छत्तीसगढ़ / सारंगढ़-बिलाईगढ़
कलेक्टर ने स्कूल, हॉस्टल और हॉस्पिटल का किया निरीक्षण
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने बुधवार को सारंगढ़ ब्लॉक के ग्राम दानसरा और सालर में एग्रीस्टेक पंजीयन करा रहे किसानों से मुलाक़ात कर उनके एग्रीस्टेक पंजीयन की प्रक्रिया का अवलोकन कर किसानों कों पंजीयन करने के लिए प्रोत्साहित की। दौरे में कलेक्टर ने दानसरा के प्राथमिक, मिडिल हाईस्कूल और कनकबीरा के हायर सेकेण्डरी स्कूल का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दानसरा के प्राथमिक स्कूल में कक्षा तीसरी की बालिका से अंग्रेजी में परिचय देने के लिए बोलीं। बालिका ने प्रयास अंग्रेजी में परिचय दी। साथ ही राष्ट्रीय पर्व, प्रतीक चिन्ह आदि के बारे में भी शिक्षक के पूछने पर बताई।
कलेक्टर ने हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूल के बालक बालिकाओं से पुस्तक वाचन का अभ्यास कराई और उनके पाठ्यक्रम, पढ़ाई लिखाई आदि की जानकारी ली। इस दौरान कलेक्टर ने कनकबीरा के आदिम जाति एवं अनुसूचित विकास विभाग के हॉस्टल का भी निरीक्षण किया और वहां के व्यवस्था का अवलोकन किया। कलेक्टर ने हायर सेकेंडरी स्कूल कनकबीरा में जल शुद्धिकरण के लिए कई वर्षो से बंद मशीन का अवलोकन किया और शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्राचार्य को ठीक करने के निर्देश दिए। दौरे में कलेक्टर ने कनकबीरा हॉस्पिटल का भी आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सभी वार्डो में जाकर और मरीजों से मिलकर स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया।
दौरे में एसडीएम, तहसीलदार, कृषि पंचायत, शिक्षा और आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विभाग के अधिकारी शामिल थे।
सेजेस बालपुर में स्कूल के गेट पर ताला लगाने वाले उपसरपंच के खिलाफ FIR
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । सेजेस बालपुर में विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करने के मामले में पुलिस ने ग्राम पंचायत बालपुर के उपसरपंच कैलाश राय एवं अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला 19 अगस्त की सुबह का है।
प्राप्त शिकायत के अनुसार, उपसरपंच कैलाश राय अपने अन्य सदस्यों के साथ विद्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया, जिससे विद्यालय पहुंचे विद्यार्थियों को करीब आधे घंटे तक स्कूल भवन के बाहर रहना पड़ा। शिकायत में विद्यार्थियों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बाध्य करने का भी आरोप लगाया गया है।
घटना के कारण विद्यार्थियों की नियमित शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हुईं तथा उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ा। विद्यालय प्रशासन और ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं शैक्षणिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मामले की सूचना प्रशासन को दी गई।सारंगढ़-बिलाईगढ़ (वीएनएस)। सेजेस बालपुर में विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था में बाधा उत्पन्न करने के मामले में पुलिस ने ग्राम पंचायत बालपुर के उपसरपंच कैलाश राय एवं अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला 19 अगस्त की सुबह का है।
प्राप्त शिकायत के अनुसार, उपसरपंच कैलाश राय अपने अन्य सदस्यों के साथ विद्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगा दिया गया, जिससे विद्यालय पहुंचे विद्यार्थियों को करीब आधे घंटे तक स्कूल भवन के बाहर रहना पड़ा। शिकायत में विद्यार्थियों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए बाध्य करने का भी आरोप लगाया गया है।
घटना के कारण विद्यार्थियों की नियमित शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हुईं तथा उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ा। विद्यालय प्रशासन और ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं शैक्षणिक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए मामले की सूचना प्रशासन को दी गई।
मामले में प्राप्त लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने BNS की धारा 126(2), 221 एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यालयों में विद्यार्थियों की सुरक्षा, निर्बाध पठन-पाठन एवं शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना प्राथमिकता है।
जनदर्शन में कलेक्टर और एसपी ने सुने लोगों की फरियाद
सारंगढ़-बिलाईगढ़, । कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने जनदर्शन के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की समस्याएं एवं शिकायतें गंभीरतापूर्वक सुनीं। इस दौरान पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा ने भी नागरिकों की समस्याओं को सुना और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। जनदर्शन में नागरिकों ने पेंशन का 7 माह से भुगतान नहीं होने, ठेकेदार द्वारा मजदूरी का भुगतान नहीं किए जाने, शिक्षा विभाग में अटैचमेंट से संबंधित आवेदन, शासकीय उचित मूल्य दुकानों से चावल नहीं मिलने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक एक भी किस्त की राशि प्राप्त नहीं होने जैसी विभिन्न समस्याएं कलेक्टर के समक्ष रखीं।
कलेक्टर ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राप्त शिकायतों का परीक्षण कर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन में प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध तरीके से निराकरण किया जाए तथा आवेदकों को आवश्यकतानुसार कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान सभी विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के 88 बच्चों ने कुपोषण को दी मात, हुए सुपोषित
सारंगढ़-बिलाईगढ़, । कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला सारंगढ़- बिलाईगढ़ द्वारा जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत कुपोषित बच्चों की पहचान, नियमित निगरानी, स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण संबंधी परामर्श तथा आवश्यक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए लगातार कार्य किया जा रहा है। अभियान के प्रथम चरण में जून 2026 में पोषण ट्रैकर एप में उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसके आधार पर जिले के लगभग 200 आंगनबाड़ी केन्द्रों का चिन्हांकन किया गया। पर्यवेक्षकों के माध्यम से इन केन्द्रों का सत्यापन कराया गया, जिसके बाद 175 आंगनबाड़ी केन्द्रों की अंतिम सूची तैयार की गई।
