छत्तीसगढ़ / मनेन्द्रगढ़ – चिरिमिरी – भरतपुर

महतारी वंदन योजना ने अनीता को दिया आर्थिक संबल, छोटी दुकान बनी आत्मनिर्भरता की राह

 एमसीबी । कभी घर की छोटी-छोटी जरूरतों और दुकान के लिए आवश्यक सामान जुटाने के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण होता था। लेकिन अब नियमित आर्थिक सहायता ने मनेन्द्रगढ़ विकासखंड की निवासी अनीता गुप्ता के जीवन में यह तस्वीर बदलनी शुरू कर दी है। 

महतारी वंदन योजना के तहत हर माह मिलने वाली 1,000 की सहायता ने उनके लिए आर्थिक संबल का रूप ले लिया है। 7 अगस्त 2026 को योजना की 30वीं किस्त जारी होने के साथ ही अनीता को अब तक कुल 30,000 की राशि प्राप्त हो चुकी है। अनीता गुप्ता के लिए यह 1,000 की मासिक सहायता महज एक राशि नहीं, बल्कि अपनी जरूरतों को पूरा करने और छोटे व्यवसाय को निरंतर आगे बढ़ाने का माध्यम बन गई है। वे बताती हैं कि योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग वे अपनी दुकान में आवश्यक सामान भरने के साथ-साथ घर की छोटी-मोटी जरूरतों को पूरा करने में करती हैं। इससे दुकान के लिए जरूरी सामान खरीदने में उन्हें मदद मिलती है और उनका छोटा व्यवसाय लगातार चलता रहता है।

छोटी जरूरतों के लिए अब नहीं बढ़ाना पड़ता हाथ : 

अनीता बताती हैं कि परिवार की रोजमर्रा की जरूरतों के बीच कई बार छोटी-छोटी आवश्यकताओं के लिए अतिरिक्त आर्थिक व्यवस्था करनी पड़ती थी। महतारी वंदन योजना की नियमित सहायता से अब ऐसी जरूरतों को पूरा करने में उन्हें काफी सहूलियत मिल रही है। वे अपनी आवश्यकता के अनुसार इस राशि का उपयोग घरेलू खर्च में सहयोग देने के साथ दुकान के लिए जरूरी सामान खरीदने में कर पाती हैं। उनके लिए योजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी नियमित आर्थिक सहायता है। हर माह मिलने वाली राशि उन्हें अपने खर्च की छोटी-छोटी जरूरतों को व्यवस्थित करने और दुकान में आवश्यक सामान उपलब्ध रखने में मदद करती है। इस तरह योजना उनके घरेलू जीवन के साथ-साथ उनके छोटे व्यवसाय को भी मजबूती प्रदान कर रही है।

आर्थिक सहायता से बढ़ा आत्मविश्वास : 

अनीता का कहना है कि महिलाओं को जब अपनी जरूरतों के लिए नियमित आर्थिक सहयोग मिलता है, तो उनके भीतर आत्मविश्वास भी बढ़ता है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली सहायता ने उन्हें अपनी छोटी जरूरतों के लिए आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया है। दुकान में सामान भरने के लिए राशि का उपयोग करने से उन्हें अपने छोटे व्यवसाय को निरंतर संचालित करने में भी मदद मिल रही है। 30वीं किस्त जारी होने पर अनीता गुप्ता के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी। अब तक प्राप्त 30,000 की राशि उनके लिए सरकार की योजना से मिले भरोसे और आर्थिक सहयोग का प्रतीक है। वे कहती हैं कि नियमित रूप से मिलने वाली यह राशि परिवार के लिए उपयोगी साबित हो रही है और उन्हें अपने छोटे व्यवसाय को संभालने में भी सहारा दे रही है।

मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार : 

अनीता गुप्ता ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल से महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनने में सहायता मिल रही है। योजना के माध्यम से मिलने वाली राशि से वे अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा करने के साथ दुकान के लिए सामान भी खरीद पा रही हैं। महतारी वंदन योजना अनीता गुप्ता जैसी महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता से आगे बढ़कर आत्मनिर्भरता की राह मजबूत करने का माध्यम बन रही है। नियमित 1,000 की सहायता ने उनके घरेलू बजट को सहारा देने के साथ छोटे व्यवसाय को भी संबल दिया है। 30वीं किस्त के साथ अनीता की कहानी इस बात की मिसाल है कि नियमित और लक्षित आर्थिक सहायता महिलाओं के आत्मविश्वास एवं आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा दे सकती है।

 

Leave Your Comment

Click to reload image