छत्तीसगढ़ / धमतरी
धमतरी : पीएम जनमन से साकार हुआ दिनेश्वरी का पक्के घर का सपना, सेवा के 25 वर्षों के लिए प्रधानमंत्री का जताया आभार
किसी भी परिवार के लिए अपना सुरक्षित घर केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की उम्मीद का प्रतीक होता है। धमतरी जिले के वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम पीपरहीभर्री (ग्राम पंचायत कौहाबाहरा) की विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समुदाय की महिला दिनेश्वरी के जीवन में भी यह सपना वर्षों तक अधूरा रहा। लेकिन प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) ने उनके इस सपने को साकार कर दिया।
दिनेश्वरी और उनके पति छन्नू का जीवन लंबे समय तक कठिन परिस्थितियों में बीता। परिवार की आजीविका का मुख्य साधन जंगल से प्राप्त लघु वनोपज और दिहाड़ी मजदूरी थी। सीमित आय के कारण वे बांस, मिट्टी और घास-फूस से बने एक कच्चे मकान में रहने को मजबूर थे। बरसात के मौसम में घर की दीवारें कमजोर पड़ जाती थीं, छत से पानी टपकता था और हर समय घर के ढहने का भय बना रहता था। इसके अलावा जंगल के समीप होने के कारण जंगली जानवरों का खतरा भी परिवार की चिंता बढ़ाता था।
इन चुनौतियों के बीच पीएम जनमन योजना उनके जीवन में आशा की नई किरण बनकर आई। योजना के तहत दिनेश्वरी को पक्के आवास की स्वीकृति मिली और जिला प्रशासन के सहयोग से उनके लिए सुरक्षित एवं सुविधायुक्त घर का निर्माण कराया गया। आज उनका पक्का मकान केवल ईंट और सीमेंट का ढांचा नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, सुरक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुका है। नए घर के साथ परिवार को बिजली, शुद्ध पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध हुई हैं। सड़क संपर्क बेहतर होने से स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और अन्य शासकीय योजनाओं तक उनकी पहुंच आसान हुई है। अब उनके बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में पढ़ाई करने का अवसर मिल रहा है, जिससे परिवार के भविष्य के प्रति नई उम्मीद जगी है।
दिनेश्वरी भावुक होकर बताती हैं, “पहले हर बारिश हमारे लिए चिंता लेकर आती थी। घर टूटने का डर और बच्चों की सुरक्षा की फिक्र हमेशा बनी रहती थी। अब हमें पक्का घर मिला है। हम सुरक्षित हैं और हमारे बच्चों का भविष्य भी पहले से बेहतर दिखाई देता है। सरकार की इस योजना ने हमारे जीवन में बड़ा बदलाव लाया है।”
पीएम जनमन योजना विशेष रूप से देश की अत्यंत पिछड़ी जनजातियों को मुख्यधारा से जोड़ने और उन्हें बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। दिनेश्वरी की कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि जब योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचता है, तो उनका जीवन पूरी तरह बदल सकता है। आज दिनेश्वरी का परिवार आत्मविश्वास, सुरक्षा और सम्मान के साथ जीवन जी रहा है। उनका बदला हुआ जीवन न केवल कमार समुदाय के अन्य परिवारों के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रही हैं।
दिनेश्वरी कहती हैं, “हम जैसे गरीब और विशेष पिछड़ी जनजाति के परिवारों के लिए पक्का घर मिलना बहुत बड़ा सपना था। प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से हमारा यह सपना पूरा हुआ। आज हमारे सिर पर सुरक्षित छत है और हमारा परिवार सम्मान एवं सुरक्षा के साथ जीवन जी रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष सेवा, जनकल्याण और गरीबों के जीवन में बदलाव के संकल्प को समर्पित रहे हैं। सेवा संकल्प अभियान के अवसर पर मैं अपने परिवार की ओर से प्रधानमंत्री जी के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करती हूं। उनके प्रयासों से हम जैसे अनेक परिवारों के जीवन में उम्मीद और खुशियां आई हैं। मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि प्रधानमंत्री जी इसी तरह देश और समाज की सेवा करते रहें और गरीब, आदिवासी एवं वंचित परिवारों के जीवन में खुशहाली लाने का उनका संकल्प निरंतर आगे बढ़ता रहे।”
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस एवं 25 वर्षों की सेवा पूर्ण होने पर दीप प्रज्ज्वलित करने की अपील
धमतरी । राजस्व एवं जिला प्रभारी मंत्री टंकराम वर्मा ने आगामी 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस एवं उनके सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर दीप प्रज्ज्वलित कर शुभकामनाएं एवं आभार व्यक्त करने की अपील की है। इसी कड़ी में जिला धमतरी प्रभारी मंत्री श्री वर्मा ने आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के तिल्दा क्षेत्र स्थित मोहभट्ठा पारा पहुंचकर स्थानीय कुम्हारों से मिट्टी के दीप खरीदे। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस और उनके 25 वर्षों के निरंतर सेवाभाव के अवसर पर दीप प्रज्ज्वलित कर उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की कामना की जाएगी। श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उनके जन्मदिवस को सेवा, समर्पण और जनभागीदारी के भाव के साथ मनाना हम सभी के लिए प्रेरणादायी अवसर है। उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि 17 सितंबर को प्रत्येक परिवार अपने घर, प्रतिष्ठान अथवा आसपास के सार्वजनिक स्थल पर एक दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस एवं 25 वर्षों की सेवा पूर्ण होने पर शुभकामनाएं दें तथा राष्ट्रसेवा के प्रति उनके समर्पण के लिए आभार व्यक्त करें। इस अवसर पर मिट्टी के दीप खरीदकर स्थानीय कुम्हारों को प्रोत्साहित करने का संदेश भी दिया गया। दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से जनभागीदारी, सेवा और आत्मीय शुभकामना का सामूहिक भाव अभिव्यक्त करने की अपील की गई।
16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप जिला पंचायत सामान्य सभा में कार्ययोजना का अनुमोदन
धमतरी । जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण कुमार सार्वा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले के समग्र एवं संतुलित विकास, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों के चयन तथा 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप जिला स्तरीय कार्ययोजना तैयार करने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रस्तुत कार्ययोजना एवं अनुशंसित विकास कार्यों को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष गौकरण साहू सहित जिला पंचायत के सदस्य पूजा सिन्हा, कुलेश्वरी गायकवाड़, मोनिका देवांगन, मीना साहू, टीकाराम कंवर, अजय ध्रुव, नीलम चन्द्राकर, कविता बाबर, अनीता ध्रुव, गरिमा धनुष नेताम तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा उपस्थित रहे।
बैठक में बताया गया कि जिले में विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करते समय पंचायतों की वास्तविक स्थिति, स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों तथा विभिन्न विकास क्षेत्रों में अपेक्षित सुधार को ध्यान में रखा गया है। PAI-2.0 के थीमवार स्कोर के आधार पर कम प्रगति वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां सुधारात्मक एवं प्राथमिकता आधारित कार्यों को जिला स्तरीय कार्ययोजना में शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया।
सामान्य सभा में PAI-2.0 के विभिन्न थीमों के अंतर्गत जिले की स्थिति की समीक्षा करते हुए पंचायतों के समग्र विकास को गति देने वाले कार्यों के चयन पर चर्चा की गई। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, अधोसंरचना, सामाजिक विकास और सुशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपेक्षित सुधार के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की आवश्यकता बताई गई।
16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप संसाधनों का उपयोग
