टेक्निशीयन पद हेतु भर्ती की जानी है। जिसकी मासिक वेतन 9 हजार, TA + DA दिया जाएगा एवं रहने की सुविधा भी कम्पनी द्वारा प्रदान की जाएगी। इस हेतु शैक्षणिक योग्यता किसी भी टेक्निकल ट्रेड से आई टी आई या कक्षा 12 वी उत्तीर्ण हो। इच्छुक उम्मीदवार 03 सितंबर 2026 को शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था अम्बिकापुर में सुबह 11:00 बजे उपस्थित होकर कैंपस प्लेसमेंट में भाग ले सकते है।
'राखी के धागे में विश्वास अपार, बहनों के साथ विष्णु भैया की सरकार'
रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन की राशि बनी बहनों के लिए उपहार
पुहपुटरा की पती बाई ने मुख्यमंत्री विष्णु भैया के प्रति जताया आभार
अम्बिकापुर, अगस्त 2026
रक्षाबंधन के पावन पर्व से पहले महतारी वंदन योजना की राशि मिलने से जिले की महिलाओं में त्यौहार की खुशियां बढ़ी हैं। लखनपुर विकासखंड ग्राम पंचायत पुहपुटरा की रहने वाली श्रीमती पती बाई ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया की सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना के तहत उनके खाते में हर माह 1,000 की राशि अंतरित की जाती है। इस राशि से वे अपने भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदकर रक्षाबंधन का पर्व उत्साहपूर्वक मना रहे हैं।
पती बाई ने कहा कि रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त खाते में आने से उन्हें विशेष खुशी हुई है। उन्होंने बताया कि इस राशि का उपयोग वे अपने भाई के लिए राखी और मिठाई खरीदने में करेंगी। उनके लिए यह राशि रक्षाबंधन के अवसर पर मिले उपहार के समान है।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा महिलाओं को आर्थिक संबल देने के लिए चलाई जा रही महतारी वंदन योजना से उन्हें नियमित रूप से सहायता मिल रही है। रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक और भावनात्मक पर्व के अवसर पर समय से राशि मिलने से वे अपने भाई के प्रति स्नेह और प्रेम के इस पर्व को खुशी के साथ मना पा रही हैं।
पती बाई ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “विष्णु भैया का बहुत-बहुत धन्यवाद। राखी के पहले भाई के लिए राखी बांधने और मिठाई खरीदने के लिए राशि मिल गई। यह हमारे लिए बहुत खुशी की बात है।”
महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें घरेलू जरूरतों की पूर्ति के साथ-साथ आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। रक्षाबंधन के अवसर पर मिली राशि ने पती बाई जैसी महिलाओं के लिए भाई-बहन के प्रेम और स्नेह के पर्व की खुशियों को और बढ़ा दिया है।
“भाई का प्यार, बहनों का सम्मान-महतारी वंदन से सशक्त छत्तीसगढ़ महान।”
महतारी वंदन योजना की 31वीं राशि से चंचल दास के परिवार में रक्षाबंधन की खुशियां हुईं दोगुनी
रक्षाबंधन से पहले मिली राशि से राखी, मिठाई और त्योहार की तैयारियां कर पा रहीं महिलाएं, मुख्यमंत्री विष्णु भैया का जताया आभार
अम्बिकापुर 26 अगस्त 2026
महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को मिल रही आर्थिक सहायता उनके दैनिक जीवन के साथ-साथ पारिवारिक खुशियों में भी सहारा बन रही है। लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत उमरोली निवासी श्रीमती चंचल दास बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। पहले वह घरेलू महिला थीं और परिवार की आजीविका उनके पति की कमाई पर निर्भर थी। योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता से अब उन्हें अपनी आवश्यकताओं और छोटे-छोटे त्योहारों की तैयारियों के लिए आर्थिक संबल मिल रहा है।
श्रीमती चंचल दास ने बताया कि पहले परिवार की जरूरतें पति की आय से पूरी हो जाती थीं, लेकिन महतारी वंदन योजना शुरू होने के बाद महिलाओं के हाथ में भी नियमित रूप से आर्थिक सहायता उपलब्ध होने लगी है। इससे उन्हें अपने छोटे-छोटे खर्चों के लिए आत्मनिर्भरता का अनुभव हो रहा है। वे कहती हैं कि अब छोटे-छोटे त्योहार भी पहले की तुलना में अधिक खुशी और उत्साह के साथ मना पाती हैं।
रक्षाबंधन के अवसर पर महतारी वंदन योजना की 31वीं राशि मिलने से चंचल दास के परिवार में विशेष खुशी है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन 19 तारीख को है और उससे पहले महतारी वंदन योजना की ₹1,000 की राशि मिलने से उन्हें त्योहार की तैयारियां करने में सुविधा हुई। इस राशि से वे अपने भाइयों के लिए राखी और मिठाई खरीद पा रही हैं। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया के लिए भी अपनी ओर से राखी भेजने की भावना व्यक्त की।