इन केन्द्रों में कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी एवं फॉलोअप के साथ उनके पालकों को बच्चों के पोषण, खान-पान एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी और उचित परामर्श दिया गया। संबंधित अधिकारियों द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्रों का नियमित निरीक्षण करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पालकों को आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। इन सतत प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया। जुलाई 2026 तक चयनित 175 आंगनबाड़ी केन्द्रों में से 82 केन्द्रों के 88 बच्चे कुपोषण से बाहर निकलकर सुपोषण की श्रेणी में पहुंच चुके हैं। वहीं पूर्व में कुपोषण मुक्त किए गए 72 आंगनबाड़ी केन्द्रों को शामिल करने के बाद जिले में कुल 154 आंगनबाड़ी केन्द्र कुपोषण मुक्त हो चुके हैं।
अभियान के दौरान जिले के 15 ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र, जहां कुपोषित बच्चों की संख्या सर्वाधिक थी, उन्हें विशेष निगरानी में लिया गया। इन केन्द्रों की निगरानी का दायित्व रेडक्रॉस सोसायटी को सौंपा गया। अति गंभीर कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित कर उनकी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया गया तथा जरूरत पड़ने पर उन्हें पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कराया गया।
कुपोषण के खिलाफ इस अभियान को केवल आंगनबाड़ी केन्द्रों तक सीमित न रखते हुए परिवार और समुदाय की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई। जिले में आयोजित ‘सास-बहू सम्मेलन’ के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और संतुलित आहार को लेकर परिवार के सदस्यों को जागरूक किया गया। इसके साथ ही बाल संदर्भ शिविरों का आयोजन कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक उपचार की व्यवस्था की गई। एनीमिया एवं कुपोषण के विरुद्ध स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग संबंधित अमले द्वारा समन्वित रूप से लगातार कार्य किया जा रहा है।
अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट कार्य एवं सराहनीय योगदान के लिए सुनीता पटेल, पर्यवेक्षक, भटगांव को 15 अगस्त 2026 को सम्मानित किया गया।अभियान के दौरान उनके द्वारा कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं पालकों को मार्गदर्शन तथा बच्चों को सुपोषित श्रेणी में लाने के लिए किए गए प्रयास उल्लेखनीय रहे। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में कुपोषण के खिलाफ चलाया जा रहा यह अभियान इस बात का उदाहरण है कि नियमित निगरानी, स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण परामर्श और परिवार की सक्रिय भागीदारी से बच्चों के पोषण स्तर में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
आगे भी कुपोषण से मुक्ति के लिए सभी मिलकर करेंगे काम : कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कहा कि कुपोषण से मुक्ति केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। जिले में कुपोषित बच्चों की पहचान, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण संबंधी परामर्श और निरंतर निगरानी के माध्यम से सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। 88 बच्चों का कुपोषण से सुपोषण की श्रेणी में पहुंचना और 154 आंगनबाड़ी केन्द्रों का कुपोषण मुक्त होना हमारे लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हमारा प्रयास है कि कोई भी बच्चा कुपोषण की स्थिति में न रहे। इसके लिए महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मैदानी अमले तथा बच्चों के पालकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। आगे भी इसी समन्वित प्रयास के साथ जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जाएगा।”
कलेक्टर ने की जिले के प्रगतिरत कार्यों की समीक्षा
सारंगढ़-बिलाईगढ़, । कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने कलेक्ट्रेट सभागार में समय -सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सभी विभागों के जिला स्तरीय एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में अटल मॉनिटरिंग पोर्टल के माध्यम से विभिन्न विभागों के कार्यों एवं प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने विभागवार लंबित कार्यों की जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले के तीनों जनपद क्षेत्रों में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधूरे निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें जल्द से जल्द पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र भवन के निर्माण कार्य की समीक्षा करते हुए शेष कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
इसी तरह कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त एवं लंबित आवेदनों की विभागवार समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों को आवेदनों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने सारंगढ़ नगरपालिका क्षेत्र में बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की समस्या पर भी संज्ञान लिया। उन्होंने मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) को क्षेत्र में बंद पड़ी लाइटों, नाली व्यवस्था का सुचारु मॉनिटरिंग कर उन्हें जल्द से जल्द ठीक कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं एवं जनहित से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न हो तथा सभी लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
भटगांव क्षेत्र में नशे का बढ़ता कारोबार: अवैध शराब और गांजे की बिक्री पर क्यों नहीं लग रही लगाम?
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । जिले के भटगांव थाना क्षेत्र में अवैध शराब और गांजे के कथित बढ़ते कारोबार को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतें सामने आने के बावजूद यदि नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है, तो यह पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल है।
सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि नशे का असर युवा पीढ़ी के साथ छात्रों तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और गांजे की तस्करी को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रतिबंधित नशीले पदार्थों की बिक्री खुलेआम हो रही है, तो इनके स्रोत, सप्लाई चैन और बिक्री करने वालों तक कार्रवाई क्यों नहीं पहुंच रही?
