छत्तीसगढ़ / सूरजपुर

कलेक्टर ने मत्स्य बीज प्रक्षेत्र बसदई का किया निरीक्षण

- कृषकों को गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज उपलब्ध कराने के दिए निर्देश, मत्स्य कृषक नरेंद्र सिंह के प्रबंधन की सराहना

सूरजपुर/30 जुलाई 2026

 कलेक्टर श्रीमती रेना जमील द्वारा आज शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र बसदई पहुंचकर मत्स्य बीज उत्पादन कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने मत्स्य संवर्धन तकनीक, हैचरी, स्पॉनिंग पूल, इनक्यूवेशन पूल, इनटेकवेल, प्रजनक पोखर एवं संवर्धन पोखरों का अवलोकन करते हुए स्पॉन, फ्राई एवं फिंगरलिंग संबंधी विस्तृत जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर उन्होंने सहायक संचालक मछली पालन श्री एम.एस. सोनवानी को क्षेत्र के कृषक बंधुओं को उन्नत गुणवत्ता का मत्स्य बीज उपलब्ध कराने तथा मत्स्य पालन गतिविधियों को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने हेतु आवश्यक निर्देश दिए।
                 निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मनरेगा, अमृत सरोवर, आजीविका डबरी एवं नवा तरिया योजनाओं के अंतर्गत निर्मित जल संरचनाओं का उपयोग मत्स्य उत्पादन बढ़ाने हेतु किए जाने के साथ-साथ तालाबों एवं डबरियों के मेढ़ों पर सब्जी व फलदार पौधरोपण की समुचित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसके तहत समूह आधारित क्लस्टर गठित कर मत्स्य कृषकों के माध्यम से बीज संचयन कराया जाएगा, ताकि कृषि, बागवानी एवं पशुपालन के समन्वय से मिश्रित खेती को अपनाकर ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाया जा सके। साथ ही जिले में रंगीन मछली पालन एवं झींगा पालन को प्रोत्साहित करने हेतु भी सुव्यवस्थित योजना बनाने के निर्देश दिए गए।
                 इस मौके पर सहायक संचालक द्वारा कलेक्टर को अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के लिए 420 लाख स्पान एवं 90 लाख स्टैण्डर्ड फ्राई उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके सापेक्ष अब तक 320 लाख स्पान उत्पादन हासिल किया जा चुका है और शेष कार्य प्रगति पर है।
                  निरीक्षण उपरांत कलेक्टर ग्राम बसदई पहुंचीं, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजनांतर्गत श्री नरेंद्र सिंह द्वारा स्थापित पौंड लाईनर इकाई का अवलोकन किया। इस दौरान पौंड लाईनर निर्माण प्रक्रिया, बीज संचयन विधि, पूरक आहार व्यवस्था तथा उत्पादन-विक्रय संबंधी जानकारी ली गई। श्री नरेंद्र सिंह ने बताया कि विगत वर्ष मात्र मत्स्य विक्रय से ही उन्हें 5 लाख रुपये की आय प्राप्त हुई थी। वर्तमान में उनके द्वारा 20 हजार नग पंगेशियस, 15 हजार नग रूपचंदा तथा कतला-रोहू-मृगल प्रजाति के मत्स्य बीज का संचयन कर व्यवसाय संचालित किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मत्स्य पालन के अतिरिक्त वे गाय, बतख एवं बकरी पालन का कार्य भी समानांतर रूप से कर रहे हैं। श्री नरेंद्र सिंह की इस बहुआयामी आजीविका गतिविधि तथा मत्स्य पालन प्रबंधन का बारीकी से निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने उनके प्रयासों की सराहना की।

                  भ्रमण के दौरान अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती शिवानी जायसवाल, एसडीओ आरईएस श्री विमल सिंह, एपीओ श्री कृष्ण मोहन पाठक, मनरेगा से श्री सुनिल गुप्ता, सहायक संचालक मछली पालन श्री एम.एस. सोनवानी, सरपंच श्री मनोज सिंह, सचिव श्री शिवनारायण, उप सरपंच श्री गौतम राजवाड़े, सहायक मत्स्य अधिकारी श्री सुधाकर बिसेन, मत्स्य जमादार श्री छोटेलाल तिर्की, श्री सतीश तिग्गा, मछुआ चौकीदार श्री रूकमणीरमण तिवारी सहित क्षेत्र के कर्मचारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। 

Leave Your Comment

Click to reload image