छत्तीसगढ़ / बालोद

प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान योजना अंतर्गत खरीफ एवं रबी फसलों की खरीदी हेतु पंजीयन की तिथि अब 31 मार्च

 बालोद। कृषि विभाग के उप संचालक ने बताया कि जिले में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान योजना (पीएम आशा) योजनांतर्गत प्राईस सपोर्ट स्कीम के तहत किसानों का पंजीयन समितियों के माध्यम से ई समयुक्ति पोर्टल में किया जाएगा। 


उन्होंने योजना अंतर्गत खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में क्रमशः अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन तथा रबी विपणन वर्ष 2026-27 में क्रमशः चना, मसूर एवं सरसों फसलों की बुआई करने वाले कृषक अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों के माध्यम से सेवा सहकारी समितियों में आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड में रजिस्टर्ड मोबाईल नंबर एवं अपना पंजीयन कराने को कहा है। उक्त योजना अंतर्गत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जिले के लिए चिन्हांकित एजेंसी नेशनल को-ऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा पंजीकृत कृषकों की फसलों का उपार्जन किया जाएगा। 
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य जिसमें खरीफ फसल अरहर 8000 रूपए, मूंग 8768 रूपए, उड़द 7800 रूपए, मूंगफली 7263 रुपए, सोयाबीन 5328 रूपए एवं रबी फसल चना 5875 रूपए, मसूर 7000 रूपए एवं सरसों 6200 रूपए न्यूनतम समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल तय किया गया है। जिसके लिए कृषकों का पंजीयन ई समयुक्ति पोर्टल के माध्यम से पंजीयन करने की तिथि 28 फरवरी 2026 में वृद्धि कर अब 31 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। 

शासन द्वारा जिले में उपार्जन एवं भण्डारण के लिए उपार्जन केन्द्र के रूप में विकासखण्ड बालोद अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति सांकरा-ज, निपानी, लाटाबोड़, पीपरछेड़ी विकासखण्ड गुरूर अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति फागुन्दाह, गुरूर, सनौद, बासीन विकासखण्ड डौण्डी अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति डौण्डी, चिखलाकसा विकासखण्ड डौण्डीलोहारा अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति डौण्डीलोहारा, सुरेगांव, देवरी, नांहदा विकासखण्ड गुण्डरदेही अन्तर्गत सेवा सहकारी समिति अर्जुदा, भांठागांव-बी, गुण्डरदेही, कसौंदा को निर्धारित किया गया है।

योजनान्तर्गत शासन द्वारा पंजीकृत कृषकों से खरीफ फसल अरहर 3 क्विंटल, मूंग 3 क्विंटल, उड़द 3 क्विंटल, मूंगफली 7 क्विंटल, सोयाबीन 5 क्विंटल प्रति एकड़, एवं रबी फसल चना 6 क्विंटल, मसूर 2 क्विंटल, सरसों 5 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से कृषकों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि अपने क्षेत्र के संबंधित समिति उपार्जन केन्द्रों में पहुँच कर फसलों के रकबे का पंजीयन एवं फसल उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय कर सकते है।

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