छत्तीसगढ़ / सारंगढ़-बिलाईगढ़
गोबर से प्राकृतिक खेती की जाए तो जमीन विषाक्त से उपजाऊ होगा : विशेषर पटेल
छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग अध्यक्ष ने सारंगढ़ कलेक्ट्रेट कार्यालय में ली बैठक
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल के सारंगढ़ प्रवास के दौरान उनके मुख्य आतिथ्य में कलेक्टर कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अध्यक्ष ने गौ संरक्षण, गौ संवर्धन, गौ उत्पाद और हर घर गौ पालन के प्रति जागरूकता लाने के निर्देश उपस्थित अधिकारियों को दिए। गाय चलता फिरता रसायन है। ग्रहण के समय हमारे पूर्वज गर्भवती महिलाओं के पेट में लेप लगा देते थे जिससे ग्रहण का रेडिएशन गर्भ में पल रहे शिशु के ऊपर प्रभाव नहीं करता था जिसे विज्ञान ने भी सही माना है। इस प्रकार देखें तो गोबर में रेडिएशन को कम करने की ताकत है। रूस और अमेरिका जैसे देश में गोबर का टैंक बनाकर उसमें चिकित्सा उपचार किया जा रहा है जिससे बीपी शुगर आदि कम हुए हैं। गाय को कामधेनु कहा जाता है जिसके रोम रोम से निकलने वाले ऑक्सीजन वेरीफाई ऑक्सीजन है, कोरोना काल में जितने भी गौ सेवक और पशुपालक, जो गाय के संपर्क में रहे हैं उनको कोरोना की बीमारी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग के बिना गाय की समुचित सेवा और संरक्षण संभव नहीं है। गोबर में जितनी बैक्टीरिया है उतना विश्व में बैक्टीरिया है। इसी प्रकार गोबर से प्राकृतिक खेती की जाए तो जमीन विषाक्त से उपजाऊ हो जाएगा। नीम के पत्ते आदि को खाद बनाकर खेत में उपयोग किया जा सकता है जिससे विषाक्त कीट खेत से भाग जाएंगे। गाय में प्रकृति को संतुलन करने की शक्ति है।
बैठक में अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल द्वारा गौ माता के विभिन्न महत्व के बारे में बताया गया और आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए कहा गया। उन्होंने गायों के लिए आश्रय स्थल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विभागीय अधिकारी कर्मचारी और स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से भी जन-जन को जमीनी स्तर पर गाय के महत्व को समझाने और जागरूक करने कहा। उन्होंने पुलिस विभाग को गायों की तस्करी पर विशेष निगरानी रखते हुए इसे रोकने के लिए सजगता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने गौ सेवा के लिए जिले में बेहतर कार्य करने की बात कही। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे , पुलिस अधीक्षक अंजनेय वार्ष्णेय सहित पशु चिकित्सा विभाग, नगरीय निकाय, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, गौ शाला संचालनकर्ता, गौ सेवक सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
अध्यक्ष को दिए गए सुझाव
गो सेवा आयोग अध्यक्ष के द्वारा सुझाव मांगे जाने पर उपस्थित नागरिकों ने सुझाव दिए कि खेत में आग न लगाई जाए। इससे गाय सहित अन्य पशु का अन्य प्राणियों का भोजन नष्ट होता है। ऐसे आग लगाने वाले के खिलाफ एफआईआर की जाए।
इसी तरह सड़क किनारे पेट्रोल पंप या दुकानों में बैठने पर गाय को भगाया ना जाए, यदि भगाया जाता है और गाय सड़क पर बैठते हैं, दुर्भाग्य से दुर्घटना होता है तो उस दुकानदार या पेट्रोल पंप के विरुद्ध सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई करने के सुझाव दिए गए।
तीर्थयात्रियों को कलेक्टर ने हरी झंड़ी दिखाकर किया रवाना
मथुरा वृन्दावन के दर्शन करेंगे तीर्थयात्री
