ज्ञान से जुड़ेगा मन, तभी सद्मार्ग का होगा ध्यान : मुनि संवेगरत्न सागर
सर्वमंगलमय वर्षावास : विवेकानंद नगर में 193 तपस्वियों ने किया सामूहिक व्यसना
रायपुर । विवेकानंद नगर स्थित ज्ञानवल्लभ उपाश्रय में ज्ञान की गंगा बह रही है। इसी के साथ तप,त्याग,साधना और आराधना की श्रृंखला जारी है। बड़ी संख्या में तपस्वी कठिन तप करके अपने कर्मों की निर्जरा करने के साथ ही आत्मकल्याण के मार्ग पर अग्रसर हो रहे हैं। शनिवार को 193 तपस्वियों ने मुनि संवेगरत्न सागर से मांगलिक के पश्चात सामूहिक व्यसना किया।
धर्मसभा में मुनि संवेगरत्न सागर ने अज्ञान से बाहर निकलकर ज्ञान के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अज्ञान को दूर करने के लिए प्रकाश की आवश्यकता होती है। अज्ञान जीव को लुभावना जरूर लगता है, लेकिन जब उसके परिणाम सामने आते हैं तो बहुत कुछ नष्ट हो जाता है।
मुनिश्री ने कहा कि वर्तमान में अनेक लोग अज्ञान-ध्यान की परंपरा में आगे बढ़ रहे हैं। यदि हमारे साथ जुड़ा कोई व्यक्ति भी इसी दिशा में गतिमान है तो उसके परिणाम निश्चित रूप से विपरीत आएंगे। अज्ञान और गलत चिंतन की यह परंपरा जीव को दुर्गति की ओर ले जाती है। इसलिए समय रहते इससे बाहर निकलना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि ज्ञानियों द्वारा बताए गए मार्ग के प्रति अश्रद्धा और अविश्वास रखने से केवल वर्तमान जीवन ही नहीं, बल्कि आने वाले भवों की परंपरा भी प्रभावित होती है। आज मनुष्य के पास पुण्य का उदय है, साधन-सुविधाओं की भरमार है, लेकिन यदि वह अज्ञान में उलझा रहा तो सद्गति की परंपरा भी उसके हाथ से निकल सकती है।
मुनिश्री ने कहा कि ज्ञान से जुड़ने पर ही सद्मार्ग का ध्यान होगा। अज्ञान-ध्यान की परंपरा से बाहर निकलने के लिए देव, गुरु और धर्म के बताए मार्ग पर चलना अनिवार्य है। जीवन में सही दिशा और सद्गति प्राप्त करने के लिए ज्ञान को अपनाना तथा श्रद्धा के साथ धर्ममार्ग पर आगे बढ़ना आवश्यक है।
तप,त्याग,साधना और आराधना जारी
सर्वमंगलमय वर्षावास समिति के अध्यक्ष जसराज लुनिया, उपाध्यक्ष गौतम लोढ़ा, राजेश निमाणी, अशोक पगारिया, अनिल लोढ़ा ने बताया कि विवेकानंद नगर ज्ञानवल्लभ में चातुर्मास समिति के द्वारा सामूहिक व्यासना की व्यवस्था की जाती है। लाभार्थी परिवार ने तपस्वियों को व्यासना कराकर पुण्यलाभ लिया। तप की श्रृंखला में पंच परमेष्ठी श्रेणी तप एवं गिरनार नेमी तप जारी है। दोनों तप के तपस्वियों का 8 अगस्त को व्यासना रहा। कुल 193 तपस्वियों ने सामूहिक व्यासना किया। तपस्वी एक घण्टे के भीतर एक ही स्थान पर बैठकर व्यासना करते हैं।रविवार को दोनों तप के तपस्वियों का उपवास रहेगा। धर्मसभा का संचालन चातुर्मास समिति के महासचिव सुरेश बरड़िया कर रहे हैं। प्रतिदिन ज्ञान की गंगा बह रही है। तप,त्याग, साधना आराधना का क्रम निरंतर जारी है। तपस्वी तप के माध्यम से आत्म कल्याण की ओर अग्रसर हो रहे हैं।