सवाल यह भी है कि पुलिस और आबकारी विभाग की नियमित निगरानी एवं गश्त के बावजूद ऐसे कारोबार पर प्रभावी अंकुश क्यों नहीं लग पा रहा है। कार्रवाई के दावों के बीच जमीनी हकीकत पर सवाल अवैध शराब और गांजे के खिलाफ कार्रवाई के दावे समय-समय पर सामने आते हैं, लेकिन भटगांव क्षेत्र में यदि नशे का कारोबार लगातार जारी रहने की शिकायतें मिल रही हैं, तो यह व्यवस्था की प्रभावशीलता की जांच का विषय है। केवल छोटे स्तर पर कार्रवाई करने के बजाय अवैध शराब और गांजे की सप्लाई के पीछे सक्रिय नेटवर्क तक पहुंचना जरूरी है।
छात्रों और युवाओं को नशे से बचाना सबसे बड़ी चुनौती
नशे के कारोबार का सबसे गंभीर प्रभाव युवाओं और छात्रों पर पड़ सकता है। यदि स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों तक नशीले पदार्थ आसानी से पहुंच रहे हैं, तो यह केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं बल्कि पूरे समाज के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि शिक्षण संस्थानों के आसपास विशेष निगरानी बढ़ाई जाए तथा नशे के कारोबारियों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाए। कौन चला रहा है नशे का नेटवर्क? जांच का विषय भटगांव क्षेत्र में अवैध शराब और गांजे की उपलब्धता को लेकर सबसे बड़ा सवाल नेटवर्क का है। आखिर नशीला सामान क्षेत्र में कहां से पहुंच रहा है।और किन स्थानों में बिक्री हो रही है? इन सवालों का जवाब तलाशने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर जमीनी स्तर पर कार्यवाही करनी होगी।
जिम्मेदार विभागों से जनता को कार्यवाही की उम्मीद
स्थानीय लोगों की अपेक्षा है कि पुलिस प्रशासन और आबकारी विभाग इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भटगांव थाना क्षेत्र में विशेष अभियान चलाए अवैध शराब के ठिकानों गांजा तस्करी के संभावित मार्गों और बिक्री केंद्रों की पहचान कर कानूनी कार्यवाही की जाए। साथ ही कार्यवाही की जानकारी सार्वजनिक होने से लोगों में प्रशासन के प्रति भरोसा भी मजबूत होगा।अब सवाल कार्यवाही का नहीं है प्रभावी कार्यवाही का है। यदि क्षेत्र में वास्तव में बड़े पैमाने पर अवैध शराब और गांजे का कारोबार चल रहा है, तो जिम्मेदार विभागों को केवल खाना पूर्ति की कार्यवाही के बजाय पूरे नेटवर्क को चिन्हित कर उसके विरुद्ध ठोस कदम उठाने होंगे। नशे में युवाओं और क्षात्रों को बचाने के लिए भटगांव क्षेत्र में तत्काल प्रभावी कार्यवाही की जरूरत है।
एसपी ने कहा—बड़े पैमाने पर होगी कार्रवाई
इस मामले में जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि भटगांव थाना प्रभारी को अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। एक शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है और अब बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना होगा कि पुलिस प्रशासन के निर्देश के बाद भटगांव थाना क्षेत्र में अवैध शराब और गांजे के कथित कारोबार के खिलाफ कितनी प्रभावी कार्रवाई होती है और क्या पुलिस सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने में सफल होती है।
‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान से जल संरक्षण को बढ़ावा
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । भू-जल स्तर के संरक्षण एवं संवर्धन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट की समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान के तहत व्यापक स्तर पर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन के कार्य कराए जा रहे हैं। विकसित भारत जीरामजी योजना के माध्यम से वर्षा ऋतु में व्यर्थ बह जाने वाले पानी को विभिन्न जल संरचनाओं के जरिए संरक्षित कर कृषि एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन को मजबूत किया जा रहा है।
कलेक्टर पदमिनी भोई साहू के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत ऋषिकेश तिवारी के मार्गदर्शन में जिले की ग्राम पंचायतों में जल संरक्षण से संबंधित विभिन्न कार्यों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान कर उनका क्रियान्वयन कराया जा रहा है। इसके तहत बड़ी संख्या में डबरी, चेकडैम, नवीन तालाब, तालाब गहरीकरण सहित अन्य जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सैंड वाटर फिल्टर, रिचार्ज पिट जैसी संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल को संरक्षित कर भू-जल स्तर को बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
359 डबरियों से सिंचाई और रोजगार को बढ़ावा
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में वित्तीय वर्ष के दौरान हितग्राहीमूलक 359 डबरियों का निर्माण कराया गया है। इन कार्यों से ग्रामीण परिवारों को रोजगार के अवसर प्राप्त हुए हैं। वहीं डबरियों में संरक्षित पानी का उपयोग सिंचाई के लिए किए जाने से किसानों को फसल उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। इसी प्रकार 119 तालाबों के गहरीकरण का कार्य कराया गया है, जिससे तालाबों की जलधारण क्षमता में वृद्धि हुई है। वहीं 59 नवीन तालाबों का निर्माण कराया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं और निस्तारी की समस्या के समाधान में मदद मिलेगी।
चेकडैम से रोका जा रहा वर्षा जल
बारिश के दौरान नालों एवं जल प्रवाह के माध्यम से बड़ी मात्रा में पानी व्यर्थ बह जाता था। इस पानी को रोककर उपयोग में लाने के उद्देश्य से रोजगार गारंटी योजना एवं वीबीजीरामजी योजना के माध्यम से जिले में 94 चेकडैम का निर्माण कराया गया है। इन चेकडैम के माध्यम से वर्षा जल को रोककर सिंचाई के लिए उपयोग किया जा रहा है। इससे कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलने के साथ भू-जल स्तर में वृद्धि होगी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी हो रहा है। जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे इन कार्यों को लेकर ग्रामीणों में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
वाटर कोर्स एवं फीडर चैनल से जल संरचनाओं तक पहुंच रहा पानी