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तीर्थयात्रियों के जत्था को कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने हरी झंड़ी दिखाकर रवाना किया। इस यात्रा में सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले के तीर्थयात्रियों के लिए 30 अप्रैल से 3 मई 2025 तक मथुरा, कृष्ण जन्मभूमि एवं वृन्दावन को चिन्हित किया गया है। ये सभी यात्री जनपद पंचायत मुख्यालय से बस द्वारा बोर्डिंग स्टेशन रायगढ़ रेलवे स्टेशन के लिए रवाना किए गए। जिले के लिए प्राप्त लक्ष्य के अनुरूप 112 यात्री एवं 4 अनुरक्षक की सूची अनुसार यात्री विशेष यात्रा ट्रेन के माध्यम से रायगढ़ रेल्वे स्टेशन से मथुरा के लिए रवाना हुए। इस अवसर पर रामकुमार थूरिया, रामेश्वर पुरी गोस्वामी, उप संचालक समाज कल्याण विनय तिवारी, सीईओ सारंगढ़ राधेश्याम नायक आदि उपस्थित थे।
गोबर से प्राकृतिक खेती की जाए तो जमीन विषाक्त से उपजाऊ होगा : विशेषर पटेल
छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग अध्यक्ष ने सारंगढ़ कलेक्ट्रेट कार्यालय में ली बैठक
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल के सारंगढ़ प्रवास के दौरान उनके मुख्य आतिथ्य में कलेक्टर कार्यालय में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अध्यक्ष ने गौ संरक्षण, गौ संवर्धन, गौ उत्पाद और हर घर गौ पालन के प्रति जागरूकता लाने के निर्देश उपस्थित अधिकारियों को दिए। गाय चलता फिरता रसायन है। ग्रहण के समय हमारे पूर्वज गर्भवती महिलाओं के पेट में लेप लगा देते थे जिससे ग्रहण का रेडिएशन गर्भ में पल रहे शिशु के ऊपर प्रभाव नहीं करता था जिसे विज्ञान ने भी सही माना है। इस प्रकार देखें तो गोबर में रेडिएशन को कम करने की ताकत है। रूस और अमेरिका जैसे देश में गोबर का टैंक बनाकर उसमें चिकित्सा उपचार किया जा रहा है जिससे बीपी शुगर आदि कम हुए हैं। गाय को कामधेनु कहा जाता है जिसके रोम रोम से निकलने वाले ऑक्सीजन वेरीफाई ऑक्सीजन है, कोरोना काल में जितने भी गौ सेवक और पशुपालक, जो गाय के संपर्क में रहे हैं उनको कोरोना की बीमारी नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग के बिना गाय की समुचित सेवा और संरक्षण संभव नहीं है। गोबर में जितनी बैक्टीरिया है उतना विश्व में बैक्टीरिया है। इसी प्रकार गोबर से प्राकृतिक खेती की जाए तो जमीन विषाक्त से उपजाऊ हो जाएगा। नीम के पत्ते आदि को खाद बनाकर खेत में उपयोग किया जा सकता है जिससे विषाक्त कीट खेत से भाग जाएंगे। गाय में प्रकृति को संतुलन करने की शक्ति है।
बैठक में अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल द्वारा गौ माता के विभिन्न महत्व के बारे में बताया गया और आम नागरिकों को जागरूक करने के लिए कहा गया। उन्होंने गायों के लिए आश्रय स्थल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विभागीय अधिकारी कर्मचारी और स्वयं सेवी संस्थाओं के माध्यम से भी जन-जन को जमीनी स्तर पर गाय के महत्व को समझाने और जागरूक करने कहा। उन्होंने पुलिस विभाग को गायों की तस्करी पर विशेष निगरानी रखते हुए इसे रोकने के लिए सजगता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने गौ सेवा के लिए जिले में बेहतर कार्य करने की बात कही। इस अवसर पर कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे , पुलिस अधीक्षक अंजनेय वार्ष्णेय सहित पशु चिकित्सा विभाग, नगरीय निकाय, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, गौ शाला संचालनकर्ता, गौ सेवक सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
अध्यक्ष को दिए गए सुझाव
गो सेवा आयोग अध्यक्ष के द्वारा सुझाव मांगे जाने पर उपस्थित नागरिकों ने सुझाव दिए कि खेत में आग न लगाई जाए। इससे गाय सहित अन्य पशु का अन्य प्राणियों का भोजन नष्ट होता है। ऐसे आग लगाने वाले के खिलाफ एफआईआर की जाए।