बैठक में 16वें वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों एवं अनुशंसाओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया पर विशेष रूप से चर्चा की गई। स्थानीय निकायों को उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का उपयोग जनहित एवं स्थानीय विकास की प्राथमिकताओं के अनुरूप करने पर जोर दिया गया। उपस्थित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सहमति व्यक्त की कि वित्तीय संसाधनों का उपयोग पारदर्शी, आवश्यकता आधारित एवं प्राथमिकता के अनुरूप किया जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
इसी क्रम में अनटाइड एवं टाइड मद से कराए जाने वाले विभिन्न विकास कार्यों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अनटाइड मद से स्थानीय स्तर पर तत्काल आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता देने तथा टाइड मद के अंतर्गत निर्धारित प्रकृति के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल करने पर चर्चा हुई।
कार्ययोजना को सर्वसम्मति से मिली मंजूरी
जिला पंचायत समन्वय समिति द्वारा 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप तैयार की गई जिला स्तरीय कार्ययोजना एवं अनुशंसित कार्यों को निर्धारित राशि सहित सामान्य सभा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रस्तावित कार्यों एवं उनके लिए निर्धारित राशि पर सदस्यों द्वारा विस्तार से चर्चा की गई। चर्चा के उपरांत कार्ययोजना एवं प्रस्तावित कार्यों को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण कुमार सार्वा ने कहा कि जिले के विकास के लिए तैयार की जा रही कार्ययोजना में स्थानीय आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि PAI-2.0 के थीमवार स्कोर के आधार पर कम प्रगति वाले क्षेत्रों की पहचान कर लक्षित प्रयास किए जाने से पंचायतों के विकास सूचकांकों में बेहतर सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने स्वीकृत कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा ने कार्ययोजना निर्माण की प्रक्रिया, PAI-2.0 के थीमवार स्कोर तथा 16वें वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन में निर्धारित प्रक्रिया, गुणवत्ता एवं समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि PAI-2.0 के विभिन्न थीमों के आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने से पंचायतों में विभिन्न क्षेत्रों में योजनाबद्ध एवं परिणामपरक सुधार सुनिश्चित किया जा सकेगा। बैठक में लेखाधिकारी चंदन टंडन, उपसंचालक पंचायत नकुल प्रसाद वर्मा सहित संबंधित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
धमतरी : 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप जिला पंचायत सामान्य सभा में कार्ययोजना का अनुमोदन
जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण कुमार सार्वा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में जिले के समग्र एवं संतुलित विकास, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों के चयन तथा 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप जिला स्तरीय कार्ययोजना तैयार करने सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में प्रस्तुत कार्ययोजना एवं अनुशंसित विकास कार्यों को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री गौकरण साहू सहित जिला पंचायत के सदस्य श्रीमती पूजा सिन्हा, श्रीमती कुलेश्वरी गायकवाड़, श्रीमती मोनिका देवांगन, श्रीमती मीना साहू, श्री टीकाराम कंवर, श्री अजय ध्रुव, श्री नीलम चन्द्राकर, श्रीमती कविता बाबर, श्रीमती अनीता ध्रुव, श्रीमती गरिमा धनुष नेताम तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा उपस्थित रहे।
बैठक में बताया गया कि जिले में विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करते समय पंचायतों की वास्तविक स्थिति, स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों तथा विभिन्न विकास क्षेत्रों में अपेक्षित सुधार को ध्यान में रखा गया है। PAI-2.0 के थीमवार स्कोर के आधार पर कम प्रगति वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां सुधारात्मक एवं प्राथमिकता आधारित कार्यों को जिला स्तरीय कार्ययोजना में शामिल करने पर विशेष जोर दिया गया।
सामान्य सभा में PAI-2.0 के विभिन्न थीमों के अंतर्गत जिले की स्थिति की समीक्षा करते हुए पंचायतों के समग्र विकास को गति देने वाले कार्यों के चयन पर चर्चा की गई। शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, अधोसंरचना, सामाजिक विकास और सुशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपेक्षित सुधार के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की आवश्यकता बताई गई।
16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप संसाधनों का उपयोग
बैठक में 16वें वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों एवं अनुशंसाओं के अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने की प्रक्रिया पर विशेष रूप से चर्चा की गई। स्थानीय निकायों को उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का उपयोग जनहित एवं स्थानीय विकास की प्राथमिकताओं के अनुरूप करने पर जोर दिया गया। उपस्थित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सहमति व्यक्त की कि वित्तीय संसाधनों का उपयोग पारदर्शी, आवश्यकता आधारित एवं प्राथमिकता के अनुरूप किया जाए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।
इसी क्रम में अनटाइड एवं टाइड मद से कराए जाने वाले विभिन्न विकास कार्यों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। अनटाइड मद से स्थानीय स्तर पर तत्काल आवश्यक विकास कार्यों को प्राथमिकता देने तथा टाइड मद के अंतर्गत निर्धारित प्रकृति के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शामिल करने पर चर्चा हुई।
कार्ययोजना को सर्वसम्मति से मिली मंजूरी
जिला पंचायत समन्वय समिति द्वारा 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप तैयार की गई जिला स्तरीय कार्ययोजना एवं अनुशंसित कार्यों को निर्धारित राशि सहित सामान्य सभा के समक्ष प्रस्तुत किया गया। प्रस्तावित कार्यों एवं उनके लिए निर्धारित राशि पर सदस्यों द्वारा विस्तार से चर्चा की गई। चर्चा के उपरांत कार्ययोजना एवं प्रस्तावित कार्यों को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण कुमार सार्वा ने कहा कि जिले के विकास के लिए तैयार की जा रही कार्ययोजना में स्थानीय आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि PAI-2.0 के थीमवार स्कोर के आधार पर कम प्रगति वाले क्षेत्रों की पहचान कर लक्षित प्रयास किए जाने से पंचायतों के विकास सूचकांकों में बेहतर सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने स्वीकृत कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री जयंत नाहटा ने कार्ययोजना निर्माण की प्रक्रिया, PAI-2.0 के थीमवार स्कोर तथा 16वें वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन में निर्धारित प्रक्रिया, गुणवत्ता एवं समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि PAI-2.0 के विभिन्न थीमों के आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने से पंचायतों में विभिन्न क्षेत्रों में योजनाबद्ध एवं परिणामपरक सुधार सुनिश्चित किया जा सकेगा।
बैठक में लेखाधिकारी श्री चंदन टंडन, उपसंचालक पंचायत श्री नकुल प्रसाद वर्मा सहित संबंधित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
धमतरी : प्रधानमंत्री श्री मोदी के जन्मदिवस एवं 25 वर्षों की सेवा पूर्ण होने पर दीप प्रज्ज्वलित करने की अपील
प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने मिट्टी के दीप खरीदकर दिया जनभागीदारी का संदेश