श्रीमती चंचल दास ने कहा कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि महिलाओं के लिए आर्थिक संबल का माध्यम बनी है। त्योहारों के समय इस सहायता का महत्व और अधिक महसूस होता है, क्योंकि महिलाएं अपनी पसंद से परिवार के लिए जरूरी सामान खरीदने के साथ त्योहार की खुशियों में भी योगदान दे पाती हैं।
उन्होंने रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना राशि मिलने पर मुख्यमंत्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय पर मिली आर्थिक सहायता से इस बार रक्षाबंधन की तैयारियां उत्साह के साथ कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद मिल रही है।
महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए जाने से परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों में भी उनका आर्थिक योगदान बढ़ रहा है। चंचल दास की कहानी इस बात का उदाहरण है कि योजना की राशि महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा बनने के साथ उनके आत्मविश्वास और खुशियों को भी बढ़ाने में सहायक हो रही है
“भाई का स्नेह, बहनों का अधिकार-विष्णु भैया के साथ आत्मनिर्भर परिवार।”
‘बिहान’ से मिला आर्थिक संबल, मछली पालन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहीं निरा राजवाड़े
मुनिता स्व-सहायता समूह को मिला ऋण, 10 वर्ष की लीज पर तालाब लेकर शुरू किया मछली पालन
अम्बिकापुर 26 अगस्त 2026
ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को संगठित कर उन्हें आजीविका के स्थायी साधनों से जोड़ने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित ‘बिहान’ कार्यक्रम महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों के लिए ऋण एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे महिलाएं अपनी रुचि और स्थानीय संसाधनों के अनुरूप आजीविका गतिविधियां शुरू कर आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रही हैं।
ऐसी ही प्रेरक कहानी लखनपुर विकासखंड की ग्राम पुहपुटरा की महिलाओं की, मुनिता स्व-सहायता समूह की सचिव श्रीमती निरा राजवाड़े ने बताया कि ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उन्होंने समूह की अन्य महिलाओं के साथ मिलकर मछली पालन को आजीविका का साधन बनाया है। उन्होंने समूह को 1 लाख 20 हजार रुपए का ऋण लिया, और इसका उपयोग मछली पालन की गतिविधि शुरू करने में किया है।
महिलाओं ने 10 वर्ष की लीज पर लिया तालाब
श्रीमती निरा राजवाड़े ने बताया कि समूह ने 10 वर्ष की लीज पर तालाब लिया है। इसी तालाब में समूह की महिलाएं मछली पालन कर रही हैं। समूह द्वारा ऋण राशि का उपयोग आजीविका गतिविधि को आगे बढ़ाने के लिए कर रही हैं। मछली पालन से आने वाले समय में आय प्राप्त होगी, और समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
उन्होंने बताया कि मछली पालन एक ऐसी गतिविधि है, जिसमें समूह की महिलाएं सामूहिक रूप से कार्य कर रही हैं। तालाब की देखरेख, मछली पालन से संबंधित कार्य और भविष्य में मछलियों की बिक्री के माध्यम से होने वाली आय से समूह की आजीविका को बढ़ाने की योजना है। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार का अवसर भी मिलेगा।
समूह से जुड़ने के बाद मिला आजीविका का अवसर
निरा राजवाड़े बताती हैं कि पहले वे स्व-सहायता समूह से नहीं जुड़ी थीं। उस समय उनके पास नियमित रूप से कोई आजीविका गतिविधि नहीं थी। ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उन्हें समूह के माध्यम से सामूहिक रूप से काम करने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा कि समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं को अलग-अलग गतिविधियों से जुड़ने और अपनी आर्थिक स्थिति सुधारने का रास्ता मिला है। पहले जहां काम के अवसर सीमित थे, वहीं अब समूह के माध्यम से महिलाएं मिलकर आजीविका गतिविधियां संचालित कर रही हैं। इससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ा है और भविष्य को लेकर नई उम्मीद जगी है।
आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा समूह