इसी तरह सड़क किनारे पेट्रोल पंप या दुकानों में बैठने पर गाय को भगाया ना जाए, यदि भगाया जाता है और गाय सड़क पर बैठते हैं, दुर्भाग्य से दुर्घटना होता है तो उस दुकानदार या पेट्रोल पंप के विरुद्ध सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई करने के सुझाव दिए गए।
आंगनबाड़ी भर्ती: कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं दी नियुक्ति, पीड़िता ने परियोजना अधिकारी पर लगाए आरोप
बिलाईगढ़। भटगांव परियोजना में महिला एवं बाल विकास विभाग की आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। हाईकोर्ट और जिला न्यायालय के आदेशों के बावजूद पात्र महिला को नियुक्ति नहीं दी जा रही है। पीड़िता ने अधिकारियों पर मिलीभगत और आदेश की अवहेलना के गंभीर आरोप लगाए हैं।
सोनिया टंडन ने बताया कि 10 अगस्त 2022 को महिला एवं बाल विकास विभाग भटगांव द्वारा घोघरा ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका पदों के लिए आवेदन मंगाए गए थे। उन्होंने पूरी पात्रता और दस्तावेजों के साथ आवेदन किया था। पात्र घोषित होने के बावजूद, विभागीय अधिकारियों ने एक अपात्र महिला की नियुक्ति कर दी।
सोनिया ने इसके खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिसमें कोर्ट ने उनके पक्ष में निर्णय देते हुए नियुक्ति का आदेश जारी किया। इसके अनुपालन में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की जिला अदालत ने भी आदेश को मान्यता दी और नियुक्ति के निर्देश दिए।
लेकिन परियोजना अधिकारी ने आदेशों की अनदेखी करते हुए सोनिया टंडन को नियुक्ति नहीं दी। सोनिया का आरोप है कि अधिकारी जानबूझकर उन्हें बुलाकर खुद ऑफिस से नदारद रहे, और फोन पर कभी मीटिंग तो कभी अन्य कारण बताकर टालते रहे।
सोनिया टंडन (शिकायतकर्ता) ने कहा "मेरे पास कोर्ट का साफ आदेश है, फिर भी मुझे नियुक्त नहीं किया जा रहा। अधिकारी मुझे बुलाकर खुद गायब हो जाते हैं, और अब अपात्र महिला को स्टे ऑर्डर लाने का मौका दिया जा रहा है ताकि मेरी नियुक्ति और टल जाए।"
मामले में मीडिया से बात करते हुए विभागीय अधिकारी ने कहा कि वे दूसरे पक्ष की बर्खास्तगी के आदेश के बाद ही सोनिया को नियुक्ति देंगे।
अब बड़ा सवाल यह है कि कोर्ट के दो-दो आदेशों के बावजूद क्या सोनिया टंडन को उनका हक मिलेगा या फिर मामला यूं ही लटकता रहेगा।
सुभासिनी, पिंकी, कौशल को आयुष्मान कार्ड मिलते ही चेहरों पर आईं मुस्कान
सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का हो रहा त्वरित निराकरण
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में संचालित सुशासन तिहार आम जनमानस के लिए राहत और विश्वास का प्रतीक बनकर उभरा है। इस अभियान के अंतर्गत अब सरकारी योजनाओं और सेवाओं का सीधा लाभ लोगों तक पहुंच रहा है। सारंगढ बिलाईगढ़ जिले के कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे के निर्देश पर सुशासन तिहार में प्राप्त आवेदनों का निराकरण कर इसका लाभ लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
सुशासन तिहार के माध्यम से समाधान खुद चलकर दरवाजे पर पहुंच रहा है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत बैगीनडीह निवासी सुभासिनी डनसेना एवं पिंकी डनसेना तथा कौशल नायक निवासी बिलाईगढ़ ब द्वारा आयुष्मान कार्ड नहीं बन पा रहा था, जिससे छत्तीसगढ़ शासन द्वारा द्वारा आयोजित सुशासन तिहार में आवेदन दिया बरमकेला स्वास्थ्य विभाग द्वारा सुशासन तिहार के माध्यम से मिले आवेदन पर त्वरित निराकरण करते हुए घर तक आयुष्मान कार्ड भेजा गया जिससे तीनों हितग्राही आयुष्मान कार्ड पा कर गदगद हो गये और छत्तीसगढ़ सरकार की इस सुशासन तिहार का प्रशंसा करते हुए सरकार को धन्यवाद दिया। सुहासिनी डनसेना ने कहा कि यह पहली बार महसूस हुआ कि सरकार की योजनाएं वास्तव में हमारे दरवाजे तक पहुंची है।