राजस्व एवं जिला प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने आगामी 17 सितंबर को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस एवं उनके सार्वजनिक जीवन में सेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर दीप प्रज्ज्वलित कर शुभकामनाएं एवं आभार व्यक्त करने की अपील की है।
इसी कड़ी में जिला धमतरी प्रभारी मंत्री श्री वर्मा ने आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के तिल्दा क्षेत्र स्थित मोहभट्ठा पारा पहुंचकर स्थानीय कुम्हारों से मिट्टी के दीप खरीदे। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस और उनके 25 वर्षों के निरंतर सेवाभाव के अवसर पर दीप प्रज्ज्वलित कर उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं यशस्वी जीवन की कामना की जाएगी।
श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन में राष्ट्रसेवा, जनकल्याण और विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उनके जन्मदिवस को सेवा, समर्पण और जनभागीदारी के भाव के साथ मनाना हम सभी के लिए प्रेरणादायी अवसर है।
उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि 17 सितंबर को प्रत्येक परिवार अपने घर, प्रतिष्ठान अथवा आसपास के सार्वजनिक स्थल पर एक दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिवस एवं 25 वर्षों की सेवा पूर्ण होने पर शुभकामनाएं दें तथा राष्ट्रसेवा के प्रति उनके समर्पण के लिए आभार व्यक्त करें।
इस अवसर पर मिट्टी के दीप खरीदकर स्थानीय कुम्हारों को प्रोत्साहित करने का संदेश भी दिया गया। दीप प्रज्ज्वलन के माध्यम से जनभागीदारी, सेवा और आत्मीय शुभकामना का सामूहिक भाव अभिव्यक्त करने की अपील की गई।
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना से बुजुर्ग श्रमिक को मिला सम्मानजनक जीवन का सहारा
सेवा संकल्प अभियान के तहत पात्र श्रमिकों तक पहुंच रही सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी
धमतरी, 15 सितंबर 2026
धमतरी जिले के तहसील बेलरगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत घठुला निवासी श्री शत्रुघन साहू, पिता स्वर्गीय बिदे राम साहू, ने जीवन का अधिकांश समय मेहनत और श्रम के सहारे परिवार की जिम्मेदारियां निभाते हुए बिताया। वे राजमिस्त्री के रूप में कार्य करते हैं और वर्ष 2011 से श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिक हैं।
उम्र बढ़ने के साथ नियमित मजदूरी करना उनके लिए पहले की अपेक्षा कठिन होने लगा था। ऐसे समय में मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना उनके लिए आर्थिक संबल बनकर सामने आई। श्रमिक कार्ड के नवीनीकरण के लिए श्रम विभाग कार्यालय पहुंचने पर उन्हें विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा योजना की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि 60 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके तथा कम से कम 10 वर्षों से मंडल में निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकृत सदस्य रहे पात्र श्रमिकों को योजना के तहत प्रतिमाह 1,500 रुपये पेंशन प्रदान की जाती है।
योजना की जानकारी मिलने के बाद श्री साहू ने नियमानुसार आवेदन प्रस्तुत किया। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के पश्चात उन्हें प्रतिमाह 1,500 रुपये पेंशन प्राप्त होने लगी। अब तक उन्हें 16 किस्तें प्राप्त हो चुकी हैं। उनके लिए यह राशि केवल पेंशन नहीं, बल्कि जीवन के इस पड़ाव पर आत्मसम्मान और आर्थिक सुरक्षा का आधार है।
श्री साहू बताते हैं कि मेहनत-मजदूरी के लंबे जीवन के बाद बुढ़ापे में नियमित आर्थिक सहायता मिलना उनके लिए बड़ी राहत है। पेंशन की राशि से वे अपनी आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो रहे हैं और छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भरता भी कम हुई है। वे कहते हैं कि सरकार की इस पहल ने उनके जैसे श्रमिकों को यह भरोसा दिया है कि जीवनभर मेहनत करने वाले श्रमिकों के बुढ़ापे की चिंता भी सरकार करती है।
मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन सहायता योजना के अंतर्गत पेंशनधारी की मृत्यु होने की स्थिति में पात्र पति अथवा पत्नी को 50 प्रतिशत पेंशन दिए जाने का प्रावधान भी है। इससे श्रमिक परिवारों को भविष्य के लिए सामाजिक सुरक्षा का भरोसा मिलता है। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से शासन की मंशा है कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं की जानकारी मिले और वे अपने अधिकारों एवं सुविधाओं से वंचित न रहें। श्री शत्रुघन साहू की कहानी इसी संकल्प का जीवंत उदाहरण है, जहां सही समय पर मिली जानकारी और विभागीय मार्गदर्शन ने एक श्रमिक परिवार के जीवन में सुरक्षा और विश्वास का भाव मजबूत किया।
श्री साहू मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, जिला प्रशासन तथा श्रम विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहते हैं-“मेहनत करने वाले श्रमिक के बुढ़ापे में सरकार का साथ मिलना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है। हर माह मिलने वाली पेंशन मेरे लिए सहारा है।” यह कहानी बताती है कि सेवा संकल्प केवल योजनाओं के क्रियान्वयन का नाम नहीं, बल्कि पात्र व्यक्ति तक शासन की संवेदनशीलता और सामाजिक सुरक्षा पहुंचाने का संकल्प है।
धमतरी : 'तब छत बचाने की चिंता, अब सपने सजाने की खुशी'
तब३ सपनों पर मजबूरी का पहरा, अब३ चिंता की जगह चेहरे पर चमक
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने कुसुम बाई के सपने को दी नई पहचान
धमतरी, 15 सितंबर 2026
कभी बारिश की बूंदें घर की छत से टपकती थीं और मिट्टी की दीवारों में बनी दरारें परिवार की चिंता बढ़ा देती थीं। बरसात की हर रात इस डर के साथ गुजरती थी कि कहीं कमजोर दीवार या छत कोई परेशानी न खड़ी कर दे। आज वही घर एक मजबूत, पक्का और सुरक्षित आशियाना बन चुका है। यह बदलाव है ग्राम पंचायत जी जामगांव, जनपद पंचायत कुरुद की श्रीमती कुसुम बाई के जीवन काकृजहां एक घर ने सिर्फ पता नहीं बदला, बल्कि परिवार के जीवन में भरोसा, सुरक्षा और सम्मान की नई रोशनी भर दी।
तब सपनों पर मजबूरी का पहरा
श्रीमती कुसुम बाई का परिवार लंबे समय तक सीमित आमदनी के बीच जीवन यापन करता रहा। परिवार की आय का मुख्य साधन मजदूरी था। रोज कमाना और उसी से परिवार के भोजन, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और दूसरी जरूरतें पूरी करनाकृइसी में पूरी आमदनी खर्च हो जाती थी। पुश्तैनी कच्चे मकान में परिवार किसी तरह गुजर-बसर करता था। मिट्टी की दीवारों में चूहों के बिल, सीलन और बरसात में टपकती छत परेशानी का कारण बनती थी। बारिश के दिनों में घर के भीतर पानी टपकने से सामान बचाना और परिवार को सुरक्षित रखना चुनौती बन जाता था। ऐसे में पक्का मकान बनाना परिवार के लिए लंबे समय से देखा जा रहा सपना था, लेकिन आर्थिक परिस्थितियां उस सपने को हकीकत में बदलने की इजाजत नहीं देती थीं।
फिर योजना बनी उम्मीद की किरण
वर्ष 2025-26 में पात्रता के आधार पर श्रीमती कुसुम बाई का चयन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास निर्माण के लिए हुआ। चयन की जानकारी मिलते ही परिवार के वर्षों पुराने सपने को जैसे पंख मिल गए। जनपद पंचायत द्वारा आयोजित उन्मुखीकरण कार्यक्रम में उन्हें आवास निर्माण की प्रक्रिया, योजना के प्रावधान, सहायता राशि तथा गुणवत्तापूर्ण निर्माण के संबंध में आवश्यक जानकारी और मार्गदर्शन दिया गया। इसके बाद आवास निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ी और देखते ही देखते वह सपना, जिसे परिवार ने वर्षों तक सिर्फ कल्पना में देखा था, ईंट, गारे और मजबूत दीवारों के साथ आकार लेने लगा।
अब चिंता की जगह चेहरे पर चमक
आज श्रीमती कुसुम बाई अपने परिवार के साथ पक्के और सुरक्षित आवास में रह रही हैं। अब बारिश की बूंदों से घर के भीतर पानी आने का डर नहीं, मिट्टी की कमजोर दीवारों की चिंता नहीं और न ही हर मौसम में आशियाने की सुरक्षा को लेकर बेचौनी।