मुनिता समूह की महिलाओं के लिए मछली पालन केवल आय का साधन नहीं, बल्कि आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समूह को मिले ऋण का उपयोग उत्पादन आधारित गतिविधि में किया जा रहा है। मछली पालन से प्राप्त होने वाली आय से समूह की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ महिलाओं की व्यक्तिगत एवं पारिवारिक आवश्यकताओं की पूर्ति में भी सहयोग मिलेगा।
श्रीमती निरा राजवाड़े ने बताया कि ‘बिहान’ से जुड़ने के बाद उन्हें अपने स्तर पर आर्थिक गतिविधि करने का अवसर मिला है। समूह के माध्यम से महिलाएं अब अपनी मेहनत और सामूहिक प्रयास से आय अर्जित करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह की गतिविधियों के माध्यम से समूह की महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु भैया के प्रति जताया आभार
श्रीमती निरा राजवाड़े ने ‘बिहान’ योजना के माध्यम से समूह को मिले सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि बिहान से जुड़कर महिलाओं को संगठित होकर कार्य करने, ऋण प्राप्त करने और आजीविका गतिविधि शुरू करने का अवसर मिला है।
उन्होंने कहा कि मछली पालन के माध्यम से आगे चलकर समूह की आय बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। महिलाओं को अपने पैरों पर खड़े होने का अवसर मिलने से परिवार में भी उनकी आर्थिक भूमिका मजबूत हुई है।
निरा राजवाड़े ने कहा कि ‘बिहान’ से जुड़कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है और वे अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए स्वयं प्रयास कर रही हैं। उन्होंने ग्रामीण महिलाओं को आजीविका से जोड़ने और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु भैया कह कर आभार व्यक्त किया।
मुनिता स्व-सहायता समूह की यह पहल ग्रामीण महिलाओं के सामूहिक प्रयास, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और संस्थागत सहयोग के माध्यम से आजीविका संवर्धन का उदाहरण है। तालाब आधारित मछली पालन से समूह की महिलाएं नियमित आय के अवसर विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को साकार करने का प्रयास कर रही हैं।
राखी का बंधन, खुशियों का संसार-महतारी वंदन से बहनों को संबल अपार
महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त ने बढ़ाई रक्षाबंधन की खुशियां, बहनों को मिला आर्थिक संबल
अम्बिकापुर । मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उनके पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों को निभाने में भी सहयोग प्रदान कर रही है। रक्षाबंधन जैसे पावन पर्व पर यह योजना बहनों के लिए विशेष खुशियां लेकर आई है।
लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत लटोरी निवासी ममता राजवाड़े महिमा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं तथा जेंडर गतिविधियों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उन्हें नियमित रूप से प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त होती है। योजना की 31वीं किस्त समय पर मिलने से इस वर्ष रक्षाबंधन का उत्साह और भी बढ़ गया है।
ममता राजवाड़े कहती हैं कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और स्नेह का पर्व है। महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि ने इस पर्व की तैयारियों को आसान बना दिया है। समय पर किस्त मिलने से वे अपने भाई के लिए राखी, मिठाई एवं अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था कर सकी हैं। इससे परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक भार भी नहीं पड़ा और त्योहार की खुशियां दोगुनी हो गई हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई यह योजना उनके जैसे हजारों परिवारों के लिए सहारा बनी है। प्रतिमाह मिलने वाली राशि से महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में भी योगदान दे रही हैं।
ममता राजवाड़े ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को अपना ष्विष्णु भैयाष् बताते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त प्राप्त होना बहनों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है। इससे महिलाओं को आत्मविश्वास मिला है और वे सम्मानपूर्वक अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन कर पा रही हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का धन्यवाद करते हुए कहा कि महिलाओं के हित में संचालित यह योजना उनके जीवन में खुशहाली लेकर आई है। रक्षाबंधन के अवसर पर मिली यह आर्थिक सहायता बहनों के लिए सरकार की संवेदनशील सोच और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है। ममता ने मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता का संचार कर रही है।