जंगल के प्यासे पक्षियों के लिए जल व्यवस्था अभियान
लाइनमैन मदन सिदार का बढ़ता कारवां
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । गोमर्डा अभयारण्य के जंगलों में इन दिनों गर्मी दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है। यहां के प्यासे पक्षियों को राहत देने के बिजली विभाग में लाइनमेन पद पर कार्यरत मदन सिदार पुराने तेल के डिब्बे इकट्ठा कर उन्हें साफ कर पक्षियों के लिए जल पात्र बनकर इन डिब्बों को वे और इनके साथी सड़क किनारे और बाद में जंगल के भीतर भी पेड़ों पर लटका कर नियमित अंतराल पर पानी भरा जा रहा है। केवल सड़क किनारे ही नहीं बल्कि जंगल के भीतर भी पक्षियों और कभी-कभी बंदरों के लिए भी पानी की व्यवस्था कर रहे हैं।
उल्लेखनीय होगा कि 2010 में जब मदन की पोस्टिंग बरमकेला ब्लॉक में हुई, तो उन्होंने जंगल से गुजरने वाली सड़क के किनारे प्यासे पक्षियों को देखकर उनके लिए पानी की व्यवस्था करने की ठानी। पत्नी लक्ष्मी सिदार और शिक्षा विभाग में कार्यरत मित्र रामेश्वर के सहयोग से उन्होंने पुराने तेल के डिब्बे इकट्ठा कर उन्हें साफ कर पक्षियों के लिए जल पात्र बनकर इन डिब्बों को वे और उनके साथी सड़क किनारे और बाद में जंगल के भीतर भी पेड़ों पर लटका देते थे और नियमित अंतराल पर पानी भरने का कार्य करते थे। वह सिलसिला आज भी जारी है। यह बताना लाजमी होगा कि 14 वर्षों से पशु पक्षियों के लिए पानी की उपलब्धता करना इन्होंने अपना जीवन उद्देश्य बना लिया है।
शुरुआत में यह एक व्यक्तिगत प्रयास था, लेकिन अब यह कार्य एक जन अभियान बन चुका है। बिजली विभाग के सहकर्मी, अधिकारी और स्थानीय लोग बिना किसी आदेश या आग्रह के इस नेक काम से जुड़ते चले गए। जंगल में घूमते वाहन अब साथ में पानी लेकर चलते हैं और पक्षियों के लिए जल पात्र भरते हैं। आज, 14 वर्षों बाद भी यह सेवा रुकी नहीं है। यह कार्य सिर्फ प्यास बुझाने का नहीं, बल्कि संवेदना, प्रकृति प्रेम और सामूहिक ज़िम्मेदारी का प्रतीक बनता जा रहा है।
बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन ने कार्यभार ग्रहण किया
निवर्तमान कमिश्नर महादेव कावरे की बिदाई
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । बिलासपुर संभाग के नये कमिश्नर सुनील जैन ने विगत दिवस काम-काज संभाल लिया है। उन्होंने निवर्तमान कमिश्नर महादेव कावरे से कार्यभार ग्रहण किया। आयुक्त कावरे लगभग 8 महीने तक रायपुर के साथ-साथ अतिरिक्त प्रभार के रूप में बिलासपुर के संभागायुक्त का काम संभाल रहे थे। नये कमिश्नर सुनील जैन वर्ष 2009 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इसके पहले वे भौमिकी एवं खनिकर्म विभाग के संचालक थे। संभागीय आयुक्त कार्यालय में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में निवर्तमान कमिश्नर महादेव कावरे को बिदाई एवं नये कमिश्नर सुनील जैन का स्वागत किया गया।