पक्का घर उनके लिए केवल चार दीवारें और एक छत नहीं है। यह परिवार की सुरक्षा, बच्चों के बेहतर भविष्य, आत्मसम्मान और स्थिर जीवन की मजबूत नींव है। कुसुम बाई के चेहरे की खुशी मानो खुद कहती हैकृ“जिस पक्के घर का सपना कभी दूर लगता था, आज वही मेरा अपना आशियाना है।”
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से अपने जीवन में आए इस बदलाव से खुश श्रीमती कुसुम बाई को जब मालूम हुआ कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिन है, तो उन्होंने उन्हें अपने नए आशियाने से दिल से जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने कहा-
“प्रधानमंत्री जी को जन्मदिन की बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं। उन्होंने गरीब परिवारों के लिए पक्का घर देने का सपना पूरा किया है। मैं ईश्वर से कामना करती हूं कि वे इसी तरह गरीबों की सेवा करते रहें और देश की सेवा में निरंतर आगे बढ़ते रहें।”
कुसुम बाई के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि वह माध्यम है जिसने उनके परिवार को सुरक्षित छत, सम्मानजनक जीवन और बेहतर भविष्य की उम्मीद दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की यही सबसे बड़ी सफलता है, जब किसी जरूरतमंद परिवार के घर की दीवारें मजबूत होती हैं, तो उसके सपनों की नींव भी मजबूत होती है
पंचायतों की आय बढ़ाने धमतरी का नवाचार मॉडल
धमतरी । ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त, आत्मनिर्भर और विकास कार्यों के लिए अधिक सक्षम बनाने की दिशा में धमतरी जिले में ‘स्वयं की आय’ बढ़ाने का अभिनव एवं परिणामोन्मुख मॉडल विकसित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशों के अनुरूप पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के माध्यम से पंचायतों की उपलब्ध भूमि एवं परिसंपत्तियों का नियमानुसार उपयोग कर स्थायी आय के नए स्रोत तैयार किए जा रहे हैं। यह पहल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवा, सुशासन और आत्मनिर्भरता के संकल्प को स्थानीय स्वशासन के स्तर तक प्रभावी रूप से पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जिले में इस पहल के तहत मुख्य मार्गों, बाजार क्षेत्रों तथा शहर एवं प्रमुख आबादी क्षेत्रों के आसपास स्थित ऐसे स्थानों को चिन्हांकित किया गया है, जहां व्यावसायिक गतिविधियों की बेहतर संभावनाएं हैं। राजस्व अमले के माध्यम से भूमि का चिन्हांकन एवं पंचायतों के नाम आबंटन की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद भूमि की गाइडलाइन दर तथा प्रस्तावित व्यावसायिक दुकानों के निर्माण की लागत को आधार बनाकर पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप बेस रेट निर्धारित किया गया। पारदर्शी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से व्यावसायिक परिसरों के आबंटन की कार्रवाई की जा रही है। इससे पंचायतों को नियमित एवं दीर्घकालिक आय प्राप्त होने का मार्ग प्रशस्त होगा।
इस मॉडल की खासियत यह है कि पंचायतों की परिसंपत्तियों को केवल निष्क्रिय संपत्ति के रूप में रखने के बजाय उन्हें आय सृजन के साधन के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्थानीय जरूरत और संभावनाओं के अनुरूप व्यावसायिक परिसर, यूनिपोल, होर्डिंग तथा अन्य अनुमत गतिविधियों को PPP मॉडल से जोड़ा जा रहा है। इससे एक ओर स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर पंचायतों के पास विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना स्थानीय स्वशासन को प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। धमतरी जिले में पंचायत प्रशिक्षण कार्यक्रम को राज्य स्तर पर लागू किए जाने के साथ इसे शत-प्रतिशत डिजिटल स्वरूप में संचालित किया जा रहा है। समर्थ पोर्टल पर पंचायतों की प्रगति सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंचायतों की उपलब्ध भूमि और परिसंपत्तियों का पारदर्शी, नियमसम्मत एवं जनहितकारी उपयोग करते हुए PPP मॉडल के माध्यम से व्यावसायिक परिसरों का विकास किया जा रहा है, जिससे पंचायतों की स्वयं की आय में निरंतर वृद्धि हो सके।
उन्होंने कहा कि पंचायतों की आय बढ़ने से स्वच्छता, पेयजल, स्थानीय अधोसंरचना, सामुदायिक परिसंपत्तियों के रखरखाव और अन्य जनहितकारी कार्यों के लिए पंचायतों को अतिरिक्त संसाधन मिलेंगे। साथ ही वित्तीय अनुशासन, उत्तरदायित्व, पारदर्शिता और परिसंपत्ति प्रबंधन की संस्कृति भी मजबूत होगी।
यह पहल केन्द्र एवं राज्य सरकार की स्थानीय स्तर पर आत्मनिर्भरता, सुशासन और जनभागीदारी की भावना से भी जुड़ी है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, मनरेगा सहित विभिन्न योजनाओं से गांवों में निर्मित परिसंपत्तियों और विकसित अधोसंरचना के बेहतर रखरखाव के लिए पंचायतों की स्वयं की आय महत्वपूर्ण आधार बन सकती है।
उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायतों की ‘स्वयं की आय’ में वृद्धि 16वें वित्त आयोग की परफॉरमेंस ग्रांट प्राप्त करने की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। ऐसे में धमतरी जिले का यह नवाचार पंचायतों को केवल अनुदान आधारित व्यवस्था तक सीमित न रखकर आय सृजन, वित्तीय आत्मनिर्भरता और सशक्त स्थानीय शासन की दिशा में आगे बढ़ाने वाला मॉडल बन रहा है। जिले में स्थानीय संभावनाओं के अनुरूप PPP आधारित अन्य प्रस्तावों को भी नियमानुसार प्रोत्साहित किया जा रहा है।
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से फीता कटवाकर कलेक्टर ने कराया नवीनीकरण सभाकक्ष का शुभारंभ
धमतरी जिला कार्यालय धमतरी (कलेक्ट्रेट) के सभाकक्ष के नवीनीकरण (रेनोवेशन ) का कार्य पूर्ण होने के बाद को कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने विगत दिवस इसका सादगीपूर्ण शुभारंभ कराया। कलेक्टर ने सभाकक्ष की देखरेख एवं व्यवस्था में लंबे समय से जिम्मेदारी निभा रहे कलेक्ट्रेट के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रूपेश कुलदीप से फीता कटवाकर सभाकक्ष का उद्घाटन कराया। इस अवसर पर ईश्वरी मंडावी एवं घनश्याम कुलदीप भी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री मिश्रा की इस पहल ने प्रशासन में हर स्तर पर कार्यरत कर्मचारियों के सम्मान और सहभागिता की भावना को रेखांकित किया। उन्होंने सभाकक्ष की व्यवस्था एवं देखरेख में योगदान देने वाले कर्मचारी को उद्घाटन का अवसर देकर यह संदेश दिया कि कार्यालय की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में प्रत्येक कर्मचारी की भूमिका महत्वपूर्ण है।
शुभारंभ के पश्चात कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर इंदिरा देवहारी सहित जिला स्तरीय अधिकारियों ने नवीनीकृत सभाकक्ष का अवलोकन किया। उसके बाद बैठक शुरू हुई ।
आधुनिक सुविधाओं से हुआ सभाकक्ष का उन्नयन
कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष को वर्तमान समय की प्रशासनिक बैठकों एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सहित विभिन्न शासकीय गतिविधियों की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक रूप दिया गया है। सभाकक्ष में बैठकों को अधिक व्यवस्थित, प्रभावी और सुविधाजनक बनाने के लिए आधुनिक तकनीकी उपकरणों तथा आवश्यक सुविधाओं को शामिल किया गया है। इससे जिला स्तरीय बैठकों, समीक्षा बैठकों, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, प्रस्तुतियों एवं अन्य प्रशासनिक गतिविधियों के संचालन में सुविधा होगी।
नवीनीकरण के बाद सभाकक्ष का स्वरूप अधिक व्यवस्थित, आधुनिक और बैठक-केंद्रित बनाया गया है, जिससे अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय एवं प्रभावी संवाद के साथ शासकीय कार्यों के संचालन में भी सुविधा मिलेगी।
गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट एसोसिएशन की गोताखोर टीम ने मुरुमसिल्ली जलाशय में डूबे दो मछुआरों के शव खोज निकाले
धमतरी, 13 सितंबर 2026