“राखी के धागे में विश्वास अपार, बहनों के साथ विष्णु भैया की सरकार
महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त से सरिता राजवाड़े के परिवार में आई रक्षाबंधन की खुशियां
अम्बिकापुर । महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को मिल रही नियमित आर्थिक सहायता उनके लिए आर्थिक संबल का आधार बन रही है। योजना के तहत प्राप्त राशि से महिलाएं अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ-साथ पर्व एवं त्योहार भी उत्साहपूर्वक मना रही हैं। रक्षाबंधन पर्व से पहले योजना की 31वीं किस्त मिलने से लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत झुमरपारा की रहने वाली सरिता राजवाड़े के परिवार में भी खुशी का माहौल है।
सरिता राजवाड़े ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भैया द्वारा 31वीं किस्त की राशि जारी किए जाने से उन्हें बहुत खुशी हुई है। रक्षाबंधन जैसे पर्व से पहले आर्थिक सहायता मिलने से अब वे अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीदकर त्योहार को पूरे उत्साह के साथ मना सकेंगी।
उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास का पर्व है। इस अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती हैं। महतारी वंदन योजना की राशि मिलने से इस बार वे भी अपने भाई के लिए अपनी पसंद की राखी और मिठाई खरीद सकेंगी तथा उन्हें उपहार भेंट कर सकेंगी। उनके लिए यह राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि त्योहार की खुशियों को और बेहतर ढंग से मनाने का अवसर भी लेकर आई है।
सरिता राजवाड़े ने कहा कि योजना से मिलने वाली राशि परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में भी मददगार साबित हो रही है। इससे उन्हें परिवार के बच्चों के पालन-पोषण, घरेलू आवश्यकताओं और आजीविका से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में सहूलियत मिल रही है। नियमित रूप से मिलने वाली सहायता राशि से परिवार के खर्चों को व्यवस्थित करने में मदद मिलती है और छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए आर्थिक सहारा मिलता है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के हाथ में सीधे आर्थिक सहायता पहुंचने से वे अपनी जरूरतों और परिवार की प्राथमिकताओं के अनुसार राशि का उपयोग कर पा रही हैं। इससे उनमें आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की भावना भी मजबूत हो रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर प्राप्त राशि का उपयोग वे अपने भाई के लिए राखी, मिठाई और उपहार खरीदने में करेंगी, वहीं परिवार की अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने में भी यह राशि सहायक होगी।
मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार
सरिता राजवाड़े ने कहा कि रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त उनके लिए किसी उपहार से कम नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को रक्षाबंधन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि “राखी के इस पावन पर्व पर विष्णु भैया ने बहनों को आर्थिक संबल देकर खुशियों का उपहार दिया है।”
राखी का बंधन, खुशियों का संसार-महतारी वंदन से बहनों को संबल अपार
महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त ने बढ़ाई रक्षाबंधन की खुशियां, बहनों को मिला आर्थिक संबल
अम्बिकापुर 25 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना के तहत प्रतिमाह मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उनके पारिवारिक और सामाजिक दायित्वों को निभाने में भी सहयोग प्रदान कर रही है। रक्षाबंधन जैसे पावन पर्व पर यह योजना बहनों के लिए विशेष खुशियां लेकर आई है।
लखनपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत लटोरी निवासी ममता राजवाड़े महिमा स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं तथा जेंडर गतिविधियों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उन्हें नियमित रूप से प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता राशि प्राप्त होती है। योजना की 31वीं किस्त समय पर मिलने से इस वर्ष रक्षाबंधन का उत्साह और भी बढ़ गया है।