सिंचाई नालियों एवं प्राकृतिक जल प्रवाह के माध्यम से व्यर्थ बहने वाले पानी को संरक्षित करने के लिए जिले में 215 वाटर कोर्स एवं फीडर चैनल (कच्ची एवं पक्की नालियों) का निर्माण कराया गया है। इन चैनलों के माध्यम से पानी को तालाब एवं अन्य जल संरचनाओं तक पहुंचाया जा रहा है। इसके अलावा 59 गैबियन स्ट्रक्चर का निर्माण किया गया है, जिससे मिट्टी के कटाव को रोकने और पानी के बहाव की गति को कम करने में मदद मिल रही है। वहीं 31 डाइक निर्माण के माध्यम से सतही रूप से बहने वाले पानी को रोकने का कार्य किया जा रहा है। जिले में 22 कुओं का निर्माण, 38-40 मॉडल, कंटूर ट्रेंच, 110 रिचार्ज पिट, 10 डब्ल्यूएटी तथा 27 रेन वाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं सहित अन्य जल संरक्षण कार्यों को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। इन संरचनाओं को जल संरक्षण के दृष्टिकोण से एकीकृत रूप से विकसित किया जा रहा है, ताकि वर्षा जल को अधिक से अधिक मात्रा में भूमि में पहुंचाकर भू-जल स्तर को रिचार्ज किया जा सके।
जल संरक्षण से कृषि उत्पादन को मिलेगा बढ़ावा
‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान के तहत जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे इन कार्यों से एक ओर जहां वर्षा जल का बेहतर प्रबंधन होगा, वहीं दूसरी ओर भू-जल स्तर में सुधार, सिंचाई सुविधा का विस्तार और कृषि उत्पादन में वृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित होने के साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण भी होगा। जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे ये प्रयास ‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान को धरातल पर प्रभावी बनाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों को जल-सुरक्षित एवं कृषि की दृष्टि से अधिक सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
कुपोषण मुक्ति की दिशा में सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की बड़ी छलांग
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना से अभियान के तहत चयनित 175 आंगनबाड़ी केन्द्रों में जुलाई 2026 तक 88 बच्चे कुपोषण से बाहर निकलकर सुपोषित श्रेणी में पहुंच चुके हैं। यह उपलब्धि जिले में कुपोषण के खिलाफ चलाए जा रहे निरंतर और समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
कुपोषण की स्थिति को बेहतर तरीके से समझने और लक्षित बच्चों तक प्रभावी ढंग से पहुंचने के लिए जून 2026 में पोषण ट्रैकर एप में उपलब्ध आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसके आधार पर जिले के लगभग 200 आंगनबाड़ी केन्द्रों का प्रारंभिक रूप से चिन्हांकन किया गया। पर्यवेक्षकों के माध्यम से सत्यापन के बाद 175 आंगनबाड़ी केन्द्रों की अंतिम सूची तैयार की गई। इन केन्द्रों में कुपोषित बच्चों की नियमित निगरानी और फॉलोअप के लिए जिले में पदस्थ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
अधिकारियों द्वारा बच्चों की स्थिति की जानकारी लेते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं पालकों को आवश्यक पोषण संबंधी परामर्श दिया गया।अभियान के तहत जिले के ऐसे 15 आंगनबाड़ी केन्द्र, जहां कुपोषित बच्चों की संख्या सर्वाधिक थी, को विशेष निगरानी में लिया गया। इन केन्द्रों की निगरानी का दायित्व रेडक्रॉस सोसायटी को सौंपा गया।
रेडक्रॉस सोसायटी एवं संबंधित अधिकारियों द्वारा इन केन्द्रों का नियमित निरीक्षण किया गया। बच्चों की पोषण स्थिति की जानकारी लेने के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और पालकों को बच्चों के खान-पान एवं पोषण को लेकर आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया। वहीं अति गंभीर कुपोषित बच्चों को चिन्हांकित कर आवश्यकता के अनुसार पोषण पुनर्वास केन्द्र (एनआरसी) में भर्ती कराया गया।
कुपोषण से लड़ाई को केवल आंगनबाड़ी केन्द्रों तक सीमित न रखते हुए परिवार और समुदाय को भी अभियान से जोड़ा गया। सास-बहू सम्मेलनों के माध्यम से परिवार के सदस्यों को बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक किया गया। इसके अलावा बाल संदर्भ शिविरों का आयोजन कर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया तथा आवश्यकता के अनुसार उपचार एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श उपलब्ध कराया गया। एनीमिया और कुपोषण की समस्या से निपटने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से लगातार कार्य किया जा रहा है।
88 बच्चों के सुपोषित होने से बढ़ा अभियान का उत्साह
अभियान का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम यह है कि चयनित 175 आंगनबाड़ी केन्द्रों में जुलाई 2026 तक 88 बच्चे कुपोषण से बाहर आकर सुपोषित श्रेणी में पहुंच चुके हैं। इन बच्चों की स्थिति में आया सुधार नियमित निगरानी, समय पर स्वास्थ्य परीक्षण, आवश्यक उपचार, पोषण संबंधी परामर्श और परिवारों की जागरूकता का परिणाम है। प्रत्येक बच्चे को कुपोषण से बाहर लाने के लिए संबंधित विभागों और मैदानी अमले द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल कुपोषित बच्चों की संख्या कम करना नहीं, बल्कि हर बच्चे को स्वस्थ और सुपोषित बनाकर उसके बेहतर भविष्य की नींव मजबूत करना है। इसी उद्देश्य से कुपोषित बच्चों की निगरानी, स्वास्थ्य परीक्षण, पोषण परामर्श, उपचार एवं फॉलोअप की प्रक्रिया लगातार जारी रखी जाएगी। 88 बच्चों का सुपोषित श्रेणी में पहुंचना सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के लिए एक उत्साहजनक उपलब्धि है। यह सफलता बताती है कि जब प्रशासन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य अमला, सामाजिक संस्थाएं और परिवार मिलकर प्रयास करते हैं, तो कुपोषण जैसी चुनौती के खिलाफ ठोस परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।
2 करोड़ 6 लाख से जिले के 48 स्कूलों में बनेंगे बालिका शौचालय