मुरुमसिल्ली जलाशय के आश्रित ग्राम गेदारापारा और बागडोंगरी निवासी दो मछुआरों के तेज जलप्रवाह में बह जाने की घटना में आज गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट एसोसिएशन छत्तीसगढ़ की गोताखोर टीम ने दोनों के शव खोज निकाले। गोताखोर दल द्वारा घटनास्थल पर पहुंचकर लगातार खोजबीन एवं रेस्क्यू अभियान चलाया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवकरण और लोकेश मांडवी रिश्ते में मामा-भांजे थे। दोनों 12 सितंबर की देर शाम गेदारापारा स्थित रपटा (चेक डेम) के पास मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान अचानक एक व्यक्ति का पैर फिसल गया और वह पानी के तेज बहाव में बहने लगा। उसे बचाने के प्रयास में दूसरा व्यक्ति भी तेज बहाव की चपेट में आ गया और दोनों बह गए। ग्रामीणों द्वारा तत्काल संबंधित थाना एवं नगर सेना को इसकी सूचना दी गई। रात का समय होने तथा पानी के तेज बहाव के कारण बचाव दल द्वारा देर रात तक खोजबीन के बावजूद दोनों का पता नहीं चल सका।
आज सुबह ग्रामीणों द्वारा गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट एसोसिएशन को घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही श्री सतवंत कुमार महिलांग के नेतृत्व में गोताखोर दल घटनास्थल पर पहुंचा और व्यवस्थित तरीके से खोज एवं बचाव अभियान प्रारंभ किया। सतवंत ने बताया कि काफी खोजबीन के बाद एक व्यक्ति का शव घटनास्थल से लगभग 100 मीटर दूर झाड़ियों में फंसा हुआ मिला, जबकि दूसरे व्यक्ति का शव भी कुछ दूरी पर खोज लिया गया। दोनों शवों की बरामदगी के बाद इसकी सूचना संबंधित थानों को दी गई। आवश्यक कार्रवाई के पश्चात शव परिजनों को सौंप दिए गए।
जिला प्रशासन ने की सतर्कता बरतने की अपील
जिले में लगातार वर्षा एवं जलाशयों में पानी की आवक को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा नागरिकों से लगातार सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है। प्रशासन ने कहा है कि नदी-नालों, रपटों, छोटे पुल-पुलियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें तथा अनावश्यक रूप से नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें। तेज बहाव वाले पानी में पैदल अथवा वाहन से जाने का जोखिम न उठाएं। विशेष रूप से बच्चों को नदी-नालों एवं जलभराव वाले स्थानों से दूर रखें।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जलस्तर बढ़ने या बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित होने पर घबराएं नहीं, बल्कि प्रशासन द्वारा चिन्हांकित सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाएं और राहत एवं बचाव दल के निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तत्काल संबंधित प्रशासनिक अथवा पुलिस अधिकारियों को दें।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा—‘सावधानी ही सुरक्षा’
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि जिले में लगातार हो रही वर्षा और जलाशयों में पानी की आवक को देखते हुए प्रशासन द्वारा स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है। गंगरेल बांध के सात गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है, जिससे महानदी सहित आसपास के नदी-नालों में जलस्तर बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में नदी-नालों, रपटों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें तथा किसी भी परिस्थिति में अनावश्यक जोखिम न लें। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर पहुंचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि सावधानी ही सुरक्षा है और थोड़ी-सी सतर्कता किसी बड़े हादसे को टाल सकती है।
गंगरेल बांध के 7 गेट खोले गए, 42,540 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा
जलाशयों में तेजी से बढ़ा जलस्तर, महानदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट
धमतरी, 13 सितंबर 2026
जिले में और कैचमेंट क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा तथा जलाशयों में पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। 13 सितंबर की सुबह 8 बजे की स्थिति में जिले के प्रमुख जलाशयों में जलभराव का स्तर तेजी से बढ़ा है। गंगरेल जलाशय 97.16 प्रतिशत, मुरुमसिल्ली 99.47 प्रतिशत, दुधावा 94.83 प्रतिशत और सोदुर जलाशय 76.58 प्रतिशत भर चुका है।
वर्तमान में गंगरेल जलाशय में 40,390 क्यूसेक, मुरुमसिल्ली में 1,804 क्यूसेक, दुधावा में 4,009 क्यूसेक तथा सोदुर जलाशय में 118 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है।
गंगरेल बांध के 7 गेट खोलकर 42,540 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा
आगामी वर्षा तथा जलाशयों में पानी की बढ़ती आवक को ध्यान में रखते हुए गंगरेल बांध के 7 गेट खोलकर लगभग 42,540 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। रुद्री बैराज के माध्यम से इसमें से लगभग 5,500 क्यूसेक पानी महानदी मुख्य नहर तथा लगभग 37,000 क्यूसेक पानी महानदी में प्रवाहित किया जा रहा है। जलाशय में पानी की आवक और आगामी वर्षा की स्थिति को देखते हुए पानी निकासी की मात्रा को आवश्यकता अनुसार बढ़ाया भी जा सकता है।
पानी की निकासी के कारण महानदी के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए नदी के किनारे बसे गांवों में प्रशासन द्वारा अलर्ट जारी किया गया है। संबंधित विभागों एवं मैदानी अमले को लगातार निगरानी रखने तथा आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
नदी-नालों से दूर रहें, अनावश्यक जोखिम न लें
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी, नाले, रपट, छोटे पुल-पुलिया एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। अनावश्यक रूप से नदी-नालों को पार न करें। तेज बहाव वाले पानी में वाहन अथवा पैदल जाने का प्रयास न करें। बच्चों को नदी-नालों एवं जलभराव वाले स्थानों से दूर रखें।
यदि किसी क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने अथवा बाढ़ की स्थिति निर्मित होती है, तो नागरिक प्रशासन द्वारा चिन्हांकित सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाएं तथा प्रशासन एवं राहत दलों के निर्देशों का पालन करें।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा—सावधानी ही सुरक्षा
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि “जिले में लगातार वर्षा और जलाशयों में पानी की आवक को देखते हुए प्रशासन द्वारा पूरी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। गंगरेल बांध के सात गेट खोलकर पानी की निकासी की जा रही है, जिसके कारण महानदी के जलस्तर में वृद्धि हो सकती है। नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। किसी भी परिस्थिति में अनावश्यक जोखिम न लें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर पहुंचें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।”
उन्होंने कहा कि “सावधानी ही सुरक्षा है। नागरिकों की सतर्कता और प्रशासन के साथ सहयोग से किसी भी संभावित परिस्थिति का सुरक्षित ढंग से सामना किया जा सकता है।”
जिला प्रशासन धमतरी की अपील:
सतर्क रहें—सुरक्षित रहें।
नदी-नालों से दूर रहें।
अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाएं।
जल है तो कल है।
ट्रामा सेंटर हुआ तैयार, जिला अस्पताल में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार
महापौर श्री रामू रोहरा और कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने जिला अस्पताल का किया निरीक्षण
अटल आरोग्य लैब में 131 प्रकार की जांचें निःशुल्क, प्रस्तावित जी-प्लस-5 भवन से बढ़ेगी अस्पताल की क्षमता
धमतरी, 12 सितंबर 2026
जिला अस्पताल धमतरी में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। जिला अस्पताल परिसर में नवनिर्मित ट्रामा सेंटर बनकर तैयार हो गया है। इसके माध्यम से दुर्घटना एवं अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में जिले को महत्वपूर्ण सुविधा मिली है।