ममता राजवाड़े कहती हैं कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम, विश्वास और स्नेह का पर्व है। महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि ने इस पर्व की तैयारियों को आसान बना दिया है। समय पर किस्त मिलने से वे अपने भाई के लिए राखी, मिठाई एवं अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था कर सकी हैं। इससे परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक भार भी नहीं पड़ा और त्योहार की खुशियां दोगुनी हो गई हैं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई यह योजना उनके जैसे हजारों परिवारों के लिए सहारा बनी है। प्रतिमाह मिलने वाली राशि से महिलाएं अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में भी योगदान दे रही हैं।
ममता राजवाड़े ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को अपना विष्णु भैया बताते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन से पहले महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त प्राप्त होना बहनों के लिए किसी उपहार से कम नहीं है। इससे महिलाओं को आत्मविश्वास मिला है और वे सम्मानपूर्वक अपने पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन कर पा रही हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का धन्यवाद करते हुए कहा कि महिलाओं के हित में संचालित यह योजना उनके जीवन में खुशहाली लेकर आई है। रक्षाबंधन के अवसर पर मिली यह आर्थिक सहायता बहनों के लिए सरकार की संवेदनशील सोच और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है। ममता ने मुख्यमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता का संचार कर रही है
शासकीय प्राथमिक शाला परसाडांड के प्रधान पाठक निलंबित
अम्बिकापुर । जिला शिक्षा अधिकारी, अम्बिकापुर द्वारा शासकीय प्राथमिक शाला परसाडांड, विकासखंड बतौली के प्रधान पाठक मंगलेश्वर राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई विद्यालय में अनधिकृत अनुपस्थिति, न्यून उपस्थिति तथा प्रधान पाठक के दायित्वों के अपेक्षित निर्वहन में प्रथमदृष्टया गंभीर शिथिलता एवं लापरवाही पाए जाने के आधार पर की गई है।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार मंगलेश्वर राम दिनांक 13 अक्टूबर 2008 से उक्त विद्यालय में प्रधान पाठक के पद पर पदस्थ हैं। विद्यालय में उनकी नियमित उपस्थिति अत्यंत न्यून पाई गई। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में दर्ज 20 विद्यार्थियों में से केवल 13 विद्यार्थी उपस्थित मिले। जांच में विद्यालयीन उपस्थिति एवं कर्तव्य निर्वहन को लेकर गंभीर प्रश्न भी सामने आए।
कारण बताओ सूचना पत्र जारी किए जाने के बावजूद पुनः शिकायत प्राप्त होने तथा जांच में विद्यालयीन उपस्थिति एवं कर्तव्य निर्वहन के संबंध में प्रतिकूल तथ्य पाए जाने पर विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की गई।
छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए मंगलेश्वर राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में उन्हें मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी, मैनपाट, जिला-सरगुजा निर्धारित किया गया है। इस अवधि में वे सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे तथा उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
“बहनों का मान, विष्णु भैया का सम्मान-महिलाओं के सशक्तिकरण से समृद्ध छत्तीसगढ़ महान।”
अम्बिकापुर । ग्रामीण महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘बिहान’ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। समूह के माध्यम से महिलाओं को बचत, ऋण एवं आजीविका गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। इससे महिलाएं अपनी क्षमता और स्थानीय संसाधनों के अनुरूप स्वरोजगार अपना रही हैं तथा परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे रही हैं। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत सकालो की रहने वाली माया विश्वास की कहानी इसी बदलाव की मिसाल है।
माया विश्वास ‘काली माई’ स्व-सहायता समूह से जुड़ी हैं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने कृषि गतिविधि को अपनी आजीविका का माध्यम बनाया। समूह से प्राप्त ऋण का उपयोग उन्होंने मक्का उत्पादन के लिए किया। वर्तमान में उन्होंने समूह से 70 हजार रुपये का ऋण लिया है, जिसका उपयोग मक्का की खेती में किया जा रहा है।
