कच्चे घर की मजबूरी से पक्के आशियाने की खुशी तक, सोमारी बघेल का सपना हुआ साकार
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से मिला पक्का मकान
सुकमा, 08 अगस्त 2026

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण ने जिले के ग्रामीण अंचलों में जरूरतमंद परिवारों के जीवन में स्थायी बदलाव की नई इबारत लिखी है। ग्राम पंचायत बोकड़ाओडर, जनपद पंचायत छिंदगढ़ निवासी श्रीमती सोमारी बघेल पति श्री लाखमा का वर्षों पुराना पक्का घर का सपना अब साकार हो चुका है। कभी कच्चे और जर्जर मकान में बारिश के दौरान छत से टपकते पानी, कमजोर होती दीवारों तथा सांप-बिच्छुओं के खतरे के बीच परिवार को असुरक्षा में जीवन बिताना पड़ता था। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की सक्रिय पहल और योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से उनका नाम पात्रता सूची में शामिल हुआ तथा आवश्यक दस्तावेजों के सत्यापन के बाद आवास स्वीकृत किया गया। उन्हें तीन चरणों में कुल 1.20 लाख रूपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई, जिससे उन्होंने अपना पक्का और सुरक्षित घर तैयार किया।
कच्चे मकान से पक्के घर तक का सफर
सोमारी बघेल का परिवार वर्षों तक कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर था। बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने, दीवारों की कमजोरी और जहरीले जीवों के खतरे के बीच जीवन बेहद कठिन था। अब प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मिले पक्के घर ने उनके जीवन में स्थायी सुरक्षा और स्थिरता प्रदान की है।
योजनाओं के अभिसरण से मिला बहुआयामी लाभ
प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के साथ विभिन्न शासकीय योजनाओं के समन्वय ने सोमारी बघेल के परिवार को व्यापक लाभ पहुंचाया। मनरेगा के तहत मजदूरी और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत शौचालय निर्माण की सुविधा भी मिली। योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से आवास केवल एक घर नहीं रहा, बल्कि स्वच्छता, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन का आधार बन गया।
सुरक्षा और सम्मान के साथ बदली जिंदगी
श्रीमती सोमारी बघेल भावुक होकर बताती हैं कि पहले बारिश के समय परिवार को भारी चिंता रहती थी, लेकिन अब पक्का घर मिलने से जीवन पूरी तरह सुरक्षित और निश्चिंत हो गया है। यह परिवर्तन सुकमा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन और प्रशासन की जनकल्याणकारी प्रतिबद्धता का उदाहरण है। यह पहल ग्रामीण परिवारों को केवल आवास ही नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान, आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद भी दे रही है।