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान के तहत विकसित भारत जीरामजी (विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण) के माध्यम से सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बालिका शौचालय विहीन 48 स्कूलों में बालिका शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। इन निर्माण कार्यों के लिए कुल 206 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। इस पहल का उद्देश्य स्कूलों में अध्ययनरत बालिकाओं को आवश्यक स्वच्छता सुविधाएं उपलब्ध कराते हुए उन्हें सुरक्षित, सुविधाजनक एवं सम्मानजनक वातावरण प्रदान करना है।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय तथा उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देशानुसार ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान के अंतर्गत जिले के ऐसे स्कूलों को चिन्हित किया गया है, जहां बालिकाओं के लिए पृथक शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है। चयनित स्कूलों में अब वीबीजीरामजी योजना के माध्यम से बालिका शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है।
तीन विकासखंडों के 48 स्कूलों में निर्माण
कलेक्टर पदमिनी भोई साहू के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ऋषिकेश तिवारी के मार्गदर्शन में जिले में ग्रामीण अधोसंरचना एवं जनसुविधाओं से जुड़े रोजगारमूलक कार्यों की स्वीकृति एवं क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
बालिका शौचालय निर्माण के लिए विकासखंडवार स्थिति
सारंगढ़ विकासखंड – 09 स्कूल
बिलाईगढ़ विकासखंड – 20 स्कूल
बरमकेला विकासखंड – 19 स्कूल
48 प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं में बालिका शौचालय निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
ले-आउट के साथ शुरू हुआ निर्माण कार्य
चयनित स्कूलों में तकनीकी सहायकों द्वारा स्थल निरीक्षण कर आवश्यक ले-आउट प्रदान किया जा रहा है, जिसके बाद निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर बालिकाओं को जल्द से जल्द इसका लाभ उपलब्ध कराया जाए।
मानकों के अनुरूप होगा गुणवत्तापूर्ण निर्माण
बालिका शौचालयों का निर्माण वीबीजीरामजी योजना के निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कराया जाएगा। निर्माण कार्य में गुणवत्ता, उपयोगिता एवं आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। कलेक्टर पदमिनी भोई साहू ने संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं सुविधायुक्त शौचालय निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्य में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित निर्माण एजेंसी एवं जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बालिकाओं की सुविधा और सम्मान को प्राथमिकता
कलेक्टर के निर्देशन में यह पहल केवल शौचालय निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यालयों में बालिकाओं के लिए स्वच्छता, सुविधा, सुरक्षा और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जिले के 48 स्कूलों में बालिका शौचालयों के निर्माण से छात्राओं को दैनिक आवश्यकताओं के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी तथा विद्यालयों में उनके लिए अधिक अनुकूल वातावरण तैयार होगा।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा होटलों में जांच
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । राज्य में आम नागरिकों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं मानक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने तथा आगामी रक्षाबंधन पर्व को दृष्टिगत रखते हुए, खाद्य पदार्थों में मिलावट,मिथ्या छाप भ्रामक प्रस्तुतिकरण, असुरक्षित खाद्य पदार्थ एवं प्रतिबंधित एनालॉग डेयरी उत्पादों के निर्माण,वितरण, एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण हेतु खाद्य एवं औषधि प्रशासन छत्तीसगढ़ के खाद्य सुरक्षा इकाई के द्वारा अपने कार्यक्षेत्र में 17 अगस्त से 7 दिवसीय “ बने खाबो बने रहिबो -2.0” सघन खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन एवं जन जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के प्रमुख उद्देश्यों में रक्षाबंधन पर्व के दौरान मिलावटी, अमानक, मिथ्या छाप एवं असुरक्षित मिठाइयों के निर्माण एवं विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण, प्रतिबंधित अथवा ग़ैर दुग्ध किंतु दुग्ध उत्पाद सदृश खाद्य पदार्थों की पहचान एवं उन पर नियमानुसार कार्यवाही करना, दूध से बने मिठाइयाँ के नाम से विक्रय की जा रही ऐसे मिठाइयाँ की पहचान, जिनमें दूध के स्थान पर वनस्पति तेल या वनस्पति वसा अथवा अन्य ग़ैर दुग्ध पदार्थों का उपयोग किया गया हो तथा जिनका प्रदर्शन वास्तविक दुग्ध मिठाई के रूप में किया जा रहा हो, उन पर कार्यवाही करना, बाजारों में स्थित थोक विक्रेताओं से ग्रामीण एवं छोटे बाजारों तक होने वाली संदिग्ध मिठाइयाँ के सप्लाई की जाँच करना व होटल रेस्टोरेंट प्रतिष्ठान में दूध पनीर आदि के नाम पर प्रयुक्त सामग्री की जांच साथ ही साथ प्रसार प्रचार गतिविधियों तथा मीडिया के माध्यम से खाद्य कारोबारियों आम जनता को जागरूक करना इसका प्रमुख उद्देश्य है।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के मार्गदर्शन में खाद्य और औषधि विभाग द्वारा शहर में स्थित विभिन्न मिठाई दुकानों होटल फल दुकानों में जांच की गई। आवश्यक निर्देश दिए गए तथा सख़्त हिदायत दी गई की किसी भी तरह के मिलावटी या भ्रामक खाद्य पदार्थों का विक्रय या निर्माण न करें। साथ ही आम जनता से अपील की गयी है कि आगामी त्यौहार को देखते हुए खाद्य पदार्थों की खरीदारी जांच परख कर ही करें एवं किसी भी तरह का गुणवत्ता में कोई लापरवाही नज़र आए तो तुरंत विभाग को सूचना दें।
शासकीय स्कूल छपोरा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस
बिलाईगढ़ । ब्लॉक मुख्यालय के समीप ग्राम पंचायत छपोरा के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता, अमर शहीदों और तिरंगे की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद सरपंच श्रीमती आरती विकास निराला ने ध्वजारोहण किया।