आयुक्त जैन ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में शासन की योजनाओं को पात्र व्यक्ति तक पारदर्शिता पूर्ण तरीके से पहुंचाने में टीम भावना के साथ काम करने की सभी अधिकारियों से अपेक्षा की है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी सकारात्मक मानसिकता और ईमानदारी के साथ जरूरतमंद लोगों के हित में काम करें। अपने मातहत कर्मचारियों के काम-काज पर नियंत्रण रखकर नियमित समीक्षा करते रहें। आयुक्त जैन ने कहा कि विभागों और कर्मचारियों की वाजिब समस्याओं का निराकरण किया जायेगा। निवर्तमान संभागायुक्त कावरे ने विगत 8 माह में यहां की उपलब्धियों एवं कार्यानुभव को साझा किया। अधिकारी-कर्मचारियों की ओर से महादेव कावरे को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गई। पुलिस महानिरीक्षक संजीव शुक्ला, सीसीफ प्रभात मिश्रा सहित सभाग स्तरीय अधिकारियों ने भी संभागायुक्त महादेव कावरे के साथ गुजारे गये क्षणों को याद कर इसे अविस्मरीणय बताया। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार ज्ञापन डिप्टी कमिश्नर स्मृति तिवारी ने किया। इस अवसर पर कमिश्नर कार्यालय के साथ ही संभाग स्तरीय कार्यालयों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
एडीईओ भर्ती के लिए 2 तक व्यापम में आवेदन
सारंगढ़ बिलाईगढ़। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सहायक विकास विस्तार अधिकारी (एडीईओ) के 200 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है, जिसमें 193 रिक्त एवं 7 बैकलॉग शामिल है। इस पद के लिए अभ्यर्थी को स्नातक उत्तीर्ण होना चाहिए। ग्रामीण विकास में स्नातकोत्तर को प्राथमिकता दी जाएगी। सीजी व्यापम की वेबसाइट में 02 मई 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
पेयजल संकट, शिकायत और सुझाव के लिए दूरभाष व टोल फ्री नंबर जारी
सारंगढ़ बिलाईगढ़। ग्रीष्म ऋतु को ध्यान में रखते हुये पेयजल समस्या के त्वरित निराकरण एवं सुचारू रूप से संचालन और संधारण हेतु जिला स्तर पर पेयजल नियंत्रण प्रकोष्ठ का गठन किया गया है। पेयजल नियंत्रण प्रकोष्ठ का दूरभाष 07788-233089 रहेगा। यह प्रकोष्ठ 30 जून 2025 तक के लिये प्रभावी रहेगा। सारंगढ़, बरमकेला एवं बिलाईगढ़ ब्लॉक के लिए बी.एल. खरे, सहायक अभियंता 7999534608 को नियंत्रण प्रकोष्ठ का प्रभारी अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी प्रकार के.आर. सूर्यवंशी उप अभियंता 8602103054, शेखर सिंह कंवर, उप अभियंता 8770356793, महावीर चौहान, प्रयोगशाला सहायक 9691608380 नियंत्रण प्रकोष्ठ में सहायक नियुक्त है। प्रकोष्ठ में पेयजल समस्या के निराकरण से संबंधित डाक एवं पत्राचार नियंत्रण प्रकोष्ठ सहायक द्वारा किया जाएगा।
प्रकोष्ठ प्रातः 8 बजे से रात्रि 8 बजे तक कार्य करेगा। प्रकोष्ठ में प्राप्त शिकायतों के निराकरण हेतु एक रजिस्टर संधारित किया जा रहा है, जिसमें प्रतिदिन के प्राप्त शिकायतों का पूर्ण विवरण दर्ज किया जा रहा है एवं संबंधित सहायक अभियंता, उप अभियंताओं को शिकायत से अवगत करायेंगें एवं शिकायत का तिथिवार निराकरण संबंधी जानकारी का स्पष्ट उल्लेख रजिस्टर में होगा। जिला स्तर पर खण्ड कार्यालय सारंगढ़-बिलाईगढ़ एवं प्रत्येक उपखण्ड एवं विकासखण्ड स्तर पर जनपद पंचायत मुख्यालय में शिकायत पंजी संधारित किया जा रहा है। शिकायत और सुझाव इन स्थलों पर दर्ज किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त विभागीय टोल फ्री नंबर 18002330008 में भी शिकायत और सुझाव दर्ज किये जा सकेगें।
शीघ्रलेखन एवं कम्प्यूटर मुद्रलेखन परीक्षा, 27 तक आवेदन
सारंगढ़ बिलाईगढ़। शीघ्रलेखन एवं कम्प्यूटर कौशल परीक्षा परिषद द्वारा आयोजित हिन्दी/अंग्रेजी शीघ्रलेखन एवं कम्प्यूटर मुद्रलेखन हेतु ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 22 अप्रैल से बढ़ाकर 27 अप्रैल 2025 कर दी गई है। दूरस्थ क्षेत्रों के अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु यह निर्णय लिया गया है। अब अभ्यर्थी 27 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे।
