बिलासपुर। शहर में लगातार सामने आ रही चाकूबाजी की घटनाओं ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आए दिन विवाद के दौरान चाकू निकालकर हमला करने की घटनाएं सामने आ रही हैं। स्थिति यह है कि मामूली कहासुनी और छोटी-छोटी बातों पर भी कुछ असामाजिक तत्व हथियार निकालकर लोगों पर हमला करने से पीछे नहीं हट रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में नशे का बढ़ता प्रभाव भी ऐसी घटनाओं की एक बड़ी वजह बनता जा रहा है। नशे की हालत में कुछ युवक अपना आपा खोकर राह चलते लोगों से विवाद करते हैं और देखते ही देखते विवाद मारपीट एवं चाकूबाजी में बदल जाता है। इससे आम नागरिकों में भय का माहौल पैदा हो रहा है।
कार्रवाई के बावजूद नहीं थम रही वारदात
पुलिस प्रशासन की ओर से समय-समय पर असामाजिक तत्वों और चाकूबाजी की घटनाओं में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है। संदिग्ध एवं आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को पकड़कर पूछताछ और समझाइश भी दी जाती है। इसके बावजूद शहर में चाकूबाजी की घटनाओं पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है।
लोगों का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ बार-बार हथियार रखने या आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने की शिकायत सामने आती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि वह दोबारा ऐसी वारदात को अंजाम न दे सके।
ऑटो चालक पर चाकू से हमला, आरोपी फरार
इसी बीच शहर में ऑटो चालकों से जुड़ी एक घटना ने भी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। आरोप है कि कुछ लोगों ने एक ऑटो चालक पर चाकू से हमला किया और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
ऐसी घटनाओं के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर शहर में खुलेआम चाकू लेकर घूमने वाले लोगों पर प्रभावी कार्रवाई कब होगी? आम नागरिकों का कहना है कि उन्हें अपने रोजमर्रा के काम के लिए घर से निकलते समय इस तरह की घटनाओं का डर नहीं होना चाहिए।
नशे पर रोक और हथियारों की जांच जरूरी
शहरवासियों का मानना है कि चाकूबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए केवल वारदात के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है। पुलिस को संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त बढ़ाने के साथ-साथ नशे के कारोबार और सार्वजनिक स्थानों पर हथियार लेकर घूमने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
इसके अलावा स्कूल-कॉलेज एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों के आसपास विशेष निगरानी, संदिग्ध लोगों की जांच और अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।
आम जनता ने पुलिस से की सख्त कार्रवाई की मांग
बिलासपुर के लोगों का कहना है कि शहर को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन और आम जनता दोनों को मिलकर प्रयास करना होगा। लगातार चाकूबाजी की घटनाओं से लोगों में भय का माहौल बनना किसी भी शहर के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
लोगों की मांग है कि चाकूबाजी, हथियार रखने और आपराधिक गतिविधियों में शामिल आरोपियों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाए, साथ ही नशे के खिलाफ भी प्रभावी अभियान चलाया जाए।
आम जनता का कहना है कि पुलिस की सक्रियता, लगातार गश्त और अपराधियों पर प्रभावी कार्रवाई से ही शहर में बढ़ती चाकूबाजी पर लगाम लगाई जा सकती है और बिलासपुर को फिर से एक शांतिपूर्ण और सुरक्षित शहर बनाया जा सकता है।