महापौर श्री रामू रोहरा एवं कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने बीते दिन जिला अस्पताल पहुंचकर ट्रामा सेंटर सहित अस्पताल में उपलब्ध विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने ट्रामा सेंटर के आपातकालीन कक्ष, अटल आरोग्य लैब, डाटा सेंटर, प्लास्टर कक्ष सहित विभिन्न इकाइयों का अवलोकन किया। इस दौरान अधिकारियों से चिकित्सा उपकरणों, उपलब्ध संसाधनों, मानव संसाधन तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर, सुगम एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
महापौर श्री रामू रोहरा ने कहा कि जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर का तैयार होना धमतरी जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को समय पर बेहतर उपचार मिल सकेगा और गंभीर मरीजों के लिए यह सुविधा जीवनरक्षक साबित होगी। अटल आरोग्य लैब में 131 प्रकार की जांचें निःशुल्क उपलब्ध होना भी आम नागरिकों के लिए बड़ी सुविधा है। स्वास्थ्य सेवाओं का लगातार विस्तार और आधुनिकीकरण यह सुनिश्चित करेगा कि धमतरी के नागरिकों को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े। जिला अस्पताल के प्रस्तावित विस्तार, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और नेत्र चिकित्सा की विशेष सुविधाओं के साथ धमतरी की स्वास्थ्य व्यवस्था और अधिक मजबूत एवं आधुनिक बनेगी।
अटल आरोग्य लैब में 131 प्रकार की जांचें निःशुल्क
जिला अस्पताल में संचालित अटल आरोग्य लैब की सुविधाओं का भी जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि अत्याधुनिक एवं पूर्णतः स्वचालित प्रयोगशाला में वर्तमान में 131 प्रकार की जांचें निःशुल्क उपलब्ध हैं। इनमें हीमेटोलॉजी, सीरोलॉजी, इम्यूनोएसे, हार्मोन संबंधी जांच, इलेक्ट्रोलाइट एवं क्लीनिकल पैथोलॉजी सहित विभिन्न महत्वपूर्ण जांचें शामिल हैं।
जिले के विभिन्न विकासखंडों से मरीजों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए सैंपल जिला अस्पताल स्थित अटल आरोग्य लैब में लाए जा रहे हैं। जांच उपरांत संबंधित मरीजों को रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाती है। इस सुविधा से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को आवश्यक जांच के लिए निजी जांच केंद्रों पर निर्भरता कम होगी तथा समय और उपचार संबंधी खर्च की बचत भी होगी।
महापौर एवं कलेक्टर ने नागरिकों से उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील करते हुए कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराना स्वस्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। नियमित जांच से कई गंभीर बीमारियों की पहचान प्रारंभिक अवस्था में की जा सकती है, जिससे समय पर उपचार प्रारंभ कर बेहतर स्वास्थ्य परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
जी-प्लस-5 भवन से बढ़ेगी जिला अस्पताल की क्षमता
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना शासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से जिला अस्पताल की अधोसंरचना और चिकित्सा सुविधाओं को चरणबद्ध तरीके से मजबूत किया जा रहा है। ट्रामा सेंटर का तैयार होना तथा अत्याधुनिक जांच सुविधाओं का विस्तार इसी दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।
उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल परिसर में अतिरिक्त भवन निर्माण के लिए भूमि का चिन्हांकन किया जा चुका है। प्रस्तावित जी-प्लस-5 भवन का निर्माण आगामी डेढ़ से दो वर्षों में पूर्ण होने की संभावना है। नए भवन के निर्माण से अस्पताल की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी तथा धमतरी जिले के साथ आसपास के क्षेत्रों से उपचार के लिए आने वाले मरीजों को भी बेहतर एवं विस्तारित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य और नेत्र चिकित्सा पर विशेष फोकस
जिला अस्पताल के आगामी विस्तार की कार्ययोजना में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को भी विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के लिए 50 बिस्तरों की पृथक विशेष इकाई स्थापित किए जाने की योजना है। समयपूर्व जन्म लेने वाले नवजात शिशुओं की बेहतर देखभाल के लिए अत्याधुनिक एचसीयू (हाई केयर यूनिट) की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।
इसी प्रकार नेत्र रोगियों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 40 बिस्तरों वाले पृथक आई हॉस्पिटल को विकसित करने की योजना है। इससे नेत्र संबंधी उपचार एवं आवश्यक सेवाओं के लिए मरीजों को अन्य बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम होगी।
अस्पताल की अन्य सुविधाओं एवं कार्यों की भी हुई समीक्षा
निरीक्षण के दौरान जिला अस्पताल में लिफ्ट, एमसीएस, ओटी काउंटर सहित अन्य अधोसंरचनात्मक कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा ब्लड बैंक यूनिट के उन्नयन, आपातकालीन सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने तथा मरीजों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली गई।
महापौर श्री रोहरा ने ने अस्पताल परिसर में स्वच्छता, मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए आवश्यक मूलभूत सुविधाओं, चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता एवं उनके समुचित संचालन तथा विभिन्न सेवाओं के बेहतर समन्वय पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करते हुए मरीज-केंद्रित व्यवस्था विकसित की जाए।
जिला अस्पताल में ट्रामा सेंटर के संचालन, अटल आरोग्य लैब में 131 प्रकार की निःशुल्क जांच सुविधाओं, प्रस्तावित नए भवन तथा मातृ-शिशु एवं नेत्र चिकित्सा की विशेष इकाइयों के विकास से जिले की स्वास्थ्य अधोसंरचना को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। इन सुविधाओं के विस्तार से नागरिकों को अपने जिले में ही गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ेगा।इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यू.एल. कौशिक, सिविल सर्जन डॉ. अरुण टोण्डर सहित स्वास्थ्य विभाग, लोक निर्माण विभाग एवं नगर निगम के अधिकारी उपस्थित रहे।
भारी वर्षा से नदी-नालों का बढ़ा जलस्तर, निचले इलाकों में आवागमन प्रभावित
जलाशयों से छोड़े जा रहे पानी के बीच कलेक्टर की अपील—रपटों, नालों और पुल-पुलियों को पार न करें, शॉर्टकट रास्तों से बचें
धमतरी, 12 सितंबर 2026
जिले एवं आसपास के क्षेत्रों में लगातार हो रही भारी वर्षा के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कई निचले इलाकों, रपटों, छोटे पुलों एवं पुलियों के ऊपर पानी आ जाने से वनांचल के कुछ मार्गों पर आवागमन अस्थायी रूप से प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है तथा नागरिकों की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत नगरी सहित संबंधित अधिकारियों को जलभराव वाले क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जहां भी रपटों, पुलों एवं पुलियों के ऊपर पानी बह रहा हो, वहां तत्काल बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक एवं आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नगर सेना एवं राजस्व अमले को संवेदनशील एवं चिन्हांकित स्थलों पर तैनात रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने स्वास्थ्य अमले को भी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में उपस्थित रहने तथा पर्याप्त दवाइयों एवं अन्य जरूरी स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ एवं जलभराव की स्थिति वाले क्षेत्रों में पूर्व से लोगों की जरूरत के अनुसार राशन एवं आवश्यक सामग्री की उपलब्धता है जरूरत अनुसार और रखने के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
उफनते नदी-नालों और रपटों को पार करने का जोखिम न लें
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि लगातार बारिश के बीच कुछ वनांचल क्षेत्रों से जोखिम भरी तस्वीरें सामने आई हैं।