भीषण गर्मी में लू से बचाव के उपाय
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ एफ आर निराला ने जिले में आम जन को लू (हिट स्ट्रोक) के बचाव के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। संपूर्ण विश्व में जलवायु परिवर्तन के कारण वैश्विक तापमान में औसत रूप में वृद्धि हुई है, जिसके कारण प्रदेश के साथ हमारे जिले में भी भीषण गर्मी पड़ने एवं लू चलने की संभावना है। गर्मी के कारण सामान्य जनमानस का प्रभावित होता है, जिससे लू लगना एवं अन्य जलजनित बीमारियों होने की होने की संभावना बढ़ जाती है। गर्मी के कारण लू से बचाव तथा जलजनित संक्रामक बीमारियों से बचाव रोकथाम एवं उपचार हेतु पूर्व से तैयारी किया जाना अतिआवश्यक है। इस परिस्थितियों को दृष्टिगत रखते हुए दिशा निर्देश जारी किए हैं।
लू के लक्षण
सिर में भारीपन एवं दर्द होना, तेज बुखार के साथ मुंह सुखाना, चक्कर व उल्टियां होना, कमजोरी के साथ शरीर में अत्यधिक दर्द होना, पसीना नहीं आना, अधिक प्यास लगना लेकिन पेशाब का कम होना, भूख कम लगना, घबराहट लगाना, बेचैनी होना, बेहोश हो जाना आदि लू के लक्षण है।
लू से बचाव के उपाय
लू लगने का प्रमुख कारण तेज धूप और गर्मी में ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी और लवण मुख्यत नमक की कमी हो जाना होता है। इससे बचाव के लिए बहुत जरूरी न हो तो घर से बाहर न जाए, घर से बाहर जाना ही हो तो, खाली पेट न जाए, धूप में निकलने से पहले सर व कान को मुलायम कपड़ों में अच्छी तरह से बांध ले तथा आंख में भी रंगीन चश्मा लगा ले, पानी साथ लेकर घर से निकले एवं बीच बीच में पानी पीते रहे, अधिक समय तक धूप में न रहे, गर्मी के दौरान नरम , मुलायम, सूती कपड़े पहनने चाहिए ताकि हवा और कपड़े पसीने को सोखते रहे, अधिक पसीना आने की स्थिति में ओआरएस की घोल पीएं। चक्कर आने ,मितली आने पर छायादार स्थान पर आराम करे तथा शीतल पेय जल अथवा उपलब्ध हो तो फल का रस ,लस्सी, मठा, आदि का सेवन करे। प्रारंभिक सलाह के लिए 104 आरोग्य सेवा केंद्र से भी निःशुल्क परामर्श लिया जा सकता है। उल्टी, सरदर्द, तेज बुखार की दशा में निकट के अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में जरूरी सलाह लिया जा सकता है
लू लगने पर प्रारंभिक उपचार
बुखार पीड़ित के सर पर ठंडे पानी की पट्टी लगावे। अधिक पानी व पेय पदार्थ जैसे कच्चे आम का जलजीरा आदि का सेवन करें। पीड़ित व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लिटा देवे। शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव करते रहे। पीड़ित व्यक्ति को शीघ्र ही पास के अस्पताल में इलाज के लिए ले जाए। मितानिन या एएनएम से ओआरएस की पैकेट हेतु संपर्क करे।
अस्पतालों में व्यवस्था सीएमएचओ डॉ एफ आर निराला ने बताया कि जिले के सभी शासकीय अस्पतालों में लू प्रबंधन के लिए पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस एवं आईवी फ्ल्यूड की व्यवस्था कर ली गई और सभी आवश्यक जीवन रक्षक दवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए जा चुके हैं। जिले में एक कंट्रोल रूप की व्यवस्था बनाई जा रही है। उन्होंने जिले के सभी अस्पताल के प्रभारी डॉक्टर और स्टाफ को निर्देशित किया है, जिसमें बाह्य रोग विभाग में बुखार आने पर लू कि लक्षण की जांच करावे। अस्पताल में कम से कम दो बिस्तर लू प्रभावितों के लिए आरक्षित रखे। वार्डो में कूलर की व्यवस्था हो। पीने के लिए ठंडे पेयजल की व्यवस्था हो लू से बचाव की पंपलेट पोस्टर वितरित करे। अस्पतालों में ओआरटी कॉर्नर बनावे।
युवक पर मधुमक्खियों ने किया हमला, शरीर पर मिले सैकड़ों डंक...