ध्वजारोहण के बाद विद्यार्थियों ने शाला परिसर से ग्राम पंचायत भवन तक प्रभात फेरी निकाली। पंचायत भवन पहुंचने पर सरपंच एवं पंचों की मौजूदगी में ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने पूरे गांव का भ्रमण किया और वापस शाला परिसर पहुंचे।
विद्यार्थियों ने दिया देशभक्ति और जागरूकता का संदेश
शाला परिसर में विद्यार्थियों ने साहित्यिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस दौरान स्वतंत्रता दिवस मनाने के उद्देश्य, स्वतंत्रता सेनानियों के योगदान और देश के सामने आने वाली भविष्य की चुनौतियों पर विद्यार्थियों ने अपने विचार रखे। साथ ही इन चुनौतियों का सामना करने के लिए जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन प्रधान पाठक यादराम हिरवानी ने किया, जबकि रमा महिलांगे ने आभार व्यक्त किया। साहित्यिक कार्यक्रम के बाद विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन के तहत पोहा वितरित किया गया। इसके बाद उपस्थित लोगों को प्रसाद भी बांटा गया।
कार्यक्रम में विकास निराला, रामरतन हिरवानी, साधुराम हिरवानी, पुरुषोत्तम केवट, पुरुषोत्तम हिरवानी, ब्यास नारायण निराला, उतरा खूंटे, हरिशंकर निराला, घनश्याम निराला, गेंदराम हिरवानी, नरेंद्र हिरवानी, मनीष हिरवानी, किशन हिरवानी, रघु हिरवानी सहित शिक्षक, पंचायत प्रतिनिधि, ग्रामीण और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
उल्लास महाचौपाल और रैली से निरक्षरों के लिए साक्षरता जागरूकता अभियान
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । स्वतंत्रता दिवस पर जिले के सभी विद्यालय परिसर में देशभक्ति के साथ साथ साक्षरता जनजागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में शिक्षा और साक्षरता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ राष्ट्रीय एकता एवं राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करना रहा। आयोजन में शाला परिवार के साथ ग्रामीणों और स्वसेवियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत तिरंगा रैली और उल्लास महाचौपाल जनजागरूकता रैली से हुई। हाथों में तिरंगा लेकर बच्चे और सहभागियों ने पूरे क्षेत्र में भ्रमण किया और लोगों को देशभक्ति, शिक्षा एवं साक्षरता का संदेश दिया। रैली के दौरान ग्रामवासियों को शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए अधिक से अधिक लोगों को साक्षरता अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया गया। जन-जन तक शिक्षा का संदेश पहुंचाने के उद्देश्य से आकर्षक दीवार लेखन भी किया गया।
वहीं हल्दी-चावल का पारंपरिक न्योता देकर ग्रामीणों और माताओं को साक्षरता अभियान में भागीदारी के लिए आमंत्रित किया गया। इस पहल के माध्यम से अभियान को घर-घर तक पहुंचाने और समुदाय की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया गया।
शिक्षकों और ग्रामवासियों ने निरक्षर लोगों का बढ़ाया उत्साह
अभियान की खास बात व्यापक जनभागीदारी रही। इसमें विद्यालय के शिक्षक, संकुल समन्वक, संकुल प्राचर्या एवं कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, क्षेत्र की माताएं, स्वयंसेवी कार्यकर्ता तथा हाल ही में नवसाक्षर हुए लोगों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर शिक्षा और जागरूकता का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया। कार्यक्रम के दौरान दीप प्रज्वलन सहित विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कहा कि साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाने का माध्यम भी है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति को शिक्षा से जोड़ना सामूहिक जिम्मेदारी है।
शाम के समय विशेष टॉर्च रैली यानी मशाल रैली निकाली गई। अंधेरे को चीरती टॉर्च की रोशनी के माध्यम से शिक्षा को अज्ञानता के अंधकार को दूर करने का प्रभावी माध्यम बताया गया। रैली में शामिल लोगों ने साक्षरता और जागरूकता के प्रति समाज को प्रेरित किया।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने सारंगढ़ कलेक्ट्रोरेट में किया ध्वजारोहण
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू ने जिला मुख्यालय सारंगढ़ में स्वतंत्रता दिवस की सुबह 8 बजे कलेक्टर कार्यालय में भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर राष्ट्र ध्वज तिरंगा का ध्वजारोहण किया। कलेक्टर ने इस अवसर पर उपस्थित कलेक्टर कार्यालय के और अन्य विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। सभाकक्ष में सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने स्वतंत्रता दिवस समारोह पर गीत, विचार की प्रस्तुती दी।
कलेक्टर ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस को ही आजादी का जश्न नहीं बल्कि प्रतिदिन आजादी का जश्न मनाना चाहिए। लोगों के कलेक्ट्रेट या किसी भी कार्यालय में आने पर उनके आवेदन का अवलोकन कर केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ देना, उनके समस्याओं का तुरंत निराकरण करना सच्ची देशभक्ति है। शासकीय सेवक के रूप में उनकी सहायता करें। केंद्र और राज्य सरकारी ने जो अधिकार दिए हैं उसका उपयोग करें। सीएम हेल्पलाइन जैसे अन्य माध्यमों से आए आवेदनों का भी त्वरित निराकरण करें। इस अवसर पर समाज कल्याण अधिकारी विनय तिवारी ने दिल दिया है जान भी देंगे गीत गाया।
सारंगढ़ में सांसद राधेश्याम राठिया ने ध्वजारोहण कर परेड की ली सलामी
सारंगढ़ बिलाईगढ़ । स्वतंत्रता दिवस का राष्ट्रीय पर्व जिले में पूरे उत्साह, उमंग, गौरव और गरिमामय वातावरण में समारोहपूर्वक मनाया गया। जिला मुख्यालय सारंगढ़ के खेलभांठा मैदान में वन्दे मातरम गीत से स्वतन्त्रता दिवस मुख्य समारोह आरम्भ हुआ। रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद राधेश्याम राठिया ने मुख्य अतिथि के रूप में ध्वजारोहण कर राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी। पूरे मैदान में देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम और राष्ट्रीय गौरव का वातावरण दिखाई दिया।