जहां एक मरीजों को घुटने पानी में नाला पार जाते-दिखे ।
उन्होंने नागरिक से कहा कि अपनी जान जोखिम में न डालें और किसी भी परिस्थिति में उफनते नदी-नालों, रपटों या पुल-पुलियों को पार करने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि शॉर्टकट रास्तों का उपयोग करने से बचें तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित एवं निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें।
उन्होंने कहा कि पानी का बहाव कम दिखाई देने पर भी रपटों और पुल-पुलियों को पार करना जोखिमपूर्ण हो सकता है। इसलिए जलभराव अथवा तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचें और प्रशासन द्वारा जारी चेतावनियों एवं निर्देशों का पालन करें। किसी भी आपात स्थिति में नजदीकी कंट्रोल रूम अथवा संबंधित अधिकारी को तत्काल सूचना दें।
गंगरेल बांध से जल प्रबंधन के तहत छोड़ा जा रहा पानी
गंगरेल बांध के जलग्रहण क्षेत्र में लगातार हो रही पानी की आवक को देखते हुए जल प्रबंधन के तहत कल रात से गंगरेल बांध से कुल 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। आरएसपी गंगरेल से एनआरबी की ओर 30 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। वहीं एनआरबी से एमएमसी की ओर 5 हजार क्यूसेक तथा महानदी में 25 हजार क्यूसेक पानी प्रवाहित किया जा रहा है।
रात्रि 10 बजे की स्थिति में गंगरेल बांध का जलस्तर 348.43 मीटर दर्ज किया गया। बांध में 35,058 क्यूसेक पानी की आवक हो रही थी, जबकि कुल 16,725 क्यूसेक पानी की निकासी दर्ज की गई। बांध की कुल जलभराव क्षमता के मुकाबले 96.66 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया।
जल की लगातार आवक को देखते हुए गंगरेल बांध तथा निचले क्षेत्रों में जलप्रवाह की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। संबंधित विभागों को आवश्यक सतर्कता बरतने तथा नदी एवं निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जलप्रवाह की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला पंचायत सामान्य सभा की बैठक 15 सितंबर को
धमतरी, 12 सितंबर 2026
जिला पंचायत धमतरी की सामान्य सभा की बैठक 15 सितंबर 2026, मंगलवार को दोपहर 2 बजे जिला पंचायत के सभाकक्ष में आयोजित की जाएगी।
बैठक में जिला पंचायत के विभिन्न विभागों से संबंधित विकास कार्यों, योजनाओं एवं कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, लंबित कार्यों तथा आवश्यक विषयों पर चर्चा की जाएगी।
सामान्य सभा में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, महिला एवं बाल विकास, जल संसाधन, लोक निर्माण सहित अन्य विभागों से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किए जाने किया जाएगा । बैठक में सदस्यों द्वारा क्षेत्रीय आवश्यकताओं एवं जनहित से जुड़े मुद्दों को भी रखा जाएगा।
जिला पंचायत के संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को बैठक में आवश्यक जानकारी एवं प्रगति प्रतिवेदन के साथ उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक में लिए जाने वाले निर्णयों एवं सुझावों के माध्यम से जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया जाएगा।
मरीज को समय पर मिला प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा, वर्तमान में पूर्णतः स्वस्थ
मरीज के परिजनों द्वारा 108 एम्बुलेंस सेवा को कॉल किए बिना स्वयं मरीज को खटिया के माध्यम से नदी पार करायी
बारिश के दौरान आवागमन में आ रही समस्या के समाधान के लिए पुल निर्माण की मांग
स्वास्थ्य विभाग ने मीडिया प्रतिनिधियों से अपील कि स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित खबर की तथ्यात्मक जानकारी लेलें
धमतरी, 12 सितंबर 2026
सोशल मीडिया एवं कुछ माध्यमों में ग्राम पंचायत लटियारा के आश्रित ग्राम चर्रा (कछारपारा) निवासी एक मरीज को स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध नहीं होने संबंधी प्रसारित खबर को स्वास्थ्य विभाग एवं ग्राम पंचायत लटियारा ने वास्तविक स्थिति से परे बताया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा मामले की वस्तुस्थिति स्पष्ट करते हुए बताया गया है कि मरीज को समय पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया तथा उप स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचने पर आवश्यक जांच एवं उपचार भी किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम चर्रा निवासी गोपेश पटेल, उम्र लगभग 35-37 वर्ष, को उल्टी-दस्त एवं बुखार की शिकायत हुई थी। इसकी जानकारी मिलते ही गांव की मितानिन द्वारा तत्काल मरीज की जांच कर प्राथमिक उपचार एवं आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। इसके पश्चात 12 सितंबर 2026 को मरीज के परिजनों द्वारा 108 एम्बुलेंस सेवा को कॉल किए बिना स्वयं मरीज को खटिया के माध्यम से नदी पार कर उप स्वास्थ्य केन्द्र हिरीडीह ले जाया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हिरीडीह मार्ग से एम्बुलेंस सेवा के पहुंचने की सुविधा उपलब्ध है।
उप स्वास्थ्य केन्द्र हिरीडीह पहुंचने पर स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा तत्परता से मरीज की चिकित्सकीय जांच की गई। मरीज की मलेरिया स्लाइड तैयार कर जांच की गई, जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव रही। इसके साथ ही मरीज को ओआरएस घोल एवं आवश्यक चिकित्सकीय उपचार उपलब्ध कराया गया। उपचार एवं स्वास्थ्य लाभ के बाद मरीज को घर भेज दिया गया। वर्तमान में मरीज की स्थिति सामान्य है और वह स्वस्थ है।
खंड चिकित्सा अधिकारी, नगरी ने बताया कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा मैदानी अमले के माध्यम से सतत निगरानी की जाती है। किसी भी आकस्मिक स्वास्थ्य आवश्यकता की स्थिति में नागरिकों को उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं एवं 108 एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं का उपयोग करने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों में भी समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए आवश्यक समन्वय किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने भी बताई वास्तविक स्थिति
ग्राम पंचायत लटियारा के सरपंच श्री रूपेश कुमार ध्रुव तथा स्थानीय ग्रामीणों श्री चंदन पटेल, श्री दीपक कुमार, श्री यशवंत मरकाम, श्री राजेन्द्र कुमार, श्री मनोज कुमार आदि ने लिखित रूप से स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीज को समय पर उपचार एवं आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया था। ग्रामीणों के अनुसार स्वास्थ्य सेवा में लापरवाही अथवा उपचार नहीं मिलने संबंधी दावा वास्तविक स्थिति से मेल नहीं खाता।
ग्रामीणों ने बताया कि मुख्य समस्या बारिश के दौरान नदी/नाले पर पुल नहीं होने के कारण आवागमन बाधित होने की है। बरसात के समय जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाई होती है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्षेत्रवासियों द्वारा संबंधित प्रशासन के समक्ष पुल निर्माण की मांग रखी गई है।
प्रशासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य, आवागमन एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों के बीच समन्वय किया जा रहा है। दुर्गम एवं वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित सहायता सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों एवं मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की है कि स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित किसी भी सूचना को प्रसारित करने से पूर्व संबंधित विभाग अथवा स्थानीय प्रशासन से तथ्यात्मक पुष्टि अवश्य करें, ताकि अपुष्ट अथवा भ्रामक जानकारी से आमजन में अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।स्वास्थ्य विभाग जिले के प्रत्येक नागरिक को सुलभ, त्वरित, गुणवत्तापूर्ण एवं संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