माया बताती हैं कि पहले उनके परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। आय के सीमित साधनों के कारण परिवार की जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। ऐसे समय में स्व-सहायता समूह से जुड़ना उनके लिए आर्थिक बदलाव की शुरुआत बना। समूह में नियमित रूप से जुड़कर उन्होंने छोटे-छोटे ऋण प्राप्त किए और अपनी कृषि गतिविधि को आगे बढ़ाया।
मक्का उत्पादन से उन्हें अपनी आय बढ़ाने में मदद मिल रही है। उत्पादित मक्का की बिक्री के लिए उन्हें बाजार तक बार-बार जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती। कई बार खरीदार घर से ही मक्का ले जाते हैं, जिससे उपज की बिक्री आसानी से हो जाती है। इससे उन्हें परिवहन पर होने वाले अतिरिक्त खर्च और समय की बचत भी होती है।
माया विश्वास ने बताया कि समूह से मिले ऋण का उपयोग उन्होंने अपनी आजीविका को मजबूत करने में किया है। मक्का की खेती से प्राप्त आमदनी से परिवार की दैनिक जरूरतों को पूरा करने में सहयोग मिल रहा है। कृषि गतिविधि के माध्यम से आय का साधन विकसित होने से परिवार की आर्थिक स्थिति में पहले की अपेक्षा काफी सुधार आया है।
उन्होंने बताया कि स्व-सहायता समूह से मिलने वाले छोटे-छोटे ऋण ने उनके लिए बड़ा बदलाव लाया है। पहले जहां आर्थिक स्थिति कमजोर थी, वहीं आज वे स्वयं आय अर्जित कर परिवार की जिम्मेदारियों में सहयोग कर रही हैं। समूह के साथ जुड़कर उन्हें आत्मविश्वास भी मिला है और वे भविष्य में अपनी आजीविका गतिविधि को और आगे बढ़ाने के लिए प्रयासरत हैं।
माया विश्वास ने अपनी सफलता का श्रेय स्व-सहायता समूह और बिहान से मिले अवसर को दिया। उन्होंने कहा कि समूह के माध्यम से उन्हें आर्थिक गतिविधि शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने का अवसर मिला। इसी का परिणाम है कि आज वे ‘लखपति दीदी’ के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।
उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति में आए बदलाव से वे बेहद खुश हैं। समूह से जुड़े अन्य सदस्यों के साथ मिलकर कार्य करने से उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। माया ने महिलाओं से भी स्व-सहायता समूहों से जुड़कर उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने की अपील की।
माया विश्वास ने समूह के माध्यम से आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु भैया को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों से ग्रामीण महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
समूह से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ा कदम :
माया विश्वास की कहानी यह दर्शाती है कि स्व-सहायता समूह केवल बचत और ऋण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को स्थायी आजीविका से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं। समूह से प्राप्त आर्थिक सहयोग का उपयोग कर महिलाएं कृषि एवं अन्य गतिविधियों को अपनाकर अपनी आय बढ़ा रही हैं। माया विश्वास ने भी इसी अवसर का लाभ उठाकर मक्का उत्पादन को अपनी आजीविका का आधार बनाया और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया। आज उनकी उपलब्धि अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा बन रही है।
सूचना का अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु दो दिवसीय संभागस्तरीय कार्यशाला की शुरुआत
अम्बिकापुर । सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से राज्य सूचना आयोग के निर्देशानुसार सरगुजा संभागायुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में 24 एवं 25 अगस्त को दो दिवसीय संभागस्तरीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया है। सरगुजा संभागायुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा की उपस्थिति में आयोजित कार्यशाला में सरगुजा संभाग के सभी जिलों से आए अधिकारियों ने भाग लिया।
कार्यशाला के पहले दिन सूचना का अधिकार अधिनियम की प्रमुख धाराओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान एसएलएमटी एवं डीएलएमटी के प्रशिक्षकों द्वारा आरटीआई की विभिन्न धाराओं पर प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। इस दौरान आरटीआई आवेदनों के निराकरण के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों एवं उनके समाधान से संबंधित अपने अनुभव साझा किए गए। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अपने-अपने जिले एवं विकासखंड स्तर पर इसी प्रकार के प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
