छत्तीसगढ़ / दंतेवाड़ा

पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण विकास हेतु समन्वित पहल पर जोर देवें अधिकारी, उनके हितार्थ योजनाओं का धरातलीय क्रियान्वयन जरूरी-अध्यक्ष श्री विश्वकर्मा

 छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग अध्यक्ष द्वारा ली गई विभागीय समीक्षा बैठक

दंतेवाड़ा, 25 फरवरी 2026

छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष श्री आरएस विश्वकर्मा ने आज संयुक्त जिला कार्यालय भवन के सभाकक्ष में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठक लेकर अन्य पिछड़ा वर्ग के शैक्षिक, सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए समन्वित और प्रभावी पहल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कृषि, समाज कल्याण, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पशुपालन, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, आदिम जाति विकास, उद्यानिकी, व्यापार एवं उद्योग, खाद्य विभाग, नगरीय निकाय, कौशल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में अध्यक्ष श्री विश्वकर्मा ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ लक्षित वर्ग तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल और नियमित समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने पिछड़ा वर्ग हेतु समर्पित योजनाओं के वास्तविक क्रियान्वयन पर जोर देते हुए शिक्षा के क्षेत्र में छात्रवृत्ति योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभ उपलब्धता, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा पोषण और सशक्तिकरण कार्यक्रमों के सुदृढ़ संचालन तथा समाज कल्याण विभाग द्वारा पेंशन योजनाओं का समयबद्ध वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि जमीनी स्तर पर समस्याओं की पहचान कर उनका त्वरित समाधान किया जाए, ताकि पात्र हितग्राहियों को बिना विलंब लाभ मिल सके। बैठक में आर्थिक सशक्तिकरण को विशेष महत्व देते हुए अध्यक्ष ने कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मछली पालन एवं उद्योग विभागों को सकारात्मक और परिणामोन्मुखी प्रयास करने को कहा। इसके अलावा पशुपालन विभाग को डेयरी गतिविधियों का विस्तार कर दुग्ध उत्पादन बढ़ाने तथा अधिक से अधिक हितग्राहियों को डेयरी व्यवसाय से जोड़ने के निर्देश दिए गए और दुग्ध उत्पादन के माध्यम से ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि और स्वरोजगार के अवसर सृजित करने पर जोर दिया गया।
कौशल विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के साथ उन्हें बैंक ऋण उपलब्ध कराने में समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। इसके साथ ही कृषि विभाग को आधुनिक तकनीकों के उपयोग, उन्नत बीज वितरण और आयवर्धक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य करने एवं उद्यानिकी एवं संबंधित विभागों को भी आय बढ़ाने वाली गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। अध्यक्ष श्री विश्वकर्मा ने अधिकारियों से कहा कि धरातल पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले हितग्राहियों के उदाहरणों को सामने लाकर अन्य लोगों को भी प्रेरित किया जाए। उन्होंने योजनाओं की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
बैठक में कलेक्टर श्री देवेश कुमार ध्रुव ने आश्वस्त किया कि शासन की मंशानुसार एवं आयोग के निर्देशों के अनुरूप सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन प्रतिबद्ध है। साथ ही सभी विभागों को अद्यतन प्रगति बनाए रखने और कार्यों को परिणामोन्मुखी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में आयोग के सदस्य श्री नीलांबर नायक, श्री यशवंत सिंह वर्मा, श्री बलदाऊ राम साहू, श्री हरिशंकर यादव, श्रीमती शैलेंद्री परगनिहा एवं श्री कृष्ण कुमार गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। 

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