ध्वजारोहण के पश्चात मुख्य अतिथि ने परेड का निरीक्षण किया। परेड में जिला पुलिस बल पुरुष, जिला पुलिस बल महिला, एनसीसी पुरुष, एनसीसी महिला, स्काउट-गाइड तथा रेडक्रॉस के दल शामिल हुए। विभिन्न प्लाटूनों ने अनुशासन, कदमताल और देशभक्ति की भावना के साथ शानदार मार्चपास्ट प्रस्तुत कर मुख्य अतिथि को परेड की सलामी दी। इसके बाद हर्ष फायर, राष्ट्रगान जन गण मन का धुन वादन किया गया। राष्ट्रपति की जय का जयघोष परेड के द्वारा सामूहिक जयघोष किया गया।
मुख्य अतिथि राठिया ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का प्रदेश की जनता के नाम प्रेषित संदेश का वाचन किया। उन्होंने अपने संदेश में प्रदेश के विकास, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा राज्य के नागरिकों की खुशहाली के लिए किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया। मुख्य अतिथि ने उल्लास और उमंग के प्रतीक रंग-बिरंगे गुब्बारों को आसमान में छोड़कर स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं। इसके बाद परेड में नेतृत्व करने वाले टुकड़ी के कप्तानों से मुख्य अतिथि ने परिचय प्राप्त किया। परेड में शामिल जवानों, एनसीसी कैडेट्स, स्काउट-गाइड एवं रेडक्रॉस के विद्यार्थियों ने अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना का प्रभावी प्रदर्शन किया।
शहीद जवानों के परिजन का सम्मान :
स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश की आजादी के लिए संघर्ष करने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों तथा शहीद जवानों के परिवारजनों को मुख्य अतिथि द्वारा शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।इन पारिवारिक सदस्यों में सरसीवां के उप निरीक्षक विवेक शुक्ला और ट्रेड आरक्षक नंदकुमार साहू, ग्राम संडा के आरक्षक सुभाष बेहरा और ग्राम कपिस्दा के वीर सिंह श्रीवास के परिजन उपस्थित थे। साथ ही पूर्व सैनिकों से भेंट कर मुख्य अतिथि ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी।
उत्कृष्ट कार्य हेतु सम्मान :
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट एवं सराहनीय कार्य करने वाले अधिकारी- कर्मचारियों और जिले के अन्य उत्कृष्ट कार्यों में शामिल लोगों, समाजसेवी डॉक्टर, खिलाड़ी कों प्रशस्ति एवं सम्मान प्रदान किया गया।
देशभक्ति से भरा रहा सांस्कृतिक कार्यक्रम :
समारोह का सबसे आकर्षक एवं भावपूर्ण पक्ष स्कूली छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम, स्वतंत्रता संग्राम, भारतीय संस्कृति और राष्ट्रीय एकता की भावना से ओत-प्रोत रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। सांस्कृतिक कार्यक्रम परिणाम में प्रथम स्थान मोना मॉर्डन स्कूल सारंगढ़, द्वितीय स्थान आदर्श ज्योति विद्यालय छिंद तथा तृतीय स्थान शासकीय हाईस्कूल हरदी (सारंगढ़) को प्राप्त हुआ। विजेता संस्थाओं को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इन तीनों विजेता स्कूल के अलावा शासकीय स्वामी आत्मानंद स्कूल (सेजेस) भटगांव, सारंगढ़ के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, अशोका पब्लिक स्कूल, सीपीएम स्कूल और संत थामस स्कूल के द्वारा नृत्य और अभिनय की प्रस्तुति देकर दर्शको को देशभक्ति से सराबोर किए।
परेड में विजेता :
स्वतंत्रता दिवस समारोह में आयोजित परेड के जूनियर डिवीज़न परिणाम में प्रथम स्थान जूनियर डिवीज़न सेजेस सारंगढ़, द्वितीय स्थान जूनियर विंग सेजेस सारंगढ़ तथा तृतीय स्थान स्काउट रोवर शासकीय कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल सारंगढ़ को प्राप्त हुआ। इसी प्रकार सीनियर डिवीजन में प्रथम स्थान जिला पुलिस बल (सशस्त्र बल) को प्राप्त हुआ। द्वितीय स्थान एनसीसी सीनियर डिवीजन तथा तृतीय स्थान पुलिस विभाग (सेकेण्ड टीम) को मिला। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सभी प्लाटूनों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
समारोह में शामिल अतिथि :
स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में सारंगढ़ विधायक उत्तरी जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पाण्डेय, नगरपालिका अध्यक्ष सोनी बंजारे, जिला पंचायत सदस्य लता लक्ष्मे, पूर्व विधायक शमशेर सिंह, छबिलाल रात्रे, केराबाई मनहर, कामदा जोल्हे, कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू एवं उनके परिजन, पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा, गणमान्य नागरिक ज्योति पटेल, सुभाष जालान, पत्रकार, अधिकारी कर्मचारी, पालक और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे। कार्यक्रम में शानदार उद्घोषक का कार्य तोषी गुप्ता एवं रामभूषण तिवारी ने किया।
PHC भाटगांव ने रचा सफलता का नया अध्याय, NQAS में 91.47% स्कोर के साथ राष्ट्रीय प्रमाणन
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । जिले के बिलाईगढ़ विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) भाटगांव ने गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। केंद्र को National Quality Assurance Standards (NQAS) के राष्ट्रीय मूल्यांकन में 91.47 प्रतिशत का उत्कृष्ट स्कोर मिला है। इस प्रदर्शन के आधार पर PHC भाटगांव को National NQAS Certification प्रदान किया गया है।
यह उपलब्धि जिला कलेक्टर श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के निर्देश, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. पुष्पेंद्र वैष्णव के नेतृत्व, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि जायसवाल के मार्गदर्शन तथा प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. लोकेश कुमार अजय और PHC भाटगांव की पूरी टीम के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।
दो दिन चला राष्ट्रीय स्तर का मूल्यांकन
PHC भाटगांव का राष्ट्रीय गुणवत्ता मूल्यांकन 3 और 4 जुलाई 2026 को किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं संक्रमण नियंत्रण, आवश्यक दवाओं और जांच सुविधाओं की उपलब्धता, मरीजों के अधिकार, रिकॉर्ड एवं दस्तावेजीकरण, मानव संसाधन, आपातकालीन सेवाओं और गुणवत्ता सुधार की व्यवस्थाओं का विस्तृत आकलन किया गया।