सेवा संकल्प अभियान को लेकर प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने की तैयारियों की समीक्षा
17 सितंबर को धमतरी जिले में 10 लाख दीयों से जगमगाएगा जन-जन का संकल्प
प्रभारी मंत्री ने की जिलेवासियों से बढ़-चढ़कर सहभागिता की अपील
धमतरी, 12 सितंबर 2026
आगामी 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक एक माह की अवधि में आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारियों की आज राजस्व एवं जिला प्रभारी मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। यह अभियान माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष की सेवा एवं समर्पण की यात्रा के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान मंत्री श्री वर्मा ने जिले में प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा एवं व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने जिले में अभियान के सफल आयोजन के लिए की गई तैयारियों से प्रभारी मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर टास्क फोर्स समिति का गठन कर लिया गया है तथा नोडल अधिकारियों सहित जिला अधिकारियों को विभिन्न दायित्व सौंपे गए हैं। संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
कलेक्टर श्री मिश्रा ने बताया कि अभियान के प्रथम दिवस 17 सितंबर को ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के अंतर्गत जिलेभर में लगभग 10 लाख दीये प्रज्वलित किए जाएंगे। इसका मुख्य कार्यक्रम रुद्री स्थित रुद्रेश्वर महादेव मंदिर एवं महानदी घाट में आयोजित होगा। इसके साथ ही कर्णेश्वर महादेव मंदिर सिहावा, अंगारमोती माता मंदिर गंगरेल, विंध्यवासिनी माता मंदिर धमतरी सहित जिले के प्रमुख मंदिरों, सभी पीएम जनमन आवासों, अटल आवासों तथा घर-घर में दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे।
प्रभारी मंत्री श्री वर्मा ने जिलेवासियों से सेवा संकल्प अभियान को जन-जन का अभियान बनाने और इसमें बढ़-चढ़कर सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को प्रत्येक परिवार अपने घर में दीप प्रज्ज्वलित कर इस सेवा एवं समर्पण के संकल्प में सहभागी बने। उन्होंने जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं, महिला समूहों एवं विभिन्न वर्गों से भी अभियान के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
श्री वर्मा ने अभियान को व्यापक जनभागीदारी का स्वरूप देने, सभी कार्यक्रमों को गरिमापूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करने तथा निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप तैयारियां समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जनप्रतिनिधियों एवं जिला स्तरीय अधिकारियों ने सहभागिता की और अभियान से संबंधित तैयारियों की जानकारी दी। जिले में आगामी कार्यक्रमों के लिए विभागवार कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।
मेहनत, नवाचार और टीम भावना से कृषि महाविद्यालय ने हासिल की बड़ी उपलब्धि
कृषि शिक्षा में धमतरी की उल्लेखनीय उपलब्धि
कुरूद कृषि महाविद्यालय को आईसीएआर से ‘ए’ ग्रेड, पांच वर्ष के लिए मिला प्रत्यायन
विधायक श्री चंद्राकर ने विद्यार्थियों, प्राध्यापकों एवं वैज्ञानिकों के सामूहिक प्रयासों की सराहना की

कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक व्यवस्था के क्षेत्र में धमतरी जिले को महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के राष्ट्रीय कृषि शिक्षा प्रत्यायन बोर्ड (NAEAB) ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर तथा उसके अंतर्गत विभिन्न महाविद्यालयों एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों को पांच वर्ष की अवधि के लिए प्रत्यायन प्रदान किया है। इनमें कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, कुरूद भी शामिल है। आईसीएआर द्वारा प्रदान किए गए 3.15 स्कोर के साथ ‘ए’ ग्रेड कृषि शिक्षा की गुणवत्ता और संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों का महत्वपूर्ण प्रमाण है।
आईसीएआर की अधिसूचना के अनुसार यह प्रत्यायन 29 मार्च 2024 से 28 मार्च 2029 तक प्रभावी रहेगा। राष्ट्रीय कृषि शिक्षा प्रत्यायन बोर्ड की 43 वीं बैठक में 24 अगस्त 2026 को लिए गए निर्णय के आधार पर यह मान्यता प्रदान की गई है। प्रत्यायन के दायरे में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के साथ कृषि महाविद्यालय रायपुर तथा कुरूद सहित अन्य संबंधित संस्थानों के स्वीकृत शैक्षणिक कार्यक्रम शामिल हैं।
कुरूद कृषि महाविद्यालय की उपलब्धि जिले के लिए गौरव का विषय
कृषि प्रधान धमतरी जिले में कृषि महाविद्यालय, कुरूद की यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है। महाविद्यालय द्वारा कृषि शिक्षा, विद्यार्थियों के व्यावहारिक प्रशिक्षण, अनुसंधान गतिविधियों तथा कृषक हितैषी तकनीकों के प्रसार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को इससे और मजबूती मिलेगी। आईसीएआर का ‘ए’ ग्रेड संस्थान में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों, शिक्षण व्यवस्था, मानव संसाधन, अनुसंधान एवं अकादमिक गुणवत्ता के प्रति सकारात्मक प्रमाणिकता को दर्शाता है।
विधायक श्री अजय चंद्राकर ने दी बधाई
कुरूद विधायक श्री अजय चंद्राकर ने कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, कुरूद को आईसीएआर द्वारा ‘ए’ ग्रेड प्रदान किए जाने पर महाविद्यालय के प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि कुरूद के साथ-साथ पूरे धमतरी जिले के लिए गौरव की बात है। कृषि शिक्षा और अनुसंधान की गुणवत्ता में निरंतर सुधार से क्षेत्र के युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ किसानों तक पहुंचाने में महाविद्यालय की भूमिका और प्रभावी होगी।
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने जताई प्रसन्नता
कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने भी इस उपलब्धि पर कृषि महाविद्यालय, कुरूद के समस्त प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान और तकनीकी ज्ञान को बढ़ावा देना जिले की प्राथमिकताओं में शामिल है। कुरूद कृषि महाविद्यालय को ‘ए’ ग्रेड मिलना संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक एवं अनुसंधान गतिविधियों का सम्मान है। उन्होंने उम्मीद जताई कि महाविद्यालय आगे भी उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित करते हुए जिले के किसानों और कृषि क्षेत्र को नई तकनीकों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
अधिष्ठाता श्री नवनीत राणा ने कहा-
“यह उपलब्धि कृषि महाविद्यालय के लिए गौरव का विषय है। इसके पीछे विद्यार्थियों, प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों एवं समस्त महाविद्यालयीन परिवार के निरंतर प्रयास, समर्पण और टीम भावना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। हमारे लिए यह केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की प्रेरणा है। इस सफलता से विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों का उत्साह बढ़ेगा तथा वे कृषि क्षेत्र की नई चुनौतियों के समाधान के लिए और अधिक प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे। मैं इस उपलब्धि से जुड़े सभी लोगों के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई देता हूं और विश्वास व्यक्त करता हूं कि महाविद्यालय भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट कार्य करता रहेगा।”
आईसीएआर के प्रत्यायन से कुरूद कृषि महाविद्यालय की अकादमिक विश्वसनीयता को नई पहचान मिलने के साथ विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण कृषि शिक्षा और अनुसंधान के अवसरों को और विस्तार मिलने की उम्मीद है। यह उपलब्धि जिले में ज्ञान आधारित, तकनीक-सक्षम और नवाचारपरक कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।