महिला पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग कार्यक्रम आयोजित
सरगुजा संभाग में पहली बार महिला पुलिसकर्मियों के लिए विशेष रूप से आयोजित हुआ स्वास्थ्य जांच एवं जागरूकता कार्यक्रम
महिला पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्वास्थ्य जागरूकता के उद्देश्य से सरगुजा पुलिस के मार्गदर्शन में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा सरगुजा, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA), सरगुजा एवं लायंस क्लब, अंबिकापुर के संयुक्त तत्वावधान में आज दिनांक 23 अगस्त 2026 को पुलिस लाइन, अंबिकापुर में ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग एवं CPR प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह कार्यक्रम सरगुजा संभाग में पहली बार महिला पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए विशेष रूप से ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग के उद्देश्य से आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से महिला पुलिसकर्मियों को ब्रेस्ट कैंसर की प्रारंभिक पहचान, नियमित स्वास्थ्य जांच तथा समय पर चिकित्सकीय परामर्श के महत्व के संबंध में जानकारी दी गई।
कार्यक्रम श्री दीपक झा, पुलिस महानिरीक्षक, सरगुजा रेंज, सरगुजा एवं श्री राजेश अग्रवाल, डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सरगुजा के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री रितेश चौधरी, रक्षित निरीक्षक अंबिकापुर श्रीमती तृप्ति सिंह राजपूत, सूबेदार श्री गुलशन चंद्रा एवं सूबेदार श्रीमती पेमिन वर्मा सहित सरगुजा रेंज के विभिन्न जिलों से महिला पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी तथा पुलिस चिकित्सालय में पदस्थ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. पीयू प्रकाश सक्सेना द्वारा ब्रेस्ट कैंसर के संबंध में चिकित्सकीय जानकारी प्रदान की गई तथा उपस्थित महिलाओं की स्क्रीनिंग एवं आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श किया गया। उन्होंने ब्रेस्ट कैंसर की समय पर पहचान एवं नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व पर प्रकाश डाला।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, सरगुजा के सचिव डॉ. अर्पण सिंह चौहान ने कहा कि महिला पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी अपने शासकीय दायित्वों के निर्वहन के साथ परिवार एवं समाज के प्रति भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाती हैं। उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच एवं समय पर चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ महिलाओं को समय पर स्क्रीनिंग के लिए प्रोत्साहित करना है।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, सरगुजा की ओर से डॉ. सुजीत, डॉ. हरप्रीत, डॉ. सुधांशु, डॉ. सुषमा, डॉ. रितेश, डॉ. स्वप्निल एवं डॉ. अखिलेश ने चिकित्सकीय टीम के रूप में कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए स्क्रीनिंग एवं स्वास्थ्य सेवाओं में सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत डॉ. श्रीकांत सिंह द्वारा ब्च्त् प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण में आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक जीवनरक्षक सहायता प्रदान करने की आवश्यक तकनीकों की जानकारी एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम में सरगुजा की आम जनता, विशेषकर इच्छुक महिलाओं के लिए भी ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग एवं चिकित्सकीय परामर्श की सुविधा उपलब्ध रही। इस पहल के माध्यम से पुलिस विभाग में कार्यरत महिलाओं के साथ-साथ आम नागरिकों को भी समय पर स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में पुलिस विभाग, चिकित्सा विशेषज्ञों एवं सामाजिक संस्थाओं की सहभागिता रही। इस संयुक्त प्रयास के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य, समय पर रोग की पहचान एवं स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।