दर्जनभर लोग भी हुए हमले का शिकार
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । जिला मुख्यालय स्थित खेलभांठा मैदान के पास गुरुवार शाम मधुमक्खियों के हमले से अफरा-तफरी मच गई। विवाह कार्यक्रम में शामिल एक युवक पर मधुमक्खियों ने झुंड में हमला कर दिया, जिसके चलते वह गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक के शरीर में सैकड़ों डंक मिले हैं और उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा करीब दर्जनभर लोग और भी घायल हुए हैं।
यह हादसा शाम करीब 5 से 5:30 बजे के बीच हुआ जब खेलभांठा मैदान के पास स्थित एक पेड़ पर मधुमक्खियों का बड़ा छत्ता अचानक सक्रिय हो गया। क्षेत्र में आज सुबह एक मवेशी का शव भी पड़ा मिला, जिससे अंदेशा है कि वह भी मधुमक्खियों के हमले का शिकार हुआ होगा।
मौके पर अब भी मधुमक्खियों का झुंड मंडरा रहा है, जिससे आसपास के लोगों में दहशत है। लोगों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है — पूर्व में भी मधुमक्खियों के हमले हो चुके हैं, लेकिन वन विभाग और प्रशासन ने आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
खेलभांठा मैदान न सिर्फ शासकीय कार्यक्रमों बल्कि कई निजी आयोजनों का भी प्रमुख स्थल है। ऐसे में वहां इस तरह के खतरे का बना रहना चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द वहां से मधुमक्खियों का छत्ता हटाया जाए और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं टाली जा सकें।
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस बार चेतावनी समझेगा, या फिर अगली दुर्घटना का इंतजार करेगा?
ग्राम पंचायत गोबरसिंहा में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का भव्य शुभारंभ
गांव को मिला "डिजिटल ग्राम पंचायत" का दर्जा
सारंगढ़ बिलाईगढ़। जिले के जनपद पंचायत बरमकेला के ग्राम पंचायत गोबरसिंहा में अटल डिजिटल सुविधा केंद्र का भव्य शुभारंभ किया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर ग्राम पंचायत के अतिथि चंदा, सरपंच उज्जवल मिरी एवं आलोक पटेल दौलतराम जायसवाल पंचायत सचिव की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा ग्राम के अन्य गणमान्य नागरिक भी इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए और इस पहल का स्वागत किया।
अटल डिजिटल सुविधा केंद्र की स्थापना ग्रामवासियों के लिए एक नई डिजिटल युग की शुरुआत है। यह केंद्र ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी सेवाओं की आसान पहुँच सुनिश्चित करेगा, जिससे लोगों को दूर दराज के शहरों या जनपद कार्यालयों में बार-बार जाने की आवश्यकता नहीं होगी। अब जन्म प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, आय एवं निवास प्रमाण पत्र जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं ग्राम स्तर पर ही उपलब्ध होंगी।
इस केंद्र की शुरुआत के साथ ही गोबरसिंहा को "डिजिटल ग्राम पंचायत" के नाम से पहचान मिल गई है, जो समावेशी और तकनीकी रूप से सशक्त ग्राम शासन की ओर एक बड़ा कदम है। यह पहल ग्राम पंचायत के प्रशासन को पारदर्शी, तेज और जनोन्मुखी बनाएगी।
संचालन के पहले ही दिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने केंद्र का दौरा किया और इसके माध्यम से मिलने वाली सेवाओं की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के अंत में सरपंच उज्जवल मिरी ने कहा कि यह सुविधा ग्राम के विकास में मील का पत्थर साबित होगी और आने वाले समय में इससे और भी कई सेवाएं जोड़ी जाएंगी। इस पहल से यह साबित होता है कि तकनीक और शासन के मेल से ग्रामीण भारत भी डिजिटल क्रांति का हिस्सा बन रहा है।
शीघ्रलेखन एवं कम्प्यूटर मुद्रलेखन परीक्षा, 27 तक आवेदन