मूल्यांकन में 91.47 प्रतिशत स्कोर हासिल करना स्वास्थ्य केंद्र की बेहतर कार्यप्रणाली, अनुशासन, प्रबंधन और मरीजों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
प्रमाणन के साथ बढ़ी जिम्मेदारी
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. लोकेश कुमार अजय ने इस उपलब्धि पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह प्रमाणन पूरी टीम के सामूहिक प्रयास और निरंतर गुणवत्ता सुधार का परिणाम है। उन्होंने कहा कि NQAS प्रमाणन केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लगातार बेहतर बनाए रखने की जिम्मेदारी भी है।
BMO डॉ. शशि जायसवाल ने पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह प्रमाणन स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता का महत्वपूर्ण प्रमाण है। आने वाले समय में भी मरीजों को बेहतर, सुलभ, सुरक्षित और सम्मानजनक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयास जारी रहेंगे।
CMHO डॉ. पुष्पेंद्र वैष्णव ने भी PHC भाटगांव की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की स्वास्थ्य संस्था का राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरा उतरना पूरे जिले के लिए गौरव की बात है।
पूरी टीम के सामूहिक प्रयास से मिली सफलता
इस उपलब्धि में जिला एवं ब्लॉक स्वास्थ्य टीम के साथ-साथ PHC भाटगांव के चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, स्टाफ नर्स, CHO, RHO, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, डाटा एंट्री ऑपरेटर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों, मितानिनों और सेक्टर स्तर के कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, National NQAS Certification से क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी। साथ ही इससे ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्र के प्रति आमजन का भरोसा भी बढ़ेगा। PHC भाटगांव की यह उपलब्धि जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।
सूर्यास्त के पहले ही उतारा गया तिरंगा, सरपंच-सचिव की लापरवाही उजागर
बिलाईगढ़ । बिलाईगढ़ क्षेत्र के ग्राम पंचायत छपोरा में सरपँच सचिव की बड़ी लापरवाही सामने आई है। 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के मौके पर फहराए गये राष्ट्रीय तिरंगे झंडे का अपमान करने जैसे आरोप है। जहाँ तिरंगा झंडा को सूर्यास्त के पहले ही उतार लिया गया है।
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही GPS कैमरा से ली गई तस्वीर और वीडियो पंचायत के जिम्मेदार लोंगों की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करने लगे है। आखिरकार पंचायत के सचिव और सरपंच क्यों सूर्यास्त के पहले पंचायत भवन में फहराएं झंडे उतरवा लिए? क्या इस बात की जानकारी उन्हें नही है? या जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान करने झंडा उतार लिया गया?
ऐसे में अब जिला प्रशासन की ओर से कड़ा रुख अपनाते हुए सम्बंधित सरपँच और सचिव पर सख्त से सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है तांकि आगे अन्य पंचायतों में इस तरह की लापरवाही न हो।
गौरतलब पहले भी इस पंचायत में तिरंगा का अपमान किया जा चुका है। ऐसा हम नहीं.. बल्कि वायरल फोटो वीडियो के जरिए बताया जा रहा है।
बहरहाल अब देखना होगा कि इस खबर के बाद जिम्मेदार पंचायत सचिव व सरपँच पर जिला प्रशासन क्या कुछ कार्रवाई करेगी ।
नगरदा में उत्साह से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस, ग्रामीणों ने लिया नशामुक्ति का संकल्प
बिलाईगढ़ । ग्राम पंचायत नगरदा में स्वतंत्रता दिवस का 80वां पर्व उत्साह और देशभक्ति के साथ मनाया गया। पंचायत भवन परिसर में सरपंच अर्जुन लाल साहू ने ध्वजारोहण किया। इसके बाद खुले आसमान में गुब्बारे उड़ाकर ग्रामीणों ने एक-दूसरे को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम में उप सरपंच संतोष बंजारे, जनसेवक अनिल गजेंद्र श्रीवास, पंचायत सचिव रोहित पटेल, रोजगार सहायक, गांव कोटवार, पंच एवं पंच प्रतिनिधि, मितानिन दीदियां और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
ग्राम विकास को लेकर हुआ मंथन
ध्वजारोहण के बाद पंचायत भवन में ग्राम विकास को लेकर बैठक आयोजित की गई। इसमें ग्रामीणों ने गांव के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। वर्षा जल संरक्षण, वृहद वृक्षारोपण, फसलों को आवारा मवेशियों से बचाने, महिला सशक्तिकरण और स्वच्छता में प्रत्येक नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
ग्रामीणों ने गांव की गलियों और मोहल्लों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के साथ-साथ सभी नागरिकों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया। बैठक में बाल विवाह, अवैध नशे, शराब और जुआ जैसी सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी रोक लगाने को लेकर भी विचार रखे गए।
नशामुक्त गांव बनाए रखने का संकल्प
बताया गया कि अर्जुन साहू के सरपंच पद संभालने के बाद से ग्राम पंचायत नगरदा में अवैध शराब और जुए पर रोक लगाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने इन प्रयासों को आगे भी सामूहिक सहभागिता से जारी रखते हुए नगरदा को नशामुक्त गांव बनाए रखने का संकल्प लिया।
शिक्षा और रोजगार पर भी जोर
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि गांव का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा हर परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए मिल-जुलकर काम करने की बात कही गई।
ग्रामीणों ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं, बल्कि गांव और समाज के विकास के लिए नए संकल्प लेने का अवसर भी है। एक हाथ में माला और दूसरे हाथ में भाला की भावना के साथ एकजुट होकर सुंदर, स्वच्छ, शिक्षित और नशामुक्त नगरदा बनाने का संकल्प लिया गया।