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । शीघ्रलेखन एवं कम्प्यूटर कौशल परीक्षा परिषद द्वारा आयोजित हिन्दी/अंग्रेजी शीघ्रलेखन एवं कम्प्यूटर मुद्रलेखन हेतु ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 22 अप्रैल से बढ़ाकर 27 अप्रैल 2025 कर दी गई है। दूरस्थ क्षेत्रों के अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु यह निर्णय लिया गया है। अब अभ्यर्थी 27 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे।
ग्राम पंचायत बड़े घोठला के ग्रामसभा में लिया गया 1 नेशन 1 इलेक्शन का संकल्प
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । जिले के जनपद पंचायत सारंगढ़ के ग्राम पंचायत बड़े घोठला में ग्रामसभा का आयोजन किया गया, जिसमें ग्राम पंचायत के सदस्यों और नागरिकों ने एक नेशन एक इलेक्शन का संकल्प लिया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत की सरपंच पुष्पलता ओमप्रकाश पटेल, पंचायत सचिव हेमेंद्र पटेल, रोजगार सहायक राजाराम, पत्रकार प्रकाश तिवारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
कलेक्टर ने तहसील और जनपद कार्यालय का निरीक्षण किया
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने इंद्रजीत बर्मन जिला पंचायत सीईओ के साथ बरमकेला क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान जनपद पंचायत बरमकेला एवं तहसील कार्यालय के सभी शाखा और कक्षों का अवलोकन किया। जनपद पंचायत बरमकेला में चक्रधर नायक द्वारा कलेक्टर का स्वागत किया। कलेक्टर ने अधिकारियों और सभी शाखाओं के लिपिक एवं अन्य कर्मचारियों से पीएम आवास, मनरेगा कार्य के बारे में जानकारी लिए। इस दौरान चक्रधर नायक, कमलेश कुमार मेहरा, शीशुपाल साहू सहित अन्य स्टाफ उपस्थित थे। कलेक्टर और सीईओ ने ग्राम संडा में पंचायत विभाग के कार्यों का भी अवलोकन किया।
इसी क्रम में कलेक्टर ने तहसील कार्यालय बरमकेला का अवलोकन किया जिसमें स्टेशनरी, भू अभिलेख, राजस्व रिकॉर्ड कक्ष, वीसी कक्ष, आवक जावक, तहसीलदार कक्ष आदि का अवलोकन किया। कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने तहसीलदार को लोक सेवा गारंटी के बोर्ड को कार्यालय के मुख्य द्वार में चिपकाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने तहसील में बैठक व्यवस्था, साफ सफाई, कार्य प्रणाली आदि का भौतिक निरीक्षण किया। इस दौरान शनि राम पैंकरा तहसीलदार, लिपिक ललित पटेल उपस्थित थे।
कलेक्टर ने तहसील और जनपद कार्यालय का निरीक्षण किया
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने इंद्रजीत बर्मन जिला पंचायत सीईओ के साथ बरमकेला क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान जनपद पंचायत बरमकेला एवं तहसील कार्यालय के सभी शाखा और कक्षों का अवलोकन किया। जनपद पंचायत बरमकेला में चक्रधर नायक द्वारा कलेक्टर का स्वागत किया। कलेक्टर ने अधिकारियों और सभी शाखाओं के लिपिक एवं अन्य कर्मचारियों से पीएम आवास, मनरेगा कार्य के बारे में जानकारी लिए। इस दौरान चक्रधर नायक, कमलेश कुमार मेहरा, शीशुपाल साहू सहित अन्य स्टाफ उपस्थित थे। कलेक्टर और सीईओ ने ग्राम संडा में पंचायत विभाग के कार्यों का भी अवलोकन किया।
इसी क्रम में कलेक्टर ने तहसील कार्यालय बरमकेला का अवलोकन किया जिसमें स्टेशनरी, भू अभिलेख, राजस्व रिकॉर्ड कक्ष, वीसी कक्ष, आवक जावक, तहसीलदार कक्ष आदि का अवलोकन किया। कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे ने तहसीलदार को लोक सेवा गारंटी के बोर्ड को कार्यालय के मुख्य द्वार में चिपकाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने तहसील में बैठक व्यवस्था, साफ सफाई, कार्य प्रणाली आदि का भौतिक निरीक्षण किया। इस दौरान शनि राम पैंकरा तहसीलदार, लिपिक ललित पटेल उपस्थित थे।